बहराइच में पुनर्वास धनराशि एवं भूमि पट्टों का वितरण किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब सेवा व संवेदना शासन का हिस्सा बनती हैं, तब बनता है गरीब का मकान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम ने कहा, पीडीए की बात करने वालों को क्यों याद नहीं आए भरथापुर के यादव, मौर्य, कुशवाहा सीएम योगी ने 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि पट्टों का किया वितरण पुनर्वास करने वाले परिवारों के लिए बनेगी बेहतरीन कॉलोनी, नाम होगा भरतपुरः सीएम योगी बहराइच/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातियों में बांटकर सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाली पिछली सरकारों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आज जिन परिवारों का पुनर्वास किया जा रहा है, उनमें दलित, पिछड़े, यादव, मौर्य, कुशवाहा व थारू जनजाति आदि से जुड़े लोग भी हैं। हमने उन्हें जातीय चश्मे से नहीं देखा, क्योंकि वे हमारे लिए परिवार का हिस्सा हैं। उन्हें सुरक्षा के साथ ही शासन की सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे भी उज्ज्वल भविष्य के सपने बुन सकें और विकास की उड़ान का हिस्सा बन सकें। लेकिन जो लोग सत्ता में आने पर केवल परिवार तक सीमित रह जाते हैं, उन्हें भरथापुर के मौर्य, यादव, दलित व पिछड़ी जातियों के लोग याद नहीं आ रहे थे। मुख्यमंत्री ने बुधवार को बहराइच जनपद की ग्राम पंचायत सेमरहना में आयोजित कार्यक्रम में भरथापुर गांव के 118 लाभार्थियों को 15 लाख रुपये प्रति हितग्राही की दर से पुनर्वास धनराशि एवं कृषि भूमि आदि परिसंपत्तियों के समतुल्य 21.55 करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण किया। इसके साथ ही उन्होंने 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों का वितरण भी किया। सीएम ने इस मौके पर महर्षि बालार्क व महाराजा सुहेलदेव को भी याद किया। पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को सालों तक उपेक्षित रखा गया, हम भरथापुर के उन 500 लोगों के पुनर्वास कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। जो लोग पीडीए की बात करते हैं, उनसे पूछिए कि भरथापुर के लोगों को उनका अधिकार पहले क्यों नहीं मिला। इनके बच्चों को भी सुरक्षित रहने का अधिकार था, लेकिन जाति के नाम पर बांटने वाले लोगों ने आजादी के बाद से देश की जितनी क्षति की है, उसका खामियाजा देश ने लगातार भुगता है। इन लोगों ने जातीय आधार पर न बांटकर देश को एकता के सूत्र में बांधा होता तो प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जैसे आज ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए कार्य हो रहा है और गरीबों-वंचितों के बीच सुविधाएं पहुंच रही हैं, वैसे ही इनका पुनर्वास बहुत पहले हो गया होता। जातीय चश्मे से बांटने वालों ने गरीबों के प्रति अपनी संवेदना नहीं दिखाई। डबल इंजन सरकार लोगों को जातीय चश्मे से नहीं, बल्कि सेवा व संवेदना के चश्मे से देखती है। सेवा व संवेदना शासन की व्यवस्था का हिस्सा सीएम योगी ने कहा कि जब सेवा व संवेदना व्यवस्था का हिस्सा बनती हैं तो गरीब को आवास, शौचालय, आयुष्मान कार्ड व शासन की अन्य सुविधाएं आसानी से मिलती हैं। हम बहराइच में सेवा व संवेदना के सेतु को जोड़ने आए हैं। उन्होंने प्रदेश में दंगा-उपद्रव कराया, हर जनपद में माफिया पैदा किए, परिवार के लिए खजाने को लूटा और हमने प्रदेश के खजाने को 25 करोड़ जनता के हित, गरीबों के उत्थान, बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन, बाढ़ जैसी आपदा रोकने और बिजली पर खर्च किया। 2017 के पहले वे बिजली नहीं देते थे, क्योंकि उनके सारे काम-कारनामे अंधेरे में होते थे। गरीबों के हक पर डकैती पड़ती थी। यूपी में भाजपा सरकार आई तो गरीब को उसका हक दिला रही है। आपदा में सेवा, सेवा में संवेदना और संवेदना में समाधान का रास्ता निकाल रही सरकार सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकार समस्या को समस्या बनाए रखने में अपना हित रखती थी। वे समस्या से ही समाज को विभाजित करते थे, फिर उपद्रवियों-दंगाइयों से लोगों को प्रताड़ित कराते थे, संपत्तियों में आगजनी कराते थे। आज सरकार आपदा में सेवा, सेवा में संवेदना और संवेदना में समाधान का रास्ता निकाल रही है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान ही डबल इंजन सरकार का संकल्प है। पुनर्वास के साथ-साथ आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सरकार ने इस गांव को अपने हाथों में लिया है। माताएं, बहनें आत्मनिर्भर बन सकें, पुरुषों को काम मिल सके, हमने इसके लिए भी कार्य किया है। हां, यह है जनता की सरकार सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा से आज जो कार्य हो रहा है, वह बताता है कि हम जाति, पंथ और संप्रदाय से मुक्त होकर 25 करोड़ लोगों के लिए सामूहिक रूप से सेवा व संवेदना की भावना रखते हैं। आज इस कार्यक्रम में कुछ मांएं मंच पर आकर राहत सामग्री ले रही थीं और कुछ को चेक प्रदान किए जा रहे थे तो वास्तव में लग रहा था कि यह है जनता की सरकार। सीएम ने बयां की भरथापुर की दुर्दशा सीएम योगी ने कहा कि 2025 में भरथापुर गांव के लोगों की एक नाव सरयू जी की धारा में विलीन हो गई। इस दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हुई। जब प्रशासन से बातचीत की तो पता चला कि जहां दुर्घटना हुई है, वहां गांव से सटे क्षेत्र में मगरमच्छ रहते हैं। यह सुनकर मैं भी कांप गया कि आखिर ये लोग कैसे जंगल के बीच में रहते हैं। मैंने उनकी पीड़ा को महसूस किया। प्रभारी मंत्री, जन प्रतिनिधि व प्रशासनिक टीम के साथ पहुंचा। राहत कार्य तेजी से चला, दर्जन भर लोगों को बचाया गया, लेकिन 9 लोग नहीं बच पाए। मैं स्वयं आकर गांव की स्थिति देखी। सोचा इन लोगों की क्या गलती थी कि इन्हें आज तक सड़क, बिजली, आवास, पक्का मकान, शौचालय की सुविधा नहीं मिली। उन बच्चों की गलती क्या थी, जिन्होंने बचपन में ये सुविधाएं नहीं देखीं। पानी के लिए भी नदी ही सहारा थी। जंगल में हाथी, बाघ, तेंदुआ, सांप और नदी की तरफ से मगरमच्छ का खतरा, उसके बीच में ये 500 लोग रह रहे थे। 2017 के पहले उपद्रव था, 2017 के बाद त्योहारों से पहले उत्सव सीएम ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश को हमने नवनिर्माण की दिशा में … Read more