samacharsecretary.com

योगी सरकार में यूपी बन रहा देश का टैलेंट पावरहाउस

स्कूल से यूपीएससी तक नई उड़ान, योगी सरकार में ‘टैलेंट हब’ बना उत्तर प्रदेश  योगी सरकार में यूपी बन रहा देश का टैलेंट पावरहाउस  2017 के बाद संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल हस्तक्षेप और अवसरों के विस्तार से बदली तस्वीर  छोटे जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक दिख रहा असर – मेरठ, गोरखपुर, कानपुर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, मिर्जापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, कौशांबी जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में सफल हुए उम्मीदवार – यूपीएससी से लेकर एनईईटी-जेईई तक बढ़ी पकड़, समाज के अंतिम पायदान तक अवसरों का विस्तार – वर्ष 2021 में श्रुति शर्मा, 2023 में आदित्य श्रीवास्तव और 2024 में शक्ति दुबे ने पाई यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक वन लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या का सबसे बड़ा राज्य नहीं, बल्कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में देश का उभरता हुआ टैलेंट पावरहाउस बन चुका है। स्कूलों की मजबूत होती बुनियाद से लेकर यूपीएससी, एनईईटी और जेईई जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में लगातार बढ़ती सफलता यह दर्शा रही है कि प्रदेश में शिक्षा अब पढ़ाई के साथ-साथ परिणाम और प्रतिस्पर्धा केंद्रित मॉडल में बदल चुकी है। वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार के संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल हस्तक्षेप और अवसरों के विस्तार ने इस परिवर्तन को गति दी है। स्कूलों के आधारभूत ढांचे, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल संसाधनों, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन जैसे क्षेत्रों में हुए ठोस सुधारों ने शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर से बदल दिया है। 2017 से 2026: सुधार, विस्तार और परिणाम से बनी नई शैक्षिक संस्कृति वर्ष 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन एक सतत और योजनाबद्ध प्रक्रिया के रूप में उभरकर सामने आया है। 2017 में अनुशासन और पारदर्शिता को केंद्र में रखकर सुधारों की नींव रखी गई, जिसे 2018 में इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण और कायाकल्प अभियानों ने जमीनी मजबूती दी। 2019 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का दायरा व्यापक हुआ, जबकि 2020 में कोविड काल ने डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता और उसकी भूमिका को निर्णायक बना दिया। इसके बाद 2021 से 2024 तक यूपीएससी, पीसीएस, बैंकिंग, रक्षा तथा एनईईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं में उत्तर प्रदेश की निरंतर और मजबूत उपस्थिति ने इस बदलाव को परिणामों के रूप में स्थापित किया। 2025 में छात्रवृत्ति, कोचिंग सहायता और उच्च शिक्षा सुधारों का प्रभाव और स्पष्ट हुआ, जबकि 2026 तक इन सभी प्रयासों का संचयी प्रभाव एक ऐसी नई शैक्षिक संस्कृति के रूप में सामने आया, जिसमें अवसरों का विस्तार, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा तीनों का संतुलित विकास दिखाई देता है। मजबूत बुनियाद से बदली तस्वीर ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बिजली, फर्नीचर और पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया, जिससे प्रारंभिक शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ और छात्रों की उपस्थिति तथा सीखने की गुणवत्ता में सुधार आया। इसके साथ ही डिजिटल शिक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम ने शिक्षा को पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है। अब छात्रों की प्रगति का आकलन डेटा के आधार पर किया जा रहा है, जिससे जवाबदेही और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बढ़ती पकड़ उत्तर प्रदेश के छात्रों ने हाल के वर्षों में यूपीएससी सहित विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2021 में श्रुति शर्मा, 2023 में आदित्य श्रीवास्तव और 2024 में शक्ति दुबे ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। इसके साथ ही यूपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, रक्षा सेवाओं के साथ-साथ एनईईटी और जेईई जैसी परीक्षाओं में भी प्रदेश के छात्र लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। छोटे जिलों से उभर रही नई प्रतिभा जहां पहले सफलता प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों तक सीमित थी, वहीं अब मेरठ, गोरखपुर, कानपुर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, मिर्जापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, अंबेडकरनगर और कौशांबी जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में सफल उम्मीदवार सामने आ रहे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की प्रतिभा भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रही है। समाज के अंतिम पायदान पर हर वर्ग तक पहुंचा अवसर मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को निःशुल्क कोचिंग, मार्गदर्शन और मेंटोरशिप दी जा रही है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचा है। उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार से छात्रों को राज्य के भीतर ही बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे प्रतिभा का स्थानीय स्तर पर संरक्षण भी सुनिश्चित हुआ है।

योगी सरकार का कदम: मद्यनिषेध विभाग को मिला नया बल, संगठित तरीके से नशामुक्ति अभियान को मिली गति

