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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर के शिखर पर किया धर्म ध्वजारोहण

भारत को जोड़ने की ताकत हैं राम-कृष्ण और शिवः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर के शिखर पर किया धर्म ध्वजारोहण  सीएम योगी ने भगवान शिव व रामलला का विधिवत दर्शन-पूजन कर उतारी आरती जहां अयोध्या और राम होंगे, वहां विजय सुनिश्चित हैः मुख्यमंत्री सीएम ने की अपील- महापुरुषों को जातीयता के दायरे में मत बांटिए अयोध्या,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर के शिखर पर बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धर्म ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव व श्रीरामलला का विधिवत दर्शन-पूजन कर आरती भी उतारी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु राम हमें जोड़ने के माध्यम बने हैं। श्रीराम उत्तर को दक्षिण से और श्रीकृष्ण पूरब को पश्चिम से जोड़ रहे हैं। इसी प्रकार भगवान शंकर द्वादश ज्योतिर्लिंग के माध्यम से भारत के कण-कण को जोड़ रहे हैं। ये तीनों भारत को जोड़ने की शक्ति हैं और यही हमारी भी सबसे बड़ी ताकत है। डॉ. लोहिया कहते थे कि श्रीराम, श्रीकृष्ण व शिवशंकर हैं तो कोई भारत का बाल बांका नहीं कर सकता, लेकिन यह बात उनके शिष्य नहीं समझेंगे, क्योंकि समझ उन्हें आता है, जिनमें समझ का सामर्थ्य होता है। जिनमें समझ का सामर्थ्य नहीं, उन रामद्रोहियों-शिवद्रोहियों के लिए कोई ठौर-ठिकाना नहीं होगा।  जहां अयोध्या और राम होंगे, वहां विजय ही होगी  सीएम ने गर्व से कहा कि इतने बड़े आंदोलन ने बता दिया कि जहां अयोध्या होगी और जहां राम होंगे, वहां विजय होगी। सम-विषम परिस्थितियों में हम न रुकेंगे, न झुकेंगे, न डिगेंगे और लक्ष्य को भी प्राप्त करेंगे। दुनिया अयोध्या धाम का अनुसरण कर रही है। सीएम ने नई अयोध्या की स्थिति का भी जिक्र किया। कहा कि नई अयोध्या त्रेतायुग की याद दिला रही है और यही डबल इंजन की ताकत है। यह तभी हो पाया, जब एक साथ एक स्वर में सनातन धर्मावलंबी बोल उठे, तभी रामजन्मभूमि में मंदिर निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हो गया था।  महापुरुषों को जातीयता के दायरे में मत बांटिए सीएम ने लोगों से आग्रह किया कि सनातन धर्म की एकता के जरिए भारत की एकता व अखंडता को मजबूती दीजिए। महापुरुषों को जातीयता के दायरे में मत बांटिए और बांटने वालों से सावधान रहिए। यह वही पाप कर रहे हैं, जो मध्यकाल में देश को बांटने और समाज की एकता को खंडित करने वालों ने किया था। बांटने का पाप देशद्रोह से कम नहीं है। यह पाप कभी मत होने दें। जिस दिन 140 करोड़ भारतवासी अपने नेतृत्व पर विश्वास करते हुए बढ़ेंगे, दुनिया उनके सामने बाधक नहीं बन सकती।  ईश्वरीय कृपा ही है कि मौसम सुहाना हो गया सीएम ने कहा कि ट्रस्ट के पदाधिकारी पहले तपती गर्मी, फिर बिजली की कड़क और बारिश की चेतावनी से चिंतित हो गए, लेकिन यह ईश्वरीय कृपा ही है कि मौसम सुहाना हो गया। प्रभु की कृपा के लिए शुद्ध नीयत से उनके पास शरणागत होना पड़ेगा। जब भक्त और याचक बनकर प्रभु के चरणों में जाते हैं तो हमारी मनोकामना पूर्ण होती है। जब यह अकड़ होती है कि हमने किया है, तो प्रभु उसे रगड़ भी देते हैं।  