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टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ किया गुरु गोरखनाथ का दर्शन

टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ किए गुरु गोरखनाथ के दर्शन गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एन. चंद्रशेखरन को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया, नाथपंथ और इसके महान संतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गोरखपुर  टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गुरु गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ के दर्शन किए। गोरखनाथ मंदिर आगमन पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्शन-पूजन कराने के बाद एन. चंद्रशेखरन को मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और नाथपंथ तथा इसके महान संतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।  महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में स्थापित पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण समारोह में शामिल होने गोरखपुर आए टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन बुधवार दोपहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से पूजन किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने उन्हें शिवगोरक्ष नामाकृत अंगवस्त्र और मंदिर का प्रसाद भेंट किया।  गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद टाटा संस के चेयरमैन ने सीएम योगी के साथ मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नाथपंथ के इतिहास, विस्तार-प्रसार, इस पंथ के प्रवर्तक महायोगी गुरु गोरखनाथ के जीवन दर्शन और नाथपंथ के महान संतों के बारे में बताया। मंदिर परिसर का भ्रमण करने के बाद एन. चंद्रशेखरन गोरक्षपीठ की तरफ से आयोजित दोपहर भोज में भी शामिल हुए।

जल संरक्षण अभियान’ की शुरुआत, योगी सरकार ने स्कूलों से की पहल

योगी सरकार की पहल, स्कूलों से शुरू होगा 'जल संरक्षण अभियान' छात्रों और समाज में जल बचाने की व्यावहारिक आदत विकसित करना है उद्देश्य 16 से 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं शैक्षिक संस्थानों में मनाया जाएगा ‘जल पखवाड़ा’ – ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ के अंतर्गत संचालित होगा अभियान, प्रत्येक दिन की गतिविधि की रिपोर्टिंग अनिवार्य लखनऊ  योगी सरकार ने जल संरक्षण को लेकर निर्णायक पहल करते हुए इसे सीधे स्कूलों से जोड़ दिया है। ‘जल शक्ति अभियान’ के अंतर्गत 16 से 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में ‘जल पखवाड़ा’ आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से लाखों छात्र जल संरक्षण के प्रति न केवल जागरूक होंगे, बल्कि जल बचाने की जिम्मेदारी भी सक्रिय रूप से निभाएंगे। इस पहल के जरिए जल संरक्षण को जनभागीदारी से जुड़ा अनिवार्य दायित्व बनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत स्कूली कक्षाओं से लेकर संपूर्ण समाज तक व्यापक प्रभाव डालेगी। अभियान की विशेषता इसकी सुदृढ़ मॉनिटरिंग व्यवस्था है। सभी विद्यालयों के लिए प्रतिदिन की गतिविधियों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग अनिवार्य की गयी है। ट्रैकर के माध्यम से प्रतिभागियों की संख्या, गतिविधियों का विवरण तथा फोटो/वीडियो अपलोड करने होंगे। इसके लिए जनपद स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित कर जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।  योगी सरकार की मंशा जल संरक्षण अभियान को व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप देने की है, ताकि समाज में जल संरक्षण के प्रति स्थायी सोच एवं व्यवहार विकसित हो सके। विद्यालयों की प्रार्थना सभा में 'जल शपथ' जल पखवाड़ा के दौरान विद्यालयों को जल संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत जल संरक्षण विषय पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी, जिनमें जल निगम, पंचायती राज, बेसिक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही प्रतिदिन प्रार्थना सभा में ‘जल शपथ’ दिलाई जाएगी और छात्रों व अभिभावकों के बीच जल संरक्षण से जुड़ी जानकारियों का प्रसार किया जाएगा, ताकि यह अभियान घर-घर तक प्रभावी रूप से पहुंचे। निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला जैसी प्रतियोगिताओं से बढ़ाई जाएगी भागीदारी छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला तथा अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे उनमें जल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त प्रत्येक विद्यालय में पेयजल स्रोतों एवं जल भंडारण स्थलों की साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जल निगम की प्रयोगशालाओं के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक शुद्धिकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों में जल संरक्षण विषयक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच संवाद व जनजागरूकता गतिविधियों को भी शामिल किया गया है, जिससे यह अभियान व्यवहार परिवर्तन का माध्यम बन सके।

योगी सरकार का बड़ा कदम: नोएडा-गाजियाबाद में श्रमिकों की सैलरी में ₹3000 तक की बढ़ोतरी