योगी सरकार में मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित ढांचे से तेज हुआ नशामुक्ति अभियान 7 क्षेत्रीय मुख्यालयों से 75 जिलों तक पहुंचा जनजागरण, समाजोत्थान मिशन को मिली रफ्तार लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में मद्यनिषेध विभाग को अधिक संगठित, सक्रिय और जनकेंद्रित स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश में नशे की प्रवृत्ति, शराब सेवन और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को चुनौती मानते हुए सरकार ने विभागीय ढांचे को मजबूत किया है। साथ ही जनजागरूकता अभियानों को गांव से शहर तक विस्तार दिया गया है। परिणामस्वरूप मद्यनिषेध विभाग केवल औपचारिक प्रशासनिक इकाई न रहकर समाज में चेतना जगाने वाला प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, संवाद अभियान, रैलियां और सामाजिक सहभागिता आधारित गतिविधियां लगातार चलाई जा रही हैं, जिससे प्रदेश में नशामुक्त समाज की अवधारणा को मजबूती मिल रही है। नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक कर रही सरकार  योगी सरकार के कार्यकाल में विभाग द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवा मंचों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं नुक्कड़ नाटक, रैली, शपथ अभियान, पोस्टर प्रतियोगिता, सेमिनार और जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य समाज को नशे की बुराइयों से बचाकर स्वस्थ और सक्षम बनाना है। इसी कारण मद्यनिषेध विभाग को सामाजिक उत्थान से जोड़कर देखा जा रहा है। महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में स्थापित 7 क्षेत्रीय मुख्यालय  मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में विभाग के 7 क्षेत्रीय मुख्यालय स्थापित हैं, जिनमें लखनऊ, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद शामिल हैं। इन क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से 75 जनपदों में मद्यनिषेध संबंधी योजनाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रचार अभियानों का संचालन किया जा रहा है। यह सुव्यवस्थित नेटवर्क प्रदेश के हर हिस्से तक सरकार की नशामुक्ति नीति पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यालय स्तर पर तैनात हैं राज्य मद्यनिषेध अधिकारी अधिकारियों ने बताया कि विभागीय कार्यों के संचालन के लिए 7 क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी, 6 उप क्षेत्रीय अधिकारी, 27 जिला मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी तथा 7 प्राविधिक पर्यवेक्षक तैनात हैं। इनके साथ कार्यालयी स्टाफ, वाहन चालक और सहायक कर्मचारियों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके। मुख्यालय स्तर पर भी राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, उप राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, लेखाकार, लिपिक वर्ग और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इससे योजनाओं की निगरानी, बजट प्रबंधन, समीक्षा और फील्ड स्तर तक निर्देशों के प्रभावी पालन में मदद मिली है।

जोरासांको में गरजे सीएम योगी, बोले- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं”, 4 मई को बंगाल में भगवा लहराएगा

योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं जोरासांको में गरजे सीएम योगी- 4 मई को बंगाल में लहराएगा भगवा पहले चरण में 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से, बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं बुआ-भतीजा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जोरासांको से भाजपा उम्मीदवार विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी और एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल के लिए जनता से वोट मांगा कोलकाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ममता बनर्जी को ललकारते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 4 मई को भगवा लहराएगा। उन्होंने इशारों में ममता व अभिषेक बनर्जी पर प्रहार करते हुए कहा कि बुआ-भतीजा बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं। कोलकाता का मेयर कहता है कि यहां ऊर्दू चलेगी। कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि टीएमसी के जो लोग बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें बता दो कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है। सीएम योगी जोरासांको विधानसभा क्षेत्र में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यहां आए अधिसंख्य लोग हाथ में पोस्टर लिए हुए थे, जिस पर लिखा था- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।”  