सभी के मन में एक ही भाव था कि प्रभु का मंदिर बने और हम अपनी आंखों से देख सकें सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन भारत के इतिहास का महत्वपूर्ण अभियान है। भारत व दुनिया में जहां भी सनातन धर्मावलंबी रहा, वह गिरिवासी, वनवासी, वंचित, भिक्षावृत्ति से जीवन यापन करने वाला हो या राजमहल जैसे प्रासाद में रहने वाला बड़ा उद्यमी, सभी के मन में एक ही भाव था कि प्रभु राम का भव्य मंदिर बने और वह इसे अपनी आंखों से देख सके। पीढ़ी दर पीढ़ी चली गईं, संघर्ष व आंदोलन बढ़ता गया। महिला, पुरुष, बच्चे, युवा समेत समाज के हर तबके ने, सनातन धर्म की हर उपासना विधियों से जुड़े लोगों ने लगातार 500 वर्ष तक संघर्ष किया। एक दिन वह काली रात आई थी, जब प्रभु श्रीराम के मंदिर को अपवित्र करके विवादित ढांचा खड़ा कर दिया गया, लेकिन 1528 से बिना किसी रोक-टोक या भय के कोई दिन ऐसा नहीं रहा होगा, जब सनातन धर्मावलंबियों ने श्रीराम जन्मभूमि के लिए सोचा न हो और कुछ करने की इच्छाशक्ति के साथ अभियान का हिस्सा न बनें हो।  देश के हर कोने में लोग जयश्रीराम कहते हैं  सीएम योगी ने कहा कि प्रभु जब अपना काम कराना चाहते हैं, तभी सफलता प्राप्त होती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जब 1983 में आंदोलन को अपने हाथों में लिया तो आंदोलन चरम की ओर बढ़ता गया। अशोक सिंहल जी ने बिखरी हुई ताकत को एक किया। इस आंदोलन में क्षेत्र, जाति, भाषा की दीवारें टूटी हैं। आज भी देश के किसी कोने में हम जाते हैं तो उसके प्रभाव को महसूस करते हैं। अरुणाचल या ओडिशा, नगालैंड हो या मिजोरम, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड का सुदूर कोना, पश्चिमी-पूर्वी, उत्तरी-दक्षिण, मध्य भारत हो या छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसा जनजाति क्षेत्र, जैसे ही लोग हमें देखते हैं, वे सबसे पहले जयश्रीराम कहते हैं। मैं पश्चिम बंगाल के चुनाव में दूरदराज के गांवों में गया। वहां भी सड़कों पर आकर महिलाएं, बच्चे, पुरुष सभी ने जयश्रीराम से अभिवादन किया।  जिस दिन राम मंदिर का फैसला आया, वह भारत के इतिहास का सबसे खुशहाल दिन  सीएम योगी ने कहा कि हम सभी गुलामी का ढांचा हटने और आंदोलन के साक्षी हैं। जब उच्चतम न्यायालय ने सर्वसम्मति से रामजन्मभूमि का फैसला दिया तो देश-दुनिया के सनातन धर्मावलंबी झूम उठे। कुछ लोग धमकाते थे कि राम जन्मभूमि का फैसला आएगा तो यह होगा-वह होगा। ये वही लोग हैं, जो वकील खड़ा करते थे, रामसेतु को तोड़ना चाहते थे, रामभक्तों पर गोलियां चलाते थे और चाहते थे कि समस्या का समाधान न निकले और सनातन धर्मावलंबी अपमानित हो, लेकिन जब उच्चतम न्यायालय ने सनातन धर्म की भावनाओं के अनुरूप साक्ष्यों के आधार पर सर्वसम्मति से फैसला किया तो देश-दुनिया ने भी उसका स्वागत किया। जिस दिन यह फैसला आया, वह भारत के इतिहास के सबसे शांत और खुशहाल दिन में से एक था।   जब मंदिर बना तो हर आंख में थे खुशी के आंसू सीएम योगी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में श्रीरामजन्मभूमि … Read more