योगी सरकार का बड़ा फैसला: नोएडा-गाजियाबाद में श्रमिकों की सैलरी में ₹3000 तक की बढ़ोतरी हाई पावर कमेटी की सिफारिश पर अंतरिम वेतन वृद्धि लागू, 1 अप्रैल से नई दरें प्रभावी गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में श्रमिकों के वेतन में 21% तक वृद्धि अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणियों में नई दरें घोषित हिंसा फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश गौतमबुद्ध नगर  नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने न्यूनतम वेतन में अंतरिम वृद्धि का ऐलान किया है। हालिया घटनाक्रमों के बाद की गई विस्तृत समीक्षा के आधार पर सरकार ने संतुलित निर्णय लेते हुए अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणियों में करीब ₹3000 तक वेतन बढ़ाया है, जिससे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में 21% तक वृद्धि हुई है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। सरकार ने ₹20,000 न्यूनतम वेतन की खबरों को भ्रामक बताया है, वहीं श्रमिकों की मांगों और उद्योगों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आगे वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार औद्योगिक शांति, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा निवेश अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनपद गौतम बुद्ध नगर में पूर्व की भांति सौहार्द, शांति एवं विकास की गति निरंतर बनी रहे।          एक अप्रैल से लागू होगी नई दरें औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश दीपक कुमार ने हाल ही में हुए घटनाक्रमों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए न्यूनतम वेतन में तात्कालिक रूप से अंतरिम वृद्धि का निर्णय लिया है, जिसमें सबसे अधिक बढ़ोतरी कुशल श्रेणी के श्रमिकों के लिए की गई है, वहीं गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में यह वृद्धि सबसे अधिक 21 प्रतिशत तक की गई है और यह नई अंतरिम वेतन दरें 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। इस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में श्रमिकों को सीधी आर्थिक राहत प्रदान की गई है। साथ ही, आगामी माह में गठित होने वाले वेज बोर्ड की अनुशंसाओं के आधार पर स्थायी न्यूनतम वेतन निर्धारण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। सरकार श्रमिकों के कल्याण हेतु स्वास्थ्य, पेंशन एवं उनके बच्चों की शिक्षा से जुड़ी नई योजनाओं पर भी विचार कर रही है। अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणी में हुई वेतन वृद्धि अंतरिम वेतन वृद्धि के अनुसार अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11313 से बढ़ाकर ₹13690 कर दिया गया है, अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन ₹12445 से बढ़ाकर ₹15059 किया गया है, जबकि कुशल श्रमिकों का वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹16868 कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य नगर निगम वाले जनपदों के लिए अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11313 से बढ़ाकर ₹13006, अर्ध कुशल श्रमिकों का वेतन ₹12445 से बढ़ाकर ₹14306 तथा कुशल श्रमिकों का वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹16025 कर दिया गया है। इसी प्रकार अन्य जनपदों के लिए अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11313 से बढ़ाकर ₹12356, अर्ध कुशल श्रमिकों का वेतन ₹12445 से बढ़ाकर ₹13591 तथा कुशल श्रमिकों का वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹15224 कर दिया गया है।  ₹20,000 मासिक न्यूनतम वेतन संबंधी खबरें भ्रामक एवं निराधार उन्होंने बताया कि सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर हुई हिंसात्मक घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। समिति द्वारा नोएडा पहुंचकर पूरे प्रकरण की गहन जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर ₹20,000 मासिक न्यूनतम वेतन लागू होने संबंधी खबरें पूरी तरह भ्रामक एवं निराधार हैं। वास्तविक स्थिति यह है कि भारत सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर ‘फ्लोर वेज’ निर्धारित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिसका उद्देश्य देशभर के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की एक समान आधार रेखा सुनिश्चित करना है। हिंसा में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की आशंका राज्य सरकार द्वारा नियोक्ता संगठनों, श्रमिक संगठनों एवं अन्य सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है, ताकि एक संतुलित, व्यावहारिक एवं सर्वमान्य निर्णय लिया जा सके। समिति द्वारा विभिन्न चरणों में श्रमिकों एवं नियोक्ताओं के साथ बैठकें आयोजित की गईं। श्रमिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण था, जिसमें वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का दुगुना भुगतान, श्रमिक हितों की सुरक्षा एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण जैसी मांगें शामिल थीं। उन्होंने हिंसा में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की आशंका जताई। वहीं, नियोक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में उद्योग जगत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और निर्यात में कमी ने उद्योगों पर दबाव बढ़ाया है। इसके बावजूद श्रमिकों की मांगों को उन्होंने प्रासंगिक एवं विचारणीय बताया। श्रमिकों के वेलफेयर के लिए कन्ट्रोल रूम स्थापित समिति द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि जनपद स्तर पर श्रमिकों के वेलफेयर एवं शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एक कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके नम्बर 120-2978231,  120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 हैं, इस कन्ट्रोल रूम के माध्यम से श्रमिक अपनी किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत अथवा सूचना दर्ज करा सकते हैं।        असामाजिक एवं बाहरी तत्वों की पहचान के लिए अभियान जनपद में औद्योगिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक एवं बाहरी तत्वों के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे तत्व न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि श्रमिकों और उद्योगों के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को भी कमजोर करते हैं। प्रशासन द्वारा इन तत्वों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें तकनीकी निगरानी, खुफिया तंत्र एवं स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन को मजबूत किया गया है। पहचान किए गए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें गिरफ्तारी, आपराधिक मुकदमे दर्ज करना तथा आवश्यकतानुसार अन्य विधिक प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार स्पष्ट रूप से यह संदेश देना चाहती है कि शांति एवं विकास के वातावरण को बाधित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। … Read more

