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वाराणसी में आज से शुरू होगा ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य, दर्शकों का इंतजार खत्म

वाराणसी में आज से प्रारंभ होगा 'सम्राट विक्रमादित्य' महानाट्य  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय संस्कृति-पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ धर्म व अध्यात्म की नगरी काशी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा मंचन, बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी  शनिवार को बाबा विश्वनाथ व काशी कोतवाल काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे मुख्यमंत्री वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे। सीएम योगी, केंद्रीय पर्यटन-संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बीएलडब्ल्यू में सम्राट विक्रमादित्य  की जीवनी पर आधारित महानाट्य का शुभारंभ करेंगे। 3 से 5 अप्रैल तक मंचन वाले इस महानाट्य का उद्देश्य देश के गौरवशाली इतिहास, विक्रम संवत की वैज्ञानिकता और उस युग के अनुपम योगदान से जनमानस को परिचित कराना है। बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगी वैदिक घड़ी  भारतीय काल गणना की समृद्ध विरासत को पुनर्जीवित करने के इस प्रयास के अंतर्गत वाराणसी में सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को वैदिक घड़ी समर्पित की जाएगी। इस घड़ी की विशेषता न केवल इसकी पारंपरिक गणना पद्धति है, बल्कि इसका डिजिटल विस्तार भी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम करीब 5.30 बजे वाराणसी पहुंचेंगे। शाम करीब 7 बजे वह बीएलडब्ल्यू ग्राउंड पर इस महानाट्य को देखेंगे। इसके आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 4 अप्रैल (शनिवार) की सुबह काशी कोतवाल बाबा कालभैरव और बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे।  3 से 5 अप्रैल तक होगा मंचन  वाराणसी के बीएलडब्ल्यू मैदान में 3 से 5 अप्रैल तक भारत के स्वाभिमान और विकास की गाथा का भव्य उत्सव मनाया जाएगा। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में महानाट्य 'सम्राट विक्रमादित्य' का ऐतिहासिक मंचन किया जाएगा। आयोजन स्थल पर विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां भी लगाई जा रही हैं। सम्राट विक्रमादित्य आधारित महानाट्य की प्रस्तुति लगभग 1.45 घंटे की होगी। मंच पर 175 से अधिक कलाकार और सहयोगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री का बयान: आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था का सम्मान करने का सबसे प्रभावी माध्यम

समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना था आकाशवाणीः मुख्यमंत्री आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को किया सम्मानित  अनेक आंदोलनों का भी साक्षी रहा है आकाशवाणीः सीएम योगी  सीएम ने सुनाए स्कूल के किस्से, कहा- हमें बताया जाता था कि भाषा शुद्ध करनी हो तो आकाशवाणी सुनें लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ आकाशवाणी की 88 वर्ष की यात्रा को शानदार बताया है। उन्होंने कहा कि हमारे बचपन में स्मार्टफोन-टेलीविजन नहीं थे। लैंडलाइन फोन भी एकाध ही थे, उस समय सबसे पहली आवाज आकाशवाणी की सुनी थी। सुबह आकाशवाणी का कार्यक्रम भरत चले चित्रकूट धुन से प्रारंभ होता था। हम लोगों ने बचपन में सुना और देखा कि आकाशवाणी समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का माध्यम बना। समाचार पत्रों की हेडलाइंस भी अलग-अलग समय में चलने वाले बुलेटिनों के माध्यम से पता चलती थी। उसमें भाषा की शुद्धता, समाचार की गुणवत्ता और सच्चाई भी झलकती थी। कहीं भी पीत पत्रकारिता नजर नहीं आती थी। जो जैसा है, वैसा प्रस्तुत करने का साहस था।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया। इस दौरान आकाशवाणी लखनऊ की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। विभिन्न बोलियों के जरिये लोगों को जोड़ने का माध्यम बना आकाशवाणी  सीएम योगी ने कहा कि उस समय आकाशवाणी के मुख्य केंद्र लखनऊ के साथ ही नजीमाबाद और गोरखपुर केंद्र से समाचार सुनने को मिलते थे। आकाशवाणी ने हिंदी की उप भाषाओं तथा भोजपुरी, अवधी, गढ़वाली, कुमाऊंनी समेत अलग-अलग बोलियों के जरिये स्थानीय लोगों को जोड़ने का एक माध्यम बनाया। आकाशवाणी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ज्ञानवर्धन, आस्था का सम्मान व स्थानीय लोकभाषाओं-लोककलाओं के लिए सशक्त मंच भी था।  जहां कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां पहुंचता था आकाशवाणी सीएम योगी ने कहा कि गांव हो या शहर, जहां पहले कोई नहीं पहुंच पाता था, वहां आकाशवाणी पहुंच जाता था। 1924 में कांग्रेस के अधिवेशन में मो. अली जौहर ने वंदे मातरम का विऱोध किया था। 1937 में कांग्रेस ने तय किया कि इसके पहले दो छंद गाए जाने चाहिए। 1938 से आकाशवाणी लखनऊ में वंदे मातरम का गायन हो रहा है। आकाशवाणी देश की आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने का मंच भी बना था। इसके साथ ही कला-साहित्य, कृषि, युवा, हस्तशिल्प समेत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी विभूतियों के लिए व्यापक शोध किए जाते थे। उनकी बोली के अनुरूप कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते थे। किसान रेडियो पर ‘किसान दर्शन’ कार्यक्रम सुनते थे। प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ की भी चर्चा सीएम योगी ने कहा कि आज हम लोग आकाशवाणी पर प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ सुनते हैं। यह कार्यक्रम 3 अक्टूबर 2014 से प्रारंभ हुआ। अब तक इसके 132 एपिसोड हो चुके हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में क्या विशिष्ट हो रहा है। विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने और समाज के लिए हम क्या विशिष्ट योगदान दे सकते हैं। इन सभी को ध्यान में रखकर पीएम मोदी के ‘मन की बात’ में देश प्रथम का भाव प्रदर्शित होता है। देश के लिए योगदान करने वाले लोगों की सराहना, उनकी उपलब्धियों के बारे में प्रधानमंत्री के मुख से सुनना बड़ा सम्मान है। पीएम मोदी हर बार ‘मन की बात’ में पांच-सात दृष्टांत प्रस्तुत करते हैं, जो हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। जनविश्वास का सशक्त माध्यम बना था आकाशवाणी  सीएम योगी ने कहा कि जब स्मार्टफोन, टेलीविजन, लैंडलाइन फोन की इतनी व्यवस्था नहीं थी,  तब देश-दुनिया को जानने का माध्यम आकाशवाणी ही था। जहां सड़क-पगडंडी भी नहीं थी, वहां आकाशवाणी पहुंच चुका था। इसके कार्यक्रम लोगों को प्रेरित करते थे। आकाशवाणी ने लोकवाद्यों को भी प्रोत्साहित किया। जिन्होंने सड़क नहीं देखी, वे लोग भी अपने लोकवाद्य के साथ आकाशवाणी जाकर उसका वादन करते थे, तब देश को इन वाद्यों के बारे में जानकारी मिल पाती थी। आकाशवाणी किसानों, खिलाड़ियों के लिए प्लेटफॉर्म बना। आज हमारे पास जानकारी लेने के अनेक साधन हैं, लेकिन उस समय ऐसा कुछ भी नहीं था। हमने आकाशवाणी को आवाज से आगे बढ़कर जनविश्वास के प्रतीक के रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ते देखा है। योगी ने विश्वास जताया- नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा आकाशवाणी  सीएम ने इसके वर्तमान स्वरूप पर भी अपनी बातें रखीं। कहा कि 88 वर्ष पश्चात यह चिंतन की आवश्यकता है कि समय के अनुरूप हम अपने आप को कितना तैयार कर पाए हैं और आज के अनुरूप कार्यक्रम को कैसे और लोकप्रिय-प्रभावी बना सकते हैं। सीएम ने आकाशवाणी के सीईओ से आज के परिप्रेक्ष्य में आकाशवाणी की भूमिका पर जोर दिया और विश्वास जताया कि आकाशवाणी साहित्यकारों, कलाकारों, युवाओं, किसानों, हस्तशिल्पियों समेत समाज के अलग-अलग तबके के लोगों के साथ ही पुराने लोगों के बारे में नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा।  भाषा को शुद्ध करना हो तो आकाशवाणी सुनें  सीएम ने अपने स्कूल के समय को भी याद किया और कहा कि उस समय हम लोगों में आपस में आकाशवाणी के कार्यक्रमों की भी चर्चा होती थी। स्कूलों में बताया जाता था कि आकाशवाणी में यह कार्यक्रम आ रहा है। भाषा को शुद्ध करना हो तो आकाशवाणी सुनें, क्योंकि उद्घोषक के चयनित शब्दों से सीखने-जानने की अभिलाषा होती थी। सीएम योगी ने पं. गोविंद वल्लभ पंत को भी किया याद सीएम योगी ने पं. गोविंद वल्लभ पंत को भी याद किया और कहा कि 2 अप्रैल 1938 को उन्होंने इस केंद्र का शुभारंभ किया। वह 1937 में यूपी के प्रीमियर बने थे। यह पद मुख्यमंत्री के समकक्ष होता था। 1950 में जब संविधान लागू हुआ, उसके बाद से मुख्यमंत्री का पद प्रारंभ हुआ। मेरा सौभाग्य है कि 88 वर्ष की शानदार यात्रा के समारोह में पद्म पुरस्कार से सम्मानित होने वाली यूपी की विभूतियों और आकाशवाणी के कार्यक्रमों में प्रस्तुतियां या संवर्धन देने वाले विभूतियों को सम्मानित करने का अवसर मिल रहा है।  अनेक आंदोलनों का साक्षी रहा है आकाशवाणी … Read more

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान: जौनपुर ने लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जीती बाजी

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जौनपुर ने मारी बाजी    वित्तीय वर्ष 2025-26 में पौने चार लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन     पिछले एक साल प्रदेश भर के एक लाख 45 हजार से अधिक युवाओं को वितरित किया गया लोन     प्रदेश के युवाओं के सपनों को पंख दे रहा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की इकॉनमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रहे हैं। इसी के तहत प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश भर में पौने चार लाख से अधिक आवेदन आए, जबकि योगी सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 1.5 लाख ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था। आंकड़ों से साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वह इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी है, जबकि दूसरे स्थान पर आजमगढ़ व तीसरे स्थान पर हरदोई है।    पौने चार लाख से अधिक युवाओं ने किया आवेदन  योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर नहीं दे रही, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला मजबूत उद्यमी बनने के लिए सक्षम बना रही है। इसी का असर है कि प्रदेश के युवा अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। इसी कड़ी में सीएम युवा योजना प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.5 लाख लक्ष्य के सापेक्ष पूरे प्रदेश से 3,86,092 युवाओं ने लोन के लिए आवेदन किया। इनमें 3,30,441 आवेदनों को बैंक को अग्रसारित किया गया। 1,45,454 आवेदनों को बैंक ने लोन देने पर स्वीकृति दी। अब तक 1,38,304 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है।     जौनपुर में सबसे अधिक 4,092 युवाओं को लोन वितरित सीएम युवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को अभियान के तहत 2,700 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष 9,785 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 8,406 आवेदन बैंकों को भेजे गए। इनमें 4,092 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष 151.56 प्रतिशत ऋण वितरण किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि लक्ष्य से अधिक लोन वितरित कर जौनपुर ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। पूरे वित्तीय वर्ष जौनपुर की स्थिति पहले स्थान पर बनी रही। आजमगढ़ में ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप का आयोजन कर युवाओं को दिया जा रहा योजना का लाभ  आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले के अधिक से अधिक युवाओं को सीएम युवा योजना का लाभ देने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। योजना का लाभ देने में अप्रैल 2025 से पहले जिला 25वें स्थान पर था। अप्रैल के बाद योजना का लाभ हर जरूरतमंद युवा तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर लगातार वर्कशाप आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैंकर्स और आवेदकों को आमने-सामने बैठाकर काउंसिलिंग करायी जा रही है। यही वजह है कि पिछले कई माह से आजमगढ़ योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आजमगढ़ को योजना के तहत 2,700 ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 8,871 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 7,751 आवेदनों को बैंक भेजा गया, जिसमें 4,049 को लोन वितरित किया जा चुका है। इस तरह लक्ष्य की तुलना में 149.96 प्रतिशत सफलता हासिल कर आजमगढ़ पूरे राज्य में दूसरे स्थान पर रहा है।  झांसी, लखीमपुर-खीरी, अंबेडकरनगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया का भी शानदार प्रदर्शन  हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चला कर सीएम युवा योजना का लाभ दिया जा रहा है। हर माह बैंकों से साथ बैठक की जा रही है, ताकि आवेदकों की किसी भी समस्या को तत्काल दुरुस्त किया जा सके। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में हरदोई ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। हरदोई को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,900 ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 11,977 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 9,701 आवेदनों को बैंक भेजा गया, जिसमें 3,226 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा झांसी ने चौथा और लखीमपुर खीरी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। योजना का लाभ देने में अंबेडकर नगर, बहराइच, चित्रकूट और बलिया का भी प्रदर्शन शानदार रहा।

सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने की शिष्टाचार भेंट निवेश, स्किल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग बढ़ाने पर सहमति मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा का असर, वैश्विक निवेशकों में यूपी को लेकर बढ़ा विश्वास: साइमन वोंग सिंगापुर का बड़ा औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल जल्द करेगा उत्तर प्रदेश का दौरा ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ यूपी बना निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से सिंगापुर गणराज्य के भारत में उच्चायुक्त साइमन वोंग ने गुरुवार को शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों पक्षों के बीच उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के मध्य निवेश, कौशल विकास, आधारभूत संरचना तथा सांस्कृतिक सहयोग को और सुदृढ़ करने पर सार्थक चर्चा हुई। उच्चायुक्त वोंग ने गत फरवरी माह में मुख्यमंत्री जी की सिंगापुर यात्रा को अत्यंत सफल बताते हुए कहा कि इस दौरे ने न केवल सिंगापुर, बल्कि आस-पास के देशों के औद्योगिक जगत में भी उत्तर प्रदेश के प्रति सकारात्मक और भरोसेमंद संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक समुदाय उत्तर प्रदेश को एक नए अवसर और संभावनाओं के केंद्र के रूप में देख रहा है, जो भारत-सिंगापुर संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उच्चायुक्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों की प्रशंसा की। उन्होंने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश में कार्यरत सिंगापुर की कंपनियों ने यहां के निवेश वातावरण को अनुकूल बताया है और अपने निवेश के विस्तार की दिशा में सक्रिय रूप से योजनाएं बना रही हैं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि आगामी महीनों में सिंगापुर के औद्योगिक जगत का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा, जो राज्य में निवेश के विविध अवसरों का अवलोकन करते हुए बड़े निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सिंगापुर द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिए कौशल विकास (स्किलिंग) के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सांस्कृतिक सहयोग के संदर्भ में कुशीनगर, सारनाथ जैसे बौद्ध पर्यटन स्थलों की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए दोनों पक्षों ने पर्यटन क्षेत्र में संभावनाओं को आकार देने पर सहमति व्यक्त की। इससे प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ झांसी, वाराणसी सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे उत्तर प्रदेश के संतुलित एवं समावेशी विकास को और गति मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ देश की सबसे तीव्र गति से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर कानून-व्यवस्था, आधुनिक आधारभूत संरचना, सुदृढ़ कनेक्टिविटी तथा कुशल मानव संसाधन उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए सर्वोत्तम गंतव्य बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क तथा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब निवेशकों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।  मुख्यमंत्री जी ने सिंगापुर को एक विश्वस्तरीय आर्थिक एवं तकनीकी साझेदार बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश, शहरी विकास, लॉजिस्टिक्स, स्किल डेवलपमेंट तथा पर्यटन के क्षेत्रों में सिंगापुर के साथ दीर्घकालिक और परिणामोन्मुखी सहयोग के लिए तत्पर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी प्रतिनिधिमंडल का दौरा दोनों पक्षों के बीच निवेश एवं साझेदारी के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि सिंगापुर की तकनीकी दक्षता और उत्तर प्रदेश की विशाल संभावनाओं का समन्वय दोनों पक्षों के लिए पारस्परिक लाभ का मार्ग प्रशस्त करेगा और यह साझेदारी सतत विकास, नवाचार एवं रोजगार सृजन के नए मानक स्थापित करेगी।

योगी सरकार का बड़ा कदम: बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर-खीरी में बसाया

सीएम योगी के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर-खीरी में बसाया गया जीविकोपार्जन के लिए तीन तहसीलों के चार गांवों में दी गई जमीन प्रधानमंत्री आवास, किसान सम्मान निधि समेत कई योजनाओं का मिल रहा लाभ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों को लखीमपुर खीरी जिले की अलग-अलग तहसीलों के गांवों में बसाया गया है। इनमें धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 97 परिवार, मोहम्मदी तहसील के ग्राम मोहनपुर ग्रन्ट में 41 और मियांपुर गांव में सर्वाधिक 156 परिवारों को बसाया गया है। इसके अलावा गोला तहसील के गांव ग्रन्ट नंबर-3 में 37 परिवारों को बसाया गया है। इन परिवारों का पुनर्वास वर्षों पहले किया गया था और अब ये यहीं स्थायी रूप से रह रहे हैं। खेती के लिए दी गई जमीन इन विस्थापित परिवारों को बसाने के साथ ही उन्हें खेती के लिए जमीन भी आवंटित की गई। गोला तहसील के ग्रन्ट नंबर-3 में बसे 37 परिवारों को प्रति परिवार औसतन 3 एकड़ कृषि भूमि दी गई है। धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 60 परिवारों को प्रति परिवार औसतन 1.620 हेक्टेयर और 37 परिवारों को प्रति परिवार करीब 0.607 हेक्टेयर जमीन मिली है। मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रन्ट में 15 परिवारों को प्रति परिवार 3 एकड़, 9 परिवारों को प्रति परिवार 7 एकड़ और 17 परिवारों को प्रति परिवार 5 एकड़ कृषि भूमि का पट्टा दिया गया है। वहीं मियांपुर गांव में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार करीब 4.75 एकड़ जमीन दी गई है, जिससे वे खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ, कई सुविधाएं पहुंचीं गांव तक प्रशासन का कहना है कि इन परिवारों को केवल जमीन ही नहीं दी गई, बल्कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जा रहा है। पात्रता के आधार पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, विधवा और वृद्धावस्था पेंशन, सुकन्या समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा राशन वितरण, टीकाकरण, मनरेगा, मिड-डे मील, समग्र शिक्षा योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी, दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश पहुंचे 331 हिंदू परिवारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जनपद लखीमपुर की 3 तहसीलों में बसाया गया है। इन परिवारों को न सिर्फ कृषि योग्य जमीन आवंटित की गई, बल्कि राज्य व केंद्र सरकार की सभी जन-कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री का आदेश: निर्माण कार्यों में तेजी लाएं, गुणवत्ता का ध्यान रखें

निर्माण कार्यों में लाएं तेजी, गुणवत्ता का रखें पूरा ध्यान: मुख्यमंत्री गोरखपुर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अफसरों को दिए निर्देश बरसात पूर्व करा लें अधिकाधिक निर्माण कार्य: मुख्यमंत्री अगले दौरे में हो सकता है घंटाघर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को विकास से जुड़े निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने सभी कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने की हिदायत भी दी है। उन्होंने दो तिहाई से अधिक भौतिक प्रगति वाली विकास परियोजनाओं में और तेजी लाते हुए उन्हें मानसून की दस्तक से पहले पूर्ण कराने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने यह संकेत भी दिए कि वह अपने अगले दौरे में घंटाघर के बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण और पांडेय हाता क्षेत्र में बनने वाले नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास कर सकते हैं।  सीएम योगी  देर शाम गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले और महानगर में निर्माणाधीन सभी प्रमुख विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विकास परियोजना की एक समय सीमा तय होती है और उसे उसी अवधि में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर उदासीनता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यह व्यावहारिक रूप से समझना होगा कि बरसात का मौसम शुरू होने पर खुले में होने वाला निर्माण कार्य प्रभावित होता है, इसलिए विकास की जितनी भी परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उनसे संबंधित अधिकाधिक निर्माण कार्य बरसात से पहले पूरे कर लिए जाएं।  समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि अभी बारिश का मौसम शुरू होने में समय है, लेकिन समय रहते यह सुनिश्चित करना होगा कि बरसात होने पर कहीं भी जलभराव न होने पाए। जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए पिछले कुछ वर्षों में काफी अच्छा काम हुआ है, इसे लगातार उत्कृष्टता की ओर ले जाने की आवश्यकता है। समय रहते सभी नालों की सफाई का काम पूरा करने का निर्देश देने के साथ सीएम योगी ने कहा कि जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए गोड़धोइया नाला परियोजना पर गंभीरता से ध्यान देकर इसे जल्द पूर्ण कराने का प्रयास हो।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विरासत गलियारा के निर्माण की प्रगति, घंटाघर स्थित बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की अद्यतन स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने पांडेय हाता में बनने वाले नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की कार्ययोजना के बारे में पूछा। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर पर लोकार्पण और शिलान्यास की पूरी तैयारी रखें। सीएम योगी ने पटरी व्यापारियों के व्यवस्थित पुनर्वास पर जोर देते हुए यह निर्देश भी दिए कि पटरी व्यापारियों को वेंडिंग जोन में सम्मानजनक जगह और पूरी सहूलियत दी जाए।

योगी सरकार ने कौशल विकास मिशन की शुरुआत की, पहले दिन 99,075 प्रशिक्षण लक्ष्य तय किए गए

योगी सरकार में कौशल विकास मिशन का बड़ा कदम, पहले दिन 99,075 प्रशिक्षण लक्ष्य आवंटित पहली बार ग्रेडिंग नीति को सार्वजनिक कर प्रशिक्षण केंद्रों का मूल्यांकन किया गया प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की समय सीमा 90 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई डिजिटल इम्पैनलमेंट और ‘स्मार्ट टॉप-अप’ से बढ़ेगी गुणवत्ता व जवाबदेही एआई आधारित प्रशिक्षण और समावेशी प्राथमिकता से युवाओं को मिलेगा बेहतर रोजगार अवसर लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश में कौशल विकास को नई गति देते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष के पहले ही दिन 99,075 प्रशिक्षण लक्ष्यों का आवंटन 957 ट्रेनिंग पार्टनर्स को जारी कर दिया। इस वर्ष पहली बार ग्रेडिंग नीति को सार्वजनिक कर प्रशिक्षण केंद्रों का मूल्यांकन किया गया। इसी आधार पर प्राइवेट, इंडस्ट्रियल और सरकारी पार्टनर्स को लक्ष्य आवंटित किए गए, जिससे जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित हुई है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर इस प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाया गया है। प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की समय सीमा 90 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। साथ ही ‘स्मार्ट टॉप-अप’ व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थान बैच समाप्ति से पहले अतिरिक्त लक्ष्य प्राप्त कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है। अब इम्पैनलमेंट, लक्ष्य आवंटन और भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन होंगे। 23 फरवरी 2026 के नए नियमों के तहत संस्थाओं को उनकी ग्रेडिंग और प्रशिक्षण गुणवत्ता के आधार पर भुगतान किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि होगी। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि एआई सहित आधुनिक कौशल प्रशिक्षण, हर वर्ग को प्राथमिकता प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ‘एआई फॉर ऑल’, सॉफ्ट स्किल्स, लाइव क्लास और इंडस्ट्रियल विजिट को अनिवार्य किया गया है। साथ ही 33% महिलाओं, 5% दिव्यांगजनों और वंचित वर्ग के युवाओं को प्राथमिकता देना सुनिश्चित किया गया है, जिससे समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। मिशन अब ‘क्वांटिटी’ से ‘क्वालिटी’ की ओर बढ़ रहा है। डिजिटल पारदर्शिता और समयबद्ध रणनीति से युवाओं को विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।  विगत वर्ष जहां ट्रेनिंग पार्टनर्स को पूरे वर्ष के लिए 1.10 लाख प्रशिक्षणार्थियों का एकमुश्त लक्ष्य आवंटित किया गया था, वहीं इस वर्ष रणनीति में सुधार करते क्वार्टरली यानी कि तीन महीने में लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। प्रथम तीन माह के लिए 99,075 प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य जारी किया गया है। इसके अंतर्गत अच्छा प्रदर्शन करने वाले ट्रेनिंग पार्टनर्स को उनकी क्षमता के अनुसार 'टॉप-अप' (अतिरिक्त लक्ष्य) की विशेष सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता और निगरानी के लिए ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली होगी लागू

औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी के लिए ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली होगी लागू यूपीसीडा की 50वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी, औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति ड्रोन मॉनिटरिंग, ई-ऑक्शन, भूमि बैंक विस्तार और तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर अहम फैसले तृतीय पक्ष निरीक्षण और ड्रोन सिस्टम से गुणवत्ता व पारदर्शिता होगी सुनिश्चित 75% आवंटन के बाद 25% भूमि ई-ऑक्शन से, निवेशकों को मिलेगा अवसर सहारनपुर-बदायूं समेत कई जिलों में कनेक्टिविटी के साथ औद्योगिक विस्तार को स्वीकृति लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की 50वीं बोर्ड बैठक लोक भवन, लखनऊ में अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप आयोजित इस बैठक में औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण एवं निवेश प्रोत्साहन से जुड़े कुल 34 प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विकास एवं अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु तृतीय पक्ष निरीक्षण (TPIA) एजेंसी के चयन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से सिविल, विद्युत एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। कम्पिल कताई मिल, मऊ आइमा, बहादुरगंज, सलेमपुर एवं बाराबंकी के औद्योगिक क्षेत्रों के मानचित्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं बलिया, हाथरस, फतेहपुर, बाराबंकी एवं चित्रकूट के औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए संशोधन के निर्देश दिए गए तथा संशोधित तलपट (लेआउट) मानचित्र को स्वीकृति दी गई। भूमि बैंक को सुदृढ़ करने हेतु नीतिगत संशोधन के निर्देश दिए गए। साथ ही भूमि आवंटन की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए संशोधित योजना तैयार करते हुए प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत यह तय किया गया कि आवंटन योग्य भूमि का 75 प्रतिशत आवंटन पूर्ण होने के पश्चात शेष 25 प्रतिशत भूमि का आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि प्रचलित परियोजनाओं में विकास कार्यों को जारी रखते हुए समानांतर रूप से आवंटन प्रक्रिया संचालित की जाए, ताकि निवेश में तेजी लाई जा सके। सहारनपुर एवं बदायूं में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के संदर्भ में निर्देश दिए गए कि अधिग्रहण से पूर्व सड़क संपर्क (रोड कनेक्टिविटी) एवं लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए, जिससे औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि अवस्थापना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास हेतु शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए वित्तपोषण का प्रभावी उपयोग करते हुए एक वर्ष के भीतर बुनियादी सुविधाओं का तीव्र विकास सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष कैंप आयोजित कर एक माह के भीतर उनका निस्तारण किया जाए। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि यूपीसीडा का लक्ष्य केवल औद्योगिक भूखंडों का आवंटन करना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक विश्वस्तरीय औद्योगिक ईकोसिस्टम का निर्माण करना है, जहां तकनीक, पारदर्शिता और दक्षता के आधार पर उद्यमियों को बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि ड्रोन आधारित निगरानी, डिजिटल सेवाएं और पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया जैसे निर्णय प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में तेजी से अग्रसर करेंगे। अंत में अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सहारनपुर और बदायूं जैसे क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण के दौरान कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि औद्योगिक विकास को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके।

मुख्यमंत्री का बड़ा बयान: जरूरतमंदों को आवास और बीमारों के इलाज की होगी व्यवस्था

जरूरतमंद को आवास और बीमार के इलाज की होगी व्यवस्था: मुख्यमंत्री जनता दर्शन: गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की करीब 100 लोगों से मुलाकात लोगों की समस्याएं सुनकर दिया भरोसा, हर समस्या का कराएंगे सन्तुष्टिपरक निस्तारण गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। सीएम ने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है।  गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 100 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए। उन्होंने पुलिस से जुड़े मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दर्शन में एक महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की आवास योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद मांगने आए लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ आए बच्चों को चॉकलेट देकर सीएम योगी ने उन्हें खूब पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया।

मारकंडेय यादव को सीएम योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मारकंडेय यादव को सीएम योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे मारकंडेय यादव, श्रद्धांजलि देने उनके गांव पहुंचे मुख्यमंत्री वरिष्ठ समाजसेवी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए मुख्यमंत्री ने, परिजनों को बंधाया ढांढस गोरखपुर  गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त, वरिष्ठ समाजसेवी, पिपराइच के लुहसी गांव निवासी मारकंडेय यादव के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार सुबह लुहसी स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मारकंडेय यादव का बुधवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उनकी गोरक्षपीठ के प्रति अगाध श्रद्धा थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार सुबह करीब सवा दस बजे लुहसी स्थित मारकंडेय यादव के आवास पर पहुंचे। उन्होंने स्मृतिशेष के पार्थिव शरीर व चित्र पर पुष्प अर्पित किए और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए महायोगी गुरु गोरखनाथ से प्रार्थना की। सीएम योगी ने स्वर्गीय मारकंडेय यादव के परिजनों, पत्नी गुड्डी यादव, पुत्रद्वय संजीव यादव व विशाल यादव, भाई हरेंद्र यादव, पुत्री वंदना यादव, दामाद हिमांशु यादव आदि से आत्मीयता से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति संतराज यादव, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, पिपराइच नगर पंचायत के चेयरमैन संजय मद्धेशिया, वरिष्ठ नेता राधेश्याम सिंह, आनंद शाही, रणविजय सिंह मुन्ना आदि भी मौजूद रहे।