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योगी सरकार का ‘फ्यूचर रेडी’ एजुकेशन विजन, नोएडा CSR राउंड टेबल में जुटीं 100+ संस्थाएं

योगी सरकार के नेतृत्व में ‘फ्यूचर रेडी’ शिक्षा व्यवस्था पर जोर, नोएडा में सीएसआर राउंड टेबल, 100 से अधिक संस्थाओं की सहभागिता 2017 के बाद शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव, 96% स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं नॉलेज इकॉनमी की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश, युवाओं की क्षमता पर फोकस एनईपी 2020 के तहत समग्र, कौशल आधारित और तकनीक-सक्षम शिक्षा पर बल स्मार्ट क्लासरूम, एआई और शिक्षक प्रशिक्षण से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार निपुण भारत मिशन में यूपी तेजी से अग्रणी बनने की ओर शिक्षा सुधार में सीएसआर और कॉर्पोरेट भागीदारी को मिला बढ़ावा डिजिटल, एसटीईएम और कौशल विकास के लिए संस्थाओं ने दिए सहयोग प्रस्ताव नोएडा / लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र को भविष्य उन्मुख, तकनीक सक्षम एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा इन्वेस्ट यूपी एवं सीएसआरबॉक्स के सहयोग से नोएडा में “उत्तर प्रदेश सीएसआर राउंड टेबल 2026 ऑन फ्यूचर रेडी एजुकेशन” का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के कॉर्पोरेट, सीएसआर संस्थानों एवं विकास क्षेत्र के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा विभाग संदीप सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि पहले जहां विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज 96 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में शौचालय, पेयजल, बिजली सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। यह परिवर्तन प्रदेश में शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा युवा शक्ति वाला राज्य है, जिसे सकारात्मक दिशा देकर “नॉलेज इकॉनमी” के रूप में विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अब शिक्षा प्रणाली को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों के समग्र विकास, कौशल, नवाचार एवं रुचि आधारित शिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ कॉर्पोरेट एवं सीएसआर संस्थाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इन्वेस्ट यूपी द्वारा संचालित सीएसआर फैसिलिटेशन मॉडल की सराहना करते हुए इसे और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया, ताकि शासन एवं निजी क्षेत्र के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित हो सके। राउंड टेबल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, पीएम योजना एवं राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान, डिजिटल एवं एआई आधारित शिक्षा, विद्यालयी अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, शिक्षक क्षमता निर्माण, बालिका शिक्षा तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास जैसे विषय प्रमुख रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा डिजिटल शिक्षा, स्टेम (STEM), एआई, शिक्षक प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति एवं कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग हेतु आशय पत्र प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार एवं देश की अग्रणी संस्थाओं के मध्य समझौते भी हुए, जो प्रदेश में आधुनिक शिक्षा एवं कौशल विकास को नई दिशा देंगे। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक बेसिक शिक्षा  मोनिका रानी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीएम के सरकारी आवास पर आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम, 17 निवेशकों को मिलेगा औद्योगिक आवंटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निवेशकों को सौंपेंगे आवंटन पत्र सीएम के सरकारी आवास पर आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम, 17 निवेशकों को मिलेगा औद्योगिक आवंटन निवेश और उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार, दो निवेश परियोजनाओं का भी होगा उद्घाटन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार 22 मई को मुख्यमंत्री राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर निवेशकों को एक विशेष कार्यक्रम में आवंटन पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 निवेशकों को औद्योगिक आवंटन पत्र प्रदान करेंगे, जिससे प्रदेश में नए निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। सायंकाल होने वाले इस कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता भी उपस्थित रहेंगे और निवेशकों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान सीईएससी ग्रीन्स और आईबी सोलर की दो निवेश परियोजनाओं का उद्घाटन भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवेशकों के साथ संवाद कर उन्हें प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं और सरकार की योजनाओं से भी अवगत कराएंगे। अंत में सभी प्रतिभागियों के साथ ग्रुप फोटो का भी कार्यक्रम निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि योगी सरकार की निवेशक अनुकूल नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज प्रशासनिक फैसलों के कारण उत्तर प्रदेश लगातार बड़े निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। सरकार का फोकस प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर भी है।

