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यूपी में महिला ई-रिक्शा पायलटों की मुहिम, अयोध्या समेत 5 जिलों में हुआ आगाज

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को नई ऊंचाई देने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ‘सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम’ के तहत प्रदेश में महिला ई-रिक्शा पायलटों की फौज तैयार की जा रही है, जिससे बालिकाओं और महिलाओं को विद्यालय, कार्यस्थल और अन्य जरूरी स्थानों तक सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक परिवहन मिल सकेगा। इस योजना के तहत शुरुआत में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 1000 ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, कौशांबी और झांसी में इस सुविधा की शुरुआत कर दी गई है, जबकि लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, देवरिया, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में इसे जल्द शुरू किया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल इसलिए भी खास है, क्योंकि इसका सीधा रिश्ता महिला सुरक्षा से जुड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं के लिए अब महिला चालकों द्वारा संचालित ई-रिक्शा सेवा बेहतर समाधान बनकर उभर रही है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के तकनीकी सहयोग से चल रहे इस कार्यक्रम ने अब तक प्रभावी परिणाम दिए हैं। पांच जनपदों में 119 महिलाओं को ई-रिक्शा देकर उद्यमी बनाया जा चुका है। वहीं, 629 महिलाओं को संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है और 244 महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराया गया है। इस पहल से जुड़ी महिलाएं अब सिर्फ वाहन ही नहीं चला रहीं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक धुरी भी बन रहीं हैं। योजना से जुड़ी महिलाओं की औसत वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक पहुंचने की बात इस मॉडल की सफलता को और मजबूत बनाती है। ‘सेफ मोबिलिटी’ का असर केवल सड़क तक सीमित नहीं है। इससे बेटियों की स्कूल तक पहुंच आसान होगी, कामकाजी महिलाओं का सफर सुरक्षित बनेगा, गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनेंगी। महिला सुरक्षा, सम्मानजनक परिवहन और स्वरोजगार इन तीनों मोर्चों पर एक साथ असर डालने वाली यह पहल उत्तर प्रदेश को नई पहचान दे रही है। यही वजह है कि महिला सुरक्षा में यूपी अब मॉडल स्टेट के रूप में अपनी अलग छाप छोड़ता दिख रहा है और ई-रिक्शा महिला पायलटों की यह नई फौज गांवों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने की तैयारी में है।

कांग्रेस व यूडीएफ नहीं दे सकती सुरक्षा-रोजगार की गारंटी, यह गारंटी केवल भाजपा ही दे सकतीः मुख्यमंत्री

