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मारे गए भाजपा कार्यकर्ता की मां से मंच पर मिले योगी, बोले- बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ

सीएम योगी की तीसरी जनसभा गमछा व छाता लेकर चिलचिलाती धूप में पहुंचे हजारों मतदाताओं को मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त- ‘ए बार खेला शेष’ हावड़ा पश्चिम बंगाल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। उदयनारायणपुर में टीएमसी के गुंडों की अराजकता व धमकी के बावजूद हजारों की भीड़ चिलचिलाती धूप में सिर पर गमछा और छाता लिए सीएम योगी को देखने-सुनने के लिए उमड़ पड़ी। भाजपा उम्मीदवार प्रभाकर पंडित के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने लोगों को आश्वस्त किया कि 4 मई के बाद तृणमूल कांग्रेस के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। मंच पर पहुंचने से पहले सीएम योगी ने सभी कार्यकर्ताओं से परिचय भी प्राप्त किया। टीएमसी के गुंडे यहां सभा नहीं होने दे रहे थे, मैंने कहा कि अवश्य आऊंगा सीएम योगी मंच पर भाजपा कार्यकर्ता स्व. सुबोध जीत की मां से मिले और उनका दर्द बांटा, फिर कहा कि टीएमसी के गुंडों ने सुबोध को मारकर उनके जैसे हजारों कार्यकर्ताओं को पैदा किया है। मुझे यह भी पता लगा कि टीएमसी के गुंडे यहां भाजपा प्रत्याशी की सभा नहीं होने दे रहे हैं, टेंट नहीं लगने दे रहे हैं। तब मैंने कहा कि धूप में खड़े होकर भी उनके लिए सभा करूंगा, मैं कई कार्यक्रम स्थगित कर उदयनारायणपुर आया हूं। सीएम ने उदयनारायणपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं को बहादुर बताते हुए उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि 4 मई के बाद टीएमसी के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू होगी, उन्हें जवाब दिया जाएगा। टीएमसी के गुंडों की धमकी की परवाह किए बगैर लोग यहां आए सीएम योगी ने धूप में खड़े मतदाताओं के उत्साह को प्रणाम किया। कहा कि आज यहां पंडाल नहीं लगाने दिया गया, कहा गया कि प्रभाकर पंडित की सभा में टेंट व माइक नहीं जाएगा। टीएमसी के गुंडों ने हमारे कार्यकर्ताओं को भी धमकाया। लेकिन, टीएमसी के गुंडों, धूप व गर्मी की परवाह किए बिना आप लोग मां दक्षिणेश्वर काली को नमन करते हुए, बंगाल के वीर बलिदानियों की परंपरा के अनुरूप जो शपथ लेकर आए हैं, वह देखकर मैं कह रहा हूं कि उदयनारायणपुर समेत हावड़ा की सभी विधानसभा सीटों पर कमल खिलने वाला है। बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है सीएम योगी ने कहा कि कश्मीर में जैसे धारा-370 हमेशा के लिए समाप्त की गई,  वैसे ही बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है। कभी बंगाल की पहचान नॉलेज व कल्चरल कैपिटल के रूप में थी, लेकिन 15 वर्ष में टीएमसी के शासनकाल में 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए। धान, चावल, मछली उत्पादन कम हुआ। ग्रोथ इंजन वाला बंगाल टीएमसी, कम्युनिस्टों व कांग्रेस की लूट के कारण कंगाली की ओर बढ़ गया। हमें बंगाल को पुनर्स्थापित करना है। बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ सीएम ने तृणमूल नेताओं के बयानों पर भी जवाब दिया। कहा कि उनका एक मेयर कहता है कि बंगाल में आधी आबादी को ऊर्दू पढ़ाएंगे,  हम कहते हैं कि ऊर्दू पढ़ने वाले वहीं जाएं, जहां ऊर्दू में शिक्षा मिलती हो। बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। टीएमसी की एक सांसद कहती हैं कि दिल में काबा, नयनों में मदीना, लेकिन वे जान लें कि बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ है। भारत की आध्यात्मिक परंपरा व विरासत बंगाल की रग-रग में बसी है। भाजपा सरकार बनाइए, डेमोग्राफी चेंज होने से बचाइए सीएम ने कहा कि ममता दीदी रामनवमी के जुलूस पर प्रतिबंध लगाती हैं। 2017 के पहले यही अराजकता, गुंडागर्दी यूपी में भी थी। पर्व-त्योहारों के पहले महीनों कर्फ्यू होता था, लेकिन अब यूपी में उपद्रव नहीं, उत्सव है। बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले का यमराज के घर जाने का टिकट कट जाता है। गरीब की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वाले के सात जन्मों का हिसाब-किताब एक साथ हो जाता है। 2017 के पहले यूपी में भी जयश्रीराम बोलने पर लाठी-डंडे और गोली चलती थी, आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो गया। इसे कोई रोक नहीं पाया। टीएमसी के गुंडों का जवाब केवल कमल का फूल है। भाजपा की डबल इंजन सरकार बनाइए, बंगाल को टीएमसी की गुंडागर्दी से और डेमोग्राफी चेंज होने से बचाइए। अब बंगाल में उत्सव में बाधा बनने वालों का खेला होगा सीएम योगी ने कहा कि ममता दीदी कहती है कि खेला होबे, मैं कहता हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)। मोदी जी द्वारा विकास के लिए भेजे गए पैसे में बंगाल सरकार की डकैती बंद होगी। रामनवमी व दुर्गापूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास से होंगे। कोई इसमें बाधा बनेगा तो उसका खेला शुरू हो जाएगा। मतदाताओं की ताकत बंगाल को गुंडागर्दी से निजात दिलाएगी। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्त बांग्ला बनेगा। अब ऑन्धकार हटबे, सूरोज उठेबे, कोमोल खिलबे (अंधकार हटेगा, सूरज उगेगा, कमल खिलेगा।

योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व, ब्राह्मणों पर ध्यान और OBC से एक नाम तय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं काफी दिन से हैं। कहा जा रहा था कि खरमास के बाद कभी भी कैबिनेट विस्तार हो सकता है। अब जानकारी मिल रही है कि बंगाल चुनाव के बाद कभी भी फेरबदल हो सकता है। इस फेरबदल में कुछ नए मंत्री जुड़ सकते हैं तो कुछ लोगों को संगठन में भेजा जा सकता है। इसके अलावा विभागों में भी परिवर्तन किया जा सकता है। 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा फिलहाल संगठन मजबूत कर रही है। ऐसे में कुछ सीनियर और तेज नेताओं को संगठन की कमान भी दी जा सकती है। वहीं मंत्री परिषद में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने पर जोर होगा। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बीते कुछ दिनों में लगातार बैठकें हुई हैं। विनोद तावड़े लखनऊ पहुंचे थे तो कई नेताओं से मुलाकात की थी। इसके अलावा दिल्ली जाकर भी राज्य के दोनों डिप्टी सीएम शीर्ष नेताओं से मिल चुके हैं। फिलहाल संघ की ओर से भाजपा के साथ समन्वय करने वाले अरुण कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह समेत कई नेताओं के साथ मंथन का दौर चल रहा है। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव के बाद कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मुहर लग जाएगी। पहले राउंड में कुछ नामों को तय किया गया है, जिन पर दिल्ली से मुहर लगने का इंतजार है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार था और अब पंकज चौधरी को जिम्मेदारी मिल गई है तो फिर कैबिनेट विस्तार का भी प्लान बन रहा है। चर्चा है कि कैबिनेट विस्तार में किसी सीनियर ब्राह्मण नेता को तवज्जो मिल सकती है। अब तक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के अलावा एक और ब्राह्मण चेहरा जितिन प्रसाद थे। फिलहाल जितिन प्रसाद दिल्ली की राजनीति में चले गए हैं। ऐसे में उनके स्थान पर किसी को चांस मिल सकता है। बीते कुछ महीनों से ब्राह्मणों की नाराजगी का नैरेटिव भी विपक्ष चलाता रहा है। ऐसे में भाजपा शायद बिरादरी के किसी नेता को मौका दे। अखिलेश के PDA की काट क्यों खोजना चाह रही भाजपा? इसके अलावा दलित समुदाय से भी किसी नेता को मंत्री पद मिल सकता है। कांशीराम जयंती से लेकर आंबेडकर जयंती तक मनाने वाले अखिलेश यादव लगातार पीडीए का नारा दोहरा रहे हैं। ऐसे में दलित समुदाय को अपने पाले में रखने के लिए भाजपा किसी नेता को मौका जरूर देगी। सबसे ज्यादा चर्चा किसी महिला को मंत्री बनाए जाने की है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में गिरने के बाद भाजपा इसे मुद्दा बना रही है। ऐसे में किसी महिला को मंत्री बनाकर भाजपा के पास मौका होगा कि वह उदाहरण देते हुए विपक्ष को घेरे। ओबीसी वर्ग से तय माना जा रहा भूपेंद्र चौधरी का नाम ओबीसी की बात करें भूपेंद्र चौधरी का नाम तय माना जा रहा है। वह अब तक प्रदेश अध्यक्ष थे। जाट बिरादरी से आते हैं और बिना किसी विवाद के काम करने वाले नेता हैं। ऐसे में जाट समाज के बीच संदेश देने के लिए उन्हें मौका मिल सकता है। पश्चिम यूपी यूं भी भाजपा के लिए अहम है। अब तक सीएम के अलावा प्रदेश अध्यक्ष और दोनों डिप्टी सीएम में से कोई भी पश्चिम यूपी का नहीं है। इसलिए मंत्री परिषद के जरिए इस क्षेत्रीय संतुलन को भी साधा जा सकता है।

सीएम योगी की बैठक: होमगार्ड भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था पर होगा विस्तृत विचार

