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शिक्षामित्रों को दिया मंत्र: प्यार से पढ़ाएं, मारपीट कभी नहीं, घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल लाएं

सीएम योगी ने बताया, कैसे पेश आएं बच्चों से शिक्षामित्रों को दिया मंत्र: प्यार से पढ़ाएं, मारपीट कभी नहीं, घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल लाएं बच्चों को अच्छी कहानियों, कविताओं और उत्कृष्ट उदाहरणों से प्रेरित कीजिए-सीएम योगी बच्चे साफ-सुथरे कपड़ों में आएं, स्नान करके बाल बनाकर आएं, इसके लिए अभिभावकों को जागरूक करें गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षामित्र सम्मान समारोह में एक मार्गदर्शक की भूमिका में भी नजर आए। उन्होंने शिक्षामित्रों को बच्चों के साथ विशिष्ट व्यवहार का मंत्र भी दिया। सीएम ने कहा कि हर बच्चे के मन में पढ़ने की तमन्ना हो, यह अभिभावक, शिक्षक और समाज, तीनों की जिम्मेदारी है। शिक्षामित्र सिर्फ पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि हर बच्चे को स्कूल तक लाने का अभियान भी चलाएं। शिक्षक और शिक्षामित्र बच्चों की नींव तैयार करने वाले कारीगर हैं। मारपीट कभी नहीं, प्यार से समझाइए शिक्षामित्रों से मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के साथ कभी मारपीट नहीं होनी चाहिए। पिटाई से बच्चा जिद्दी व ढीठ हो जाएगा। उसे प्यार से समझाइए। अच्छी कहानियों, कविताओं और आदर्श उदाहरणों से प्रेरित कीजिए। अपने परिवार की खींचतान स्कूल या बच्चों तक नहीं लाइए। स्कूल आते समय तनाव को घर पर ही छोड़ दीजिए। जैसा पौधा रोपेंगे, वैसा फल मिलेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम अच्छी पीढ़ी तैयार करेंगे, तो यही पीढ़ी हर क्षेत्र में अच्छे लोग लेकर आएगी। अच्छे शिक्षक, अच्छे डॉक्टर, ईमानदार व्यापारी, अच्छे किसान, योग्य नौकरशाह, अच्छी पुलिस और अच्छे राजनेता भी। राजनेता कोई ऊपर से टपककर नहीं आते। आप जिन बच्चों को पढ़ा रहे हैं, वही आगे चलकर राजनेता भी बनेंगे। इसलिए जैसा पौधा आप रोपेंगे, वैसा ही फल भी मिलेगा। हमें सकारात्मक भावना के साथ कार्य करना चाहिए। आप सब में बेहतर परिणाम देने की सामर्थ्य है। नकारात्मक सोच त्याग दें। 280 बच्चों वाला स्कूल देखकर अच्छा लगा मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मुझे आज बहुत अच्छा लग रहा था। बेसिक शिक्षा परिषद के एक विद्यालय की प्रधानाचार्या से मैंने पूछा कि वहां कितने बच्चे हैं? उस विद्यालय में 280 बच्चे पढ़ रहे हैं। यह संख्या बताती है कि वहां कुछ अच्छा हो रहा है, सकारात्मक प्रयास हो रहा है। जब मैं सांसद था, तब भी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का भ्रमण करता था और आज भी फील्ड में जाते समय विद्यालय अवश्य जाता हूं। बच्चों से संवाद करना मुझे बहुत अच्छा लगता है। आंगनवाड़ी केंद्र की दिल छू लेने वाली कहानी सीएम योगी ने एक रोचक प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि एक बार मैं एक आंगनवाड़ी केंद्र गया। वहां 3 से 5 साल के 20-22 बच्चे थे। मैं चुपचाप बाहर से देख रहा था। आंगनवाड़ी की बहनें बच्चों को बहुत प्यार से गाती हुई गिनती सिखा रही थीं- ‘एक-एक-एक मेरी नाक एक… दो-दो-दो मेरी आंखें दो’। बच्चे भी दोहरा रहे थे। जब वे अंदर गए तो बहनें हिचकिचाईं। जब मैंने एक बच्चे ने पूछा कि क्या पढ़ा तो उसने तुरंत कहा- “एक-एक-एक मेरी नाक एक” और दूसरे ने अपनी आंखें दिखाते हुए कहा- “दो-दो-दो मेरी आंखें दो”। देखिए, कितनी आसानी से उदाहरण देकर बच्चों को गिनती सिखाई जा रही थी। ऐसे अच्छे उदाहरणों से हम बच्चों को बहुत कुछ सिखा सकते हैं। स्वच्छता, यूनिफॉर्म और अभिभावकों की जिम्मेदारी सीएम ने शिक्षामित्रों को जिम्मेदारी सौंपी कि वे अभिभावकों को जागरूक करें। बच्चे साफ-सुथरे कपड़ों में आएं, स्नान करके आएं, बाल बनाकर आएं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि रविकिशन की नकल करने की जरूरत नहीं, छोटे-छोटे बाल होने चाहिए। 2017 से पहले 60-70% बच्चे नंगे पैर या चप्पल पहनकर आते थे। अब सरकार दो यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे दे रही है, इसलिए अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। “स्कूल चलो” अभियान को और तेज करें जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल खुलने वाले हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से अपील की कि “‘स्कूल चलो’ अभियान का एक और दौर चलाएं। शिक्षक आधा घंटा पहले स्कूल पहुंचें। 25-25 घरों में जाकर अभिभावकों से पूछें कि आपके घर में कितने बच्चे हैं? उन्हें स्कूल ले चलिए। स्कूल टाइम में कोई बच्चा तालाब में तैरता न मिले। उन्होंने शिक्षकों और शिक्षामित्रों को खेलकूद में भी बच्चों के साथ भाग लेने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षित समाज होगा तो सशक्त समाज बनेगा और सशक्त राष्ट्र बनेगा। यहीं से विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की नींव पड़ेगी।