कांग्रेस घुसपैठ व दंगा कराती थी, भाजपा ऐसा करने वालों को निकाल बाहर करती है: मुख्यमंत्री सीएम योगी ने असम के बरछला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार ऋतु बरन सरमा के लिए मतदाताओं से मांगा वोट  पहले नौजवानों के हक पर काबिज होते थे घुसपैठिए, अब डबल इंजन सरकार नागरिकों को दिला रही हकः सीएम योगी असम में भी दिखा सीएम योगी का जबरदस्त क्रेज, एक झलक पाने के लिए पेड़ों पर चढ़े असम के युवा  पीएम मोदी ने 11 साल में पूर्वोत्तर भारत की 78 और असम की 36 यात्राएं कीं, तब यहां शांति, सुरक्षा व सुशासन का माहौल बना: मुख्यमंत्री कांग्रेस व यूडीएफ नहीं दे सकती सुरक्षा-रोजगार की गारंटी, यह गारंटी केवल भाजपा ही दे सकतीः मुख्यमंत्री  सोनितपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा घुसपैठ व दंगा कराने का काम किया, लेकिन भाजपा ऐसा करने वालों को निकाल बाहर करती है। पहले नौजवानों के हक पर घुसपैठिए काबिज होते थे, असम के लोगों का राशन डकार जाते थे, लेकिन अब डबल इंजन सरकार असम के हर नागरिक को उसका हक दिलाने की गारंटी ले रही है। सीएम योगी शुक्रवार को असम विधानसभा चुनाव में बरछला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ऋतु बरन सरमा के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जनता से 9 अप्रैल को कमल का बटन दबाकर भाजपा प्रत्याशी को भारी मतों से जिताने की अपील की। कांग्रेस व यूडीएफ ने असमिया संस्कृति समाप्त करने की रची साजिश  सीएम योगी ने कहा कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाली, किसानों का संरक्षण और विदेशी आक्रांताओं को धूल धूसरित करने वाली इस पावन धरा के सामने कांग्रेस ने यूडीएफ के साथ मिलकर पहचान का संकट खड़ा किया। यह संकट किसी एक क्षेत्र में नहीं था। कांग्रेस व यूडीएफ के अघोषित समझौते के कारण असमिया जाति, माटी व बेटी के सामने पहचान का संकट हुआ था। इन्होंने तुष्टिकरण की नीति पर चलकर असमिया पहचान को समाप्त करने का प्रयास किया। यहां की माटी में घुसपैठियों को घुसाकर असम के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। असम के नागरिकों, बहनों के हक पर घुसपैठियों के जरिये डकैती डलवाई। असमिया संस्कृति मिटाने की साजिश रची, लेकिन जब पीएम मोदी के नेतृत्व में दिल्ली और असम में पहले सर्वानंद सोनोवाल, फिर हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी तो असम चाय के साथ अब चिप उत्पादन का नया केंद्र भी बन गया है। पहले घुसपैठिए खा जाते थे गरीबों का राशन सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार असम की पहचान को संरक्षित कर रही है। असमिया संगीत-संस्कृति, महापुरुषों, महानायकों, योद्धाओं को सम्मान दे रही है। अब असम में विकास और विरासत का अद्भुत समन्वय दिख रहा है। मां कामाख्या, श्रीमंत शंकर देव कॉरिडोर व भूमि संरक्षण का कार्य नए सिरे से प्रारंभ हुआ है। 10 साल में डबल इंजन सरकार ने बिना भेदभाव गरीबों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। पहले गरीबों का राशन विदेशी घुसपैठिए खा जाते थे, अब असम के लोगों को राशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्कीम के तहत हर गरीब को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा, प्रधानमंत्री आवास, नौजवानों को रोजगार-नौकरी मिल रही है। अब चाय बागान में काम करने वाली बहनों, कारीगरों, नौजवानों के लिए स्पेशल पैकेज की व्यवस्था है।  घुसपैठ व दंगा कराती थी कांग्रेस सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि असम के लोगों का संरक्षण होगा और एक-एक घुसपैठिए को निकाल बाहर करेंगे। कांग्रेस घुसपैठ-दंगा कराती थी और भाजपा ऐसा करने वालों को निकाल बाहर करती है। भाजपा सरकार दंगा-कर्फ्यू मुक्त असम के निर्माण के लिए कार्य कर रही है। जहां भी भाजपा सरकार आई है, वहां शांति-सुरक्षा, समृद्धि लाई है। उत्तर प्रदेश में पहले हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा व कर्फ्यू लगता था। यूपी की आबादी 25 करोड़ है, लेकिन वहां 9 वर्ष में नो कर्फ्यू, नो दंगा है, सब चंगा है। 500 वर्ष में जो काम नहीं हो पाया, वह काम भी अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण के रूप में हो गया।  यूपी में अब सड़कों पर नहीं पढ़ी जाती नमाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में उग्रवाद, नक्सलवाद, अलगाववाद नहीं है, वहां सड़कों पर नमाज भी नहीं पढ़ी जाती है। भाजपा की डबल इंजन सरकार लव जेहाद, लैंड जेहाद का सफाया करने को संकल्पित है। कांग्रेस व यूडीएफ को घुसपैठियों का वोट चाहिए, वे सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकतीं। इन पार्टियों को देश की कीमत पर वोट चाहिए। ये नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा कर देश की सुरक्षा में सेंध लगाने और अफवाह फैलाकर गुमराह करने वाले लोग हैं। वहीं मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने जो कहा, वो कर के दिखाया। मोदी जी जितनी बार पूर्वोत्तर भारत में आए हैं, 60 साल के कांग्रेस के शासनकाल में इतनी बार कोई प्रधानमंत्री नहीं आया। मोदी जी ने 11 साल में पूर्वोत्तर भारत की 78 और असम की 36 यात्राएं की हैं, तब शांति, सुरक्षा व सुशासन का माहौल तैयार हुआ है। 60 वर्ष में कांग्रेस उचित कनेक्टिविटी नहीं दे पाई, लेकिन आज पूर्वोत्तर के हर राज्य तक रोड, रेलवे, एयर व इनलैंड वाटरवे की कनेक्टिविटी है। पहले मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं थे, लेकिन डबल इंजन सरकार ने एम्स, आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी दिया है। पूर्वोत्तर भारत व असम विश्वस्तरीय संस्थानों का केंद्र बना है।  कांग्रेस व यूडीएफ नहीं दे सकती सुरक्षा, रोजगार की गारंटी  सीएम योगी ने कहा कि पहले नौजवानों के हक पर घुसपैठिए काबिज होते थे और असम के लोगों का राशन डकार जाते थे, लेकिन अब असम के हर नागरिक को उसका हक दिलाने की गारंटी डबल इंजन सरकार ले रही है। अयोध्या में राममंदिर व काशी में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण हुआ तो मां कामाख्या के भव्य कॉरिडोर का निर्माण भी उसी भव्यता से हो रहा है। यह गारंटी केवल भाजपा की डबल इंजन सरकार देगी, यह गारंटी कांग्रेस नहीं देगी। नौजवानों को रोजगार, बहनों को सुरक्षा की गारंटी केवल डबल इंजन सरकार देगी, कांग्रेस व यूडीएफ यह गारंटी नहीं दे सकती। वे सुरक्षा में सेंध लगाने वाले लोग हैं। घुसपैठियों के जरिये भारत की संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने वाले लोग हैं। कांग्रेस व यूडीएफ पर विश्वास नहीं किया जा … Read more