सीएम योगी टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में 10 लाखवीं कमर्शियल गाड़ी को दिखाएंगे हरी झंडी

टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट में 10 लाखवीं कमर्शियल गाड़ी को हरी झंडी दिखाएंगे सीएम योगी जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बस के साथ ग्रीन मोबिलिटी को मिलेगा बढ़ावा   लखनऊ  उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में बुधवार को एक ऐतिहासिक पड़ाव जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स के प्लांट में निर्मित 10 लाखवीं कमर्शियल गाड़ी को हरी झंडी दिखाएंगे। इस ऐतिहासिक क्षण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अतिरिक्त टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी मौजूद रहेंगे। यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य के लिए गर्व का विषय होगी।  यह माइलस्टोन वाहन एक जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बस है, जो राज्य और कंपनी की ग्रीन मोबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की नेट-जीरो 2070 की परिकल्पना और कंपनी के 2045 के लक्ष्य के अनुरूप है। यह प्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का है, जिसमें औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में यह उपलब्धि प्रदेश के औद्योगिक आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी तथा निवेशकों के लिए सकारात्मक संदेश देगी। करीब तीन दशकों से अधिक समय से संचालित यह प्लांट प्रदेश में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और कौशल विकास का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। 1992 में स्थापित लखनऊ प्लांट आज प्रदेश में 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है और कौशल विकास के लिए ‘कौशल्या’, ‘लक्ष्य’ और ‘सक्षम’ जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित करता है। साथ ही, यह 100% नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित और जल-सकारात्मक सुविधा के रूप में पर्यावरण संरक्षण का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है।

यूपी में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिल रहा न्याय, वन स्टॉप सेंटर बना सहारा

हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिल रहा न्याय, यूपी में वन स्टॉप सेंटर बना सहारा 24×7 मदद का भरोसा: हर जिले में महिलाओं के लिए सक्रिय वन स्टॉप सेंटर योगी सरकार में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर योजना को प्रदेश में महिला कल्याण निदेशालय के माध्यम से प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इस योजना के जरिए हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर लगभग सभी तरह की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें भटकना न पड़े और समय पर न्याय मिल सके। एक छत के नीचे पीड़िताओं को मिल रही 5 तरह की सहायता दरअसल यह योजना साल 2017 से प्रदेश में संचालित है। इसके अंतर्गत इस समय 75 जिलों में 122 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। इनमें महिलाओं को लगातार सहायता प्रदान की जा रही है। इन केंद्रों पर आने वाली हिंसा से पीड़ित महिलाओं को पांच प्रकार की सेवाएं जैसे चिकित्सीय सहायता, कानूनी मदद, पुलिस सहयोग, अस्थाई आवास और परामर्श एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाती हैं।  खास बात यह है कि पुलिस सहायता के तहत एसओ स्तर के अधिकारियों से सीधा समन्वय स्थापित किया जाता है, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाती है। इसके साथ ही पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के इम्पैनल्ड अधिवक्ताओं के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है। 181 हेल्पलाइन से जुड़ा सिस्टम, शिकायत पर तुरंत कार्रवाई महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 181 महिला हेल्पलाइन भी अहम भूमिका निभा रही है। इस हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को तुरंत संबंधित वन स्टॉप सेंटर को ट्रांसफर कर दिया जाता है। हर सेंटर के डैशबोर्ड पर तैनात महिला कर्मचारी पीड़िता से संपर्क कर उसकी समस्या सुनती है और आवश्यक मदद सुनिश्चित करती है।  सभी वन स्टॉप सेंटर प्रतिदिन 24 घंटे हो रहे संचालित प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 4, लखीमपुर खीरी में 3, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर समेत अन्य बड़े जिलों में एक से अधिक वन स्टॉप सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक सेवाएं पहुंचाई जा सकें। सभी सेंटर 24 घंटे सक्रिय रहते हैं और तीन शिफ्ट में महिला कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी समय सहायता उपलब्ध हो सके। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें आपात स्थिति में तुरंत मदद की जरूरत होती है। महिलाओं को मिल रहा त्वरित न्याय शुरुआती दौर में यह योजना केवल कुछ जिलों तक सीमित थी, लेकिन योगी सरकार के प्रयासों से इसका तेजी से विस्तार किया गया। 2020 तक प्रदेश के लगभग सभी 75 जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित कर दिए गए। इसके बाद महिला कल्याण निदेशालय द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए गए, जिससे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इन सेवाओं की जानकारी मिल सकी। परिणामस्वरूप अब अधिक महिलाएं आगे आकर अपनी शिकायतें दर्ज करा रहीं हैं और उन्हें समय पर सहायता मिल रही है। जागरूकता बढ़ने से मदद का सिलसिला तेज हुआ महिला कल्याण निदेशालय के प्रयासों से वन स्टॉप सेंटर आज प्रदेश की महिलाओं के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका हैं। महिला कल्याण निदेशालय की डायरेक्टर डॉ. वंदना वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। वन स्टॉप सेंटर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर त्वरित और समग्र सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि हर महिला को न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले। लगातार बढ़ती जागरूकता और मजबूत व्यवस्था के कारण अब अधिक महिलाएं आगे आकर मदद ले रहीं हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

