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पीएम मोदी गंगा एक्सप्रेसवे को आज राष्ट्र को समर्पित करेंगे, यूपी में विकास की नई राह खोलेगी

पीएम मोदी आज (बुधवार) राष्ट्र को समर्पित करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे, यूपी की ‘लाइफ लाइन’ पर दौड़ेगा विकास 594 किमी का मेगा कॉरिडोर पश्चिम से पूर्व तक जोड़ेगा प्रदेश को, औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और रोजगार को मिलेगा बड़ा बूस्ट मेरठ से प्रयागराज तक हाई-स्पीड कॉरिडोर कृषि विपणन, और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से गेमचेंजर साबित होगी प्रधानमंत्री विभिन्न गतिविधियों में लेंगे हिस्सा, यूपीडा की प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही जनसभा को करेंगे संबोधित लखनऊ  बुधवार को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जाएगा, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी मजबूती प्रदान करेगा। 12 जिलों को सीधी कनेक्टिविटी, यात्रा समय में बड़ी कमी प्रधानमंत्री सुबह 11.15 पर हरदोई पहुंचेंगे और 12.55 पर यहां से वापस लौटेंगे। इस दौरान पीएम गंगा एक्सप्रेसवे का उदघाटन करने के साथ ही यूपीडा की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और साथ ही पौधरोपण करने के अलावा जनसभा समेत अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री जिस गंगा एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दिखाएंगे वह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। इस हाई-स्पीड मार्ग के चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। जहां पहले लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लगते थे, अब यह सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। इसके साथ ही, माल परिवहन की लागत में कमी आने से उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। पीपीपी मॉडल पर आधुनिक निर्माण गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे फिलहाल 6 लेन में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं। एयरस्ट्रिप, आईटीएमएस और सुरक्षा की अत्याधुनिक व्यवस्था इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं। इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास का नया केंद्र गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन क्लस्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किए जाएंगे। सरकार द्वारा दी जा रही कैपिटल सब्सिडी, एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पावर इंसेंटिव और पीले टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। अन्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी, बनेगा मजबूत नेटवर्क गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे (पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक) से जोड़ा जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में एक इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा, जो देश में सबसे बड़ा होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि माल ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर कृषि आधारित उद्योग, मंडियां, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही, पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और समग्र विकास सुनिश्चित होगा। रोजगार सृजन और निवेश का नया अध्याय गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिला है और आगे भी लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आईएम आईएमएलसी और औद्योगिक कॉरिडोर के विकसित होने से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों की रुचि बढ़ेगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री योगी ने किया ऐलान, पुलिस में एक लाख नई भर्ती इस वर्ष