4 मई को बंगाल में लहराया जाएगा भगवा ध्वज  सीएम योगी ने कहा कि 23 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव होना है। परिवर्तन के प्रति लोगों के हृदय का उद्गार स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पहले चरण में 80 फीसदी सीटें भाजपा जीतने जा रही हैं। जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो बंगाल में भगवा ध्वज लहराया जाएगा। बंगाल का अंधकार समाप्त होगा, बंगाल फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनकर अपनी पहचान स्थापित करेगा। सीएम ने बड़ा बाजार को सबसे समृद्धतम व्यापारिक क्षेत्र बताते हुए कहा कि व्यापार, साहित्य, कला, सांस्कृतिक परंपरा व पौराणिक कालीबाड़ी मंदिर के लिए भी यह क्षेत्र जाना जाता है। हमें बंगाल की अस्मिता को बचाना है और कठमुल्लापन को बढ़ावा देने वालों को हर हाल में रोकना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र ने आपको जो ताकत दी है, अपने वोट के जरिए उसका सही इस्तेमाल कीजिए। रवींद्र नाथ ठाकुर व भारत माता की जगह टीएमसी के गुंडों ने लगा दिया ममता दीदी का फोटो  सीएम योगी ने कहा कि भारत निर्माण में बंगाल की धऱा पर जन्मे महापुरुषों के तप, त्याग, बलिदान व पुरुषार्थ का भी अतुलनीय योगदान रहा। बंगाल ने हर सम-विषम परिस्थितियों में भारत को संबल दिया। यह गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर की ठाकुरबाड़ी का क्षेत्र है। साहित्य के लिए पहले भारतीय के रूप में गुरुदेव की गीतांजलि को नोबल पुरस्कार मिला। गुरुदेव के हैरिटेज परिसर में जहां रवींद्र नाथ ठाकुर व भारत माता की प्रतिमा-फोटो लगनी चाहिए थी, वहां टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा कर ममता दीदी का फोटो लगा दिया। यह भारतीयता व बंगाल की अस्मिता का अपमान है। बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही ज्ञान की धरा बंगाल सीएम योगी ने कहा, बंगाल की भूमि उर्वर व प्रचुर जल-संसाधनों वाली है। यहां के नौजवान प्रतिभाशाली, किसान मेहनतकश और उद्यमी-व्यापारी परिश्रमी-पुरुषार्थी हैं। कभी पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था, लेकिन पहले कांग्रेस ने इसे लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 वर्ष से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के सारे यत्न कर रहे हैं। ज्ञान की धरा बंगाल बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही है। 10 वर्ष में 7000 से बड़े उद्योग, हजारों एमएसएमई यूनिट बंद हो गईं, 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए, फिर भी ममता दीदी के कानों में जू नहीं रेंग रही।  रामराज्य के नए युग में जी रहे उत्तर प्रदेश के नागरिक  सीएम योगी ने बंगाल की दुर्दशा बताते हुए कहा कि यहां धड़ल्ले से गोहत्या हो रही है। भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है। वह दुर्गापूजा की अनुमति नहीं देतीं, शोभायात्रा प्रतिबंधित करती हैं। दुर्गापूजा के समय कर्फ्यू लगता है। टीएमसी के गुंडे व्यापारियों से टैक्स वसूलते हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही अराजकता, दंगा, कर्फ्यू व उपद्रव था। टीएमसी की सहयोगी सपा के लोग गुंडा टैक्स वसूलते थे। राम का नाम लेने पर गोली-डंडा चलता था, पर आज यूपी में उपद्रव नहीं हो सकता। अब वहां रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजन आदि का उत्सव होता है। यूपी के लोग रामराज्य के नए युग में जी रहे हैं। नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में सब चंगा है। वहां कोई माफिया सिर उठाता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर हाइवे बना देता है, गरीबों के आवास बना देता है।   हमने अयोध्या, काशी, मथुरा व प्रयागराज को संवारा, लेकिन टीएमसी के गुंडे रवींद्र नाथ ठाकुर की पैतृक भूमि पर कब्जा कर रहे सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस व सपा सरकार के समय माफिया ने सरकार, गरीबों व व्यापारियों की जिन संपत्तियों पर कब्जा किया था,  हमने वो सारी संपत्तियां वापस कराईं। माफिया की अवैध जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए। अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज महाकुम्भ में पूरी दुनिया आई थी। विरासत के प्रति सम्मान का यह भाव तभी होता है, जब डबल इंजन सरकार होती है। हमने अयोध्या, काशी, मथुरा व प्रयागराज को संवारा-सजाया है। बंगाल में रवींद्र नाथ ठाकुर की पैतृक भूमि पर टीएमसी के गुंडे कब्जा कर रहे हैं, लेकिन यूपी में ऐसा करने वाले माफिया की सात पुश्तों की प्रॉपर्टी जब्त कर सरकार गरीबों के आवास बना देगी।  जनसभा में मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से जोरासांको से भाजपा उम्मीदवार विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी, एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल को भारी मतों से जिताने की अपील की।