मशरूम उत्पादन से ग्रामीण महिलाओं को मिल रही 10 लाख तक कमाई, योगी सरकार की पहल

योगी सरकार संवार रही ग्रामीण महिलाओं का जीवन, मशरूम उत्पादन से 10 लाख तक कमाई महिलाओं के लिए संजीवनी बन रही ग्रामीण आजीविका मिशन भदोही की महिला का मॉडल स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं के लिए बना प्रेरणास्रोत पारंपरिक खेती से अलग राह चुनकर स्थानीय महिलाओं को भी दे रहीं रोजगार लखनऊ खेती का मतलब अब सिर्फ गेहूं-धान की फसल तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की रहने वाली पप्पू देवी ने इस बात को जमीन पर सच साबित कर दिखाया है। पारंपरिक खेती से इतर योगी सरकार के उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) की मदद से उन्होंने मशरूम उत्पादन शुरू किया और आज उनकी सालाना कमाई 8 से 10 लाख रुपए तक पहुंच गई है। यह मिशन अब प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आजादी और स्वावलंबन के लिहाज से 'संजीवनी' साबित हो रहा है। भदोही जैसे जिले में जहां ज्यादातर परिवार पुश्तैनी खेती पर निर्भर हैं वहीं, पप्पू देवी ने लीक से हटकर कुछ नया करने की ठानी। यूपीएसआरएलएम और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के सही मार्गदर्शन ने उनके इस सपने को पंख दिए। उन्होंने अपनी जमा-पूंजी से करीब ढाई लाख रुपए लगाए और 50 हजार रुपए का ऋण लेकर मशरूम उगाने का काम शुरू किया। थोड़ी सी जगह और सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह उद्यम आज एक बेहतरीन मुनाफे वाले व्यवसाय में बदल चुका है। ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा खास बात यह है कि पप्पू देवी की यह सफलता सिर्फ उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने तक सीमित नहीं है। वे अब अपने गांव की अन्य स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रहीं हैं। उनका यह मॉडल स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गया है। महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती पप्पू देवी का मानना है कि अगर महिलाओं को सही ट्रेनिंग और सरकारी योजनाओं का साथ मिले, तो वे स्वरोजगार के क्षेत्र में बड़ी सफलता प्राप्त कर सकतीं हैं। योगी सरकार के इस प्रयास से प्रदेश में महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिल रही है।

पश्चिम यूपी के लिए गेमचेंजर होगा दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: सीएम योगी

