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जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है: मुख्यमंत्री

सदियों के आक्रमणों के बावजूद आज भी अडिग है सनातन आस्था: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित "सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश" का किया शुभारंभ जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है: मुख्यमंत्री हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की भी नहीं चली: सीएम एक ओर कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगा रही थी तो दूसरी ओर सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार का विरोध कर रही थी: योगी आदित्यनाथ आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है: मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरवशाली सनातन विरासत और आधुनिक विकास के नए युग में एक साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों के आक्रमणों के बावजूद सनातन आस्था अडिग रही और आज “यतो धर्मस्ततो जयः” के भाव के साथ पुनः अपने स्वाभिमान के शिखर पर स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक पुनरुत्थान का उल्लेख करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल और राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद किया और कहा कि आज वही सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा को रवाना करते हुए इसे भारत की आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया। सनातन आस्था भी अजर-अमर पथ का प्रतीक मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दृढ़ नेतृत्व में अपनी गौरवशाली विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आज का यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि भारत के शास्त्रों की मान्यता के अनुसार जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबने देखा है कि भारत की सनातन संस्कृति पर सदियों से हमले होते रहे, लेकिन हमलावर भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए। लगभग 1000 वर्ष पहले द्वादश ज्योतिर्लिंगों में देवाधिदेव महादेव के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ भगवान के मंदिर पर विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी के नेतृत्व में कायराना हमला किया गया। आक्रांताओं ने भारत की धन-संपदा लूटी, मंदिरों को अपवित्र किया और सनातन आस्था पर प्रहार किया। लेकिन भारत के सनातन धर्म की अटूट आस्था भगवा पताका के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी रही। आज 1000 वर्ष बाद जब हम देखते हैं तो भारत की सनातन आस्था पूरी दृढ़ता से विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, जबकि आक्रांताओं का कोई नामोनिशान इस धरती पर नहीं बचा है। यही है “यतो धर्मस्ततो जयः” का शंखनाद। आक्रांताओं की बर्बरता जिसे रोक नहीं पाई, तोड़ नहीं पाई और झुका नहीं पाई, वही सनातन आस्था आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाई जा रही है। सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में हर भारतवासी की यह अभिलाषा थी कि देश को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता भी प्राप्त हो। इसके लिए लगातार प्रयास किए गए और अनेक स्वर उठाए गए। भारत माता के सपूत, भारत की अखंडता के शिल्पी और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा देखकर संकल्प लिया था कि इस मंदिर का पूर्ण जीर्णोद्धार होगा और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के मंदिर की गरिमामयी पुनर्स्थापना की जाएगी। लेकिन इस मार्ग में बाधक बने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू। उनकी इच्छा थी कि यह कार्य न हो, परंतु सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की नहीं चली। सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन को आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को आमंत्रित किया। तभी कांग्रेस सरकार और पंडित जवाहरलाल नेहरू फिर बाधक बन गए। उन्होंने लिखित रूप से कहा कि राष्ट्रपति को इस आयोजन में भाग नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता की भावना के विपरीत होगा। एक ओर कांग्रेस की सरकार कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू कर तुष्टिकरण की पराकाष्ठा कर रही थी और आतंकवाद की नींव रख रही थी, वहीं दूसरी ओर सनातन आस्था के प्रतीक सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का विरोध कर रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कृतज्ञ हैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के प्रति, जिन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के विरोध की परवाह किए बिना सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के भव्य कार्यक्रम को अपने हाथों से संपन्न किया। अयोध्या का नाम आते ही गूंजता है "जय राम" मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य आजाद भारत में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने आगे बढ़ाया था, उसी अभियान को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा रहा है। यह भारत के स्वाभिमान को, सनातन आस्था के गौरव को और हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि 10-11 वर्ष पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। आज हर भारतवासी, देश या दुनिया के किसी भी कोने में जाए हर जगह एक ही आवाज गूंजती है और वह है जय राम। कोई भी भारतीय चाहे देश में हो या विदेश में, जब अयोध्या का नाम सुनता है तो स्वतः उसके मुंह से “जय राम” निकलता है और वह तुरंत कहता है कि उसे अयोध्या जाने की बहुत इच्छा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्ष पहले जिन आक्रांताओं ने अयोध्या के राम मंदिर को अपवित्र किया और हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात किया था, आज उनका नाम तक लेने वाला नहीं बचा है। लेकिन सनातन की अटूट आस्था आज भी आकाश की ऊंचाइयों पर है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और केसरिया ध्वज-पताका वहां लहरा रही है। … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को दिखाई हरी झंडी

योगी सरकार की पहल से पूरी हुई वर्षों पुरानी इच्छा, सोमनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को दिखाई हरी झंडी प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सराहना की   लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 'उत्तर प्रदेश' का शुभारंभ किया। धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बीच शुरू हुई इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रवाना हुई इस विशेष ट्रेन ने श्रद्धालुओं की आस्था को नया आयाम दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी करने का कार्य किया है।  श्रद्धालुओं ने सीएम योगी का जताया आभार  खासतौर पर मुजफ्फरनगर के बंती खेड़ा निवासी सतीश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से उनकी इच्छा थी कि बाबा सोमनाथ मंदिर के दर्शन करने जाएं, लेकिन कभी अवसर नहीं मिला। सरकार की पहल से यह यात्रा शुरू होने से उनका सपना पूरा हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की भावनाओं को समझा है। वहीं बरेली की बिंदु इशिका सिंघानिया ने कहा कि यह यात्रा केवल दर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को मजबूत करने वाली पहल है। इससे एक राज्य के लोग दूसरे राज्य की संस्कृति को जान सकेंगे और युवा पीढ़ी भी अपनी परंपराओं से जुड़ेगी। बिंदु इशिका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।  यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान  आजमगढ़ के अनंत तिवारी ने कहा कि सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान है। कई लोग श्रद्धा रखते हैं, लेकिन आर्थिक अभाव में तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते। अब उन्हें भी सोमनाथ धाम जाने का अवसर मिलेगा। मेरठ के अनंत राना ने बताया कि वह पहली बार सोमनाथ दर्शन के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को इस यात्रा से बड़ा लाभ मिलेगा। बिजनौर और गोरखपुर से आए श्रद्धालुओं ने भी सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि योगी सरकार हर वर्ग की आस्था का सम्मान कर रही है। सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के शुभारंभ के साथ योगी सरकार ने यह संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक व बांकुड़ा से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए किया रोड शो

बुलडोजर बाबा' को देख बोला बंगाल, देखो-देखो शेर आया   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक व बांकुड़ा से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए किया रोड शो बंगाल ने सीएम योगी को सिर आंखों पर बिठाया तो उन्होंने भी हाथ जोड़कर किया अभिवादन  पूरे रोड-शो के दौरान सड़कों पर गूंजा- ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्रीराम-जय श्रीराम’  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शानदार रोड शो के लिए जताया बंगालवासियों का आभार बांकुड़ा  पश्चिम बंगाल की सड़कों पर शनिवार को 'बुलडोजर बाबा' का जबरदस्त क्रेज दिखा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने बीच पाकर स्थानीय नागरिकों का जोश देखते ही बनता था। जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया। सीएम योगी को देख गगनभेदी नारों के बीच बंगालवासी बोल उठे, ‘देखो-देखो, कौन आया, शेर आया-शेर आया। योगी जी सुस्वागतम!’ उत्तर प्रदेश के इस शेर को बंगाल के मतदाताओं ने भी विश्वास दिलाया कि 4 मई, 'दीदी' गई। सीएम योगी ने इस शानदार रोड शो के लिए स्थानीय लोगों के प्रति आभार जताया।  बंगाल की जनता के स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री ने रोड शो में विधायक व बांकुड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए जनसमर्थन मांगा तो ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्रीराम-जय श्रीराम, हर-हर महादेव’ की गूंज से गुंजायमान बांकुड़ा की सड़कों पर उतरे मतदाताओं ने उन्हें आश्वस्त किया कि विधानसभा क्षेत्र में कमल ही खिलेगा। पूरे रोड-शो के दौरान सड़कों पर ‘योगी-योगी’ की गूंज सुनाई देती रही।  जनसैलाब से आई 'मन की आवाज', 4 मई-'दीदी' गई  बंगाल की सड़कों पर स्थानीय नागरिकों ने शनिवार को 'बुलडोजर बाबा' का अभूतपूर्व स्वागत किया। भगवा रंग की पगड़ी पहने सीएम योगी की एक झलक पाने को सड़क के दोनों और जनसैलाब उमड़ पड़ा। उन्हें अपने बीच देखकर मतदाताओं के मनोभाव भी जुबां पर आ गए। जगह-जगह से गूंज सुनाई देने लगी- 4 मई, ‘दीदी’ गई। अंधकार छंटेगा-कमल खिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाथ हिलाकर, हाथ जोड़कर बंगालवासियों का ह्रदय से अभिवादन किया। छतों पर खड़ी महिलाओं-बच्चों ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया सीएम योगी को देखने के लिए महिलाएं व बच्चे भी रोड के दोनों तरफ मकानों की छतों पर खड़े थे। जैसे ही सीएम का काफिला उनके सामने से गुजरता, तमाम महिलाएं व बच्चे हाथ जोड़कर 'बुलडोजर बाबा' को प्रणाम करते, सीएम ने भी हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। रास्ते व  छतों पर खड़े लोग अपने मोबाइल में सीएम योगी की फोटो भी लेते रहे। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्तो बांग्ला सीएम योगी ने रोड-शो के समापन पर मतदाताओं से संवाद किया और इतने भव्य स्वागत के लिए जनता का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि आमार सोनार बांग्ला,  अब टीएमसी मुक्तो बांग्ला (हमारा सोने जैसा बंगाल, अब टीएमसी मुक्त बंगाल)। समूचे बंगाल का उत्साह बता रहा है कि 4 मई को बंगाल में भाजपा का कमल खिलेगा। बंगाल भारत की कल्चरल कैपिटल के रूप में जानी जाती है, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस व कम्युनिस्टों ने इस पहचान को मिटाया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा का अर्थ भी बताया, कहा-भाजपा मतलब सुरक्षा, नौजवान को रोजगार, किसान को उपज का अच्छा दाम, बहन-बेटी को सुरक्षा, विरासत का संरक्षण और विकास के लिए डबल इंजन की स्पीड।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: राज्यभर में नई न्यूनतम मजदूरी दरों को मिली कानूनी मंजूरी