अंश निर्धारण में बहराइच ने मारी बाजी, 99.6% निस्तारण के साथ बना मॉडल जिला

अंश निर्धारण में बहराइच अव्वल, 99.6% निस्तारण के साथ बना मॉडल जिला मुख्यमंत्री योगी के राजस्व सुधार अभियान को मिली गति, जमीनी स्तर पर सक्रियता से हासिल हुई बड़ी उपलब्धि डीएम अक्षय त्रिपाठी के नियमित समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने से यह उपलब्धि हासिल हुई लखनऊ  प्रदेश में भूमि संबंधी कार्यों को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए चल रहे योगी सरकार के अंश निर्धारण अभियान में बहराइच जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के नेतृत्व में जिले ने निर्धारित समय सीमा के भीतर 99.6 प्रतिशत मामलों का निस्तारण कर एक नई मिसाल कायम की है। जमीनी स्तर पर सक्रियता बनी सफलता की कुंजी योगी सरकार की प्राथमिकता वाले इस अभियान के तहत बहराइच जिला प्रशासन ने गांव-गांव जाकर अंश निर्धारण की प्रक्रिया को गति दी। राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों एवं भूमिधरों के बीच विवादित हिस्सों का सत्यापन कर रिकॉर्ड को अपडेट किया, जिससे वर्षों से लंबित मामलों का समाधान संभव हो सका। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि नियमित समीक्षा, जिम्मेदारी तय करने और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारण के कारण यह उपलब्धि हासिल हुई। प्रशासन की इस सक्रियता से न केवल भूमि विवादों में कमी आएगी, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी। प्रदेश के लिए बन सकता है रोल मॉडल अंश निर्धारण की प्रक्रिया भूमि प्रबंधन और विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। पहले कई परियोजनाएं इसी कारण अटक जाती थीं, लेकिन अब बहराइच जैसे जिलों के बेहतर प्रदर्शन से यह समस्या दूर होती दिख रही है। बहराइच का यह मॉडल अन्य जिलों में भी लागू किए जाने की दिशा में देखा जा रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में भूमि रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और विवादमुक्त बनाया जा सके।

