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29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम: सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों का सीएम योगी ने किया स्थलीय निरीक्षण 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम: सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश हेलीपैड, सभा स्थल, वीआईपी रूट व पार्किंग व्यवस्था का किया गहन निरीक्षण मल्टी-लेयर सुरक्षा, पुलिस-प्रशासन समन्वय और त्रुटिरहित आयोजन का निर्देश आमजन की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, बिजली व यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश हरियाली के लिए पौधरोपण और आपात सेवाओं की उपलब्धता पर भी विशेष फोकस लखनऊ/हरदोई  हरदोई में 29 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के आगमन एवं गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बिलग्राम तहसील के मल्लावां कट स्थित कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड, सभा स्थल, वीआईपी मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सहित सभी तैयारियों का गहनता से जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पूरी तरह सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभा स्थल का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने बैठने की समुचित व्यवस्था, पंडाल की गुणवत्ता, पेयजल उपलब्धता, स्वच्छता, शौचालय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति को मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हों। यातायात प्रबंधन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि कार्यक्रम के समय ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनी रहे। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और स्पष्ट संकेतक (साइन बोर्ड) लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने हेलीपैड और वीआईपी मूवमेंट से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया और सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आपातकालीन सेवाओं- एम्बुलेंस, अग्निशमन और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी कमी हो, उसे तुरंत दूर किया जाए। इस अवसर पर मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने मानचित्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और आश्वस्त किया कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल और आसपास हरित वातावरण को बढ़ावा देने के लिए ‘हरि शंकरी’ प्रजाति के पौधों के रोपण के निर्देश भी दिए। अंत में उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनपद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी, समन्वय और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इसका सफल और गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करें।

मौसम बारिश से जूझते गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार से मिली बड़ी राहत

बेमौसम बारिश से परेशान गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार ने दी बड़ी सुविधा रबी विपणन वर्ष 2026-27 प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं बिना कटौती सरकारी क्रय केन्द्रों पर खरीदा जायेगा सभी 18 मंडल के लिए शासन ने नामित किये नोडल अधिकारी   टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर समस्या बता सकते हैं किसान लखनऊ  मौसम की मार से परेशान किसानों को डबल इंजन सरकार ने बड़ी राहत दी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश के किसानों का अधिक से अधिक गेहूं एमएसपी पर खरीदा जाए तथा किसानों को लाभकारी मूल्य प्राप्त हो।  बता दें कि प्रदेश में बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता में कमी आई है। चमकविहीन होने के साथ गेहूं के दानों में सिकुड़न आ गयी है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार के अनुरोध पर किसानों के हित में भारत सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की है। अब किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं सरकारी क्रय केन्द्रों पर बिना किसी कटौती के खरीदा जायेगा। जिन किसानों का नहीं हुआ सत्यापन, उनसे भी होगी खरीद किसानों के पंजीकरण में दर्ज विवरण का सत्यापन राजस्व एवं चकबन्दी विभाग द्वारा किया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अन्तर्गत जिन किसानों का उक्त विभागों द्वारा सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, उन किसानों का गेहूं भी क्रय केन्द्र प्रभारियों द्वारा किसानों के राजस्व/चकबन्दी अभिलेखों का मिलान करते हुए क्रय किया जायेगा।। 15 जून तक जारी रहेगी गेहूं की खरीद समस्त जनपदों के क्रय केन्द्रों पर 15 जून तक अनवरत रूप से गेहूं खरीद जारी रहेगी। किसानों के समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित कराई जायेगी। भीड़ अधिक होने पर किसान अपनी सुविधानुसार क्रय केंद्र प्रभारी से टोकन प्राप्त कर लें और टोकन में दर्ज तिथि पर क्रय केंद्र लाकर गेहूं बिक्री करें। किसी भी असुविधा पर किसान  टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर सम्पर्क कर सकते हैं। सभी 18 मंडल के लिए नोडल अधिकारी नामित शासन ने प्रदेश के सभी 18 मंडल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है। नामित अधिकारी अपने सम्भाग का भ्रमण करते हुए किसानों से क्रय किए जा रहे गेहूं की व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करेंगे। साथ ही बैठक करके गेहूं खरीद को सुचारु रूप से सम्पन्न कराएंगे।

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का उद्घाटन, तीन दिवसीय आयोजन रहेगा दिनकर को समर्पित

