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योगी आदित्यनाथ ने किया बाबा विश्वनाथ व काल भैरव के मंदिर में दर्शन

बाबा विश्वनाथ व काल भैरव के दरबार में माथा टेका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठाधीश्वर ने लोकमंगल और प्रदेश की खुशहाली की कामना की  मंदिर में श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा वाराणसी  मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह काशी पहुंचे। उन्होंने यहां बाबा विश्वनाथ धाम व काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में माथा टेक कर पूजन-अर्चन किया। उन्होंने लोकमंगल और प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की।  बाबा काल भैरव मंदिर में मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। साथ ही आसपास के घरों में नन्हे-मुन्नों को दुलारा। काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन करने आए भक्तों ने मुख्यमंत्री को देखकर ‘हर-हर महादेव’ का जयकारा लगाया। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं का अभिवादन किया।  इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री बुधवार सुबह बड़ा लालपुर स्थित चांदमारी निवासी राजीव कृष्ण के आवास पर पहुंचे। उन्होंने यहां मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होकर परिवारजनों को शुभकामनाएं दीं।

सामूहिक विवाह योजना से बेटियों को सम्मान, कमजोर परिवारों के लिए मुख्यमंत्री की पहल

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: आर्थिक कमजोर परिवारों को बड़ा सहारा, बेटियों को मिल रहा सम्मानजनक जीवन योगी सरकार की पहल से सुनिश्चित हुआ प्रदेश की बेटियों का रीति-रिवाज के मुताबिक विवाह  खाने से लेकर जरूरी सामान तक की पूरी व्यवस्था, पारदर्शी प्रक्रिया से मदद सीधे लाभार्थियों तक लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर सामने आई है। योगी सरकार की इस पहल ने प्रदेश की लाखों बेटियों के विवाह को न केवल आसान बनाया है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक तरीके से नई जिंदगी शुरू करने का अवसर भी दिया है। शादी जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजन में होने वाले भारी खर्च से जूझ रहे परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 76,522 विवाह इस योजना के तहत सम्पन्न करा चुकी है। योगी सरकार की पहल से बढ़ा भरोसा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत वर्ष 2017-18 में की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित करना है। योजना के तहत प्रति जोड़े 1 लाख की सहायता दी जाती है। इसमें 60,000 सीधे वधू के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं, जबकि 25,000 के उपहार और आवश्यक सामान तथा 15,000 विवाह आयोजन की व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत धनराशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है और लोगों का भरोसा इस योजना पर लगातार बढ़ा है। खाने से लेकर जरूरी सामान तक पूरी व्यवस्था इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि योगी सरकार विवाह की पूरी जिम्मेदारी अपने स्तर पर सुनिश्चित करती है। सामूहिक विवाह समारोह में खान-पान, पंडाल, सजावट और अन्य व्यवस्थाएं सरकारी स्तर पर की जाती हैं। इसके साथ ही नवविवाहित जोड़े को कपड़े, बर्तन, पायल, बिछिया सहित अन्य जरूरी घरेलू सामान भी उपलब्ध कराया जाता है। इन सभी के चीजों लिए रुपये निर्धारित हैं। इससे गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलती है और वह अपनी बेटियों की शादी बिना किसी तनाव के कर पाते हैं। पारदर्शी प्रक्रिया, सीधे खाते में सहायता योजना की पारदर्शिता इसकी सफलता का प्रमुख आधार है। लाभार्थियों का चयन निर्धारित पात्रता के आधार पर किया जाता है, जिसमें परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से कम होना जरूरी है। आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिससे इच्छुक परिवार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सहायता राशि सीधे वधू के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और लाभ सीधे जरूरतमंद तक पहुंचता है। लाखों बेटियों का हुआ सम्मानजनक विवाह योजना की लोकप्रियता और प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025- 26 में करीब 76,522 विवाह इस योजना के तहत सम्पन्न कराए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना ने प्रदेश के हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाई है और गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी है। इससे न केवल आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। सामाजिक समरसता को मिल रहा बढ़ावा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दे रही है। सामूहिक विवाह के माध्यम से समाज में समानता और एकता का संदेश दिया जा रहा है। अलग-अलग वर्गों और समुदायों के लोग एक ही मंच पर विवाह कर एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। पात्रता और आवेदन प्रक्रिया आसान समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से कम है। लाभार्थी शादी अनुदान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार योजना से जुड़ सकें।

गो सेवा से समृद्धि: यूपी की डेयरी सेक्टर बनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