होमगार्ड भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था पर सीएम योगी करेंगे समीक्षा बैठक बुधवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होगी बैठक सभी जोन के एडीजी, पुलिस कमिश्नर, मंडलायुक्त, डीएम-एसपी होंगे बैठक में शामिल 25 से 27 अप्रैल के बीच होने वाली परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री देंगे आवश्यक दिशा निर्देश लखनऊ  प्रदेश में होने वाली होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार रात 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा करेंगे, जिसमें परीक्षा की तैयारियों के साथ-साथ कानून व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री महत्वपूर्ण निर्देश देंगे। बैठक में प्रदेश के सभी अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, आईजी/डीआईजी रेंज, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक और जिला विद्यालय निरीक्षक समेत संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। 25 से 27 अप्रैल तक होनी है भर्ती परीक्षा गौरतलब है कि प्रदेश में 25, 26 और 27 अप्रैल को होमगार्ड भर्ती परीक्षा आयोजित की जानी है। परीक्षा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, अभ्यर्थियों की सुविधा और नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री बैठक के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा करेंगे। संवेदनशील जिलों, परीक्षा केंद्रों और संभावित भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा सकते हैं। नकल व गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस नीति योगी सरकार का पूरा जोर परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने पर है। नकल, पेपर लीक या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। इसी क्रम में सभी अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पूरी तैयारी के साथ प्रतिभाग करने के लिए निर्देशित किया गया है।

योगी सरकार की योजना से निराश्रित महिलाएं हो रही हैं सशक्त, 40 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रही विधवा पेंशन

योगी सरकार की पहल से सशक्त हो रहीं निराश्रित महिलाएं, 40 लाख से अधिक को मिल रहा विधवा पेंशन का लाभ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार सरकार का लक्ष्य: कोई भी पात्र महिला योजना से न रहे वंचित लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर मजबूत बनाने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है। इसी क्रम में निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की 40.32 लाख से अधिक विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है।  चार किस्तों में विधवा महिलाओं को मिल रही सहायता प्रदेश की योगी सरकार इस योजना के जरिए उन महिलाओं तक सीधी मदद पहुंचा रही है, जिनके सामने पति के निधन के बाद आजीविका का संकट खड़ा हो जाता है। महिला कल्याण विभाग की इस योजना के तहत प्रदेश की कुल 40,32,629 महिलाओं को लाभ मिला है। यह पेंशन सालभर में चार किस्तों में जारी की जाती है, जिसमें हर तीन महीने की राशि एक साथ दी जाती है। इसमें अप्रैल-मई-जून, जुलाई-अगस्त-सितंबर, अक्टूबर-नवंबर-दिसंबर और जनवरी-फरवरी-मार्च की किस्तें शामिल हैं। साल 2021 में विधवा पेंशन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सहायता राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया था। यह राशि सीधे लाभार्थियों के आधार लिंक बैंक खातों में PFMS के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016-17 से पहले जहां करीब 17.31 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40.32 लाख से अधिक हो चुकी है। यह विस्तार दर्शाता है कि सरकार लगातार ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद महिलाओं को योजना से जोड़ रही है। कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित ना रहे योजना के तहत सिर्फ वही महिलाएं पात्र हैं जो उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हों। साथ ही जिनके पति का निधन हो चुका हो, जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो और परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हो उन्हें ही लाभ मिल सकता है। इस संबंध में महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करती है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बाधा डालकर विपक्ष ने उजागर किया अपना महिला-विरोधी चेहरा: मुख्यमंत्री