पुलिस में एक लाख नई भर्ती इसी वर्ष: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालकों/प्रधान परिचालकों (यांत्रिक) को प्रदान किए गए नियुक्ति पत्र  मुख्यमंत्री ने मंच पर दिए 10 नवचयनितों को नियुक्ति पत्र, कहा- ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही यूपी पुलिसः सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि योग्य, क्षमतावान, स्वत: स्फूर्त भाव के साथ नौजवान यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनना चाहता है और इसके लिए भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड युवाओं को अच्छा अवसर उपलब्ध कराएगा। उप्र पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्ती करने जा रहा है। पिछले तीन दिन में यूपी होमगार्ड में भी 41 हजार भर्ती के लिए परीक्षा हुई। सिविल पुलिस, एसआई, होमगार्ड आदि की भर्ती प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है।  मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में पुलिस दूरसंचार विभाग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।  ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए सीएम ने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि सभी चाहते थे कि ईमानदारी से भर्ती हो। डबल इंजन सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है कि भर्ती निष्पक्ष व ईमानदारी से हुई। अब आपका भी दायित्व है कि साफ नीयत, ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ यूपी पुलिस के माध्यम से सेवा देकर राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। हर भारतीय नागरिक जब अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी। किसी व्यक्ति, जाति, मत-मजहब का अहंकार या व्यक्तिगत इच्छा, राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकती।  9 वर्ष पहले होता था लेनदेन और नियुक्ति में भेदभाव  सीएम योगी ने कहा कि जिस निष्पक्षता से पुलिस भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई, वह 9 वर्ष पहले संभव नहीं थी। पहले प्रक्रिया ही सकुशल संपन्न नहीं होती थी। लेनदेन, नियुक्ति में भेदभाव होता था, परंतु अब पूरी प्रक्रिया में किसी को भी सिफारिश व पैसा नहीं देना पड़ता है। सिर्फ योग्यता, क्षमता व आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न होती है। प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है कि यदि क्षमता है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अब आपको भी शुद्ध नीयत के साथ कार्य करना है। कभी बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश सामूहिक प्रयास की बदौलत अब भारत के विकास में योगदान दे रहा है। 9 वर्ष में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की यूपी पुलिस में भर्ती सीएम योगी ने कहा कि परसों (रविवार) ही प्रदेश के 112 केंद्रों पर पुलिस के 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, यानी एक साथ 60 हजार आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने, जो अब फील्ड में मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे। 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती संपन्न हुई है, जबकि देश के कई राज्यों में पुलिस की कुल इतनी स्ट्रेंथ भी नहीं है। सीएम ने नवचयनितों से कहा कि आपको देश की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और दूरसंचार शाखा के जरिए 25 करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।  साफ नीयत, स्पष्ट नीति और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष पहले संकट था कि कहां ट्रेनिंग होगी, लेकिन अब इस दृष्टि से जगह की कमी नहीं रही। 2017 के पहले एक बार में केवल 3 हजार पुलिस कार्मिकों की ही ट्रेनिंग करा सकते थे, लेकिन 2025 में एक साथ 60,244 पुलिस आरक्षियों की ट्रेनिंग यूपी के सेंटरों में हुई। इसके जरिए यूपी पुलिस ने दिखाया कि नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो परिणाम लाया जा सकता है। पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षी जनपदों में ड्यूटी के लिए निकल रहे हैं। अब इन ट्रेनिंग सेंटर्स पर आप लोगों का प्रशिक्षण शुरू होगा। खेलों में यूपी पुलिस प्राप्त करती है अधिक मेडल सीएम योगी ने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनाया है। उसी का परिणाम है कि जब भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स मीट होती है तो यूपी पुलिस अधिक मेडल प्राप्त करती है। देश-दुनिया में उसके मेडल की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा होती है। इसके जरिए फोर्स अपनी क्षमता को भी प्रदर्शित करती है।  यूपी पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि सीएम योगी ने कहा कि पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है। 2017 में 10 जनपदों में पुलिस लाइन ही नहीं थी। कई थानों के खुद के भवन नहीं थे। पुलिस की सामान्य सुविधाओं, बैरक आदि का अभाव था। आज 55 जनपदों में हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस के जवानों के बैरक व आवासीय सुविधाएं हैं। मॉडल थाने, नए फायर स्टेशन स्थापित हो रहे हैं। एसएसएफ, एसडीआरएफ, तीन नई महिला पीएसी बटालियनें गठित हुई हैं। तीन नए कानून जुलाई 2024 में लागू हुए हैं, लेकिन यूपी ने पहले ही तैयारी कर ली थी। यूपी का स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। ए ग्रेड की 12 एफएसएल यूनिट कार्य कर रही है। छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब कार्य कर रही हैं। सैंपल कलेक्ट करने के लिए निपुण टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं।  भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी योगदान दे रही यूपी पुलिस सीएम योगी ने कहा कि पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ ही प्रदेश को सिर्फ माफिया-दंगा मुक्त प्रदेश ही नहीं बना रही है, बल्कि भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप में योगदान दे रही है। कानून का राज विकास की पहली गारंटी है। कानून का राज स्थापित होने से देश-दुनिया का निवेशक यूपी में आ रहा है। अब हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर लेते हैं।  सीएम ने फिट रहने का दिया मंत्र सीएम योगी ने दूरसंचार पुलिस बल में नवचयनित 936 अभ्यर्थियों से कहा कि अब संचार यूनिट को और सशक्त बनाने में मदद … Read more

पिछड़ा वर्ग कल्याण में नई दिशा, योगी सरकार के तहत आयोग की बैठक में लिए गए अहम निर्णय

योगी सरकार के संरक्षण में पिछड़ा वर्ग कल्याण को नई दिशा, आयोग की बैठक में बड़े फैसले घुमन्तू विकास बोर्ड गठन की संस्तुति, शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश विमुक्त एवं घुमन्तू समुदायों के उत्थान के लिए अहम पहल हर पात्र तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर, तकनीक के इस्तेमाल के निर्देश लखनऊ उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की मासिक बैठक मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा भवन में सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने की। बैठक में योगी सरकार की मंशा के अनुरूप पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर अहम निर्णय लिए गए। बैठक में विशेष रूप से विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तू समुदायों के विकास को प्राथमिकता देते हुए 'उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड' के गठन की संस्तुति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई है। यह कदम योगी आदित्यनाथ सरकार की समावेशी विकास नीति को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है। आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, सोहन लाल श्रीमाली समेत अन्य सदस्यों की मौजूदगी में प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए।  राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। इसके लिए योजनाओं के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता के साथ हर जरूरतमंद तक लाभ पहुंच सके।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम रोकने के लिए कांग्रेस, सपा समेत इंडी गठबंधन के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश: सीएम योगी