गो सेवा से समृद्धि का मॉडल, यूपी में डेयरी सेक्टर बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार मिनी नंदिनी योजना से गांव-गांव में रोजगार, सालाना 10–12 लाख की आय तक पहुंच रहे युवा सीएम योगी ने बदली तस्वीर, साहिवाल एवं गिर गोवंशों के जरिए बड़े पैमाने पर पैदा हो रहा रोजगार योगी सरकार ने तैयार की उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अपार संभावनाएं लाभार्थियों की जुबानी, धरातल पर योजनाओं की सफलता की कहानी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में गो सेवा अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला एक सशक्त आर्थिक मॉडल बनकर उभरी है। योगी सरकार में डेयरी सेक्टर ने जिस तेजी से विस्तार किया है, उसने न केवल किसानों और युवाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि गांवों में रोजगार के स्थायी अवसर भी पैदा किए हैं। “मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना” और “नंद बाबा दुग्ध मिशन” जैसी पहल ने इस बदलाव को जमीनी स्तर पर साकार किया है। आज प्रदेश के हजारों युवा डेयरी उद्यम के माध्यम से सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं, जो पहले कभी पारंपरिक पशुपालन में आसान नहीं माना जाता था। योगी सरकार के सहयोग से देवेंद्र बने आत्मनिर्भर मथुरा जिले के गांव रदोई निवासी देवेन्द्र सिंह का चयन नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में हुआ। उन्होंने आठ साहिवाल एवं दो गिर गोवंश खरीदकर डेयरी यूनिट स्थापित की। सरकार ने उन्हें योजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया। वर्तमान में उनकी डेयरी से औसतन 100 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन हो रहा है, जिससे उनका व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है। देवेन्द्र का कहना है कि योगी सरकार के सहयोग से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। दुग्ध उत्पादन में यूपी देश में पहले स्थान पर अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की है। देश के कुल दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी अब 16 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी वर्तमान में देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है। स्वदेशी नस्लों ने बदली तस्वीर साहिवाल और गिर नस्ल की गायें अधिक दूध उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। योगी सरकार ने इन नस्लों को बढ़ावा देकर डेयरी सेक्टर को नई दिशा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब स्थानीय स्तर पर आधुनिक डेयरी इकाइयां स्थापित हो रही हैं, जिनसे न केवल दूध का उत्पादन बढ़ा है बल्कि पशु आहार, परिवहन, दुग्ध संग्रहण और विपणन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। गांवों में रुक रहा पलायन, बढ़ रही आय प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर युवाओं को डेयरी सेक्टर से जोड़कर आर्थिक मुख्यधारा में लाया गया है। अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि यह वृद्धि योजनाबद्ध विकास और मुख्यमंत्री के जमीनी प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर में आई यह तेजी उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का प्रतीक बन चुकी है। आय बढ़ने से युवा गांवों से पलायन नहीं कर रहे हैं। अब गो सेवा से आर्थिक समृद्धि ग्रामीण युवाओं का कहना है कि पहले पशुपालन सीमित आय का जरिया माना जाता था, लेकिन अब यही क्षेत्र सम्मानजनक और स्थायी रोजगार का बड़ा माध्यम बन गया है। बड़े पैमाने पर युवा डेयरी यूनिट स्थापित कर खुद के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। गांवों में गो सेवा अब आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बनती दिखाई दे रही है।

लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने

हर जरूरतमंद का बनवाएं आयुष्मान कार्ड: मुख्यमंत्री लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री ने लोगों को दिया भरोसा, हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा और आश्वस्त किया कि सरकार इलाज कराने में भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।  महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे परेशान न हों, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने अलग-अलग मामलों के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद निस्तारण होना चाहिए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह बुधवार को भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उनसे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा, साथ ही भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। अस्पताल का एस्टीमेट मिलते ही विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।   जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्यार किया और उन्हें आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दी। इस दौरान उन्होंने एक महिला के साथ आए दो बच्चों से हंसी-ठिठोली भी की और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन कर उभरती स्वदेशी क्षमताओं की की सराहना