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ, दिनकर को समर्पित होगा तीन दिवसीय आयोजन राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की स्मृति में 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन   आयोजन में साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा   लखनऊ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर लखनऊ में तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का आयोजन किया जा रहा है। 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले इस भव्य साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृतियों को समर्पित होगा, जिसमें साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 24 को होगा राष्ट्रीय परिसंवाद और रश्मिरथी नाटक 24 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के साथ रश्मिरथी संवाद स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित होगा, जिसमें विद्वान दिनकर के साहित्य, राष्ट्रवाद और समकालीन प्रासंगिकता पर विचार रखेंगे। शाम को रश्मिरथी पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा। 25 को होगा विवेकानंद के विचारों पर मंथन 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर परिसंवाद होगा। इसमें युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी। 26 को दी जाएगी अटल और तिलक को श्रद्धांजलि 26 अप्रैल को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देगा। रश्मिरथी पर्व के जरिए उत्तर प्रदेश एक बार फिर विकास के साथ विरासत के सम्मान का संदेश देगा।

नितिन नवीन का यूपी विधानसभा चुनाव पर बड़ा बयान: ‘योगी आदित्यनाथ ही होंगे पार्टी के चेहरे’

लखनऊ / नई दिल्ली उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसे लेकर अभी से ही सियासत गर्मा गई है. सपा ने पश्चिमी यूपी के दादरी से मिशन-2027 का आगाज किया तो बीजेपी ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं. बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपना चेहरा तय कर लिया है, जिसके अगुवाई में चुनाव लड़ने की प्लानिंग की है. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने यूपी चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है।  बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक हिंदी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में साफ-साफ शब्दों में कहा कि देखिए योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं. उनके नेतृत्व सरकार चल रही है. ऐसे में हम निश्चित रूप से वही चेहरा होंगे।  नितिन नवीन ने सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लगा दी है और उनके ही चेहरे पर बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. यूपी में सत्ता की हैट्रिक लगने की उम्मीद नितिन नवीन ने जतायी है।  सीएम योगी के चेहरे पर बीजेपी लड़ेगी चुनाव बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से इंटरव्यू में पूछा गया कि क्या यूपी और उत्तराखंड में सीएम योगी और सीएम धामी ही चेहरा होंगे? इसके सवाल के जवाब में नितिन नवीन ने कहा कि देखिए वे हमारे मुख्यमंत्री हैं और उनके नेतृत्व में सरकार चला रहे हैं. तो निश्चित रूप से चेहरे वही होंगे.' इसके साथ ही यूपी के मुद्दे पर जवाब देते हुए कहा कि पहले जिस यूपी को वसूली और अपराध के लिए जाना जाता था, उसी यूपी को आज बेहतर कानून व्यवस्था और एक्सप्रेसवे के लिए जाना जाता है।  उत्तर प्रदेश के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में नितिन नवीन ने कहा, 'देखिए उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं. एक समय जिस उत्तर प्रदेश को अपराध के लिए जाना जाता था, वसूली के लिए जाना जाता था. कास्ट के आधार पर भ्रमित किया जाता था. आज उसी उत्तर प्रदेश का विकास के लिए जाना जा रहा है, एक्सप्रेसवे के लिए जाना जा रहा है. लॉ एंड ऑर्डर के लिए जाना जा रहा है।  योगी के यूएसपी से बीजेपी की लगेगी हैट्रिक उन्होंन् कहा कि निश्ति रूप से आप आवाम की जिन चीजों की पहली आवश्यकता होती है,गुड गवर्नेंस, डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों के जैसे काम कर रहा है. तो आम जनमानस इसको देखकर वोट करता है. अगर हमने गरीब की चिंता की. चाहे वो प्रधानमंत्री अन्न योजना से लेकर पूरी तरह से सरकार की योजनाओं को एकदम नीचे तक क्रियानवन किया. वहीं हमने इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ भी दिखाया. हम इन्वेस्टमेंट भी उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर ला रहे हैं।  नितिन नवीन ने कहा कि यूपी में लॉ एंड ऑर्डर का जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यूएसपी है, वो भी जमीन पर दिख रहा है. तो मैं मानता हूं कि आज उत्तर प्रदेश के कई शहर विकसित शहर के रूप में दिख रहे हैं. तो ये सब चीजें हमारे लिए स्पष्ट रूप से हमारे तीसरे सरकार बनाने के लिए, हैट्रिक लगाने के लिए काफी है।  

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विपक्षी दलों पर गरजे सीएम योगी