शिलान्यास से उद्घाटन तक: योगी सरकार की तेज़ी से विकास की पहचान

शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक का संकल्प, तेज गति है योगी सरकार की पहचान एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान योगी सरकार में हर विकास योजना को रिकॉर्ड समय में किया गया पूरा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने यह दिखाया है कि योजनाओं को केवल शुरू करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करना ही असली विकास है। सीएम योगी ने यूपी को ‘कंप्लीट पैकेज मॉडल’ दिया। इसमें परियोजनाओं की परिकल्पना से लेकर उनके पूर्ण होने तक काम कभी नहीं रुकता, चाहे जेवर एयरपोर्ट, गंगा, पूर्वांचल, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हों या इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अन्य योजनाएं। ताजा उदाहरण देखा जाए तो गंगा एक्सप्रेसवे हमारे सामने है। 595 किलोमीटर के एक नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश में 18 दिसंबर 2021 को शिलान्यास किया गया और 29 अप्रैल 2026 को आज जनता को समर्पित कर दिया गया। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश को 9 वर्षों में बीमारू राज्य की पहचान से बाहर निकाला। उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सड़क, मेट्रो, एयरपोर्ट समेत अन्य तमाम क्षेत्रों में सौगात दी। सीएम योगी के कार्यकाल में सिर्फ योजनाएं बनी ही नहीं बल्कि वह जमीन पर भी उतरीं। उन्होंने योजनाओं का शिलान्यास किया फिर जमीनी स्तर पर इनकी तैयारी, विभागों की जिम्मेदारी, निर्माणाधीन योजनाओं की लगातार निगरानी खुद की और आखिर में उनका लोकार्पण कर प्रदेश की जनता को लाभ पहुंचाया। सीएम योगी के निर्देशन में ही जेवर एयरपोर्ट के पहले फेज का रिकॉर्ड टाइम में उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ, जिसका शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को किया गया था। यह उत्तर प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते हवाई यातायात के दबाव कम करने का काम कर रहा है। साथ ही सीएम योगी के विजन के चलते ही उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना, जहां 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे बन चुके हैं। पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे समेत लिंक एक्सप्रेस पूरे हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन की ही देन है कि 14 जुलाई 2018 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास हुआ और 16 नवंबर 2021 को इसका उद्घाटन भी कर दिया गया। इसी क्रम में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की आधारशिला फरवरी 2020 में रखी गई और जुलाई 2022 में इसे जनता को समर्पित किया गया। उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकालने के लिए बुंदेलखंड जैसे तमाम पिछड़े क्षेत्रों सड़क नेटवर्क को बढ़ावा दिया गया। इससे क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी बदलाव हो रहा है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी मार्च 2019 में शिलान्यास हुआ। यह एक्सप्रेसवे भी लगभग बनकर तैयार है, जिसका लोकार्पण योगी सरकार अगले कुछ महीने में कर सकती है। इससे लखनऊ-कानपुर के बीच की यात्रा का समय लगभग दो घंटे से घटकर 45 मिनट हो जाएगा।  वहीं पूर्वांचल की राह आसान करने वाले गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में पूरा किया गया। इस परियोजना पर काम फरवरी 2020 से शुरू हुआ था। प्रदेश सरकार के दृढ़ संकल्प के चलते इसका जून 2025 में योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया। वहीं 115 किलोमीटर लंबे झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर भी कार्य योजना बनाई जा रही है। अनुमान है कि इस पर 1300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह 63 गांव से होकर गुजरेगा, जिससे विकास की धारा बहेगी। इन्हीं विजन के चलते आज देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में शानदार उपलब्धि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो एयरपोर्ट संचालित हो रहे थे, जिसमें लखनऊ और वाराणसी का नाम शामिल है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ने देश में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी। राज्य 21 एयरपोर्ट का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी ने यूपी को 5 इंटरनेशनल एयपोर्ट वाले राज्य के रूप में पहचान दिलाई है। इसका सबसे जीवंत उदाहरण अयोध्या एयरपोर्ट भी है। अयोध्या में फरवरी 2022 से महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनना शुरू हुआ था। यह रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ और 30 दिसंबर 2023 में उद्घाटन किया गया। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के लिए 10 मार्च 2024 की तारीख काफी अहम रही। इस दिन एक साथ आजमगढ़, अलीगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद और श्रावस्ती के हवाई अड्डों का उद्घाटन किया गया। सीएम योगी के विजन का नतीजा है कि जहां 2016-17 में महज 59.97 लाख लोगों ने हवाई यात्रा की थी। वहीं 2024-25 में यह संख्या 14 करोड़ से ज्यादा हो गई। हर शहर को मेट्रो देने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में रैपिड रेल और मेट्रो परियोजनाओं को लेकर भी काफी काम हुआ है। इस तरफ भी योगी सरकार ने पूरा ध्यान दिया है। यूपी के शहरों के अंदर यातायात सुधारने के लिए तेजी से मेट्रो कनेक्टिविटी भी बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में 7 दिसंबर 2020 को आगरा मेट्रो की नींव रखी गई। महज चार साल के अंदर मार्च 2024 में इसका उद्घाटन कर संचालन शुरू किया गया। वहीं 22 फरवरी 2026 को मेरठ मेट्रो का संचालन शुरू हुआ। वहीं योगी सरकार ने गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और प्रयागराज में भी मेट्रो संचालन की मंशा जाहिर की है। रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का बढ़ रहा योगदान केंद्र सरकार ने योगी सरकार पर भी भरोसा जताया और नतीजा रहा कि आज यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट भी बन चुकी है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन मई-जून 2025 में हुआ, जिससे देश में यूपी की अलग छवि बनी है। वहीं वर्ष 2019 में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) की नींव रखी गई और वर्ष 2023 से इसका संचालन शुरू हुआ। इसके तहत कानपुर में गोला-बारूद और मिसाइल संयंत्र अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस में फरवरी 2024 से काम शुरू हो गया है। रक्षा उत्पादों के निर्माण में उत्तर प्रदेश बड़ी भूमिका निभा रहा है। इन विकास योजनाओं को देखते हुए कहा जा सकता है कि योगी सरकार के ‘कंप्लीट पैकेज मॉडल’ की सफलता के पीछे बदलाव की लाने की इच्छा और प्रशासनिक सुधार महत्वपूर्ण कारण हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है और काम में लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके साथ ही तकनीक का उपयोग बढ़ाकर परियोजनाओं की निगरानी को और प्रभावी बनाया गया, जिससे सफलता … Read more

