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कन्या सुमंगला योजना: अमेठी की 23 स्नातक छात्राओं को मिली आखिरी किश्त

कन्या सुमंगला योजनाः अमेठी की स्नातक की 23 छात्राओं को आखिरी किश्त जारी सरकार की पहल से बेटियों को मिली नई उड़ान बदलती सोच, मजबूत कदम: आर्थिक सहयोग से सशक्त अमेठी की बेटियां लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी कन्या सुमंगला योजना आज बेटियों के भविष्य को मजबूत बनाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है। इसी कड़ी में अमेठी जिले की 23 छात्राओं को स्नातक स्तर पर प्रवेश लेने के बाद योजना की अंतिम किश्त जारी की गई, जिससे उनके सपनों को नई दिशा और मजबूती मिली है। इन छात्राओं के लिए यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले जहां कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण बेटियों की पढ़ाई बीच में ही रुकवा देते थे, वहीं अब इस योजना ने उनकी सोच को बदल दिया है। आज वे बेटियां उच्च शिक्षा की ओर बढ़ते हुए अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बन रहीं हैं। शिक्षा के हर पड़ाव पर साथ: जन्म से स्नातक तक सरकार का सहयोग कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को उनके जीवन के महत्वपूर्ण शैक्षिक चरणों पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक 6 चरणों में दी जाने वाली इस राशि को 2024-25 में इसे बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस पहल का उद्देश्य न केवल बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना है, बल्कि परिवारों पर आर्थिक बोझ कम कर उन्हें बेटियों के उज्ज्वल भविष्य में निवेश के लिए प्रेरित करना भी है। बदलती सोच, सशक्त होती बेटियां अमेठी की इन 23 छात्राओं की सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब सही समय पर सही सहायता मिलती है, तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं। अब ये छात्राएं अपने करियर को लेकर अधिक जागरूक हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहीं हैं। परिवारों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है जहां पहले बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी, वहीं अब यह सोच बदली है और बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए सरकार की तरफ से प्रोत्साहित किया जा रहा है। योगी सरकार की पहल से बेटियों के सपनों को मिल रहा संबल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही कन्या सुमंगला योजना बेटियों को सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है। कन्या सुमंगला योजना ने न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा दिया है। अमेठी की इन 23 बेटियों की कहानी यह संदेश देती है कि यदि अवसर और सहयोग मिले, तो हर बेटी अपने सपनों को साकार कर सकती है। यह योजना केवल एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक मजबूत, शिक्षित और आत्मनिर्भर समाज की नींव है।

सीएम लोकभवन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यक्रम में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को देंगे कई सौगात    सीएम लोकभवन में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यक्रम में होंगे शामिल   आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को देंगे ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस और स्मार्टफोन   नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को देंगे नियुक्ति पत्र, नए आंगनवाड़ी केंद्रों और परियोजना कार्यालयों का करेंगे शिलान्यास व लोकार्पण  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लोकभवन सभागार में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की महिला सशक्तीकरण, बाल विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने वाली कई बड़ी पहल का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ मिशन रोजगार के तहत नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे।  सीएम योगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित करेंगे ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की डायरेक्टर सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 30 मार्च को लोकभवन के सभागार में 10 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस वितरित किए जाएंगे। इनमें स्टैडियोमीटर, इन्फैंटोमीटर और मदर एंड चाइल्ड वेटिंग स्केल शामिल हैं। प्रदेश में भर में कुल 1,33,282 स्टैडियोमीटर, 10,553 इन्फैंटोमीटर और 58,237 वेटिंग स्केल वितरित किए जाएंगे, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी और अधिक सटीक व प्रभावी हो सकेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा 10 नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा जबकि 46 जिलों में जनप्रतिनिधियों द्वारा 739 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा 42 जिलों में 15,203 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।  स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम का किया जाएगा शुभारंभ डायरेक्टर ने बताया कि कार्यक्रम में 10 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन भी वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में कुल 69,794 कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ हो जाएगा। इससे डिजिटल मॉनिटरिंग, डेटा संग्रहण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के नए डिजाइन का भी विमोचन करेंगे, जिसकी लागत लगभग 30.32 लाख रुपये प्रति भवन है। इतना ही नहीं, 13 जिलों में 633 आंगनवाड़ी केंद्रों, 28 जिलों में 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों और 27 जिलों में 69 अन्य केंद्रों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर कुल 1,37,04.29 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही 70 जिलों में 2,468 आंगनवाड़ी केंद्रों और 29 जिलों में 69 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण किया जाएगा, जिनकी कुल लागत 3,13,26.31 लाख रुपये है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सीएम योगी के निर्देश पर गन्ना विभाग और यूपीएसआरएलएम के बीच हुआ एमओयू

गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी महिलाएं  सीएम योगी के निर्देश पर गन्ना विभाग और यूपीएसआरएलएम के बीच हुआ एमओयू उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण के लिए नई पहल  लखनऊ योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और कृषि आधारित गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के बीच हाल ही में एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अब प्रदेश की ‘आधी आबादी’ गन्ना उत्पादन, पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन जैसी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएगी। गन्ने से जुड़े अन्य उत्पाद बनाने का भी दिया जाएगा प्रशिक्षण गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया कि एमओयू का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना आधारित आजीविका से जोड़ना है। इससे न केवल ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का भी अवसर मिलेगा। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 47.5 लाख गन्ना किसान चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं। इसमें करीब 2.95 लाख महिला किसान शामिल हैं। इसके अलावा 57 हजार से अधिक महिला किसान 3,000 से ज्यादा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गन्ने की उन्नत किस्मों की पौध तैयार करने का कार्य कर रही हैं। ये समूह गन्ने की नई प्रजातियों के तेजी से प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस पहल के तहत महिलाओं को केवल पौध उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें गन्ने से जुड़े अन्य कार्यों जैसे प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद निर्माण, गुड़ और अन्य वैल्यू एडेड उत्पादों के निर्माण में भी प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन पर दिया जा रहा जोर गन्ना आयुक्त का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि प्रदेश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है। इसी सोच के तहत योगी सरकार लगातार महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है। चाहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान हो या स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने की योजनाएं, हर स्तर पर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य है कि महिला स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर उन्हें गन्ना क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इससे वे न केवल अपनी आय बढ़ा सकेंगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता वृद्धि में भी योगदान देंगी। यह पहल गन्ना उत्पादन प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव ला सकती है। महिला समूहों द्वारा तैयार की जा रही उन्नत किस्मों की पौध से गन्ने की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर गुणवत्ता का उत्पादन मिलेगा। साथ ही, वैल्यू एडिशन के जरिए उत्पादों का बाजार मूल्य भी बढ़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि आएगी।

नोएडा एयरपोर्ट से यूपी आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए बढ़ी सुविधाएं

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः यूपी आने वाले विदेशी पर्यटकों को होगी सुविधा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से सीधे यूपी हार्टलैंड में प्रवेश कर सकेंगे विदेशी पर्यटक, बढ़ेगा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन आगरा, मथुरा-वृंदावन के साथ अयोध्या, वाराणसी आने वाले विदेशी पर्यटकों को भी मिला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नया विकल्प जेवर/ लखनऊ  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ व्यापार, निवेश, औद्योगिक विकास और पर्यटन गतिविधियों के विकास में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है। यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे बनाया गया यह एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा, बल्कि आगरा, मथुरा-वृंदावन, फतेहपुर सीकरी और यहां तक कि लखीमपुर खीरी के दुधवा नेशनल पार्क जैसे पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर नई चमक देगा। जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न सिर्फ उड़ानों का हब बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, इतिहास, आस्था और प्रकृति को वैश्विक पर्यटकों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम साबित होगा। उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में घरेलू पर्यटन के मामले में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुका है। साथ ही प्रदेश के आगरा, मथुरा, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी योगी सरकार के 9 वर्षों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। यूपी, जिसे ‘लैंडलॉक्ड’ माना जाता है, अब हवाई मार्ग से दुनिया से जुड़कर विदेशी पर्यटन के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयां छू सकता है। वर्तमान में यूपी आने वाले विदेशी पर्यटकों को लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या के इंटरनेशनल एयरपोर्टों के साथ जेवर एयरपोर्ट का विकल्प भी मिल गया है। साथ ही यूपी में आगरा, फतेहपुर सीकरी और मथुरा-वृंदावन आने वाले अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भक्तों को पहले दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पर्यटकों को यमुना एक्सप्रेस-वे के जरिए आगरा और फतेहपुर सीकरी महज 1.5 से 2 घंटे में, जबकि मथुरा-वृंदावन केवल 90 मिनट में पहुंचने की सुविधा मिल जाएगी। यही नहीं, जेवर में बना यह एयरपोर्ट केवल यूपी ही नहीं, बल्कि देश के इंटरनेशनल टूरिज्म हब दिल्ली-आगरा-जयपुर का क्लासिक गोल्डन ट्रायंगल भी विदेशी पर्यटकों के लिए अब और अधिक आकर्षक व सुविधाजनक हो जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर में आवागमन शुरू हो जाने से यूपी में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के साथ ही इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क, लखीमपुर खीरी और उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, देहरादून आने वाले प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को भी विशेष सुविधा मिल सकेगी। यही नहीं, यूपी की पर्यटन नीति-2022 में जिस तरह इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया गया है, उसके चलते दुधवा ही नहीं, कतर्निया घाट (बहराइच), सैफई लायन सफारी जैसे स्थलों के लिए भी विदेशी पर्यटकों की पहुंच आसान होगी।  इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण से यूपी में मेडिकल और बिजनेस टूरिज्म को भी जबरदस्त बढ़ोतरी मिलेगी। यूपी में पर्यटन की बढ़ोतरी के साथ होटल, रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट्स, गाइडों के साथ हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों व व्यंजनों का भी तेज गति से विकास होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के विजन को व्यापार, उद्योग, निवेश के साथ पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि के जरिए साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

