samacharsecretary.com

योगी कैबिनेट के 22 फैसले: स्टूडेंट्स को टैबलेट, शिक्षामित्रों को मिलेगा डबल मानदेय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार (7 अप्रैल) को कैबिनेट की बैठक हुई. इस दौरान मंत्रिपरिषद द्वारा 22 प्रस्ताव पेश किए गए, इन सभी 22 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई. बैठक में शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार रुपए और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।  उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई से दिया जाएगा.पिछले लंबे समय से यूपी के लाखों शिक्षा मित्र इस फैसले का इंतजार कर रहे थे. 1,42,929 शिक्षा मित्र राज्य में हैं, वहीं 24,717 अनुदेशक वर्तमान में राज्य में कार्यरत हैं।  49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी कैबिनेट बैठक में पीपीपी मॉडल पर 49 नए बस अड्डों के निर्माण को मंजूरी दी गई है. बताया जा रहा है कि ये बस अड्डे पूरी तरह एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे. योगी सरकार के इस फैसले से राज्य के 52 जिले सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे, वहीं यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।  25 लाख टैबलेट की खरीदे जाएंगे जानकारी के मुताबिक स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजनांतर्गत निःशुल्क टैबलेट हेतु अंतिम बिड हेतु प्रस्ताव को मंजूरी मंजूरी दी गई है. छात्रों को वितरित करने के लिए 25 लाख टैबलेट की खरीदे जाएंगे. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अभी तक प्रदेश में 60 लाख स्मार्ट फोन और टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं, वहीं अब 25 लाख टैबलेट और खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिली है।  बैठक में औद्योगिक विकास विभाग की हाई पावर कमेटी की संस्तुतियों को मंजूरी दे दी गई है. इसके तहत राज्य के 9 जिलों में ₹15,189 करोड़ से अधिक के निवेश से 12 औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी. निवेश के लिए 8 प्रस्ताव पेश किए गए।  कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में 10,000 रुपए निर्धारित किए गए शिक्षामित्रों के मानदेय को बढ़ाकर अब 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी प्रकार अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रूपए से बढ़ाकर 17,000 रुपए प्रतिमाह किया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और मई माह में दिए जाने वाले भुगतान में सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत केंद्र व राज्य सरकार के 60:40 अनुपात में प्राप्त होता रहा है। मानदेय वृद्धि के फलस्वरूप इन पर आने वाला 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। शेष 13,597 शिक्षामित्र, जिनका भुगतान पूर्णतः राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, उनके लिए 119.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार भी राज्य सरकार वहन करेगी। संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। मानदेय वृद्धि के इस निर्णय से इन अनुदेशकों को भी बड़ी राहत मिलेगी तथा इस पर 217.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह निर्णय न केवल शिक्षामित्रों एवं अंशकालिक अनुदेशकों के जीवन स्तर में सुधार लाएगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएगा। 6 नए प्रस्ताव     ओएफबी टेक प्रा.लिम. 589 करोड़ के निवेश के साथ शाहजहांपुर में एग्रो केमिकल्स बनाएगी.     इंडिया ग्लाइकॉन्स लिमिटेड गोरखपुर (गीडा) में एथेनाल प्रोडक्शन के लिए क्षमता विस्तार करेगी,669 करोड़ का निवेश.     सोलर सेल व मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट निर्माण हेतु 3805 करोड़ का निवेश,बुंदेलखंड व यमुना अथॉरिटी परिसर में.     बिसलेरी इंटरनेशनल प्रा.लिमिटेड,प्रयागराज में स्थापित होगा,269.31 करोड़ का निवेश.     ए.जी.आई. कैन मैन्युफैक्चरिंग के लिए हाथरस में यूपीसीडा क्षेत्र में 1128.72 करोड़ का निवेश करेगा.     इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्रा.लिमिटेड का सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट 1146 करोड़ का निवेश, यमुना अथॉरिटी परिसर में. कैबिनेट के अन्य फैसले     जनपद पीलीभीत व लखीमपुर खीरी,रामपुर व बिजनौर में भारत पाकिस्तान विभाजन के समय विस्थापित होकर आए परिवारों को भारतीय नागरिकता के लिए पात्रता के सम्बंध में प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है।      इनकी संख्या लखीमपुर खीरी में 2350 परिवार,पीलीभीत में 4 हजार परिवार,बिजनौर में 18 ग्रामों में 3856 परिवार,रामपुर में 16 ग्रामों में 2174 परिवार हैं.     डॉ अंबेडकर मूर्ति विकास योजना को मंजूरी. योजना के तहत अंबेडकर समेत तमाम महापुरुषों से संबंधित स्थानों पर स्थापित मूर्तियों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।      स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, हर स्थान के लिए 10 लाख खर्च किये जाएंगे.     हर विधानसभा के लिए 1 करोड़, कुल 403 करोड़ दिए जाएंगे।      सभी विधानसभा क्षेत्र में 14 अप्रैल को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और योजना की जानकरी दी जाएगी।  शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की बड़ी जीत लंबे समय से सड़क से सदन तक संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। कैबिनेट ने उनके मानदेय को 10,000 रुपये से बढ़ाकर सीधा 18,000 रुपये प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वहीं, अनुदेशकों का मानदेय भी 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 2 लाख परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को एक अप्रैल से बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। मई के वेतन में जुड़कर आएगा। 25 लाख युवाओं को डिजिटल सौगात 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' के तहत सरकार ने अपना अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2026-27 के लिए 25 लाख छात्र-छात्राओं को टैबलेट देने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। इसके लिए बिड की सेवा-शर्तों और खरीद प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। विस्थापितों को मिला 'भूमिधर' का हक कैबिनेट ने एक मानवीय फैसला लेते हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय आए विस्थापितों और CAA (नागरिक संशोधन अधिनियम) के तहत पात्र परिवारों को बड़ी राहत दी है। इन परिवारों को अब उनकी काबिज भूमि पर 'भूमिधर' (मालिकाना) अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही 'उत्तर … Read more