fमहिला अधिकार के लिए सड़क पर उतरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिला आरक्षण पर विपक्ष के विश्वासघात के खिलाफ जन आक्रोश पदयात्रा में प्रदेश अध्यक्ष, दोनों उपमुख्यमंत्री, सहयोगी दलों के नेता समेत पूरी सरकार के साथ शामिल हुए सीएम योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बाधा डालकर विपक्ष ने उजागर किया अपना महिला-विरोधी चेहरा: मुख्यमंत्री  विपक्ष का आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल, आक्रोशित महिलाएं दे रहीं सड़कों पर जवाब: सीएम योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष के दोहरे चरित्र के विरुद्ध महिलाओं के जनाक्रोश को सीएम योगी ने दी आवाज तेज धूप भी नहीं रोक सकी आधी आबादी का आक्रोश, जनाक्रोश पदयात्रा में शामिल हुईं हजारों महिलाएं सपा-कांग्रेस की महिला-विरोधी राजनीति के खिलाफ राजधानी में सीएम योगी के नेतृत्व में उमड़ा जन-सैलाब आक्रोशित महिलाएं बोलीं, ‘सपा की पुरानी बीमारी-आधी आबादी से गद्दारी’ लखनऊ  नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लोकसभा में विपक्ष द्वारा पारित नहीं होने देने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ ऐतिहासिक जनाक्रोश का साक्षी बना, जब महिला अधिकार के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सड़क पर उतरे। उनके नेतृत्व में हजारों महिलाओं का हुजूम मुख्यमंत्री आवास से सिविल हॉस्पिटल होते हुए विधान भवन तक उमड़ पड़ा। इस जनाक्रोश पदयात्रा में सीएम योगी के साथ पूरा मंत्रिमंडल सड़क पर उतरा दिखाई दिया। यह कोई साधारण पदयात्रा या रैली नहीं थी, यह नारी सम्मान और उसके संवैधानिक अधिकारों पर हुए हमले का सीधा और बेहद तीखा जवाब था। विधान भवन के सामने महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधानसभाओं एवं लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, किंतु कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके सहित इंडी गठबंधन के दलों द्वारा इसे बाधित करने का प्रयास उनके अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी चेहरे  को उजागर करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इन दलों को अपनी नकारात्मक छवि सुधारने का अवसर दिया गया था, किंतु इन्होंने उसका दुरुपयोग करते हुए महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी अन्याय के विरोध में देशभर में आधी आबादी सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक ढंग से अपना आक्रोश प्रकट कर रही है। लखनऊ में प्रचंड गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के प्रति व्यापक जनसमर्थन और आशीर्वाद का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश का एक-एक नागरिक आधी आबादी की इस न्यायोचित मांग के साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने व्यापक परिवर्तन देखा है, जिसमें ‘महिला, गरीब, युवा और किसान’ इन चार जातियों को केंद्र में रखकर नीतियों का निर्माण किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप देश ने विकास और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित किए हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना सहित अनेक योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। स्वच्छ भारत मिशन केवल स्वच्छता का अभियान नहीं, बल्कि नारी गरिमा की रक्षा का सशक्त माध्यम है, वहीं उज्ज्वला योजना केवल ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और स्वावलंबन को सुदृढ़ करने का माध्यम है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं केवल लाभ वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवारों को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करने का सशक्त आधार बन रही हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, घरौनी वितरण जैसे प्रयासों ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़ने का कार्य किया है। डबल इंजन की सरकार लगातार कार्य कर रही है, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के दल हर योजना का विरोध करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला है और यह व्यवस्था वर्ष 2029 तक लागू हो जाए, इसको लेकर प्रधानमंत्री जी और गृह मंत्री जी ने सभी को आश्वस्त भी किया, इसके बावजूद इन विपक्षी दलों का जो आचरण रहा है, वह नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है। इसी कारण आज देशभर की महिलाएं इन दलों के विरोध में एकजुट होकर आंदोलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा युवा संबंधी अन्य योजनाएं इस दिशा में प्रभावी माध्यम बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने आक्रोश पदयात्रा में बड़ी संख्या में सहभागिता के लिए सभी महिलाओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। तेज धूप भी नहीं रोक सकी संकल्प, हाथों में तख्तियां-होंठों पर प्रतिकार पूर्वाह्न लगभग 10 बजे मुख्यमंत्री आवास से प्रारंभ हुई इस पदयात्रा के समय भी चुभने वाली तेज धूप थी,  लेकिन महिलाओं का आक्रोश उससे कहीं अधिक धधक रहा था। हाथों में विपक्ष की कुत्सित राजनीति की निंदा करते हुए स्लोगन लिखी हुईं तख्तियां और ‘बहन- बेटियों का अपमान-नहीं सहेगा हिन्दुस्तान, महिला अधिकारों पर वार-सपा-कांग्रेस जिम्मेदार, कांग्रेस का हाथ-नारी शक्ति के खिलाफ, नारी के सम्मान में-एनडीए मैदान में’ जैसे गूंजते नारों के साथ यह रैली विपक्ष की कायरता और राजनीतिक स्वार्थ को बेनकाब करती हुई आगे बढ़ी। हर कदम पर महिलाओं का हुजूम साफ संदेश दे रहा था- आधी आबादी के सम्मान और अधिकारों पर कोई समझौता नहीं, कोई चुप्पी नहीं, कोई माफी नहीं। जनाक्रोश पदयात्रा में हजारों महिलाओं की सहभागिता ने साबित किया कि आधी आबादी इस मुद्दे पर खामोश नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पदयात्रा में केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक और सहयोगी दलों के नेता सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा भाजपा की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे। राजधानी लखनऊ के लिए यह एक अभूतपूर्व दृश्य था। रैली के दौरान पूरे मार्ग पर अनुशासन और उत्साह का अद्वितीय संगम देखने को मिला। युवा, वृद्ध, छात्राएं और कामकाजी महिलाएं, हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक सामाजिक … Read more

योगी ने बंगाल में तृकां को घेरा, बोले- राम के नाम और दुर्गा पूजा से ममता दीदी को नफरत, सड़कों पर कराती हैं इफ्तार पार्टी