स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तत्परता से खड़ी है सरकार: सीएम योगी

पीएम मोदी के नेतृत्व में बना स्पोर्ट्स का शानदार ईको सिस्टम: मुख्यमंत्री 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के विजेताओं को पुरस्कृत किया सीएम योगी ने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तत्परता से खड़ी है सरकार: सीएम योगी स्पोर्ट्स क्षेत्र में विकसित हुए बेहतरीन ईको सिस्टम का परिणाम है रामगढ़ताल: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप देश और सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में पिछले 11-12 वर्षों में स्पोर्ट्स का शानदार ईको सिस्टम विकसित हुआ है। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व प्रोत्साहन के लिए सरकार पूरी तत्परता से खड़ी है। स्पोर्ट्स क्षेत्र में विकसित हुए बेहतरीन ईको सिस्टम का ही परिणाम रामगढ़ झील (रामगढ़ताल) भी है। 2017 के पहले जो रामगढ़ताल क्षेत्र गंदगी व अपराध का गढ़ था, वहां आज रोइंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए राष्ट्रीय महिला टीम के प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन संभव हुआ है।  सीएम योगी गुरुवार को रामगढ़ताल में रोइंग फेडरेशन आफ इंडिया की तरफ से आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 20 राज्यों से आए रोइंग खिलाड़ियों की सहभागिता वाली इस प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी ऊर्जा व शक्ति का सही दिशा में सकारात्मक उपयोग करने वाले देश का भविष्य उज्ज्वल होता है। खिलाड़ी हमेशा सकारात्मक सोच और टीम भावना के साथ कार्य करता है। वह नशा व नकारात्मकता से दूर रहकर स्व अनुशासन के साथ समाज को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ता है।  ‘चरैवेति-चरैवेति’ ही जीवन का मंत्र सीएम योगी ने कहा, मुकाबले के दौरान ताल में खिलाड़ियों के सामने तेज हवाओं को देखकर मेरे मन में महान साहित्यकार सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियां याद आ गईं- ‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’ यह जीवन का सच है कि जो डर गया, वह मर गया। जो भाग गया उसको समाज, देश और ईश्वर भी कभी माफ नहीं करते। इसीलिए, जीवन का एक ही मंत्र है और वह है- ‘चरैवेति-चरैवेति’, यानी चलते रहो-चलते रहो। सम और विषम परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए अपने आप को तैयार करते रहो। भारतीय मनीषा ने भी सदैव यही प्रेरणा दी है।  हर गांव में विकसित हो रहे खेल के मैदान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश में 2017 के पहले खेल सुविधाओं का नितांत अभाव था, वहां आज हर गांव में खेल के मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। गांव-गांव में प्रतियोगिताएं हो रही हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में खेलो इंडिया खेलो, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता, विधायक खेलकूद प्रतियोगिता तथा ग्रामीण लीग प्रतियोगिता के माध्यम से खेल गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ी है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। गोरखपुर में भी विगत दिनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।  पदक विजेता 534 खिलाड़ियों को सीधी भर्ती से मिली नौकरी सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में कोई खेल नीति नहीं थी। हमारी सरकार ने खेल नीति विकसित की। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को नौकरी की गारंटी दी। ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ, विश्व चैंपियनशिप आदि में पदक विजेता 534 खिलाड़ियों की पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों में सीधी भर्ती की गई है। 500 और खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के जरिये नौकरी देने का कार्य शुरू किया जा रहा है।  रोइंग खिलाड़ियों ने आगे बढ़ाया ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ विजन सीएम योगी ने कहा कि 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में 20 राज्यों के लगभग 300 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग कर पीएम मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ विजन को आगे बढ़ाया है। भारत में रोइंग प्रतिस्पर्धाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। प्रदेश सरकार द्वारा रामगढ़ताल के समीप एक वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी विकसित किया गया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए जरूरी स्पोर्ट्स साइंस, डेटा एनालिटिक्स, मेंटल फिटनेस एवं आधुनिक प्रशिक्षण जैसी तमाम सुविधाएं देश में उपलब्ध हो रही हैं। आने वाले समय में रामगढ़ताल में रोइंग, कयाकिंग, कैनोइंग एवं जल क्रीडा से संबंधित अन्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। वर्ष 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होंगे। उसमें महिला टीम के प्रशिक्षण हेतु रामगढ़ताल को चुना गया है। प्रशासन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करे। अच्छे कोच व विशेषज्ञों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए ताकि सुगमतापूर्वक प्रशिक्षण संचालित हो सके।  यूपी में वाटर स्पोर्ट्स की समृद्ध संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं बहुत समृद्ध हैं। प्रदेश में गंगा, यमुना, सरयू, गंडक, राप्ती जैसी पावन नदियां विद्यमान हैं, जहां वाटर स्पोर्ट्स को आगे बढ़ाया जा सकता है। बलिया, कुशीनगर, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, कानपुर जैसे शहरों में वाटर स्पोर्ट्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में आधुनिक ईको सिस्टम उपलब्ध है। सीएम योगी ने बढ़ाया रोइंग खिलाड़ियों का उत्साह मुख्यमंत्री ने जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के दो फाइनल मुकाबलों (दो किमी बालिका डबल स्कल और दो किमी बालक क्वाड्रपल स्कल) का अवलोकन कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने ताली बजाकर खिलाड़ियों के जुनून की सराहना की। इसके पहले कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर रोइंग फेडरेशन/एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीएम योगी का स्वागत किया।  सीएम योगी के नेतृत्व में खेल व खिलाड़ियों को भरपूर प्रोत्साहन: खेल मंत्री समारोह में खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में विकास का उदाहरण पेश कर रहा है। खेल व खिलाड़ियों के लिए हर तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर और भरपूर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास हो चुका है तो यहां का रामगढ़ताल रोइंग की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार हो चुका है। सपा सरकार में जिस रामगढ़ताल की पहचान गंदगी और अपराध से जुड़ी हुई थी, जहां गोलियां चलती थीं, वहां अब सीएम योगी के विजन से राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं … Read more