7 अप्रैल को सीएम योगी देंगे ‘ग्रेटर आगरा’ योजना के तहत 5142 करोड़ की सौगात

7 अप्रैल को सीएम योगी देंगे 5142 करोड़ की 'ग्रेटर आगरा' योजना की सौगात  वृंदावन में श्रीमद् जगतगुरु द्वाराचार्य मलूकनाथ जी महाराज की 452 वीं जयंती महोत्सव में भी करेंगे शिरकत  449.65 हेक्टेयर में रायपुर और रहन कलां में विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित होगा 'ग्रेटर आगरा'  विभिन्न परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण व शिलान्यास, विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे मुख्यमंत्री लखनऊ/आगरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 अप्रैल को ताजनगरी आगरा के लोगों को एक ऐतिहासिक सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री 5142 करोड़ रुपये की लागत वाली महत्वाकांक्षी 'ग्रेटर आगरा' योजना का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान वह टाउनशिप के मॉडल का अवलोकन भी करेंगे। इसके साथ ही जनपद के विभिन्न विभागों की करोड़ों रुपये की अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री वृंदावन में श्रीमद् जगतगुरु द्वाराचार्य मलूकनाथ जी महाराज की 452 वीं जयंती महोत्सव में भी शिरकत करेंगे और करीब एक घंटा महोत्सव में रहेंगे। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी 'ग्रेटर आगरा' टाउनशिप योगी सरकार की 'नए शहर प्रोत्साहन योजना' और शहरी विस्तारीकरण के तहत आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा इस विशाल टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम रायपुर और रहन कलां की 449.65 हेक्टेयर भूमि पर 10 अत्याधुनिक आवासीय टाउनशिप बसाई जाएंगी। 'ग्रेटर आगरा' विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होगा, जिसमें बेहतरीन पार्क, चौड़ी सड़कें, निर्बाध बिजली-पानी की आपूर्ति और सभी आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह योजना आगरा के आवासीय स्वरूप को पूरी तरह बदल देगी। जनसभा को करेंगे संबोधित प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 7 अप्रैल को 4:25 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर एक्सप्रेसवे के समीप रायपुर रहन कलां स्थित कार्यक्रम स्थल पर उतरेगा। वहां आगरा के प्रभारी मंत्री/ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह उनका भव्य स्वागत करेंगे। दोपहर 4:30 बजे मुख्यमंत्री 'ग्रेटर आगरा' योजना का शिलान्यास व भूमिपूजन करेंगे। इसके बाद वह करोड़ों रुपये की अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कर एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शाम करीब 5:25 बजे मुख्यमंत्री आगरा से प्रस्थान करेंगे। प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दी जा रही 'ग्रेटर आगरा' की यह सौगात शहर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। यह एक विश्वस्तरीय परियोजना है। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए हमने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया है। सभी अधिकारियों को जनसभा, सुरक्षा, पार्किंग और हेलीपैड की व्यवस्थाओं को समय से और पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप लखनऊ के युवाओं ने तैयार किया ‘दिव्यास्त्र’