दिल्ली-उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का राष्ट्र को समर्पण पश्चिम यूपी के लिए गेमचेंजर होगा दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून की यात्रा अब बेहद कम समय में होगी पूरी इकोनॉमिक कॉरिडोर देने के लिए पीएम मोदी का आभार जताया सीएम ने, कॉरिडोर के दायरे में आने वाले जनपदों के लोगों को दी बधाई इकोनॉमिक कॉरिडोर से वुडवर्क, स्पोर्ट्स गुड्स और कृषि उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार, उद्योग व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे: मुख्यमंत्री सीएम ने कहा, ‘डबल इंजन’ सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर नीति का दिख रहा असर, क्षेत्रीय विकास को मिली नई रफ्तार जिन लोगों ने समाज को विभाजित किया, उनसे विकास और रोजगार की उम्मीद करना एक दिवास्वप्न: सीएम सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताते हुए कहा कि अब सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून की दूरी काफी कम समय में पूरी की जा सकेगी। सीएम ने कॉरिडोर के लोकार्पण को प्रदेश के विकास का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि सहारनपुर के वुडवर्क, मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स और क्षेत्रीय किसानों के उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी से होते हुए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार की विकास दृष्टि को साकार करती है। कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के कर-कमलों से दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून कॉरिडोर का लोकार्पण होना प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी जनपदवासियों को बधाई देते हुए पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व एनएचएआई के अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के बन जाने से सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून तक का सफर तेजी से पूरा किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक होगी पहुंच मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के माध्यम से सहारनपुर के वुडवर्क समेत शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ व बागपत में बनने वाले विभिन्न उत्पादों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। जैसे मेरठ स्पोर्ट्स गुड्स निर्माण का केंद्र है, यह क्षेत्र मेहनती अन्नदाता किसानों का है। सरकार इस क्षेत्र में गन्ना, फल-सब्जी व विभिन्न खाद्यान्न उत्पादन को आगे बढ़ा रही है। अब इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में इन सभी उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने का एक उत्कृष्ट माध्यम प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नया भारत विकास, सुशासन और सेवा का जो मॉडल स्थापित कर रहा है, उसे हम इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से भी देख सकते हैं। महापुरुषों के सम्मान में होंगे विशेष कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह अवसर हम सबके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में सामाजिक न्याय को धरातल पर उतारने वाले संविधान शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की आज 135वीं पावन जयंती है। उन्होंने संविधान के माध्यम से देश के हर नागरिक को चाहे वह किसी जाति का हो, किसी संप्रदाय का हो, किसी क्षेत्र का रहने वाला हो, महिला हो, पुरुष हो, बुजुर्ग हो या नौजवान, सभी को समान अधिकार देकर एक सशक्त भारत की नींव रखी। बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए प्रधानमंत्री जी ने देश में ‘पंचतीर्थ’ का निर्माण कराया। उनकी प्रेरणा से हमारी सरकार ने भी तय किया है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि समेत सामाजिक न्याय के प्रणेता महापुरुषों की जहां-जहां मूर्तियां स्थापित हैं, वहां यदि बाउंड्री वॉल या मूर्ति के ऊपर छत नहीं है तो सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराकर इन कार्यों को पूर्ण कराएगी। इस कार्य की शुरुआत होने जा रही है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को एक सूत्र में जोड़ते हुए प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाता है। बड़े से बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कोई दुविधा नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनकर उभरा है। ‘डबल इंजन’ सरकार की ताकत क्या होती है, यह आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। चाहे उत्तराखंड हो, उत्तर प्रदेश हो या दिल्ली, अब बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कोई दुविधा नहीं है। आज सहारनपुर में मां शाकुंभरी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हो चुका है। सरसावा में सिविल टर्मिनल समेत एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। अब सहारनपुर का कोई नौजवान यदि फिल्मों में अपना करियर बनाना चाहता है तो जेवर में फिल्म सिटी का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह क्षेत्र भी अपनी प्रतिभा को समाज के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम है। समाज को बांटने वाले विकास के बारे में नहीं सोच सकते मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विकास होता है, तो उसका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। मैं देख रहा था कि मां शाकुंभरी कॉरिडोर कितना भव्य बन रहा है। नवरात्रि से ठीक पहले मैं उसका निरीक्षण करने के लिए आया था। यह तभी संभव होता है, जब ऐसी सरकार हो जो विरासत का संरक्षण भी करती हो और विकास कार्यों को बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके आगे बढ़ाती हो। जो लोग समाज को बांटने का काम करते हैं, जाति के नाम पर, परिवारवाद के नाम पर, जो वैमनस्यता फैलाते हैं, वे कभी विकास के बारे में नहीं सोच सकते। जिन लोगों ने समाज को विभाजित किया, जो अराजकता में विश्वास रखते हैं, जिन्होंने प्रदेश की पहचान पर संकट खड़ा किया, माफियाओं को प्रश्रय दिया और दंगों-कर्फ्यू को बढ़ावा दिया, उनसे यह उम्मीद करना कि वे विकास करेंगे, नौजवानों को रोजगार देंगे या किसानों के लिए काम करेंगे, अपने आप में एक दिवास्वप्न है। क्लस्टर विकसित करने पर जोर सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने सहारनपुर, मेरठ और बागपत में सुदृढ़ इंडस्ट्रियल व हाउसिंग क्लस्टर विकसित करने का निर्देश दिया है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के … Read more

