samacharsecretary.com

शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा, पारा 4.7°C पर, भोपाल-इंदौर में 7°C से नीचे; उत्तरी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बर्फबारी और बारिश का मौसम

भोपाल  उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में भी महसूस किया जा रहा है. हालांकि सर्द हवाओं की रफ्तार अभी कम है, इसलिए अगले तीन दिन तक शीतलहर का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रदेश के शहरों के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार रात को प्रदेश के शहडोल जिले का कल्याणपुर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत की ओर दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. जिनके प्रभाव से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा. जैसे ही ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, बर्फ के पिघलने के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर आएंगी. इससे एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू हो जाएगा. इन जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, इंदौर में 5.9 डिग्री, भोपाल में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा ग्वालियर में 9.8, मंदसौर में 6, शाजापुर में 6.4 और रीवा में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया. अन्य शहरों में भी कुछ ऐसा ही हालत है. न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में एक सिनोप्टिक सिस्टम अपर और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है. आने वाले दिनों में यह प्रदेश के ऊपर सक्रिय हो सकता है. इसके साथ ही एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी पश्चिमी हिमालय में सक्रिय होगा. अगले पांच दिनों में प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं होगा. इस जिले का तापमान सबसे कम न्यूनतम तापमान: कल्याणपुर (शहडोल)- 4.7°C (सबसे कम), राजगढ़/पचमढ़ी (नर्मदापुरम)- 5.4°C, इंदौर- 5.9°C, मंदसौर- 6°C, गिरवर (शाजापुर)- 6.4°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान ग्वालियर- 9.8°C उज्जैन- 9.2°C जबलपुर- 8.5°C भोपाल- 6.4°C इंदौर- 5.9°C एमपी के 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के 25 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 5.9 डिग्री रहा। भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 4.7 डिग्री रहा। वहीं, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, रायसेन-नौगांव में 7.6 डिग्री, मलाजखंड में 7.9 डिग्री, मंडला-शिवपुरी में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, दमोह, सतना, टीकमगढ़ और खजुराहो में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 176 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। दो नए सिस्टम बढ़ाएंगे ठंड का असर मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत की ओर दो और पश्चिमी विक्षोभ बढ़ रहे हैं। इनके असर से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश जारी रहेगी। जब ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, तब जमी हुई बर्फ पिघलेगी और उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ेंगी। इसके बाद एक बार फिर प्रदेश में कोल्ड वेव यानी शीतलहर की वापसी होगी। 25 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पारा प्रदेश के 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में पारा 5.9 डिग्री रहा, भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री और कई अन्य जिलों में रात का तापमान 7 से 9 डिग्री के बीच बना रहा। ऊपर आसमान में तेज जेट स्ट्रीम मौसम में ठंड बनाए रखने में जेट स्ट्रीम की भी अहम भूमिका है। वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम करीब 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। इसका प्रभाव मध्यप्रदेश तक महसूस किया जा रहा है। कुछ समय पहले इसकी रफ्तार 222 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक जेट स्ट्रीम ऊंचाई पर चलने वाली बेहद तेज हवा होती है। जब पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ इसका मेल होता है, तब ठंड का असर कई गुना बढ़ जाता है। नवंबर में ही टूट चुके रिकॉर्ड इस सीजन में ठंड ने नवंबर में ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात भोपाल का तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सबसे कम रिकॉर्ड है। इंदौर में भी 25 साल बाद नवंबर में पारा 6.4 डिग्री तक पहुंचा। दिसंबर-जनवरी में ठंड का असली दौर मौसम विभाग का कहना है कि जिस तरह मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह ठंड के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने माने जाते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं सबसे ज्यादा असर दिखाती हैं। पश्चिमी विक्षोभ … Read more

इंदौर में कड़ाके की ठंड, पारा 4.5° तक गिरा, 10 साल में सबसे कम तापमान, पचमढ़ी भी ठंडी

भोपाल   मध्य प्रदेश में बुधवार को भीषण सर्दी का असर देखने को मिला। शहडोल का कल्याणपुर ठंड से कांप उठा। यहां सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज हुआ। आज गुरुवार को भी कई जगहों पर शीतलहर चलने की चेतावनी दी गई है। आइए एक नजर डालते है मौसम के ताजा हाल पर… मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिससे एमपी में भीषण ठंड पड़ रही है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। जिससे प्रदेश में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। आज भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में कोल्ड वेव का अलर्ट है। पचमढ़ी में पारा 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.2 डिग्री, उज्जैन में 8.2 डिग्री और जबलपुर में तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहा। रायसेन में 5 डिग्री, रीवा में 5.9 डिग्री, शिवपुरी में 6 डिग्री, उमरिया में 6.1 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 6.8 डिग्री, नौगांव में 7.1 डिग्री, मंडला में 7.3 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री, रायसेन-छिंदवाड़ा में 7.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.4 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह में 8.8 डिग्री, रतलाम में 9.2 डिग्री, श्योपुर-गुना में पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसलिए बढ़ी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर भी है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। इस कारण गुरुवार को भी शीतलहर का अलर्ट है। सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर बात करें बीती रात की तो इस सीजन में पहली बार पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में 3 डिग्री दर्ज हुआ। उमरिया में 4.9 डिग्री, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, इंदौर में 5.4 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 5.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रीवा में 5.8 डिग्री, मलाजखंड में 6.7 डिग्री, भोपाल में 6.8 डिग्री, मंडला-नौगांव में 7 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, सतना में 8.1 डिग्री, बैतूल में 8.2 डिग्री, खजुराहो में 8.4 डिग्री, उज्जैन में 8.7 डिग्री, दमोह में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, जबलपुर में 9.1 डिग्री और ग्वालियर में 9.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में भी गिरावट मध्य प्रदेश में जहां न्यूनतम में काफी गिरावट दर्ज की गई है तो वहीं अधिक तापमान भी लुढ़का है। बालाघाट के मलाजखंड में पारा 22.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। वहीं नरसिंहपुर, धार, सीधी, रीवा और बैतूल में पारा 26 डिग्री से कम रहा। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की मानें तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इसकी रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ाएगी। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही होना है। उत्तर से बर्फीली हवाएं आ रही देश के उत्तरी हिस्से यानी, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी हुई है। इस वजह से हवा की रफ्तार उत्तरी हो गई है। बर्फीली हवा की वजह से ही प्रदेश में शीतलहर की स्थिति है। बुधवार को भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर और रायसेन में शीतलहर का असर देखा गया। दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी मौसम विभाग की मानें तो इस बार सर्दी का असर तेज है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी है। इंदौर में दिसंबर की सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

राजस्थान में शीतलहर का कहर, शेखावाटी और आसपास के 4 जिलों में येलो अलर्ट

जयपुर  राजस्थान में एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 10 दिसंबर से कोल्ड-वेव का प्रभाव दिखाई देने लगेगा। इसका सबसे अधिक असर शेखावाटी के जिलों—सीकर, चूरू, झुंझुनूं—सहित नागौर में देखने को मिलेगा। इन चारों जिलों के लिए विभाग ने दो दिनों का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 1 डिग्री से भी नीचे जा सकता है। पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने के बाद सोमवार को राज्य के सभी शहरों में आसमान बिल्कुल साफ रहा और तेज धूप खिली। पाली, कोटा, बारां, पिलानी और जयपुर सहित कई शहरों में धूप की वजह से तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य में सोमवार का सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम केंद्र जयपुर की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 19 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। इनमें सबसे कम तापमान फतेहपुर में 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जैसलमेर में भी तापमान अचानक गिरकर 9.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि शेखावाटी और आसपास के क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम अगले एक सप्ताह तक साफ रहेगा और शीतलहर से राहत बनी रहेगी।

संतरा vs किन्नू: विंटर सीज़न का हेल्थ चैंपियन कौन? पूरी गाइड अंदर

सर्दियां आते ही बाजार में दो फलों की भरमार दिखने लगती है संतरा और किन्नू। देखने में दोनों एक जैसे लगते हैं, स्वाद में भी काफी मिलते-जुलते हैं, लेकिन सेहत की बात आए तो लोग अक्सर उलझ जाते हैं कि आखिर सर्दियों में कौन सा फल ज्यादा फायदेमंद है और किसे ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए? विटामिन C से भरपूर ये दोनों फल इम्यूनिटी बढ़ाने, त्वचा को ग्लो देने और सर्दी-खांसी से बचाने में मदद करते हैं, लेकिन फिर भी इनके पोषक तत्वों, स्वाद और शरीर पर असर में थोड़ा फर्क होता है। अगर आप भी यही सोचकर कंफ्यूज रहते हैं कि सुबह जूस में क्या पिएं, बच्चों के टिफिन में क्या रखें या डाइट में कौन सा फल शामिल करें तो आज हम आसान भाषा में समझेंगे कि किन्नू और संतरे में कौन ज्यादा पौष्टिक है, कौन सा किन पोषक तत्वों से भरपूर है, किसे कब खाना चाहिए और सही तरीके से खाने पर इनका फायदा कैसे दोगुना किया जा सकता है। संतरा और किन्नू में अंतर दिखने में एक जैसे होने के बावजूद संतरा और किन्नू में कई अंतर हैं। संतरे का छिलका पतला होता है और इसका स्वाद हल्का खट्टा-मीठा होता है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक पाई जाती है, जिससे यह पाचन को सुधारने और कब्ज की समस्या दूर करने में मदद करता है। वहीं किन्नू का छिलका थोड़ा मोटा होता है और स्वाद अधिक मीठा व रसदार होता है। किन्नू में प्राकृतिक शुगर और जूस की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर को ऊर्जा और हाइड्रेशन प्रदान करने में विशेष रूप से लाभदायक है। सर्दियों में कौन सा फल ज्यादा फायदेमंद? स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से दोनों फल अपने-अपने तरीके से फायदेमंद हैं। यदि किसी को अक्सर सर्दी-खांसी, कमजोरी या पाचन संबंधी समस्या रहती है तो संतरा बेहतर विकल्प माना जाता है क्योंकि इसमें फाइबर और विटामिन C अधिक पाया जाता है। दूसरी ओर, यदि आप त्वचा की नमी बनाए रखना चाहते हैं, थकान से जूझ रहे हैं या शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देना चाहते हैं तो किन्नू ज्यादा कारगर सिद्ध होता है। इसलिए, सबसे अच्छा विकल्प है कि दोनों को आहार में बारी-बारी शामिल किया जाए ताकि शरीर को संपूर्ण पोषण मिल सके। किसे कौन सा फल चुनना चाहिए हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है, इसलिए फल का चयन उसी आधार पर करना चाहिए। डायबिटीज वाले लोगों के लिए संतरा बेहतर माना जाता है, क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। जो लोग वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए भी संतरा अधिक उपयोगी है, क्योंकि इसमें फाइबर अधिक और कैलोरी कम होती है। वहीं बच्चों, कमजोरी से जूझ रहे लोगों और डिहाइड्रेशन की समस्या वाले व्यक्तियों के लिए किन्नू का सेवन अधिक लाभकारी है, क्योंकि यह अत्यधिक रसदार और ऊर्जा देने वाला होता है। सही समय और सही तरीकासही समय और सही तरीका संतरे खाने के फायदे संतरा विटामिन C से भरपूर होता है, जो शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा के लिए बेहद लाभदायक होते हैं और चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाते हैं। संतरा फाइबर का बेहतरीन स्रोत है, इसलिए यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज की समस्या से राहत देता है। इस फल में पाए जाने वाले पोटेशियम और मैग्नीशियम हाई बीपी को कंट्रोल करने में सहायक होते हैं। संतरे का सेवन किडनी स्टोन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है। कम कैलोरी होने की वजह से यह वजन घटाने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। किन्नू खाने के फायदे किन्नू भी संतरे की तरह विटामिन C से भरपूर होता है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। किन्नू शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखता है। इसमें मौजूद कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। किन्नू में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को सुधरता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है।

MP में बदलती मौसम की तस्वीर: दिन में पारा गिरा, रात में ठंड बढ़ी, चक्रवात का असर जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर के महीने में ही कड़ाके की ठंड पड़ी है, हालांकि नवंबर के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल रही है, क्योंकि साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानि चक्रवात की वजह से मध्य प्रदेश में बादल छा रहे हैं, ऐसे में मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिला है, लगातार कई जिलों में सुबह के वक्त बादल छाए रहे, जिससे तापमान में बदलाव दिखा. हालांकि सुबह और रात के वक्त तापमान में गिरावट का दौर जारी है, जिससे ठंड का असर बना हुआ है. आलम यह है कि 84 साल बाद नवंबर के महीने में ही भोपाल में ठंड का रिकॉर्ड टूट गया, जबकि इंदौर में भी 25 साल बाद ठंड का रिकॉर्ड टूट गया है, वहीं मौसम विभाग का कहना है कि दिसंबर में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा. इधर, साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) की वजह से प्रदेश में बादल छा रहे हैं। लगातार तीसरे दिन भोपाल समेत कई जिलों में हल्के बादल रहे। इससे दिन में ठंडक बढ़ गई है। सोमवार को भोपाल में दिन का तापमान 26.4 डिग्री रहा। वहीं, बालाघाट के मलाजखंड में 25 डिग्री, रायसेन में 26.6 डिग्री, श्योपुर में 26.2 डिग्री, दतिया में 26.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक शर्मा ने बताया, बादलों की वजह से दिन के पारे में गिरावट हुई है, लेकिन रात का तापमान फिलहाल स्थिर रहेगा। पहाड़ों में बर्फबारी जल्दी, इसलिए शीतलहर चली बता दें कि प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया था। आम तौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से तेज ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई। इस वजह से बर्फीली हवाओं से एमपी भी कांप उठा। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, यहां रात का पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। वर्तमान में हवा की दिशा बदल गई है। इस वजह से प्रदेश में उत्तर से ठंडी हवा नहीं आ रही है। इसलिए पिछले 3 दिन से प्रदेश में कहीं भी शीतलहर नहीं चली। ऐसा ही मौसम अगले चार दिन और बना रहेगा। यानी, इस सप्ताह कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान नहीं है, लेकिन दिसंबर के पहले सप्ताह में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से शुरू हो जाएगा। ग्री पर आ गया। इंदौर में 12.8 डिग्री, ग्वालियर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 15 डिग्री और जबलपुर में 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव, नरसिंहपुर, राजगढ़ और रीवा में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। हालांकि, कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। भोपाल में पूरे दिन धुंध छा रही है। इससे 4 से 5 किलोमीटर के बाद कुछ भी देखना मुश्किल है, जबकि सुबह के समय विजिबिलिटी 1 से 2 किमी दर्ज की जा रही है। पचमढ़ी, नर्मदापुरम, रीवा, सतना, शाजापुर समेत कई जिलों में घना कोहरा छा रहा है। सुबह कोहरे का अलर्ट, इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह कोहरे की वजह से एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।

84 साल का रिकॉर्ड टूटा: मध्यप्रदेश में शीतलहर, पचमढ़ी और अन्य शहरों में तापमान बेहद गिरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस नवंबर का मौसम अब तक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 6 नवंबर से शुरू हुई कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने प्रदेशवासियों की सांसें रोक रखी थीं। पचमढ़ी जैसे हिल स्टेशन में पारा 5.8 डिग्री तक गिर गया, जबकि बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तापमान लगातार 10 डिग्री के नीचे बना रहा।हालांकि, हवाओं का रुख बदलने के साथ अब प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार गिरावट के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होने लगी है, जिससे ठंड और शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, रात में भोपाल में 9.6 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 8.5 डिग्री, खरगोन में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्रीर दर्ज किया गया। बाकी शहरों में भी पारे में गिरावट देखने को मिली है। इस बार प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया। प्रदेश का मालवा-निमाड़ सबसे ठंडा है। भोपाल में तो पिछले 10 दिन से कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चल रही है। यहां अगले 2 दिन भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट है। कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, खंडवा और खरगोन में तेज शीतलहर का प्रभाव देखा गया। गुरुवार की रात का सबसे कम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में रिकॉर्ड किया गया। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के 12 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में दूसरा सबसे कम तापमान है। नवंबर के पहले सप्ताह में ही कड़ाके की ठंड इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही प्रदेश में कड़ाके की ठंड है। स्थिति यह है कि रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। इस वजह से भोपाल में नवंबर की सर्दी का पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। वहीं, इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी है। मौसम विभाग ने पूरे नवंबर में तेज ठंड का दौर बरकरार रहने का अनुमान जताया है। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट है। फिर शीतलहर से थोड़ी राहत मिल सकती है। 22 नवंबर को लो प्रेशर एरिया एक्टिव होगा 22 नवंबर से देश के दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) एक्टिव हो रहा है। इससे पहले प्रदेश में अगले 2 दिन तक शीतलहर का अलर्ट है। इस बार नवंबर में पहले सप्ताह में ही तेज ठंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर है। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। इस महीने औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम… भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है। यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। दिन का तापमान और कोहरा दिन में अधिकतम तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, जबलपुर के भेड़ाघाट में घना कोहरा छाया रहा। इस तरह, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बेहद बदलता रहा। लो प्रेशर एरिया और भविष्य का पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 नवंबर से दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने जा रहा है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर 5.8 किलोमीटर तक ऊपरी हवा चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 22 नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिप्रेशन 24 नवंबर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में विकसित हो सकता है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 48 घंटों में और अधिक तीव्र होने की संभावना है। इस प्रभाव के चलते अगले 3-4 दिन प्रदेश में तापमान में हल्की वृद्धि देखने को मिलेगी। उसके बाद फिर से ठंड और शीतलहर का सिलसिला शुरू होने की संभावना है। इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है।   MP के शहरों में तापमान एमपी के इन शहरों में इतना टेम्प्रेचर शहर रात का तापमान राजगढ़ 7.5 पचमढ़ी (नर्मदापुरम) 7.6 गिरवर (शाजापुर) 7.8 शिवपुरी 8.0 नौगांव (छतरपुर) 8.3 खंडवा 8.4 नरसिंहपुर 8.8 खरगोन 9.0 उमरिया 9.0 रायसेन 9.6 छिंदवाड़ा 10.0 रतलाम 10.1 रीवा 10.1 मलाजखंड (बालाघाट) 10.7 मंडला 10.8 बैतूल 11.0 दतिया 11.3 गुना 11.4 खजुराहो (छतरपुर) 11.8 दमोह 12.0 धार 12.1 श्योपुर 12.4 सतना 12.4 सिवनी 12.6 सीधी 12.6 सागर 13.9 नर्मदापुरम 14.1 नोट: 19-20 नवंबर की रात का, डिग्री सेल्सियस में … Read more