गारबेटा में भी योगी-योगी, सड़कों-छतों पर खड़े होकर हजारों लोगों ने किया बुलडोजर बाबा का दीदार योगी ने बंगाल में तृकां को घेरा, बोले- राम के नाम और दुर्गा पूजा से ममता दीदी को नफरत, सड़कों पर कराती हैं इफ्तार पार्टी  सीएम योगी ने गिनाईं यूपी की विशेषताएं, कहा- यूपी की सड़कों से गुजरिए, फिर भी हाथ पर रखे कप से नहीं छलकेगा पानी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की गारबेटा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रदीप लोढ़ा के पक्ष में की चुनावी रैली   पश्चिम मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जबर्दस्त क्रेज दिख रहा है। एक ओर चिलचिलाती धूप में योगी आदित्यनाथ भाजपा प्रत्याशियों के लिए खूब पसीना बहा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उन्हें देखने-सुनने और एक झलक पाने को हजारों की भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को गारबेटा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार प्रदीप लोढ़ा के पक्ष में हुई चुनावी रैली में भी यही नजारा दिखा, जब दीवारों, वाहनों और घरों की छतों पर खड़े होकर लोगों ने योगी आदित्यनाथ का भाषण सुना और योगी-योगी की गूंज से उनका बंगाल की धरा पर स्वागत किया। योगी आदित्यनाथ ने भी नौजवानों, किसानों, महिलाओं से आह्वान किया कि जिस बंगाल को कांग्रेस, कम्युनिस्टों और तृणमूल कांग्रेस ने कंगाल किया है, उसे इन पार्टियों की अराजकता से मुक्त कराइए।  तृणमूल की अराजकता से मुक्त अब डबल इंजन सरकार लाने जा रहा पश्चिम बंगाल  सीएम ने बंगाल के राष्ट्रनायकों की धरा बताया, कहा कि जब तुष्टिकरण की पराकाष्ठा और टीएमसी सरकार की गुंडागर्दी चरम पर हो तो नेताजी सुभाष चंद्र बोस याद आते हैं। यहां के नौजवानों के सामने पहचान का संकट आया है। कभी लीडर की भूमिका में रहा बंगाल लूजर की भूमिका में हो गया है। भारत की आर्थिक उन्नति का आधार रहा बंगाल तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस व कम्युनिस्टों के लूटतंत्र का शिकार होकर कंगाल हो गया है। तृणमूल की अराजकता से मुक्त होकर बंगाल भी अब डबल इंजन सरकार का स्वाद चखने जा रहा है।  यूपी में हैं ऐसी सड़कें कि हाथ पर रखे कप से पानी भी नहीं छलकेगा सीएम योगी ने आरोप लगाया कि जयश्रीराम बोलने पर ममता दीदी को परेशानी होती है। सड़कों पर इफ्तार पार्टी कराने वाली ममता दीदी ने राम नाम, दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन, शोभायात्रा पर बैन लगा दिया है। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी अराजकता, गुंडागर्दी, सड़कों पर नमाज और इफ्तार पार्टी होती थी, लेकिन यूपी में 9 साल से डबल इंजन सरकार चल रही है, तबसे नो कर्फ्यू, नो दंगा है, यूपी में सब चंगा है। वहां किसी के हक पर कोई डकैती नहीं डाल सकता। यूपी में ऐसी सड़कें हैं कि हाथ पर रखे कप से पानी नहीं छलकेगा। यूपी हाईवे स्टेट, एक्सप्रेसवे स्टेट, सर्वाधिक एयरपोर्ट वाला स्टेट, सर्वाधिक रोजगार देने वाला राज्य यूपी बन गया। जहां पहले उपद्रव होता है, वहां अब उत्सव हो रहा है।  बंगाल में राम का नाम लेने से चिढ़ती हैं ममता दीदी और यूपी में बन गया भव्य राम मंदिर सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी में सड़कों पर इफ्तारी और नमाज नहीं होती है। मस्जिद से अजान भी नहीं सुनाई देती। यूपी में हर तरफ खुशहाली है। ममता दीदी बंगाल में राम का नाम लेने पर चिढ़ती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आसमान को छूता भव्य राम मंदिर का निर्माण हो गया। हर भारतीय को सीना तानकर खड़े होने और मर्यादा की प्रेरणा देने वाला राम मंदिर बताता है कि आस्था झुकती, रुकती, टूटती नहीं है। बस चुनौती का सामना करने की इच्छाशक्ति हो। वहां विधर्मियों के हौसले पस्त हुए। यूपी में माफिया की हड्डी-पसली को चकनाचूर कर देता है बुलडोजर सीएम ने कहा कि यूपी में गोहत्या, लवजेहाद, लैंडजेहाद नहीं हो सकता। माफिया व गुंडों ने हिमाकत की तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली को चकनाचूर कर देता है। टीएमसी का मतलब टेरर, माफियाराज व करप्शन है। इसे केवल भाजपा सरकार ही समाप्त कर सकती है। न गोहत्या होने देंगे और न ही हिंदू को बंटने देंगे। उन्नति के लिए बंगाल को भी डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में कार्य करना है।

बेसिक शिक्षा के 32 हजार से अधिक विद्यालय अब बने ‘निपुण’