गोरखपुर में जून में होगा कार्यक्रम का भव्य समापन, जुटेंगे हजारों पशुपालक और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोग

यूपी के 18 मंडलों में 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' की मेरठ से हुई शुरुआत गोरखपुर में जून में होगा कार्यक्रम का भव्य समापन, जुटेंगे हजारों पशुपालक और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोग सीएम योगी की मंशा के अनुरूप प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में जुटा दुग्धशाला विकास विभाग दुग्ध विकास क्षेत्र में वर्ष 2023 से अब तक 28 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार लखनऊ,  पशुपालन से जुड़े किसान और डेयरी सेक्टर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। आज डेयरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। इसी क्रम में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप प्रदेश के 18 मंडलों पर 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' आयोजित करने की मेरठ से शुरुआत हो गई है। अपर मुख्य सचिव पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि डेयरी क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मंडल स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसका भव्य समापन जून में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में होगा। उन्होंने बताया कि मेरठ में मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य दुग्ध विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि 'स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य-खुशहाल उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित इस आयोजन में मेरठ-सहारनपुर मंडल के किसान, पशुपालक और निवेशक एक मंच पर जुटे। कार्यक्रम में निजी एवं सहकारी डेयरी जैसे भारत स्किर, मधुसूदन, आनन्दा, मदर डेयरी, हरित प्रदेश, केएसएस डेयरी, अरविन्द डेयरी और पराग जैसे बड़े ब्रांड्स के स्टॉल लगाकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए दुग्धशाला विकास विभाग द्वारा संचालित नंद बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध प्रोत्साहन नीति-2022 के प्रचार-प्रसार और प्रदेश के डेयरी सेक्टर में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से संपूर्ण मंडलवार डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है उत्तर प्रदेश कार्यक्रम में दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है और इस स्थिति को बनाये रखने के राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय प्रदान की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्राप्त हुआ है।  दुग्ध विकास क्षेत्र में मिलेगा हजारों लोगों को रोजगार दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि वर्ष 2023 से विभाग द्वारा दुग्ध विकास क्षेत्र में कुल 28,000 करोड़ से अधिक के 796 एमओयू किए गये हैं, जिसके जरिए 77,000 से अधिक रोजगार सृजन होंगे। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को 84 करोड़ की धनराशि अनुदान के रूप में डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई है। साथ ही 4000 से अधिक प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समिति गठित करते हुए लगभग 1,50,000 दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा गया है। गोरखपुर में होगा समापन से जुड़ा भव्य आयोजन अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि स्वर्ण जयंती डेयरी कॉनक्लेव के जरिए प्रदेश के सभी 18 मंडल और 75 जिलों के पशुपालकों और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों को जोड़ा जा रहा है। प्रदेश सरकार की मंशा के मुताबिक विभाग का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाना है। इस कार्यक्रम का समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में भव्य रूप से होगा। जून में वहां मंडल के कृषकों, गो-पालकों, दुग्ध उत्पादकों, उद्यमियों और निवेशकों को बड़ा मंच प्रदान किया जाएगा। विभाग उस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभाग की योजनाओं से जोड़ेगा। इस दौरान विभिन्न नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गो-पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां विशेषज्ञों द्वारा साझा की जाएगी।

फिरोजाबाद में आस्था स्थलों पर बेहतर सुविधाओं से बढ़ेगा पर्यटन, रोजगार के अवसर होंगे सृजित