कभी तमंचों के लिए बदनाम रहा यूपी, अब बना ‘ड्रोन शक्ति’ का हब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप लखनऊ के युवाओं ने तैयार किया ‘दिव्यास्त्र’ योगी सरकार की डिफेंस कॉरिडोर और स्टार्टअप नीति का असर, लखनऊ में निजी कंपनी का बड़ा इनोवेशन 500 किमी रेंज, एआई बेस्ड सिस्टम और कम लागत, यूपी के युवाओं का ड्रोन बनेगा सेना के लिए गेमचेंजर लखनऊ  कभी अवैध हथियारों और ‘तमंचों’ के लिए बदनाम रहा उत्तर प्रदेश अब नई पहचान गढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहा है। इसी बदलाव की मिसाल राजधानी लखनऊ में देखने को मिली, जहां एक प्राइवेट स्टार्टअप ने अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक विकसित की है। यह दर्शाता है कि योगी आदित्यनाथ के विजन और नीतियों का असर जमीन पर दिख रहा है, जहां कभी अपराध की पहचान थी, वहीं अब डिफेंस टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स का नया युग आकार ले रहा है। तीन युवा उद्यमियों – पवन, रविंद्र पाल सिंह और सौरभ सिंह द्वारा स्थापित कंपनी हॉवरिट (Hoverit) ने “दिव्यास्त्र एमके-1” नाम का एडवांस यूएवी तैयार किया है। यह ड्रोन आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, जो निगरानी के साथ-साथ सटीक हमले करने में सक्षम है। इस ड्रोन की प्रमुख खासियत इसकी 500 किलोमीटर की रेंज, लगभग 5 घंटे की उड़ान क्षमता और एआई आधारित टारगेटिंग सिस्टम है। यह 10,000 फीट तक उड़ सकता है और करीब 15 किलोग्राम तक पेलोड ले जाकर सटीक निशाना साध सकता है। लागत के मामले में भी यह बाजार के अन्य विकल्पों से काफी सस्ता बताया जा रहा है। स्टार्टअप के संस्थापकों का कहना है कि प्रदेश में बेहतर नीतियों और डिफेंस कॉरिडोर जैसी योजनाओं के चलते उन्हें तेजी से आगे बढ़ने का मौका मिला। यही कारण है कि आज यह कंपनी भारतीय सेना के लिए ड्रोन सप्लाई करने की दिशा में काम कर रही है और उसे शुरुआती ऑर्डर भी मिल चुके हैं। आने वाले समय में कंपनी “एमके-2” वर्जन पर भी काम कर रही है, जिसकी रेंज 2000 किलोमीटर और पेलोड क्षमता 80 किलोग्राम तक हो सकती है। इसके लिए यूपी डिफेंस कॉरिडोर में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जा रही है, जहां हर महीने 20 ड्रोन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। यही नहीं, कंपनी ने डिफेंस सेक्टर के लिए कई तरह के ड्रोन और यूएवी विकसित किए हैं, जिनमें निगरानी के लिए “आंख” ड्रोन, 20 किलोग्राम तक पेलोड ले जाने वाला “बाज” ड्रोन, शेल (बम) गिराने वाले ड्रोन, VTOL यूएवी (जो बिना रनवे के उड़ान भरते हैं) शामिल हैं। इसके अलावा ये कंपनी डिकॉय ड्रोन (दुश्मन को भ्रमित करने के लिए) और आईएसआर (इंटेलिजेंस, सर्विलांस, रिकॉन) यूएवी भी बना रही है, जिससे यह साफ होता है कि यह स्टार्टअप सिर्फ एक ड्रोन नहीं बल्कि निगरानी, सप्लाई और स्ट्राइक तीनों के लिए एक पूरा ड्रोन सिस्टम तैयार कर रहा है। उल्लेखनीय है कि अब युद्धों में तकनीक की भूमिका निर्णायक हो गई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के युवाओं द्वारा विकसित यह इनोवेशन न सिर्फ राज्य की बदली हुई छवि को दर्शाता है, बल्कि देश की सुरक्षा को भी नई मजबूती देता है।

आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर है, क्या सपा यह कर पाती? वे रामभक्तों पर गोली चलाने वाले लोग हैं: सीएम योगी