सीएम योगी ने रामगढ़ताल में की क्रूज की सवारी

सीएम योगी ने रामगढ़ताल में की क्रूज की सवारी लहरों पर विहार करने के साथ मुख्यमंत्री ने ताल की साफ-सफाई का लिया जायजा गोरखपुर जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन पर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार शाम जनप्रतिनिधियों के साथ नैसर्गिक रामगढ़ताल में लेक क्वीन क्रूज की सवारी की। करीब 25 मिनट तक क्रूज पर सवार होकर मुख्यमंत्री निखरे ताल की लहरों के स्पंदन की आनंदानुभूति करने के साथ गोरखपुर की नई विकसित पहचान को ताल के किनारे उमड़ी भीड़ से महसूस करते रहे। ताल की लहरों पर विहार करने के दौरान सीएम ने इस विशाल प्राकृतिक झील की साफ-सफाई का भी जायजा लिया।  रामगढ़ताल के कायाकल्प का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। उनके विजन से निखरा-संवरा रामगढ़ताल न केवल नए गोरखपुर की नई पहचान बन चुका है बल्कि इसकी गिनती अब इस अंचल के खूबसूरत पर्यटन स्थल के रूप में भी होती है। पर्यटन विकास के साथ यहां बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हुआ है। इस ताल में बड़े महानगरों की तर्ज पर क्रूज और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का भी संचालन हो रहा है। साथ ही ताल में वाटर स्पोर्ट्स की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं ने इसे नेशनल फेम दिला दिया है।  जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में पुरस्कार वितरण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेक क्वीन क्रूज पर पहुंचे। यहां उन्होंने क्रूज की सवारी के बीच ताल की स्वच्छता का भी निरीक्षण किया। उनके साथ कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ फोटो भी खिंचवाई।