सीएम योगी के मार्गदर्शन में धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों का होगा कायाकल्प, 24 परियोजनाओं के लिए 33.91 करोड़ स्वीकृत फिरोजाबाद में आस्था स्थलों पर बेहतर सुविधाओं से बढ़ेगा पर्यटन, रोजगार के अवसर होंगे सृजित नीम करौरी बाबा की जन्मस्थली में पर्यटक सुविधाओं का किया जाएगा विस्तार   पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बोले- सरकार का लक्ष्य सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और क्षेत्रीय विकास लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास को नई रफ्तार मिल रही है। इसी क्रम में आगरा मंडल के फिरोजाबाद जिले में धार्मिक, ऐतिहासिक व पौराणिक स्थलों के विकास के लिए 24 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर 33.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योगी सरकार की इस पहल से क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संवारने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।  आस्था स्थलों को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले के प्रमुख मंदिरों, आश्रमों और पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। टुंडला, शिकोहाबाद, सिरसागंज और जसराना क्षेत्रों में स्थित कई आस्था स्थलों को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद फिरोजाबाद में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी।  सिरसागंज क्षेत्र में सबसे अधिक परियोजनाएं शामिल टुण्डला में स्थित गोगा जी काली मंदिर पिपरौली के पर्यटन विकास के लिए 70 लाख रुपये, फिरोजाबाद पसीने वाले हनुमान जी मंदिर के लिए 65 लाख रुपये, शिकोहाबाद के नगला केवल स्थित श्री ब्रहमदेव शिव जी तथा बजरंगबली मंदिर के लिए 120 लाख रुपये, शिकोहाबाद के ही विधानसभा क्षेत्र में स्थित आबगंगा मंदिर के विकास के लिए 35 लाख रुपये, टुण्डला ग्रामगढ़ी हंसराम ब्लाक नारखी में स्थित शिवमंदिर के पर्यटन विकास के लिए 60 लाख रुपये की धनराशि, टुण्डला विधानसभा क्षेत्र में शिव मंदिर के पर्यटन विकास कार्य के लिए 80 लाख रुपये, टुण्डला में ही ग्राम बड़ागांव में स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर के लिए 01 करोड़ रुपये, टुण्डला ग्राम कनवार स्थित सिद्धकाली माता मंदिर के लिए 130 लाख रूपये, सिरसागंज स्थित प्राचीन पथवारी माता मंदिर के लिए 110 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार सिरसागंज के ही कुदरिया वाले महराज आश्रम के लिए 01 करोड़ रुपये, सिरसागंज में हनुमान मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 130 लाख रुपये, सिरसागंज में ग्राम जायनई माता मंदिर के लिए 130 लाख रुपये तथा सिरसागंज के ही रामकृष्ण धाम मंदिर (गंगा सागर गरियारी) के पर्यटन विकास के लिए 70 लाख रुपये, सिरसागंज स्थित आम्बेडकर पार्क के पर्यटन विकास के लिए 70 लाख रूपये, सिरसागंज के ही रामकंठ आश्रम के पर्यटन विकास के लिए 01 करोड़ रुपये, सिरसागंज स्थित ऐतिहासिक श्री राधाकृष्ण मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 90 लाख रुपये, सिरसागंज के ही ग्राम मावली में वेद उपवन पार्क के लिए 75 लाख रुपये, सिरसागंज के ही अकबरपुर में स्थित नीमकरौरी बाबा की जन्मस्थली पर पर्यटन सुविधाओं के लिए 145 लाख रुपये, सिरसागंज के विकास खण्ड फिरोजाबाद के ग्राम करहरा में ग्रामीण पर्यटन विकास के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। टुण्डला विकासखण्ड फिरोजाबाद के ग्राम अकबरपुर में ग्रामीण पर्यटन विकास के लिए 35 लाख रुपये, जसराना बड़े जखैया महराज मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 188 लाख रुपये, सिरसागंज के समौर बाबा धाम करहरा हेतु अवस्थापना सुविधाएं एवं अन्य कार्य के लिए 1188 लाख रुपये, शिकोहाबाद में स्थित शिववाटिका मंदिर में बहुउद्देशीय अवस्थापना सुविधाओं के सृजन के लिए 118 लाख रुपये तथा सिरसागंज जनपद फिरोजाबाद के अंतर्गत रपड़ी इको टूरिज्म क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था, सुलभ शौचालय के लिए 162 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

बागपत प्रदेश में आयुष्मान योजना में टॉप, योगी सरकार का संबल

योगी सरकार बनी संबल : आयुष्मान योजना के मामले में बागपत प्रदेश में नंबर वन बागपत में 123 करोड़ से अधिक का क्लेम, पहले की सरकारों में कभी नहीं मिली इतनी बड़ी राहत लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत से अधिक परिवारों को जोड़ा गया, पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा पहले इलाज कराते-कराते कर्जदार बन जाते थे लोग, डबल इंजन की सरकार में मिला सहारा योगी सरकार ने दिखाया कि जब मजबूत हों इरादे तो कैसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है योजनाओं का लाभ लखनऊ  आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभाव से प्रदेश के लाखों परिवारों को अब बीमारी के समय आर्थिक संकट से जूझना नहीं पड़ता। पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का अभूतपूर्व अध्याय लिखा जा रहा है।  बागपत जनपद इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में नंबर वन है, जहां लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत से भी अधिक परिवारों को योजना से जोड़ा जा चुका है। उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बना आयुष्मान कार्ड डबल इंजन सरकार की इस पहल ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इलाज को सुलभ बना दिया है। अब पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में उपलब्ध हो रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड आज लोगों के लिए उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। इससे न केवल इलाज संभव हुआ है, बल्कि लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। इसके अंतर्गत साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों को योजना के दायरे में लाया गया है। बागपत बना मॉडल : 123 करोड़ से अधिक का क्लेम बागपत में आयुष्मान योजना के तहत 123 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन को बदल रही है। श्वेता को मिला नया जीवन बड़ौत की रहने वाली श्वेता कूल्हे की गंभीर समस्या से जूझ रहीं थीं। चलना-फिरना लगभग बंद हो चुका था और 2 लाख रुपए का ऑपरेशन कराना उनके परिवार के लिए संभव नहीं था। तभी आयुष्मान कार्ड ने उनकी जिंदगी बदल दी। सूचीबद्ध अस्पताल में उनका ऑपरेशन निःशुल्क हुआ और आज वे सामान्य जीवन जी रही हैं। समदीन के दर्द को मिला राहत का सहारा बड़ौत के समदीन लंबे समय से गुर्दे की पथरी के दर्द से परेशान थे। 55 हजार रुपए का ऑपरेशन कराना उनके लिए संभव नहीं था। आयुष्मान योजना के तहत उनका इलाज मुफ्त हुआ और अब वे फिर से काम पर लौट चुके हैं। सहाना के लिए बना जीवन रक्षक कवच ग्राम बड़ावद की सहाना को अचानक एपेंडिक्स की समस्या हुई। 40 हजार रुपए का खर्च परिवार के लिए बहुत बड़ा था लेकिन आयुष्मान योजना ने चिंता दूर कर दी। उनका ऑपरेशन निःशुल्क हुआ और आज वे स्वस्थ हैं। हर वर्ग को मिला भरोसा, हर घर तक पहुंची राहत बिलोचपुरा की महरोजा और खिंदौड़ा के मनोज कुमार जैसे अनेक लाभार्थियों की कहानियां इस योजना के प्रभाव को दर्शाती हैं। पहले जहां बीमारी का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते थे, वहीं अब आयुष्मान कार्ड ने उन्हें यह भरोसा दिया है कि इलाज संभव है और जीवन सुरक्षित है। योगी सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पारदर्शी व्यवस्था, व्यापक कवरेज और सक्रिय क्रियान्वयन के चलते आयुष्मान योजना आज प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुकी है। ऐसे हासिल किया लक्ष्य जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत सभी वृद्धावस्था पेंशनधारकों का शत-प्रतिशत कवरेज (सैचुरेशन) किया गया। इसके अलावा सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं शिक्षा मित्रों के माता-पिता को योजना से जोड़ा गया है। वहीं, जनप्रतिनिधियों के माता-पिता को भी आयुष्मान योजना के दायरे में लाया गया है।

योगी सरकार के निर्देश, 24 घंटे में राहत-मुआवजा; घायलों के उपचार में ढिलाई पर रोक

सीएम योगी के सख्त निर्देश, 24 घंटे में मिले मुआवजा, घायलों के इलाज में न हो लापरवाही प्रदेश में आंधी, वर्षा और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि को लेकर प्रशासन गंभीर  सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश  प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमें सक्रिय लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में आंधी, वर्षा और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सीएम ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के त्वरित व समुचित इलाज तथा सभी प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने को कहा गया है। सीएम ने जताई संवेदना, राहत को लेकर दिए सख्त निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों का समुचित और तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जनहानि, पशुहानि और घायलों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अलर्ट जारी, प्रशासन सतर्क मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने और आवश्यक संसाधनों के लिए शासन से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमें लगातार सक्रिय हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

बंगाल में बवंडर, लेकिन असली कमाल सीएम योगी का; स्ट्राइक रेट ने दी झकझोरने वाली जीत

लखनऊ  पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं, जिसमें टीएमसी का सूपड़ा साफ हो गया. बीजेपी की इस कदर आंधी चली है कि खुद ममता बनर्जी अपनी भवानीपुर सीट तक हार गईं. इस बार के चुनाव में बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. खुद पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह से लेकर तमाम दिग्गज नेता चुनाव प्रचार के लिए पश्चिम बंगाल पहुंचे हुए थे. हाालंकि सबकी नजर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिकी हुई थी कि सीएम योगी ने जहां-जहां चुनाव प्रचार किया, वहां बीजेपी का क्या हाल रहा. बीजेपी ने उन सीटों पर जीत हासिल की है या फिर हार का सामना करना पड़ा. हालांकि जो नतीजे आए हैं, उससे यह जाहिर है कि सीएम योगी का स्ट्राइक रेट बंगाल चुनाव में भी जबरदस्त रहा है. सीएम योगी ने कुल 22 विधानसभा सीटों पर प्रचार किया था, उनमें से 18 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है।  जानिए किस सीट पर सीएम योगी ने किया चुनाव प्रचार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोनामुखी, नंदकुमार, कांथी दक्षिण, बाराबनी, रामपुरहाट, बोलपुर, माथाभंगा, धुपगुड़ी, जॉयपुर, गारबेटा, जोरासांको, चकदहा, उदयनारायणपुर, नबद्वीप, कटवा, बागदा, धानेखाली और राजारहाट गोपालपुर विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं की. इसके अलावा उन्होंने बांकुड़ा, कल्याणी और दमदम में रोड शो किया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए थे।  किन-किन सीटों पर बीजेपी ने हासिल की जीत सोनामुखी में बीजेपी दिबाकर घरामी, नंदकुमार से बीजेपी के खानरा निर्मल, कांथी दक्षिण से अरूप कुमार दास, बाराबनी से बीजेपी के अरजित रॉय, रामपुरहाच से बीजेपी के धुर्वा साहा, माथाभांगा से बीजेपी के निसिथ प्रामाणिक, धुपगुड़ी से बीजेपी के नरेश रॉय, बांकुडा से बीजेपी के नीलाद्री शेखर दाना, पिंगला से बीजेपी के स्वागत मन्ना, जॉयपुर से बीजेपी के बिस्वजीत महतो, जोरासांको से बीजेपी के विजय झा, चकदहा से बीजेपी के बंकिम चंद्र घोष, नबद्वीप से बीजेपी के श्रुति शेखर गोस्वामी, कटवा से बीजेपी के कृष्णा घोष, बागदा से बीजेपी के सोमा ठाकुर, कल्याणी से बीजेपी के अनुपम बिश्वास, दमदम से बीजेपी के अरजित बख्शी, राजारहाट गोपालपुर से तरुण ज्योति तिवारी जीत गए।  कहां हुई हार धानेखली विधानसभा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार असिमा पात्रा ने बीजेपी उम्मीदवार को 13057 वोटों से हराया है. वहीं बोलपुर विधानसभा सीट पर टीएमसी के चंद्रनाथ सिन्हा ने बीजेपी के दिलीप घो, को 13188 वोटों से हरा दिया। 

सीएम योगी ने बढ़ाया मुआवजा, यूपी के लोगों को मिलेगा दोगुना फायदा

लखनऊ  यूपी में किसानों के हित से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया है. लंबे समय से बिजली की हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों की जो शिकायतें थीं, अब उन पर सरकार ने ठोस कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुआवजा व्यवस्था को पूरी तरह बदलते हुए किसानों को सीधा आर्थिक लाभ देने का फैसला किया गया है।  अब 765, 400, 220 और 132 केवी की हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित जमीन पर पहले से कहीं ज्यादा मुआवजा मिलेगा. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि जहां टावर (खंभे) खड़े किए जाते हैं, उस जमीन के लिए किसानों को अब जमीन की कीमत का 200% यानी दोगुना मुआवजा मिलेगा. वहीं, जिन खेतों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजरती हैं, उस हिस्से (राइट ऑफ वे/कॉरिडोर) के लिए 30% मुआवजा दिया जाएगा।  क्यों जरूरी था यह बदलाव दरअसल, बिजली की बड़ी ट्रांसमिशन लाइनों के लिए जमीन की जरूरत पड़ती है. टावर लगाने के साथ-साथ उनके बीच से गुजरने वाली तारों के नीचे भी जमीन का उपयोग सीमित हो जाता है. किसान उस जमीन पर न तो निर्माण कर सकते हैं और न ही कई बार पूरी तरह खेती कर पाते हैं. पहले इस नुकसान के बदले किसानों को या तो बहुत कम मुआवजा मिलता था या कई मामलों में बिल्कुल नहीं मिलता था. यही वजह थी कि कई परियोजनाओं में स्थानीय स्तर पर विरोध भी देखने को मिलता था. ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि सरकार ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू की है, ताकि किसानों के साथ न्याय हो और परियोजनाएं भी बिना रुकावट आगे बढ़ सकें।  पहले क्या था नियम, अब क्या बदला अगर पुराने सिस्टम की बात करें, तो 2018 से पहले टावर के नीचे आने वाली जमीन पर अक्सर कोई स्पष्ट मुआवजा तय नहीं था. कई मामलों में किसानों को उचित भुगतान नहीं मिल पाता था. 2018 में इसमें सुधार किया गया और टावर बेस के नीचे जमीन की कीमत का करीब 85% मुआवजा देने का प्रावधान किया गया. लेकिन इसके बावजूद एक बड़ी कमी बनी रही लाइन के नीचे आने वाली जमीन (कॉरिडोर) के लिए कोई मुआवजा नहीं था. अब नई व्यवस्था में दोनों हिस्सों को शामिल किया गया है. टावर के नीचे जमीन का 200% (दोगुना) मुआवजा दिया जाएगा इसी तरह लाइन कॉरिडोर (तारों के नीचे) 30% मुआवजा दिया जाएगा. यानी अब किसान को उसकी जमीन के हर प्रभावित हिस्से का भुगतान मिलेगा।  कैसे तय होगा मुआवजा  मुआवजा तय करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित सर्किल रेट को आधार बनाया जाएगा. इसका मतलब है कि हर जिले में जमीन की जो सरकारी दर तय होती है, उसी के अनुसार भुगतान किया जाएगा. इससे मुआवजा प्रक्रिया पारदर्शी और एकसमान बनेगी. साथ ही विवाद की संभावना भी कम होगी. सरकार के मुताबिक, इस नए फैसले से किसानों को पहले के मुकाबले 21% से 33% तक ज्यादा लाभ मिलेगा. अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार के इस फैसले को अगर सरल भाषा में समझा जाए तो जहां पहले कम या कोई मुआवजा नहीं मिलता था, अब वहां सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा. जमीन का उपयोग भले सीमित हो, लेकिन उसका मुआवजा मिलेगा. लंबे समय से चल रही असंतोष की स्थिति खत्म होगी.  यह फैसला खास तौर पर उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जिनकी जमीन से होकर बड़ी बिजली लाइनें गुजरती हैं।   क्या होगा इसका असर सरकार का मानना है कि इस फैसले का असर सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे बिजली परियोजनाओं को भी गति मिलेगी. पहले जमीन से जुड़े विवादों और विरोध के कारण कई प्रोजेक्ट्स में देरी होती थी. अब जब किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा, तो उनकी सहमति भी आसानी से मिलेगी. इससे ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का काम तेजी से पूरा हो सकेगा, जिसका सीधा फायदा बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मिलेगा. ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यह नई व्यवस्था भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है. देश के कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की मुआवजा नीति लागू की जा रही है. उनका कहना है कि यह फैसला एक तरह से दो अहम जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है एक तरफ किसानों के अधिकार और दूसरी तरफ विकास की जरूरत. अक्सर देखा जाता है कि बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन लेने पर विवाद होता है. लेकिन अगर मुआवजा सही और समय पर मिले, तो यह टकराव काफी हद तक कम हो सकता है. उनका कहना है कि सरकार ने इस फैसले के जरिए यही संदेश देने की कोशिश की है कि विकास के साथ-साथ किसान हितों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।  जमीनी असर कब दिखेगा नई मुआवजा व्यवस्था लागू होने के बाद इसका असर धीरे-धीरे जिलों में दिखाई देगा. जहां भी नई ट्रांसमिशन लाइनें बनेंगी या पुराने मामलों का निपटारा होगा, वहां किसानों को इसका फायदा मिलेगा. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस नीति को सही तरीके से लागू किया गया, तो यह आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकता है।   

योगी की रैलियों में उमड़ी भीड़, बंगाल में जीत का बनता समीकरण

बंगाल भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक में से एक पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक प्रसिद्ध कविता है, ‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा.’ उनकी कविता की ये पंक्तियां आज बंगाल में साकार होती दिख रही है. भाजपा के मूल संगठन जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि में अब कमल खिलने जा रहा है. पश्चिम बंगाल में मतगणना जारी है. खबर लिखे जाने तक जो रुझान सामने आए हैं, उनके मुताबक बीजेपी करीब 190 सीटों पर आगे चल रही है. इन नतीजों के पीछे पूरे संगठन की मेहनत है. लेकिन इन सबसे इतर एक फैक्टर है जिसने इन चुनावों में खासा प्रभाव डाला है. विशेषकर जिन सीटों पर सीएम योगी ने प्रचार किया उनमें से अधिकतर सीटों पर भाजपा कब्जा करती दिख रही है. यानी योगी फैक्टर ने अपना जादू चला दिया है. बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश के नेताओं की महती भूमिका रही है. देशभर में किसी भी राज्य में चुनाव हों उसमें एक जोड़ी हमेशा हिट रही है. वो है मोदी और योगी की जोड़ी. इसी तरह बंगाल के चुनाव में भी उत्तर प्रदेश के प्रमुख चेहरों ने मोर्चा संभाला. जिसमें सबसे पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. उन्होंने लगातार जनसभाएं और रैलियां की. इतना ही नहीं, उन्होंने सीधे जनता से जुड़ने का प्रयास किया. दुकान पर जाकर झालमुड़ी खाना, लोगों के बीच जाना इसका उदाहरण है. जिसने लोगों को प्रभावित किया. वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पार्टी के पक्ष में जमकर माहौल बनाया है. मुख्यमंत्री योगी की डिमांड हर राज्य में रही है. बिहार के चुनाव हों, महाराष्ट्र के चुनाव हों, ओडिशा के चुनाव हों, छत्तीसगढ़ के चुनाव हों, मध्यप्रदेश या राजस्थान के चुनाव हों, हर प्रदेश में सीएम योगी की अपनी फैन फॉलोविंग है. हिंदुत्व की छवि वाले योगी किसी भी क्षेत्र में जाकर वहां की जनता के बीच गहरी छाप छोड़ते हैं. बंगाल में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. बंगाल में योगी की सभाओं में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली. योगी को सुनने के लिए बड़ा जनसमूह उतरा. कई जगहों पर इतनी भीड़ दिखी कि वहां पैर रखने तक की जगह नहीं थी. कुल मिलाकर योगी ने इस भीड़ को वोट में तब्दील करने का पूरा प्रयास किया. जिसका नतीजा सकारात्मक दिख रहा है. जिन जिन क्षेत्र में योगी ने सभाएं की वहां अधिकतर सीटों पर कमल खिलता दिख रहा है. इन सीटों पर बीजेपी को बढ़त     कल्याणी विधानसभा में भाजपा को बढ़त मिल रही है. यहां अनुपम बिस्वास आगे चल रही हैं.     नंदकुमार सीट में खानरा निर्मल आगे चल रहे हैं.     बागदा विधानसभा में सोमा ठाकुर आगे चल रही हैं.     कटवा में कृष्णा घोष ने बढ़त बनाई हुई है.     माथाभांगा (कूच बिहार) में निशीथ प्रमाणिक जीत की ओर बढ़ रहे हैं.     धूपगुड़ी विधानसभा में नरेश चंद्र राय लीड लिए हुए हैं.     बांकुरा विधानसभा सीट पर नीलाद्री शेखर आगे चल रहे हैं.     कांथी दक्षिण सीट में भी अरुप कुमार दास बढ़त बनाए हुए हैं.     गोपालपुर विधानसभा सीट से तरुणज्योति तिवारी आगे चल रहे हैं.     दम दम विधानसभा सीट से अरिजीत बख्शी बढ़त बनाए हुए हैं.     जोरासांको सीट से विजय ओझा लीड बनाए हुए हैं.     चकदहा विधानसभा में बंकिम चंद्र घोष आगे चल रहे हैं.     उदयनारायणपुर सीट पर प्रभाकर पंडित बढ़त बनाए हुए हैं.     पिंगला विधानसभा में स्वागता मन्ना आगे चल रही हैं.     जॉयपुर सीट से बिस्वजीत महतो बढ़त बनाए हुए हैं.     गारबेटा विधानसभा में पारादीप लोधा जीत की ओर बढ़ रहे हैं.     बाराबनी सीट पर अरिजीत रॉय आगे चल रहे हैं.     रामपुरहाट विधानसभा में ध्रुब साहा बढ़त बनाए हुए हैं.     सोनामुखी विधानसभा में दिबाकर घरामी आगे चल रहे हैं. बता दें कि जिन विधानसभाओं में योगी ने धुंआधार प्रचार किया है उनके आसपास के क्षेत्रों में भी उनका प्रभाव पड़ा है. बिहार में चला था मोदी-योगी का जादू बता दें कि 5 महीने पहले हुए बिहार चुनाव में 202 सीटों के साथ NDA की प्रचंड जीत हुई थी. भाजपा ने अकेले 89 सीटें जीती थीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 रैलियों से NDA को 97 सीटें दिलाई थीं. इसमें 44 नई सीटें थीं. पीएम का स्ट्राइक रेट 80% रहा था. इसी तरह सीएम योगी ने भी 80% स्टाइक रेट के साथ 98 सीटें जितवाई थीं. बिहार में सबसे ज्यादा डिमांड भी सीएम योगी की रैलियों, सभा और रोड शो की रही थी.

मुख्यमंत्री का आह्वान, हर विद्यार्थी एक पौधा जरूर लगाए, हर आंगनबाड़ी केंद्र 05 सहजन के पौधे रोपे जाएं

एक दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण कर यूपी फिर बनाएगा रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का आह्वान, हर विद्यार्थी एक पौधा जरूर लगाए, हर आंगनबाड़ी केंद्र 05 सहजन के पौधे रोपे जाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की वृहद पौधरोपण अभियान- 2026 की तैयारियों की समीक्षा, कहा पौधे लगाएं भी-बचाएं भी जनभागीदारी से सफल होंगे हरित क्रांति के प्रयास: मुख्यमंत्री विगत 09 वर्ष में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई वर्तमान में हरित आवरण 9.96%, वर्ष 2030 तक 15% और 2047 तक 20% हरित आवरण का लक्ष्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, इस वर्ष गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर हो वृहद पौधरोपण हरित उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम: नदियों के किनारे 4.35 करोड़ पौधरोपण की तैयारी रिकॉर्ड वृक्षारोपण के बाद अब फोकस जीवितता पर, टेक्नोलॉजी से होगी हर पौधे की निगरानी लखनऊ ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि विगत वर्षों में जनभागीदारी से प्रदेश ने वृक्षारोपण में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और अब इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। रविवार को वृहद पौधरोपण अभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में न्यूनतम 05 सहजन के पौधे लगाए जाएं, जबकि स्कूल-कॉलेजों में हर छात्र कम से कम एक पौधा लगाए। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जन-अभियान के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पिछले वर्षों में वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2009 से 2016 के बीच जहां 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2017 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ हो गई। इसी अवधि में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है और हरित आवरण लगभग 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कार्बन स्टॉक में वृद्धि के मामले में भी प्रदेश राष्ट्रीय औसत (1.13 प्रतिशत) से आगे है और 2.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हरित क्रांति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हर हाल में हासिल करना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्ष 2026 के अभियान को पूरी तरह वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग को अभियान की आधारशिला बताते हुए ग्रामीण और शहरी स्तर पर तैयार सभी माइक्रो प्लानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।  मुख्यमंत्री ने पौधों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से निःशुल्क एवं उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1935 विभागीय नर्सरियां संचालित हैं और 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसके लिए 34 नई नर्सरियों की स्थापना भी की गई है। उद्यान, रेशम और निजी क्षेत्र की नर्सरियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और उनकी जीवितता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ‘हरीतिमा’ ऐप, जीआईएस मैपिंग, क्यूआर कोड आधारित ट्रैकिंग तथा प्लांटेशन मॉनीटरिंग सिस्टम (पीएमएस) और नर्सरी मैनेजमेंट सिस्टम (एमएमएस) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वृक्षारोपण की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2025 के विशेष सर्वेक्षण में वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की जीवितता 80 प्रतिशत दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने शहीदों, स्वाधीनता संग्राम सेनानियों व अन्य हुतात्माओं के नाम पर वन/वाटिका के स्थापित करने पर बल दिया, नदियों के किनारे, हाइवे आदि के किनारे भी पौधे लगाए जाएं। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष अयोध्या में रामायणकालीन पौधे लगाने पर जोर दिया।  मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि 30 मई तक अपनी-अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लें और निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।  बैठक के दौरान वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को 'शेखा झील पक्षी विहार, अलीगढ़' के रामसर साइट घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुल 12 रामसर स्थल नामित किए जा चुके हैं, जो कुल 38,992.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित करते हैं। शेखा झील पक्षी विहार रामसर स्थल 40.309 हेक्टेयर क्षेत्रफल के साथ प्रदेश का सबसे छोटा रामसर स्थल है। 2016 में इसे पक्षी विहार के रूप में अधिसूचित किया गया था।

सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- 40 साल से यूपी में बंजर है कांग्रेस, अब सपा की बारी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. सीएम योगी ने कहा कि सपा ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिकारों पर डकैती डालने का काम किया है. आज विपक्ष महिलाओं के श्राप से श्रापित हो चुका है. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि 40 वर्ष बीत गए, लेकिन उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से बंजर जमीन बन गई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सपा ने कांग्रेस का समर्थन किया है, इसलिए सपा भी जल्द ही बंजर बन जाएगी।  सीएम योगी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के साथ हुए अन्याय और मौलवियों के सामने नाक रगड़ने की वजह से कांग्रेस की दुर्गति हुई. उन्होंने याद दिलाया कि यदि शाहबानो मामले में न्याय मिल गया होता तो कांग्रेस की यह हालत नहीं होती. कांग्रेस ने तीन तलाक की कुप्रथा का समर्थन किया और अब भी सुधरने के बजाय देश को कठमुल्लापन की ओर ले जाना चाहती है।  देख सपाई बिटिया घबराई मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्ष में डबल इंजन कि सरकार के कार्यों के परिणाम सामने है. पहले देख सपाई बिटिया घबराई का नारा पब्लिक लगाती थी. पहले लोग अपने बेटियों को पढ़ने के लिए UP से बाहर भेजते थे. आज महिला वर्क फ़ोर्स 26% और अर्थव्यवस्था 3 गुणा बढ़ी है. NCRB के मुताबिक हत्या में 43% गिरावट आई. दहेज़ उत्पीड़न में 19%, रेप दुष्कर्म में 67% की कमी आई. आज देश के सबसे बड़े राज्य के सदन में आधी आबादी के सम्मान पर चर्चा हो।  पूजा पाल का किया जिक्र  मुख्यमंत्री ने सपा पर माफियाओं के सामने नतमस्तक होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा विधायक पूजा पाल इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं. उन्होंने कहा कि जब राजू पाल की हत्या हुई थी, तब सपा माफियाओं के सामने झुक गई थी. सीएम ने आरोप लगाया कि सपा की सहानुभूति न तो पिछड़ों, दलितों और न ही पूजा पाल जैसे लोगों के प्रति है।  महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष की आलोचना योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर संसद में महिला आरक्षण बिल गिराने का आरोप लगाया और कहा कि बिल गिराने के बाद सपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे को बधाई दे रहे थे. उन्होंने कहा कि विपक्ष के इस आचरण से पूरा देश आहत है. सीएम ने सदन में कुछ पुरानी घटनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने मई 2014 में बदायूं की चचेरी बहनों से हुई घटना, जुलाई 2016 में बुलंदशहर के राजमार्ग पर हुए सामूहिक बलात्कार और आजम खान द्वारा इसे “राजनीतिक साजिश” बताने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि एक महिला ने एक विधायक पर बलात्कार का आरोप लगाया था, लेकिन न्याय मिलने के बजाय उस महिला की हत्या कर दी गई. लखनऊ के मोहनलालगंज में हुई शर्मनाक घटना का भी उन्होंने जिक्र किया. सीएम योगी ने कहा कि आजम खान और एसटी हसन जैसे नेता जेल से बयान देते थे और विपक्ष आज भी महिलाओं, दलितों और पिछड़ों के प्रति संवेदनशील नहीं है।