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उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लक्ष्य में बौद्ध सर्किट बनेगा मजबूत नींव

उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लक्ष्य में बौद्ध सर्किट बनेगा मजबूत नींव इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव-2026 ने कुशीनगर में दिखाई असीम संभावनाओं की राह तीन हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव से बौद्ध पर्यटन केंद्रों में जुड़ेंगे कई ऐतिहासिक अध्याय लखनऊ उत्तर प्रदेश को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की योगी सरकार की आकांक्षा में बौद्ध सर्किट एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनने जा रहा है। सारनाथ से कुशीनगर और श्रावस्ती से कपिलवस्तु तक फैला यह आध्यात्मिक गलियारा अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रहा, यह वैश्विक पर्यटन, निवेश और सांस्कृतिक कूटनीति का एक शक्तिशाली माध्यम बन रहा है। हाल ही में कुशीनगर में संपन्न हुए इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव-2026 ने इस दिशा में एक नया अध्याय जोड़ा है जिसने इन केंद्रों पर वैश्विक निवेश के दरवाजे खोले हैं जो उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।  आस्था से अर्थव्यवस्था तक का सफर उत्तर प्रदेश का बौद्ध सर्किट लगातार मजबूत हो रहा है और इसके आंकड़े स्वयं इसकी कहानी कह रहे हैं। वर्ष 2025 में प्रदेश के छह प्रमुख बौद्ध स्थलों सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कौशाम्बी, संकिसा और कपिलवस्तु पर 82 लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ। यह संख्या बताती है कि विश्वभर के बौद्ध अनुयायी और पर्यटकों की दृष्टि में अब उत्तर प्रदेश की पहचान एक अनिवार्य आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में उभरी है। इन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी, डिजिटल गाइडेंस और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सेवाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि विदेशी पर्यटकों के लिए अनुभव को सहज और आकर्षक बनाया जा सके। बौद्ध सर्किट स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रहा है। होटल उद्योग, परिवहन सेवाएं, टूर गाइड, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। कुशीनगर कॉन्क्लेव से वैश्विक मंच पर यूपी की छाप कुछ दिनों पहले हुए इंटरनेशनल बौद्ध कॉन्क्लेव 2026 ने कुशीनगर को एक बार फिर विश्व के आध्यात्मिक मानचित्र पर केंद्र में ला खड़ा किया है। इस भव्य आयोजन में 2,300 से अधिक बौद्ध श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जबकि थाईलैंड, जापान, म्यांमार, भूटान और नेपाल से आये विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने इसे वास्तविक अर्थों में अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह रही कि कॉन्क्लेव के दौरान 3,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। यह आंकड़ा सिद्ध करता है कि बौद्ध सर्किट केवल श्रद्धा की धरती ही नहीं, बल्कि निवेश और विकास की उर्वर भूमि भी है। 2047 का विजन को बौद्ध सर्किट से मिलेगी उड़ान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धार्मिक पर्यटन के विजन से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था निरंतर मजबूती की ओर अग्रसर है। पर्यटन विभाग के ‘विकसित उत्तर प्रदेश@2047’ का  रोडमैप इसे और विस्तार देगा जिसमें बौद्ध सर्किट की भी बड़ा योगदान होगा। इस रोडमैप के तहत राज्य का लक्ष्य है कि पर्यटन आधारित सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में यूपी का योगदान मौजूदा 9.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 2047 तक 16 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। इसके साथ ही यूनेस्को से मान्यता प्राप्त विरासत स्थलों की संख्या, जो अभी सात है, उसे बढ़ाकर 20 तक ले जाने की महत्वाकांक्षी योजना है।  आध्यात्मिक राजधानी का सपना, बौद्ध सर्किट की ताकत भगवान बुद्ध ने जिस धरती पर अपना पहला उपदेश दिया, जहां उन्होंने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया और जहां उनके अनुयायियों ने सदियों तक ज्ञान की लौ जलाए रखी, वह धरती आज उत्तर प्रदेश के रूप में एक नई वैश्विक पहचान गढ़ने को तैयार है। राज्य सरकार की सुनियोजित नीतियां, अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों की सफलता और बढ़ते निवेश प्रस्तावों ने यह पहचान गढ़ी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: बुनकरों की आय और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी प्रमुख प्राथमिकता

बुनकरों की आय, सम्मान और स्थायित्व सुनिश्चित करना प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्लस्टर आधारित विकास से बुनकरों को बाजार, डिजाइन और तकनीक से जोड़ें: मुख्यमंत्री हथकरघा क्षेत्र को वैल्यू चेन मॉडल पर विकसित करें, केवल उत्पादन तक सीमित न रहें:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री का जोर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ब्रांडिंग से बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जाए पॉवरलूम बुनकरों के विद्युत बिल में कमी लाने के लिए बेहतर प्रयासों की जरूरत, तैयार करें व्यवहारिक कार्ययोजना: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुनकर केवल परंपरा के संवाहक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सशक्त आधार हैं। ऐसे में उनकी आय, सम्मान और आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बुनकरों के सामने कच्चे माल की बढ़ती लागत, डिजाइन और आधुनिक तकनीक का अभाव तथा सीमित बाजार पहुंच जैसी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं का समाधान केवल योजनागत सहायता से नहीं, बल्कि एक सुदृढ़ एवं समन्वित तंत्र विकसित कर ही संभव है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में परिणामोन्मुख, क्लस्टर-आधारित नई कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। गुरुवार को हथकरघा विभाग की समीक्षा बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में लगभग 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर है। कालीन, दरी एवं मैट के उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है, जबकि बेडशीट, फर्निशिंग और ब्लैंकेट जैसे उत्पादों में भी राज्य की मजबूत उपस्थिति है। वर्ष 2024-25 में देश का कुल हथकरघा निर्यात ₹1178.93 करोड़ रहा, जिसमें उत्तर प्रदेश का योगदान ₹109.40 करोड़ (लगभग 9.27 प्रतिशत) रहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहां क्लस्टर विकसित किए जाएं, ताकि उत्पादन, गुणवत्ता और विपणन को एकीकृत किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये क्लस्टर केवल उत्पादन तक सीमित न रहकर पूर्ण वैल्यू चेन के रूप में विकसित हों, जहां डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच एक ही ढांचे में सुनिश्चित हो। बैठक में क्लस्टर चयन, बेसलाइन सर्वे, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत अनुश्रवण जैसे पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्लस्टर में सीमित संख्या में बुनकरों को संगठित कर पंजीकृत इकाइयों के रूप में विकसित किया जाए, जिससे सामूहिक उत्पादन और विपणन को बढ़ावा मिले। साथ ही, इन क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक, उन्नत उपकरणों और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाए, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हो। डिजाइन और विपणन को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पाद की सफलता बाजार की मांग के अनुरूप होने पर ही संभव है। उन्होंने ‘डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव’ तथा ‘डिजाइन हाउस/सोर्सिंग-बाइंग एजेंसी/एक्सपोर्ट हाउस’ जैसे संस्थागत तंत्र को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। इससे उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, बड़े बाजारों तक पहुंच और बुनकरों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और ब्रांडिंग के विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा जा सके।  बैठक में मुख्यमंत्री ने पॉवरलूम बुनकरों के विद्युत बिल में कमी लाने के लिए बेहतर प्रयासों की जरूरत भी बताई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस संबंध में हतकरघा विभाग और पॉवर कॉर्पोरेशन मिलकर कार्ययोजना तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे बुनकरों की विद्युत लागत में कमी आएगी और उन्हें दीर्घकालिक राहत मिलेगी। उन्होंने इस दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बुनकर समुदाय राज्य की समृद्ध परंपरा, रोजगार और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अतः ऐसी संतुलित, पारदर्शी और व्यावहारिक नीति तैयार की जाए, जिससे बुनकरों को वास्तविक राहत मिले, उद्योग को नई गति मिले और प्रदेश की पारंपरिक बुनकरी को सशक्त आधार प्राप्त हो सके। बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान जी की उपस्थिति रही।

ईमानदार है आम उपभोक्ता, बिना गलती किसी का बिजली कनेक्शन न काटा जाए: मुख्यमंत्री

विशेषज्ञ समिति बनाकर स्मार्ट मीटर शिकायतों की जांच कराएं:मुख्यमंत्री ईमानदार है आम उपभोक्ता, बिना गलती किसी का बिजली कनेक्शन न काटा जाए: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, ऊर्जा मंत्री और पॉवर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक फील्ड में दौरा कर उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित कराएं हेल्पलाइन नम्बर एक्टिव रहे, सनस्याओं का करायें समुचित समाधान: मुख्यमंत्री निर्बाध और पारदर्शी बिजली हमारी प्राथमिकता, कृषि फीडरों का पृथक्करण का काम समय से पूरा कराएं: मुख्यमंत्री बेहतर हुई डिस्कॉम्स की राष्ट्रीय रेटिंग, मुख्यमंत्री योगी ने कहा रिफॉर्म जारी रखें  मुख्यमंत्री योगी का निर्देश, गर्मी में पीक डिमांड पूरी करने में कमी न हो, तैयारी पूरी रखें न्यूनतम 05 आवास वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए, पीएम कुसुम योजनाओं से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश विजिलेंस को मुख्यमंत्री योगी का निर्देश, ऐसी कार्रवाई न करें कि आम आदमी परेशान हो मुख्यमंत्री का निर्देश, ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए आम आदमी को न होना पड़े परेशान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त उपभोक्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए इसकी गहन जांच के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ता स्वाभाविक रूप से ईमानदार होता है और यदि उसे समय पर सही बिल प्राप्त हो, तो वह भुगतान करने में कोई हिचक नहीं करता। मुख्यमंत्री ने ओवरबिलिंग की समस्या की वास्तविक स्थिति का पता लगाने हेतु विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का वास्तविक लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे, इसके लिए विश्वसनीय आपूर्ति, तकनीकी दक्षता और जवाबदेही को आधार बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी, उपभोक्ता सेवाओं के डिजिटलीकरण तथा राजस्व संग्रह में सुधार को तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बिलिंग और भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिल उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को उपभोक्ता विश्वास के अनुरूप बनाने तथा शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऊर्जा मंत्री एवं पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित व प्रभावी निराकरण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर पूरी तरह सक्रिय रहें तथा प्राप्त शिकायतों का समुचित और समयबद्ध समाधान किया जाए, ताकि आम उपभोक्ता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या वर्ष 2017 के 1.65 करोड़ से बढ़कर 2026 में 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है, जो लगभग 126 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। इसी अवधि में विद्युत भार में लगभग 80 प्रतिशत तथा ऊर्जा बिक्री में 63 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में कुल ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट तथा कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से अधिक है। घरेलू उपभोक्ता कुल कनेक्शनों का 87 प्रतिशत हैं, जबकि राजस्व में वाणिज्यिक एवं औद्योगिक वर्ग का योगदान सर्वाधिक है। डिस्कॉम्स के प्रदर्शन में सुधार पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि राष्ट्रीय रेटिंग में और सुधार सुनिश्चित किया जाए तथा वितरण अवसंरचना को और सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को और तेज किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जहां नए विद्युत पोल लगाए जा रहे हैं, वहां उनकी गहराई, केबल की गुणवत्ता एवं अन्य तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बिजली लाइनों को चरणबद्ध रूप से भूमिगत किए जाने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित एवं गति देने के निर्देश दिए। प्रिवेंटिव मेंटेनेंस को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फॉल्ट-फ्री सप्लाई के लिए नियमित रखरखाव अनिवार्य है। बैठक में बताया गया कि प्री एवं पोस्ट मानसून अभियानों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 में पावर ट्रांसफॉर्मर क्षति में लगभग 80 प्रतिशत तथा बड़े वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षति में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई है। स्मार्ट मीटरिंग एवं राजस्व सुधार की समीक्षा में बताया गया कि 84 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं तथा फीडर मीटरिंग में लगभग 95 प्रतिशत प्रगति हुई है।  ग्रामीण क्षेत्रों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि न्यूनतम 05 आवास वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डबल ग्रुप सप्लाई एवं कृषि फीडर पृथक्करण के कार्यों को समयबद्ध पूर्ण किया जाए, ताकि ओवरलोडिंग की समस्या का समाधान हो सके। उपभोक्ता सेवाओं के अंतर्गत 1912 कॉल सेंटर, ऑनलाइन पोर्टल, सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा सिंगल विंडो मॉडल को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए। उत्पादन क्षमता के संतुलित विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी तापीय इकाइयों को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित रखा जाए तथा ग्रीष्मकालीन मांग के दृष्टिगत आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि उत्पादन से जुड़े सभी मुद्दों का समयबद्ध समाधान किया जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 12,247 मेगावाट तापीय तथा 526.4 मेगावाट जल विद्युत क्षमता उपलब्ध है तथा वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच ₹3,143 करोड़ का संचयी लाभ अर्जित किया गया है। घाटमपुर की 660 मेगावाट इकाई अप्रैल में संचालन प्रारंभ करेगी। मुख्यमंत्री ने 5,600 मेगावाट की नई परियोजनाओं; मेजा, ओबरा-डी एवं अनपरा-ई को शीघ्र स्वीकृति देकर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही 500 मेगावाट सौर एवं 50 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने तथा न्यूक्लियर पावर के लिए चल रहे सर्वेक्षण को शीघ्र पूर्ण करने को कहा। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के अंतर्गत 4.60 लाख से अधिक रूफटॉप (1560 मेगावाट) स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने निर्देश … Read more

योगी सरकार में युवाओं का बढ़ा इनोवेटिव बिजनेस की ओर रुझान, हजारों स्टार्टअप का हुआ गठन

योगी सरकार में इनोवेटिव बिजनेस में बढ़ा युवाओं का रुझान, इनोवेशन से स्थापित हो रहे हजारों स्टार्टअप सीएम युवा पहल से आत्मनिर्भर बन रहे युवा, नए क्षेत्रों में बढ़ रही भागीदारी प्रदेश में 10 हजार से अधिक इनोवेटिव उद्यम हुए स्थापित, युवाओं में बढ़ा आत्मविश्वास फूड, ट्रेनिंग, डिजिटल और सर्विस सेक्टर में इनोवेटिव मॉडल बना युवाओं की पहली पसंद बैंकों के सहयोग से स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिली मजबूती अब तक 10% इनोवेटिव उद्यम स्थापित, 2026-27 में 25% तक ले जाने का लक्ष्य लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सीएम युवा योजना के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में इनोवेशन आधारित स्टार्टअप तेजी से उभर रहे हैं, जिससे हजारों युवाओं को न केवल रोजगार मिल रहा है बल्कि वे खुद रोजगार सृजनकर्ता भी बन रहे हैं। सीएम युवा योजना के माध्यम से प्रदेश में अब तक 10 हजार से अधिक इनोवेटिव उद्यम स्थापित किए जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि युवाओं में उद्यमिता को लेकर आत्मविश्वास तेजी से बढ़ा है। खास बात यह है कि युवा पारंपरिक व्यवसायों से आगे बढ़कर नए और आधुनिक क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। 25% उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य सीएम युवा के नोडल अधिकारी और ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला के अनुसार, ‘सीएम युवा’ जैसी योजनाओं के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएम युवा के माध्यम से अब तक स्थापित कुल उद्यमों में 10% इनोवेटिव मॉडल पर आधारित उद्यम हैं। मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप मौजूदा वित्तीय वर्ष में इसे 25% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  इन सेक्टर्स में युवाओं की विशेष रुचि अगर सेक्टरवार आंकड़ों पर नजर डालें तो फूड और रेस्टोरेंट व्यवसाय युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है, जहां सर्वाधिक 763 उद्यम स्थापित हुए हैं। इसके अलावा कंप्यूटर ट्रेनिंग (370), पैथोलॉजी सैंपलिंग (260), फास्ट फूड (253), फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल (253) और ऑनलाइन टीचिंग (189) जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। वहीं जिम (170), मोबाइल आईटी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म (120), ट्रैवल एंड टूरिज्म (117) और क्लाउड किचन (117) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं। लखनऊ, आजमगढ़ और हरदोई टॉप 3 में जनपदवार प्रदर्शन की बात करें तो राजधानी लखनऊ 287 उद्यमों के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद आजमगढ़ (286), हरदोई (262), जौनपुर (लगभग 250), अंबेडकर नगर (241), कानपुर (236), वाराणसी (229), रायबरेली (225), बरेली (208) और फिरोजाबाद (197) जैसे जनपद इनोवेटिव मॉडल अपनाने में अग्रणी बनकर उभरे हैं। योगी सरकार की इस पहल ने प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को नई दिशा दी है।  बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका इस पूरे स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में बैंकों की भूमिका भी बेहद अहम रही है। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने सर्वाधिक 2133 इनोवेटिव मॉडलों को ऋण उपलब्ध कराया है। इसके अलावा एसबीआई (1549), बैंक ऑफ बड़ौदा (1170), पंजाब नेशनल बैंक (1018), बैंक ऑफ इंडिया (774), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (589), केनरा बैंक (585), इंडियन बैंक (573), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (399) और यूको बैंक (182) ने भी युवाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके स्टार्टअप को गति दी है।

ज्ञान भारतम् मिशन को योगी सरकार का बल, ज्ञान संरक्षण को मिल रही नई दिशा

वैश्विक मंच तक पहुंचेगा भारतीय ज्ञान, कानपुर की प्राचीन पांडुलिपियां होंगी डिजिटल ज्ञान भारतम् मिशन को योगी सरकार का बल, ज्ञान संरक्षण को मिल रही नई दिशा मंदिरों, मठों और निजी संग्रहों में सुरक्षित पांडुलिपियों का होगा डिजिटलीकरण ज्ञान भारतम् मोबाइल एप से होगा सर्वे, जीपीएस आधारित डाटा संग्रह शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को मिलेगा वैश्विक स्तर पर अध्ययन का अवसर लखनऊ/कानपुर  उत्तर प्रदेश में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और उसे वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के उद्देश्य से ज्ञान भारतम् मिशन को योगी सरकार ने मिशन मोड में आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कानपुर नगर में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर प्राचीन पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों की तरह कानपुर में भी मंदिरों, मठों, आश्रमों, संस्कृत पाठशालाओं, पुस्तकालयों और निजी संग्रहों में सदियों पुरानी पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। इन पांडुलिपियों में धर्म, दर्शन, आयुर्वेद, ज्योतिष, इतिहास और साहित्य से जुड़ा बहुमूल्य ज्ञान निहित है, जिसे अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित किया जाएगा। ज्ञान भारतम् ऐप से सर्वेक्षण कार्य इस अभियान के तहत ज्ञान भारतम् ऐप की मदद से सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा। सर्वे टीम पांडुलिपियों की पहचान कर उनका जीपीएस लोकेशन, फोटोग्राफ, संख्या और वर्तमान स्थिति का विवरण ऐप में अपलोड करेगी। इसके बाद संस्कृति विभाग की विशेषज्ञ टीम इन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण सुनिश्चित करेगी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह पहल केवल धरोहर संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर नई पीढ़ी और वैश्विक शोध समुदाय तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है। डिजिटल रूप में उपलब्ध होने के बाद देश-विदेश के शोधकर्ता, विद्यार्थी और अध्येता इन पांडुलिपियों का अध्ययन कर सकेंगे। पांडुलिपियों का स्वामित्व मूल संग्रहकर्ताओं के पास बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पांडुलिपियों का स्वामित्व मूल संग्रहकर्ताओं के पास ही सुरक्षित रहेगा। प्रशासन और संस्कृति विभाग केवल उनके डिजिटलीकरण और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे, जिससे धरोहर संरक्षित रहते हुए ज्ञान का व्यापक प्रसार संभव हो सके। योगी सरकार की यह पहल प्रदेश में सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ ज्ञान आधारित समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।  इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, पर्यटन अधिकारी अर्जिता ओझा, एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी, धर्मप्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

सीएम योगी के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने किया हवाई सर्वे

सीएम योगी के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने किया हवाई सर्वे आपदा प्रभावित जनपदों का जाना हाल, प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत पहुंचाने के दिए निर्देश किसानों के साथ खड़ी है योगी सरकार, मुख्यमंत्री ने पीड़ित किसानों को हरसंभव मदद का दिया है भरोसा उप मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने फतेहपुर व आजमगढ़ में बैठक कर दिए निर्देश  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को आपदा से सर्वाधिक प्रभावित बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, फतेहपुर, उन्नाव तथा लखनऊ जनपदों का हवाई सर्वेक्षण किया। योगी सरकार ने प्रदेश में इस सप्ताह हुई असामयिक वर्षा, तेज हवाओं और चक्रवात के कारण किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं।  किसानों के लिए खड़ी है सरकार  उप मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया संकट की घड़ी में सरकार साथ खड़ी है। योगी सरकार पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता समेत हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से इन सभी जनपदों के प्रशासन को विस्तृत सर्वेक्षण करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। आजमगढ़ व फतेहपुर में देखी जमीनी हकीकत  हवाई सर्वेक्षण के उपरांत आजमगढ़ तथा फतेहपुर जनपदों में स्थिति की जमीनी हकीकत परखने के लिए महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इन बैठकों में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप निदेशक कृषि और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान फसल सर्वेक्षण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई और सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे पूरी तत्परता के साथ आपदा प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर शासन को विस्तृत आख्या प्रेषित करें, ताकि प्रभावित अन्नदाताओं को अविलंब राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी बना जेम पोर्टल से खरीद में शीर्ष राज्य

पारदर्शिता का रोल मॉडल पेश किया उत्तर प्रदेश ने सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी बना जेम पोर्टल से खरीद में शीर्ष राज्य वित्त वर्ष 2025-26: जेम पोर्टल से सर्वाधिक 3606 करोड़ रुपये की खरीद कर यूपी में अव्वल रहा नगर विकास विभाग  टॉप-10 की सूची में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर व असम भी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी नीतियों ने उत्तर प्रदेश को देश के सामने रोड मॉडल के तौर पर पेश किया है। किसानों से गन्ना, गेहूं-चावल व अन्य कृषि उत्पाद खरीदने का मामला हो या सरकारी विभागों की विविध आवश्यकताओं से जुड़ी खरीद का, योगी सरकार ने पारदर्शिता के उच्च मानदंड स्थापित किए हैं। इसी क्रम में प्रदेश के सरकारी महकमों ने अपनी अधिसंख्य खरीद जेम पोर्टल से सुनिश्चित कर यूपी को अन्य राज्यों से आगे लाकर खड़ा कर दिया है।   वित्त वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल पर खरीद में उत्तर प्रदेश देश के अन्य राज्यों के सामने मिसाल बना है। देश में शीर्ष स्थान पर काबिज उत्तर प्रदेश ने इस अवधि में जेम पोर्टल पर 22,337 करोड़ रुपये की खरीद की। प्रदेश की कुल खरीद में सर्वाधिक हिस्सेदारी नगर विकास विभाग की रही, जिसने 3606 करोड़ रुपये की खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से की। भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश की जेम पोर्टल क्रय नीति की सराहना करते हुए पारदर्शी खरीद में यूपी को रोल मॉडल राज्य घोषित किया है।  अन्य राज्यों के लिए मॉडल बना उत्तर प्रदेश  वित्त वर्ष 2025-26: जेम पोर्टल खरीद में यूपी अव्वल राज्य-कुल क्रय (करोड़ रुपये में)  उत्तर प्रदेश-22,337 गुजरात-14,009  महाराष्ट्र-6113  दिल्ली-4278  छत्तीसगढ़-3935  बिहार-3611  मध्य प्रदेश-2900  जम्मू-कश्मीर-2653  झारखंड-2647  असम-2494  वित्त वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल पर यूपी के शीर्ष 10 विभागों की खरीद  विभाग-कुल क्रय (करोड़ रुपये में) नगर विकास विभाग-3606 चिकित्सा शिक्षा-2973 चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग-2498 गृह विभाग-1852 ऊर्जा विभाग-1192 पशुपालन विभाग-1139 बेसिक शिक्षा विभाग-812 ग्रामीण विकास-755 माध्यमिक शिक्षा-560  महिला एवं बाल विकास विभाग-450  साल दर साल खरीदारों का बढ़ता विश्वास  महिला उद्यमियों द्वारा खरीद  2020-21 में 467 करोड़  2021-22 में 734 करोड़  2022-23 में 1603 करोड़  2023-24 में 2583 करोड़  2024-25 में 3310 करोड़  2025-26 में 4755 करोड़  एससी/एसटी उद्यमियों द्वारा खरीद  2020-21 में 54 करोड़  2021-22 में 119 करोड़  2022-23 में 261 करोड़  2023-24 में 438 करोड़  2024-25 में 507 करोड़  2025-26 में 752 करोड़  स्टार्ट अप द्वारा जेम से खरीद  2020-21 में 261 करोड़  2021-22 में 785 करोड़  2022-23 में 1108 करोड़  2023-24 में 2435 करोड़  2024-25 में 2139 करोड़  2025-26 में 3203 करोड़  लघु-मध्यम इकाइयों द्वारा जेम से खरीद 2020-21 में 3978 करोड़  2021-22 में 8643 करोड़  2022-23 में 13,376 करोड़  2023-24 में 18,230 करोड़  2024-25 में 21,275 करोड़  2025-26 में 27,235 करोड़  यूपी के विक्रेताओं का जेम से बढ़ता कारोबार  2020-21 में 5770 करोड़  2021-22 में 14,792 करोड़  2022-23 में 20,910 करोड़  2023-24 में 29,232 करोड़  2024-25 में 33,536 करोड़  2025-26 में 42,654 करोड़  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में सभी विभागों को जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने वित्त वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल के माध्यम से सर्वाधिक खरीद कर अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है। – कृष्ण मुरारी, IRSS, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जेम

ग्रेटर आगरा बनेगा दूसरा नोएडा, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार और आएंगी बड़ी-बड़ी कंपनियां: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास ग्रेटर आगरा बनेगा दूसरा नोएडा, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार और आएंगी बड़ी-बड़ी कंपनियां: सीएम योगी – विकास परियोजनाओं से बदलेगा आगरा का नक्शा, दस पवित्र नदियों के नाम पर होंगे 'ग्रेटर आगरा' के सेक्टर – 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए मल्टीस्टोरी फ्लैट्स, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट, आधुनिक सड़कें और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी आगरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ताजनगरी आगरा को ऐतिहासिक सौगात दी। आगरा इनर रिंग रोड के समीप रहनकलां में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। ब्रजभूमि को नमन करते हुए सीएम योगी ने आगरा के शहरी विस्तार को नई दिशा देने के लिए 'ग्रेटर आगरा' टाउनशिप का भूमिपूजन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया शहर केवल स्मार्ट ही नहीं होगा, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित भी होगा। सरकार का लक्ष्य आगरा को सिर्फ एक पर्यटन स्थल तक सीमित न रखकर इसे एक आधुनिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। ग्रेटर आगरा जल्द ही दूसरा नोएडा बनकर उभरेगा। यहां बड़ी-बड़ी कंपनियां आएंगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘नए शहर प्रोत्साहन योजना’ के तहत आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा इस महत्वाकांक्षी टाउनशिप का निर्माण किया जाएगा। करीब 5142 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर और रहन कलां क्षेत्र में 449.65 हेक्टेयर भूमि पर इसे विकसित किया जाएगा। इस टाउनशिप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके सेक्टरों का नामकरण गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी जैसी 10 पवित्र नदियों के नाम पर किया जाएगा। रेरा से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए मल्टीस्टोरी फ्लैट्स, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट, आधुनिक सड़कें, सीवरेज, हरित क्षेत्र और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह आस्था और आधुनिक शहरीकरण का एक अनूठा संगम होगा। मौसम खराब होने का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने बताया कि उन्हें मथुरा- वृंदावन के रास्ते से वापस लौटना पड़ा और वह 3:30 बजे तक आगरा एयरपोर्ट पर रुके रहे। उन्हें लगा कि देरी के कारण भीड़ कम हो जाएगी, लेकिन जनता का भारी उत्साह देखकर वह अभिभूत हो गए। उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि आगरा की जनता ने 9 विधायक, मेयर, सांसद और जिला पंचायत अध्यक्ष दिए हैं, जिसके बदले में सरकार ने शहर को आगरा मेट्रो जैसी बड़ी सुविधा दी है। 325 परियोजनाओं की सौगात और भविष्य का खाका इस कार्यक्रम में कुल 325 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया, जो शहर के बुनियादी ढांचे, पर्यटन, आवास और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करेंगी। मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं का संकेत देते हुए कहा कि आगरा एयरपोर्ट के विकास को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा और इस साल के अंत तक इसे नया सिविल टर्मिनल मिल जाएगा। फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के विकास पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहेगा। इसके अलावा यदि समय से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो जाती है, तो शहर में रबर डैम निर्माण की योजना को भी धरातल पर उतारा जाएगा। वैश्विक संकट के बीच भारत की मजबूत स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक हालात और भारत की प्रगति की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध के कारण तबाही और भयंकर महंगाई है। अमेरिका जैसे देश में पेट्रोल के दाम चार गुना तक बढ़ गए हैं और पड़ोसी देश पाकिस्तान पूरी तरह तबाह हो चुका है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। देश में सरकार ने उत्पाद कर को कम करके महंगाई को बढ़ने नहीं दिया। आज भारत पूरी दुनिया को नेतृत्व प्रदान करता हुआ दिखाई दे रहा है। आतंकवाद का खात्मा, माफिया मिट्टी में और सनातन का गौरव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर आतंकवाद के ताबूत में अंतिम कील ठोंक दी गई है और देश से नक्सलवाद- माओवाद खत्म हो रहा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले माफियाओं को संरक्षण मिलता था, लेकिन डबल इंजन की सरकार ने उन्हें मिट्टी में मिला दिया है। अयोध्या, मथुरा और संभल को उनका पुराना सांस्कृतिक गौरव लौटाया गया है। मुख्यमंत्री ने जनता से सनातन के गौरव के लिए एकजुट रहने की अपील की और वादा किया कि वह आगरा में छत्रपति शिवाजी स्मारक, म्यूजियम और मेट्रो के दूसरे फेज के उद्घाटन के लिए जल्द ही फिर लौटेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री/सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, पर्यटन मंत्री/प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति, सांसद राजकुमार चाहर, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, रानी पक्षालिका सिंह, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाह, छोटे लाल वर्मा, एमएलसी विजय शिवहरे, एमएलसी डॉ.मानवेंद्र प्रताप सिंह, उ.प्र. लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम योगी का बयान: सनातनी एकजुट हों तो हिंदू विरोधी षड्यंत्र नहीं कर सकते भारत का कुछ भी

सनातनी एकजुट हों तो हिंदू विरोधी षड्यंत्र करने वाले भारत का बाल बांका भी नहीं कर पाएंगेः सीएम योगी संत श्रीमद् जगद्गुरु द्वाराचार्य मलूकदास जी महाराज की 452वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1916 में राष्ट्रपिता ने बताई थी काशी की दुर्दशा, आज 50 हजार लोग एक साथ कर सकते हैं बाबा विश्वनाथ के दर्शन: योगी संत किसी विधर्मी के सामने विचलित नहीं होते, हमारी सरकार ने ही संभल को संभालाः मुख्यमंत्री मथुरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों की उपस्थिति में सनातन समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। रामनगरी का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि 2017 के पहले अयोध्या में तीन घंटे बिजली मिलती थी। जय श्रीराम बोलने पर लड्डू नहीं, डंडे-लाठियां मिलती थीं। गलियां संकरी थीं और भवन जर्जर। आवागमन के साधन भी सीमित थे, लेकिन आज अयोध्या त्रेतायुग का स्मरण कराती है। पूज्य संत एक मंच पर आए, एक स्वर में बोले तो 500 वर्ष का कलंक मिट गया और अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण हो गया। जब संतों की एकता में इतनी शक्ति है तो सभी सनातनी एकजुट होकर ताकत का अहसास कराना प्रारंभ कर दें तो कोई भी विधर्मी और विधर्मी की आड़ में उनकी जूठन खाकर हिंदू विरोधी षड्यंत्र करने वाले भारत का बाल बांका भी नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को संत श्रीमद् जगद्गुरु द्वाराचार्य मलूकदास जी महाराज की 452वीं जयंती पर आयोजित श्रीसीताराम निकुंज अष्टयाम लीला महोत्सव कार्यक्रम में वृंदावन पहुंचे। श्रीमलूकपीठ आश्रम में मुख्यमंत्री ने दर्शन-पूजन किया, फिर गोपूजन कर गायों को गुड़ खिलाया।  किसी का भी हित सनातन व देशहित से बड़ा नहीं हो सकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिना रुके, थके, डिगे, झुके इस यात्रा को चरैवेति-चरैवेति के संकल्प के साथ निरंतर बढ़ाना होगा। व्यक्तिगत स्वार्थ भारत राष्ट्र और सनातन धर्म के मार्ग में बाधा नहीं बनना चाहिए। मेरा हित सनातन व देशहित से बड़ा नहीं हो सकता। पूज्य संतों ने जब व्यक्तिगत, आश्रम, संप्रदाय व पंथ हित को एक तरफ रखकर सनातन हित के बारे में सोचना प्रारंभ किया, तब यह व्यापक जागृति, दिव्य तेज, चमत्कार देखने को मिला। कई पीढ़ियां चली गईं, लेकिन राम मंदिर का दर्शन नहीं कर पाईं। हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है, जो अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन, जन्मभूमि की मुक्ति, श्रीराम मंदिर निर्माण और फिर भव्य प्राण-प्रतिष्ठा की साक्षी बनी। 1528 में राम मंदिर को बाबर के सिपहसालार मीर बांकी ने तोड़ा था। 500 वर्ष पूरे भी नहीं हुए और हमने भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण कराया। यही भारत का गौरव है और यह तब होता है, जब संतों का आशीर्वाद और सशक्त नेतृत्व होता है। डबल इंजन की स्पीड होती है तो ताकत भी देखने को मिलती है।  हमारी सरकार ने संभल को संभाला मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में 1526 में श्रीहरिहर मंदिर को बाबर की औलादों ने तोड़ा था। वहां 67 तीर्थ, 19 कूप थे, सब कुछ मिट गया था। 1976-78 में दंगे हुए, सैकड़ों हिंदुओं को मार दिया गया। 1995-96 में सपा सरकार में दरिंदों के मुकदमे वापस कर दिए गए। मुझे उस परिवार का एक सदस्य मिला। उसने बताया कि हमारी प्रॉपर्टी को लूट लिया गया। हम दिल्ली भागकर जान बचा रहे हैं। तब मैंने उनसे कहा कि कागज लेकर आओ, आपकी प्रॉपर्टी पर फिर से कब्जा कराएंगे। हमारी सरकार ने 84 कोसी परिक्रमा के लिए पैसा दिया। प्रशासन से कहा कि टू-लेन सड़क, सराय, धर्मशाला बनाओ और यात्रा प्रारंभ कराओ। 67 तीर्थों व 19 कूपों से कब्जे हटवाए।  संत किसी विधर्मी के सामने विचलित नहीं होते सीएम योगी ने संत राजेंद्रदास जी महाराज के कथन का जिक्र करते हुए कहा कि मलूकदास जी ने चार मुगल बादशाहों (अकबर, जहांगीर, शाहजहां व औरंगजेब) के कालखंड की क्रूरता को देखा। भारत के संतों की दिव्य परंपरा कभी किसी विधर्मी के सामने अपने मूल्यों व आदर्शों से विचलित नहीं होती। उन्होंने उस समय जिस चेतना को जागरूक किया, आज का आध्यात्मिक व सांस्कृतिक भारत उसी पर आधारित है।  गोस्वामी तुलसीदास ने कहा था, भारत के राजा एक ही– प्रभु श्रीराम सीएम ने संत तुलसीदास की चर्चा की और कहा कि अकबर के नवरत्न उन्हें लालच देकर अकबर व मुगल बादशाहों के पास ले जाना चाहते थे, लेकिन संत तुलसीदास ने कहा कि मैं किसी बादशाह को नहीं जानता-पहचानता। भारत के राजा एक ही हैं। रामलीला में हम आज भी यही कहते हैं कि राजा रामचंद्र जी की जय। मुगलकालखंड में यह नारा संत तुलसीदास ने दिया था, यानी भारत का राजा कोई विधर्मी नहीं हो सकता। भारत के एक ही सनातन राजा हैं, वह हैं प्रभु श्रीराम, उनके अलावा कोई नहीं। तुलसीदास जी को गरीण ब्राह्मण कहने वालों पर सीएम ने तंज कसा और कहा कि उनसे बड़ा धनी कौन था, जिसने सबसे बड़े बादशाह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। रामलीलाओं के माध्यम से उन्होंने भारत में जिस जनचेतना को जागरूक किया, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा बनी। श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत महापुराण, शिव महापुराण की कथा भारत की कथा मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत महापुराण, शिव महापुराण की कथा भारत की कथा है। कोई फिल्म बनती है तो दो-चार, 10-15 दिन चलती है, फिर लोग भूल जाते हैं। लेकिन भारत की दिव्य चेतना, आध्यात्मिक-सांस्कृतिक प्रभाव है कि संतों की कथा में लाखों श्रद्धालु उपस्थित होते हैं। हर सनातन धर्मावलंबी जानता है कि अगला प्रसंग कौन सा आने वाला है, फिर भी कथा व्यास इन प्रसंगों के साथ समसामयिकता को जोड़कर मजबूती के साथ प्रस्तुत करते हैं तो लाखों श्रद्धालु घंटों बैठकर उसे श्रवण-अंगीकार करते हैं और उससे जीवन पथ को आलोकित करते हुए आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं।  हर गांव में रामलीला, जाति या मत-संप्रदाय का भेद नहीं होता सीएम योगी ने कहा कि अक्टूबर से दिसंबर तक उत्तर भारत के हर गांव में देर रात तक रामलीला होती है। इसमें सरकार सहयोग नहीं करती। गांव के लोग ही चंदा एकत्र करते हैं। रामलीला के पात्र भी गांव के लोग बनते हैं। पूरा गांव एकजुट होकर रामलीला का मंचन करता है और इसके संवाद के माध्यम से श्रीराम के साथ अपना तारतम्य स्थापित करता है। उसमें जाति, मत, संप्रदाय का भी भेद नहीं होता है। एक जगह पर पुरुष, महिला, … Read more

त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 आज से

त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 आज से  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ, वैज्ञानिकों को भी करेंगे सम्मानित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में होगा आयोजन, तकनीकी सत्रों में शामिल होंगे देश के नामचीन कृषि वैज्ञानिक व विशेषज्ञ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ, वैज्ञानिकों को मिलेगा सम्मान लखनऊ उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) की ओर से बुधवार से त्रिदिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस का आयोजन होगा। 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे। ट्रांसफॉर्मिंग एग्रीकल्चर फॉर विकसित कृषि- विकसित भारत@ 2047 विषयक छठवीं उप्र कृषि विज्ञान कांग्रेस का आयोजन भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में होगा।  यह जानकारी “उपकार” के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह ने दी। समारोह में उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना (2025-26) के अंतर्गत चयनित 15 वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कई तकनीकी सत्र भी होंगे, जिसमें अनेक कृषि वैज्ञानिक व विशेषज्ञ सम्मिलित होंगे।  उद्घाटन समारोह में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष कैप्टन (सेवानिवृत्त) विकास गुप्ता आदि मौजूद रहेंगे।