योगी सरकार का बड़ा कदम: 2026 के लिए खाद आपूर्ति रणनीति तैयार

खाद आपूर्ति को लेकर योगी सरकार का बड़ा प्लान, 2026 के लिए विस्तृत आपूर्ति रणनीति तैयार यूरिया, डीएपी और एनपीके की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सप्लाई प्लान पर किया जा रहा काम सहकारी समितियों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर, निजी क्षेत्र का 35% कोटा प्रस्तावित किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार की सख्त मॉनीटरिंग व्यवस्था लखनऊ  योगी सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल 2026 के लिए एक व्यापक और सुव्यवस्थित सप्लाई प्लान तैयार किया है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में किसी भी प्रकार की खाद कमी की स्थिति को रोकना और कृषि कार्यों को सुचारु बनाए रखना है। राज्य सरकार द्वारा जारी इस रणनीति के तहत यूरिया, डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) जैसे प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। कृषि विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति समय से पहले सुनिश्चित की जाए, ताकि बुवाई और फसल की बढ़वार के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।        इसके साथ ही प्रदेश के समस्त उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं आवश्यकतानुसार अन्य विभागों के कार्मिकों की ड्यूटी लगाकर पारदर्शिता के साथ वितरण किया जाए। उर्वरकों की जमाखोरी कर कृत्रिम अभाव करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। गैर कृषि क्षेत्रों में उर्वरकों के डायवर्जन यथा-प्लाईवुड इण्डस्ट्रियल, पशु आहार निर्मित इकाइयों पर सघन निगरानी रखी जाए। फसल में संस्तुति / संतुलित मात्रा में (अधिकतम यूरिया 07 बोरी एवं डी०ए०पी०-05 बोरी प्रति हेक्टेयर) उर्वरकों का प्रयोग करने के साथ-साथ उर्वरकों का अग्रिम भण्डारण न करने के सम्बन्ध में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाए। अन्तर्राष्ट्रीय / अन्तर्राज्यीय सीमावर्ती जनपदों में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की सघन निगरानी रखी जाए।  इस योजना में सहकारी समितियों की भूमिका को और मजबूत करने की बात कही गई है। सरकार ने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से खाद वितरण की हिस्सेदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे पारदर्शिता और सुगमता दोनों में सुधार होगा। वहीं, निजी क्षेत्र की भागीदारी को संतुलित रखते हुए उन्हें लगभग 35 प्रतिशत कोटा देने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि सप्लाई चेन प्रभावी बनी रहे।     खाद वितरण की निगरानी के लिए सरकार ने सख्त मॉनीटरिंग व्यवस्था लागू की है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से खाद की उपलब्धता और वितरण पर नजर रखी जाएगी। इस सुनियोजित रणनीति से किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगी, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। यह पहल राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों की शिकायत पर सख्त हुए मुख्यमंत्री, वेतन वृद्धि पर कंपनी ने दी सहमति

सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त, वेतन वृद्धि पर कंपनी की सहमति कंपनी ने कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार करने पर भी सहमति जताई है कर्मचारियों में प्रसन्नता की लहर, मुख्यमंत्री का जताया आभार लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारियों द्वारा वी-विन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ की गई शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के वेतन संबंधी मुद्दों एवं कार्यस्थल की समस्याओं का तत्काल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया कि पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा कर कंपनी स्तर पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कराई जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। निर्देश मिलते ही प्रबंध निदेशक यूपीडेस्को ने संबंधित कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया और उच्चस्तरीय वार्ता शुरू की गई। मुख्यमंत्री स्तर से हुए सख्त हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधन को कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाना पड़ा। कंपनी ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए वेतन वृद्धि पर सहमति दे दी है। साथ ही साथ कंपनी ने कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार करने पर भी सहमति जताई है। यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में पूरे प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा कराई गई है। कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के वेतन संबंधी मुद्दों का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए और कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि कार्मिकों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए भी सतत निगरानी की जाएगी। बताया जा रहा है कि त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और कर्मचारी पुनः अपने कार्य पर लौट आए हैं। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के इस निर्णायक हस्तक्षेप की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है और कहा है कि समय पर लिए गए निर्णय से उनकी समस्याओं का समाधान संभव हुआ। कर्मचारियों में खुशी की लहर सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारी हिमांशु विक्रम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “हम सभी कर्मचारियों की समस्याओं को जिस गंभीरता से माननीय मुख्यमंत्री जी ने सुना और तत्काल प्रभाव से समाधान के निर्देश दिए, वह हमारे लिए बहुत राहत देने वाला है। लंबे समय से चले आ रहे वेतन संबंधी मुद्दों पर अब सकारात्मक निर्णय हुआ है और वेतन वृद्धि के लिए कंपनी मान गई है, इससे हम सभी कर्मचारियों में खुशी की लहर है। सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारी विकास यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी के त्वरित हस्तक्षेप से हमारी समस्याओं का समाधान हुआ है। वेतन संबंधी मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय के बाद स्थिति सामान्य हो गई है और हम सभी कर्मचारी अपने काम पर वापस आ गए हैं। इसके लिए हम उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं।” सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारी अंकित शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी ने हमारी बात को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई कराई, जिससे हमारी समस्याओं का समाधान संभव हुआ। कंपनी द्वारा वेतन संबंधी मांगों पर सहमति बनने के बाद अब कार्यस्थल का माहौल भी बेहतर हुआ है। हम सभी कर्मचारी उनके इस निर्णय के लिए धन्यवाद देते हैं और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य में लगे हैं।

सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य में शामिल हुए CM योगी और सीएम यादव

सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व एमपी के सीएम मोहन यादव सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का काशी की धरा पर मंचन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की उत्कृष्ट अवधारणा का उदाहरण – सीएम योगी आदित्यनाथ यह आयोजन भारतीय कालगणना की नगरी उज्जैन और पंचांग निर्माण की नगरी काशी का सम्मिलन है – सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आयोजन को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और ज्ञान को पुनर्जीवित करने का माध्यम बताया वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के महानायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य का आज काशी की धरा पर मंचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस आयोजन ने मां गंगा के तट पर बाबा विश्वनाथ की पावन धरा को महाकाल की धरा उज्जैन के साथ एक सांस्कृतिक एकता के बंधन से जोड़ने का काम किया है। इसके लिए मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, सांस्कृतिक विभाग के पदाधिकारियों और इस आयोजन से जुड़े सभी कलाकारों का उत्तर प्रदेश में काशी की धरा पर स्वागत करता हूं। मुख्यमंत्री ने काशी और उज्जैन नगरी के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस तरह से भारतीय परंपरा में भाई-भाई के संबंध के आदर्श रूप में भगवान राम-लक्ष्मण और कृष्ण-बलराम की जोड़ियां प्रसिद्ध हैं, वैसे ही नाथ संप्रदाय में दीक्षित संत भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य की जोड़ी भी प्रसिद्ध है। सम्राट विक्रमादित्य की कर्मस्थली जहां उज्जैन थी, तो वहीं संत भर्तृहरि की साधनास्थली काशी के गंगा तट पार स्थित है। काशी के ठीक उस पार चुनार का किला उनके ही तप और आशीर्वाद से संभव हुआ था। यूपी सरकार चुनार के किले के सौंदर्यीकरण और संरक्षण का कार्य कर रही है। सीएम योगी ने कहा कि यह आयोजन भारतीय कालगणना की नगरी उज्जैन और पंचांग निर्माण की नगरी काशी का सम्मिलन है, जो भारत की कालगणना की परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करेगा। वर्ष 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से देश के पारंपरिक ज्ञान और कौशल का विकास किया जा रहा है, उसे आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। भारतीय परंपरा का योग हो या आयुष, आज पूरा विश्व उसे स्वीकार कर रहा है। कुंभ की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है, लेकिन वर्ष 2019 में जब प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इसका भव्य आयोजन किया गया तो पूरा विश्व इसमें सहभागी बना। पूरी दुनिया से 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज की धरा पर महाकुंभ में आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के बाद से देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष काशी और अयोध्या आ रहे हैं। अयोध्या नगरी के पुनरुत्थान में भी महाराज विक्रमादित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 2000 वर्ष पहले अयोध्या नगरी को खोजने का कार्य सम्राट विक्रमादित्य ने ही किया था। प्रभु श्रीराम के पुत्र लव के बाद सबसे पहले श्रीराम मंदिर भी सम्राट विक्रमादित्य ने बनवाया था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सम्राट विक्रमादित्य के प्रयासों को ही आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित इस नाट्य प्रस्तुति को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि नाटक, कला और सिनेमा समाज को दिशा देने का माध्यम होते हैं और कलाकारों द्वारा निभाए गए पात्र युवाओं के लिए प्रेरणा बनते हैं। मैं सिनेमा निर्माताओं को भी सुझाव देता हूं कि सकारात्मक चरित्रों को ही नायक के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए। एक कालखंड था, जब सिनेमा नकारात्मक चरित्रों को नायक के रूप में स्थापित करता था। इसका परिणाम यह हुआ कि देश की एक पीढ़ी इससे प्रभावित होकर बर्बाद हो गई। मुख्यमंत्री ने इस नाट्य रूपांतरण को भारतीय संस्कृति, पराक्रम, दानवीरता, न्याय व्यवस्था और सुशासन जैसे मूल्यों को पुनर्जीवित करने का माध्यम बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रयास आज की नई पीढ़ी को अपने प्राचीन सांस्कृतिक मूल्य और आदर्शों से जोड़ने के वृहद अभियान का एक हिस्सा है। इस सराहनीय प्रयास के लिए उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, संस्कृत विभाग और सभी कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

योगी सरकार में आज़मगढ़ की चमकी पहचान, निज़ामाबाद की ब्लैक पॉटरी को मिला वैश्विक सम्मान

योगी सरकार में चमकी आज़मगढ़ की पहचान: निज़ामाबाद की ब्लैक पॉटरी को मिला वैश्विक सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना बनी वैश्विक ब्रांड, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बढ़ी मांग कॉमन फैसिलिटी सेंटर की सुविधा मिलने के बाद ब्लैक पॉटरी का व्यापार तेजी से बढ़ा आजमगढ़  आज़मगढ़ जनपद अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहां के निज़ामाबाद क्षेत्र की ब्लैक पॉटरी (काली मिट्टी की कारीगरी) विश्वभर में अपनी अनूठी पहचान बनाए हुए है। इस शिल्प में प्रयुक्त विशेष प्रकार की चिकनी मिट्टी स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होती है, जो इस कला को और भी विशिष्ट बनाती है।      निज़ामाबाद क्षेत्र में 200 से अधिक कारीगर परंपरागत शिल्प से जुड़े हुए हैं। ये कारीगर अपने हुनर से विभिन्न प्रकार के उत्पाद जैसे फूलदान, बर्तन, चायदान, शक्करदान और सजावटी वस्तुएँ तैयार करते हैं। इन उत्पादों की मांग देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि ये वस्तुएं उपयोगी होने के साथ-साथ सौंदर्य की दृष्टि से भी बेहद आकर्षक होती हैं।      आज़मगढ़ का यह शिल्प उद्योग न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक रूप से भी स्थानीय लोगों के जीवन का एक मजबूत आधार है। जिले की अर्थव्यवस्था में कृषि के साथ-साथ यह प्राचीन उद्योग भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। निज़ामाबाद की फैंसी पॉटरी विशेष रूप से अपनी नक्काशी और चमकदार काले रंग के लिए प्रसिद्ध है।      कुम्हार समुदाय द्वारा बनाए जाने वाले मिट्टी के बर्तन और देवी-देवताओं की प्रतिमाएं जैसे गणेश, लक्ष्मी, शिव, दुर्गा और सरस्वती मेलों और त्योहारों के दौरान विशेष रूप से लोकप्रिय रहती हैं। इन कलाकृतियों में पारंपरिक आस्था और कलात्मकता का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है।     ब्लैक पॉटरी की सबसे खास विशेषता इसका गहरा काला रंग है, जो एक विशेष प्रक्रिया से प्राप्त किया जाता है। कारीगर पहले तैयार बर्तन को मिट्टी और वनस्पति के घोल में डुबोते हैं, जिससे उसका आधार रंग बनता है। इसके बाद उसे विशेष तकनीक से पकाया जाता है और आकर्षक चमक देने के लिए पारा, रांगा और सीसा जैसे तत्वों का उपयोग किया जाता है।    इस दिशा में योगी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में “एक जिला एक उत्पाद” योजना के माध्यम से आज़मगढ़ की ब्लैक पॉटरी को नई पहचान और व्यापक बाजार मिला है, जिससे कारीगरों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बेहतर विपणन अवसर प्राप्त हो रहे हैं तथा उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। यही कारण है कि यह पारंपरिक कला आज के आधुनिक समय में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर है। इस अनमोल धरोहर के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है और कारीगरों को निरंतर प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है, ताकि यह कला आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और जीवंत बनी रह सके।  निज़ामाबाद के ब्लैक पॉटरी फाउंडेशन के निदेशक संजय कुमार यादव बताते हैं कि योगी सरकार के कारण उन्हें कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की सुविधा प्राप्त हुई। इस सुविधा के मिलने के बाद उनका व्यापार तेजी से बढ़ा है। आधुनिक मशीनों की उपलब्धता के कारण अब वे अपने ऑर्डर समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा कर पा रहे हैं। वे कहते हैं कि यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना का परिणाम है। आज ब्लैक पॉटरी न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुकी है। कॉमन फैसिलिटी सेंटर से मिली सुविधा   कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना से उत्पादन प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। यहां कच्चे माल से लेकर सभी आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। कारीगर वहां आकर अपने उत्पाद तैयार करते हैं, उन्हें पैक करते हैं और फिर बाजार में अपने निर्धारित मूल्य पर बेचते हैं। इस सुविधा के कारण वे बड़े से बड़े ऑर्डर को सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम हुए हैं, जिससे उनके व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