मुख्यमंत्री ने सपा पर किया हमला, स्टेट गेस्ट हाउस में महिलाओं के साथ बर्बरता को बताया असली चरित्र

स्टेट गेस्ट हाउस में महिलाओं के साथ बर्बर व्यवहार कर सपा ने दिखाया वास्तविक चरित्रः मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने सपा व कांग्रेस को आड़े हाथ लिया सीएम ने किया स्मारिका का विमोचन और 75 जनपदों में स्थापित बाबा साहेब की 75 मूर्तियों के सौंदर्यीकरण व संरक्षण कार्य का वर्चुअल शुभारंभ हजरतगंज चौक स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर भी सीएम ने माल्यार्पण कर संविधान निर्माता को किया नमन मुख्यमंत्री ने समाज को बांटने वाली ताकतों से पूछा, जब बांग्लादेश में दलित नौजवान को जलाया जा रहा था तब क्यों सिल गया था मुंह वंचितों को वरीयता, अति पिछड़ों को प्राथमिकता और दलितों को सम्मान दे रही यूपी की डबल इंजन सरकार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने स्टेट गेस्ट हाउस में महिलाओं के साथ बर्बर व्यवहार कर अपना वास्तविक चरित्र दिखाया था। कांग्रेस ने बाबा साहेब को चुनाव से वंचित रखने का प्रयास किया। उन्हें भारत रत्न न मिले, इसके लिए षडयंत्र रचे। कांग्रेस आज भले ही संविधान की प्रति लेकर घूम रही है, लेकिन उसकी असलियत को समझने की आवश्यकता है।  मुख्यमंत्री ने मंगलवार को डॉ. आंबेडकर महासभा कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में स्मारिका का विमोचन किया और 75 जनपदों में स्थापित बाबा साहेब की 75 मूर्तियों के सौंदर्यीकरण व संरक्षण कार्य का वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके पहले सीएम योगी ने हजरतगंज चौक स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।  विपक्ष पर साधा निशाना मुख्यमंत्री ने कहा, दलितों के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले गिनाएं कि बाबा साहेब के नाम पर उन्होंने क्या किया और उनके दर्शन से क्या प्रेरणा ली? सब जानते हैं कि कौन मुख्यमंत्री बनने पर दलित महापुरुषों के स्मारक तोड़ने की धमकी देता था। कड़वा-कड़वा थू, मीठा-मीठा गप, नहीं चलेगा और समाज यह स्वीकार भी नहीं करेगा, क्योंकि समाज असलियत जानता है। जाति के नाम पर समाज को बांटने वाली ताकतें बताएं कि जब बांग्लादेश में दलित नौजवान को जलाया जा रहा था तो उनका मुंह क्यों सिला था।  बाबा साहेब ने दिखाई थी न्याय की रोशनी मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का जीवन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने, दलितों, वंचितों, गरीबों को न्याय प्रदान करने के लिए समर्पित था। हर दलित-वंचित, गरीब, महिला जब न्याय की अपेक्षा रखती है और उसे जो रोशनी दिखाई देती है, वह रोशनी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने ही दिखाई थी। बाबा साहेब का जो प्रकाश फैला है, उसे हड़पने के लिए कुछ स्वार्थी ताकतें फिर से उनके नाम का स्मरण करने का नाटक कर रही हैं।  केजीएमयू, भाषा विवि व कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदला सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिन लोगों को दलितों, वंचितों, गरीबों व महिलाओं से नफरत रही। जिन्होंने सामाजिक न्याय के पुरोधाओं का अपमान किया, सामाजिक न्याय के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों के लिए सदैव रास्ते बंद किए, आज वे झुनझुना पकड़ाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि दलित महापुरुषों के नाम पर बने जनपदों, केजीएमयू, भाषा विश्वविद्यालय व कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदल गया? दलितों-वंचितों व  गरीबों के हक पर किसने डकैती डाली, किसने दलितों-वंचितों को भूमि पट्टे के अधिकार से वंचित किया? किसने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय योजना पर ब्रेक लगाया और प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू नहीं होने दिया? बाबा साहेब के मूर्तिस्थलों पर बाउंड्रीवाल व छत्र लगाने का शुभारंभ सीएम ने कहा ये लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए। इन्होंने दलितों, वंचितों, गरीबों की पीड़ा कभी नहीं देखी। कन्नौज के मेडिकल कॉलेज का नाम फिर से बाबा साहेब के नाम पर हो, इसके लिए मंत्री असीम अरुण ने मेरा कार्यक्रम लगाकर वहां घोषणा करवाई। बाबा साहेब की 135वीं जयंती पर यूपी सरकार ने बड़े कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। पहले चरण में सभी 75 जनपदों में एक-एक, फिर सभी उन स्थानों पर, जहां सार्वजनिक भूमि पर बाबा साहेब की प्रतिमाएं हैं, वहां बाउंड्रीवाल व मूर्ति का छत्र बनाने के कार्यों का शिलान्यास किया गया है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मंत्री असीम अरुण को दी गई है। बाबा साहेब, संत रविदास, महात्मा ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि, बिजली पासी, सातन पासी समेत सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने वाले हर महापुरुष को हम सम्मान देंगे, जिनके कारण समाज मजबूती से टिका है। यह कार्यक्रम इसलिए हो रहा है कि महापुरुषों की मूर्तियां सुरक्षित रहें, गरीब-वंचित-दलित समाज का व्यक्ति जाकर सम्मान व्यक्त कर सके और कोई उपद्रवी मूर्तियों को नुकसान न पहुंचा सके। हमारी सरकार ने गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी, बदायूं में अवंती बाई लोधी और लखनऊ में ऊदा देवी पासी के नाम पर पीएसी बटालियन का निर्माण किया।  हमारी सरकार ने संत रविदास के प्रति ज्ञापित की कृतज्ञता सीएम ने कहा कि संत रविदास की जन्मभूमि वाराणसी के सीरगोवर्धन में माघ पूर्णिमा पर लाखों लोग एकत्र होते हैं। वहां पर्याप्त जगह नहीं थी। सपा के लोग कार्यक्रम नहीं होने देते थे। हमारी सरकार आई तो दो लाख लोगों के कार्यक्रम के लिए पार्क का निर्माण कराया, रविदास जी की भव्य प्रतिमा, फोरलेन, अतिथि भवन भी बना दिया। जिस महापुरुष ने अनुयायियों को कंठी देकर भक्ति परंपरा को ऊंचाई दी, हमारी सरकार उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रही है। सपा के लोग महर्षि वाल्मीकि की पावनस्थली लालापुर चित्रकूट में कब्जा कर रहे थे। वहां के साधु बार-बार मेरे पास आते थे। हमने प्रशासन को गुंडों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। आज वहां रोपवे, सड़क भी बना दी है। पीएम मोदी ने अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा, क्योंकि इन महापुरुषों ने समाज के लिए सब कुछ किया।  हमारी सरकार बना रही डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक व शोध केंद्र सीएम ने कहा कि लखनऊ में हमारी सरकार ने तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविद को बुलाकर डॉ. भीमराव आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक व शोध केंद्र के कार्य को बढ़ाया। इसके प्रथम चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है, जुलाई तक द्वितीय चरण का कार्य कराने का निर्देश दिया … Read more