पीएम मोदी नए भारत के निर्माता, ‘विरासत से विकास’ को दी नई रफ्तार: योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम रोकने के लिए कांग्रेस, सपा समेत इंडी गठबंधन के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, पीएम मोदी ने नारी, गरीब, युवा और अन्नदाता किसानों को केंद्र में रखकर लागू कीं जन-लाभार्थी योजनाएं वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए भारत के निर्माता हैं और उनके विजन से देश ‘विरासत से विकास’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोकने के लिए विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के अन्य दलों ने जो प्रयास किए, उसके खिलाफ पूरे देश में आक्रोश है। मुख्यमंत्री मंगलवार को पीएम मोदी की उपस्थिति में बनारस लोकोमोटिव वर्क्स ग्राउंड में आयोजित ‘नारी वंदन सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे।   सीएम योगी ने सम्मेलन के दौरान प्रदेश की आधी आबादी और पूरे प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन का ही परिणाम है कि आज हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। यह नया भारत न केवल भौतिक विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है, बल्कि समग्र विकास की अवधारणा को भी साकार कर रहा है। ‘विरासत से विकास’ की इस नई यात्रा के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को पूरा कर रहा है। भारत को एक नई पहचान दिला रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि देश में चार ही जातियां हैं- नारी, गरीब, युवा और अन्नदाता किसान। इन चारों में हमारा पूरा समाज समाहित होता है। यह एक विराट विजन है, जिसके अनुरूप ये चारों वर्ग समग्र समाज और राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसीलिए हमने उन्हें भारत की राजनीति का केंद्र बनाकर प्रत्येक योजना का लाभ इन वर्गों तक पहुंचाया है। पीएम मोदी ने इन वर्गों के आर्थिक स्वावलंबन, सम्मान व सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए दूरदर्शी सोच के तहत ‘नए भारत’ और ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने का अभियान दिया है।  काशी आज पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब काशीवासी हैं, लेकिन काशी के बारे में जो धारणा पहले थी, वह पिछले 11–12 वर्षों में बदलती हुई दिखाई दी है। काशी आज पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन गई है। काशी, जो बाबा विश्वनाथ की शाश्वत चेतना का केंद्रबिंदु रही है, वह आज भव्य काशी विश्वनाथ धाम के रूप में पुनः हम सभी के सामने प्रकट हुई है। विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय न केवल काशी, बल्कि उत्तर प्रदेश और पूरे देश में दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री ने जिस परिवर्तन की शुरुआत काशी से की, वह आज पूरे देश में स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। जिसने भारत की सनातन परंपरा को जीवंतता प्रदान की और भारत की आत्मा को अपने भीतर संजोए रखा, वही काशी आज एक नए कलेवर में दुनिया के सामने दिखाई दे रही है।  नारी सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य किया पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी लगातार नारी सुरक्षा, सम्मान व सशक्तीकरण के लिए कार्य करते आ रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को लाभ देने वाली कई योजनाओं को धरातल पर उतारा। इसी क्रम में उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से एक समय-सीमा के भीतर महिलाओं के लिए संसद व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने,  उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास किया। लेकिन, कांग्रेस व सपा समेत इंडी गठबंधन ने इसमें बाधा डाली और संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया। इससे इन दलों की नारी विरोधी प्रवृत्ति सोच का पता चलता है। देश की बहन व बेटियां इस कृत्य के लिए इन दलों को कभी माफ नहीं करेंगी। प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व आभार व्यक्त करने उमड़ी बहनें सीएम योगी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोकने के लिए विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी ने जो प्रयास किए, उसके खिलाफ देश में आधी आबादी के आक्रोश की प्रतिध्वनि सुनाई दे रही है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता और आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वागत के लिए उमड़ी बहनें इस बात की गवाह हैं कि प्रधानमंत्री के प्रत्येक मिशन के साथ आधी आबादी पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। आज काशी को विकास की एक नई सौगात मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी ने पिछले 11–12 वर्षों में विकास की लंबी यात्रा तय की है। इस दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व में काशी को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने का कार्य हुआ है। इनमें 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं काशी के धरातल पर उतर चुकी हैं, जबकि 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। आज प्रधानमंत्री ने 6,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर काशी को विकास की एक नई सौगात दी है।  प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दौरे के बाद सीधे काशी पहुंचे भीषण गर्मी के बावजूद सम्मेलन में दोपहर 3 बजे से ही उपस्थित बहनों का अभिवादन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दौरे के बाद सीधे काशी पहुंचे हैं। वह यहां नारी शक्ति से संवाद करने, मां गंगा, मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ को नमन करने आए हैं। इस अवसर पर राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करेंगे प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री

बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करेंगे प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री रास्ते में भाजपा कार्यकर्ता व आमजन करेंगे स्वागत वाराणसी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रहेंगे।  पीएम व सीएम बुधवार सुबह लगभग 7 बजे काशी विश्वनाथ मंदिर शीश नवाने जाएंगे। रास्ते में प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पूरे मार्ग को सजाया गया है। यहां सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था भी की गई है।  भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए बरेका से काशी विश्वनाथ मंदिर मार्ग तक पांच प्वाइंट बनाए हैं। इन प्वाइंट पर भाजपा कार्यकर्ता ढोल नगाड़े, शंखनाद के साथ गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर स्वागत करेंगे। इन पांच प्वाइंट पर प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं काशी की जनता उपस्थित रहेगी। ये पांच प्वाइंट मंडुआडीह, पुलिस लाइन, लहुराबीर, मैदागिन, चौक एवं काशी विश्वनाथ मंदिर गेट मुख्य है।

यूपी पुलिस दूरसंचार विभाग में नव चयनित अभ्यर्थियों ने कहा, योगी सरकार ने युवाओं को दिया पारदर्शी अवसर

नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे, कहा- योगी आदित्यनाथ हैं भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने वाले मुख्यमंत्री यूपी पुलिस दूरसंचार विभाग में नव चयनित अभ्यर्थियों ने कहा, योगी सरकार ने युवाओं को दिया पारदर्शी अवसर युवाओं को प्रेरित करती है मुख्यमंत्री की निर्भीक कार्यशैली, भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने का काम किया योगी सरकार ने चयनित महिला अभ्यर्थियों ने कहा, यूपी में बेटियों की सुरक्षा चाक-चौबंद, नियुक्तियां भी पारदर्शी तरीके से लखनऊ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक एवं प्रधान परिचालक (यांत्रिक) अभ्यर्थियों चेहरे नियुक्ति पत्र पाकर खुशी से खिल उठे। अधिसंख्य अभ्यर्थियों ने इसे अपने परिवार में पहली सरकारी नौकरी बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ह्रदय से आभार जताया। सुचिता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई प्रक्रिया चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि योगी सरकार ने प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया है, जिससे मेहनत करने वाले युवाओं को अवसर मिल रहा है। प्रयागराज की महिमा यादव ने कहा कि वर्ष 2006 के बाद इतने बड़े स्तर पर सीधी भर्ती होना युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है। पूरी प्रक्रिया बेहद सुचिता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुई। सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। तेजतर्रार और तुरंत निर्णय लेने वाले सीएम  एटा के कुशाल चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में नियुक्ति पत्र प्राप्त करना उनके लिए गर्व का क्षण है। योगी आदित्यनाथ ने जमीनी स्तर पर काम करते हुए गुंडों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जिससे प्रदेश भयमुक्त बना है। उन्होंने मुख्यमंत्री को तेजतर्रार, तुरंत निर्णय लेने वाला और भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने वाला नेता बताया। प्रयागराज के सौरभ मिश्रा ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में योगी सरकार ने माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया है। पुलिस बल की संख्या और संसाधनों में वृद्धि कर अपराधियों पर अंकुश लगाने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री की निर्भीक कार्यशैली युवाओं को प्रेरित करती है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रदेश में आया बड़ा बदलाव प्रयागराज की अदिति राठौर ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। आज महिलाएं खुद को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। मुख्यमंत्री के फास्ट रिएक्शन और तत्काल कार्रवाई की नीति से कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। गोरखपुर की शालू गुप्ता और अयोध्या की सपना पांडेय ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। वहीं अभिषेक कुमार ने कहा कि योगी सरकार में पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां हो रही हैं, इसी वजह से उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में सेवा का अवसर मिला है। अलीगढ़ के अरविंद ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि मेहनत करते रहें, सरकार लगातार रोजगार के अवसर दे रही है। प्रशिक्षण लेकर करेंगे प्रदेश की सेवा  झांसी के विशाल कुमार शर्मा ने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलना जीवन का यादगार दिन है और अब सभी प्रशिक्षण लेकर सेवा के लिए तैयार होंगे। वहीं हेवल कुमार रत्नागर ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही। एटा के रामहरि ने कहा कि रेडियो एवं दूरसंचार विभाग में चयन उनके परिवार के लिए खुशी का बड़ा अवसर है। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि योगी सरकार में प्रतिभा और मेहनत को सम्मान मिल रहा है।