सर्दी के कारण स्कूल टाइमिंग में बदला, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए सभी शासकीय और निजी स्कूलों के समय में बदलाव का निर्णय लिया गया है. इस संबंध में बलरामपुर कलेक्टर ने आदेश भी जारी कर दिया है. इसमें बताया गया है कि दो पाली में संचालित होने वाले स्कूलों में बदलाव के बाद पहली पाली की कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक लगेंगी, जबकि शनिवार को कक्षाएं दोपहर 12:45 बजे से शाम 4:15 बजे तक चलेंगी. वहीं दूसरी पाली में संचालित होने वाली कक्षाएं दोपहर 12.45 बजे से 4.15 बजे तक लगेंगी. शनिवार को कक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक संचालित होंगी. एक पाली में संचालित होने वाली स्कूलों की भी बदली टाइमिंग कलेक्टर ऑफिस से जारी आदेश में एक पाली में संचालित होने वाले स्कूल की भी टाइमिंग बदल गई है. सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10:00 बजे से 4:00 बजे तक कक्षाएं संचालित होंगी. वहीं शनिवार को सुबह 9 बजे से लेकर 12:30 तक कक्षाएं लगेंगी.

MP में कड़ाके की ठंड, पेरेंट्स बोले- बच्चे बीमार हो रहे; 1941 के बाद पहली बार पारा 5.2°C

भोपाल मध्य प्रदेश इन दिनों कड़ाके की ठंड का सामना कर रहा है। रविवार–सोमवार की रात राजधानी भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो नवंबर महीने का इतिहास का सबसे कम तापमान है। इससे एक ही रात में 1.2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। मौसम विभाग ने पुष्टि की कि यह पारा 84 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ चुका है। मौसम साफ होने और पवर्तीय क्षेत्रों से आ रही उत्तरी हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में बीते एक सप्ताह से शीत लहर का दौर जारी है. प्रदेश में पड़ रही ठंड ने नवंबर के महीने में बीते कई सालों का रिकार्ड तोड़ दिया. रविवार-सोमवार की दरमियानी रात इतिहास में पहली बार नवंबर के महीने में भोपाल का न्यमनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इससे पहले 30 नवंबर 1941 को भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में अभी और ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की है. अगले 3 दिनों तक शीतलहर का अलर्ट मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि, ''बीते 24 घंटे में मध्य प्रदेश में रेनफाल का डिस्ट्रिब्यूशन ड्राय रहा. कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई.'' शर्मा ने बताया कि, ''वर्तमान में श्रीलंका तट के उपर के एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है. इसके साथ ही एक साइक्लोन सकुर्लेशन समुद्रतल से 7.5 किलोमीटर की उंचाई पर फैला है और दक्षिण-पश्चिम की दिशा में झुका हुआ है. अगले 24 घंटे में इसके पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है. ऐसे में अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश में शीत लहर का दौर जारी रहेगा.'' कई जिलों में नहीं बदला स्कूलों का समय अगले 2 दिन तक कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट है। इसके बावजूद कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग नहीं बदली गई है। ऐसे में बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सर्दी में स्कूल जाने की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं। पेरेंट्स को भी खासी परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन को स्कूल लगने का समय बढ़ाना चाहिए। दरअसल, भोपाल में ज्यादातर स्कूलों की शुरुआत सुबह 7.30 बजे ही हो रही है। स्कूल की दूरी ज्यादा होने पर सुबह 6.30 बजे से वैन-बसें बच्चों को लेने पहुंच जाती हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से बात करके टाइमिंग बढ़ाई जाएगी। जल्द आदेश जारी कर देंगे। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक, इंदौर में अभी कोल्ड डे जैसी स्थिति नहीं है। अगर सोमवार को मौसम बहुत ज्यादा सर्दी रही या कोल्ड डे जैसे स्थिति बनी तो शिक्षा विभाग से समन्वय कर स्कूलों के टाइमिंग को लेकर निर्णय लेंगे। वहीं, उज्जैन शिक्षा विभाग के एडीपीसी गिरीश तिवारी ने बताया कि ठंड के कारण सुबह के समय लगने वाले स्कूलों में अभी समय परिवर्तन के लिए कोई निर्णय नहीं हुआ है। मौसम में पहली बार 5 डिग्री सेल्सियस पर पारा बीती रात मध्य प्रदेश में सबसे न्यूनतम तापमान राजगढ़ में 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस मौसम में अब तक किसी भी शहर का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज नहीं किया गया. वहीं भोपाल का पारा भी 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा. प्रदेश में रविवार को सभी शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा. जबकि बीती रात प्रदेश के 16 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. बीते 24 घंटे में बैतूल, भोपाल, धार, खंडवा, राजगढ़ और रतलाम में माइनस एक डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान में गिरावट हुई है. जबकि सागर में 21 डिग्री सेल्सियस का परिवर्तन दर्ज किया गया. इंदौर-रीवा में 10 सालों का रिकार्ड टूटा मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात इंदौर का न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. वहीं रीवा का न्यूनतम तापमान 74 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बीते 10 सालों में नवंबर के महीने में दोनों ही शहरों में इससे कम न्यूनतम तापमान दर्ज नहीं किया गया था. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, आने वाले दिनों में प्रदेश का मौसम साफ है, इसलिए बारिश की कोई संभावना नहीं है. लेकिन अभी अगले 3 दिनों तक प्रदेश में शीतलहर का दौर जारी रहेगा. आज इन 17 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट आज सोमवार को धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, देवास, भोपाल, शिवपुरी, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, मैहर, रीवा और सतना में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है. मंगलवार को 11 जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी इंदौर, देवास, सीहोर, शाजापुर, भोपाल, राजगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर और जबलपुर में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में बदल गया स्कूल लगने का समय हालांकि, ग्वालियर में 1 नवंबर से कुछ स्कूलों ने सुबह 8 बजे के बाद क्लासेस शुरू होने का समय कर दिया है। छिंदवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी ने भी आदेश जारी किया है कि सुबह 8:30 बजे से पहले कोई भी स्कूल नहीं लगेगा। देवास जिले में लगातार गिरते तापमान को देखते हुए कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल सुबह 10 बजे से पहले नहीं खुलेंगे। झाबुआ में कलेक्टर नेहा मीना ने आदेश जारी किया है कि नर्सरी से कक्षा तीसरी तक की क्लासेस सुबह 9 बजे और चौथी से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 8 बजे से पहले नहीं लगाई जाएंगी।

शीतलहर का कहर: राजस्थान के 9 शहर ठिठुरे, सिरोही में सबसे कम तापमान दर्ज

जयपुर राजस्थान में बर्फीली हवाओं के कारण सर्दी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश में ठंड का यही दौर जारी रहने की संभावना है। सीकर में पहले से चल रही शीतलहर का प्रभाव अब झुंझुनूं तक पहुंच गया है। दोनों जिलों में सुबह-शाम तेज ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने सीकर और झुंझुनूं के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। नौ शहरों में तापमान सिंगल डिजिट में पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के 9 शहरों का न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। सबसे अधिक ठंड सिरोही में रही, जहां का तापमान 7.5°C रिकॉर्ड किया गया। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार रहा : फतेहपुर (सीकर) – 8.8°C, नागौर – 8.7°C, सीकर – 8.3°C, अलवर – 9.2°C, वनस्थली (टोंक) – 9.4°C, चूरू – 9.5°C, बारां – 9.3°C व करौली में  9.6°C न्यूनतम तापमान रहा। सीकर और आस-पास के इलाकों में सुबह-शाम हल्की शीतलहर और घनी ठंड का असर महसूस किया गया। दिन में धूप से राहत सुबह और शाम की ठंड के बावजूद दिन में लोगों को तेज धूप से राहत मिल रही है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 28°C से 31°C के बीच दर्ज किया गया। बुधवार को सबसे अधिक तापमान 32.9°C बाड़मेर में रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान अजमेर में अधिकतम 29.8 और न्यूनतम 12.2 डिग्री सेल्सियस, वनस्थली (टोंक) में 30.6 और 9.4, अलवर में 28.8 और 9.2, जयपुर में 29.2 और 13.6, पिलानी में 31.2 और 10.5, सीकर में 27.8 और 8.3, कोटा में 29.5 और 13.6, चित्तौड़गढ़ में 30.2 और 11.7, उदयपुर में 28.6 और 12.3, बाड़मेर में 32.9 और 17, जैसलमेर में 31.4 और 15, जोधपुर में 31 और 12.7, बीकानेर में 30.2 और 13.6, चूरू में 30.9 और 9.5, गंगानगर में 28.2 और 12.5, नागौर में 29.7 और 8.7, बारां में 29.1 और 9.3, हनुमानगढ़ में 27.7 और 12, जालौर में 30.9 और 11.6, सिरोही में 23.3 और 7.3, फतेहपुर में 29.1 और 8.8, करौली में 28.5 और 9.6, दौसा में 29.7 और 8.8, तापगढ़ में 27.8 और 13.4 तथा झुंझुनूं में 29.1 और 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट होगी तथा रातें और अधिक ठंडी होंगी।

ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी: जयपुर संभाग में शीत लहर की चेतावनी जारी

जयपुर उत्तर भारत में हुई बर्फबारी का असर अब राजस्थान में दिखने लगा है। राज्य में मौसम तेजी से बदल रहा है और सर्दी ने दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों से कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। रविवार को सीकर और टोंक में शीतलहर चली, जबकि फतेहपुर में न्यूनतम तापमान सबसे कम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य में सर्दी स्थिर रहेगी और तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। दिन में आसमान साफ रहेगा और धूप निकलेगी, लेकिन सुबह-शाम ठंडी हवाओं के साथ तेज सर्दी महसूस होगी। पिछले 24 घंटे में पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहा। बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री बाड़मेर में रहा, जबकि जयपुर में 29 और कोटा में 29.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तरी हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा में एक हल्का चक्रवाती तंत्र बना हुआ है, जिससे ठंडी हवाओं का असर थोड़ा कमजोर हुआ है। इस कारण राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है। जयपुर मौसम केंद्र का कहना है कि आज जयपुर, अजमेर संभाग में कहीं-कहीं शीतलहर चलने की संभावना है। बीते 24 घंटों में राजस्थान का तापमान राजस्थान में 9 नवंबर को सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान फतेहपुर में 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अजमेर का अधिकतम तापमान 29.7 और न्यूनतम 10.4, वनस्थली (टोंक) 30.1 और 9.9, अलवर 27.4 और 9, जयपुर 29 और 13.8, पिलानी 29.7 और 10.2, सीकर 27.5 और 7.5, कोटा 29.1 और 15, चित्तौड़गढ़ 30.3 और 11.4, उदयपुर 28.8 और 11.3, जैसलमेर 31.7 और 14.7, जोधपुर 31.5 और 12.2, बीकानेर 31.3 और 14.6, चूरू 30.5 और 9.7, गंगानगर 29.4 और 12.1, नागौर 30.8 और 8, बारां 28.1 और 10.3, हनुमानगढ़ 29.3 और 14.5, जालौर 31.8 और 11.2, सिरोही 29.6 और 8.8, फतेहपुर 30.5 और 7, करौली 28.2 और 9.5, दौसा 29.7 और 8.6, जबकि झुंझुनूं का तापमान 28.5 अधिकतम और 10.5 न्यूनतम दर्ज हुआ।