योगी सरकार का बड़ा कदम: राज्यभर में नई न्यूनतम मजदूरी दरों को मिली कानूनी मंजूरी प्रदेश सरकार के निर्णय पर राज्यपाल की मुहर, नोटिफिकेशन जारी नोएडा प्रकरण के बाद सरकार का हस्तक्षेप, तीन श्रेणियों में लागू हुई नई मजदूरी दरें उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर अंतरिम राहत लागू गौतमबुद्धनगर-गाजियाबाद प्रथम श्रेणी में, अन्य जिलों का दो वर्गों में विभाजन 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी नई दरें, महंगाई भत्ते के साथ वेतन का निर्धारण श्रमिकों की मांग और उद्योगों की स्थिति के बीच संतुलन बनाने की पहल लखनऊ/गौतमबुद्धनगर  नोएडा और ग्रेटर नोएडा में हालिया घटनाक्रम के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा हस्तक्षेप करते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में संशोधन का निर्णय लिया। सरकार के निर्णय पर प्रदेश की राज्यपाल ने भी अपनी मुहर लगाते हुए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके बाद सरकार द्वारा निर्धारित नई न्यूनतम मजदूरी दरें कानूनी रूप से प्रभावी हो गई हैं। अब यह पूरे प्रदेश में बाध्यकारी रूप से लागू होंगी।  उल्लेखनीय है कि घटनाक्रम के बाद श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच वेतन वृद्धि को लेकर गतिरोध खत्म करने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय समिति गठित की थी, जिसने अपनी सिफारिश में के तीन श्रेणियां में वेतन की दरें निर्धारित की हैं। इसके आधार पर राज्य सरकार ने अंतरिम राहत के रूप में नई मजदूरी दरें लागू करते हुए प्रदेश को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है, जिससे क्षेत्रीय परिस्थितियों और जीवन-यापन की लागत के अनुसार संतुलित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। समिति की सिफारिशों के आधार पर प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटा गया। प्रथम श्रेणी में गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद को रखा गया, जहां जीवन-यापन की लागत अपेक्षाकृत अधिक है। यहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,690 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,868 रुपये मासिक न्यूनतम मजदूरी तय की गई है। द्वितीय श्रेणी में नगर निगम वाले अन्य जिलों को शामिल किया गया है, जहां अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं तृतीय श्रेणी में शेष जिलों को रखा गया है, जहां मजदूरी दरें क्रमशः 12,356 रुपये, 13,590 रुपये और 15,224 रुपये तय की गई हैं। इन सभी दरों में मूल वेतन के साथ परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वीडीए) शामिल है। दरअसल, वर्ष 2019 और 2024 में प्रस्तावित मजदूरी संशोधन लागू नहीं हो पाए थे, जिसके चलते यह अंतर बढ़ता गया। अब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर लंबित पुनरीक्षण को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय न केवल श्रमिकों को राहत देने के लिए है, बल्कि औद्योगिक शांति बनाए रखने और उत्पादन चक्र को सुचारु रखने के लिए भी आवश्यक है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि नई दरें लागू होने के बाद श्रमिकों के हितों में किसी प्रकार की कटौती या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय उस समय लिया गया जब श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच वेतन वृद्धि को लेकर गतिरोध की स्थिति बनी और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने लगीं। श्रमिकों का कहना था कि बढ़ती महंगाई और किराए के दबाव के कारण जीवनयापन कठिन हो गया है, जबकि नियोक्ताओं ने वैश्विक आर्थिक दबाव, बढ़ती लागत और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं का हवाला दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार को सौंपी गई। इसमें अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग एवं श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश को क्रमशः सदस्य और सदस्य सचिव के रूप में नामित किया गया। समिति में कर्मकारों के पांच प्रतिनिधि और नियोक्ताओं के तीन प्रतिनिधि भी सम्मिलित थे। समिति ने मौके पर जाकर श्रमिकों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से चर्चा की और संतुलित समाधान का प्रस्ताव तैयार किया।

सीएम योगी के निर्देश पर संभल में बड़ी कार्रवाई, दो गांवों से हटे कब्जे, लैंड बैंक में वृद्धि

सीएम योगी के निर्देश पर संभल में बड़ी कार्रवाई, दो गांवों में हटे कब्जे और लैंड बैंक में निरंतर वृद्धि ग्राम सभा की जमीन से हटे ईदगाह, इमामबाड़ा, मस्जिद-मदरसा संभल  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सार्वजनिक जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के अभियान को तेज करते हुए संभल जिला प्रशासन ने दो गांवों में बड़ी कार्रवाई की। आरक्षित श्रेणी की ग्राम सभा भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और कहीं भी तनाव की स्थिति नहीं बनने दी गई। बिछौली में आदेश के बाद हटे निर्माण तहसील संभल के ग्राम विछोली में गाटा संख्या 1240 (खाद के गड्ढे हेतु आरक्षित) और गाटा संख्या 1242 (पशुचर भूमि) पर अवैध रूप से इमामबाड़ा और ईदगाह का निर्माण किया गया था। प्रकरण में विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए तहसीलदार न्यायालय ने 31 जनवरी 2026 को बेदखली का आदेश पारित किया था। आदेश के खिलाफ किसी भी स्तर पर अपील न होने पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निर्माण हटवा दिया। बिछौली और मुबारकपुर बन्द में  1.1 हैक्टेयर जमीन खाली इसी क्रम में ग्राम मुबारकपुर बन्द में ग्राम सभा की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर जांच कराई गई। गाटा संख्या 623 और 630 पर मस्जिद और मदरसे का निर्माण पाया गया। प्रशासन ने पहले संबंधित पक्षों को स्वयं निर्माण हटाने का अवसर दिया, लेकिन संसाधनों के अभाव का हवाला देते हुए मुतवल्ली नुसरत अली व अन्य लोगों ने प्रशासन से मदद मांगी। इसके बाद शुक्रवार को प्रशासन की मौजूदगी में अवैध निर्माण हटवाया गया। ‘नियमों के तहत हुई कार्रवाई, अभियान रहेगा जारी’ जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने बताया कि पूरी कार्रवाई धारा 67,राजस्व अभिलेखों और न्यायालय के आदेश के आधार पर की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा, पशुचर, खेल मैदान, खाद के गड्ढे और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पहले संबंधित पक्षों को पूरा अवसर दिया जाता है, इसके बाद ही कार्रवाई होती है। जिले में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और जहां भी अवैध कब्जा मिलेगा, उसे हटाया जाएगा। 3 महीने के टाइम बाउंड पीरियड में पूरी कार्रवाई और 30 दिन के अपील के समय को पूर्ण कर दिया जाता है।

यूपी में कैबिनेट और बीजेपी संगठन में बदलाव की तैयारी, योगी की टीम में होंगे बड़े बदलाव

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने संगठन से लेकर सरकार तक में बड़े फेरबदल की तैयारी कर ली है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद यूपी के राजनीतिक  कॉरिडोर में योगी के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है।  बिहार के सियासी इतिहास में पहली बार बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी संगठन और मंत्रिमंडल विस्तार कीप्लानिंग कर ली गई है. गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महमंत्री धर्मपाल सिंह ने पहले राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी एल संतोष के साथ बैठक की और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ मुलाकात की।   पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह की दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात को उत्तर प्रदेश में सियासी बदलावों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. इस बार कैबिनेट विस्तार में कई मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है तो कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है. ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ की पसंदीदा नेताओं की लॉटरी लग सकती है?  यूपी में होने जा रहा कैबिनेट विस्तार उत्तर प्रदेश में कैबिनिट विस्तार को लेकर काफी समय से कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन पिछले एक हफ्ते में यूपी बीजेपी की ओर से एक बड़ी एक्सरसाइज देखने को मिली है. पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह का बीजेपी के टॉप लीडरशिप के साथ गुरुवार को हुई बैठक में यूपी में बड़े सांगठनिक बदलाव के साथ-साथ मंत्रिमंडल विस्तार पर यह चर्चा हुई है।  यूपी में माना जा रहा है कि जल्द ही संगठन के नए स्वरूप के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार भी हो जाएगा. बीजेपी अपने प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं को निगम आयोग और बोर्ड में समायोजन करना चाहती है ताकि मंत्रिमंडल विस्तार के पहले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संतुष्ट किया जा सके. पिछले दिनों यूपी के कई नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में मनोनीत सदस्य बनाए गए हैं, जिनके शपथ ग्रहण भी करा दिए गए हैं।  मंत्रियों की खंगाली जा रही कुंडली यूपी में अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी कयास तेज हो गए हैं. माना जा रहा है कि योगी मंत्रिमंडल में दर्जन भर फेर बदल हो सकता है. योगी सरकार के कई मंत्रियों के चार साल के कामकाज की सियासी कुंडली खंगाली गई है, जिसमें मंत्री के काम काज का भी आकलन किया गया है. ऐसे में कई पुराने मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह पर नए चेहरों को मंत्री बनाया जाए सकता है।  योगी की पसंद का रखा जाएगा ख्याल माना जा रहा है कि बीजेपी शीर्ष नेतृत्व को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंत्रिमंडल विस्तार में अपनी पसंद और नापसंद से अवगत करा दिया है. इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पसंद के चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है. यूपी में अभी  6 मंत्रियों की जगह खाली है जबकि आधे दर्जन लोगों को बदला जा सकता है. इस तरह करीब एक दर्जन मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिसके जरिए बीजेपी 2027 के सियासी समीकरण को साधने का दांव चल सकती है।  UP में एक महीने से हो रही एक्सरसाइज उत्तर प्रदेश में बीजेपी 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगातर इतिहास रचना चाहती है. इसके लिए पिछले एक महीने में उत्तर प्रदेश बीजेपी में मंथन के लिए कई बैठकें हो चुकी हैं. संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुख्यमंत्री और दोनों मुख्यमंत्री की मुलाकात के अलावा विनोद तावड़े चार दिन पहले लखनऊ आकर सभी भाजपा के पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर चुके हैं।  विनोद तावड़े की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हो चुकी है. यही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी कई बैठके हो चुकी है.दिल्ली में बैठे प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात को अब आखिरी दौर की चर्चा चल रही है. ऐसे में यूपी में यह बदलाव कभी भी हो सकते हैं।  क्षेत्रीय और जातीय बैलेंस बनाने का प्लान संगठन में रहे कुछ अन्य मजबूत चेहरों को भी योगी कैबिनेट में जगह मिल सकती है. कुछ राज्यमंत्रियों का कद बढ़ाकर स्वतंत्र प्रभार का दर्जा दिया जा सकता है. बोर्ड और निगमों में भी कई चेहरों का समायोजन हो सकता है. माना जा रहा है कि पश्चिम की भागीदारी बढ़ सकती है, क्योंकि पूरब से ही मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष हैं।  यूपी में ब्राह्मण समुदाय की नाराजगी को देखते हुए, उन्हें सत्ता और संगठन में मौका दिया जा सकता है. ऐसे में ये हो सकता है कि कुछ ब्राह्मण चेहरों को भी सरकार स संगठन तक जगह दी जाए. 2027 के यूपी चुनाव को देखते हुए भी सरकार से संगठन तक बदलाव में सामाजिक समीकरणों और जातीय गणित साधने की रणनीति भी देखने को मिल सकती है।  सत्ता और संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली कैबिनेट में फिलहाल अभी 54 मंत्री हैं जबकि अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं. इस तरह योगी सरकार में 6 मंत्री के पद खाली है. 2027 के विधानसभा चुनाव के देखते हुए पार्टी योगी कैबिनेट विस्तार कर सियासी समीकरण को साधने की कवायद करना चाहती है।    योगी कैबिनेट विस्तार के जरिए बीजेपी यूपी में अपने सियासी समीकरण को साधने का दांव चल सकती है. 2024 के लोकसभा चुनाव में बिगड़े जातीय समीकरण को दुरुस्त करने के लिए बीजेपी ने संगठन की कमान ओबीसी की कुर्मी जाति से आने वाले केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को सौंपी. अब उन्हें यूपी में अपनी टीम गठित करनी है. ऐसे में 2027 के लिहाज से टीम बनानी है ताकि सत्ता की हैट्रिक लग गए। 

आज कूच बिहार व जलपाईगुड़ी में जनसभाओं को संबोधित करेंगे सीएम योगी

आज फिर पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज कूच बिहार व जलपाईगुड़ी में जनसभाओं को संबोधित करेंगे सीएम योगी बांकुरा में रोड शो के माध्यम से भाजपा के पक्ष में माहौल बनाएंगे मुख्यमंत्री सीएम योगी की सभाओं में उमड़ रही भारी भीड़ से बढ़ा कार्यकर्ताओं का उत्साह लखनऊ पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य में शनिवार को एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रिय मौजूदगी देखने को मिलेगी। पार्टी के स्टार प्रचारकों में शामिल योगी का यह दौरा रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें वे उत्तर से दक्षिण तक फैले तीन जिलों में लगातार कार्यक्रमों के जरिए चुनावी माहौल को धार देंगे। दो जनसभाओं को करेंगे संबोधित निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे कूच बिहार जिले की माथाभांगा विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर भाजपा प्रत्याशी निशीथ प्रमाणिक के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे। सीमावर्ती इस क्षेत्र में भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है और मुख्यमंत्री योगी की सभा को इसी दिशा में एक अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर जलपाईगुड़ी जिले की धूपगुड़ी विधानसभा की ओर रुख करेगा, जहां वे दोपहर 1:20 बजे भाजपा उम्मीदवार नरेश चंद्र राय के पक्ष में जनसभा करेंगे। उत्तर बंगाल की इस बेल्ट में पार्टी ने पिछले चुनावों में जो आधार तैयार किया था, उसे और सुदृढ़ करने पर इस बार खास जोर है। बांकुरा में करेंगे रोड शो दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री शाम 4:15 बजे बांकुरा पहुंचेंगे, जहां भाजपा प्रत्याशी नीलाद्री शेखर दाना के समर्थन में उनका रोड शो प्रस्तावित है। बांकुरा, जो कि जंगलमहल क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, वहां रोड शो के जरिए शक्ति प्रदर्शन की तैयारी है। स्थानीय स्तर पर इसकी व्यापक तैयारियां की गई हैं और बड़ी भीड़ जुटने के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि योगी आदित्यनाथ की सभाओं में हाल के दिनों में उमड़ रही भीड़ ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरा है।  योगी की सभाओं में उमड़ रही भीड़ से बढ़ा कार्यकर्ताओं का उत्साह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखी जा रही है। सभास्थलों पर हालात ऐसे बन रहे हैं कि लोगों में मुख्यमंत्री की एक झलक पाने की जबरदस्त उत्सुकता दिखाई दे रही है। कई जगहों पर भीड़ इतनी अधिक हो रही है कि पैर रखने तक की जगह नहीं बच रही। सभा शुरू होने से काफी पहले ही लोग पहुंचकर अपनी जगह सुनिश्चित कर रहे हैं और अंत तक डटे रहते हैं। यह नजारा न केवल स्थानीय स्तर पर भाजपा के बढ़ते जनाधार की ओर इशारा करता है, बल्कि कार्यकर्ताओं के मनोबल को भी नई ऊर्जा दे रहा है।

मुख्यमंत्री का आदेश: जन समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी

जन समस्याओं का त्वरित समाधान कराएं अधिकारी : मुख्यमंत्री लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री ने लोगों को दिया भरोसा, हर समस्या का प्रभावी निस्तारण कराएगी सरकार गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। समस्या से जुड़ी शिकायत पर तेजी से कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण व संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित कराएं। जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा, “घबराइए मत। सरकार, आपकी हर समस्या पर प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराएगी।”  शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में, महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी बातें सुनीं। उनके प्रार्थना पत्र अपने हाथ में लेकर उसका अवलोकन कर समस्या/शिकायत का संज्ञान लिया। फिर, अलग-अलग मामलों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित और हस्तगत किया। साथ ही निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह शुक्रवार को भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार धन उपलब्ध कराएगी। कुछ महिलाओं ने आवास की समस्या मुख्यमंत्री को बताई। इस पर सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराने को संकल्पित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी पात्र लोग पक्के आवास की सुविधा से वंचित हैं, उन्हें इसका लाभ दिलाया जाए।

सीएम योगी ने किया पूर्वी यूपी के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण

मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित हुआ यूपी: मुख्यमंत्री सीएम योगी ने किया पूर्वी यूपी के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन भी रहे मौजूद नौ वर्ष पहले यूपी में न नीति थी और न ही नीयत: मुख्यमंत्री सीएम ने कहा, टेक्नोलॉजी से जुड़कर हर क्षेत्र में पारंगत बनेंगे प्रदेश के युवा गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) फाउंडेशन के सहयोग से बने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) का लोकार्पण किया। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन की उपस्थिति में लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने खुद को न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेट, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी स्थापित किया है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन देखने को मिल रहा है, वैसा नौ वर्ष पहले हो पाना कठिन था। तब सड़कें अच्छी नहीं थीं, बिजली का अता-पता नहीं था। सुरक्षा संकट में थी। न नीति थी और न नीयत। सुरक्षा का माहौल और नीति नहीं होने के कारण निवेश भी नहीं होता था। जब निवेश नहीं होगा तो स्वाभाविक रूप से रोजगार भी नहीं मिलेगा। यही स्थिति तब यूपी की थी, लेकिन आज का यूपी हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जितना टेक्नोलॉजी के नजदीक जाएंगे, टेक्नोलॉजी हाथ का खिलौना बनती जाएगी। नौजवान जब टेक्नोलॉजी के साथ जुड़ेंगे, पारंगत बनेंगे तो उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। वर्तमान व भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सीएम योगी ने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में सहयोग के लिए टाटा समूह के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर वर्तमान व भविष्य की इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहायक होगा। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप को एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म मिलेगा। इस सेंटर को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्रीडी प्रिंटिंग जैसी डिजिटल युग की जरूरतों पर फोकस करते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है। यह सेंटर तकनीकी उन्नयन, रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दृष्टि से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। एमपीआईटी में स्थापित यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पीएम मोदी की डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया मुहिम को भी आगे बढ़ाने में प्रभावी भूमिका का निर्वहन करेगा।  युवाओं, किसानों व महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की नई ज्योति मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमोत्तर बिहार और नेपाल की तराई से जुड़े नौजवानों, अन्नदाता किसानों और महिलाओं के लिए टेक्नोलॉजी की ज्योति बनकर आया है। यह न केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश, बल्कि भारत के विकास को एक नया प्रकाश देने का माध्यम बनेगा। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि यह सेंटर ऐसे क्षेत्र में बना है, जिसे कभी उत्तर प्रदेश का सबसे बैकवर्ड एरिया माना जाता था। अब इस क्षेत्र में युवा, किसान और नारी शक्ति तकनीकी दृष्टि से सशक्त होकर पीएम मोदी के विजन के अनुरूप पूरे क्षेत्र की समृद्धि में योगदान देंगे। एमपी शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का उल्लेख अपने संबोधन में सीएम योगी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना और इसके योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश जब पराधीन था तब 1932 में तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्रीदिग्विजयनाथ जी महाराज ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। यह वही शिक्षा परिषद है, जिसने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपने दो संस्थान सरकार को देकर विश्वविद्यालय का शुभारंभ कराया। इसी शिक्षा परिषद के उपक्रम महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में टाटा ग्रुप के सहयोग से शानदार सेंटर आफ एक्सीलेंस यहां के युवाओं को प्राप्त हुआ है। नॉलेज पावर हाउस बन रहा गोरखपुर सीएम योगी ने कहा कि एक समय था जब पूर्वी उत्तर प्रदेश सबसे पिछड़ा माना जाता था। जबकि आज पीएम मोदी की प्रेरणा से यह क्षेत्र आगे बढ़ता हुआ, नॉलेज पावर हाउस के रूप में अपने आप को स्थापित कर रहा है। गोरखपुर में चार पूर्ण क्रियाशील विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। इसके साथ ही अभी कुछ दिन पहले भारत सरकार के सहयोग से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की भी स्थापना गोरखपुर में की गई है। एक्सप्रेसवे प्रदेश बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष में यूपी ने खुद को एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में स्थापित किया है। देश मे 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी माह हम राष्ट्र को समर्पित कराने जा रहे हैं। तब उत्तर प्रदेश का देश के एक्सप्रेसवे में 60 फीसदी हिस्सा होगा। पीएम मोदी के हाथों मंगलवार को लोकार्पित दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का 65 से 70 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है, जिसका भरपूर फायदा प्रदेश को मिलेगा। यूपी और टेक्नोलॉजी, दोनों में अनलिमिटेड पोटेंशियल मुख्यमंत्री ने कहा टेक्नोलॉजी का विभिन्न क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है, इसमें अनलिमिटेड पोटेंशियल है, ठीक उत्तर प्रदेश की तरह। यूपी के पोटेंशियल को आगे बढ़ाने में टेक्नोलॉजी बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती है। सरकार की तरफ से अनुकूल वातावरण बनाने का परिणाम है कि भारत में 55 फीसदी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग अकेले उत्तर प्रदेश में हो रही है और बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है। 55 से 60 फ़ीसदी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट भी उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं। 96 लाख से अधिक एमएसएमई यूपी के पास हैं। वर्तमान में 32000 से अधिक बड़े कारखाने उत्तर प्रदेश में संचालित हैं। 22000 से अधिक स्टार्टअप प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। बुंदेलखंड में 56000 एकड़ में बन रही इंडस्ट्रियल सिटी मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एनसीआर आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का हब बना है। कानपुर लेदर व ड्रोन टेक्नोलॉजी हब बना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश एग्रीटेक और एमएसएमई का हब बन रहा है। … Read more