बेसिक शिक्षा के 32 हजार से अधिक विद्यालय अब ‘निपुण योगी सरकार में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लगातार प्रयासों का ठोस परिणाम हर स्कूल को ₹50 हजार की सहायता, निपुण स्कूलों के शिक्षकों का सम्मान लखनऊ  योगी सरकार में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों का बड़ा परिणाम सामने आया है। निपुण भारत मिशन के तहत किए गए ताजा आकलन में 32,480 प्राथमिक विद्यालय ‘निपुण’ घोषित किए गए हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 1 और 2 के कम से कम 80 प्रतिशत बच्चों ने भाषा और गणित में अपेक्षित दक्षता हासिल की है। इन विद्यालयों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराए गए इस आकलन को पारदर्शी और जमीनी माना जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि कड़े मानकों के बावजूद यह परिणाम गुणवत्ता सुधार की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। निपुण रैंकिंग वाले टॉप जिले निपुण रैंकिंग में प्रदेश के कई जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। निपुण आकलन के आधार पर सबसे अधिक निपुण विद्यालयों वाले जिलों में हरदोई (1002 विद्यालय), अलीगढ़ (969 विद्यालय), शाहजहांपुर (916 विद्यालय), महाराजगंज (874 विद्यालय) और खीरी (830 विद्यालय) शीर्ष स्थान पर हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि इन जिलों में बड़ी संख्या में विद्यालयों ने निपुण मानक हासिल किया है और शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का ठोस असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। पारदर्शी आकलन, डीएलएड प्रशिक्षुओं की भूमिका इस बार आकलन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने विद्यालयों में जाकर कक्षा 1 और 2 के छात्रों की सीखने की क्षमता का वास्तविक परीक्षण किया। निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर के माध्यम से यह रिपोर्ट सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों के पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। इससे न सिर्फ योगी सरकार की पारदर्शिता नीति को बल मिला है, बल्कि जवाबदेही भी तय हुई है। शिक्षकों का सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन निपुण घोषित विद्यालयों के लिए सरकार ने विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की है। प्रत्येक विद्यालय को ₹50 हजार की धनराशि दी जाती है, जिसका उपयोग शैक्षणिक सामग्री और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को जिला और ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया जाता है। विद्यालय परिसरों में ‘निपुण विद्यालय’ का लोगो भी प्रदर्शित किया जाता है, जिससे उनकी अलग पहचान बनती है। गुणवत्ता सुधार का व्यापक अभियान निपुण परिणामों के पीछे व्यापक तैयारी की भूमिका है। बेसिक स्कूलों के शिक्षकों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (पढ़ने, लिखने और गणना) आधारित प्रशिक्षण दिया गया है। परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास व ICT लैब विकसित किए गए हैं। 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट वितरण से डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा मिला है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.32 लाख विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ की गई हैं। स्कूल चलो अभियान के तहत 2024-25 में 13.22 लाख और 2025-26 में 15.84 लाख बच्चों का नामांकन कराया गया। 7.73 लाख आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा गया।  समग्र बदलाव का संकेत 2025-26 में करीब 1.07 लाख परिषदीय विद्यालयों का आकलन किया गया था। कड़े मानकों के बावजूद 32,480 विद्यालयों का निपुण घोषित होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार हुआ है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कम प्रदर्शन वाले विद्यालयों को चिन्हित कर उन्हें निपुण श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। प्रदेश में बेसिक शिक्षा अब केवल नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि सीखने के परिणामों पर फोकस है। निपुण भारत मिशन के तहत मिले ये परिणाम बताते हैं कि नीति, प्रशिक्षण और निगरानी का समन्वय असर दिखा रहा है। आने वाले समय में और अधिक विद्यालयों को निपुण श्रेणी में लाने की तैयारी है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता को और ऊंचा उठाया जा सके।

नासा के वर्ल्ड नाइट मैप में उत्तर प्रदेश की चमक, योगी सरकार की ऊर्जा नीति को मिली वैश्विक पहचान

नासा के वर्ल्ड नाइट मैप में चमका उत्तर प्रदेश, योगी सरकार की ऊर्जा नीति को मिली वैश्विक पहचान वैश्विक मंच पर चमका उत्तर प्रदेश का नाम, हर घर रोशनी की योगी सरकार की नीति को मिली अंतर्राष्ट्रीय मान्यता हर घर रोशनी के संकल्प को अंतर्राष्ट्रीय मुहर, उत्पादन से वितरण तक यूपी बना मॉडल लखनऊ,  नासा द्वारा जारी वर्ल्ड नाइट मैप में उत्तर प्रदेश का दुनिया के सबसे अधिक रोशन क्षेत्रों में प्रमुखता से उभरना प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बनकर सामने आया है। यह केवल रोशनी का दृश्यात्मक आंकलन नहीं, बल्कि योगी सरकार के “सबको बिजली, पर्याप्त बिजली और गुणवत्तापूर्ण बिजली” के संकल्प की वैश्विक पुष्टि है। दरअसल, नासा ने सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित एक नया ग्लोबल मैप जारी किया है, जिसमें दिखाया गया है कि 2014 से 2022 के बीच पृथ्वी पर रात की रोशनी में कैसे बदलाव आया है? वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की तस्वीर बनाने के लिए नौ सालों तक हर रात जमा की गई 16 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया। नतीजों से पता चला कि शहरी विकास के कारण उत्तरी भारत में, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार में रात की रोशनी का स्तर बढ़ गया है। गांव से शहर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में बीते वर्षों में जो संरचनात्मक बदलाव किए हैं, उनका प्रभाव अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी दिखाई दे रहा है। गांव से शहर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने नीति, प्रबंधन और तकनीक के स्तर पर व्यापक सुधार किए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को नई दिशा मिली है। उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ-साथ ऊर्जा के विविध स्रोतों को मजबूत किया गया है, जिससे बढ़ती मांग को संतुलित तरीके से पूरा किया जा रहा है। उत्पादन से ट्रांसमिशन तक मजबूत ढांचा प्रदेश में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की तीसरी इकाई का सफल सिंक्रनाइजेशन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली में सुधार के तहत नए उपकेंद्र स्थापित किए गए, जर्जर लाइनों का आधुनिकीकरण हुआ और स्मार्ट तकनीकों का उपयोग बढ़ा। इससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और निर्बाध हुई है, साथ ही लाइन लॉस में भी उल्लेखनीय कमी आई है। तकनीक और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं को लाभ योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल हुआ है। उपभोक्ताओं को अब रियल टाइम खपत की जानकारी मिल रही है, ऑनलाइन सेवाएं आसान हुईं हैं और विद्युत चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि उपभोक्ता संतुष्टि भी मजबूत हुई है। कृषि, उद्योग और निवेश को मिली नई रफ्तार निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुगम हुई है, उद्योगों को स्थिर बिजली मिली है और सेवा क्षेत्र में भी विस्तार देखने को मिला है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य के रूप में उभर रहा है। नासा का वर्ल्ड नाइट मैप उत्तर प्रदेश की ऊर्जा नीति, प्रबंधन क्षमता और विकासोन्मुखी सोच की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति है। यह उपलब्धि आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक निवेश, नवाचार और आत्मनिर्भरता को गति देगी।

सीएम बोले- ममता दीदी कहती है खेला होवे, लेकिन इस बार खेला खत्म होगा और विकास प्रारंभ होगा

अब टीएमसी का खेल खत्म होगा और बंगाल का विकास शुरू होगा: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के जॉयपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी विश्वजीत महतो के पक्ष में की जनसभा सीएम बोले- ममता दीदी कहती है खेला होवे, लेकिन इस बार खेला खत्म होगा और विकास प्रारंभ होगा बंगाल की प्रतिभा आज पलायन कर रही है, बंगाल के पुरुषार्थ को कुंद कर दिया गया है: सीएम वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हमें टीएमसी मुक्त बंगाल चाहिए: योगी जॉयपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के जॉयपुर विधानसभा क्षेत्र में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रत्याशी विश्वजीत महतो के पक्ष में भारी मतदान की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने बंगाल की गौरवशाली विरासत, समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और वर्तमान में व्याप्त अराजकता-गुंडागर्दी के बीच स्पष्ट अंतर रखते हुए कहा कि बंगाल की धरा रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और खुदीराम बोस जैसी महान विभूतियों की भूमि रही है। यहां की कुम्हार-प्रजापति समुदाय की मिट्टी की कला, छाऊ नृत्य की विश्वविख्यात परंपरा, कुरमाली-संथाली संस्कृति की आत्मीयता और खजूर रस की मिठास बंगाल की असली पहचान हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ममता दीदी कहती हैं ‘खेला होवे’, लेकिन अब टीएमसी का खेल समाप्त हो चुका है। अब बंगाल का विकास प्रारंभ होगा।  टीएमसी मुक्त बंगाल का मतलब है विकास की शुरुआत मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा दायित्व है कि विरासत का संरक्षण करते हुए हम विकास करें। बंगाल की धरा प्रेरणा की धरा है। बंगाल की धरा भारत को दिशा देने वाली धरा थी। बंगाल में प्रतिभा थी, लेकिन प्रतिभा पलायन कर रही है। बंगाल में पुरुषार्थ था, लेकिन उसे कुंद कर दिया गया है। बंगाल में वह सब कुछ था जो बंगाल को भारत के अंदर नेतृत्व देने का माद्दा रखता था। लेकिन बंगाल को एक साजिश के तहत पहले कांग्रेस ने, फिर कम्युनिस्टों ने और अब टीएमसी ने अराजकता और गुंडागर्दी का अड्डा बना दिया है। कभी बंगाल की धरती से निकला “वंदे मातरम” भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था। यह वर्ष वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने का वर्ष है। इस उपलक्ष्य में हमें टीएमसी मुक्त बंगाल चाहिए, क्योंकि टीएमसी मुक्त बंगाल का मतलब है डबल इंजन की भाजपा सरकार और डबल इंजन की भाजपा सरकार का मतलब है, बंगाल में अब विकास शुरू होगा।  ..ताकि मोदी जी द्वारा भेजा गया विकास का पैसा हजम न हो मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉयपुर की पावन धरा वीरांगना लाबण्या प्रभा घोष के सुर और बलिदान की साक्षी है। यहां के कुम्हार और प्रजापति समुदाय की अथक मेहनत से निर्मित कलाकृतियां देशभर में प्रसिद्ध हैं, साथ ही खजूर रस की मिठास और विश्वविख्यात छाऊ नृत्य इस भूमि की सांस्कृतिक पहचान हैं। कुरमाली और संथाली संस्कृति की अपनापन व आत्मीयता जॉयपुर की असली ताकत है। यह वही पावन धरा है, जहां से नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, लाहिड़ी महाशय, स्वामी प्रणवानंद और खुदीराम बोस जैसी विभूतियां निकलीं। लेकिन आज टीएमसी के शासन में दुर्गा पूजा पर रोक, राम भक्तों पर अत्याचार, लव जिहाद-लैंड जिहाद, गौ-हत्या, माफिया राज, उद्योग-धंधों का बंद होना और 30 लाख नौजवानों की बेरोजगारी जैसी समस्याएं बंगाल को ग्रस्त कर रहीं हैं। एक समय देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन रहे बंगाल को कांग्रेस, कम्युनिस्टों और अब टीएमसी ने अराजकता का अड्डा बना दिया है। इसलिए यहां डबल इंजन की भाजपा सरकार की जरूरत है, ताकि मोदी जी द्वारा भेजा गया विकास का पैसा हजम न हो और विरासत का संरक्षण करते हुए बंगाल में फिर से विकास की नई यात्रा शुरू हो सके। अब यूपी की सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में आज जो अराजकता, गुंडागर्दी और तुष्टिकरण की स्थिति है, यही स्थिति वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में थी। उस समय यूपी में पर्व-त्योहार से पहले दंगे होते थे, कर्फ्यू लगा रहता था, लव जिहाद-लैंड जिहाद आम थे और गौ-हत्या सरेआम होती थी। लेकिन जब उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की भाजपा सरकार बनी, तो सब बदल गया। आज वहां उपद्रव नहीं, उत्सव है। 65 लाख गरीबों को आवास, करोड़ों शौचालय, 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख की स्वास्थ्य सुविधा, 16 करोड़ को राशन और 2 करोड़ को उज्ज्वला योजना के तहत फ्री एलपीजी कनेक्शन मिले हैं। नौजवानों को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा, किसानों के चेहरे पर खुशहाली और कुम्हार समुदाय को मुफ्त मिट्टी व सोलर चाक जैसी सुविधाएं दी गईं हैं। आज यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगे। सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती, मस्जिदों से तेज आवाज नहीं आती। वहां अब एक ही नारा गूंजता है “न गौ माता को कटने देंगे, न हिंदुओं को बंटने देंगे”। हर जाति का हिंदू सुरक्षित और समृद्ध है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और प्रयागराज महाकुंभ ने विश्व को आयोजन की मिसाल दी है। यूपी का यह मॉडल साबित करता है कि डबल इंजन सरकार आने से विकास होता है और बंगाल में भी यही बदलाव लाना है।

विकास और विरासत का संतुलन, योगी सरकार बना रही है नए उत्तर प्रदेश की पहचान

विकास के साथ विरासत का सम्मान, योगी सरकार गढ़ रही नए उत्तर प्रदेश की पहचान एक्सप्रेस-वे से रश्मिरथी पर्व तक, विकास और संस्कृति का संतुलित मॉडल महापुरुषों के सम्मान संग आगे बढ़ता यूपी, योगी सरकार की सकारात्मक पहल लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ महापुरुषों की विरासत को सम्मान देने की दिशा में योगी सरकार लगातार सकारात्मक पहल कर रही है। प्रदेश में एक ओर जहां एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज, स्मार्ट सिटी, निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रनायकों, संतों, साहित्यकारों और समाज सुधारकों की स्मृतियों को सहेजने के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। यही संतुलित सोच योगी सरकार की कार्यशैली को अलग पहचान दे रही है। प्रेरणास्रोत महापुरुषों से जोड़ रही योगी सरकार सरकार का कहना है कि केवल भौतिक विकास ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, प्रेरणास्रोत महापुरुषों और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत प्रदेश में समय-समय पर महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर बड़े स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। इनमें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वामी विवेकानंद, महाराजा सुहेलदेव, संत रविदास, कबीरदास, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जैसे महान व्यक्तित्वों को सम्मानपूर्वक याद किया जाता है। साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन का अनूठा संगम  पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर 24 से 26 अप्रैल तक लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रकवि दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के हीरक जयंती वर्ष (75 वर्ष) पर हो रहे इस आयोजन में साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा वहीं 24 अप्रैल को ‘रश्मिरथी संवाद’ स्मारिका का लोकार्पण, राष्ट्रीय परिसंवाद तथा ‘रश्मिरथी’ नाटक का मंचन होगा। 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान पर परिसंवाद और नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। 26 अप्रैल को लोकमान्य तिलक एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा होगी। साथ ही अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक नाटक मंचित होगा। योगी सरकार में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को मिली ऊंचाई यूपी में ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा मिलती है। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निबंध, वाद-विवाद, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई ऊंचाई मिली है। अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे स्थलों का व्यापक विकास किया गया है। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हुई है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।