सीएम योगी का बयान: यूपी पुलिस भारत की इकॉनमी ग्रोथ में अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही है

भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही यूपी पुलिसः सीएम योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि योग्य, क्षमतावान, स्वत: स्फूर्त भाव के साथ नौजवान यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनना चाहता है और इसके लिए भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड युवाओं को अच्छा अवसर उपलब्ध कराएगा। उप्र पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्ती करने जा रहा है। पिछले तीन दिन में यूपी होमगार्ड में भी 41 हजार भर्ती के लिए परीक्षा हुई। सिविल पुलिस, एसआई, होमगार्ड आदि की भर्ती प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है।  मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में पुलिस दूरसंचार विभाग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।  ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए सीएम ने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि सभी चाहते थे कि ईमानदारी से भर्ती हो। डबल इंजन सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है कि भर्ती निष्पक्ष व ईमानदारी से हुई। अब आपका भी दायित्व है कि साफ नीयत, ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ यूपी पुलिस के माध्यम से सेवा देकर राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। हर भारतीय नागरिक जब अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी। किसी व्यक्ति, जाति, मत-मजहब का अहंकार या व्यक्तिगत इच्छा, राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकती।  9 वर्ष पहले होता था लेनदेन और नियुक्ति में भेदभाव  सीएम योगी ने कहा कि जिस निष्पक्षता से पुलिस भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई, वह 9 वर्ष पहले संभव नहीं थी। पहले प्रक्रिया ही सकुशल संपन्न नहीं होती थी। लेनदेन, नियुक्ति में भेदभाव होता था, परंतु अब पूरी प्रक्रिया में किसी को भी सिफारिश व पैसा नहीं देना पड़ता है। सिर्फ योग्यता, क्षमता व आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न होती है। प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है कि यदि क्षमता है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अब आपको भी शुद्ध नीयत के साथ कार्य करना है। कभी बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश सामूहिक प्रयास की बदौलत अब भारत के विकास में योगदान दे रहा है। 9 वर्ष में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की यूपी पुलिस में भर्ती सीएम योगी ने कहा कि परसों (रविवार) ही प्रदेश के 112 केंद्रों पर पुलिस के 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, यानी एक साथ 60 हजार आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने, जो अब फील्ड में मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे। 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती संपन्न हुई है, जबकि देश के कई राज्यों में पुलिस की कुल इतनी स्ट्रेंथ भी नहीं है। सीएम ने नवचयनितों से कहा कि आपको देश की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और दूरसंचार शाखा के जरिए 25 करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।  साफ नीयत, स्पष्ट नीति और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष पहले संकट था कि कहां ट्रेनिंग होगी, लेकिन अब इस दृष्टि से जगह की कमी नहीं रही। 2017 के पहले एक बार में केवल 3 हजार पुलिस कार्मिकों की ही ट्रेनिंग करा सकते थे, लेकिन 2025 में एक साथ 60,244 पुलिस आरक्षियों की ट्रेनिंग यूपी के सेंटरों में हुई। इसके जरिए यूपी पुलिस ने दिखाया कि नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो परिणाम लाया जा सकता है। पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षी जनपदों में ड्यूटी के लिए निकल रहे हैं। अब इन ट्रेनिंग सेंटर्स पर आप लोगों का प्रशिक्षण शुरू होगा। खेलों में यूपी पुलिस प्राप्त करती है अधिक मेडल सीएम योगी ने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनाया है। उसी का परिणाम है कि जब भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स मीट होती है तो यूपी पुलिस अधिक मेडल प्राप्त करती है। देश-दुनिया में उसके मेडल की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा होती है। इसके जरिए फोर्स अपनी क्षमता को भी प्रदर्शित करती है।  यूपी पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि सीएम योगी ने कहा कि पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है। 2017 में 10 जनपदों में पुलिस लाइन ही नहीं थी। कई थानों के खुद के भवन नहीं थे। पुलिस की सामान्य सुविधाओं, बैरक आदि का अभाव था। आज 55 जनपदों में हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस के जवानों के बैरक व आवासीय सुविधाएं हैं। मॉडल थाने, नए फायर स्टेशन स्थापित हो रहे हैं। एसएसएफ, एसडीआरएफ, तीन नई महिला पीएसी बटालियनें गठित हुई हैं। तीन नए कानून जुलाई 2024 में लागू हुए हैं, लेकिन यूपी ने पहले ही तैयारी कर ली थी। यूपी का स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। ए ग्रेड की 12 एफएसएल यूनिट कार्य कर रही है। छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब कार्य कर रही हैं। सैंपल कलेक्ट करने के लिए निपुण टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं।  भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी योगदान दे रही यूपी पुलिस सीएम योगी ने कहा कि पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ ही प्रदेश को सिर्फ माफिया-दंगा मुक्त प्रदेश ही नहीं बना रही है, बल्कि भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप में योगदान दे रही है। कानून का राज विकास की पहली गारंटी है। कानून का राज स्थापित होने से देश-दुनिया का निवेशक यूपी में आ रहा है। अब हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर लेते हैं।  सीएम ने फिट रहने का दिया मंत्र सीएम योगी ने दूरसंचार पुलिस बल में नवचयनित 936 अभ्यर्थियों से कहा कि अब संचार यूनिट को और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। अगले 8 महीने की आपकी ट्रेनिंग महत्वपूर्ण होगी। सीएम ने युवाओं व पुलिस कार्मिकों को फिट रहने का मंत्र दिया। कहा कि फिजिकली फिट रहेंगे तो मेंटली भी फिट होंगे और तभी ईमानदारी से देश व समाज को सेवा दे पाएंगे।  सामान्य वॉकी-टॉकी से आगे बढ़कर दूरसंचार बल … Read more