बाबा गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पादक संस्था, गोरखपुर के विस्तारीकरण के अंतर्गत आजमगढ़ में नवनिर्मित दुग्ध अवशीतन केंद्र का शुभारंभ किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले आजमगढ़ के नाम पर लोग होटल में कमरा नहीं देते थे, आज आपका स्वागत होगा: सीएम योगी आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर है, क्या सपा यह कर पाती? वे रामभक्तों पर गोली चलाने वाले लोग हैं: सीएम योगी समाजवादी पार्टी ने सैफई में विकास किया, लेकिन उसे बार-बार चुनाव जिताने वाला आजमगढ़ दिखाई नहीं देता: मुख्यमंत्री सीएम ने पूछा, जिन्हें आपने पहले चुना, उन्होंने आजमगढ़ के विकास के लिए क्या किया? मुख्यमंत्री ने कहा, कांग्रेस, सपा और बसपा के एजेंडे में कभी नहीं रहा विकास और गरीब कल्याण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  आजमगढ़ में बाबा गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पादक संस्था के नवनिर्मित दुग्ध अवशीतन केंद्र का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले आजमगढ़ के नाम पर लोगों को होटल या धर्मशाला में कमरा तक नहीं मिलता था, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। अब कोई रोकने-टोकने वाला नहीं, बल्कि स्वागत करने वाला है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या यह कार्य पूर्व की सरकारें कर पातीं, जो रामभक्तों पर गोली चलाने का काम करती थीं। मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश को विकास, सम्मान और आस्था के नए दौर का प्रतीक बताया। समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए सीएम ने कहा कि सैफई तक विकास कार्य को सीमित रखने वाली इस पार्टी को आजमगढ़ नहीं दिखाई देता, जो बार-बार उसके प्रत्याशी को जिताता है। सीएम योगी ने कहा कि मैं मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की अध्यक्ष नीरज तथा उनसे जुड़ी 56 हजार से अधिक बहनों का हृदय से अभिनंदन करता हूं कि उन्होंने वह कर दिखाया, जो दूसरों के लिए असंभव प्रतीत होता है। जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है तो पूरा परिवार आत्मनिर्भर होता है, और ऐसे ही आत्मनिर्भर परिवार समाज की मजबूत कड़ी बनते हैं। जब ये कड़ियां आपस में जुड़ती हैं तो राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार होती है और विकसित भारत का सपना साकार होता है। आज ऐसे प्रोड्यूसर मॉडल और महिलाओं का आत्मनिर्भर बनना अत्यंत आवश्यक है, और इसी प्रेरक परिवर्तन को अपनी आंखों से देखने के लिए मैं आज विशेष रूप से आजमगढ़ आया हूं। अन्नदाता और गो-पालक आर्थिक रूप से सशक्त सीएम ने कहा कि जब मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी ने आजमगढ़ में इस कार्यक्रम की प्रगति के बारे में बताया, तब शुरुआत में लोगों को संदेह था, लेकिन आज 1.70 लाख लीटर दूध का कलेक्शन, किसानों और गोपालकों को ₹55 प्रति लीटर का उचित मूल्य तथा बिना मिलावट गुणवत्ता की गारंटी ने इस मॉडल की सफलता को सिद्ध कर दिया है। इससे अन्नदाता और गो-पालक आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी और मजबूत हो रही है। इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आज हम आजमगढ़ में एकत्र हुए हैं, जो ऋषि-मुनियों की तपोभूमि, विचारकों की धरती और स्वाधीनता आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमि रही है, जहां वीर कुंवर सिंह के शौर्य ने फिरंगियों को भागने के लिए मजबूर किया था। आजमगढ़ ने भले ही मुख्यमंत्री दिए होंगे, लेकिन उन लोगों ने आपके यहां काम नहीं किया। मैं आजमगढ़ की जनता से पूछना चाहता हूं कि जिन प्रतिनिधियों को आपने पहले चुना, उन्होंने विकास के लिए क्या किया?  आजमगढ़ से मेरा पुराना जुड़ाव रहा है और पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार को जब यहां विकास का अवसर मिला और उसे धरातल पर उतारा गया। पहले लखनऊ जाने में लगते थे 6 घंटे, अब सिर्फ पौने 3 घंटे सीएम ने कहा, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण से आज आजमगढ़ से लखनऊ की दूरी घटकर ढाई से पौने तीन घंटे रह गई है, जबकि पहले 6 घंटे लगते थे। गोरखपुर अब डेढ़ घंटे से भी कम समय में पहुंचा जा सकता है, इसी तरह वाराणसी व प्रयागराज से कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है। पूर्व की सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति में महाराज सुहेलदेव जैसे महान योद्धा को भुला दिया था, लेकिन हमारी सरकार ने उनके नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित कर उन्हें सम्मान दिया। यह अयोध्या सिंह हरिऔध जी की पावन धरा है। रांगेय राघव ने यहां साहित्यिक जगत को नई ऊंचाई दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी मिल के पुनरुद्धार के अलावा मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत तमसा गार्डन एन्क्लेव आवासीय योजना को स्वीकृति के साथ 400 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है, जिसके तहत 2000 से अधिक भूखंडों का विकास लोगों को सस्ते व सुगम आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार द्वारा आजमगढ़ में विकसित की जा रही आवासीय योजना के अंतर्गत प्लॉटों के साथ कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, पार्क, ओपन जिम, बैंक, स्कूल, अस्पताल, विद्युत सब स्टेशन और सामुदायिक केंद्र सहित सुरक्षा की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। आजमगढ़ एयरपोर्ट का विकास भी हमारी सरकार ने किया है और जन प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित मार्गों के लिए स्वीकृत धनराशि के परिणामस्वरूप आज चारों दिशाओं में फोरलेन कनेक्टिविटी स्थापित हो चुकी है।  प्रयागराज व बरेली में खुलेंगी नई मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी प्रदेश की पांचवीं ऐसी इकाई बनकर उभरी है, जो महिला स्वावलंबन का सशक्त उदाहरण है। वर्ष 2019 में झांसी में शुरू हुई बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से आज 72 हजार से अधिक महिलाएं जुड़कर सैकड़ों करोड़ के दुग्ध संग्रहण और वितरण का कार्य कर रही हैं। इसी तरह वाराणसी, आगरा और लखनऊ में भी ऐसी कंपनियां संचालित हो रही हैं। इस बार के बजट में प्रयागराज व बरेली में नई मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जो महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दे रही है। सीएम योगी ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस है, जिसने 46 वर्ष पूरे कर 47वें वर्ष में प्रवेश किया है। 1980 में स्थापित इस दल ने “देश प्रथम” के सिद्धांत पर चलते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा, जबकि अन्य दल परिवार और सीमित क्षेत्रीय विकास तक सिमटे रहे। श्रद्धेय … Read more

इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में मददगार होगी कंप्यूटर लैब: सीएम योगी

दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में मुख्यमंत्री ने किया डॉ. तेज प्रताप शाही की स्मृति में आधुनिक कंप्यूटर प्रयोगशाला का उद्घाटन इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में मददगार होगी कंप्यूटर लैब: सीएम योगी ‘बच्चा बाबू’ को याद करते गला व आंखें भर आईं सीएम योगी की गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में आधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। यह प्रयोगशाला पीजी कॉलेज के पूर्व शिक्षक डॉ. तेज प्रताप शाही की स्मृति में उनके परिवार की तरफ से बनवाई गई है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कंप्यूटर लैब इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, शोध-अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने में विद्यार्थियों के लिए काफी मददगार साबित होगी। कार्यकम में मुख्यमंत्री ने ‘बच्चा बाबू’ के नाम से चर्चित रहे डॉ. तेज प्रताप शाही की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए कंप्यूटर लैब के जरिये उनके परिवार की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रोफेसर एवं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के वरिष्ठ सदस्य डॉ. शाही की स्मृतियों को नमन करने के लिए आयोजित किया गया है। उनके पुत्रों द्वारा महाविद्यालय में स्थापित यह अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस कार्य के लिए सीएम ने स्वर्गीय शाही के पुत्रों अनन्य प्रताप शाही और अतिरेक शाही को हृदय से साधुवाद दिया और डॉ. शाही की स्मृतियों को नमन करते हुए अपनी विनम्र श्रद्धांजलि भी अर्पित की। बच्चा बाबू की अगाध निष्ठा को यादकर भावुक हुए सीएम योगी कार्यक्रम के दौरान बच्चा बाबू की गोरक्षपीठ के प्रति अगाध निष्ठा को याद कर मुख्यमंत्री काफी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि वास्तव में व्यक्ति क्या है, हम उसके रहते हुए समझने का प्रयास नहीं करते। हम लोगों ने स्वर्गीय हरि प्रसाद शाही को नहीं देखा था, लेकिन उनके पुत्रों को और उनमें डॉ. तेज प्रताप शाही को बहुत नजदीक से कार्य करते हुए देखा है। कैसे समन्वय किया जा सकता है, कैसे संबंधों को बनाए रखा जा सकता है, यह बच्चा बाबू से सीखा जा सकता है। डॉ. शाही गोरखपुर कांग्रेस के अध्यक्ष थे। केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। एक समय राज्य व केंद्र, दोनों जगह कांग्रेस सरकार थी। पर, कांग्रेस के साथ रहते हुए भी डॉ. शाही गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे। गोरक्षपीठ के मूल्यों और आदर्शों के प्रति उनकी अटूट निष्ठा थी। वह पूज्य महाराज ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी के साथ सदैव खड़े रहने वाले लोगों में थे। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी वह साथ रहे।  रुंधे गले से साझा किया संस्मरण सीएम ने डॉ. शाही का एक संस्मरण साझा करते हुए सीएम योगी का गला रुंध गया। अश्रुपूरित नेत्रों के साथ उन्होंने कहा, “मुझे याद है, जुलाई 2020 में एक दिन अचानक डॉ. शाही का फोन आया। समय लेकर वह अपने दोनों पुत्रों को लेकर मिलने आए। मैंने उनसे कहा,  बच्चा बाबू इनके साथ आप गोरखपुर में भी मिल सकते थे। इस पर उन्होंने कहा- मुझे कुछ आभास हो रहा था, इसलिए अपने दोनों पुत्रों का आपसे परिचय कराने के लिए लाया हूं। अब आप इनके अभिभावक के रूप में हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भौंचक था और लगा कि हो सकता है कि बच्चा बाबू मेरे साथ मजाक कर रहे हैं। पर, ठीक एक सप्ताह के बाद जानकारी मिली कि उनको कोरोना हो गया है। और बाद में जब उन्हें परिजन लखनऊ लेकर गए तो उनका शरीर छूट चुका था। यानी पहले से ही उनको इस चीज का एहसास हो गया था कि मुझे अब अपनी दुनियादारी को समेटना है और उसको देखते हुए स्वयं मेरे पास लखनऊ आए थे। कार्यक्रम में डॉ. तेज प्रताप शाही के परिजनों अनन्य शाही, अतिरेक शाही, चांदनी शाही ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया। आभार ज्ञापन दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश सिंह ने किया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, नौतनवा के विधायक ऋषि त्रिपाठी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, पूर्व महापौर अंजू चौधरी, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्यगण आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

सत्ता नहीं, संस्कार की है भाजपा की विकास यात्रा: मुख्यमंत्री

भाजपा के स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर के हिंदू सेवाश्रम भवन पर फहराया पार्टी का झंडा सत्ता नहीं, संस्कार की है भाजपा की विकास यात्रा: मुख्यमंत्री सेवा, संस्कार और समर्पण के संकल्प के साथ देशवासियों की आकांक्षाओं को निरंतर शक्ति दे रहा राष्ट्रवादी परिवार: सीएम योगी पार्टी पदाधिकारियों के साथ सेल्फी ली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित हिंदू सेवाश्रम भवन की छत पर पार्टी का झंडा फहराया। इस अवसर पर उन्होंने झंडे के सम्मुख पार्टी पदाधिकारियों के साथ सेल्फी ली और सभी को स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि भाजपा की विकास यात्रा सत्ता की नहीं, संस्कार की है। विस्तार की नहीं, विचार की है। 'अंत्योदय से राष्ट्रोदय' के संकल्प की सिद्धि की है। भाजपा के स्थापना दिवस पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिये सीएम योगी ने कहा, विश्व के सबसे विशाल राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस की सभी समर्पित कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। भाजपा मात्र एक राजनीतिक संरचना नहीं, बल्कि श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी और भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी के उदात्त लोकतांत्रिक आदर्शों एवं सात्विक सनातनी जीवन मूल्यों से अभिसिंचित एक जीवंत विचार परंपरा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत यह राष्ट्रवादी परिवार आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जो सेवा, संस्कार और समर्पण के संकल्प के साथ 145 करोड़ देशवासियों की आशाओं व आकांक्षाओं को निरंतर शक्ति दे रहा है। गोरखनाथ मंदिर परिसर में पार्टी का झंडा फहराने के अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, नगर निगम के उप सभापति पवन त्रिपाठी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, पार्षद दुर्गेश बजाज, जंगल कौड़िया के ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव, भरोहिया के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मानसरोवर रामलीला मैदान में भाजपा के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