सोलर दीदी अभियान से यूपी में स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रही महिलाएं

यूपी में ‘सोलर दीदी’ अभियान को मिली रफ्तार, महिलाएं कर रहीं स्वच्छ ऊर्जा क्रांति की अगुवाई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने में महिलाओं की अहम भूमिका वाराणसी में 111 और अयोध्या में 148  ‘सोलर दीदी’ सक्रिय 7 दिवसीय प्रशिक्षण के जरिए तकनीकी रूप से सक्षम बनाई जा रहीं महिलाएं एसएचजी नेटवर्क के माध्यम से गांव-शहर तक तेजी से बढ़ेगी सोलर इंस्टॉलेशन की पहुंच लखनऊ  उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को गति देने के लिए एक अभिनव पहल के रूप में “सोलर दीदी” अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए महिलाओं को केंद्र में रखकर यह मॉडल तैयार किया है, जो अब प्रभावी परिणाम देने लगा है। इस अभियान के तहत वाराणसी में 111 और अयोध्या में 148 महिलाएं ‘सोलर दीदी’ के रूप में सक्रिय होकर रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को बढ़ावा दे रहीं हैं। इन महिलाओं को शहरी स्थानीय निकायों द्वारा प्रति माह 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। राज्य के प्रमुख शहरों, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी में शहरी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में चिन्हित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यह पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के समन्वय से लागू की जा रही है। इस अभियान की खास बात यह है कि चयनित ‘सोलर दीदी’ घर-घर जाकर लोगों को सौर ऊर्जा के लाभों के बारे में जागरूक करतीं हैं। साथ ही वे उपभोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया में सहयोग देने से लेकर इंस्टॉलेशन और रखरखाव तक पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभातीं हैं। इस प्रकार वे सरकार और आम जनता के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर रहीं हैं। महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए 7 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं सहायक के रूप में कार्य कर सकतीं हैं, जबकि प्रशिक्षित एवं प्रमाणित सदस्य तकनीशियन की भूमिका निभाने में सक्षम होंगी। इसके अलावा सिटी लेवल फेडरेशन और एरिया लेवल फेडरेशन को भी विक्रेता के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे वे मांग सृजन, इंस्टॉलेशन समन्वय और सेवा वितरण में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। प्रदेश में पहले से मौजूद मजबूत स्वयं सहायता समूह नेटवर्क इस अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हजारों सक्रिय समूहों के माध्यम से यह पहल तेजी से जमीनी स्तर तक पहुंच रही है, जिससे सोलर ऊर्जा के प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता दोनों बढ़ रही हैं। यूपी नेडा के अधिकारियों के अनुसार, ‘सोलर दीदी’ मॉडल न केवल योजना के लक्ष्यों को शीघ्रता से हासिल करने में मदद करेगा, बल्कि सामाजिक विश्वास, जनभागीदारी और महिला सशक्तीकरण को भी नई दिशा देगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