यूपी रोडवेज बसों की लाइव ट्रैकिंग से यात्रियों का सफर हुआ ज्यादा सुरक्षित

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों की लाइव ट्रैकिंग से सुरक्षित बनाया जा रहा यात्रियों का सफर प्रतिदिन 16 लाख से ज्यादा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही योगी सरकार निगम की 13,500 से अधिक बसों को वीएलटीडी से जोड़ा गया बस के साथ ही ड्राइवरों की हर गतिविधि की हो रही कमांड सेंटर से निगरानी मार्गदर्शी पोर्टल पर यात्री भी बसों की देख पा रहे लाइव लोकेशन लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास करती आ रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) यात्रियों को सुरक्षित, सुगम यात्रा का अनुभव देने के लिए बड़े पैमाने पर नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। यूपीएसआरटीसी की लगभग सभी बसों की लाइव ट्रैकिंग हो रही है, ताकि प्रतिदिन इन बसों में सफर करने वाले 16 लाख से अधिक यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके। यूपीएसआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए 13,500 से अधिक बसों को व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) से जोड़ा जा चुका है। इसकी ट्रैकिंग लखनऊ स्थित मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से हो रही है। बस ड्राइवरों की जवाबदेही भी तय की गई उन्होंने बताया कि इन बसों में प्रतिदिन 16 लाख से अधिक लोग यात्रा कर रहे हैं। बसों की ट्रैकिंग के लिए हर रोज 24 घंटे मुख्यालय का कमांड सेंटर और 20 रीजनल मॉनिटरिंग सेंटर एक्टिव रहते हैं। यहां से बस की ओवर स्पीड, तेज ब्रेक लगाने, तेज गति में बस मोड़ने, तय सीमा से अधिक रफ्तार पर बस चलाने, तय रूट समेत अन्य पर नजर रखी जा रही है। इसकी मुख्यालय से रोज रिपोर्ट तैयार होती है और गलती पाए जाने पर बस ड्राइवर को चेतावनी या कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इससे प्रदेश में दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा रही है। पैनिक बटन दबाते ही एक्शन शुरू लाइव ट्रैकिंग के साथ इन बसों में हादसे या आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन भी लगाए गए हैं। इनका इस्तेमाल होते ही अलर्ट यूपीएसआरटीसी कमांड सेंटर के साथ यूपी पुलिस के कंट्रोल रूम को भी जाता है। इसके बाद फौरन कंडक्टर से संबंधित विभागों द्वारा बात कर उचित एक्शन लिया जाता है। यूपीएसआरटीसी के मुताबिक हर रोज 5 हजार से अधिक अलर्ट आते हैं। जरूरत के हिसाब से मदद उपलब्ध कराई जाती है। पोर्टल और वेबसाइपट के जरिए यात्रियों को सुविधा यूपीएसआरटीसी के मार्गदर्शी पोर्टल और निगम की वेबसाइपट पर ट्रैक माई बस के जरिए यात्रियों को काफी सुविधा मिल रही है। यात्री बस की लोकेशन कहीं से भी लाइव देख सकते हैं।