मुख्यमंत्री का निर्देश, मैनपावर एजेंसियों की होगी व्यापक एवं गहन जांच

श्रमिकों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं, उल्लंघन पर होगी कठोरतम कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री का निर्देश, मैनपावर एजेंसियों की होगी व्यापक एवं गहन जांच हर औद्योगिक इकाई में ग्रीवांस सेल अनिवार्य, शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री अफवाह व दुष्प्रचार फैलाने वालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई, सोशल मीडिया की सतत मॉनीटरिंग के निर्देश: मुख्यमंत्री गैर-श्रमिक उपद्रवी तत्वों को बेनकाब कर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित की जाएं: मुख्यमंत्री श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री निर्माण एवं सस्ते, सुलभ आवासीय योजनाओं की कार्ययोजना शीघ्र तैयार करें: मुख्यमंत्री पहली अप्रैल से बढ़े हुए वेतन का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने औद्योगिक स्थिति की गहन समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान एवं सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों हितों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रमिक को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, समय पर पूर्ण वेतन एवं सभी वैधानिक सुविधाएं प्राप्त होना उसका अधिकार है, और इसके हनन पर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गौतमबुद्ध नगर के घटनाक्रम पर विशेष रूप से संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जो व्यक्ति वास्तविक श्रमिक नहीं हैं, किंतु औद्योगिक अशांति फैलाने, उपद्रव करने अथवा अव्यवस्था उत्पन्न करने में संलिप्त पाए जाते हैं, उनकी तत्काल पहचान सुनिश्चित कर उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ऐसे तत्वों को बेनकाब करते हुए आवश्यकतानुसार सार्वजनिक स्थलों पर उनकी तस्वीर लगाई जाए, ताकि जनसामान्य को वास्तविक स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। लोग यह जान सकें कि प्रदेश के औद्योगिक विकास को बाधित करने की साजिश के पीछे कौन लोग हैं।   मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि श्रमिकों को भड़काने वाले संगठनों, अराजक तत्वों तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं, अफवाहों एवं दुष्प्रचार पर सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित पहचान कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी प्रकार की भ्रम या अशांति की स्थिति को प्रारंभ में ही नियंत्रित किया जा सके। मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में संभावित अनियमितताओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच समिति एवं श्रम विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश की सभी ऐसी एजेंसियों की व्यापक एवं गहन जांच कराई जाए। जांच के दौरान श्रमिकों की वास्तविक संख्या, औद्योगिक इकाइयों से प्राप्त भुगतान, श्रमिकों को किए जा रहे वास्तविक भुगतान, ईएसआई, बीमा तथा अन्य सुविधाओं की वस्तुस्थिति का सूक्ष्म परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार के शोषण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी एवं निजी औद्योगिक इकाइयों में सुदृढ़ एवं सक्रिय ग्रीवांस सेल की स्थापना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, जहां श्रमिकों की शिकायतों का पारदर्शी, समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण हो। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हर हाल में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से कार्यस्थलों पर गुणवत्तापूर्ण मेस व्यवस्था विकसित की जाए।  श्रमिक कल्याण को और सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री निर्माण एवं सस्ते और सुलभ आवासीय योजनाओं की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण केवल राजस्व अर्जन तक सीमित न रहकर अपने सामाजिक उत्तरदायित्व का भी प्रभावी निर्वहन करें। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां श्रमिकों का वेतन सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित किया जा रहा है, वहां बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर दुर्घटना एवं असामयिक मृत्यु जैसी परिस्थितियों के लिए सुरक्षा बीमा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं चिकित्सा बीमा जैसी आवश्यक सुविधाओं पर भी विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए। औद्योगिक वातावरण को संतुलित एवं सकारात्मक बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को उद्यमियों एवं औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधन के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रमिकों की आड़ में कोई भी अराजक तत्व औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश न कर सके। संवाद केवल वास्तविक श्रमिकों के साथ स्थापित किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश की सभी औद्योगिक इकाइयां सुचारु रूप से संचालित होती रहें। बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि हाल में श्रमिकों के वेतन में वृद्धि के निर्णय से श्रमिकों में संतोष है तथा उद्यमी वर्ग भी इस व्यवस्था से संतुष्ट है। गौतमबुद्ध नगर में स्थिति अब लगभग सामान्य हो चुकी है। कुछ औद्योगिक इकाइयों में प्राप्त प्रबंधन संबंधी शिकायतों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने थर्ड पार्टी सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं के वास्तविक कारणों का निष्पक्ष आकलन कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़े  हुए वेतन का लाभ 01 अप्रैल से सभी श्रमिकों को मिलना चाहिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।