योगी सरकार का बड़ा कदम, स्कूलों को नारी शक्ति के निर्माण केंद्र में बदला जाएगा

योगी सरकार का बड़ा कदम, स्कूल बनेंगे नारी शक्ति का निर्माण केंद्र – 16 से 20 अप्रैल तक ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’, प्रदेशभर के स्कूलों में होंगे विशेष आयोजन – योग, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों से बालिकाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता पर फोकस लखनऊ उत्तर प्रदेश में नारी सशक्तीकरण को जमीनी स्तर पर नई दिशा देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। अब स्कूलों को ही नारी शक्ति के निर्माण का केंद्र बनाते हुए प्रदेशभर में ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ को शुरू किया जा रहा है। 16 से 20 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान के अंतर्गत परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में व्यापक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।  अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस अभियान को राज्यव्यापी स्तर पर लागू किया जा रहा है। ज्ञात हो कि ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, जागरूकता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देना है, ताकि उन्हें प्रारंभिक स्तर से ही सशक्त बनाया जा सके। 16 अप्रैल को ‘नारी शक्ति वंदन दिवस’ जारी दिशा-निर्देश के अनुसार 16 अप्रैल को ‘नारी शक्ति वंदन दिवस’ के रूप में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाली बालिकाओं के अभिभावकों का सम्मान किया जाएगा। इसके साथ ही केजीबीवी परिसर में बालिकाओं एवं महिला अध्यापकों द्वारा नारी शक्ति मानव श्रृंखला का निर्माण किया जायेगा और विकास खण्ड स्तर पर महिला वंदन के दृष्टिगत नारी सशक्तीकरण संबंधी कार्यक्रम का आयोजन होगा। 17 अप्रैल को छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर रहेगा फोकस 17 अप्रैल को छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए योगाभ्यास, खेलकूद एवं अनुशासन आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। 20 अप्रैल को निबंध, कविता, पोस्टर, रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिताएं 20 अप्रैल को छात्राओं की रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए निबंध, कविता, पोस्टर, रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत किया जाएगा। विभागीय स्तर पर सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि इन कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।  यह है कार्यक्रम 16 अप्रैल को नारी शक्ति सम्मान – सभी परिषदीय विद्यालयों में 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाली बालिकाओं की अभिभावकों (माता/पिता) को सम्मान – कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसर में बालिकाओं एवं महिला अध्यापकों द्वारा नारी शक्ति मानव श्रृंखला निर्माण – विकासखण्ड स्तर पर महिला वंदन के दृष्टिगत नारी सशक्तीकरण संबंधी कार्यक्रम का आयोजन  17 अप्रैल को आत्मरक्षा प्रदर्शन, समाज सेवा एवं सांस्कृतिक गतिविधियां – कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एनसीसी एवं स्काउट/गाइड की छात्राओं द्वारा अनुशासन एवं वीरता के प्रदर्शन हेतु ड्रिल प्रदर्शन – बालिकाओं द्वारा महिला विभूतियों के जीवन पर आधारित लघु नाटिका, लोकगीत, लोकनृत्य जैसे सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता – बालिकाओं हेतु विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन – रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के अन्तर्गत विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन 20 अप्रैल को वाद-विवाद एवं लेखन प्रतियोगिता – नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का भावी पीढ़ी पर प्रभाव अथवा विकसित भारत नारी की भूमिका विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता  – सशक्त नारी समृद्धि भारत विषय पर निबन्ध, स्वरचित कविता एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन