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पूर्व विधायक शीतल पांडेय के पुत्र को मुख्यमंत्री योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

पूर्व विधायक शीतल पांडेय के पुत्र को मुख्यमंत्री योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि मनु पांडेय के चित्र पर पुष्प चढ़ाये सीएम ने, परिजनों को बंधाया ढांढस  गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  सहजनवा के पूर्व विधायक शीतल पांडेय के रामगढ़ताल/तारामंडल क्षेत्र स्थित आवास पर जाकर उनके पुत्र मानवेंद्र पांडेय ‘मनु’ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मानवेंद्र का मंगलवार को आकस्मिक निधन हो गया था।  बुधवार शाम मुख्यमंत्री लखनऊ से गोरखपुर आए। एयरपोर्ट से वह सीधे पूर्व विधायक शीतल पांडेय के आवास पर पहुंचे। उन्होंने पूर्व विधायक के पुत्र मानवेंद्र पांडेय के चित्र पर पुष्पांजलि और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए महायोगी गुरु गोरखनाथ से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक शीतल पांडेय और अन्य परिजनों से आत्मीयता से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, भाजपा नेता अश्विनी त्रिपाठी, डॉ. विभ्राट चंद कौशिक, पुष्पदंत जैन आदि भी मौजूद रहे।  गुरुवार सुबह पिपराइच के लुहसी जाएंगे सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार सुबह पिपराइच क्षेत्र के लुहसी गांव जाएंगे। वह यहां के निवासी और गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त मारकंडेय यादव के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। मारकंडेय यादव का बुधवार को निधन हो गया।

योगी सरकार में औद्योगिक क्रांति: 9 साल में 17 हजार से अधिक कारखाने पंजीकृत

योगी सरकार में औद्योगिक क्रांति, 9 साल में 17 हजार से अधिक कारखाने पंजीकृत पिछले 70 वर्षों में प्रदेश में पंजीकृत हुए थे केवल 14 हजार कारखाने 16 लाख से अधिक लोगों को रोजगार, महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से सामाजिक-आर्थिक बदलाव के संकेत लखनऊ  योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। योगी सरकार के सुशासन, पारदर्शी नीतियों और दूरदर्शी नेतृत्व का ही असर है कि प्रदेश में अप्रैल 2017 से अब तक 17,841 नए कारखाने पंजीकृत किए गए हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश के स्वतंत्र होने के बाद वर्ष 1947 से मार्च 2017 तक लगभग 70 वर्षों में प्रदेश में कुल 14,178 कारखाने ही पंजीकृत हो पाए थे। वर्तमान समय में प्रदेश में कुल पंजीकृत कारखानों की संख्या 32,019 तक पहुंच चुकी है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से प्रदेश में बना निवेश अनुकूल माहौल प्रमुख सचिव श्रम एवं रोजगार डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से सुधार, निवेश अनुकूल माहौल और पारदर्शी प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया। साथ ही निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन क्लीयरेंस, भूमि बैंक, बेहतर कानून-व्यवस्था और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं विकसित कीं। यही वजह है कि देश-विदेश के निवेशकों का भरोसा उत्तर प्रदेश पर बढ़ा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 17,841 कारखाने अप्रैल 2017 के बाद पंजीकृत हुए हैं, जो राज्य में औद्योगिक गतिविधियों की तेज रफ्तार को दर्शाते हैं। सिर्फ सितंबर 2023 से अब तक ही 10,194 कारखानों का पंजीकरण हुआ है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 4,746 नए कारखाने जुड़े हैं। अप्रैल 2017 के बाद पंजीकृत इन कारखानों में वर्तमान में 16,53,179 लोग नौकरी कर रहे हैं। इनमें 15,29,907 पुरुष व 1,23,272 महिलाएं कार्यरत हैं। सबसे अधिक 10,895 कारखाने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पंजीकृत प्रमुख सचिव ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10,895, मध्य उत्तर प्रदेश में 3,526, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3,205 और बुंदेलखंड क्षेत्र में 215 कारखाने पंजीकृत किए गए हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि योगी सरकार ने क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करते हुए हर क्षेत्र में उद्योगों को बढ़ावा दिया, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हुए। इन कारखानों से प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन भी तेजी से हुआ है। खास बात यह है कि कारखानों में कार्यरत महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है, जो प्रदेश में सामाजिक-आर्थिक बदलाव का संकेत है। कानून-व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा योगदान प्रदेश में 14,412 कारखाने ऐसे हैं, जिनमें 100 तक श्रमिक कार्यरत हैं जबकि 3,213 कारखानों में 101 से 1000 श्रमिक कार्यरत हैं। इसी तरह 118 बड़े कारखाने ऐसे हैं जिनमें 1000 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। यह संख्या दर्शाती है कि योगी सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई)के साथ-साथ बड़े उद्योगों को भी समान रूप से प्रोत्साहन दिया है। इससे प्रदेश की औद्योगिक संरचना मजबूत हुई है। बता दें कि औद्योगिक विकास में कानून-व्यवस्था की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। योगी सरकार ने इस क्षेत्र में सख्त कदम उठाते हुए प्रदेश में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक हब जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने उद्योगों को नई गति दी। इन प्रयासों का परिणाम यह है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि तेजी से औद्योगिक राज्य के रूप में उभर रहा है। नए कारखानों ने न केवल रोजगार दिया, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है। इससे प्रदेश के लाखों परिवारों की आजीविका सुरक्षित हुई है।

मौलाना को पड़ा भारी: CM योगी के खिलाफ अपशब्द कहने पर यूपी पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया

पूर्णिया  गौमाता और योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम को उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने मौलाना को पूर्णिया जिले से हिरासत में लिया और अब उसे यूपी ले जाया जा रहा है. गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा के बीच उसे ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी कराकर उत्तर प्रदेश रवाना किया गया. इस कार्रवाई के बाद दोनों राज्यों की पुलिस सतर्क हो गई और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।  मौलाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे एक मजहबी जलसे के दौरान मुख्यमंत्री और उनकी मां को लेकर विवादित टिप्पणी करते नजर आए थे. इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भारी आक्रोश देखने को मिला. कई संगठनों ने इसे भड़काऊ और असंवेदनशील बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. मामले के तूल पकड़ने के बाद राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया. परिवर्तन चौक और गांधी पार्क के आसपास मौलाना के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी थी. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन पोस्टर हटवा दिए और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।  120 से ज्यादा हुईं थीं FIR बताया जा रहा है कि मौलाना ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश में लागू गौकशी कानूनों की आलोचना करते हुए तीखी भाषा का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद उसके खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया. गिरफ्तारी की आशंका के बीच उन्होंने अपने समर्थकों से सोशल मीडिया और सड़कों पर विरोध करने की अपील भी की थी, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया. लखनऊ के वीवीआईपी गेस्ट हाउस, नगर निगम, अलीगंज, आलमबाग, गोमतीनगर समेत पूरे शहर में पोस्टर लगे थे. मौलाना सलीम पर उत्तर प्रदेश में 120 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई थीं।  बिहार से यूपी ला रही पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है. मौलाना को उत्तर प्रदेश लाकर आगे की पूछताछ और न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इस पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों राज्यों की पुलिस सतर्क है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी की जा रही है। 

सीएम योगी का दावा: नौ वर्षों में 9 लाख सरकारी नौकरियां, यूपी बना देश का ग्रोथ इंजन

नौ वर्षों में 9 लाख सरकारी नौकरियां, यूपी बना देश का ग्रोथ इंजन: सीएम योगी  -लोकभवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के 665 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित – सीएम योगी ने की अफवाहबाजों से सावधान रहने की अपील, दुष्प्रचार से माहौल बिगाड़ने की कोशिश, सतर्क रहने की जरूरत – वर्ष 2017 के पहले प्रदेश और देश में क्राइम कैपिटल के रूप में जाना जाने वाला नोएडा आज दुनिया का इन्वेस्टमेंट का बेस्ट डेस्टिनेशन  – अफवाहबाज देश का नुकसान कर रहे, जनता के कार्य में किसी प्रकार की रुकावट नहीं, सब कुछ सहजता से चल रहा- सीएम  – बोले, मेरे कपड़े को देख लोग मानते होंगे कि अंधविश्वास को मानता हूंगा, मैं आस्था में विश्वास करता हूं, अंधविश्वास को कतई नहीं मानता – जो मुख्यमंत्री रहते नोएडा नहीं गए, आज अपनी विभाजनकारी राजनीति के लिए पहुंच गए – सीएम लखनऊ पिछले नौ वर्षों में नौ लाख मैनपावर सरकारी सेवाओं में जुड़ी है। ये सभी प्रतिभाशाली और युवा ऊर्जा से भरपूर हैं। इसी का नतीजा है कि जो राज्य पहले बीमारू था, वह आज भारत की इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन बन गया है। पहले वेतन देने के लिए पैसे नहीं होते थे, आज यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। आज यूपी देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्था में एक है। वर्ष 2016 की तुलना में आज प्रति व्यक्ति आय तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 665 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कही। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने 20 नवचयनित नर्सिंग ऑफिसर को नियुक्ति पत्र वितरित किये। इससे पहले नवचयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किये।  पहले नोएडा और ग्रेटर नोएडा को क्राइम कैपिटल के रूप में जाना जाता था, आज दुनिया भर में इन्वेस्टमेंट के बेस्ट डेस्टिनेशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रतिभा जब भी सम्मानित होगी और उसे प्लेटफार्म मिलेगा, उसका लाभ देश और राज्य को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए एक-एक स्टेजेस पर शासन द्वारा निगरानी की जाती है। हमारी तीसरी आंख उन सबको वॉच करती है, जो भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे लोगों को हम पहले ही खींच कर बाहर निकाल लाते हैं और उनका कैसे इलाज किया जाता है, यह किसी से छिपा नहीं है। इसी का परिणाम है कि प्रत्येक सेक्टर में यूपी ने विकास किया है। यूपी के नौजवानों के सामने जो पहचान का संकट था, उस पहचान के संकट से वह मुक्त हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का लोकार्पण किया। इसे प्रदेश सरकार ने बनाया, जिस प्रदेश की आबादी सबसे बड़ी है, हम कार्य भी सबसे बड़ा करेंगे। इसे हम लोगों ने जेवर में करके दिखाया है। इससे 1 लाख नौजवानों को सीधे-सीधे नौकरी मिलेगी। वर्ष 2017 के पहले यह क्षेत्र प्रदेश के साथ देश के क्राइम कैपिटल के रूप में जाना जाता था। शाम को 5 बजे के बाद गतिविधियां शून्य हो जाती थीं। प्रातः 10 बजे के पहले तक कर्फ्यू जैसा माहौल रहता था। आज यह डबल इंजन सरकार की स्पीड और दृढ़ इच्छाशक्ति है कि केवल प्रदेश नहीं बल्कि देश और दुनिया का इन्वेस्टमेंट का बेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर कर सामने आया है।  कुछ लोग अफवाहें और दुष्प्रचार कर माहौल खराब करना चाहते हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश और दुनिया का हर बड़ा संस्थान ग्रेटर नोएडा आना चाहता है। आज वहां मेडिकल डिवाइस पार्क, इंटरनेशनल फिल्म सिटी, वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटीज, टॉय पार्क और अपैरल पार्क बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सेमीकंडक्टर की सबसे बड़ी यूनिट का शिलान्यास किया। इस युग में सेमीकंडक्टर के बगैर पूरी दुनिया एकदम लाचार है, जैसे एक समय तेल के बगैर दुनिया लाचार हो जाती थी, ऐसे ही सेमीकंडक्टर के बगैर दुनिया लाचार हो जाती है, वह अब यूपी के अंदर बनेगा। इसे वर्ष 2017 के पहले सोचा नहीं जा सकता था क्योंकि उस दौरान इच्छाशक्ति और नीयत साफ नहीं थी। वे लोग पहले भी कुछ नहीं करना चाहते थे, आज भी करने की इच्छाशक्ति नहीं है, जो कार्य हो रहा है उस कार्य को डिस्टर्ब कर रहे हैं। इतना ही नहीं, दुष्प्रचार और अफवाह फैला करके माहौल को खराब करने का काम कर रहे हैं। दुनिया संकट में है और उथल-पुथल चल रही है। तमाम देशों में इमरजेंसी लागू हो गई है। लोगों में वहां संशय का माहौल बना हुआ है। गल्फ वार के नाते अस्थिरता का माहौल है। तमाम देशों ने अपने यहां लोगों की सर्विस को कम करना प्रारंभ कर दिया है। कार्य के घंटे और वेतन को कम करना प्रारंभ कर दिया है, क्योंकि अब उनकी इकॉनामी जवाब दे रही है। अमेरिका जैसा देश, जिसकी खाड़ी के देशों पर निर्भरता कम है, वहां पर भी पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं। भारत के अगल-बगल के देशों में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया सबकी हालत खराब है। अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थितियां चल रही हैं, लेकिन इन सब में बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके भारत दुनिया के अंदर एकमात्र देश है, जो लगातार अपनी यात्रा की ओर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है, इसलिए क्योंकि भारत के पास प्रधानमंत्री मोदी जैसी विजनरी लीडरशिप है। सीएम की अपील, अफवाहबाजों से सावधान और सतर्क रहना है मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र ने आपूर्ति को स्मूथ बनाने के साथ पेट्रोलियम उत्पादों के दाम को नियंत्रित करने के लिए एक्साइज ड्यूटी को कम कर देश की 145 करोड़ की जनता को राहत दी है। यह अकेले भारत के अंदर हुआ है, दुनिया के अंदर कहीं नहीं हुआ है। इसका लाभ केवल भाजपा और एक वर्ग विशेष नहीं ले रहा है बल्कि पूरा देश लाभ ले रहा है। सरकार का निर्णय इसी प्रकार का यूनिफॉर्म होता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है, तो उन्हे रोकने के लिए किस-किस प्रकार के निम्न स्तरीय प्रयास प्रारंभ हुए हैं। अफवाह फैलाई जा रही है। … Read more

मुख्यमंत्री का बयान: पीड़ितों की समस्याओं का उचित समाधान सरकार की प्राथमिकता है

जनता दर्शन पीड़ितों की समस्याओं का उचित समाधान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री  सीएम योगी ने जन समस्याओं का लिया संज्ञान, एक-एक फरियादी से खुद मिले मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं, सभी के प्रार्थना पत्र लिए और अधिकारियों को निर्देशित किया कि इनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। सीएम ने कहा कि सरकार हर पीड़ित की उचित समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है। मंदिर पर कब्जे की शिकायत  उन्नाव के बांगरमऊ से आईं ममता तिवारी ने सीएम को प्रार्थना पत्र देते हुए कुछ लोगों पर मंदिर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कब्जा करने वाले लोग मंदिर में पूजा भी नहीं करने दे रहे हैं। सीएम योगी ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए तत्काल पुलिस अधीक्षक को उचित कार्रवाई के लिए निर्देश दिया। बदायूं से आए एक किसान ने बताया कि कुछ लोगों ने उनकी फसल नष्ट कर दी, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं हो रही। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए। दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बलरामपुर से आए एक फरियादी ने बताया कि गांव की सड़क बहुत खराब है। ग्राम प्रधान कई वर्षों से इसका निर्माण नहीं होने दे रहे हैं, जिससे आवागमन में काफी परेशानी होती है। इस पर सीएम ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव में जाकर ग्रामीणों से बातचीत करें। स्थिति का खुद आकलन करें और सड़क निर्माण कराएं। खिलाड़ी हमारी धरोहर, इनकी समस्या का जल्द निस्तारण कराएं  ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे फर्रुखाबाद निवासी एक खिलाड़ी ने भी सीएम के समक्ष अपनी बात रखी। बताया कि वह निशानेबाज हैं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पदक भी जीत चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से लाइसेंस दिलाने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि खिलाड़ी हमारी धरोहर हैं। इनके प्रार्थना पत्र का संज्ञान लें और उचित कार्रवाई कराएं। जमीन व पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले भी आए   ‘जनता दर्शन’ में जमीन व पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले भी आए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों से जुड़े प्रार्थना पत्रों का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को यथोचित कार्रवाई का आदेश दिया। लखनऊ से आए एक फरियादी ने अवैध कॉलोनी से जुड़ा मुद्दा उठाया, जिस पर सीएम ने आवास आयुक्त को संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। कुछ जनपदों से आए फरियादियों ने सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत की तो कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। सीएम योगी ने ऐसे तमाम मामलों पर कार्रवाई का निर्देश देते हुए पीड़ितों की संतुष्टि पर विशेष जोर दिया। सरोजिनी नगर से आए एक फरियादी ने जमीन कब्जाने व बाउंड्रीवाल तोड़ने की शिकायत की, जिस पर एसडीएम सरोजिनी नगर को मामले के निस्तारण का निर्देश दिया गया।

सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पाकर भावुक हुए अभ्यर्थी, कहा- मेहनत को मिला सम्मान’

665 नर्सिंग अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र,  बोले-पारदर्शी चयन प्रक्रिया से मिला हक सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पाकर भावुक हुए अभ्यर्थी, कहा- मेहनत को मिला सम्मान’ जाति-धर्म और क्षेत्रवाद से परे सभी को मिला समान अवसर-सीएम योगी छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की लखनऊ राजधानी लखनऊ के लोक भवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर इन अभ्यर्थियों की खुशी देखते ही बन रही थी। मंच से एक-एक कर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता व निष्पक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जाति-धर्म और क्षेत्रवाद से परे सभी को समान अवसर मिल रहा है। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया गया : प्रियंका सिंह मोहनलालगंज, लखनऊ की प्रियंका सिंह ने कहा कि पारदर्शी परीक्षा के कारण मुझे प्रथम रैंक हासिल करने का गर्व मिला। उन्होंने बताया कि कैसे सकारात्मक बदलाव कर परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया गया। प्रियंका ने मुख्यमंत्री से मिलने को अपना सपना पूरा होना बताया। भावुक होकर परिवार व अपने बड़े भाई के सहयोग को याद किया। योग्यता को मिला सम्मान : संध्या सिंह सुल्तानपुर की संध्या सिंह ने कहा कि दो चरणों में हुई परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी रही। इसकी सबसे खास बात यह रही कि जो योग्य थे, वही चयनित हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अधिकारियों का आभार जताते हुए इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। योगी सरकार की ईमानदारी के कारण नहीं हो सकती कहीं गड़बड़ी : अनामिका यादव मैनपुरी की अनामिका यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने परीक्षा केंद्रों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि इतनी सख्ती थी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं थी। उन्होंने इसे योगी सरकार की ईमानदारी और मेरिट आधारित चयन का उदाहरण बताया। पहले मेरे मन में यूपी को लेकर गलत धारणा थी, लेकिन सीएम योगी के आने से यह राज्य बहुत शानदार ढंग से विकसित हो रहा : शरिमा सिद्दीकी शरिमा सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि मैं वास्तव में आपकी बहुत बड़ी प्रशंसक हूं। मैं पहले सेना में थी और वहां से सेवानिवृत्त होने के बाद मेरी उत्तर प्रदेश में बसने की कोई योजना नहीं थी। पहले मेरे मन में इस राज्य को लेकर एक गलत धारणा थी, लेकिन आपके नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में यह राज्य बहुत ही खूबसूरत और शानदार ढंग से विकसित हुआ है। हम बहुत तरक्की कर रहे हैं। इसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।  गर्व और खुशी का पल : आकांक्षा आकांक्षा ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने को जीवन का गर्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी परीक्षा से योग्य उम्मीदवारों को ही अवसर मिला है। पारदर्शी चयन बना भरोसे की नींव कार्यक्रम में शामिल अभ्यर्थियों ने एक स्वर में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता की सराहना की। इस चयन प्रक्रिया ने यह संदेश दिया कि अब सरकारी भर्तियों में मेहनत और योग्यता ही सफलता का आधार बन रही है। सिस्टम पर भरोसा बढ़ा नियुक्ति पत्र वितरण का यह कार्यक्रम केवल नौकरी देने का अवसर नहीं था, बल्कि युवाओं के विश्वास को मजबूत करने वाला क्षण भी बना। चयनित नर्सिंग अधिकारियों की आवाज में साफ झलक रहा था कि अब मेहनत का हक मिल रहा है और सिस्टम पर भरोसा बढ़ा है।

सीएम योगी करेंगे 3350 करोड़ से अधिक की धनराशि का डीबीटी अंतरण

3350 करोड़ से अधिक की धनराशि का डीबीटी अंतरण करेंगे सीएम योगी करीब 28 लाख  विद्यार्थियों को होगा लाभ पिछड़ा वर्ग के 13.52 लाख से अधिक छात्रों को मिलेगा 1838 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को छात्रवृत्ति एवं पारिवारिक लाभ योजनाओं के अंतर्गत धनराशि का डीबीटी के माध्यम से अंतरण करेंगे। यह कार्यक्रम लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने  बताया कि इस अवसर पर कक्षा 9-10 एवं दशमोत्तर के कुल 27,99,982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में लगभग 3350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि मुख्यमंत्री के हाथों जारी की जाएगी।  उन्होंने बताया कि लाभान्वित छात्रों में अनुसूचित जाति के 6,68,707 विद्यार्थियों को 467.94 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 4,95,793 विद्यार्थियों को 779.10 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के 13,52,357 विद्यार्थियों को 1838.59 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक वर्ग के 2,75,889 विद्यार्थियों को 252.76 करोड़ रुपये तथा अनुसूचित जनजाति के 7,236 विद्यार्थियों को 11.61 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की जाएगी।   मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार “वंचितों को वरीयता – कमजोर को प्राथमिकता” के संकल्प के साथ कार्य करते हुए शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल कर रही है। छात्रवृत्ति योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रणाली का ऑटोमेशन किया जा रहा है तथा आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है।

राम की पैड़ी पर आयोजित कार्यक्रम का ग्राम्य विकास आयुक्त व डीएम एवं सीडीओ ने किया शुभारंभ

अयोध्या में सरस मेले के साथ साकेत संध्या का आगाज राम की पैड़ी पर आयोजित कार्यक्रम का ग्राम्य विकास आयुक्त व डीएम एवं सीडीओ ने किया शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्रामीण विकास को नई दिशा राम की पैड़ी पर सजा ग्रामीण विकास और संस्कृति का अनूठा संगम अयोध्या राम की नगरी अयोध्या में ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्राम्य विकास विभाग द्वारा राम की पैड़ी पर 30 मार्च तक आयोजित होने वाले सरस मेले व साकेत संध्या अयोध्या का रविवार की शाम स्थानी कलाकारों को मंच देने का मंच देने का मौका भी मिलेगा।   उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी व जिलाधिकारी निखिल टीकाराम और मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने शुभारंभ किया। इसी के साथ साकेत संध्या का भी आगाज हुआ। इस अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और ग्रामीण विकास का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम एवं मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह उपाध्यक्ष आकांक्षा समिति अयोध्या की प्रियंका ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके उपरांत स्वर सती जी के चित्र पर दीपप्रज्वलित व माल्यार्पण कर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। सरस मेला साबित होगा बड़ा मंच  मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि सरस मेला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। इन उत्पादों की बिक्री से महिलाओं की आय, आत्मविश्वास और आजीविका में वृद्धि होगी। साथ ही, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर प्राप्त होंगे। सरयू आरती के बाद सप्ताह के हर शनिवार व रविवार को साकेत संध्या का आयोजन किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के तहत ऐसे मेले ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम बन रहे हैं। विभिन्न जनपदों के लगे लगभग 47 स्टॉल अयोध्या सहित देवीपाटन मंडल के विभिन्न जनपदों से लगभग 47 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विविध उत्पाद प्रदर्शित एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। आकर्षण का केंद्र बने उत्पादों में अचार, राम मंदिर के मॉडल, गोलगप्पे, गाय के गोबर से निर्मित धूपबत्ती, टोकरी एवं सजावटी सामान, जैविक खाद, पापड़, फर्नीचर, सिलाई-कढ़ाई के उत्पाद तथा दुग्ध उत्पाद शामिल हैं। ये उत्पाद न केवल स्थानीय कौशल को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी सुदृढ़ करते हैं। मंडल के सभी जनपदों से उत्कृष्ट स्वयं सहायता समूहों को मेले में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। मेले में लाइटिंग और साउंड शो की समुचित व्यवस्था मेले में व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। मंच, टेंटेज, साउंड सिस्टम, मैनपावर, लाइटिंग और साउंड शो की समुचित व्यवस्था की गई है। राम की पैड़ी का वातावरण सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुंजायमान है, जहां साकेत संध्या के माध्यम से अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक झलकियां प्रस्तुत की जा रही हैं। मेले का उद्देश्य केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण कारीगरों और महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ना तथा पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से परिचित कराना भी है। स्थानीय कलाकारों द्वारा ‘साकेत संध्या’ में भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी गई, साथ ही उन्हें अपनी कला को मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण यह मेला महिलाओं की आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण है। हजारों श्रद्धालु और पर्यटक राम की पैड़ी पर पहुंचकर इन उत्पादों को देख रहे हैं और खरीदारी कर रहे हैं। सरस मेला न केवल आर्थिक रूप से उपयोगी साबित हो रहा है, बल्कि अयोध्या को सांस्कृतिक और ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रामीण भारत के सामर्थ्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक मेले के दौरान सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करें और स्वदेशी को बढ़ावा दें। यह आयोजन राम मंदिर की पावन भूमि पर ग्रामीण भारत के सामर्थ्य और महिलाओं की मेहनत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक बन गया है। इस मौके पर में विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अनुराज जैन,नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार, श्रीमती सरिता वर्मा, उपायुक्त रोजगार सरिता गुप्ता, जिला मिशन प्रबन्धक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: यूपी में विकास की नई मिसाल, अब घोषणाओं का नहीं, परिणामों का समय

यूपी में विकास अब घोषणा नहीं बल्कि परिणाम है, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट साबित हुआ सफल उदाहरण शिलान्यस से उद्घाटनों तक पहुंची यूपी की विकास यात्रा, वर्ष 2017 के बाद से अनेक परियोजनाएं उतरीं धरातल पर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को साकार करती परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन ने बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से वर्ष 2017 के बाद विकास की जो कहानी लिखी गई, वह अब केवल योजनाओं तक सीमित न रहकर, ज़मीन पर दिखने वाले परिणामों में बदल चुकी है। उत्तर प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार ने बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास ही नहीं किया, बल्कि तय समय में उनका उद्घाटन कर यह साबित किया कि यूपी में विकास अब घोषणा नहीं, बल्कि परिणाम है। इसका सबसे जीवंत उदाहरण जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन साबित हुआ। इस परियोजना का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को हुआ था और एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को किया गया। यूपी का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते हवाई यातायात का दबाव कम करने के साथ पश्चिमी यूपी की विकास यात्रा को नए पंख प्रदान करेगा। जेवर और अयोध्या में रिकॉर्ड समय में बना इंटरनेशनल एयरपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के सफल क्रियान्वयन से आज उत्तर प्रदेश केवल घोषणाओं का नहीं, बल्कि धरातल पर उतरने वाली विकास परियोजनाओं का राज्य बन चुका है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर इसका एकमात्र उदाहरण नहीं है। एविएशन क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौ वर्षों के शासनकाल में अयोध्या में फरवरी 2022 से बनना शुरू हुआ महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ। 30 दिसंबर 2023 में उद्घाटन के बाद इस एयरपोर्ट ने अयोध्या को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर मजबूती से स्थापित किया। वहीं, प्रदेश के एविएशन सेक्टर में 10 मार्च 2024 की तारीख भी अहम रही, जब एक साथ आजमगढ़, अलीगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद और श्रावस्ती के हवाई अड्डों का उद्घाटन किया गया। इससे प्रदेश की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिली है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की मिला सौगात, जल्द पूरा होगा गंगा एक्सप्रेस-वे सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी की बात करें तो सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 14 जुलाई 2018 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास हुआ और 16 नवंबर 2021 को इसका उद्घाटन किया गया। इसी क्रम में बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र में आर्थिक बदलाव की नई उम्मीद साबित हुआ। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की आधारशिला फरवरी 2020 में रखी गई थी और जुलाई 2022 में इसे जनता को समर्पित किया गया। यही नहीं, पश्चिम से पूर्व यूपी को जोड़ने वाला राज्य का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे भी 18 दिसंबर 2021 को बनना शुरू हुआ है, जिसका उद्घाटन भी जल्द ही होने वाला है। देश की पहली रैपिड रेल, दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस का हुआ शुभारंभ प्रदेश में रैपिड रेल और मेट्रो परियोजनाओं की बात करें तो देश की पहली रैपिड रेल नमो भारत, दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस का शिलान्यास 8 मार्च 2019 को हुआ था। इसके पहले खंड का शुभारंभ 2023 में ही हो गया था, जबकि फरवरी 2026 तक यह पूरी तरह संचालित होने लगी है। इसी क्रम में 7 दिसंबर 2020 को आगरा मेट्रो की नींव रखी गई और मार्च 2024 में इसका उद्घाटन हुआ। वहीं, 22 फरवरी 2026 को मेरठ मेट्रो का शुभारंभ हुआ, जिसने शहरी परिवहन को नई पहचान दी। यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में बन रही है ब्रह्मोस मिसाइल औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करते हुए वर्ष 2019 में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) की नींव रखी गई और वर्ष 2023 से इसका संचालन शुरू हो गया। इसके तहत कानपुर में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े गोला-बारूद और मिसाइल संयंत्र अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस में फरवरी 2024 से उत्पादन कार्य शुरू हो चुका है। वहीं, प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन मई-जून 2025 में हुआ। वर्तमान में यूपीडीआईसी के छह नोड्स अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट में लाखों करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है और रक्षा उत्पादों का निर्माण हो रहा है। योट्टा डेटा सेंटर और सैमसंग मोबाइल फैक्ट्री लाए आईटी क्रांति डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक ग्रेटर नोएडा में संचालित हीरानंदानी ग्रुप का योट्टा डेटा सेंटर डिजिटल सेवाओं और क्लाउड स्टोरेज में एशिया के बड़े डेटा केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है। इसका शिलान्यास वर्ष 2019 में किया गया था, जिसमें उत्पादन 2022 में शुरू हो गया था। इसी क्रम में जुलाई 2018 में नोएडा में सैमसंग मोबाइल फैक्ट्री के उद्घाटन से आज यूपी देश में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में नंबर वन बन चुका है। यही नहीं, नोएडा, जेवर में जल्द ही सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का उत्पादन शुरू होने वाला है, जो यूपी को सेमीकंडक्टर हब के रूप में नई पहचान प्रदान करेगा, साथ ही आईटी सेक्टर में निवेश और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करेगा। अयोध्या में राम मंदिर और काशी-विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण से बढ़ा देश का गौरव  विरासत से विकास के विजन को साकार करते हुए उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजनाओं का विकास भी ऐतिहासिक बन चुका है। इस क्रम में 13 दिसंबर 2021 को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन से वाराणसी में तीर्थयात्रियों के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया गया है। वहीं, 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या वैश्विक धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर उभरकर सामने आई है। साथ ही, योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए तीर्थ विकास परिषद का निर्माण कर उनका विकास किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश में 100 से अधिक प्राचीन विरासत के मंदिरों का जीर्णोद्धार किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को साकार करती इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन ने वर्तमान में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ते निवेश, नए रोजगार और पर्यटन के विस्तार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से निकालकर देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर दिया है। यही नहीं,  उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी के विजन को साकार करने की दिशा में तेज गति से बढ़ रहा है।

ग्रेटर नोएडा में शुरू हुआ स्किल महाकुंभ, राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य उद्घाटन

ग्रेटर नोएडा में सजा स्किल का महाकुंभ, राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य आगाज 650 प्रतिभागी, 63 स्किल्स और सभी राज्यों की भागीदारी योगी सरकार की स्किल पहल को मिला राष्ट्रीय मंच लखनऊ/ग्रेटर नोएडा स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य शुभारंभ रविवार को गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में हुआ। इस आयोजन में देशभर से आए करीब 650 प्रतिभागी 63 विभिन्न कौशलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी ने इसे “स्किल भारत” के विज़न का जीवंत उदाहरण बना दिया है। योगी सरकार की स्किल नीति को मिला बल उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने पर विशेष जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रदेश के लाखों युवाओं को ट्रेनिंग, अप-स्किलिंग और रोजगार से जोड़ा गया है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता प्रदेश की स्किल इकोनॉमी को मजबूत करने और यूपी को “स्किल हब” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्किलिंग से बनेगा ‘स्किल नेशन’: देबाश्री मुखर्जी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि स्किलिंग एक निरंतर प्रक्रिया है, जो अभ्यास और समर्पण से विकसित होती है। उन्होंने प्रतिभागियों को “स्किल आइकॉन” बताते हुए कहा कि उनका यह सफर ही एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास से जुड़ा हुआ है और युवा भारत को वैश्विक स्तर पर “स्किल नेशन” बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत की वैश्विक रैंकिंग में सुधार का लक्ष्य कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की वरिष्ठ सलाहकार मनीषा शर्मा ने बताया कि भारत वर्तमान में वर्ल्ड स्किल्स रैंकिंग में 13वें और एशिया में 8वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग के जरिए युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने युवाओं को किया प्रेरित कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार पिल्लई के उद्घाटन भाषण से हुई। उन्होंने कौशल विकास को देश की प्रगति का आधार बताते हुए युवाओं को उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। अंत में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मुख्य परिचालन अधिकारी प्रशांत सिन्हा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। मार्च पास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे आकर्षण विभिन्न राज्यों की टीमों द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को प्रदर्शित किया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में उत्साह और रंग भर दिए। उत्तर प्रदेश की साधना ने दिलाई शपथ कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण शपथ ग्रहण समारोह रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की प्रतिभागी साधना ने सभी प्रतिभागियों को निष्पक्षता, ईमानदारी और समर्पण के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शपथ दिलाई।