सीएम योगी ने चेताया: जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वाले राष्ट्रद्रोहियों से रहें सतर्क

जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वाले राष्ट्रद्रोहियों से सावधान रहें: सीएम योगी तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को सीएम ने किया संबोधित राष्ट्रकवि दिनकर की कृति आज भी राष्ट्र चेतना की मशाल, साहित्य समाज का दर्पण: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने देखा रश्मिरथी का मंचन, कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति की सराहना की तीन दिवसीय आयोजन में स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अटल जी पर भी होंगे विशेष नाट्य कार्यक्रम लखनऊ, "राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ आज भी समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाली प्रेरणा है। यदि भारत को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनाना है तो जातिवाद के नाम पर समाज को बांटने वाली शक्तियों से सावधान रहना होगा।" ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ के शुभारंभ एवं ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी काव्यकृति ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साहित्य के ऐसे सशक्त साधक के प्रति हम सब अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रदेश की राजधानी में एकत्र हैं। यहां हम उनकी कालजयी काव्यकृति पर आधारित नाट्य-श्रृंखला का मंचन देखेंगे। हम देखेंगे कि किस प्रकार मां सरस्वती दिनकर जी की जिह्वा पर विराजती थीं और उनकी लेखनी शब्दों को पिरोती थी। यह सब ‘रश्मिरथी’ के इस मंचन के माध्यम से हम सभी को देखने-सुनने को मिलेगा। इस अवसर पर दिनकर जी की स्मृतियों को नमन करते हुए मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं सीएम योगी ने कहा कि जब इस कार्यक्रम का पत्र मिला, तो सबसे पहले मैंने कहा कि यह कार्यक्रम उसी दिन रखिए, जिस दिन मैं भी इसका भागीदार बन सकूं, क्योंकि मैं अक्सर दिनकर जी की कृतियों के कुछ अंश लेकर विरोधियों पर प्रहार भी करता हूं। भारत धन-धान्य से परिपूर्ण रहा है, दुनिया की बड़ी ताकत रहा है, लेकिन भारत ने सैकड़ों वर्षों की गुलामी भी सही है। बल और बुद्धि में भारत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता था, लेकिन हमारी कुछ कमियां भी थीं। दिनकर जी ने इन कमियों पर जिस प्रकार प्रहार किया है, उसे देखकर मुझे अच्छा लगता है। आप इस नाट्य मंचन के माध्यम से भी देखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने ‘रश्मिरथी’ में लिखा है- “ऊंच-नीच का भेद न जाने, वही श्रेष्ठ ज्ञानी है, दया-धर्म जिसमें हो, सबसे वही पूज्य प्राणी है।" जातिवाद पर भी उन्होंने कितना सशक्त प्रहार किया है- “मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का। पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।” सीएम योगी ने कहा कि यदि हमें अपनी आजादी को लंबे समय तक अक्षुण्ण बनाए रखना है और विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करना है, तो जातिवाद के नाम पर देश को लूटने और समाज को कमजोर करने वाले राष्ट्रदोहियों से सावधान रहना होगा। युवा वर्ग के लिए दिनकर जी इस बात की प्रेरणा इन पंक्तियों के माध्यम से दशकों पहले ही दे चुके हैं- "सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, सूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, कांटों में राह बनाते हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर जी ने समाज की चेतना को जिस रूप में जागरूक किया और पूरे समाज को एकजुट किया, वह अद्वितीय है। अपनी कृतियों के माध्यम से वह अलग-अलग स्तरों पर लोगों को जागृत करते रहे और देश की चेतना को निरंतर सशक्त करते रहे। जब भारत के लोकतंत्र को दबाने का प्रयास हुआ, तब भी दिनकर जी ने आह्वान किया- “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।” शब्द किस प्रकार मंत्र बन जाएं और हर व्यक्ति के मन में राष्ट्र के लिए त्याग, चेतना और समर्पण की भावना को जागृत करें, यह गुण महान कवि में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि 'रश्मिरथी' ऐसे पात्र के बारे में है, जो अपनी पहचान के लिए मोहताज रहा। उसकी गाथा को दिनकर जी ने जिस प्रकार प्रस्तुत किया और उसके गुणों की व्याख्या की, उसने हर व्यक्ति को सोचने के लिए मजबूर किया कि कौन किस स्थान पर हो सकता है और हमें किसी की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ में उन्होंने लिखा है- "जब किसी जाति का अहम चोट खाता है, पावक प्रचण्ड हो कर बाहर आता है। यह वही चोट खाये स्वदेश का बल है, आहत भुजंग है, सुलगा हुआ अनल है।" स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद लखनऊ, अयोध्या, काशी की यात्राएं की सीएम ने बताया कि उन्होंने संस्कृति विभाग से कहा है कि ऐसी साहित्यिक कृतियों पर आधारित कार्यक्रम आज की पीढ़ी के लिए नई प्रेरणा हैं। इस प्रेरणा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। कल यहीं पर स्वामी विवेकानंद पर आधारित एक नाट्य मंचन का कार्यक्रम है। स्वामी विवेकानंद हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं। वह एक संन्यासी थे, लेकिन हर युवा के लिए मार्गदर्शक बने। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की वैदिक और सनातन परंपरा को सम्मान दिलाया। उन्होंने ज्ञान को विज्ञान के साथ जोड़कर तत्कालीन समाज को उसके अनुरूप तैयार करने का कार्य किया और भारत की चेतना को जागरूक करने के लिए पूरी शक्ति के साथ समर्पित रहे। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो की धर्मसभा के बाद भारत में जो यात्राएं कीं, उनमें लखनऊ, अयोध्या, काशी सहित उत्तर प्रदेश के कई स्थान शामिल थे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 अप्रैल को यहां लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक पर आधारित कार्यक्रम होगा। तिलक जी ने भारत की स्वाधीनता के लिए “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का उद्घोष इसी लखनऊ में किया था, जो भारत की आजादी का एक प्रमुख केंद्र बना। इसी दिन ‘अटल स्वरांजलि’ कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविताओं पर आधारित एक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। अटल जी का शताब्दी वर्ष हाल में संपन्न हुआ है, और इस अवसर … Read more