स्वतंत्र देव सिंह बोले- पहले भर्तियों में होती थी लूट, ‘चाचा-भतीजा’ करते थे खेल

जब-जब भर्तियां निकलती थीं 'चाचा-भतीजा' लूटने के लिए झोला लेकर निकल पड़ते थे : स्वतंत्र देव सिंह – सपा सरकार में हुई नियुक्तियों और भर्तियों की योगी सरकार के मंत्रियों ने खोली पोल  – कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अखिलेश पर साधा निशाना  – 2004-07 पुलिस भर्ती घोटाले पर योगी सरकार के मंत्रियों ने सपा को घेरा – सपा सरकार में भर्ती मतलब सेटिंग और वसूली : स्वतंत्र देव सिंह  – योगी सरकार में पारदर्शी ढंग से हुईं 9 लाख भर्तियां : स्वतंत्र देव सिंह – सपा की असली ऑडिट रिपोर्ट जनता के पास है : असीम अरुण – यूपीपीएससी में एक जाति विशेष को फायदा पहुंचाया गया : असीम अरुण – योगी सरकार में नकल माफिया की कमर तोड़ दी गई, इसीलिए बौखलाए हैं अखिलेश : असीम अरुण  लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों स्वतंत्र देव सिंह और असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सपा सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार, जातिवाद और पैसे के खेल का अड्डा बन चुकी थी। दोनों मंत्रियों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था स्थापित कर युवाओं का भरोसा लौटाया है, जबकि सपा शासन में नौकरी निकलते ही 'चाचा-भतीजा वसूली तंत्र' सक्रिय हो जाता था। भर्ती निकलते ही झोला लेकर निकल जाते थे चाचा-भतीजा जल शक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में जब-जब नियुक्तियों और रोजगार के विज्ञापन निकलते थे, तब-तब चाचा-भतीजा लूट के लिए झोला लेकर निकल जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर भर्ती तक हर जगह खुला रेट चलता था और बिना पैसे व सिफारिश के कोई काम नहीं होता था। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में लगभग 9 लाख सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई हैं। समाज के सभी वर्गों के युवाओं को अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि आज हर गांव में 4-5 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। न जातिवाद चला, न क्षेत्रवाद। केवल योग्यता के आधार पर चयन हुआ।  दलितों और शोषितों को दबाने का काम करती थी सपा सरकार स्वतंत्र देव सिंह ने आरोप लगाया कि सपा शासन में दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्गों को व्यवस्थित रूप से दबाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और लूट-खसोट उस सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुके थे। सपा सरकार में हर काम में भ्रष्टाचार था। जनता सब देख चुकी है और समझ चुकी है। 2004-07 की भर्ती घोटाले की ऑडिट रिपोर्ट जनता के सामने है समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने भी अखिलेश यादव की कथित 'पीडीए ऑडिट रिपोर्ट' पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता के पास सपा सरकार की असली 'ऑडिट रिपोर्ट' पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा कि 2004 से 2007 के बीच मुलायम सिंह यादव सरकार में पुलिस भर्ती घोटाला हुआ था, जिसमें व्यापक धांधली के आरोप लगे। असीम अरुण ने कहा कि मायावती सरकार बनने के बाद 50 से अधिक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया और पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा। बाद में सीबीआई ने मामले में चार्जशीट दाखिल की। उन्होंने कहा कि मायावती सरकार ने 2007 में पुलिस भर्ती की पारदर्शी व्यवस्था लागू की थी, लेकिन 2012 में अखिलेश सरकार ने उसे खत्म कर 10वीं और 12वीं के नंबर के आधार पर भर्ती शुरू कर दी, जिससे पक्षपात और धांधली के आरोप फिर बढ़े। योगी सरकार ने बिना सिफारिश सवा दो लाख पुलिस भर्ती की असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार ने पहली बार ऐसी भर्ती व्यवस्था दी, जिसमें बिना सिफारिश और बिना पैसे के केवल योग्यता के आधार पर चयन हुआ। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग सवा दो लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती पारदर्शी तरीके से कराई गई है और कुल मिलाकर लगभग 9 लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि आज नकल माफिया की कमर टूट चुकी है। परीक्षा माफियाओं पर कार्रवाई हो रही है। इसी वजह से अखिलेश यादव बौखलाए हुए हैं। यूपीपीएससी में एक जाति विशेष की भर्तियां हुईं असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान यूपीपीएससी में हुई नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने अनिल यादव को यूपीपीएससी का चेयरमैन बनाया, जिसकी नियुक्ति को हाईकोर्ट ने बाद में रद्द कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में एक जाति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रभावित की गई। सामान्य वर्ग की सीटों पर भी एक ही जाति के लोगों की भर्ती कराई गई। यही सपा की असली ऑडिट रिपोर्ट है। राहुल गांधी राजनीतिक पर्यटक बन चुके हैं राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए असीम अरुण ने कहा कि कांग्रेस नेता अमेठी और रायबरेली में 'राजनीतिक पर्यटक' की तरह आते हैं और हर बार विवाद पैदा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 7.6 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है और यह दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ऊर्जा बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन राहुल गांधी ऊल-जुलूल बयान देकर सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। जनता सब जानती है दोनों मंत्रियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा शासन और योगी सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से देख चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जहां पहले भर्ती प्रक्रिया जातिवाद और भ्रष्टाचार से प्रभावित रहती थी, वहीं अब पारदर्शिता, तकनीक और मेरिट के आधार पर चयन हो रहा है।

शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, योगी सरकार विकसित करेगी इनोवेशन कल्चर

परिषदीय और केजीबीवी में इनोवेशन कल्चर विकसित करेगी योगी सरकार – 'भारत इनोवेट्स 2026' अभियान के माध्यम से सरकारी स्कूलों के बच्चों को डीप टेक्नोलॉजी और वैज्ञानिक सोच से जोड़ने की तैयारी – विद्यालयों में संगोष्ठी, टेक्नोलॉजी आधारित विशेष कक्षाएं, क्विज और निबंध प्रतियोगिताएं होंगी आयोजित – गांव और कस्बों के बच्चों तक आधुनिक और नवाचार आधारित शिक्षा पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम लखनऊ,  योगी सरकार परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ देश के उभरते इनोवेशन और तकनीकी बदलावों से जोड़कर भविष्य के लिए तैयार करने में जुट गई है। 'भारत इनोवेट्स 2026' अभियान के माध्यम से पहली बार गांव और कस्बों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को डीप टेक्नोलॉजी, रिसर्च, नवाचार और वैज्ञानिक सोच से जोड़ने की बड़ी पहल शुरू की गई है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चे तक भी वही आधुनिक सीखने का माहौल पहुंचे, जो अब तक चुनिंदा संस्थानों और बड़े शहरों तक सीमित माना जाता था। सरकार द्वारा अब परिषदीय और केजीबीवी विद्यालयों में संगोष्ठी, टेक्नोलॉजी आधारित विशेष कक्षाएं, नवाचार क्विज और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में वैज्ञानिक सोच और इनोवेशन कल्चर विकसित करने की तैयारी की जा रही है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश के सभी परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 'भारत इनोवेट्स 2026' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत मई 2026 के दौरान विद्यालयों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की सहभागिता से विभिन्न नवाचार आधारित गतिविधियां कराई जाएंगी। प्रतियोगिता तथा निबंध लेखन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों में 'विकसित भारत के नवाचार परिदृश्य' विषय पर संगोष्ठी, 'डीप टेक्नोलॉजी' विषय पर विशेष कक्षाएं, 'भारत क्विज- भारत के नवाचार को कौन जानता है?' प्रतियोगिता तथा निबंध लेखन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उनमें जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है। भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से हो सकेंगे तैयार योगी सरकार की रणनीति है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी देश और दुनिया में हो रहे तकनीकी बदलावों और नवाचारों से परिचित हों। यही कारण है कि अब परिषदीय विद्यालयों में भी इनोवेशन और रिसर्च आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जब बच्चों को शुरुआती स्तर पर वैज्ञानिक सोच, तकनीक और नवाचार से जोड़ा जाएगा तो वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। स्वयंसेवी संस्थाओं का भी लिया जाएगा सहयोग विद्यालयों में कार्यक्रमों के आयोजन के लिए स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं और विशेषज्ञों का सहयोग भी लिया जाएगा। शासन ने निर्देश दिए हैं कि गतिविधियों को अधिक प्रभावी और सहभागितापूर्ण बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इसमें शामिल हो सकें। इसके साथ ही विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों की फोटो, वीडियो और नवाचार से जुड़ी जानकारियों का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। तकनीक और नवाचार संस्कृति से जोड़ने का प्रयास योगी सरकार पहले ही निपुण भारत मिशन, स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग और स्कूल कायाकल्प जैसे अभियानों के जरिए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने पर काम कर रही है। अब 'भारत इनोवेट्स 2026' अभियान को उसी व्यापक विजन का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी भविष्य की तकनीक और नवाचार संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

एआई मिशन को गति देगा यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डाटा सेंटर क्लस्टर, प्रोजेक्ट गंगा और गेहूं प्रसंस्करण नीति की उच्च स्तरीय समीक्षा की एआई मिशन को गति देगा यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर: मुख्यमंत्री बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र से शुरू की जा सकती है परियोजना, बड़े पैमाने पर उपलब्ध है भूमि: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने मंडी शुल्क व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर दिया जोर, मंडियों को आधुनिक, स्वच्छ और आकर्षक बनाने का दिया निर्देश मंडियों में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, पर्वों के दौरान लाइटिंग, अतिक्रमण हटाने और बेहतर प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएः मुख्यमंत्री अल नीनो के संभावित प्रभाव के चलते मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, राज्य के खाद्यान्न भंडार पर्याप्त और मजबूत होने चाहिए “प्रोजेक्ट गंगा” के तहत जिन युवाओं को डिजिटल उद्यमी के रूप में चुना जाए, उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के तेजी से विस्तार और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर बल दिया  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रदेश के भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विषयों, उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर क्लस्टर (यूपीडीसीसी), प्रोजेक्ट गंगा तथा गेहूं के इन-हाउस प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए मंडी शुल्क एवं मंडी सेस में संभावित छूट जैसे महत्वपूर्ण विषयों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर (यूपीडीसीसी) की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश के एआई मिशन की बुनियादी संरचना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि डाटा सेंटर क्लस्टर केवल एनसीआर क्षेत्र तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों को भी इससे जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसकी शुरुआत बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र से की जा सकती है, जहां बड़े पैमाने पर भूमि उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि टाटा समूह सहित बड़ी टेक कंपनियों से संवाद स्थापित कर लखनऊ को “एआई सिटी” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए। बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर क्लस्टर  प्रदेश को भारत और ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा  एआई कंप्यूट पावर सेंटर बनाने की दीर्घकालिक रणनीति है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-टेक डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाना है। प्रस्तुतीकरण में कहा गया कि यह केवल एक परियोजना नहीं बल्कि अगले 50 वर्षों के लिए उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक संरचना का खाका है। इसके तहत वर्ष 2040 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था, 1.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और 5 गीगावॉट एआई कंप्यूट कॉरिडोर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2040 तक दुनिया की नई अर्थव्यवस्था एआई, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे “फ्यूचर एरेना” के इर्द-गिर्द विकसित होगी, जिनका संयुक्त वैश्विक बाजार 29 से 48 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। भारत के लिए एआई सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज, क्लाउड सर्विसेज, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर्स, एयरोस्पेस और ईवी जैसे सेक्टर भविष्य के प्रमुख आर्थिक इंजन होंगे। बैठक में उत्तर प्रदेश की पांच प्रमुख संरचनात्मक ताकतों- भौगोलिक स्थिति, विशाल भूमि उपलब्धता, बड़ी युवा आबादी, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत नेतृत्व को रेखांकित किया गया। कहा गया कि उत्तर प्रदेश का इनलैंड लोकेशन इसे समुद्री जोखिमों और चक्रवातों से सुरक्षित बनाता है, जबकि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से तेजी से विकसित हो रहे हैं। आईआईटी कानपुर, एनआईटी प्रयागराज और 50 से अधिक इंजीनियरिंग संस्थानों के कारण राज्य में विशाल तकनीकी प्रतिभा उपलब्ध है। बैठक में उत्तर प्रदेश को “एशिया का मोस्ट सिक्योर, स्केलेबल एवं कनेक्टेड इनलैंड एआई टेरिटरी” बताया गया। कहा गया कि देश के लगभग सभी प्रमुख फाइबर नेटवर्क यूपी से होकर गुजरते हैं और राज्य भारत के सभी समुद्री केबल लैंडिंग पॉइंट्स से जुड़ा हुआ है। राज्य के भीतर 5 मिलीसेकंड से कम लेटेंसी तथा मुंबई और चेन्नई जैसे डिजिटल हब तक 5–12 मिलीसेकंड कनेक्टिविटी उपलब्ध है। वैश्विक टेक कंपनियों के लिए यूपी कम लागत, बेहतर स्केलेबिलिटी और अधिक नेटवर्क रिडंडेंसी वाला आदर्श एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब है। प्रोजेक्ट गंगा मुख्यमंत्री ने “प्रोजेक्ट गंगा” यानी गवर्नेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन युवाओं को डिजिटल उद्यमी के रूप में चुना जाए, उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य करने वाली कंपनियां भी इन युवाओं का उपयोग कर सकें, ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के तेजी से विस्तार और कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत से ही डिजिटल उद्यमियों को उचित इंसेंटिव उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रोजेक्ट गंगा ग्रामीण उत्तर प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचाने की महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य केवल इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं बल्कि टेलीमेडिसिन, डिजिटल शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, ई-गवर्नेंस, डिजिटल रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है। परियोजना के तहत 10 हजार से अधिक युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (डीएसपी) के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष और 1 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। योजना के तहत 20 लाख से अधिक घरों को फाइबर आधारित हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक डीएसपी अपने क्षेत्र में 200 से 300 घरों को कनेक्ट कर सकेगा। महिला उद्यमिता को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है और लगभग 50 प्रतिशत महिला उद्यमियों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। बैठक में बताया गया कि केवल मोबाइल इंटरनेट के जरिए सीमित सेवाएं संभव हैं, जबकि वास्तविक डिजिटल परिवर्तन के लिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड आवश्यक है। एआई आधारित कृषि, ड्रोन मॉनिटरिंग, स्मार्ट विलेज, वर्चुअल लैब, टेलीमेडिसिन और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी सेवाओं के लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी बताया गया। प्रोजेक्ट गंगा के तहत डीएसपी केवल इंटरनेट सेवा प्रदाता नहीं होंगे, बल्कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का संपूर्ण नेटवर्क विकसित करेंगे। वे हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, आईपीटीवी, ओटीटी एक्सेस, सीसीटीवी समाधान, पब्लिक वाई-फाई, साइबर सिक्योरिटी और एंटरप्राइज कनेक्टिविटी जैसी सेवाएं प्रदान करेंगे। योजना के तहत प्रत्येक डीएसपी को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना फिलहाल 21 प्राथमिक जिलों में “प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट” के रूप में शुरू करने की तैयारी में है और इसके बाद इसे … Read more

क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा मुद्दों पर हुई चर्चा, बैठक में शामिल हुए योगी आदित्यनाथ

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की अध्यक्षता, चार राज्यों के मुख्यमंत्री हुए शामिल कुपोषण उन्मूलन, स्कूल ड्रॉपआउट में कमी लाने, यौन अपराधों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने एवं राज्य-स्तरीय साइबर हेल्पलाइन जैसे अहम विषयों पर हुई चर्चा  लखनऊ मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक  छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मेजबान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी मौजूद रहे।  बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में सहभाग किया। बैठक में जनकल्याण, सुशासन, क्षेत्रीय विकास, कुपोषण उन्मूलन, स्कूल ड्रॉपआउट में कमी लाने, यौन अपराधों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित करने एवं राज्य-स्तरीय साइबर हेल्पलाइन जैसे अहम विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने लिखा कि सहकारी संघवाद, समन्वित विकास और राज्यों के मध्य बेहतर तालमेल को नई दिशा देने वाला यह मंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकसित भारत' के सामूहिक संकल्प को और अधिक सशक्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का किया आत्मीय स्वागत

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मान दिया।               उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय, विकास और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।           इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों, राज्यों के बीच आपसी समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।