महिला विरोधी हैं कांग्रेस व सपा के कारनामे : मुख्यमंत्री नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विपक्षी दलों पर गरजे सीएम योगी महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहती हैं विपक्षी पार्टियां : मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई' गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को पारित न होने देने वाली कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) सहित सभी विपक्षी दलों पर एक बार फिर जमकर निशाना साधा है। गोरखपुर में विपक्षी दलों पर गरजते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पार्टियां महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा का इतिहास और उनके कारनामे महिला विरोधी हैं।  सीएम योगी  योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं का अधिकार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में जब नया संसद भवन बना तो पीएम ने नए संसद भवन में सबसे पहला अधिनियम नारी शक्ति वंदन का ही पारित कराया। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक के जरिये 2029 के लोकसभा चुनाव से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को कानून बनाने और उसके क्रियान्वयन में भागीदारी का अधिकार देना चाहते हैं लेकिन विधेयक के गिरने पर जश्न मनाने वाले महिला विरोधी विपक्ष को यह मंजूर नहीं है। उन्होंने इसके लिए मुख्य रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके को जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा के कारनामे शुरू से ही महिला विरोधी रहे हैं। कांग्रेस ने महिलाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़ो के अधिकार में हमेशा बाधा डालने का काम किया। जबकि सपा तो घोषित रूप से नारी विरोधी है। सपा के बारे में यह कहा भी जाता है, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई।’  पुलिस में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य किया सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सपा सरकार में मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोगों ने बेटियों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था। जबकि आज बेटियां बिना रोकटोक के स्कूल जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 1947 से लेकर 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी, जबकि 2017 के बाद यह संख्या 44 से 45 हजार है। प्रदेश में पुलिस भर्ती होने पर 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियों में भर्ती हुई हैं और इनमें पौने दो लाख महिलाएं भर्ती हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई रिवाइवल से 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, प्रदेश में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप शुरू हुए हैं और इनमें आधी भागीदारी महिलाओं की है।  आत्मनिर्भर व विकसित भारत को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक सीएम योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक है। पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को सुनिश्चित प्रतिनिधित्व मिल गया है और उसके परिणाम भी सुखद हैं। राज्य में 54 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुख महिलाएं ही हैं। इसी तरह ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों को देखें तो महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। सीएम ने कहा कि अब संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं 33 प्रतिशत आरक्षण देने का अभियान पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिये शुरू किया तो सपा, कांग्रेस जैसे महिला विरोधी दल बहानेबाजी करने और लटकाने-भटकाने पर उतर आए।  बहुत दिनों तक कोई अधिकार से वंचित नहीं कर पाएगा भीषण गर्मी में और उस पर भी कम समय की सूचना पर सम्मेलन में महिलाओं की बड़ी संख्या को देखकर प्रसन्न मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में नारी शक्ति की हिस्सेदारी यह साफ संदेश है कि महिलाओं को उनके अधिकार से बहुत अधिक दिनों तक कोई वंचित नहीं रख सकता। यह नारी शक्ति के द्वारा भीख नहीं मांगी जा रही है, उसका यह स्वतः अधिकार है। जिसको आजादी के बाद से ही लटकाने का प्रयास हो रहा था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी आबादी के प्रति कृत ज्ञापित करते हुए अभियान प्रारंभ किया है। पीएम मोदी का मानना है कि जहां नारी सशक्त होती है तो वह परिवार अपने आप में समर्थ होता है। जब परिवार समर्थ होता है तो समाज की नींव सुदृढ़ होती है। और, जब समाज की नींव सुदृढ़ होती है तो राष्ट्र शक्तिशाली और समृद्ध होता है। भारत की परंपरा में प्रतिष्ठित है मातृशक्ति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा भारत के इतिहास और इसकी परंपरा में मातृशक्ति सदैव प्रतिष्ठित रही है। माताओं के नाम से जोड़कर भगवान राम को कौशल्यानंदन, प्रभु कृष्ण को यशोदानंदन, भीष्म पितामह को गांगेय, अर्जुन को कौंतेय कहा जाना इसी का प्रमाण है। श्रीराम में शब्द माता सीता के लिए है। सियावर रामचंद्र की जय का जयकारा भी पहले माता सीता का नाम जोड़कर लगाया जाता है। श्रीकृष्ण की धरा मथुरा-वृंदावन में हर संबोधन राधे राधे के नाम से शुरू होता है। काशी में नमः पार्वती पतये का उद्घोष होता है। देवतुल्य नदी गंगा जी को भी मां गंगे कहा जाता है। पशुयोनि में होने के बावजूद गाय को गोमैया कहा जाता है। यह सभी मातृशक्ति के संबोधन से ही जुड़े हुए हैं।  दुनिया दूध गाय का ही पीती है सीएम योगी ने कहा कि दुनिया का कोई भी देश हो, वह गाय को माता भले न माने, लेकिन दूध वह गाय का ही पीता है। हर स्तर पर आगे बढ़ा रहे नारी गरिमा की महत्ता का सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा और उसकी महत्ता को हर स्तर पर सम्मान देते हुए आगे बढ़ाने का काम देश मे 2014 के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ है। पहले बेटी संपत्ति में अपना अधिकार न मांग सके, इसके लिए भ्रूण हत्या की शिकायतें आ रही थीं। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, इंद्रधनुष योजना जैसे कार्यक्रमों से महिला और पुरुष अनुपात की भिन्नता तथा भ्रूण हत्या जैसे अभिशाप को रोकने के प्रयास किए। सीएम ने बताया कि प्रदेश में भी महिलाओं के सम्मान में बिटिया के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई। 26 लाख … Read more