25, 26 और 27 अप्रैल को अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुरक्षा निर्देश: सीएम योगी ने किए कड़े इंतजाम

अभूतपूर्व सुरक्षा में होगी होमगार्ड लिखित परीक्षा सीएम योगी ने दिए कड़े सुरक्षा इंतजाम के निर्देश, 25, 26 व 27 अप्रैल को 1053 केंद्रों पर 25 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल 41,424 पदों के लिए जुटेंगे लाखों अभ्यर्थी, हर 240 परीक्षार्थियों पर एक निरीक्षक/उप निरीक्षक की तैनाती सभी केंद्रों व स्ट्रॉन्ग रूम में सीसीटीवी से निरंतर निगरानी, घड़ी, मोबाइल, ब्लूटूथ समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित लखनऊ  योगी सरकार की “पारदर्शी एवं नकलविहीन भर्ती” की प्रतिबद्धता के तहत होमगार्ड एनरॉलमेंट 2025 की लिखित परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अभूतपूर्व सुरक्षा का खाका तैयार किया है। 41,424 पदों के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा में 25.32 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा 25, 26 व 27 अप्रैल को प्रदेश भर के 1053 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी। योगी सरकार के निर्देशन में व्यापक एवं बहुस्तरीय व्यवस्था न केवल परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करेगी, बल्कि प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी मजबूती से स्थापित करेगी। हर स्तर पर कड़ी निगरानी, पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एस.बी. शिरडकर ने बताया कि परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक जिले में अपर पुलिस अधीक्षक/अपर पुलिस उपायुक्त स्तर के नोडल ऑफिसर बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर प्रति 240 परीक्षार्थियों पर एक निरीक्षक/उप निरीक्षक की तैनाती की गई है। प्रवेश द्वार पर हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से सभी अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग होगी। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला पुलिसकर्मियों द्वारा बंद परिसर में कराई जाएगी। प्रश्नपत्र सुरक्षा के लिए ‘डबल लॉक’ सिस्टम, सख्त प्रोटोकॉल प्रश्नपत्रों को कोषागार में डबल लॉक व्यवस्था में रखा गया है, जिसकी चाबियां अलग-अलग अधिकारियों के पास रहेंगी। स्ट्रॉन्ग रूम में 24 घंटे बिजली, इंटरनेट और अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रश्नपत्रों को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए रूट मैप बनाकर सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) किया गया है। परिवहन के दौरान किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। परीक्षा केंद्रों का सैनिटाइजेशन, सीसीटीवी से होगी निगरानी सभी परीक्षा केंद्रों का गहन सैनिटाइजेशन कराया गया है और छत, गैलरी, मैदान और वॉशरूम तक की सघन जांच की गई है, ताकि किसी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या आपत्तिजनक सामग्री छिपी न रह जाए। सभी केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम में सीसीटीवी कैमरों से निरंतर निगरानी की जाएगी। साथ ही पेयजल, क्लॉक रूम और समय की सूचना के लिए बेल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। अभ्यर्थियों के लिए सख्त गाइडलाइन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित अभ्यर्थियों को केवल प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और काला/नीला पेन लाने की अनुमति होगी। किसी भी प्रकार की घड़ी, मोबाइल, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीटिंग व्यवस्था और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक सुरक्षा, यूपी-112 और एम्बुलेंस तैनात परीक्षा के दौरान रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास यूपी-112 की गाड़ियां और एम्बुलेंस तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, जिससे अफवाहों पर रोक लगाई जा सके। आधार आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना होगा डीजी शिरडकर ने बताया कि नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व आधार आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके साथ ही केंद्रों पर आइरिस बायोमेट्रिक डेस्क स्थापित की जाएंगी, जहां अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इस व्यवस्था के माध्यम से इंपर्सनेशन (दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने) जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