जेवर की गलियों में गूंजा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर रचित गीत

योगी जी लायो जेवर में एयरपोर्ट जेवर की गलियों में गूंजा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर लिखा गया गीत  लोकार्पण समारोह में संगीत, जनसमर्थन और राजनीतिक तालमेल का अनोखा संगम दिखा जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का लोकार्पण और एमआरओ सुविधा का शिलान्यास उत्तर प्रदेश के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय दर्ज कराने वाला क्षण बन गया। शनिवार को इस अवसर पर जहां एक ओर देशभर की निगाहें इस ऐतिहासिक परियोजना पर टिकी रहीं, वहीं दूसरी ओर जेवर की गलियों से लेकर जनसभा स्थल तक एक अलग ही माहौल देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर रचे गए गीतों की गूंज सुनाई दी, जिसने इस बड़े आयोजन को उत्सव में बदल दिया। गलियों से मंच तक गूंजे सीएम योगी की तारीफ में गीत शनिवार को जेवर क्षेत्र में हर गली नुक्कड़ पर एक खास गीत लोगों की जुबान पर था  “योगी जी लायो जेवर में एयरपोर्ट”, यह गीत स्थानीय लोगों के बीच इस कदर लोकप्रिय रहा कि पूरे दिन वातावरण में उत्साह और गर्व का भाव बना रहा। उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान भी संगीत का यह रंग मंच तक पहुंचा। गायक हेमंत ब्रजवासी ने अपने प्रस्तुति से पूरे जनसभा स्थल को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके गीत के बोल कुछ इस तरह थे, “गोरखपुर की गलियों में योगी जी हैं डोले, बजा-बजाकर चुटकी सियाराम बोले, होठों पर इनके अफसाने हो गए, सियाराम तेरे नाम के दीवाने हो गए”… इस गीत को सुनकर उपस्थित लोग झूमते नजर आए। यह नजारा केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं था, बल्कि यह उस जनसमर्थन और जुड़ाव का प्रतीक था जो इस परियोजना के साथ लोगों ने महसूस किया। जनउत्साह ने कार्यक्रम को बनाया यादगार इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। जैसे ही मंच से एयरपोर्ट परियोजना और उसके महत्व का जिक्र हुआ, जनसभा स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 25 नवंबर 2021 को हुए शिलान्यास का उल्लेख करते ही लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। यह क्षण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बन गया, जहां जनता ने जोरदार समर्थन जताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि को उत्तर प्रदेश और देश के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक पल बताया, जिससे माहौल और भी ऊर्जावान हो गया। विकास और सांस्कृतिक उत्सव का संगम इस पूरे आयोजन में विकास और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला। एक ओर जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक स्तर की सुविधाओं की चर्चा हो रही थी, वहीं दूसरी ओर लोकगीत और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों ने इस कार्यक्रम को जनोत्सव का रूप दे दिया। स्थानीय लोगों के लिए यह केवल एक एयरपोर्ट का उद्घाटन नहीं था, बल्कि यह उनके क्षेत्र के विकास, पहचान और भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया। सीएम योगी ने दिया पीएम मोदी को श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के ठीक बगल में बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान कई बार उनसे बातचीत की। यह सिलसिला पूरे कार्यक्रम में चलता रहा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी की जमकर सराहना करते हुए 25 नवंबर 2021 को हुए शिलान्यास से लेकर शनिवार को लोकार्पण तक का श्रेय उन्हें दिया। इस पर जनसभा में जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी भी मंच से सीएम योगी का उत्साहवर्धन करते नजर आए। दोनों नेताओं की एक-दूसरे के प्रति इस भावना ने आयोजन को और भी खास बना दिया।

योगी सरकार ने प्राप्त की एक और बड़ी सफलता, स्कॉच अवार्ड से हुई सम्मानित

योगी सरकार ने हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि, फिर मिला प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड सिंचाई विभाग की ओर से महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार को मिला अवार्ड  वैज्ञानिक प्रबंधन से करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुगम हुआ था अमृत स्नान, ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेशन एरिया से सुरक्षा और व्यवस्था को मिला था नया आयाम लखनऊ योगी सरकार ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योगी सरकार ने जल संसाधन प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी साख को और मजबूत किया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को नई दिल्ली में आयोजित 106वें स्कॉच शिखर सम्मेलन (स्कॉच समिट) में प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। विभाग को यह सम्मान दो प्रमुख कार्यों महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा की धाराओं के सफल चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार के लिए प्रदान किया गया है। प्रतिष्ठित पुरस्कार सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने प्राप्त किया। महाकुम्भ-25 के दौरान किया गया गंगा की धाराओं का चैनलाइजेशन सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप महाकुम्भ- 25 में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को अमृत स्नान कराने के लिए गंगा की धाराओं के चैनलाइजेशन के निर्देश दिए गये थे। उन्होंने बताया कि गंगा की धाराओं का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे सिंचाई विभाग ने सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसने प्रदेश की कार्यकुशलता और बड़े आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की क्षमता का भी प्रदर्शन किया।  उन्होंने बताया कि गंगा नदी की तीन धाराओं को सफलतापूर्वक एक धारा में विलीन करना एक बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक उपलब्धि रही। इसके साथ ही संगम क्षेत्र में ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया का निर्माण किया गया, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाया जा सका। यह कार्य न केवल भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे सुरक्षा और सुव्यवस्था के मानकों को भी नया आयाम मिला। रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर स्थापित ऑटोमैटिक गेट के लिए भी मिली सराहना  मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने बताया कि रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर ऑटोमैटिक गेट की स्थापना को भी विशेष सराहना मिली है। इस अत्याधुनिक व्यवस्था से जल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और नियंत्रित बनाया गया है। इससे सिंचाई व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य टिकाऊ और प्रभावी जल प्रबंधन के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है, जिससे प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ मिल सके। बता दें कि स्कॉच अवार्ड को देश के प्रमुख स्वतंत्र सम्मानों में गिना जाता है, जिसके लिए देशभर से हजारों प्रविष्टियां आती हैं। इनमें से चयन एक कठोर और बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कार्यों को तकनीकी दक्षता, नवाचार और प्रभावशीलता के आधार पर चुना गया, जो प्रदेश की बढ़ती प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।

रोजगार और इंडस्ट्रियल ग्रोथ का मेगा हब बनेगा यूपी का जेवर

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यूपी में निवेश को मिलेगा बड़ा बूस्ट रोजगार और इंडस्ट्रियल ग्रोथ का मेगा हब बनेगा यूपी का जेवर निर्यात को मिलेगी रफ्तार, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र बनेगा ग्लोबल निवेश और मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभर रहा जेवर, तेजी से बढ़ रहे निवेश प्रस्ताव 1 लाख से अधिक रोजगार, हजारों करोड़ की आर्थिक गतिविधि का अनुमान जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग और व्यापार के नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है। यह एयरपोर्ट न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश के मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए “गेमचेंजर” बताते हुए कहा कि यह परियोजना निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगी। यमुना एक्सप्रेसवे बना निवेश का नया इंजन यमुना एक्सप्रेसवे और इसके आसपास के क्षेत्रों में पहले से ही बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव आने शुरू हो चुके हैं। एयरपोर्ट के कारण यह क्षेत्र तेजी से एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है, जहां देश-विदेश की कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखा रहीं हैं। एयरपोर्ट के आसपास मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, डेटा सेंटर, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल और टॉय पार्क जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखे जाने से हाईटेक इंडस्ट्री को बढ़ावा मिला है। भविष्य में यहां फिनटेक सिटी जैसे अत्याधुनिक प्रोजेक्ट भी विकसित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र टेक्नोलॉजी और उद्योग का प्रमुख केंद्र बनेगा। निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार मल्टी मोडल कार्गो हब बनने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को ‘लैंडलॉक्ड’ स्थिति से बाहर निकालकर वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ देगा। इससे प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंच सकेंगे और निर्यात को नई गति मिलेगी। इस एयरपोर्ट परियोजना से लगभग 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही करीब 60,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि उत्पन्न होने का अनुमान है। सरकार को इससे लगभग 2000 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हो सकता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा। दीर्घकालिक विकास का मजबूत आधार इस परियोजना का कंसेशन पीरियड 40 वर्षों का है। अनुमान है कि वर्ष 2061-62 तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त होगी, जो इसकी दीर्घकालिक आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। कुल मिलाकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग, निर्यात और रोजगार का एक समग्र विकास मॉडल बनकर उभर रहा है। आने वाले समय में यह परियोजना प्रदेश को आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

लोहिया संस्थान में 665 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति, आज सीएम करेंगे नियुक्ति पत्र का वितरण

लोहिया संस्थान में 665 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति, आज सीएम देंगे नियुक्ति पत्र लोक भवन में 20 अभ्यर्थियों को सीधे सौंपे जाएंगे नियुक्ति पत्र शेष को जिलों में ऑनलाइन माध्यम से जनप्रतिनिधि करेंगे वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल 345 पुरुष व 320 महिला अभ्यर्थी चयनित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के चयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। संस्थान में कुल 665 नर्सिंग अधिकारियों का चयन किया गया है, जिनमें 345 पुरुष एवं 320 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। सीएम खुद देंगे नियुक्ति पत्र इनमें से 20 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में सीधे नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे, जबकि शेष अभ्यर्थियों को उनके संबंधित जनपदों में ऑनलाइन माध्यम से जनप्रतिनिधियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। इनको मिलेगा नियुक्ति प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन नियुक्तियों से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे मरीजों को उपचार में सहूलियत मिलेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वालों में प्रियंका सिंह, मनीष कुमार, लक्ष्मण राम चौधरी, मोहम्मद आलम, तनु, संध्या जोशी, देवराज गुर्जर, देवेश कुमार, जय प्रकाश सिंह, धर्मेंद्र काजला, कुमारी अनामिका यादव, दीप्ति देवी, प्रतिमा कश्यप, आकांक्षा, ऋषि राज गौतम, आराध्या सिंह, प्रियंका चौधरी, विवेक कुमार गोंड, संध्या सिंह व शरिमा सिद्दीकी शामिल हैं।

सीएम ने कहा, यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट

उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का लॉन्चपैड बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित सीएम ने कहा, यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट सीएम योगी ने पेट्रोलियम पदार्थों के नियंत्रित मूल्य और एक्साइज ड्यूटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री का जताया आभार  सीएम के निशाने पर रही कांग्रेस व सपा, मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान के प्रति जताई कृतज्ञता 2002 से 2017 तक यूपी रहा अराजकता व अव्यवस्था का शिकार, गत 9 वर्ष में बनी बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू के रूप में यूपी की पहचान: सीएम योगी  जेवर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की उड़ान को नई ऊंचाई प्रदान करने वाला यह समारोह प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में नए भारत का नया उत्तर प्रदेश आज अपनी पहचान का नया उद्घोष कर रहा है कि जब संकल्प मजबूत, साहस अडिग व आत्मविश्वास अटल हो, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रह सकता। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट संकल्प को सिद्धि में बदलने का परिणाम है। इसका रनवे न केवल यूपी की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक ले जाने का आधार बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का लॉन्चपैड भी बनेगा। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के निवेश, व्यापार व औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई तक पहुंचाते हुए व्यापक रोजगार सृजन भी करेगा। ग्लोबल एविएशन मैप पर यूपी की नई पहचान सीएम योगी ने कहा कि यह एयरपोर्ट विकास की नई ऊंचाइयों के साथ जनता को राहत दिलाने वाला है। पीएम मोदी ने पिछले 11-12 वर्षों में नए भारत को विकसित भारत की दिशा में बढ़ाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में कदम बढ़ाए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी श्रृंखला का हिस्सा है। आज पीएम मोदी के करकमलों से नवनिर्माण की नई इकाई का लोकार्पण हो रहा है। यह नवसृजन उत्तर प्रदेश को ग्लोबल एविएशन मैप पर नए सिरे से प्रस्तुत करने का कार्य कर रहा है। पीएम मोदी ने विकसित भारत की संकल्पना देशवासियों को दी है। आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर आज की आवश्यकता है। अभी एक रनवे प्रारंभ हो रहा है। कुछ वर्षों में एयरपोर्ट के पांच रनवे संचालित होंगे तो यह खुद को ग्लोबल एयरपोर्ट के रूप में स्थापित करने में सफल होगा। पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का निर्णय ऐतिहासिक  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी की दूरदर्शी सोच और उनके ‘देश प्रथम’ भाव के साथ 11-12 वर्षों में नए भारत की कार्ययोजना हमें देखने को मिल रही है। रामनवमी पर देश में उत्सव व उत्साह का माहौल था, जबकि दुनिया में अव्यवस्था, अराजकता और संशय की स्थिति है। अमेरिका जैसे विकसित देश में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छूते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन भारत में दाम नियंत्रित है। इनकी आपूर्ति सुगम बनाई गई है। भारत के पड़ोस में जितने भी देश हैं, वहां भी पेट्रोलियम पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं और उनका अभाव भी है। वहां अव्यवस्था का माहौल है। उन्हें कार्यावधि घटाने के साथ उत्पादन रोकना पड़ा है। पब्लिक में कोटा सिस्टम लागू करना पड़ा है, लेकिन भारत में निर्बाध रूप से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बनाए रखने के साथ ही दाम को नियंत्रित रखा गया है। कल पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, उसके लिए 25 करोड़ प्रदेशवासियों की तरफ से मैं पीएम मोदी को कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं। 2002 से 2017 तक यूपी रहा अराजकता व अव्यवस्था का शिकार  सीएम योगी ने कांग्रेस व सपा जैसे दलों पर भी निशाना साधा। कहा कि अपने नकारेपन के कारण इन्होंने देश व प्रदेश को विकास के बॉटलनेक के रूप में छोड़ दिया था। 2002 से 2017 तक यूपी अराजकता-अव्यवस्था का शिकार रहा, लेकिन पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश ने 12 वर्षों और प्रदेश ने 9 वर्षों में जो स्पीड पकड़ी है,  उसने बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू के रूप में नई पहचान प्रस्तुत की है। पीएम मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था, आज उन्हीं के करकमलों से प्रथम फेज के उद्घाटन का कार्यक्रम भी हो रहा है। यही डबल इंजन सरकार की स्पीड है, क्योंकि पीएम मोदी ने सदैव कहा है कि जिसका शिलान्यास करो, उसका उद्घाटन भी करो। उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र बनाएगा जेवर एयरपोर्ट मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र बनाते हुए यमुना एक्सप्रेसवे और भविष्य में ईस्टर्न पेरिफेरल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, आरआरटीएस, दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेललाइन जैसे नेटवर्क से जोड़कर प्रदेश को गति के साथ विकास की नई ऊंचाई तक ले जाने का भी कार्य करेगा। इस एयरपोर्ट परियोजना के माध्यम से लाखों नौजवानों के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा व ग्रेटर नोएडा में व्यापक निवेश की संभावनाओं ने अभी से प्रस्ताव देने प्रारंभ कर दिए हैं। पिछले दिनों इसी एयरपोर्ट के पास पीएम मोदी ने सेमीकंड्क्टर चिप बनाने की यूनिट की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही अत्य़ाधुनिक मैन्युफेक्चरिंग कलस्टर की निर्माण प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, ट्वाय पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्रॉफ्ट पार्क समेत अन्य सुविधाएं विकसित हो रही हैं, जिसमें यहां निवेश के साथ ही रोजगार की व्यापक संभावनाएं भी विकसित हो रही हैं। यहां डाटा सेंटर से संबंधित यूनिट भी स्थापित हो रही है। आने वाले दिनों में अत्याधुनिक फिनटेक सिटी के निर्माण कार्य और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आने के साथ ही एनसीआर में निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण का सृजन भी हो रहा है। सीमलेस, स्मार्ट और सस्टेनेबल एयरपोर्ट, एविएशन फ्यूलफॉर्म, इनफ्लाइट किचन फैसिलिटी, एमआरओ के साथ ही आधुनिक-डिजिटल और ऊर्जा संरक्षण पर केंद्रित ‘ईज ऑफ जर्नी’ की संकल्पना को यह एयरपोर्ट साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।  यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट सीएम ने कहा कि डेडिकेटेड मल्टीमोडल कार्गो हब का निर्माण होने से उत्तर प्रदेश अब लैंडलॉक्ड की लिमिटेशन से बाहर निकलकर … Read more

सीएम योगी के विजन व नियमित समीक्षा से निर्धारित समय में तैयार हुआ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए)

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट:पेपर से प्रोजेक्ट तक: 8 वर्षों में साकार हुआ सपना सीएम योगी के विजन व नियमित समीक्षा से निर्धारित समय में तैयार हुआ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) 2017 में क्लीयरेंस से 2026 के उद्घाटन तक त्वरित फैसले, कुशल नेतृत्व और समयबद्ध क्रियान्वयन की मिसाल बना एनआईए एविएशन इंडस्ट्री के फलक पर चमकने को तैयार यूपी का 'जेवर', एयरपोर्ट से आगे का विकास मॉडल भी तैयार जेवर  आठ वर्षों के सतत श्रम, समन्वय, सुपरविजन व समीक्षा से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) हकीकत बना है। मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने और अब पीएम मोदी द्वारा फेज-1 के लोकार्पण के बाद यह एयरपोर्ट संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्तर प्रदेश को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है। यह सब कुछ संभव हुआ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प की वजह से, जिनके विजन, कार्यकुशलता व नियमित समीक्षा के चलते यह मेगा प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ा। 2017: एक सपने की शुरुआत इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई, जब जुलाई में साइट क्लीयरेंस और अक्टूबर में गृह मंत्रालय से एनओसी प्राप्त हुई। यही वह समय था, जब जेवर को एक वैश्विक एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की नींव रखी गई। इसके बाद वर्ष 2018 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) का गठन हुआ और परियोजना को संस्थागत रूप मिला। 2020 में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को कंसेशनायर के रूप में चुना गया और कंसेशन एग्रीमेंट साइन किया गया। 2021: फाइनेंशियल क्लोजर से निर्माण का रास्ता साफ अगस्त 2021 में फाइनेंशियल क्लोजर और मास्टर प्लान की मंजूरी के बाद अक्टूबर 2021 में ‘अपॉइंटेड डेट (तिथिवार कार्ययोजना)’ घोषित हुई, जिससे इस मेगा प्रोजेक्ट का मार्ग प्रशस्त हो गया। मार्च 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और टाटा प्रोजेक्ट्स को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोकरमेंट एंड कन्सट्रक्शन) कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किया गया। इसके बाद 2022 से 2024 के बीच सभी अहम टास्क समयबद्ध तरीके से पूरे किए गए, जो परियोजना प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। अक्टूबर 2025 में कैलिब्रेशन फ्लाइट सफल रही और मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया। इसी के साथ एयरपोर्ट संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो गया। हर कदम पर सक्रिय रहे सीएम योगी इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता भूमि अधिग्रहण से लेकर इसके लोकार्पण तक हर कदम पर दिखाई दी। चाहे निर्माण से जुड़े मामले हों, विभिन्न प्रकार की एनओसी या विभागों के बीच समन्नय, सीएम योगी नियमित निर्देशन व समीक्षा से इसे अमली जामा पहनाते रहे। उन्होंने इस परियोजना को केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक रणनीति बनाई। इसका नतीजा यह निकला कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक सेक्टर विकास की नई जमीन तैयार कर रहे हैं। यह एयरपोर्ट न सिर्फ रोजगार के लाखों अवसर सृजित करेगा, बल्कि निवेश, औद्योगिकीकरण, निर्यात, लॉजिस्टिक्स व पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का यह परिणाम उत्तर प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी और आर्थिक शक्ति के नए युग में प्रवेश कराता है। आठ वर्षों का यह सफर अब नई उड़ान की शुरुआत बन चुका है।