योगी सरकार के तहत पर्यटन को मिली नई दिशा, यूपी बना आस्था और विकास का केंद्र

योगी सरकार में पर्यटन को नई उड़ान, यूपी बना आस्था और विकास का केंद्र बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, पर्यटन मंत्री ने दिए जनसुझावों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश पर्यटन बजट 22 गुना, संस्कृति के लिए बजट 20 गुना बढ़ा 1 साल में 156 करोड़ से अधिक पर्यटकों का यूपी आगमन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के नए स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर चुका है। योगी सरकार की मजबूत नीतियों, पारदर्शी कार्यशैली और विरासत संरक्षण के संकल्प ने प्रदेश को देश के सबसे तेजी से उभरते पर्यटन राज्यों में शामिल कर दिया है। पर्यटन विभाग की स्थायी समिति की बैठक में सामने आए आंकड़ों ने इस सफलता पर मुहर लगा दी, जहां बताया गया कि पर्यटन बजट में 22 गुना और संस्कृति के लिए बजट में 20 गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में 156 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन प्रदेश की लोकप्रियता का प्रमाण है। अयोध्या, काशी, प्रयागराज समेत धार्मिक स्थलों का भव्य विकास योगी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। पर्यटन को रोजगार और अर्थव्यवस्था से जोड़ रही सरकार मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश का पर्यटन क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2017 से पहले जहां पर्यटन विकास सीमित दायरे में था, वहीं आज उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता, सुशासन और योजनाबद्ध विकास के माध्यम से पर्यटन को रोजगार और अर्थव्यवस्था से जोड़ रही है। 156 करोड़ से अधिक पर्यटक आए यूपी अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन विभाग के बजट में लगभग 22 गुना और संस्कृति विभाग के बजट में करीब 20 गुना वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी मुख्यमंत्री योगी की दूरदर्शी सोच और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी बनाने में पर्यटन की अहम भूमिका होगी। बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2025 में 156 करोड़ से अधिक पर्यटकों का उत्तर प्रदेश आगमन हुआ, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। महाकुंभ-2025 के आयोजन ने दुनिया भर का ध्यान खींचा महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन ने दुनिया भर का ध्यान उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित किया। प्रयागराज, अयोध्या और काशी को जोड़ने वाला स्पिरिचुअल ट्रायंगल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अनूठा आध्यात्मिक अनुभव दे रहा है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार अब एक्सपीरियंशल टूरिज्म पर फोकस कर रही है, ताकि पर्यटक सिर्फ भ्रमण न करें बल्कि प्रदेश में अधिक समय रुकें और स्थानीय संस्कृति, खानपान तथा परंपराओं को करीब से जान सकें। इससे स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने झांसी में हेली सेवा, प्रयागराज में वाटर स्पोर्ट्स, सहारनपुर में जंगल सफारी, कानपुर में औद्योगिक पर्यटन और गाजीपुर सहित अन्य क्षेत्रों में पर्यटन विस्तार से जुड़े सुझाव भी दिए हैं।

गाजियाबाद में आग की घटना पर मुख्यमंत्री योगी ने लिया सख्त संज्ञान

गाजियाबाद में आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के दिए निर्देश सीएम योगी ने कहा, राहत कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं लखनऊ  गाजियाबाद के इंदिरापुरम में बहुमंजिली आवासीय भवन में भीषण आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश देते हुए राहत कार्य में तेजी लाने के लिए कहा। सीएम योगी ने कहा कि मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस कमिश्नर, डीएम को भी मौके पर पहुंचने के दिए निर्देश हैं। गौरतलब है कि बुधवार सुबह इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में कई फ्लैट आ गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग समेत अन्य टीमें बचाव के लिए मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। फिलहाल आग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।

107 बीएड सहायक आचार्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया का आगाज़

बीएड सहायक आचार्य के 107 पदों के लिए शुरू हुई प्रक्रिया योगी सरकार का रोजगार पर फोकस, उच्च शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया को मिली रफ्तार  न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में संशोधित विज्ञापन जारी, अर्हता स्पष्ट 27 मई तक आवेदन करने का मौका, 28 जुलाई को प्रस्तावित है परीक्षा प्रयागराज/लखनऊ  उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बाद प्रदेश में भर्तियों की प्रक्रिया तेज करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने बीएड विषय के सहायक आचार्य के 107 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पुनः शुरू कर दिया है। योगी सरकार की यह पहल योग्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण तो है ही, उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के सरकार के संकल्प को भी दर्शा रही है। योगी सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में तेज होती यह रफ्तार युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रही है। यह भर्ती प्रक्रिया पूर्व में जारी विज्ञापन संख्या-51 के अंतर्गत आती है, जिसमें अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में सहायक आचार्य के कुल 1017 पद शामिल थे। न्यायालय के आदेशों एवं अर्हता संबंधी आपत्तियों के चलते पूर्व की प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा था। अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में तथा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) रेगुलेशन-2014 के अनुरूप अर्हताओं को स्पष्ट करते हुए संशोधित विज्ञापन जारी किया गया है। पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी भर्ती, 27 मई तक कर सकेंगे आवेदन योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के आधार पर बीएड सहायक आचार्य पद के लिए नई शैक्षिक अर्हता तय की गई है, जिसके अनुसार केवल वही अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे, जिन्होंने 31 अगस्त 2022 तक निर्धारित अर्हता पूर्ण कर ली हो। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 28 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी 27 मई 2026 (रात्रि 11:59 बजे तक) आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में संशोधन एवं शुल्क समाधान की सुविधा 30 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। आयोग द्वारा परीक्षा 28 जुलाई 2026 को आयोजित किए जाने की तैयारी है। पहले से आवेदन कर चुके पात्र अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन करना होगा, हालांकि उन्हें पुनः शुल्क जमा नहीं करना पड़ेगा। जिन अभ्यर्थियों की अर्हता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, वे शुल्क वापसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