गौतम अडाणी ने सीएम योगी से मुलाकात की, डेढ़ घंटे तक निवेश और प्रोजेक्ट्स पर हुई चर्चा, अयोध्या में परिवार संग रामलला के दर्शन

लखनऊ  प्रख्यात उद्योगपति गौतम अदाणी ने उत्तर प्रदेश के एकदिवसीय दौरे पर गुरुवार को अयोध्या में दिन में सपरिवार राम दरबार में दर्शन-पूजन के बाद देर शाम लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद गौतम अदाणी ने उनके 'विकसित उत्तर प्रदेश' के रोडमैप को बेहद प्रभावशाली बताया। मुख्यमंत्री से भेंट करने के बाद गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया पर अपने विचार को पोस्ट भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद जाने माने उद्योगपति गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया “कुछ दूरदृष्टियां राष्ट्रों का स्वरूप बदल देती हैं। मुख्यमंत्री योगी जी द्वारा विकसित उत्तर प्रदेश के रोडमैप को सुनना एक अविस्मरणीय क्षण था। 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था। यह उत्तर प्रदेश की क्षमता का प्रमाण है। अदाणी समूह को बिजली, रक्षा, हवाई अड्डों, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक पार्कों और डेटा केंद्रों में निवेश के माध्यम से उत्तर प्रदेश के परिवर्तन में योगदान देने पर गर्व है। हम उस भविष्य के निर्माण में सहयोग करने के लिए यहां हैं। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर उनके बड़े विजन की सराहना की। मुलाकात के बाद उन्होंने साफ किया कि उनका अदाणी ग्रुप उत्तर प्रदेश के कायाकल्प में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके इस ट्वीट ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को वर्ष 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और वर्ष 2047 तक छह ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अडानी ने अपने ट्वीट में कहा कि यह केवल एक आर्थिक लक्ष्य नहीं है। यह उत्तर प्रदेश की क्षमताओं और संभावनाओं का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने यह भी लिखा कि राज्य में तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर नीतियां और निवेश के अनुकूल वातावरण इसे उद्योगों के लिए आकर्षक बना रहे हैं।अडानी समूह ने उत्तर प्रदेश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी का भरोसा जताया है। समूह बिजली, रक्षा, हवाई अड्डों, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक पार्क और डेटा सेंटर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश कर रहा है। इन परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ साथ राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।इसी बीच अडानी गुरुवार को परिवार समेत अयोध्या भी पहुंचे। वहां उन्होंने रामलला के दर्शन और पूजन किए। अपने परिवार के साथ उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने गुरुकुल को एआई आधारित लैब विकसित करने में सहयोग देने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण भारत की आस्था और विकास का प्रतीक है और यह देश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।अडानी ने स्पष्ट किया कि उनका समूह उत्तर प्रदेश के इस परिवर्तनकारी सफर में एक मजबूत साझेदार के रूप में काम करेगा। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत यह पहल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी। गौतम अदाणी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'विकसित उत्तर प्रदेश' के रोडमैप को बेहद प्रभावशाली बताया है। अदाणी ग्रुप उत्तर प्रदेश में केवल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर ही नहीं, बल्कि रक्षा और तकनीक जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी भारी निवेश कर रहा है। कंपनी के निवेश पोर्टफोलियो में एनर्जी, पावर, एयरपोर्ट, डिफेंस और लॉजिस्टिक्‍स जैसे सेक्‍टर शामिल हैं। अदाणी ग्रुप ने वर्ष 2022 के इन्वेस्टर्स समिट में उत्तर प्रदेश में 70,000 करोड़ के निवेश का ऐलान किया था, जिससे कम से कम 30,000 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। गुरुकुल महाविद्यालय में छात्रों से मुलाकात की गौतम अडाणी ने अयोध्या के गुरुकुल महाविद्यालय में छात्रों से मुलाकात की। उन्हें सम्मानित किया। गुरुकुल की पुरानी और आधुनिक परंपरा के बारे जाना। उन्होंने कहा कि मैंने बच्चों के साथ समय बिताया। गुरुकुल आज के युग में हमारी संस्कृति को जागृत रखने का काम कर रहा है। अडाणी फाउंडेशन AI के इस दौर में इस गुरुकुल संस्कृति को संरक्षित करने में हर संभव सहयोग देगा। लखनऊ में योगी से मुलाकात करेंगे इसके बाद, गौतम अडाणी लखनऊ के लिए रवाना हो गए। यहां सीएम योगी से मुलाकात करेंगे। इससे पहले गौतम अडानी 22 जनवरी 2024 को अयोध्या आए थे। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे।

योगी सरकार की पहल से बदली हमीरपुर की कीर्ति की जिंदगी

योगी सरकार की पहल से बदली हमीरपुर की कीर्ति की जिंदगी संगठन की शक्ति: प्रेरणा कैंटीन से कीर्ति  ने खड़ा किया खुद का व्यवसाय सरकारी पहल से बदली दिशा: आत्मनिर्भरता बनी पहचान लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की योजनाएं आज ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहीं हैं। हमीरपुर जनपद की कीर्ति इसकी जीवंत मिसाल बनकर उभरीं हैं। एक समय अध्यापिका और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करने वाली कीर्ति ने जब महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया, तो यह उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। वर्ष 2018 में समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी, बल्कि समाज में खुद की एक नई पहचान भी बनाई। आज वही कीर्ति “प्रेरणा कैंटीन” के माध्यम से न सिर्फ खुद सशक्त हुईं हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर दे रहीं हैं। 'प्रेरणा कैंटीन: सामूहिक प्रयास से बना 1.25 करोड़ के टर्नओवर का मॉडल वर्ष 2025 अगस्त में कीर्ति ने 10 महिलाओं के साथ मिलकर हमीरपुर के दरियापुर स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में “प्रेरणा कैंटीन” की शुरुआत की। लगभग 11 लाख रुपये के निवेश से शुरू हुआ यह प्रयास आज उनके लिए सफल उद्यम बना, जिसका टर्नओवर 1.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वर्तमान में कैंटीन से 8 महिलाएं जुड़ीं हैं। हर महीने प्रत्येक महिला को लगभग ₹8,000 वेतन मिल जाता है। यह कैंटीन केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि पोषण और स्वच्छता का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण है जहां 332 बच्चों को रोजाना पौष्टिक नाश्ता, दूध और भोजन बेहद किफायती दर पर उपलब्ध कराया जाता है। शिक्षकों के लिए भी भोजन की व्यवस्था है। कीर्ति का मानना है कि स्वच्छ और पौष्टिक भोजन ही स्वस्थ समाज की नींव है, और इसी सोच के साथ वह पूरी जिम्मेदारी से इस कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। आत्मनिर्भरता से प्रेरणा तक: योगी सरकार की योजनाओं ने बदली दिशा कीर्ति सिंह की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं विशेषकर स्वयं सहायता समूह और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की उपयोगिता का प्रमाण है। कीर्ति ने पहले बैंक सखी के रूप में काम करते हुए अनुभव हासिल किया और अब उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखकर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। कीर्ति का कहना है कि योगी सरकार की इस पहल ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण के लिए भी आवेदन किया है, जिससे वे अपने इस व्यवसाय को और विस्तार देना चाहतीं हैं। कीर्ति का यह सफर बताता है कि जब सरकार की योजनाएं सही हाथों तक पहुंचतीं हैं और उनमें मेहनत व संकल्प जुड़ जाता है, तो बदलाव निश्चित होता है। आज वह न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रहीं हैं।