होमगार्ड भर्ती परीक्षा की शुचिता पर मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, नकल या अफवाह पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

होमगार्ड भर्ती परीक्षा की शुचिता सर्वोपरि, नकल अथवा अफवाह पर होगी सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री भीषण गर्मी में परीक्षार्थियों को राहत के निर्देश, हर केंद्र पर पानी, चिकित्सा और सुचारु यातायात व्यवस्था अनिवार्य स्मार्ट मीटर शिकायतों के समाधान के लिए सभी जिलों में हर फीडर पर लगेगा शिविर जातीय तनाव भड़काने की साजिशों पर कड़ी नजर, अराजक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री का निर्देश, औद्योगिक अशांति की कोशिशें नहीं होंगी बर्दाश्त, 30 अप्रैल से 2 मई के बीच विशेष सतर्कता की जरूरत मुख्यमंत्री का निर्देश, बारूद गोदामों व आतिशबाजी कारखानों का सभी जिलों में हो निरीक्षण, सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य, पैनिक की जरूरत नहीं, सभी जिलाधिकारी स्वयं करें समीक्षा: मुख्यमंत्री बोले मुख्यमंत्री, स्मार्ट मीटर से जुड़ी आशंकाओं का होगा यथोचित समाधान, शीघ्र आएगी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  होमगार्ड स्वयंसेवक भर्ती परीक्षा, स्मार्ट मीटर से जुड़ी व्यवस्थाओं, पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता तथा प्रदेश की कानून-व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने 25, 26 एवं 27 अप्रैल को प्रस्तावित होमगार्ड भर्ती परीक्षा की तैयारियों, जनसुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती परीक्षा पहली बार पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से आयोजित की जा रही है, अतः सभी संबंधित अधिकारी विशेष सतर्कता बरतें। जिन जनपदों में हाल ही में नए जिलाधिकारी तैनात हुए हैं, वे संबंधित मंडलायुक्त तथा एडीजी/आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ समुचित समन्वय सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। परीक्षा की निष्पक्षता भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 74 जनपदों में 41,424 होमगार्ड स्वयंसेवक पदों के लिए परीक्षा तीन दिनों में, दो पालियों में आयोजित की जाएगी। भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी परीक्षा केंद्रों पर शीतल पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा परीक्षार्थियों को अनावश्यक रूप से धूप में प्रतीक्षा न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए। जिला प्रशासन सभी परीक्षा केंद्रों का पूर्व भ्रमण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करे। कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जनपदों से ऐसे संकेत प्राप्त हुए हैं, जहां अराजक तत्वों द्वारा जातीय तनाव/संघर्ष भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। सभी अधिकारी अत्यंत सतर्क रहें और किसी भी स्थिति के उत्पन्न होने से पूर्व ही प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में औद्योगिक अशांति उत्पन्न करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि यद्यपि वर्तमान में स्थिति सामान्य है, तथापि आगामी 30 अप्रैल से 02 मई के मध्य पुनः ऐसे प्रयास किए जाने की आशंका है। प्रदेश में औद्योगिक अशांति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और ऐसी कुत्सित कोशिशों को सख्ती से विफल किया जाएगा। भीषण गर्मी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने सभी बारूद गोदामों एवं आतिशबाजी कारखानों का विशेष निरीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को समाप्त किया जा सके तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि आमजन में किसी प्रकार का अनावश्यक पैनिक न हो। आपूर्ति एवं वितरण पूरी तरह सामान्य है। इस संबंध में समय-समय पर जनसामान्य को अवगत कराया जाए। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक कर आपूर्ति एवं वितरण की समीक्षा करें। नेपाल सीमा से सटे जनपदों में कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर के संबंध में उठ रही आशंकाओं के समाधान हेतु विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त होगी। इस बीच, सभी जिलों में विद्युत वितरण निगम/पावर कॉर्पोरेशन द्वारा फीडर-वार एक सप्ताह के विशेष शिविर आयोजित कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया जाए। इन शिविरों के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता भी सुनिश्चित की जाए।