योगी सरकार शिक्षा ढांचे को मजबूत करने में लगी, बच्चों को मिलेगा बेहतर शैक्षिक वातावरण

शिक्षा ढांचे को मजबूत करने में जुटी योगी सरकार, बच्चों को बेहतर-सुविधायुक्त शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर  अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा (एसीएस) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दिया निर्देश  बच्चों को स्कूल में अच्छा और सुविधायुक्त माहौल देने के लिए योगी सरकार ने उठाया कदम  मजबूत होंगी ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से स्कूलों में सुविधाएं  प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को स्कूलों में पाई जाने वाली कमियों को चिह्नित कर जल्द से जल्द दूर कराने के निर्देश लखनऊ  विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों को बेहतर और सुविधायुक्त शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने प्रदेश भर में स्कूलों के कायाकल्प को गति देते हुए बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विद्यालयों में मौजूद अवसंरचनात्मक कमियों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं का अभाव अब स्वीकार्य नहीं होगा और सभी संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।  योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है, जिससे प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर और सुसज्जित विद्यालयी वातावरण मिल सके। कमियों को दूर करने के लिए चलेगा विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अंतर्गत अब तक हुए कार्यों की समीक्षा करते हुए शेष कमियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत गैप एनालिसिस के माध्यम से हर विद्यालय की जरूरतों का आकलन कर उन्हें पूरा किया जाएगा। जहां संसाधनों की कमी होगी, वहां कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) और संबंधित विभागों के सहयोग से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि कोई भी स्कूल बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। ‘प्रोजेक्ट अलंकार’: अधोसंरचना को और मजबूत बनाने के निर्देश माध्यमिक विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के अंतर्गत अधोसंरचना को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिन स्कूलों में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। यदि अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता हो, तो समेकित प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजा जाए, जिससे समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। विद्यालयों को ‘विद्यांजलि पोर्टल’ से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश इसके साथ ही सभी विद्यालयों को ‘विद्यांजलि पोर्टल’ से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल अपनी आवश्यकताओं को दर्ज करेंगे और एनजीओ, सीएसआर व अन्य सहयोगियों के माध्यम से उन जरूरतों को पूरा किया जाएगा। जिला स्तर पर इसकी सतत निगरानी की जाएगी, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।

पीएम मोदी गंगा एक्सप्रेसवे को आज राष्ट्र को समर्पित करेंगे, यूपी में विकास की नई राह खोलेगी

पीएम मोदी आज (बुधवार) राष्ट्र को समर्पित करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे, यूपी की ‘लाइफ लाइन’ पर दौड़ेगा विकास 594 किमी का मेगा कॉरिडोर पश्चिम से पूर्व तक जोड़ेगा प्रदेश को, औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और रोजगार को मिलेगा बड़ा बूस्ट मेरठ से प्रयागराज तक हाई-स्पीड कॉरिडोर कृषि विपणन, और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से गेमचेंजर साबित होगी प्रधानमंत्री विभिन्न गतिविधियों में लेंगे हिस्सा, यूपीडा की प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही जनसभा को करेंगे संबोधित लखनऊ  बुधवार को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जाएगा, जो मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड कॉरिडोर है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, कृषि विपणन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से सीधे जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी मजबूती प्रदान करेगा। 12 जिलों को सीधी कनेक्टिविटी, यात्रा समय में बड़ी कमी प्रधानमंत्री सुबह 11.15 पर हरदोई पहुंचेंगे और 12.55 पर यहां से वापस लौटेंगे। इस दौरान पीएम गंगा एक्सप्रेसवे का उदघाटन करने के साथ ही यूपीडा की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और साथ ही पौधरोपण करने के अलावा जनसभा समेत अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री जिस गंगा एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दिखाएंगे वह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। इस हाई-स्पीड मार्ग के चालू होने से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। जहां पहले लंबी दूरी तय करने में कई घंटे लगते थे, अब यह सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। इसके साथ ही, माल परिवहन की लागत में कमी आने से उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। पीपीपी मॉडल पर आधुनिक निर्माण गंगा एक्सप्रेसवे को पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसे फिलहाल 6 लेन में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार योग्य बनाया गया है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह एक्सप्रेसवे तेज और सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। उच्च गुणवत्ता के निर्माण, चौड़े राइट ऑफ वे और मजबूत सेफ्टी फीचर्स इसे देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में शामिल करते हैं। एयरस्ट्रिप, आईटीएमएस और सुरक्षा की अत्याधुनिक व्यवस्था इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता शाहजहांपुर के पास बनाई गई लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं। इसके अलावा, पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। वाहनों की गति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास का नया केंद्र गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन क्लस्टर्स में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित किए जाएंगे। सरकार द्वारा दी जा रही कैपिटल सब्सिडी, एसजीएसटी रिइम्बर्समेंट, स्टाम्प ड्यूटी छूट, पावर इंसेंटिव और पीले टॉप-अप जैसी सुविधाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आएगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। अन्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी, बनेगा मजबूत नेटवर्क गंगा एक्सप्रेसवे को प्रदेश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे (पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक) से जोड़ा जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश में एक इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होगा, जो देश में सबसे बड़ा होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि माल ढुलाई तेज और सस्ती हो जाएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर कृषि आधारित उद्योग, मंडियां, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही, पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और समग्र विकास सुनिश्चित होगा। रोजगार सृजन और निवेश का नया अध्याय गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिला है और आगे भी लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आईएम आईएमएलसी और औद्योगिक कॉरिडोर के विकसित होने से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों की रुचि बढ़ेगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री योगी ने किया ऐलान, पुलिस में एक लाख नई भर्ती इस वर्ष

पुलिस में एक लाख नई भर्ती इसी वर्ष: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालकों/प्रधान परिचालकों (यांत्रिक) को प्रदान किए गए नियुक्ति पत्र  मुख्यमंत्री ने मंच पर दिए 10 नवचयनितों को नियुक्ति पत्र, कहा- ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दे रही यूपी पुलिसः सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि योग्य, क्षमतावान, स्वत: स्फूर्त भाव के साथ नौजवान यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनना चाहता है और इसके लिए भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड युवाओं को अच्छा अवसर उपलब्ध कराएगा। उप्र पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्ती करने जा रहा है। पिछले तीन दिन में यूपी होमगार्ड में भी 41 हजार भर्ती के लिए परीक्षा हुई। सिविल पुलिस, एसआई, होमगार्ड आदि की भर्ती प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है।  मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में पुलिस दूरसंचार विभाग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।  ईमानदारी से नियुक्ति हुई है तो साफ नीयत से काम कीजिए सीएम ने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि सभी चाहते थे कि ईमानदारी से भर्ती हो। डबल इंजन सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है कि भर्ती निष्पक्ष व ईमानदारी से हुई। अब आपका भी दायित्व है कि साफ नीयत, ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ यूपी पुलिस के माध्यम से सेवा देकर राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। हर भारतीय नागरिक जब अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी। किसी व्यक्ति, जाति, मत-मजहब का अहंकार या व्यक्तिगत इच्छा, राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकती।  9 वर्ष पहले होता था लेनदेन और नियुक्ति में भेदभाव  सीएम योगी ने कहा कि जिस निष्पक्षता से पुलिस भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई, वह 9 वर्ष पहले संभव नहीं थी। पहले प्रक्रिया ही सकुशल संपन्न नहीं होती थी। लेनदेन, नियुक्ति में भेदभाव होता था, परंतु अब पूरी प्रक्रिया में किसी को भी सिफारिश व पैसा नहीं देना पड़ता है। सिर्फ योग्यता, क्षमता व आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न होती है। प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है कि यदि क्षमता है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अब आपको भी शुद्ध नीयत के साथ कार्य करना है। कभी बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश सामूहिक प्रयास की बदौलत अब भारत के विकास में योगदान दे रहा है। 9 वर्ष में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की यूपी पुलिस में भर्ती सीएम योगी ने कहा कि परसों (रविवार) ही प्रदेश के 112 केंद्रों पर पुलिस के 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, यानी एक साथ 60 हजार आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने, जो अब फील्ड में मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे। 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती संपन्न हुई है, जबकि देश के कई राज्यों में पुलिस की कुल इतनी स्ट्रेंथ भी नहीं है। सीएम ने नवचयनितों से कहा कि आपको देश की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और दूरसंचार शाखा के जरिए 25 करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।  साफ नीयत, स्पष्ट नीति और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष पहले संकट था कि कहां ट्रेनिंग होगी, लेकिन अब इस दृष्टि से जगह की कमी नहीं रही। 2017 के पहले एक बार में केवल 3 हजार पुलिस कार्मिकों की ही ट्रेनिंग करा सकते थे, लेकिन 2025 में एक साथ 60,244 पुलिस आरक्षियों की ट्रेनिंग यूपी के सेंटरों में हुई। इसके जरिए यूपी पुलिस ने दिखाया कि नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो परिणाम लाया जा सकता है। पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षी जनपदों में ड्यूटी के लिए निकल रहे हैं। अब इन ट्रेनिंग सेंटर्स पर आप लोगों का प्रशिक्षण शुरू होगा। खेलों में यूपी पुलिस प्राप्त करती है अधिक मेडल सीएम योगी ने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनाया है। उसी का परिणाम है कि जब भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स मीट होती है तो यूपी पुलिस अधिक मेडल प्राप्त करती है। देश-दुनिया में उसके मेडल की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा होती है। इसके जरिए फोर्स अपनी क्षमता को भी प्रदर्शित करती है।  यूपी पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि सीएम योगी ने कहा कि पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है। 2017 में 10 जनपदों में पुलिस लाइन ही नहीं थी। कई थानों के खुद के भवन नहीं थे। पुलिस की सामान्य सुविधाओं, बैरक आदि का अभाव था। आज 55 जनपदों में हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस के जवानों के बैरक व आवासीय सुविधाएं हैं। मॉडल थाने, नए फायर स्टेशन स्थापित हो रहे हैं। एसएसएफ, एसडीआरएफ, तीन नई महिला पीएसी बटालियनें गठित हुई हैं। तीन नए कानून जुलाई 2024 में लागू हुए हैं, लेकिन यूपी ने पहले ही तैयारी कर ली थी। यूपी का स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। ए ग्रेड की 12 एफएसएल यूनिट कार्य कर रही है। छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब कार्य कर रही हैं। सैंपल कलेक्ट करने के लिए निपुण टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं।  भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी योगदान दे रही यूपी पुलिस सीएम योगी ने कहा कि पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ ही प्रदेश को सिर्फ माफिया-दंगा मुक्त प्रदेश ही नहीं बना रही है, बल्कि भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप में योगदान दे रही है। कानून का राज विकास की पहली गारंटी है। कानून का राज स्थापित होने से देश-दुनिया का निवेशक यूपी में आ रहा है। अब हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर लेते हैं।  सीएम ने फिट रहने का दिया मंत्र सीएम योगी ने दूरसंचार पुलिस बल में नवचयनित 936 अभ्यर्थियों से कहा कि अब संचार यूनिट को और सशक्त बनाने में मदद … Read more

पिछड़ा वर्ग कल्याण में नई दिशा, योगी सरकार के तहत आयोग की बैठक में लिए गए अहम निर्णय

योगी सरकार के संरक्षण में पिछड़ा वर्ग कल्याण को नई दिशा, आयोग की बैठक में बड़े फैसले घुमन्तू विकास बोर्ड गठन की संस्तुति, शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश विमुक्त एवं घुमन्तू समुदायों के उत्थान के लिए अहम पहल हर पात्र तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर, तकनीक के इस्तेमाल के निर्देश लखनऊ उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की मासिक बैठक मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा भवन में सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने की। बैठक में योगी सरकार की मंशा के अनुरूप पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर अहम निर्णय लिए गए। बैठक में विशेष रूप से विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तू समुदायों के विकास को प्राथमिकता देते हुए 'उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड' के गठन की संस्तुति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई है। यह कदम योगी आदित्यनाथ सरकार की समावेशी विकास नीति को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है। आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, सोहन लाल श्रीमाली समेत अन्य सदस्यों की मौजूदगी में प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए।  राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। इसके लिए योजनाओं के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता के साथ हर जरूरतमंद तक लाभ पहुंच सके।