देश और समाज के लिए जीता है भाजपा कार्यकर्ता: सीएम योगी मानसरोवर रामलीला मैदान में भाजपा के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्थापकों के आदर्शों और कार्यकर्ताओं के समर्पण से भाजपा बनी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी: सीएम योगी भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हर राष्ट्रभक्त को जुड़ना चाहिए भाजपा से: सीएम योगी      गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं में समाज व देश के लिए जीने की भावना जनसंघ काल से चली आ रही है। उनका जीवन राष्ट्र प्रथम के भाव और इसकी संकल्प सिद्धि के लिए ही समर्पित रहता है। अपने संस्थापकों के सिद्धांतों, मूल्यों व आदर्शों पर चलते हुए कार्यकर्ताओं के समर्पण भाव से ही आज भाजपा देश ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी राजनीति पार्टी के रूप में प्रतिष्ठित हुई है।  सीएम योगी सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर मानसरोवर रामलीला मैदान में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यकर्ताओं को उत्साहित व प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनंतकाल तक भारत की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हर राष्ट्रभक्त को भाजपा से जुड़ना चाहिए। हमारा जीवन व्यष्टि नहीं, समष्टि के लिए और व्यक्ति की बजाय राष्ट्र के लिए समर्पित हो, यही प्रेरणा पार्टी के संस्थापकों ने दी है। कांग्रेस की पृथकतावादी सोच के खिलाफ डॉ. मुखर्जी ने बुलंद की आवाज मुख्यमंत्री ने कहा कि 1951 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ/भाजपा की इस राजनीतिक परंपरा के पहले अध्यक्ष के रूप में राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाया। उन्होंने देश की अखंडता पर जोर दिया। आजादी के बाद से ही कांग्रेस नेतृत्व की सरकार ने विश्वासघात करना प्रारंभ कर दिया था। यह विश्वासघात हर स्तर पर था। देश के अंदर ही परमिट सिस्टम लागू किया गया, जम्मू कश्मीर को अलग स्टेटस दे दिया गया। शेष भारत के लोग परमिट लेकर वहां जा सकते थे। पूर्वोत्तर राज्यों में भी कुछ जगहों पर यही व्यवस्था लागू की गई। तब पहली बार कांग्रेस की इस पृथकतावादी सोच के खिलाफ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आवाज बुलंद की थी। उन्होंने नारा दिया था – “एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेंगे।” डॉ. मुखर्जी ने इसके लिए अपना बलिदान भी कर दिया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भी भारतीय राजनीति के एक ऐसे विचारक थे, जिन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए ‘अंत्योदय’ की नई दृष्टि भारतीय राजनीति को दी। भारत की राजनीति में स्थिरता लाए अटल जी सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का गठन 6 अप्रैल 1980 को हुआ। तब परिस्थितियां विपरीत थीं, किंतु उन विपरीत स्थितियों में भी एक संकल्प था कि हम भारत की आत्मा पर प्रहार करने की छूट किसी को नहीं देंगे। दुनिया के अंदर ऐसा उदाहरण देखने को नहीं मिलता कि किसी दल को उसके गठन के मात्र 16 वर्ष के अंदर देश की सत्ता प्राप्त हो। ये देश की जनता की अटूट निष्ठा का परिणाम है। जिन मूल्यों और जिन आदर्शों को लेकर भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ, जिसमें राष्ट्र सर्वोपरि का भाव है, राष्ट्र प्रथम का भाव है, उस भाव को देश की जनता ने हाथों-हाथ लिया। प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करते हुए अंत्योदय की बात की। भारत की राजनीति में स्थिरता लाने का कार्य किया। विकास को बिना भेदभाव हर तबके तक पहुंचाने के अभियान को आगे बढ़ाया, जिसे देश और दुनिया ने सराहा। जनता को पीएम मोदी के चमत्कारिक नेतृत्व पर विश्वास सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत का सूर्योदय तब होता है, जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते हैं। तब देश ही नहीं, पूरी दुनिया में एक नया संकल्प गूंजा था। हर व्यक्ति के चेहरे पर एक नई चमक देखने को मिली। वह चमक ऐसे ही नहीं थी। उन्हें मोदी जी के चमत्कारिक नेतृत्व पर विश्वास था। इस बात पर विश्वास था कि मोदी जी आए हैं, कुछ नया जरूर करेंगे। और, मोदी जी ने वह करके दिखाया। पीएम मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने के साथ ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश-एक निशान-एक विधान” के सपने को पूरा कर के दिखाया। कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करके वहां भी भारत का संविधान लागू कराया। हर गरीब को राशन, आवास, स्वास्थ्य सहित अनेक योजनाओं का लाभ दिया। किसानों को खुशहाल बनाया, नौजवानों को रोजगार दिया। यह इसलिए संभव हो सका कि देश के अंदर भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के मूल्यों, सिद्धांतों से रचा-बसा एक कार्यकर्ता भारत के प्रधानमंत्री के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक कर रहा है। राममंदिर के रूप में साकार हुआ अटल-आडवाणी का संकल्प सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा ने ‘रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ का जो संकल्प लिया था, वह भी आज डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में अयोध्या में साकार हो गया है। यह मंदिर राष्ट्रमंदिर है।  जो कहा, कर के दिखाया मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जो कहा, वह कर के दिखाया है। और, जो किया वही बोला है। भाजपा की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। आचार और विचार में कोई भेद नहीं है। पार्टी ने उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक, एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाया है। ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ के भाव के साथ जिस दल ने अपनी इस यात्रा को यशस्वी ढंग से आगे बढ़ाया है, वह दल है भारतीय जनता पार्टी। जितना बड़ा संगठन, उतनी ज्यादा चुनौतियां भी सीएम योगी ने कहा कि अपनी यात्रा में भाजपा ने अनेक कठिनाइयों का सामना किया है। आपातकाल का मुकाबला किया है और राजनीतिक षड्यंत्रों का जवाब दिया है। बिना रुके, बिना डिगे, बिना झुके भारतीय जनता पार्टी की यात्रा आगे बढ़ रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए कहा कि जितना बड़ा संगठन होगा, उतनी ज्यादा चुनौतियां भी होंगी। भारत आगे बढ़ेगा तो भारत के दुश्मन उसको स्वीकार नहीं कर पाएंगे। … Read more

विशेष अभियान के तहत किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराई जाएगी

फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान 15 अप्रैल तक ग्राम सचिवालय में लगाया जाएगा कैंप समस्त ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान व पंचायत सचिवों को जोड़ा जाएगा फार्मर रजिस्ट्री में पीएम किसान योजना के तहत संख्या 1,72,06,355 तक पहुंची लखनऊ  प्रदेश में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। यह अभियान 15 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में संचालित होगा, जिसके तहत प्रत्येक ग्राम सचिवालय में कैंप लगाकर किसानों का पंजीकरण कराया जाएगा।   योगी सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है, ताकि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। अभियान के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।  इन शिविरों के माध्यम से शेष कृषकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ नाम संबंधी त्रुटियों का भी तत्काल निराकरण किया जाए। इस कार्य में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव एवं लेखपालों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिसमें लेखपालों को अपने क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम पंचायत के कम से कम एक शिविर में उपस्थित रहने को कहा गया।  इस विशेष अभियान में ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों की अहम भूमिका तय की गई है। सभी ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, ताकि हर पात्र किसान का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कैंप के दौरान किसानों को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दें और मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराएं। अब तक प्रदेश में 1,72,06,355 किसानों को पीएम किसान योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा चुका है। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं, जिनका पंजीकरण बाकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।       इस पहल से न केवल किसानों का सटीक डाटाबेस तैयार होगा, बल्कि भविष्य में कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में भी पारदर्शिता और तेजी आएगी। साथ ही, किसानों को समय पर आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी यह रजिस्ट्री महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  राज्य सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को मिशन मोड में चलाया जाए और तय समयसीमा के भीतर अधिकतम किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।

पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में समन्वय आवश्यक: मुख्यमंत्री

गोरखपुर प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह पत्रकारिता के विभिन्न आयामों में समन्वय आवश्यक: मुख्यमंत्री जन-मानस को विचलित करती है एक ही खबर में भिन्नता: मुख्यमंत्री सरकार मूल्यों व आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ: सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पत्रकारिता के विभिन्न आयामों प्रिंट, विजुअल, डिजिटल व सोशल मीडिया के बीच परस्पर समन्वय होना आवश्यक है। यदि किसी एक ही तथ्य को मीडिया के अलग-अलग आयाम भिन्न-भिन्न तरीके व दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेंगे तो आम जन-मानस के सामने कन्फ्यूजन की स्थिति होगी। ऐसी स्थिति मीडिया के प्रति जन-विश्वास को भी प्रभावित करेगी। इसलिए यह आवश्यक है कि मीडिया के सभी अंग समान मानक, मूल्यों व आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें। सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब सभागार में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पत्रकारिता में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां हैं। प्रिंट, विजुअल, डिजिटल व सोशल मीडिया के तौर पर पत्रकारिता के कई स्वरूप हैं। परिवारों में भी प्रत्येक सदस्य का रुझान मीडिया के अलग-अलग रूप के प्रति रहता है। पत्रकारिता के इन सभी रूपों को समग्रता के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। प्रिंट व विजुअल मीडिया के अपने कुछ मानक हैं, अपनी आचार संहिता है। किंतु, सोशल मीडिया को अभी इससे जोड़ना है। सीएम योगी ने कहा कि पत्रकारिता को आत्म-नियमन से मूल्यों व आदर्शों के साथ आगे बढ़ना है। भारत में 200 वर्ष की पत्रकारिता का मूलभाव राष्ट्र सेवा, समाज सेवा व ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का भाव रहा है। हमें इसी भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मीडिया में एक ऐसा भी वर्ग है, जो समाज को गुमराह करके अशांति फैलाने का कार्य करता है। हमें मीडिया के ऐसे रूप से बचने की आवश्यकता है। यदि सोशल मीडिया तथा प्रिंट मीडिया में एक ही खबर में भिन्नता होती है, तो वह जन-मानस को विचलित करती है। यह दुविधा की स्थिति खतरनाक होती है। हमें प्रयास करना चाहिए कि ऐसी स्थिति नहीं हो। सरकार मूल्यों व आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ सदैव खड़ी है। आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है। संवाद में आलोचना हो सकती है, किंतु इस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए। जब हम एक सूत्र की मनोस्थिति से कार्य करते हैं, तो सदैव सार्थक परिणाम सामने आते हैं। पत्रकारिता समाज का आईना होती है। पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दों को प्रस्तुत करती है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है। पत्रकारिता को जन-विश्वास प्रतीक के रूप में बने रहने के लिए सही और गलत के प्रति एक भाव में रहना चाहिए। पत्रकारिता में किसी भी मुद्दे पर दो भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि तब यह जन-विश्वास पर कुठाराघात करता है।  यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि 200 वर्ष पहले हिंदी पत्रकारिता की शुरूआत 30 मई 1826 को कोलकाता से हुई थी, जब जुगुल किशोर शुक्ल ने हिंदी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का शुभारंभ किया था। जब उन्होंने पत्र निकाला, तब देश गुलाम था। उन्होंने देश की आजादी के स्वर को तेज करने के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया था। 200 वर्ष से बिना रुके, बिना थके, बिना डिगे पत्रकारिता की यह शानदार यात्रा आगे बढ़ रही है।  सही तथ्य से होता है मजबूत जन-विश्वास का निर्माण मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता जब एक सामान्य व्यक्ति के स्वर के साथ अपना स्वर मिलाती है, और सही तथ्यों को जनता के सम्मुख रखती है, तब एक मजबूत जन-विश्वास का निर्माण होता है। जो पत्रकारिता जन-विश्वास का प्रतीक बनती है, उसे दुनिया की कोई शक्ति विचलित नहीं कर सकती। पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है। सीएम योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन और देशसेवा के लिए महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भी पत्रकारिता को माध्यम बनाने का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में लखनऊ से ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ के नारे को पत्रकारिता के माध्यम से जन-मानस में संचारित किया था। वर्ष 2017 में इस नारे के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।   विघटनकारी शक्तियों की चुनौती हमेशा सामने मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का आधार हमारे उपनिषदों से प्रेरित रहा है। यह प्रेरणा उपनिषदों की ‘सत्यमेव जयते’ सूक्ति से प्राप्त होती है। समाज में विघटनकारी शक्तियों की चुनौती पत्रकारिता के सामने हमेशा रही है। ये शक्तियां पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बाधित करती रही हैं। इन बाधाओं से विचलित हुए बिना हमें इसको बढ़ाए रखना है, क्योंकि हमारी पत्रकारिता उपनिषदों के मूल्यों पर आधारित है, जहां सत्य की निश्चित विजय का भाव समाहित है। अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति निरंतर जारी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपराध व अपराधियों तथा भ्रष्टाचार व भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को निरंतर जारी रखा है। समाज के प्रत्येक वर्ग को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। सरकार ने पत्रकारों के लिए भी विभिन्न आवासीय योजनाएं चलाई हैं। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।  तीन करोड़ की आबादी गोरखपुर पर निर्भर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तीन करोड़़ की आबादी शिक्षा, व्यापार व रोजगार हेतु गोरखपुर महानगर पर निर्भर है। पूर्वी यूपी, पश्चिमी बिहार और नेपाल की एक बड़ी आबादी गोरखपुर पर निर्भर रहती है। गोरखपुर में पत्रकारिता की दिशा, लोगों के मन में राष्ट्रभक्ति के भाव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए। आत्मनिर्भर विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में पत्रकारिता को मजबूती के साथ आगे आना चाहिए। यह बेहद महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना 1998 में हुई। इसमें शामिल सदस्यों को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का सानिध्य प्राप्त था। मुझे विगत वर्ष भी गोरखपुर प्रेस क्लब के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ … Read more