मारे गए भाजपा कार्यकर्ता की मां से मंच पर मिले योगी, बोले- बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ

सीएम योगी की तीसरी जनसभा गमछा व छाता लेकर चिलचिलाती धूप में पहुंचे हजारों मतदाताओं को मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त- ‘ए बार खेला शेष’ हावड़ा पश्चिम बंगाल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। उदयनारायणपुर में टीएमसी के गुंडों की अराजकता व धमकी के बावजूद हजारों की भीड़ चिलचिलाती धूप में सिर पर गमछा और छाता लिए सीएम योगी को देखने-सुनने के लिए उमड़ पड़ी। भाजपा उम्मीदवार प्रभाकर पंडित के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने लोगों को आश्वस्त किया कि 4 मई के बाद तृणमूल कांग्रेस के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। मंच पर पहुंचने से पहले सीएम योगी ने सभी कार्यकर्ताओं से परिचय भी प्राप्त किया। टीएमसी के गुंडे यहां सभा नहीं होने दे रहे थे, मैंने कहा कि अवश्य आऊंगा सीएम योगी मंच पर भाजपा कार्यकर्ता स्व. सुबोध जीत की मां से मिले और उनका दर्द बांटा, फिर कहा कि टीएमसी के गुंडों ने सुबोध को मारकर उनके जैसे हजारों कार्यकर्ताओं को पैदा किया है। मुझे यह भी पता लगा कि टीएमसी के गुंडे यहां भाजपा प्रत्याशी की सभा नहीं होने दे रहे हैं, टेंट नहीं लगने दे रहे हैं। तब मैंने कहा कि धूप में खड़े होकर भी उनके लिए सभा करूंगा, मैं कई कार्यक्रम स्थगित कर उदयनारायणपुर आया हूं। सीएम ने उदयनारायणपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं को बहादुर बताते हुए उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि 4 मई के बाद टीएमसी के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू होगी, उन्हें जवाब दिया जाएगा। टीएमसी के गुंडों की धमकी की परवाह किए बगैर लोग यहां आए सीएम योगी ने धूप में खड़े मतदाताओं के उत्साह को प्रणाम किया। कहा कि आज यहां पंडाल नहीं लगाने दिया गया, कहा गया कि प्रभाकर पंडित की सभा में टेंट व माइक नहीं जाएगा। टीएमसी के गुंडों ने हमारे कार्यकर्ताओं को भी धमकाया। लेकिन, टीएमसी के गुंडों, धूप व गर्मी की परवाह किए बिना आप लोग मां दक्षिणेश्वर काली को नमन करते हुए, बंगाल के वीर बलिदानियों की परंपरा के अनुरूप जो शपथ लेकर आए हैं, वह देखकर मैं कह रहा हूं कि उदयनारायणपुर समेत हावड़ा की सभी विधानसभा सीटों पर कमल खिलने वाला है। बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है सीएम योगी ने कहा कि कश्मीर में जैसे धारा-370 हमेशा के लिए समाप्त की गई,  वैसे ही बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है। कभी बंगाल की पहचान नॉलेज व कल्चरल कैपिटल के रूप में थी, लेकिन 15 वर्ष में टीएमसी के शासनकाल में 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए। धान, चावल, मछली उत्पादन कम हुआ। ग्रोथ इंजन वाला बंगाल टीएमसी, कम्युनिस्टों व कांग्रेस की लूट के कारण कंगाली की ओर बढ़ गया। हमें बंगाल को पुनर्स्थापित करना है। बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ सीएम ने तृणमूल नेताओं के बयानों पर भी जवाब दिया। कहा कि उनका एक मेयर कहता है कि बंगाल में आधी आबादी को ऊर्दू पढ़ाएंगे,  हम कहते हैं कि ऊर्दू पढ़ने वाले वहीं जाएं, जहां ऊर्दू में शिक्षा मिलती हो। बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। टीएमसी की एक सांसद कहती हैं कि दिल में काबा, नयनों में मदीना, लेकिन वे जान लें कि बंगाल के दिल में काली और नयनों में बेलूर मठ है। भारत की आध्यात्मिक परंपरा व विरासत बंगाल की रग-रग में बसी है। भाजपा सरकार बनाइए, डेमोग्राफी चेंज होने से बचाइए सीएम ने कहा कि ममता दीदी रामनवमी के जुलूस पर प्रतिबंध लगाती हैं। 2017 के पहले यही अराजकता, गुंडागर्दी यूपी में भी थी। पर्व-त्योहारों के पहले महीनों कर्फ्यू होता था, लेकिन अब यूपी में उपद्रव नहीं, उत्सव है। बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले का यमराज के घर जाने का टिकट कट जाता है। गरीब की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वाले के सात जन्मों का हिसाब-किताब एक साथ हो जाता है। 2017 के पहले यूपी में भी जयश्रीराम बोलने पर लाठी-डंडे और गोली चलती थी, आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो गया। इसे कोई रोक नहीं पाया। टीएमसी के गुंडों का जवाब केवल कमल का फूल है। भाजपा की डबल इंजन सरकार बनाइए, बंगाल को टीएमसी की गुंडागर्दी से और डेमोग्राफी चेंज होने से बचाइए। अब बंगाल में उत्सव में बाधा बनने वालों का खेला होगा सीएम योगी ने कहा कि ममता दीदी कहती है कि खेला होबे, मैं कहता हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)। मोदी जी द्वारा विकास के लिए भेजे गए पैसे में बंगाल सरकार की डकैती बंद होगी। रामनवमी व दुर्गापूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास से होंगे। कोई इसमें बाधा बनेगा तो उसका खेला शुरू हो जाएगा। मतदाताओं की ताकत बंगाल को गुंडागर्दी से निजात दिलाएगी। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्त बांग्ला बनेगा। अब ऑन्धकार हटबे, सूरोज उठेबे, कोमोल खिलबे (अंधकार हटेगा, सूरज उगेगा, कमल खिलेगा।

योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व, ब्राह्मणों पर ध्यान और OBC से एक नाम तय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं काफी दिन से हैं। कहा जा रहा था कि खरमास के बाद कभी भी कैबिनेट विस्तार हो सकता है। अब जानकारी मिल रही है कि बंगाल चुनाव के बाद कभी भी फेरबदल हो सकता है। इस फेरबदल में कुछ नए मंत्री जुड़ सकते हैं तो कुछ लोगों को संगठन में भेजा जा सकता है। इसके अलावा विभागों में भी परिवर्तन किया जा सकता है। 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा फिलहाल संगठन मजबूत कर रही है। ऐसे में कुछ सीनियर और तेज नेताओं को संगठन की कमान भी दी जा सकती है। वहीं मंत्री परिषद में जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने पर जोर होगा। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बीते कुछ दिनों में लगातार बैठकें हुई हैं। विनोद तावड़े लखनऊ पहुंचे थे तो कई नेताओं से मुलाकात की थी। इसके अलावा दिल्ली जाकर भी राज्य के दोनों डिप्टी सीएम शीर्ष नेताओं से मिल चुके हैं। फिलहाल संघ की ओर से भाजपा के साथ समन्वय करने वाले अरुण कुमार, पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह समेत कई नेताओं के साथ मंथन का दौर चल रहा है। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव के बाद कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मुहर लग जाएगी। पहले राउंड में कुछ नामों को तय किया गया है, जिन पर दिल्ली से मुहर लगने का इंतजार है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार था और अब पंकज चौधरी को जिम्मेदारी मिल गई है तो फिर कैबिनेट विस्तार का भी प्लान बन रहा है। चर्चा है कि कैबिनेट विस्तार में किसी सीनियर ब्राह्मण नेता को तवज्जो मिल सकती है। अब तक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के अलावा एक और ब्राह्मण चेहरा जितिन प्रसाद थे। फिलहाल जितिन प्रसाद दिल्ली की राजनीति में चले गए हैं। ऐसे में उनके स्थान पर किसी को चांस मिल सकता है। बीते कुछ महीनों से ब्राह्मणों की नाराजगी का नैरेटिव भी विपक्ष चलाता रहा है। ऐसे में भाजपा शायद बिरादरी के किसी नेता को मौका दे। अखिलेश के PDA की काट क्यों खोजना चाह रही भाजपा? इसके अलावा दलित समुदाय से भी किसी नेता को मंत्री पद मिल सकता है। कांशीराम जयंती से लेकर आंबेडकर जयंती तक मनाने वाले अखिलेश यादव लगातार पीडीए का नारा दोहरा रहे हैं। ऐसे में दलित समुदाय को अपने पाले में रखने के लिए भाजपा किसी नेता को मौका जरूर देगी। सबसे ज्यादा चर्चा किसी महिला को मंत्री बनाए जाने की है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में गिरने के बाद भाजपा इसे मुद्दा बना रही है। ऐसे में किसी महिला को मंत्री बनाकर भाजपा के पास मौका होगा कि वह उदाहरण देते हुए विपक्ष को घेरे। ओबीसी वर्ग से तय माना जा रहा भूपेंद्र चौधरी का नाम ओबीसी की बात करें भूपेंद्र चौधरी का नाम तय माना जा रहा है। वह अब तक प्रदेश अध्यक्ष थे। जाट बिरादरी से आते हैं और बिना किसी विवाद के काम करने वाले नेता हैं। ऐसे में जाट समाज के बीच संदेश देने के लिए उन्हें मौका मिल सकता है। पश्चिम यूपी यूं भी भाजपा के लिए अहम है। अब तक सीएम के अलावा प्रदेश अध्यक्ष और दोनों डिप्टी सीएम में से कोई भी पश्चिम यूपी का नहीं है। इसलिए मंत्री परिषद के जरिए इस क्षेत्रीय संतुलन को भी साधा जा सकता है।

सीएम योगी की बैठक: होमगार्ड भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था पर होगा विस्तृत विचार

होमगार्ड भर्ती परीक्षा और कानून व्यवस्था पर सीएम योगी करेंगे समीक्षा बैठक बुधवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होगी बैठक सभी जोन के एडीजी, पुलिस कमिश्नर, मंडलायुक्त, डीएम-एसपी होंगे बैठक में शामिल 25 से 27 अप्रैल के बीच होने वाली परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री देंगे आवश्यक दिशा निर्देश लखनऊ  प्रदेश में होने वाली होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार रात 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा करेंगे, जिसमें परीक्षा की तैयारियों के साथ-साथ कानून व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री महत्वपूर्ण निर्देश देंगे। बैठक में प्रदेश के सभी अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, आईजी/डीआईजी रेंज, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक और जिला विद्यालय निरीक्षक समेत संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। 25 से 27 अप्रैल तक होनी है भर्ती परीक्षा गौरतलब है कि प्रदेश में 25, 26 और 27 अप्रैल को होमगार्ड भर्ती परीक्षा आयोजित की जानी है। परीक्षा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, अभ्यर्थियों की सुविधा और नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री बैठक के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा करेंगे। संवेदनशील जिलों, परीक्षा केंद्रों और संभावित भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा सकते हैं। नकल व गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस नीति योगी सरकार का पूरा जोर परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने पर है। नकल, पेपर लीक या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। इसी क्रम में सभी अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पूरी तैयारी के साथ प्रतिभाग करने के लिए निर्देशित किया गया है।

योगी सरकार की योजना से निराश्रित महिलाएं हो रही हैं सशक्त, 40 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रही विधवा पेंशन

योगी सरकार की पहल से सशक्त हो रहीं निराश्रित महिलाएं, 40 लाख से अधिक को मिल रहा विधवा पेंशन का लाभ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार सरकार का लक्ष्य: कोई भी पात्र महिला योजना से न रहे वंचित लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर मजबूत बनाने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है। इसी क्रम में निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश की 40.32 लाख से अधिक विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है।  चार किस्तों में विधवा महिलाओं को मिल रही सहायता प्रदेश की योगी सरकार इस योजना के जरिए उन महिलाओं तक सीधी मदद पहुंचा रही है, जिनके सामने पति के निधन के बाद आजीविका का संकट खड़ा हो जाता है। महिला कल्याण विभाग की इस योजना के तहत प्रदेश की कुल 40,32,629 महिलाओं को लाभ मिला है। यह पेंशन सालभर में चार किस्तों में जारी की जाती है, जिसमें हर तीन महीने की राशि एक साथ दी जाती है। इसमें अप्रैल-मई-जून, जुलाई-अगस्त-सितंबर, अक्टूबर-नवंबर-दिसंबर और जनवरी-फरवरी-मार्च की किस्तें शामिल हैं। साल 2021 में विधवा पेंशन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सहायता राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया था। यह राशि सीधे लाभार्थियों के आधार लिंक बैंक खातों में PFMS के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016-17 से पहले जहां करीब 17.31 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40.32 लाख से अधिक हो चुकी है। यह विस्तार दर्शाता है कि सरकार लगातार ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद महिलाओं को योजना से जोड़ रही है। कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित ना रहे योजना के तहत सिर्फ वही महिलाएं पात्र हैं जो उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हों। साथ ही जिनके पति का निधन हो चुका हो, जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो और परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हो उन्हें ही लाभ मिल सकता है। इस संबंध में महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना वर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करती है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बाधा डालकर विपक्ष ने उजागर किया अपना महिला-विरोधी चेहरा: मुख्यमंत्री

fमहिला अधिकार के लिए सड़क पर उतरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिला आरक्षण पर विपक्ष के विश्वासघात के खिलाफ जन आक्रोश पदयात्रा में प्रदेश अध्यक्ष, दोनों उपमुख्यमंत्री, सहयोगी दलों के नेता समेत पूरी सरकार के साथ शामिल हुए सीएम योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बाधा डालकर विपक्ष ने उजागर किया अपना महिला-विरोधी चेहरा: मुख्यमंत्री  विपक्ष का आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल, आक्रोशित महिलाएं दे रहीं सड़कों पर जवाब: सीएम योगी नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष के दोहरे चरित्र के विरुद्ध महिलाओं के जनाक्रोश को सीएम योगी ने दी आवाज तेज धूप भी नहीं रोक सकी आधी आबादी का आक्रोश, जनाक्रोश पदयात्रा में शामिल हुईं हजारों महिलाएं सपा-कांग्रेस की महिला-विरोधी राजनीति के खिलाफ राजधानी में सीएम योगी के नेतृत्व में उमड़ा जन-सैलाब आक्रोशित महिलाएं बोलीं, ‘सपा की पुरानी बीमारी-आधी आबादी से गद्दारी’ लखनऊ  नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लोकसभा में विपक्ष द्वारा पारित नहीं होने देने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ ऐतिहासिक जनाक्रोश का साक्षी बना, जब महिला अधिकार के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सड़क पर उतरे। उनके नेतृत्व में हजारों महिलाओं का हुजूम मुख्यमंत्री आवास से सिविल हॉस्पिटल होते हुए विधान भवन तक उमड़ पड़ा। इस जनाक्रोश पदयात्रा में सीएम योगी के साथ पूरा मंत्रिमंडल सड़क पर उतरा दिखाई दिया। यह कोई साधारण पदयात्रा या रैली नहीं थी, यह नारी सम्मान और उसके संवैधानिक अधिकारों पर हुए हमले का सीधा और बेहद तीखा जवाब था। विधान भवन के सामने महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधानसभाओं एवं लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, किंतु कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके सहित इंडी गठबंधन के दलों द्वारा इसे बाधित करने का प्रयास उनके अलोकतांत्रिक और महिला-विरोधी चेहरे  को उजागर करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इन दलों को अपनी नकारात्मक छवि सुधारने का अवसर दिया गया था, किंतु इन्होंने उसका दुरुपयोग करते हुए महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी अन्याय के विरोध में देशभर में आधी आबादी सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक ढंग से अपना आक्रोश प्रकट कर रही है। लखनऊ में प्रचंड गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के प्रति व्यापक जनसमर्थन और आशीर्वाद का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश का एक-एक नागरिक आधी आबादी की इस न्यायोचित मांग के साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने व्यापक परिवर्तन देखा है, जिसमें ‘महिला, गरीब, युवा और किसान’ इन चार जातियों को केंद्र में रखकर नीतियों का निर्माण किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप देश ने विकास और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित किए हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना सहित अनेक योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। स्वच्छ भारत मिशन केवल स्वच्छता का अभियान नहीं, बल्कि नारी गरिमा की रक्षा का सशक्त माध्यम है, वहीं उज्ज्वला योजना केवल ईंधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और स्वावलंबन को सुदृढ़ करने का माध्यम है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं केवल लाभ वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवारों को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करने का सशक्त आधार बन रही हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, घरौनी वितरण जैसे प्रयासों ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़ने का कार्य किया है। डबल इंजन की सरकार लगातार कार्य कर रही है, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के दल हर योजना का विरोध करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला है और यह व्यवस्था वर्ष 2029 तक लागू हो जाए, इसको लेकर प्रधानमंत्री जी और गृह मंत्री जी ने सभी को आश्वस्त भी किया, इसके बावजूद इन विपक्षी दलों का जो आचरण रहा है, वह नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है। इसी कारण आज देशभर की महिलाएं इन दलों के विरोध में एकजुट होकर आंदोलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘डबल इंजन’ सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा युवा संबंधी अन्य योजनाएं इस दिशा में प्रभावी माध्यम बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने आक्रोश पदयात्रा में बड़ी संख्या में सहभागिता के लिए सभी महिलाओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। तेज धूप भी नहीं रोक सकी संकल्प, हाथों में तख्तियां-होंठों पर प्रतिकार पूर्वाह्न लगभग 10 बजे मुख्यमंत्री आवास से प्रारंभ हुई इस पदयात्रा के समय भी चुभने वाली तेज धूप थी,  लेकिन महिलाओं का आक्रोश उससे कहीं अधिक धधक रहा था। हाथों में विपक्ष की कुत्सित राजनीति की निंदा करते हुए स्लोगन लिखी हुईं तख्तियां और ‘बहन- बेटियों का अपमान-नहीं सहेगा हिन्दुस्तान, महिला अधिकारों पर वार-सपा-कांग्रेस जिम्मेदार, कांग्रेस का हाथ-नारी शक्ति के खिलाफ, नारी के सम्मान में-एनडीए मैदान में’ जैसे गूंजते नारों के साथ यह रैली विपक्ष की कायरता और राजनीतिक स्वार्थ को बेनकाब करती हुई आगे बढ़ी। हर कदम पर महिलाओं का हुजूम साफ संदेश दे रहा था- आधी आबादी के सम्मान और अधिकारों पर कोई समझौता नहीं, कोई चुप्पी नहीं, कोई माफी नहीं। जनाक्रोश पदयात्रा में हजारों महिलाओं की सहभागिता ने साबित किया कि आधी आबादी इस मुद्दे पर खामोश नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पदयात्रा में केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक और सहयोगी दलों के नेता सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा भाजपा की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे। राजधानी लखनऊ के लिए यह एक अभूतपूर्व दृश्य था। रैली के दौरान पूरे मार्ग पर अनुशासन और उत्साह का अद्वितीय संगम देखने को मिला। युवा, वृद्ध, छात्राएं और कामकाजी महिलाएं, हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक सामाजिक … Read more

योगी ने बंगाल में तृकां को घेरा, बोले- राम के नाम और दुर्गा पूजा से ममता दीदी को नफरत, सड़कों पर कराती हैं इफ्तार पार्टी

गारबेटा में भी योगी-योगी, सड़कों-छतों पर खड़े होकर हजारों लोगों ने किया बुलडोजर बाबा का दीदार योगी ने बंगाल में तृकां को घेरा, बोले- राम के नाम और दुर्गा पूजा से ममता दीदी को नफरत, सड़कों पर कराती हैं इफ्तार पार्टी  सीएम योगी ने गिनाईं यूपी की विशेषताएं, कहा- यूपी की सड़कों से गुजरिए, फिर भी हाथ पर रखे कप से नहीं छलकेगा पानी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की गारबेटा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रदीप लोढ़ा के पक्ष में की चुनावी रैली   पश्चिम मेदिनीपुर पश्चिम बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जबर्दस्त क्रेज दिख रहा है। एक ओर चिलचिलाती धूप में योगी आदित्यनाथ भाजपा प्रत्याशियों के लिए खूब पसीना बहा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उन्हें देखने-सुनने और एक झलक पाने को हजारों की भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को गारबेटा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार प्रदीप लोढ़ा के पक्ष में हुई चुनावी रैली में भी यही नजारा दिखा, जब दीवारों, वाहनों और घरों की छतों पर खड़े होकर लोगों ने योगी आदित्यनाथ का भाषण सुना और योगी-योगी की गूंज से उनका बंगाल की धरा पर स्वागत किया। योगी आदित्यनाथ ने भी नौजवानों, किसानों, महिलाओं से आह्वान किया कि जिस बंगाल को कांग्रेस, कम्युनिस्टों और तृणमूल कांग्रेस ने कंगाल किया है, उसे इन पार्टियों की अराजकता से मुक्त कराइए।  तृणमूल की अराजकता से मुक्त अब डबल इंजन सरकार लाने जा रहा पश्चिम बंगाल  सीएम ने बंगाल के राष्ट्रनायकों की धरा बताया, कहा कि जब तुष्टिकरण की पराकाष्ठा और टीएमसी सरकार की गुंडागर्दी चरम पर हो तो नेताजी सुभाष चंद्र बोस याद आते हैं। यहां के नौजवानों के सामने पहचान का संकट आया है। कभी लीडर की भूमिका में रहा बंगाल लूजर की भूमिका में हो गया है। भारत की आर्थिक उन्नति का आधार रहा बंगाल तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस व कम्युनिस्टों के लूटतंत्र का शिकार होकर कंगाल हो गया है। तृणमूल की अराजकता से मुक्त होकर बंगाल भी अब डबल इंजन सरकार का स्वाद चखने जा रहा है।  यूपी में हैं ऐसी सड़कें कि हाथ पर रखे कप से पानी भी नहीं छलकेगा सीएम योगी ने आरोप लगाया कि जयश्रीराम बोलने पर ममता दीदी को परेशानी होती है। सड़कों पर इफ्तार पार्टी कराने वाली ममता दीदी ने राम नाम, दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन, शोभायात्रा पर बैन लगा दिया है। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी अराजकता, गुंडागर्दी, सड़कों पर नमाज और इफ्तार पार्टी होती थी, लेकिन यूपी में 9 साल से डबल इंजन सरकार चल रही है, तबसे नो कर्फ्यू, नो दंगा है, यूपी में सब चंगा है। वहां किसी के हक पर कोई डकैती नहीं डाल सकता। यूपी में ऐसी सड़कें हैं कि हाथ पर रखे कप से पानी नहीं छलकेगा। यूपी हाईवे स्टेट, एक्सप्रेसवे स्टेट, सर्वाधिक एयरपोर्ट वाला स्टेट, सर्वाधिक रोजगार देने वाला राज्य यूपी बन गया। जहां पहले उपद्रव होता है, वहां अब उत्सव हो रहा है।  बंगाल में राम का नाम लेने से चिढ़ती हैं ममता दीदी और यूपी में बन गया भव्य राम मंदिर सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी में सड़कों पर इफ्तारी और नमाज नहीं होती है। मस्जिद से अजान भी नहीं सुनाई देती। यूपी में हर तरफ खुशहाली है। ममता दीदी बंगाल में राम का नाम लेने पर चिढ़ती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आसमान को छूता भव्य राम मंदिर का निर्माण हो गया। हर भारतीय को सीना तानकर खड़े होने और मर्यादा की प्रेरणा देने वाला राम मंदिर बताता है कि आस्था झुकती, रुकती, टूटती नहीं है। बस चुनौती का सामना करने की इच्छाशक्ति हो। वहां विधर्मियों के हौसले पस्त हुए। यूपी में माफिया की हड्डी-पसली को चकनाचूर कर देता है बुलडोजर सीएम ने कहा कि यूपी में गोहत्या, लवजेहाद, लैंडजेहाद नहीं हो सकता। माफिया व गुंडों ने हिमाकत की तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली को चकनाचूर कर देता है। टीएमसी का मतलब टेरर, माफियाराज व करप्शन है। इसे केवल भाजपा सरकार ही समाप्त कर सकती है। न गोहत्या होने देंगे और न ही हिंदू को बंटने देंगे। उन्नति के लिए बंगाल को भी डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में कार्य करना है।

बेसिक शिक्षा के 32 हजार से अधिक विद्यालय अब बने ‘निपुण’

बेसिक शिक्षा के 32 हजार से अधिक विद्यालय अब ‘निपुण योगी सरकार में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लगातार प्रयासों का ठोस परिणाम हर स्कूल को ₹50 हजार की सहायता, निपुण स्कूलों के शिक्षकों का सम्मान लखनऊ  योगी सरकार में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों का बड़ा परिणाम सामने आया है। निपुण भारत मिशन के तहत किए गए ताजा आकलन में 32,480 प्राथमिक विद्यालय ‘निपुण’ घोषित किए गए हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 1 और 2 के कम से कम 80 प्रतिशत बच्चों ने भाषा और गणित में अपेक्षित दक्षता हासिल की है। इन विद्यालयों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है। डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराए गए इस आकलन को पारदर्शी और जमीनी माना जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि कड़े मानकों के बावजूद यह परिणाम गुणवत्ता सुधार की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। निपुण रैंकिंग वाले टॉप जिले निपुण रैंकिंग में प्रदेश के कई जिलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। निपुण आकलन के आधार पर सबसे अधिक निपुण विद्यालयों वाले जिलों में हरदोई (1002 विद्यालय), अलीगढ़ (969 विद्यालय), शाहजहांपुर (916 विद्यालय), महाराजगंज (874 विद्यालय) और खीरी (830 विद्यालय) शीर्ष स्थान पर हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि इन जिलों में बड़ी संख्या में विद्यालयों ने निपुण मानक हासिल किया है और शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का ठोस असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। पारदर्शी आकलन, डीएलएड प्रशिक्षुओं की भूमिका इस बार आकलन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने विद्यालयों में जाकर कक्षा 1 और 2 के छात्रों की सीखने की क्षमता का वास्तविक परीक्षण किया। निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर के माध्यम से यह रिपोर्ट सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों के पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। इससे न सिर्फ योगी सरकार की पारदर्शिता नीति को बल मिला है, बल्कि जवाबदेही भी तय हुई है। शिक्षकों का सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन निपुण घोषित विद्यालयों के लिए सरकार ने विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की है। प्रत्येक विद्यालय को ₹50 हजार की धनराशि दी जाती है, जिसका उपयोग शैक्षणिक सामग्री और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को जिला और ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया जाता है। विद्यालय परिसरों में ‘निपुण विद्यालय’ का लोगो भी प्रदर्शित किया जाता है, जिससे उनकी अलग पहचान बनती है। गुणवत्ता सुधार का व्यापक अभियान निपुण परिणामों के पीछे व्यापक तैयारी की भूमिका है। बेसिक स्कूलों के शिक्षकों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (पढ़ने, लिखने और गणना) आधारित प्रशिक्षण दिया गया है। परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास व ICT लैब विकसित किए गए हैं। 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट वितरण से डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा मिला है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1.32 लाख विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ की गई हैं। स्कूल चलो अभियान के तहत 2024-25 में 13.22 लाख और 2025-26 में 15.84 लाख बच्चों का नामांकन कराया गया। 7.73 लाख आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा गया।  समग्र बदलाव का संकेत 2025-26 में करीब 1.07 लाख परिषदीय विद्यालयों का आकलन किया गया था। कड़े मानकों के बावजूद 32,480 विद्यालयों का निपुण घोषित होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार हुआ है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कम प्रदर्शन वाले विद्यालयों को चिन्हित कर उन्हें निपुण श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। प्रदेश में बेसिक शिक्षा अब केवल नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि सीखने के परिणामों पर फोकस है। निपुण भारत मिशन के तहत मिले ये परिणाम बताते हैं कि नीति, प्रशिक्षण और निगरानी का समन्वय असर दिखा रहा है। आने वाले समय में और अधिक विद्यालयों को निपुण श्रेणी में लाने की तैयारी है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता को और ऊंचा उठाया जा सके।