मुख्यमंत्री ने रक्षा प्रदर्शनी का किया अवलोकन, उभरती स्वदेशी क्षमताओं को सराहा प्रदर्शनी में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित तकनीकों और उपकरणों ने दिखाई भारत की शक्ति भारतीय सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता का संगम रहा प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र प्रयागराज  नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए देश की उभरती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की सराहना की। तीन दिवसीय इस आयोजन में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों का व्यापक प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।  प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री ने बुलेटप्रूफ जैकेट, टैक्टिकल गियर, अत्याधुनिक हेलमेट और मल्टी-टेरेन ऑपरेशंस के लिए विकसित सैन्य उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों से तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली और उत्पादों की उपयोगिता पर चर्चा की। विशेष रूप से ‘हेड-टू-बूट’ सुरक्षा प्रणाली, अत्यधिक विषम तापमान में पहने जाने वाले कपड़े और मॉड्यूलर प्रोटेक्शन सिस्टम जैसे इनोवेशन आकर्षण का केंद्र रहे। सिम्पोजियम में प्रदर्शित तकनीकों में ड्रोन, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन उपकरण और भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए विकसित एआई आधारित समाधान भी शामिल रहे। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि भारत अब पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर मल्टी-डोमेन वॉरफेयर यानी साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम में भी अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है।  प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में एमएसएमई, स्टार्टअप्स और रक्षा कंपनियों की भागीदारी ने ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती दी है। समापन अवसर पर समूह फोटो में सैन्य अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की संयुक्त उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि भविष्य का युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और साझेदारी से तय होगा और प्रयागराज का यह मंच उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

प्रदेश में प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन और स्पष्ट जिम्मेदारी से बदली कार्य-संस्कृति

योगी सरकार में बदली शिक्षामित्रों की तस्वीर प्रदेश में प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन और स्पष्ट जिम्मेदारी से बदली कार्य-संस्कृति शिक्षा सुधार और गुणवत्ता में शिक्षामित्र बने व्यवस्था की मजबूत कड़ी लखनऊ  योगी सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से शिक्षामित्रों को तकनीकी और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाया। उन्हें सिर्फ 'सहयोगी' की भूमिका से बाहर निकाला और शिक्षा व्यवस्था का सक्षम एवं जिम्मेदार अंग बनाया। लगातार प्रशिक्षण, डिजिटल साधनों से जोड़ने और जिम्मेदारी तय करने के बाद जब शिक्षामित्रों ने खुद को इस नई भूमिका के अनुरूप साबित किया, तब सरकार ने उन्हें मानदेय बढ़ोतरी का लाभ देकर उनके योगदान को सम्मानित किया। सरकार ने सुधार को जमीन पर उतारते हुए शिक्षामित्रों की स्थिति और भूमिका दोनों को मजबूत किया है। सरकार ने सबसे पहले शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दिया। पहले जहां उन्हें ₹3,500 मानदेय मिलता था, उसे बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब 1 अप्रैल 2026 से यह ₹18,000 प्रतिमाह हो गया है। इससे शिक्षामित्रों के जीवन स्तर में सुधार आया है। यह बढ़ोतरी उनके वर्षों से किए जा रहे कार्य को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योगी सरकार के समन्वित प्रयासों ने दिखाया कि किसी वर्ग को सक्षम बनाकर सम्मान व आर्थिक संबल दिया जाए, तो वह व्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाता है। शिक्षामित्रों की बदली हुई भूमिका इसका स्पष्ट उदाहरण है। प्रशिक्षण और डिजिटल सशक्तिकरण से बढ़ी क्षमता सरकार ने केवल मानदेय बढ़ाने तक ही काम सीमित नहीं रखा, बल्कि शिक्षामित्रों को बेहतर शिक्षण के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्हें विषय आधारित प्रशिक्षण, बच्चों को समझकर पढ़ाने की तकनीक, बुनियादी साक्षरता और मूल्यांकन की विधियों से जोड़ा गया। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षामित्रों को DIKSHA प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया, जहां उन्हें ई-कंटेंट, स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन शिक्षण का प्रशिक्षण मिला। इससे वे तकनीक का उपयोग कर बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाने में सक्षम हुए। जवाबदेही तय, भूमिका हुई स्पष्ट विद्यालयों में शिक्षामित्रों की भूमिका को स्पष्ट किया गया और उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था लागू की गई। नामांकन अभियान और मिशन प्रेरणा जैसे कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिसका सकारात्मक असर स्कूलों में बच्चों के नामांकन और पढ़ाई के स्तर पर देखने को मिला है। शिक्षा सुधार के केंद्र में शिक्षामित्र योगी सरकार की सुनियोजित नीति से आज शिक्षामित्र केवल सहायक नहीं, बल्कि शिक्षा सुधार की प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उनकी तकनीकी समझ, प्रशिक्षण और जिम्मेदारी ने उन्हें शिक्षा व्यवस्था की एक मजबूत कड़ी के रूप में स्थापित कर दिया है।

गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर 14.33 करोड़ रुपये की लागत से बने टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण किया सीएम योगी ने