पहले चरण में ही 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी

“योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं” पश्चिम बंगाल में गरजे सीएम योगी- 4 मई को बंगाल में लहराएगा भगवा, शुरू होगी टीएमसी के गुंडों की उल्टी गिनती पहले चरण में ही 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से, बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं बुआ-भतीजा मारे गए भाजपा कार्यकर्ता की मां का दर्द बांटा सीएम योगी ने, कहा- टीएमसी के गुंडों ने सुबोध की हत्या कर उसके जैसे हजारों कार्यकर्ता पैदा कर दिए मुख्यमंत्री की दो टूक- उर्दू वहां जाकर बोलो, जहां उर्दू में शिक्षा दी जाती है, बंगाल की धरती पर बांग्ला बोली जाएगी कोलकाता/नदिया/हावड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी को ललकारते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 4 मई को भगवा लहराएगा। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू होगी। उन्होंने इशारों में ममता व अभिषेक बनर्जी पर प्रहार करते हुए कहा कि बुआ-भतीजा बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं। कोलकाता का मेयर कहता है कि यहां ऊर्दू चलेगी। कोई माई का लाल बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता। टीएमसी के लोग जान लें कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है। सीएम योगी बुधवार को पश्चिम बंगाल के जोरासांको, चकदहा व उदयनारायणपुर विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। बंगाल में उनका जादू लगातार सिर चढ़कर बोल रहा है। टीएमसी के गुंडों की अराजकता व धमकी के बावजूद हजारों की भीड़ चिलचिलाती धूप में सिर पर गमछा और छाता लिए सीएम योगी को देखने-सुनने के लिए उमड़ पड़ी। जनसभाओं में आए अधिसंख्य लोग हाथ में पोस्टर लिए हुए थे, जिन पर लिखा था- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।”  4 मई को बंगाल में लहराया जाएगा भगवा ध्वज  सीएम योगी ने कहा कि 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है। इसमें 80 फीसदी सीटें भाजपा जीतने जा रही हैं। जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो बंगाल में भगवा ध्वज लहराया जाएगा। बंगाल फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनकर अपनी पहचान स्थापित करेगा। हमें बंगाल की अस्मिता को बचाना और कठमुल्लापन को बढ़ावा देने वालों को हर हाल में रोकना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र ने आपको जो ताकत दी है, अपने वोट के जरिए उसका सही इस्तेमाल कीजिए। बंगाल अब बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। उत्तर प्रदेश की तरह डबल इंजन सरकार बनने पर बंगाल में भी विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा। ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म, विकास शुरू) सीएम योगी ने कहा कि ममता दीदी कहती है कि खेला होबे, मैं कहता हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)। मोदी जी द्वारा विकास के लिए भेजे गए पैसे में बंगाल सरकार की डकैती बंद होगी। रामनवमी व दुर्गापूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास से होंगे। कोई इसमें बाधा बनेगा तो उसका खेला शुरू हो जाएगा। मतदाताओं की ताकत बंगाल को गुंडागर्दी से निजात दिलाएगी। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्त बांग्ला बनेगा। अब ऑन्धकार हटबे, सूरोज उठेबे, कोमोल खिलबे (अंधकार हटेगा, सूरज उगेगा, कमल खिलेगा। कश्मीर में जैसे धारा-370 हमेशा के लिए समाप्त की गई,  वैसे ही बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है। गुरुदेव व भारत माता की जगह टीएमसी के गुंडों ने लगाया ममता दीदी का फोटो सीएम योगी ने कहा कि भारत निर्माण में बंगाल की धऱा पर जन्मे महापुरुषों के तप, त्याग, बलिदान व पुरुषार्थ का भी अतुलनीय योगदान रहा। बंगाल ने हर सम-विषम परिस्थितियों में भारत को संबल दिया। साहित्य के लिए पहले भारतीय के रूप में गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की गीतांजलि को नोबल पुरस्कार मिला। गुरुदेव के हैरिटेज परिसर में उनकी व भारत माता की प्रतिमा-फोटो लगनी चाहिए थी, वहां टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा कर ममता दीदी का फोटो लगा दिया। यह भारतीयता व बंगाल की अस्मिता का अपमान है। बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही ज्ञान की धरा बंगाल सीएम योगी ने कहा, बंगाल की भूमि उर्वर व प्रचुर जल-संसाधनों वाली है। यहां के नौजवान प्रतिभाशाली, किसान मेहनतकश और उद्यमी-व्यापारी परिश्रमी-पुरुषार्थी हैं। कभी पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था, लेकिन पहले कांग्रेस ने इसे लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 वर्ष से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के सारे यत्न कर रहे हैं। ज्ञान की धरा बंगाल, बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही है। जो बंगाल कभी भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन हुआ करता था, वहां 10 वर्ष में 7000 से बड़े उद्योग, हजारों एमएसएमई यूनिट बंद हो गईं। 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए। धान, मछली उत्पादन में गिरावट आई। आलू उत्पादक किसान मूल्य न मिलने से हताश है, फिर भी ममता दीदी के कानों में जू नहीं रेंग रही। टीएमसी सिर्फ टेरर, माफिया राज व करप्शन का पर्याय बन गई है। रामराज्य के नए युग में जी रहे यूपी के नागरिक  सीएम योगी ने बंगाल की दुर्दशा बताते हुए कहा कि यहां धड़ल्ले से गोहत्या हो रही है। भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है। वह दुर्गापूजा की अनुमति नहीं देतीं, शोभायात्रा प्रतिबंधित करती हैं। दुर्गापूजा के समय कर्फ्यू लगता है। टीएमसी के गुंडे व्यापारियों से टैक्स वसूलते हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही अराजकता, दंगा, कर्फ्यू व उपद्रव था। टीएमसी की सहयोगी सपा के लोग गुंडा टैक्स वसूलते थे। राम का नाम लेने पर गोली-डंडा चलता था, पर आज यूपी में उपद्रव नहीं हो सकता। अब वहां रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजन आदि का उत्सव होता है। यूपी के लोग रामराज्य के नए युग में जी रहे हैं। नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में सब चंगा है। वहां कोई माफिया सिर उठाता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर हाइवे बना देता है, गरीबों के आवास बना देता है। बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले का यमराज के घर जाने का टिकट कट जाता है। गरीब की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वाले के सात जन्मों का हिसाब-किताब एक साथ हो … Read more

योगी सरकार में यूपी बन रहा देश का टैलेंट पावरहाउस

स्कूल से यूपीएससी तक नई उड़ान, योगी सरकार में ‘टैलेंट हब’ बना उत्तर प्रदेश  योगी सरकार में यूपी बन रहा देश का टैलेंट पावरहाउस  2017 के बाद संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल हस्तक्षेप और अवसरों के विस्तार से बदली तस्वीर  छोटे जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक दिख रहा असर – मेरठ, गोरखपुर, कानपुर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, मिर्जापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, कौशांबी जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में सफल हुए उम्मीदवार – यूपीएससी से लेकर एनईईटी-जेईई तक बढ़ी पकड़, समाज के अंतिम पायदान तक अवसरों का विस्तार – वर्ष 2021 में श्रुति शर्मा, 2023 में आदित्य श्रीवास्तव और 2024 में शक्ति दुबे ने पाई यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक वन लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या का सबसे बड़ा राज्य नहीं, बल्कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में देश का उभरता हुआ टैलेंट पावरहाउस बन चुका है। स्कूलों की मजबूत होती बुनियाद से लेकर यूपीएससी, एनईईटी और जेईई जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में लगातार बढ़ती सफलता यह दर्शा रही है कि प्रदेश में शिक्षा अब पढ़ाई के साथ-साथ परिणाम और प्रतिस्पर्धा केंद्रित मॉडल में बदल चुकी है। वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार के संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल हस्तक्षेप और अवसरों के विस्तार ने इस परिवर्तन को गति दी है। स्कूलों के आधारभूत ढांचे, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल संसाधनों, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन जैसे क्षेत्रों में हुए ठोस सुधारों ने शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर से बदल दिया है। 2017 से 2026: सुधार, विस्तार और परिणाम से बनी नई शैक्षिक संस्कृति वर्ष 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन एक सतत और योजनाबद्ध प्रक्रिया के रूप में उभरकर सामने आया है। 2017 में अनुशासन और पारदर्शिता को केंद्र में रखकर सुधारों की नींव रखी गई, जिसे 2018 में इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण और कायाकल्प अभियानों ने जमीनी मजबूती दी। 2019 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का दायरा व्यापक हुआ, जबकि 2020 में कोविड काल ने डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता और उसकी भूमिका को निर्णायक बना दिया। इसके बाद 2021 से 2024 तक यूपीएससी, पीसीएस, बैंकिंग, रक्षा तथा एनईईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं में उत्तर प्रदेश की निरंतर और मजबूत उपस्थिति ने इस बदलाव को परिणामों के रूप में स्थापित किया। 2025 में छात्रवृत्ति, कोचिंग सहायता और उच्च शिक्षा सुधारों का प्रभाव और स्पष्ट हुआ, जबकि 2026 तक इन सभी प्रयासों का संचयी प्रभाव एक ऐसी नई शैक्षिक संस्कृति के रूप में सामने आया, जिसमें अवसरों का विस्तार, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा तीनों का संतुलित विकास दिखाई देता है। मजबूत बुनियाद से बदली तस्वीर ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बिजली, फर्नीचर और पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया, जिससे प्रारंभिक शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ और छात्रों की उपस्थिति तथा सीखने की गुणवत्ता में सुधार आया। इसके साथ ही डिजिटल शिक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम ने शिक्षा को पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है। अब छात्रों की प्रगति का आकलन डेटा के आधार पर किया जा रहा है, जिससे जवाबदेही और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बढ़ती पकड़ उत्तर प्रदेश के छात्रों ने हाल के वर्षों में यूपीएससी सहित विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2021 में श्रुति शर्मा, 2023 में आदित्य श्रीवास्तव और 2024 में शक्ति दुबे ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। इसके साथ ही यूपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, रक्षा सेवाओं के साथ-साथ एनईईटी और जेईई जैसी परीक्षाओं में भी प्रदेश के छात्र लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। छोटे जिलों से उभर रही नई प्रतिभा जहां पहले सफलता प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों तक सीमित थी, वहीं अब मेरठ, गोरखपुर, कानपुर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, मिर्जापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, अंबेडकरनगर और कौशांबी जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में सफल उम्मीदवार सामने आ रहे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की प्रतिभा भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रही है। समाज के अंतिम पायदान पर हर वर्ग तक पहुंचा अवसर मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को निःशुल्क कोचिंग, मार्गदर्शन और मेंटोरशिप दी जा रही है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचा है। उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार से छात्रों को राज्य के भीतर ही बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे प्रतिभा का स्थानीय स्तर पर संरक्षण भी सुनिश्चित हुआ है।

योगी सरकार का कदम: मद्यनिषेध विभाग को मिला नया बल, संगठित तरीके से नशामुक्ति अभियान को मिली गति

योगी सरकार में मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित ढांचे से तेज हुआ नशामुक्ति अभियान 7 क्षेत्रीय मुख्यालयों से 75 जिलों तक पहुंचा जनजागरण, समाजोत्थान मिशन को मिली रफ्तार लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में मद्यनिषेध विभाग को अधिक संगठित, सक्रिय और जनकेंद्रित स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश में नशे की प्रवृत्ति, शराब सेवन और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को चुनौती मानते हुए सरकार ने विभागीय ढांचे को मजबूत किया है। साथ ही जनजागरूकता अभियानों को गांव से शहर तक विस्तार दिया गया है। परिणामस्वरूप मद्यनिषेध विभाग केवल औपचारिक प्रशासनिक इकाई न रहकर समाज में चेतना जगाने वाला प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, संवाद अभियान, रैलियां और सामाजिक सहभागिता आधारित गतिविधियां लगातार चलाई जा रही हैं, जिससे प्रदेश में नशामुक्त समाज की अवधारणा को मजबूती मिल रही है। नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक कर रही सरकार  योगी सरकार के कार्यकाल में विभाग द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवा मंचों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं नुक्कड़ नाटक, रैली, शपथ अभियान, पोस्टर प्रतियोगिता, सेमिनार और जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य समाज को नशे की बुराइयों से बचाकर स्वस्थ और सक्षम बनाना है। इसी कारण मद्यनिषेध विभाग को सामाजिक उत्थान से जोड़कर देखा जा रहा है। महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में स्थापित 7 क्षेत्रीय मुख्यालय  मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में विभाग के 7 क्षेत्रीय मुख्यालय स्थापित हैं, जिनमें लखनऊ, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद शामिल हैं। इन क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से 75 जनपदों में मद्यनिषेध संबंधी योजनाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रचार अभियानों का संचालन किया जा रहा है। यह सुव्यवस्थित नेटवर्क प्रदेश के हर हिस्से तक सरकार की नशामुक्ति नीति पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यालय स्तर पर तैनात हैं राज्य मद्यनिषेध अधिकारी अधिकारियों ने बताया कि विभागीय कार्यों के संचालन के लिए 7 क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी, 6 उप क्षेत्रीय अधिकारी, 27 जिला मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी तथा 7 प्राविधिक पर्यवेक्षक तैनात हैं। इनके साथ कार्यालयी स्टाफ, वाहन चालक और सहायक कर्मचारियों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके। मुख्यालय स्तर पर भी राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, उप राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, लेखाकार, लिपिक वर्ग और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इससे योजनाओं की निगरानी, बजट प्रबंधन, समीक्षा और फील्ड स्तर तक निर्देशों के प्रभावी पालन में मदद मिली है।

जोरासांको में गरजे सीएम योगी, बोले- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं”, 4 मई को बंगाल में भगवा लहराएगा

योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं जोरासांको में गरजे सीएम योगी- 4 मई को बंगाल में लहराएगा भगवा पहले चरण में 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से, बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं बुआ-भतीजा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जोरासांको से भाजपा उम्मीदवार विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी और एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल के लिए जनता से वोट मांगा कोलकाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ममता बनर्जी को ललकारते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 4 मई को भगवा लहराएगा। उन्होंने इशारों में ममता व अभिषेक बनर्जी पर प्रहार करते हुए कहा कि बुआ-भतीजा बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं। कोलकाता का मेयर कहता है कि यहां ऊर्दू चलेगी। कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि टीएमसी के जो लोग बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें बता दो कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है। सीएम योगी जोरासांको विधानसभा क्षेत्र में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यहां आए अधिसंख्य लोग हाथ में पोस्टर लिए हुए थे, जिस पर लिखा था- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।”  4 मई को बंगाल में लहराया जाएगा भगवा ध्वज  सीएम योगी ने कहा कि 23 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव होना है। परिवर्तन के प्रति लोगों के हृदय का उद्गार स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पहले चरण में 80 फीसदी सीटें भाजपा जीतने जा रही हैं। जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो बंगाल में भगवा ध्वज लहराया जाएगा। बंगाल का अंधकार समाप्त होगा, बंगाल फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनकर अपनी पहचान स्थापित करेगा। सीएम ने बड़ा बाजार को सबसे समृद्धतम व्यापारिक क्षेत्र बताते हुए कहा कि व्यापार, साहित्य, कला, सांस्कृतिक परंपरा व पौराणिक कालीबाड़ी मंदिर के लिए भी यह क्षेत्र जाना जाता है। हमें बंगाल की अस्मिता को बचाना है और कठमुल्लापन को बढ़ावा देने वालों को हर हाल में रोकना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र ने आपको जो ताकत दी है, अपने वोट के जरिए उसका सही इस्तेमाल कीजिए। रवींद्र नाथ ठाकुर व भारत माता की जगह टीएमसी के गुंडों ने लगा दिया ममता दीदी का फोटो  सीएम योगी ने कहा कि भारत निर्माण में बंगाल की धऱा पर जन्मे महापुरुषों के तप, त्याग, बलिदान व पुरुषार्थ का भी अतुलनीय योगदान रहा। बंगाल ने हर सम-विषम परिस्थितियों में भारत को संबल दिया। यह गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर की ठाकुरबाड़ी का क्षेत्र है। साहित्य के लिए पहले भारतीय के रूप में गुरुदेव की गीतांजलि को नोबल पुरस्कार मिला। गुरुदेव के हैरिटेज परिसर में जहां रवींद्र नाथ ठाकुर व भारत माता की प्रतिमा-फोटो लगनी चाहिए थी, वहां टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा कर ममता दीदी का फोटो लगा दिया। यह भारतीयता व बंगाल की अस्मिता का अपमान है। बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही ज्ञान की धरा बंगाल सीएम योगी ने कहा, बंगाल की भूमि उर्वर व प्रचुर जल-संसाधनों वाली है। यहां के नौजवान प्रतिभाशाली, किसान मेहनतकश और उद्यमी-व्यापारी परिश्रमी-पुरुषार्थी हैं। कभी पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था, लेकिन पहले कांग्रेस ने इसे लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 वर्ष से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के सारे यत्न कर रहे हैं। ज्ञान की धरा बंगाल बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही है। 10 वर्ष में 7000 से बड़े उद्योग, हजारों एमएसएमई यूनिट बंद हो गईं, 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए, फिर भी ममता दीदी के कानों में जू नहीं रेंग रही।  रामराज्य के नए युग में जी रहे उत्तर प्रदेश के नागरिक  सीएम योगी ने बंगाल की दुर्दशा बताते हुए कहा कि यहां धड़ल्ले से गोहत्या हो रही है। भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है। वह दुर्गापूजा की अनुमति नहीं देतीं, शोभायात्रा प्रतिबंधित करती हैं। दुर्गापूजा के समय कर्फ्यू लगता है। टीएमसी के गुंडे व्यापारियों से टैक्स वसूलते हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही अराजकता, दंगा, कर्फ्यू व उपद्रव था। टीएमसी की सहयोगी सपा के लोग गुंडा टैक्स वसूलते थे। राम का नाम लेने पर गोली-डंडा चलता था, पर आज यूपी में उपद्रव नहीं हो सकता। अब वहां रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजन आदि का उत्सव होता है। यूपी के लोग रामराज्य के नए युग में जी रहे हैं। नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में सब चंगा है। वहां कोई माफिया सिर उठाता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर हाइवे बना देता है, गरीबों के आवास बना देता है।   हमने अयोध्या, काशी, मथुरा व प्रयागराज को संवारा, लेकिन टीएमसी के गुंडे रवींद्र नाथ ठाकुर की पैतृक भूमि पर कब्जा कर रहे सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस व सपा सरकार के समय माफिया ने सरकार, गरीबों व व्यापारियों की जिन संपत्तियों पर कब्जा किया था,  हमने वो सारी संपत्तियां वापस कराईं। माफिया की अवैध जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए। अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज महाकुम्भ में पूरी दुनिया आई थी। विरासत के प्रति सम्मान का यह भाव तभी होता है, जब डबल इंजन सरकार होती है। हमने अयोध्या, काशी, मथुरा व प्रयागराज को संवारा-सजाया है। बंगाल में रवींद्र नाथ ठाकुर की पैतृक भूमि पर टीएमसी के गुंडे कब्जा कर रहे हैं, लेकिन यूपी में ऐसा करने वाले माफिया की सात पुश्तों की प्रॉपर्टी जब्त कर सरकार गरीबों के आवास बना देगी।  जनसभा में मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से जोरासांको से भाजपा उम्मीदवार विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी, एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल को भारी मतों से जिताने की अपील की।