योगी सरकार का महत्वपूर्ण कदम, प्रदेश में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम की शुरुआत होगी

योगी सरकार का बड़ा कदम: प्रदेश को जल्द मिलेंगे 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम गाजीपुर, चंदौली, हापुड़, सम्भल और शामली में जारी है स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण स्टेडियम निर्माण और आधुनिक सुविधाओं से खिलाड़ियों को मिल रहा बड़ा मंच खेल व खिलाड़ियों को लगातार प्राथमिकता पर प्रोत्साहन दे रही है योगी सरकार लखनऊ  योगी सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश को जल्द ही 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम मिलने जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को अपने ही जिलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सरकार खेल विभाग के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार विशेष जोर दे रही है। प्रदेश के 71 जिलों में इस समय 84 स्पोर्ट्स स्टेडियम संचालित हो रहे हैं, जबकि 5 नए स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। जिसमें गाजीपुर में नवीन स्टेडियम का निर्माण (द्वितीय), चंदौली में स्पोर्ट्स स्टेडियम, हापुड़ में स्पोर्ट्स स्टेडियम, संभल में स्पोर्ट्स स्टेडियम, और शामली में स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सकेगा।  हापुड़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम का कार्य 70% पूरा वहीं निर्माण कार्य की प्रगति की बात करें तो गाजीपुर में नया स्टेडियम लगभग 99.9% पूरा हो चुका है, हालांकि जिलाधिकारी द्वारा बताई गई कुछ कमियों का निस्तारण अभी शेष है। हापुड़ में स्टेडियम का निर्माण करीब 70% पूरा हो चुका है, जबकि संभल में यह कार्य 26% और शामली में कार्य शुरू हो चुका है। चंदौली में स्टेडियम निर्माण के लिए फिलहाल टेंडर प्रक्रिया जारी है। निर्माण कार्य पूर्ण होने और हैंडओवर के बाद ही इनका लोकार्पण किया जाएगा। गाजीपुर को छोड़कर बाकी चार जनपदों में स्टेडियम निर्माण को वर्ष 2025-26 में स्वीकृति मिली है। यह परियोजनाएं प्रदेश में खेल अवसंरचना को नई दिशा देने का काम करेंगी। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर योगी सरकार का फोकस योगी सरकार का फोकस सिर्फ स्टेडियम निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर भी है। खेल विभाग द्वारा स्टेडियम के साथ-साथ मल्टीपर्पज हॉल, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन और टेनिस कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, जिम, हॉकी और फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक जैसी सुविधाएं विकसित की जा रहीं हैं। सरकार का मानना है कि बेहतर संसाधन और सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश के खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। नए स्टेडियम बनने से खिलाड़ियों को अपने ही जिले में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं यूपी के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी जा रहीं हैं। साथ ही प्रदेश में खेल अवसंरचना को सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियमों का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इन स्टेडियमों के तैयार होने से खिलाड़ियों को अपने ही जनपद में आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण का अवसर प्राप्त होगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।