अभ्युदय योजना: यूपीपीसीएस चयनित अभ्यर्थियों ने योगी सरकार की सराहना की, बनी सफलता की सीढ़ी

अभ्युदय योजना बनी सफलता की सीढ़ी, यूपीपीसीएस चयनित अभ्यर्थियों ने योगी सरकार की सराहना की डीएसपी से नायब तहसीलदार तक चयनित युवाओं ने कहा – मुफ्त कोचिंग और गाइडेंस से मिली बड़ी मदद रायबरेली के हर्ष सिंह को मिली 7वीं रैंक, बोले- इंटरव्यू तक अभ्युदय से मिला मार्गदर्शन नमन तिवारी ने कहा- सिलेबस समझने से लेकर रणनीति तक हर स्तर पर मिली मदद आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए वरदान बनी योजना, विजेंद्र सिंह ने बताई उपयोगिता लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर युवाओं की सफलता की मजबूत आधारशिला बनकर उभरी है। यूपीपीसीएस 2024 के परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों ने इस योजना को अपनी सफलता का अहम कारण बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की है। चयनित अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि योगी सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का मंच भी दे रही है। रायबरेली के हर्ष सिंह, जिन्हें यूपीपीसीएस 2024 में 7वीं रैंक प्राप्त हुई है और डिप्टी एसपी पद पर चयन हुआ है, ने बताया कि अभ्युदय योजना से जुड़कर उन्हें तैयारी के हर चरण में मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी में भी इस योजना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। हर्ष सिंह ने इसे युवाओं के लिए एक “महत्वाकांक्षी और परिवर्तनकारी योजना” बताते हुए कहा कि इससे प्रतिभाशाली युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने का अवसर मिलता है। वहीं, उन्नाव के नमन तिवारी, जिनका चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है, ने कहा कि अभ्युदय योजना ने परीक्षा के पैटर्न को समझने और रणनीति बनाने में उनकी काफी मदद की। उन्होंने बताया कि कई बार सिलेबस और विषयों को समझने में कठिनाई होती थी, लेकिन योजना के तहत उपलब्ध फैकल्टी और मार्गदर्शन ने इन चुनौतियों को आसान बना दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यह योजना उन छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते। अमरोहा के विजेंद्र सिंह, जिन्हें 741वीं रैंक प्राप्त हुई है, ने भी इस योजना को आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि अभ्युदय योजना के तहत न केवल कोचिंग, बल्कि आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे छात्रों को बेहतर तैयारी का माहौल मिलता है।

सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार विजेताओं और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को किया सम्मानित

सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को किया सम्मानित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर अनेक विभूतियों को सम्मानित किया। इन विभूतियों ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित होकर उत्तर प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। वहीं आकाशवाणी की सफलता में ‘नींव के पत्थर’ रहे वरिष्ठ लोकसेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया गया। सीएम योगी ने कहा कि सम्मान पाने वाले लोगों का योगदान खुद के लिए नहीं, बल्कि देश-प्रदेश और विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए है। सीएम ने कहा कि नींव के पत्थरों को ढूंढना व सम्मानित करना गौरव का क्षण होता है। मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों का किया सम्मान मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार प्राप्त विभूतियों को सम्मानित किया। सीएम के हाथों मंच पर साहित्यकार विद्या बिंदु सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पं. हदय नारायण दीक्षित (उनके पुत्रों अरुण दीक्षित व दिलीप दीक्षित ने ग्रहण किया), प्रो. सोनिया नित्यानंद (कुलपति केजीएमयू), मालिनी अवस्थी (लोकगायिका), अरुणिमा सिन्हा (दिव्यांग पर्वतारोही), डॉ. अनिल रस्तोगी (रंगमंच), रामशरण वर्मा (प्रगतिशील किसान), डॉ. सुनील प्रधान (चिकित्सक), डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. केके ठकराल, प्रो. नवजीवन रस्तोगी, प्रो. शादाब मोहम्मद, सुधा सिंह (खेल), एसएस सरकार (पुरस्कार प्रमोद मिश्र ने प्राप्त किया) को सम्मान मिला।  आकाशवाणी के वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी किया सम्मानित  सीएम योगी ने आकाशवाणी केंद्रों को ऊंचाई देने वाले वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सुशील राबर्ट बनर्जी, सतीश कुमार ग्रोवर, यज्ञदेव पंडित, विजय कुमार बनर्जी, रज्जन लाल, नवनीत मिश्र, भोलानाथ, केवल कुमार को सम्मान मिला।