जरूरतमंद बिटिया की स्कूल फीस जमा कराने का निर्देश दिया सीएम ने

जनता दर्शन: गोरखनाथ मंदिर में 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जरूरतमंद बिटिया की स्कूल फीस जमा कराने का निर्देश दिया सीएम ने इस्टीमेट भिजवाएं, इलाज में सरकार करेगी भरपूर मदद: सीएम योगी अधिकारियों को दिए त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बेटियों के प्रति संवेदनशीलता का एक और उदाहरण  जनता दर्शन में देखने को मिला। सीएम से मिलने पहुंची एक बेटी ने जब उन्हें बताया कि पैसों की दिक्कत के चलते वह अपनी फीस नहीं जमा कर पा रही है, मुख्यमंत्री ने अविलंब अधिकारियों को बिटिया की फीस जमा कराने का निर्देश दिया। सीएम ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को भी आश्वस्त किया कि वे उच्चीकृत अस्पताल से इस्टीमेट मंगवा लें, इलाज के खर्च में सरकार भरपूर मदद करेगी।  सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री पहुंचे और एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। सीएम ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का उचित, विधिसम्मत, समयबद्ध एवं संतुष्टिपरक निस्तारण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में आए लोगों के प्रार्थना-पत्रों को संबंधित अधिकारियों को हस्तगत करते हुए इस संबंध में निर्देश भी जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी परेशान होने या घबराने होने की आवश्यकता नहीं है। सरकार हर मुश्किल में आपके साथ खड़ी है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा।  जरूरतमंद बिटिया की स्कूल फीस की व्यवस्था होगी जनता दर्शन में एक बेटी ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह पढ़ना चाहती है, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से फीस जमा करने में बाधा आ रही है। इस पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अविलंब बिटिया की स्कूल फीस की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक दिक्कत की वजह से किसी बेटी की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। हर बेटी को सुरक्षा के साथ-साथ उसका सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरे समाज पर सकारात्मक असर पड़ता है। मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। यदि कोई पात्र व्यक्ति शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है तो उसे तत्काल योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। कैंसर से पीड़ित अपने परिजन के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंची एक महिला से मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चीकृत सरकारी अस्पताल में मरीज को दिखाकर इस्टीमेट मंगवा लीजिए। इलाज में पूरी मदद की जाएगी। सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए। हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर से आई एक गरीब महिला को पेंशन और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए।