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खरीफ क्रय सत्र 2025-26 में सरकार ने तय किया था 60 लाख मीट्रिक धान खरीद का लक्ष्य

लक्ष्य से अधिक धान खरीद योगी सरकार ने किसानों को किया 14,886 करोड़ रुपये का भुगतान  खरीफ क्रय सत्र 2025-26 में सरकार ने तय किया था 60 लाख मीट्रिक धान खरीद का लक्ष्य  10.53 लाख किसानों से हुई 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, किया गया 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान 12.82 लाख से अधिक किसानों ने कराया था पंजीकरण, बीती 28 फरवरी को प्रदेश में पूरी हुई धान खरीद की प्रक्रिया पिछला रिकॉर्ड भी टूटा, 2024-25 में 57.70 लाख मीट्रिक टन हुई थी खरीद, तब भुगतान हुआ था 13370.17 करोड़ रुपये का  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खरीफ क्रय सत्र 2025-26 के लिए धान खरीद प्रक्रिया पूरी हो गई। इसको लेकर किसान हितैषी योगी सरकार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। धान खरीद के तय लक्ष्य को काफी पीछे छोड़ दिया। योगी सरकार ने खरीफ क्रय सत्र 2025-26 के लिए 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा था। इसे पार कर 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। इसके एवज में किसानों को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया। उत्तर प्रदेश में धान खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी तक पूरी हो गई। यही नहीं, 2024-25 की अपेक्षा इस वर्ष अधिक खरीद व भुगतान किया गया।  62.30 लाख मीट्रिक टन धान खरीद, लगभग 14,886 करोड़ से अधिक रुपये का भुगतान  प्रदेश के 4869 क्रय केंद्रों के जरिए 10.53 लाख किसानों से 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खऱीद हुई। धान की खरीद (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से हुई। इसके एवज में किसानों को लगभग 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर किसानों को डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में भुगतान किया गया। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने के साथ ही किसानों को समय से पैसा भी मिला।  12.82 लाख से अधिक किसानों ने कराया है पंजीकरण  धान बिक्री के लिए 12,82,892 किसानों ने पंजीकरण कराया है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी। पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों तथा हरदोई, लखीमपुर खीरी व सीतापुर में 31 जनवरी तक धान खरीद चली। वहीं चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर, प्रयागराज संभाग तथा लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में 28 फरवरी तक धान खरीद हुई।  योगी सरकार ने पिछले साल के रिकॉर्ड को भी तोड़ा  (2025-26) इतने किसानों से हुई खरीद- 10,53,561  धान खरीद- 62,30,735.63 मीट्रिक टन भुगतान- 14,886.35 करोड़ रुपये  क्रय केंद्र- 4869 2024-25 इतने किसानों से हुई खरीद- 7,97,500 धान खरीद- 57,70,671.09 मीट्रिक टन   भुगतान- 13370.17 करोड़ रुपये क्रय केंद्र- 4372

देसी गाय के गोबर के कंडों की राख तथा गुलाब की पंखुड़ियों, चुकंदर, पालक, जामुन की पत्तियों से बन रहा गुलाल

होली में गोमाता ने रंग भरे गोपालकों व ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी में देसी गाय के गोबर के कंडों की राख तथा गुलाब की पंखुड़ियों, चुकंदर, पालक, जामुन की पत्तियों से बन रहा गुलाल योगी सरकार की गोसंवर्धन नीति से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ पर्यावरण व स्वास्थ्य अनुकूल उत्पादों का निर्माण भी बुलंदशहर, मथुरा, बिजनौर, सहारनपुर, संभल, उरई और मुरादाबाद समेत प्रदेश भर में किया जा रहा है निर्माण लखनऊ उत्तर प्रदेश में इस बार होली का उल्लास न केवल रंगों से, बल्कि गोमाता के आशीर्वाद और ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन से भी सराबोर होगा। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्य के विभिन्न जिलों में पूरी तरह से प्राकृतिक तत्वों से पारंपरिक 'ऑर्गेनिक गुलाल' तैयार किया जा रहा है। यह गुलाल न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए नारी सशक्तिकरण का नया अध्याय लिख रहा है। प्रकृति के रंगों से सजेगा त्योहार गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस अनूठी पहल के तहत ग्रामीण महिलाएं गोशाला पालकों के सहयोग से प्राकृतिक तत्वों के जरिए गुलाल का निर्माण कर रही हैं। इसमें गोबर के कंडों की राख के अलावा गुलाब की पंखुड़ियों, चुकंदर, पालक, जामुन की पत्तियों और इंडिगो (नील) जैसे तत्वों का उपयोग किया जा रहा है। बाजार में मिलने वाले जहरीले केमिकल युक्त रंगों के मुकाबले यह गुलाल पूरी तरह इको-फ्रेंडली और त्वचा के लिए सुरक्षित है। गोबर की राख का 'वैज्ञानिक' आधार इस गुलाल की सबसे बड़ी विशेषता देशी गाय के गोबर के कंडों की राख का उपयोग है। पारंपरिक रूप से शुद्धिकारक मानी जाने वाली इस राख में वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित 'क्षारीय तत्व' पाए जाते हैं, जो नमी को कम कर सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकते हैं। प्रसंस्करण के बाद यह राख गुलाल को एक मुलायम आधार प्रदान करती है, जिससे रंगों का फैलाव बेहतर होता है और किसी कृत्रिम फिलर की जरूरत नहीं पड़ती। प्रदेश भर में रोजगार आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत बुलंदशहर, मथुरा, बिजनौर, सहारनपुर, संभल, उरई और मुरादाबाद समेत प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन किया गया है। यह प्रयास न केवल होली को स्वास्थ्यकर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के सतत उपयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है। गोशालाओं से प्राप्त सामग्री के उपयोग से गोवंश का संरक्षण हो रहा है और महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।

जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर में 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

बेफिक्र होकर उपचार कराएं, सरकार देगी भरपूर आर्थिक सहायता: सीएम योगी जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर में 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए समस्याओं के त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश जमीन कब्जाने व दबंगई के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने आए लोगों को आश्वस्त किया कि वे बेफिक्र होकर अच्छे अस्पताल में उपचार कराएं। सरकार उनको भरपूर आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर अधिकारियों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए। हर जरूरतमंद को इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।  होलिकोत्सव मनाने के लिए सोमवार को गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 150 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों के पास जाकर, एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। समस्याओं के निस्तारण के लिए लोगों को आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को भरोसा दिया कि किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा।  जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं, ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।  जनता दर्शन में एक व्यक्ति ने किडनी की बीमारी में धन की कमी आड़े आने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले उससे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। कार्ड न होना बताए जाने पर उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए। इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद मिलेगी। अन्य कई लोग भी गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी। विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दी जाएगी। जनता दर्शन में कुछ परिजनों के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने सभी को स्नेहिल आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दीं और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

सीएम योगी का बड़ा ऐलान: ‘इलाज के लिए पैसा हमारी सरकार देगी’, जनता दर्शन में दिया भरोसा

गोरखपुर होली के उल्लास के बीच मंगलवार सुबह गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और खासकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को भरोसा दिलाया कि इलाज में पैसों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात की. किसी के हाथ में मेडिकल रिपोर्ट थी, तो किसी के पास जमीन विवाद से जुड़ी कागजात. मुख्यमंत्री ने एक-एक व्यक्ति की शिकायत को ध्यान से सुना और संबंधित अधिकारियों को वहीं निर्देशित किया |  पैसा सरकार देगी जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे थे. एक व्यक्ति ने किडनी की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि पैसे के कारण उपचार रुक गया है. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पूछा कि आयुष्मान कार्ड है?  जब जवाब मिला कि नहीं है, तो उन्होंने अधिकारियों की ओर देखते हुए कहा, इनकी मदद सुनिश्चित की जाए. इलाज रुकना नहीं चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दी जाएगी. साथ ही निर्देश दिया कि मेडिकल इस्टीमेट की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर शासन को भेजी जाए, ताकि फाइलें लंबित न रहें. मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा, बेफिक्र होकर अच्छे से अस्पताल में इलाज कराइए. सरकार आपके साथ खड़ी है |  संवेदनशीलता और त्वरित निस्तारण पर जोर जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का जोर सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण हो. उन्होंने कहा कोई भी पीड़ित दोबारा भटकने को मजबूर न हो. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन कब्जा या दबंगई की शिकायतों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. अगर कहीं किसी ने अवैध कब्जा किया है तो कानून अपना काम करेगा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रार्थना पत्रों पर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई न हो, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए |  बच्चों को चॉकलेट, पढ़ाई की सीख जनता दर्शन में कुछ परिवार अपने बच्चों के साथ भी पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और चॉकलेट देकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी. एक महिला ने बताया कि वह अपने बेटे के इलाज के लिए आई थीं. मुख्यमंत्री ने ध्यान से सुना और तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए. अब उम्मीद है कि इलाज शुरू हो सकेगा |  विवेकाधीन कोष से मदद अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का उद्देश्य जरूरतमंदों को त्वरित आर्थिक सहायता देना है. खासकर गंभीर बीमारियों के मामलों में यह कोष कई परिवारों के लिए सहारा बनता है. जनता दर्शन में आए लोगों को बताया गया कि मेडिकल इस्टीमेट तैयार होते ही सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. अधिकारियों को यह भी कहा गया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में उपचार के दौरान दिक्कत न हो | 

मुख्यमंत्री ने कहा, यूपी में न तनाव, न अराजकता और न ही गुंडागर्दी

सबको सुरक्षा का अहसास ही रामराज्य की अवधारणा: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, यूपी में न तनाव, न अराजकता और न ही गुंडागर्दी पांडेयहाता में होलिकादहन उत्सव समिति की तरफ से आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी दुनिया में उपद्रव, पर पीएम मोदी के रूप में यशस्वी नेतृत्व करा रहा नए भारत का दर्शन: सीएम योगी भक्त प्रह्लाद की आरती उतारी और फूलों की होली खेली मुख्यमंत्री ने गोरखपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों को होली की मंगलमय शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में आज कोई तनाव नहीं है। कोई भय नहीं, कोई अराजकता नहीं और न ही कोई गुंडागर्दी। सबको सुरक्षा का एहसास है और सबको विश्वास है। सबके मन में एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव है। यही अहसास और विश्वास, रामराज्य की अवधारणा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही कहते हैं कि जब ऐसी स्थिति रहेगी तो भारत को विकसित बनने में कोई देर नहीं लगेगी। सीएम योगी सोमवार शाम पांडेयहाता में होलिकादहन उत्सव समिति की ओर से आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। होलिकादहन के दिन शोभायात्रा का शुभारंभ करने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में उपद्रव, अराजकता और अव्यवस्था है। पर, हम भारतवासी गर्व कर सकते हैं कि पीएम मोदी के रूप में यशस्वी नेतृत्व देश को नई बुलंदी देते हुए नए भारत का दर्शन करा रहा है। नया भारत हर व्यक्ति, हर तबके को अवसर देकर उत्सव का वातावरण देता है।  पहले यूपी में समाज को बांटती थीं सरकारें सीएम योगी ने कहा कि हमारे यहां पर्व, त्योहारों की लंबी श्रृंखला है। पर, वर्ष 2014 के पहले लोग बेहतर तरीके से उत्सव नहीं मना पाते थे। यूपी में तो पर्व, त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था। समाज में भय और तनाव रहता था। तब की सरकारें समाज को बांटती थीं और इसका परिणाम व्यापारी और नागरिक चुकाते थे। तब गुंडागर्दी, अराजकता चरम पर थी। न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश सुरक्षा और सुविधा देकर उत्सव प्रदेश बन चुका है। अब यूपी में न कर्फ्यू है और न दंगा है,  यूपी में अब सब चंगा है। सब ओर उत्सव का माहौल है। पिछले पंद्रह दिनों से मथुरा-वृंदावन में होली का कार्यक्रम चल रहा है। सबकुछ स्वतः स्फूर्त देखकर विदेशियों की आंखे फटी रह जाती हैं। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग हम पर आरोप लगाते थे कि हम बंटे हुए हैं, वे बताएं कहां बंटे दिख रहे हैं। इस उत्सव में इतनी बड़ी संख्या में लोग आए हैं। किसी की जाति का पता नहीं है, लेकिन सभी लोग होली का आनंद ले रहे हैं।  उपद्रव से उबरकर बनते हैं उत्सव की यात्रा का हिस्सा मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अव्यवस्था से व्यवस्था, अराजकता से अनुशासन, अधर्म से धर्म और असत्य से सत्य की यात्रा होती है, तभी हम उपद्रव से उबरकर उत्सव की यात्रा का हिस्सा बनते हैं। यही उत्सव आज गोरखपुर के विरासत गलियारे में देखने को मिल रहा है। पहले पांडेयहाता आने को संकरी गली थी। वाहन मुश्किल से आ पाता था। व्यापार अस्त व्यस्त था। ग्राहक नहीं आ पाते थे। अराजकता का साम्राज्य था। विरासत गलियारा के प्रभावित व्यापारियों के लिए बनेगा कॉम्प्लेक्स सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर का विरासत गलियारा प्रदेश का सबसे खूबसूरत गलियारा होगा। गलियारा बनने से प्रभावित व्यापारियों को घण्टाघर के बंधु सिंह पार्क में कुछ दुकानें दी जा रही हैं। इसके बाद अन्य जो दुकानदार शेष रह जाएंगे, उनके लिए डायट के पास कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। जगह चिन्हित करने के साथ पैसा भी आवंटित कर दिया गया है। सरकार का संकल्प है कि किसी को उजड़ने नहीं देना है, बल्कि अवसर देकर आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत गलियारा पहले पूर्वी यूपी, बिहार और नेपाल के व्यापारियों और नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होता था। सुविधा न देने, कंजेशन और जाम के कारण यहां का कारोबार उजड़ने लगा था। अब विरासत गलियारा नव विकास से एक बार फिर व्यापार का प्रमुख केंद्र हो जाएगा। सबको सुरक्षा और सुविधा दे रही डबल इंजन की सरकार सीएम योगी ने कहा कि सबके जीवन में खुशहाली लाने के लिए डबल इंजन की सरकार सुरक्षा और सुविधा दे रही है। इसी भाव से जब गोरखपुर विकास करेगा तो प्रदेश और देश का भी विकास होगा। विकास नीचे से ऊपर आता है। विरासत गलियारा के व्यापारियों के मन में पीड़ा थी, लेकिन उन्होंने इसे व्यक्त करने की बजाय शासन-प्रशासन का सहयोग किया। इसी के परिणामस्वरूप आज शानदार विरासत गलियारा बनकर तैयार हो रहा है। यहां की सड़कें पहले से तीन गुना अधिक चौड़ी होंगी। फसाड लाइट लग जाने के बाद यह प्रदेश का सबसे शानदार गलियारा होगा। हिरण्यकश्यप जैसे हैं माफिया व गुंडे, लातों के भूत बातों से नहीं मानते होलिकादहन के महात्म्य, भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उस समय भगवान विष्णु ने भगवान नृसिंह का अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था और धर्म की स्थापना की थी। हमें याद रखना होगा कि अराजकता, गुंडागर्दी, माफियागिरी भी हिरण्यकश्यप जैसे ही हैं, ये प्यार से नही मानेंगे क्योंकि लातों के भूत बातों से नहीं मानते हैं। अराजकता, गुंडागर्दी, अव्यवस्था जैसे हिरण्यकश्यप, कंस या रावण को मारने के लिए किसी न किसी नृसिंह, कृष्ण या राम को अवतरित होना ही पड़ेगा। भक्त प्रहलाद की आरती उतार सीएम योगी ने खेली फूलों की होली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के उपरांत शोभायात्रा के लिए सजाए गए रथ पर भक्त प्रहलाद के चित्र की आरती उतारी। उनके चित्र पर फूल बरसाने के बाद सीएम योगी ने अत्यंत प्रसन्नता व उमंग से उपस्थित जनसमूह पर पुष्पवर्षा करते हुए फूलों से होली खेली। शोभायात्रा को लेकर लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में पहुंचने पर लोक कलाकारों के दल ने विभिन्न प्रस्तुतियों से मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। मंच पर सीएम योगी का स्वागत व अभिनंदन पुष्प माला व साफा पहनाकर और स्मृति-चिह्न देकर किया गया। भ्रष्टाचार का दहन कर दिया है सीएम योगी ने: रविकिशन शोभायात्रा के अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा … Read more

गंगा-यमुना की पवित्रता दूषित नहीं होने देगी योगी सरकार, राज्य में प्रतिदिन 4500 मिलियन लीटर से ज्यादा गंदा पानी किया जा रहा ट्रीट

यूपी बना 85 फीसदी सीवेज का शोधन करने में सक्षम राज्य गंगा-यमुना की पवित्रता दूषित नहीं होने देगी योगी सरकार, राज्य में प्रतिदिन 4500 मिलियन लीटर से ज्यादा गंदा पानी किया जा रहा ट्रीट नदियों की स्वच्छता में योगी सरकार ने रचा नया अध्याय, 2035 तक 100% अपशिष्ट जल उपयोग का लक्ष्य नमामि गंगे मिशन फेज-2 से यूपी के सीवरेज सिस्टम को मिल रही बड़ी मजबूती, अपशिष्ट जल से बनेगा विकास का नया मॉडल लखनऊ, उत्तर प्रदेश को स्वच्छ प्रदेश बनाने की मुहिम समय के साथ तेज होती जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार अपशिष्ट जल को ‘आर्थिक संपत्ति’ में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रतिदिन 4500 मिलियन लीटर से अधिक सीवेज का शोधन किया जा रहा है। इस तरह प्रदेश अब लगभग 85 प्रतिशत गंदे पानी को उपचारित करने में सफल है। सरकार गंगा-यमुना समेत राज्य की तमाम नदियों की पवित्रता को बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। नमामि गंगे मिशन से मिली सीवरेज सिस्टम को मजबूती उल्लेखनीय है कि नमामि गंगे मिशन के दूसरे चरण ने प्रदेश के सीवरेज सिस्टम को नई मजबूती दी है। उत्तर प्रदेश में अब तक 74 सीवर शोधन परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनमें से 41 पूरी होकर संचालन में भी आ चुकी हैं। शेष परियोजनाओं पर तेजी से कार्य जारी है। राज्य भर में 155 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) क्रियाशील हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली ने नदियों के संरक्षण के प्रयासों को नई गति दी है। हर परियोजना की मॉनीटरिंग की जा रही है, जिससे न केवल गंगा-यमुना की पवित्रता सुनिश्चित हुई है, बल्कि नगरों में जल प्रबंधन की व्यवस्था भी मजबूत हो रही है।  अपशिष्ट जल से विकास का नया मॉडल   योगी सरकार अब उपचारित जल के सुरक्षित पुन: उपयोग की नीति तैयार कर रही है। योजना तीन चरणों में लागू होगी।  1. नगरपालिका- पार्कों की सिंचाई, सड़क सफाई, सार्वजनिक उद्यानों में इस्तेमाल।  2. उद्योग और कृषि- औद्योगिक प्रक्रियाओं व खेतों की सिंचाई के लिए। 3. घरेलू गैर-पेय उपयोग- निर्माण कार्य समेत अन्य कार्यों में पुनर्चक्रण।   सीएम योगी कर रहे स्वच्छ नदियों के सपने को साकार जहां एसटीपी चालू हैं और क्षमता मौजूद है, वहां वर्ष 2030 तक 50 फीसदी और 2035 तक 100 फीसदी अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वच्छ नदियों के सपने को साकार करने की दिशा में निर्णायक साबित हो रहा है।

योगी का बड़ा कदम: लड़कियों के लिए महिला ट्रेनर जरूरी, सभी जिम की होगी जांच

वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिया है कि सभी जिम की जांच की जाए और यह सुनिश्चित हो कि वहां महिलाओं के लिए महिला ट्रेनर की व्यवस्था हो। सीएम योगी रविवार को वाराणसी में सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। वाराणसी के पड़ोसी जिले में जिम की आड़ में लड़कियों के धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया था। इसमें एक सिपाही समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कई जिमों में धर्मांतरण के खेल का खुलासा हुआ था। धार्मिक स्थल पर ही हों धार्मिक आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि कोई भी धार्मिक क्रियाकलाप धार्मिक स्थल परिसर में ही किए जाएं। कोई भी नई परम्परा की अनुमति नहीं होगी। सीएम ने होली के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कहीं भी अवैध एवं जहरीली शराब की बिक्री न होने पाए। क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक की सर्किट हाउस में सुबह सीएम योगी ने क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह भी रहे। सड़क सुरक्षा पर जोर समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करें। सड़कों पर अतिक्रमण कर वाहन पार्क न किए जाएं। सड़क सुरक्षा की नियमित बैठकें करें एवं अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम कराएं। लम्बित राजस्व वादों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा के अन्तर्गत सुनिश्चित हो। बोले, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि तेज आवाज वाले साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न का प्रयोग वाहनों में न होने पाए। परियोजनाओं की मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री ने नगर में सीवेज एवं जलापूर्ति के लिए अमृत-2 योजना के तहत कार्यों को व्यवस्थित ढंग से कराने का निर्देश दिया। कहा कि गर्मी में पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए। कार्यों की सघन मॉनीटरिंग करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सफाई में मशीनों का उपयोग करें। अंडरग्राउंड केबलिंग मानक के अनुरूप कराएं। बैठक में इनकी रही उपस्थिति: मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में स्टाम्प राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जाएसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, डॉ. सुनील पटेल, एमएलएसी हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा, डीआईजी वैभव कृष्णा, सीडीओ प्रखर सिंह, डीएफओ स्वाति मौजूद रहीं।

आंगनबाड़ी केंद्रों में लाखों बच्चों को मिला नया जीवन, कुपोषण पर निर्णायक प्रहार

कुपोषण के खिलाफ जीवनरक्षक ढाल बना योगी सरकार का ‘संभव अभियान’ आंगनबाड़ी केंद्रों में लाखों बच्चों को मिला नया जीवन, कुपोषण पर निर्णायक प्रहार बच्चों के पोषण स्तर में 81 प्रतिशत का सुधार, कुपोषण के खिलाफ उल्लेखनीय उपलब्धि  लखनऊ कुपोषण और भुखमरी दूर करने के लिए योगी सरकार की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि प्रदेश में लाखों नौनिहालों की जान बचाने में सफलता मिली है। ‘संभव अभियान’ से अति गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों में से 81 प्रतिशत सामान्य स्थिति में आ चुके हैं। यह एक समग्र प्रयास है जो जीवन के पहले 1000 दिनों में कुपोषण की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करता है। बच्चों को मिल रहा है पोषण और जीवनदान प्रदेश में बड़ी संख्या में बच्चे तीव्र कुपोषण से जूझ रहे थे, जिससे उनके जीवन और विकास पर खतरा मंडरा रहा था। सरकार ने इस समस्या को बड़ी चुनौती के रूप में लिया और केंद्र सरकार की मदद से इस पर व्यापक रणनीति बनाई। संभव अभियान को मजबूत करने में तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों में ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस का उपयोग और पोषण ट्रैकर का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया गया। पंजीकृत कुपोषित बच्चों का डाटा स्वास्थ्य विभाग के ई-कवच एप्लीकेशन से जोड़ा गया, जिससे उपचार और फॉलोअप में पारदर्शिता आई। 1.7 करोड़ से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग कर 2.5 लाख कुपोषित बच्चों का पंजीकरण किया गया। एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और एएनएम को प्रशिक्षित कर जमीनी स्तर पर क्षमता बढ़ाई गई। इस तरह बच्चों को उचित पोषण पहुंचाकर विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।  मां और शिशु पर विशेष फोकस सम्भव अभियान केवल बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि गर्भावस्था से ही पोषण सुरक्षा की नींव रखता है। कम वजन और एनीमिया से ग्रस्त गर्भवती महिलाओं की पहचान कर प्रारंभिक पंजीकरण, नियमित वजन निगरानी, आयरन फोलिक एसिड और कैल्शियम सेवन तथा पोषण परामर्श सुनिश्चित किया जा रहा है। 0 से 6 माह तक के शिशुओं में लो बर्थ वेट और प्री-टर्म बच्चों की पहचान कर विशेष निगरानी की जाती है। जटिल मामलों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में रेफर कर समुचित उपचार दिया जाता है। यह समन्वित दृष्टिकोण कुपोषण की जड़ पर प्रहार करता है। हर वर्ष जून से सितंबर तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सघन अभियान चलाकर बच्चों की स्क्रीनिंग, पहचान और उपचार की समग्र व्यवस्था की जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर बना आदर्श मॉडल सम्भव अभियान के परिणाम अब जमीन पर दिख रहे हैं। कुपोषित श्रेणी के बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने की दर में दिनोंदिन वृद्धि हो रही है। यह राज्य के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। सम्भव अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक आंदोलन है जो पोषण के प्रति समुदाय, सेवा प्रदाताओं और नीति निर्माताओं को एकजुट करता है।

ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा

परंपरा से प्रगति तक: मूंज शिल्प ने बदली रजनी बाला की दुनिया ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान      कई जिलों तक पहुंची रजनी बाला की मेहनत की पहचान सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रही आत्मनिर्भरता की नींव लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में सामाजिक परिवर्तन और नई संभावनाओं का दौर जारी है। महिलाएं अपने संकल्प और परिश्रम से आत्मनिर्भर विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। सुल्तानपुर के कुड़वार ब्लाक के गांव हरखपुर की रहने वाली रजनी बाला इसका सशक्त उदाहरण हैं, जिन्होंने मूंज उत्पादों में सिकहुला, भउका, दौरी, डोलची और कप जैसी कलाकृतियों को बढ़ावा देकर अपनी अलग पहचान बनाई है। ग्रामीण कला को बाजार से जोड़कर बढ़ाया मुनाफा रजनी बाला ने 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। वह बताती हैं कि मूंज शिल्प का हुनर उन्हें अपनी मां से विरासत में मिला। उनकी मां भी मूंज के उत्पाद तैयार करती थीं, जिससे बचपन से ही रजनी को इस कार्य का पारिवारिक वातावरण और व्यावहारिक अनुभव मिलता रहा। उसी सीख और लगन के दम पर आज रजनी विभिन्न प्रकार के मूंज उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बनी हैं। उनके पति दिल्ली में एक निजी कंपनी में कैब चलाते हैं और रजनी के काम में पूरा सहयोग देते हैं। उनके दो बच्चे हैं, बेटा लखनऊ में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी सुल्तानपुर के एक विद्यालय में अध्ययनरत है।  सुल्तानपुर की बेटी ने हस्तशिल्प से गढ़ी अपनी पहचान मूंज के प्रत्येक उत्पाद की कीमत अलग-अलग होती है, लेकिन लाभ की दृष्टि से यह व्यवसाय काफी मजबूत है। रजनी बाला बताती हैं कि औसतन हर उत्पाद पर लगभग 50 प्रतिशत तक शुद्ध लाभ हो जाता है। यदि किसी उत्पाद को तैयार करने में ₹100 की लागत आती है, तो उसका बाजार मूल्य लगभग ₹150 होता है। उनके व्यवसाय को अब अन्य राज्यों से भी पहचान मिल रही है। अब तक का उनका सबसे बड़ा और लाभदायक ऑर्डर राजस्थान से मिला, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने करीब 100 महिलाओं को रोजगार का अवसर दिया। इस तरह रजनी बाला न केवल स्वयं सशक्त बन रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आजीविका से जोड़कर सामूहिक आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।  कई जिलों तक पहुंची रजनी बाला की मेहनत की पहचान रजनी बाला ने बताया कि उनके मूंज उत्पादों के निर्माण और विपणन में जिला उद्योग कार्यालय का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। विशेष रूप से जिला उपायुक्त सुश्री नेहा सिंह के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उन्हें अपने उत्पादों को बड़े मंच तक ले जाने का अवसर मिला। इसी सहयोग के चलते उन्होंने नोएडा, सुल्तानपुर के साथ-साथ लखनऊ और आसपास के अन्य जिलों में भी स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की सफलतापूर्वक बिक्री की है। सरकारी समर्थन और अपने परिश्रम के बल पर रजनी बाला आज स्थानीय शिल्प को व्यापक बाजार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनी हैं। सरकारी योजनाओं से मजबूत हो रही आत्मनिर्भरता की नींव उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं प्रदेशभर में महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं। राज्य स्तर पर अब तक लाखों महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। इन योजनाओं के प्रभाव से सुल्तानपुर सहित कई जिलों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जो युवा कभी बेरोजगारी से जूझ रहे थे, वे आज आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। योगी सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं और युवा इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में भागीदारी निभाएं। विभिन्न विभाग अपने स्तर पर आवेदकों को मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर रहे हैं, ताकि प्रक्रिया सरल और सुलभ बनी रहे। साथ ही, समय-समय पर जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन सफल युवाओं और महिलाओं की प्रेरक कहानियां न केवल अन्य लोगों के लिए उत्साह का स्रोत बन रही हैं, बल्कि सुल्तानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में विकास और आत्मनिर्भरता की नई रोशनी भी फैला रही हैं।

सीएम योगी बोले- अब यूपी में कानून का राज, निवेशकों की पहली पसंद बना प्रदेश

लखनऊ होली पर उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ उज्ज्वला परिवारों को यूपी सरकार की तरफ से गैस सिलिंडर रीफिल सब्सिडी दी गई। शनिवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह सौगात दी। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में 1,500 करोड़ की धनराशि वितरित की गई। इस मौके पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि होली पर सब गिले शिकवे भुला देते हैं। हमारी मां चूल्हे पर रोटी बनाती थीं। पीएम मोदी का आभार, जो गैस कनेक्शन दिए। कांग्रेस राज में सिफारिश पर सिलिंडर मिलता था। अब केवल जमींदार के घर पर ही गैस नहीं है, बल्कि आमजन के घर पर भी है। पहले कोटेदार के यहां कार्ड रहते थे। अब झोला मिल रहा है। कोटेदार का भी ध्यान रखा गया है। कोरोना काल में तेल दिया गया। कहा कि, लोग भरमाएंगे लेकिन, चक्कर में न आना। यही नहीं अब तीन तलाक नहीं कह सकते हैं। अब बिना जुगाड़ के नौकरी लगती है। वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहले जिसके यहां शौचालय बना होता था, उसे अमीर जिसके यहां नहीं हना होता था, उसे गरीब माना जाता था। इस तरह गरीब और अमीर की पहचान की जाती थी। लेकिन, अब हर घर में शौचालय बना है। आज आयुष्मान कार्ड से गर गरीब को निशुल्क इलाज मिल रहा है। बलिया से उज्ज्वला योजना की शुरुआत हुई थी। 10 करोड़ से अधिक लोगों को इस योजना का सिलिंडर मिला। अमीरी-गरीबी की खाई पाटने का काम किया। मुख्यमंत्री आवास भी मिल रहा है। विधवा दिव्यांग महिलाओं को भी आवास दे रहे हैं। कहा कि, दो करोड़ महिलाओं को और समूह से जोड़ेंगे। माताएं-बहनें कमल का बटन दबाती हैं। प्रचार की जिम्मेदारी संभालने है। समाजवादी पार्टी के गुंडे पहले परेशान करते थे। वोट न देने वालों की भी सेवा की है। होली या होली के बाद फ्री में ले सकेंगे भरा सिलिंडर- सीएम योगी  इस मौके पर सीएम योगी ने सबसे पहले प्रदेशवासियों को होली की बधाई दी। कहा कि होली पर्व समता का पर्व है, न कोई बड़ा न कोई छोटा। यूपी की डबल इंजन सरकार ने यह योजना 2022 में शुरू की थी। इसी कड़ी में आज 1500 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है। लाभार्थी होली के पहले या होली के बाद अपने नजदीकी एजेंसी से भरा हुआ सिलिंडर फ्री में ले सकते हैं। योजना का लाभ सबको देने का एक ही मंत्र है 'सबका साथ सबका विकास'। जिसको कभी सिलिंडर नहीं मिला, उसको मोदी ने दिया। सीएम ने आगे कहा कि आयुष्मान से पांच लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है। शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मियों को भी इससे जोड़ा गया है। जो सरकार के लिए काम करेगा, सरकार उसके बारे में सोचेगी। पहले माफिया शासन चलाते थे। पर्व के पहले उपद्रव हो जाते थे। कर्फ्यू लग जाता था। 2017 से पहले यूपी को टेढ़ी निगाहों से देखा जाता था। आज देश और दुनिया का हर बड़ा निवेशक यूपी आना चाहता है। 9 सिलिंडर पर पहले से मोदी दे रहे हैं। अब होली पर हम दे रहे हैं। हमारे लिए पूरा प्रदेश परिवार है- सीएम योगी उन्होंने कहा कि सरकार महिला सुरक्षा, स्वावलंबन और सशक्तीकरण पर काम कर रही है। ब्रजेश पाठक ने सर्वाइकल कैंसर से लड़ रही बेटियों के लिए व्यवस्था की। 2100 रुपये का इंजेक्सन अब 300 में मिलेगा। पहले के लोगों के लिए उनका परिवार की प्रदेश था। हमारे लिए पूरा प्रदेश परिवार है। लखपति दीदी का कार्यक्रम हो या सीमार्ट। महिलाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। महिला उद्यमी जो भी प्रोडक्ट बनाएंगी, उसे बाजार मिले, इसके लिए बजट में व्यवस्था की गई है। सीएम ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाद में एक लाख की मदद दी जाती है। आज सरकार हर बेटी का कन्यादान करने के लिए तैयार है। आज 36 फीसदी महिला कार्य बल है। राशन की दुकानों में पहले ई-पॉश मशीनें नहीं थीं, आज ई-पॉश मशीनों से पारदर्शिता आई है। आज गांव की बेटी गांव में ही वीसी सखी के रूप में काम कर रही हैं।