विकास कार्यों का संरक्षण नागरिकों की भी जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर 14.33 करोड़ रुपये की लागत से बने टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण किया सीएम योगी ने पहले लोग गोरखपुर का नाम सुनकर डरते थे, 2017 के बाद गोरखपुर में तैयार हुई विकास की विस्तृत श्रृंखला: सीएम योगी गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तेजी से आगे बढ़ते देश, प्रदेश के साथ ही गोरखपुर भी तीव्र प्रगति कर रहा है। 2017 के बाद गोरखपुर में विकास की विस्तृत श्रृंखला तैयार हुई है। विकास से बढ़ी सुविधाओं का लाभ लंबे समय तक प्राप्त होता रहे, इसके लिए नागरिकों को भी विकास कार्यों के संरक्षण की जिम्मेदारी उठानी होगी। सीएम योगी मंगलवार दोपहर तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने टू-लेन ब्रिज के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फीता काटकर तथा शिलापट्ट का अनावरण कर 14.33 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल को जनता को समर्पित किया। ब्रिज का निरीक्षण करने के बाद मंचीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में विकास से आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि 2017 के पहले गोरखपुर की छवि असुरक्षा से जुड़ी थी। लोग माफिया व मच्छर से परेशान थे। गोरखपुर का नाम सुनकर डरते थे। कोई निवेश करने नहीं आता था। यहां नौजवान पहचान का मोहताज था, नौकरी के लिए भटकना पड़ता था, पहचान छिपानी पड़ती थी। पर, अब उसे भटकने या पहचान छिपाने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में 50 हजार से अधिक नौजवानों को अकेले गीडा में उद्योगों के माध्यम से नौकरी और रोजगार प्राप्त हुआ है। आज गोरखपुर को देखकर अचंभित व प्रफुल्लित होते हैं लोग मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो भी गोरखपुर आता है, यहां के बदलाव को देखकर अचंभित और प्रफुल्लित होता है। गोरखपुर में चारों ओर फोर-लेन व सिक्स-लेन कनेक्टिविटी है। यहां एम्स बन गया है। खाद कारखाना और पिपराइच में चीनी मिल फिर चल पड़ी है। उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान, आयुष विश्वविद्यालय, चिड़ियाघर, बेहतरीन पर्यटन स्थल रामगढ़ताल, कई होटल्स सहित अनेक सुविधाओं का विस्तार हुआ है। गोरखपुर का विकास सामुदायिकता के भाव से किए गए कार्य का परिणाम है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि कोई भी विकास कार्यों और सुविधाओं का नुकसान न करने पाए।  तारामंडल क्षेत्र बना समृद्धि का प्रतीक सीएम योगी ने कहा कि करीब बीस वर्ष पूर्व लोग तारामंडल क्षेत्र में रहने का साहस नहीं कर पाते थे। 1998 की बाढ़ के बाद यहां से लोग भाग रहे थे। यहां एकतरफ रामगढ़ताल की गंदगी थी तो दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं का अभाव। पर, आज विकास के चलते सबसे महंगी जमीन इस क्षेत्र की है। वाटर बॉडी पर टू-लेन ब्रिज बनने से इस समूचे क्षेत्र में इंटरनल कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी। समृद्धि के प्रतीक के रूप में इस क्षेत्र को सबसे पॉश कॉलोनी माना जा रहा है। इस क्षेत्र में रामगढ़ताल पर्यटन का शानदार केंद्र बना है, चिड़ियाघर इसी क्षेत्र में है। यहां कन्वेंशन सेंटर बन रहा है, तारामंडल का पुनरोद्धार हो रहा है, साइंस पार्क बनाया जा रहा है। साथ ही वाटर बॉडी का भी व्यवस्थित रूप से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। सीएम ने जीडीए के अफसरों से कहा कि वे वाटर बॉडी को रामगढ़ताल के समकक्ष जोड़ने का प्रयास करें। इस वाटर बॉडी में पानी बहता हुआ दिखाई देना चाहिए, जहां लोग नौकायन का भी आनंद उठा सकें। वाटर बॉडी के किनारे लोग परिवार सहित आ सकें, बच्चे खेल सकें। उन्होंने स्वच्छता और सुंदरता को लेकर मोहल्ला स्तर पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया।   सीएम योगी के नेतृत्व में नजीर पेश कर रहा गोरखपुर: रविकिशन कार्यक्रम में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में गोरखपुर नजीर पेश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर को विकसित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं दी हैं। सांसद रविकिशन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। स्वागत संबोधन गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने किया।   कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।  श्रमिकों के साथ फोटो खिंचवाई सीएम योगी ने तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने ब्रिज का लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब इस ब्रिज का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उनकी नजर किनारे खड़े मजदूरों पर पड़ गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने पास बुलाया और श्रम शक्ति का सम्मान करते हुए उनके साथ फोटो खिंचवाई। सीएम का सानिध्य पाकर श्रमिक बेहद प्रफुल्लित नजर आए। ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उन पर प्यार-दुलार लुटाया।  ब्रिज से जुड़ गया दो हिस्सों में बंटा तारामंडल क्षेत्र तारामंडल क्षेत्र के वसुंधरा एंक्लेव द्वितीय व तृतीय के मध्य स्थित वाटर बॉडी के ऊपर टू-लेन ब्रिज बन जाने से दो हिस्सों में बंटा तारामंडल क्षेत्र आपस में जुड़ गया है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने 112 मीटर लंबे इस ब्रिज पर दोनों तरफ 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ भी बनाया है। इस पुल के बनने से पहले तक अमरावती निकुंज, वसुंधरा फेज 1, 2 व 3, सिद्धार्थ एंक्लेव, सिद्धार्थ एंक्लेव विस्तार, सिद्धार्थपुरम, सिद्धार्थपुरम विस्तार, सिद्धार्थ विहार, गौतम विहार, बुद्ध विहार, बुद्ध विहार कमर्शियल, बुद्ध विहार पार्ट ए, बी और सी, लेक व्यू, वैशाली, विवेकपुरम, जैमिनी गार्डेनिया तथा आसपास के विस्तृत आवासीय क्षेत्रों के निवासियों को नौका विहार होते हुए दिग्विजयनाथ पार्क, सर्किट हाउस होकर कॉरपोरेट पार्क के सामने से पैडलेगंज और अन्य प्रमुख स्थलों तक पहुंचने के लिए अपेक्षाकृत अधिक लंबा मार्ग तय करना पड़ता था। अब इस टू-लेन ब्रिज के जरिये उनका मार्ग छोटा हो गया है। इस ब्रिज के क्रियाशील हो जाने से नया सवेरा पर अक्सर लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी।

पश्चिम बंगाल के नतीजों पर बोले मुख्यमंत्री, गुंडों को प्रश्रय और सनातन का अपमान करने वालों का यही हश्र होगा

जनता की उपेक्षा करने वालों का सूपड़ा साफ होना तय: सीएम योगी पश्चिम बंगाल के नतीजों पर बोले मुख्यमंत्री, गुंडों को प्रश्रय और सनातन का अपमान करने वालों का यही हश्र होगा गोरखपुर में कल्याण मंडपम सहित 612.32 करोड़ रुपये की लागत वाली 71 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अब पश्चिम बंगाल बनेगा ‘सोनार बांग्ला’: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के लिए वहां की जनता का अभिनंदन करते हुए इसे जन उपेक्षा करने वाले राजनीतिक दलों के लिए बड़ा सबक बताया है। उन्होंने कहा कि जो भी जनता की उपेक्षा करेगा, विकास के पैसे पर डकैती डालेगा, गुंडों को प्रश्रय देगा और सनातन का अपमान करेगा, उसका सूपड़ा साफ होना तय है। पश्चिम बंगाल की जनता ने ऐसा करके दिखा भी दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अब पश्चिम बंगाल ‘सोनार बांग्ला’ बनेगा।  सीएम योगी मंगलवार दोपहर बाद जंगल बेनी माधव में नवनिर्मित कल्याण मंडपम (कन्वेंशन सेंटर) का उद्घाटन तथा गोरखपुर के विकास से जुड़ी 612.32 करोड़ रुपये की 71 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकार ही अच्छा परिणाम लाती है। अच्छी सरकार न होने पर परिणाम पश्चिम बंगाल जैसा होता है। यूपी व गोरखपुर में वर्ष 2017 के बाद से जारी विकास व जनकल्याण कार्यों का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि जब नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कुछ करने का दृढ़ संकल्प हो तो सार्थक परिणाम भी आते हैं। आज यही परिणाम गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश में दिख रहे हैं। कांग्रेस, सपा सरकारों के भ्रष्टाचार का स्मारक था बंद खाद कारखाना सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर का बंद खाद कारखाना कांग्रेस, सपा सरकारों के भ्रष्टाचार का स्मारक बना हुआ था। आज यह खाद कारखाना शानदार तरीके से चल रहा है। नकहा से फर्टिलाइजर फैक्टरी व स्पोर्ट्स कॉलेज जाने के लिए ओवरब्रिज बन गया है। बरगदवा से नकहा होते हुए मोहद्दीपुर तक फोर-लेन सड़क बन गई है। महेश्वर में मुख्य मार्ग फोर-लेन होने से अब जाम नहीं लगता। महेसरा से लखनऊ जाने के लिए जल्द ही माधोपुर, हाबर्ट बंधा होते हुए राजघाट तक के लिए फोर-लेन कनेक्टिविटी मिल जाएगी। तब महेसरा से राजघाट जाने में महज पांच मिनट लगेंगे, फोर-लेन बनने से तटबंध भी सुदृढ़ होगा। पहले गोरखपुर से लखनऊ जाने में 8-9 घंटे लगते थे, आज यह दूरी तीन-साढ़े तीन घंटे में पूरी हो जाती है। वाराणसी जाने में लगने वाला समय भी घटकर ढाई घंटे हो गया है। जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक बन रहे फोर-लेन बाईपास से महेसरा होकर कुशीनगर जाने में सिर्फ आधा घंटा लगेगा।  तेज विकास से ही आएगी समृद्धि सीएम योगी ने कहा कि गति जितनी तेज होगी, विकास भी उतना ही तेज होगा। विकास जितना तेज होगा, उतनी ही तेजी से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की समृद्धि होगी। इसी समृद्धि के लिए गोरखपुर का विस्तार किया जा रहा है और जंगल कौड़िया, जगदीशपुर बाईपास रोड इस विस्तार का आधार बनेगी। एम्स, बीआरडी की सुदृढ़ता, आयुष विश्वविद्यालय और अनेक नई सुविधाओं के विकास से लोगों को राहत मिली है। युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं की आत्मनिर्भरता, कारोबार में वृद्धि हो रही है। जब नए निवेश आएंगे तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अब गोरखपुर की पहचान सुरक्षा, स्वच्छता, समृद्धि व मजबूत सड़कों से मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद उनकी सरकार ने गोरखपुर की छवि को बदला। पहले गोरखपुर की पहचान मच्छर व माफिया से थी। अब माफिया और मच्छर, दोनों गायब हैं। अब गोरखपुर की पहचान सुरक्षा, स्वच्छता, समृद्धि और मजबूत सड़कों से है। अब यहां का नौजवान पहचान का मोहताज नहीं, बल्कि सीना तानकर बताता है कि वह गोरखपुर का है। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनकी कार्यप्रणाली भ्रष्ट थी, जो माफिया पालते थे, अराजकता फैलाते थे, उन्होंने प्रदेश की पहचान को शक के दायरे में ला दिया था। उनकी सरकार ने सुरक्षा का माहौल और समृद्धि देकर राज्य को नई मजबूत पहचान दिलाई है।  कल्याण मंडपम और अन्य विकास परियोजनाओं की खूबी बताई सीएम ने मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम और अन्य विकास परियोजनाओं की खूबी भी बताई। उन्होंने कहा कि कल्याण मंडपम अल्प व मध्यम आयवर्ग के लोगों के सार्वजनिक कार्यक्रमों को भव्य व यादगार बनाने का माध्यम बनेगा। शहर में कुल 9 कल्याण मंडपम या तो बन गए हैं या निर्माणाधीन हैं। इसे बनाने के लिए उन्होंने अपनी विधायक निधि से राशि दी है। आज जिस एकीकृत मंडलीय कार्यालय का शिलान्यास हुआ है, वहां सभी अधिकारी एक ही छत के नीचे जनता के लिए उपलब्ध रहेंगे। हर तबके की आवासीय सुविधा के लिए कुश्मी एंक्लेव का शिलान्यास हुआ है। इन सभी परियोजनाओं से लोगों का जीवन आसान होगा।  बिना भेदभाव विकास व कल्याण ही पीएम-सीएम का लक्ष्य: रविकिशन समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि बिना भेदभाव सबको विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही पीएम मोदी व सीएम योगी का लक्ष्य है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि विकास और जन कल्याण ही सीएम योगी का ध्येय है। उनके नेतृत्व में गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। इस अवसर पर एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, भाजपा के महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, नगर निगम के उप सभापति पवन त्रिपाठी, स्थानीय पार्षद संतोष चौहान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।  फीता काटकर किया कल्याण मंडपम का लोकार्पण मंचीय कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने फीता काटकर कल्याण मंडपम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंडपम का भ्रमण कर इंफ्रास्ट्रक्चर व सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कल्याण मंडपम परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने जीडीए की इन प्रमुख परियोजनाओं का किया शिलान्यास -एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण, लागत 269.63 करोड़ रुपये। -लच्छीपुर में कुश्मी एवेन्यू अपार्टमेंट का निर्माण, 172.86 करोड़ … Read more

खेल और पढ़ाई साथ-साथ, नए स्पोर्ट्स कॉलेज में मिलेगा बेहतरीन प्रशिक्षण

योगी सरकार ने अधूरे सपने को किया साकार, यूपी को मिले दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज सहारनपुर-फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज तैयार, 2026-27 सत्र से शुरू होगी पढ़ाई वर्षों से लटकी थी खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़ी परियोजनाएं, योगी सरकार का बड़ा कदम दूरदराज के खिलाड़ियों को फायदा, अब अपने जिले में ही मिलेगा प्रशिक्षण खेल और पढ़ाई साथ-साथ, नए स्पोर्ट्स कॉलेज में मिलेगा बेहतरीन प्रशिक्षण लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने दो नए स्पोर्ट्स कॉलेजों को शुरू करने का फैसला लिया है। सहारनपुर और फतेहपुर में बने स्पोर्ट्स कॉलेज का शैक्षिक सत्र 2026-27 से संचालन शुरू हो जाएगा। योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर खेल सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। वर्षों से लंबित परियोजनाओं को मिली नई जिंदगी दरअसल यह दोनों परियोजनाएं लंबे समय से लंबित थी। फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज को जनवरी 2011 में स्वीकृति मिली थी और नवंबर 2011 में निर्माण कार्य शुरू हो गया था। इसे जुलाई 2018 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। इसी तरह सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य भी फरवरी 2011 में शुरू होना था और फरवरी 2013 तक पूरा कार्य पूरा करने की मूल तारीख थी, लेकिन विभिन्न कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया था। योगी सरकार ने इन अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य को पूरा कराया है। साथ ही अब दोनों कॉलेजों को नए सत्र से शुरू करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।  पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों वाला राज्य बनेगा यूपी इस तरह योगी सरकार खेल ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ अधूरी योजनाओं को भी जमीन पर उतारने पर जोर दे रही है। वहीं इन दो नए स्पोर्ट्स कॉलेजों के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में संचालित स्पोर्ट्स कॉलेजों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। अभी तक लखनऊ स्थित गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, गोरखपुर का वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज और इटावा (सैफई) का मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉलेज ही संचालित थे। इसके अलावा बलिया में एक और स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है। कक्षा 9 से शुरू होगा एडमिशन नए कॉलेजों के शुरू होने से प्रदेश के दूर-दराज इलाकों के खिलाड़ियों को अब राजधानी या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी और अधिक संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी खेल शिक्षा से जुड़ सकेंगे। फतेहपुर और सहारनपुर दोनों स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 9 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। फतेहपुर में एथलेटिक्स, हॉकी, हैंडबॉल और कुश्ती जैसे खेल संचालित किए जाएंगे। यहां कुल 80 सीटों पर प्रवेश होगा। जिसमें एथलेटिक्स रनर बालक के लिए 12, एथलेटिक्स जम्पर बालक के लिए 2, थ्रोवर बालक के लिए 4, हॉकी खिलाड़ी बालक के लिए 26, गोलकीपर बालक के लिए 4, कुश्ती बालक के लिए 10 और हैंडबॉल बालक के लिए 22 सीटें निर्धारित की गई हैं। खेलों की विविधता और सीटों का विस्तार वहीं सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में भी कुल 80 सीटों पर एडमिशन होंगे। यहां एथलेटिक्स रनर बालक के लिए 8, एथलेटिक्स जम्पर बालक के लिए 6, थ्रोवर बालक के लिए 6, हॉकी खिलाड़ी बालक के लिए 21, हॉकी गोलकीपर बालक के लिए 4, जूडो बालक के लिए 10, बॉक्सिंग बालक के लिए 15 और भारोत्तोलन बालक के लिए 10 सीटें तय की गई हैं। भारोत्तोलन अभी तक किसी भी स्पोर्ट्स कॉलेज में नहीं था। सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज से पहली बार शुरू हो रहा है। इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्र का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिससे प्रतिभा के आधार पर खिलाड़ियों का चयन सुनिश्चित हो सके। प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर खोलने का लक्ष्यः खेल सचिव उत्तर प्रदेश खेल विभाग के सचिव सुहास एल.वाई. ने बताया कि मुख्यमंत्री जी का प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर खोलने का लक्ष्य है। स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तरह जगह-जगह विभिन्न खेलो को लेकर वहां पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा। जिसमें बच्चों के रहने के साथ ही पढ़ाई की सुविधा भी रहेगी। प्रबंध समिति स्पोर्ट्स कॉलेज के सचिव व लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य अतुल सिन्हा ने कहा कि कुशल संचालन के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों को कोई व्यवधान ना उत्पन्न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।  खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम स्पोर्ट्स कॉलेज ऐसे छात्रों के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं, जो खेल में अपना करियर बनाना चाहते हैं। यहां पढ़ाई और खेल दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाता है। प्रोफेशनल कोचिंग, आधुनिक सुविधाएं और अनुशासित वातावरण खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में मदद करता है। सहारनपुर और फतेहपुर में स्पोर्ट्स कॉलेजों की शुरुआत उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे न केवल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में देश को बेहतर खिलाड़ी भी मिल सकेंगे।

शिक्षामित्रों के चेहरे पर खिल उठा मान-सम्मान, बढ़े मानदेय से

मानदेय वृद्धि से शिक्षामित्रों के चेहरों पर चमका मान-सम्मान का भाव बोले शिक्षामित्र, बहुत-बहुत आभार मुख्यमंत्री जी, आपने दिल जीत लिया 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय होने से शिक्षामित्रों के परिवार में खुशी का माहौल गोरखपुर बेसिक शिक्षा के उन्नयन में योगदान देने के बावजूद 2017 के पहले तक खुद को उपेक्षित महसूस करने वाले प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों के चेहरों पर योगी सरकार ने मान-सम्मान का मुस्कुराता भाव बिखेर दिया है। मानदेय में 80 प्रतिशत वृद्धि और पांच लाख रुपये के कैशलेस इलाज की सुविधा से अभिभूत हुए शिक्षामित्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी उपेक्षा को दूर कर दिल जीत लिया है। गोरखपुर में आयोजित प्रदेशस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह में शामिल होने आए शिक्षामित्र यह कहते नहीं थक रहे थे, ‘बहुत बहुत आभार मुख्यमंत्री जी।’ मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह बेहद भव्य रहा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब पंद्रह सौ लोगों की क्षमता का प्रेक्षागृह शिक्षामित्रों से खचाखच भरा हुआ था। यहां प्रदेश के कई जिलों से शिक्षामित्र मुख्यमंत्री का संबोधन सुनने और मानदेय वृद्धि के लिए आभार व्यक्त करने आए थे।  सीएम योगी के हाथों सम्मानित होने वाले, कासगंज से आए शिक्षामित्र तेजभान सिंह ने कहा मानदेय 10 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़कर 18 हजार रुपये होने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। अब हम खुद को सम्मानजनक स्थिति में पा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहुत धन्यवाद कि उन्होंने हमारी उपेक्षा दूर की। महराजगंज जिले से आईं शिक्षामित्र शशिप्रभा सिंह सीएम योगी के हाथों मानदेय वृद्धि का प्रतीकात्मक चेक पाकर काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाकर हम शिक्षामित्रों के परिवार को काफी राहत दी है। इसके साथ ही वह पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुरक्षा भी दिलाने जा रहे हैं। यह सही मायने में शिक्षामित्रों की सेवाओं का सम्मान है।  कुशीनगर जिले में शिक्षामित्र अनुराधा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने मानदेय बढ़ाकर शिक्षामित्रों की पीड़ा का निवारण किया है। आर्थिक उन्नयन के साथ कैशलेश इलाज की सुविधा देकर उन्होंने शिक्षामित्रों को अपना मुरीद बना लिया है। उनके प्रति आभार व्यक्त करने को शब्द कम पड़ जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुईं गोरखपुर की शिक्षामित्र फारिहा तबस्सुम ने कहा कि आज वह खुद को बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहीं हैं। शुरुआती दौर में 3500 रुपये मानदेय ही मिलता था। इसे बढ़ाकर पहले 10 हजार और अब 18 हजार रुपये करके मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों को बड़ी राहत दी है। सही मायने में वह जो कहते हैं, उसे पूरा भी करते हैं। मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद।   समेकित शिक्षा के स्टाल पर बच्चों की मेधा से बेहद प्रभावित हुए सीएम योगी शिक्षामित्र सम्मान समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में लगाई गई शैक्षिक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने समेकित शिक्षा के स्टाल पर वह बच्चों की मेधा से बेहद प्रभावित हुए। यहां उन्होंने कॉक्लियर इंप्लांट के सहयोग से स्पीच थेरेपी लेते हुए शिक्षा ग्रहण कर रही बालिका से उसकी पढ़ाई और सीखने पर बात की। सीएम योगी ने श्रवण बाधित बालिका कविता के साथ साइन लैंग्वेज में उसके द्वारा सीखे गए पाठों के अधिगम को भी समझा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री को दृष्टिबाधित बालिका ने ब्रेल लिपि से अपने पाठ्यवस्तु को पढ़कर सुनाया। उसका धाराप्रवाह पाठ सुनकर सीएम योगी बेहद खुश हुए। उन्होंने अपने मंचीय संबोधन में बेसिक शिक्षा विभाग की शैक्षिक प्रगति को बताते  हुए दृष्टिबाधित बालिका के फर्राटेदार ब्रेल लिपि पढ़ने के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि दृष्टिबाधित छात्रा बिल्कुल उतनी ही तीव्रता से हिंदी को पढ़ रही थी, जिस तीव्रता से हम सभी बोल रहे हैं। यह बेसिक शिक्षा विभाग की शैक्षिक प्रगति का एक बेहतरीन उदाहरण है।