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उत्तर प्रदेश 2047 के विकास हेतु ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों में रणनीतिक हस्तक्षेप

इन्फ्रास्ट्रक्चरः "विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप" ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्र विकसित भारत संकल्प @2047 के अनुरूप लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में "इन्फ्रास्ट्रक्चरः विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप" विषय पर उच्च-स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, उ‌द्योग समूहों, नीति अनुसंधान संस्थानों, ऊर्जा विशेषज्ञों तथा वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का उ‌द्देश्य वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, विश्वसनीय, किफायती एवं टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने हेतु दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना था, जो विकसित भारत संकल्प @2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। नीतिगत नेतृत्व द्वारा दिशा-निर्देश कार्यक्रम के प्रथम सत्र में श्री नरेन्द्र भूषण, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) उत्तर प्रदेश ने अपने संबोधन के माध्यम से प्रदेश में ऊर्जा खपत, 24×7 निर्बाध बिजली उपलब्धता, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार, विकेन्द्रीकृत ऊर्जा, ग्रिड स्थिरता, माइक्रो-ग्रिड, परमाणु, फ्लोटिंग सोलर, ग्रीन हाईड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, सर्फेस काईनेटिक्स, सस्टेनेबल ऐविएशन फ्यूल तथा भविष्य की तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों के सुझाव सुनकर उन्हें विभाग को लिखित रूप से उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया, ताकि हरित ऊर्जा के लक्ष्यों की प्राप्ति में उन्हें सम्मिलित किया जा सके। श्री आशीष गोयल, चेयरमैन, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने अपने संबोधन में कहा कि 2047 के लिए ऊर्जा क्षेत्र के लक्ष्यों का अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि प्रौ‌द्योगिकी अत्यंत तीव्र गति से बदल रही है। इसलिए नीतियों को लचीला रखते हुए वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप क्रियान्वित करना आवश्यक है, ताकि उत्तर प्रदेश को विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाने का संकल्प साकार किया जा सके। श्री आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (योजना) द्वारा विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के विज़न पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि स्मार्ट पोर्टल के माध्यम से विभिन्न वर्गों-युवा, महिलाएँ, उ‌द्योग, संस्था, स्टार्टअप, एसोसिएशन, अकादमिक जगत, सरकारी/गैर-सरकारी संगठनों तथा स्वयं सहायता समूहों से प्राप्त 1 करोड़ से अधिक सुझावों का AI आधारित विश्लेषण किया जा रहा है, जिनके आधार पर क्षेत्रवार प्राथमिकताएँ निर्धारित की जा रही हैं। श्री मनोज उपाध्याय, सलाहकार (ऊर्जा), नीति आयोग ने अपने वक्तव्य मे बताया कि नीति आयोग के मार्गदर्शन के अनुरूप उत्तर प्रदेश की दीर्घकालिक ऊर्जा योजनाओं को क्रियान्वयन योग्य बनाने पर बल दिया। सभी वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश देश की ऊर्जा संक्रमण यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। राज्य ने वर्ष 2047 तक अपनी 40-50% ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई। ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विज़न 2047 के क्रम में ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत डिलाओएट के सहयोग से तैयार "Energy & Renewable Vision 2047" में निम्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए- * बड़े सौर पार्क * फ्लोटिंग सोलर * कैनाल-टॉप परियोजनाएँ * हाइब्रिड (विंड-सोलर) मॉडल * छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट * बायोमास एवं CBG आधारित बिजली उत्पादन * ऊर्जा भंडारण (Storage) प्रणालियाँ CEEW ने माँग पूर्वानुमान, स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल ग्रिड प्लानिंग पर सुझाव दिए। Vasudha Foundation ने जलवायु-अनुकूल राज्य-स्तरीय ऊर्जा योजनाएँ, राज्य रैंकिंग और सामुदायिक ऊर्जा शासन मॉडल पर प्रस्तुतिकरण दिया। उ‌द्योग संगठनों एवं बिज़नेस समूहों के सुझाव के क्रम मे CII, PHDCCI, IIA, SEVA सहित प्रमुख उ‌द्योग निकायों ने निम्न सुझाव प्रस्तुत किए- * बुंदेलखंड एवं पश्चिमी यूपी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किए जाएँ। * CBG एवं बायो-एनर्जी पार्क विकसित किए जाएँ। * MSMES हेतु रूफटॉप सोलर और कम-ब्याज वाले ग्रीन लोन उपलब्ध हों। * ओपन एक्सेस सुधार, सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली एवं RE पारिस्थितिकी तंत्र को गति मिले। * EV चार्जिंग, बैटरी स्टोरेज और ऊर्जा दक्षता योजनाओं को बढ़ावा दिया जाए। ऊर्जा डेवलपर्स एवं तकनीकी विशेषज्ञों का दृष्टिकोण प्रमुख RE कंपनियाँ – Avada, JSW, Adani Green * हाइब्रिड (सोलर-विंड) पार्क * मिनी-हाइड्रो क्लस्टर्स * ग्रीन बैंकिंग/रन-ऑफ-द-रिवर नीतियाँ IIT कानपुर * "State Centre for Advanced Green Hydrogen Research" की स्थापना का प्रस्ताव Intellismart, PowerXchange, Tata Power * 100% स्मार्ट मीटरिंग * डिजिटल सबस्टेशन * AI आधारित मांग पूर्वानुमान * डिजिटल ट्विन मॉडल हरित वित्तपोषण एवं निवेश रणनीतियाँ शीर्षक के अन्तर्गत PFC एवं वित्त विशेषज्ञों ने- * ग्रीन बॉन्ड * ESG-लिंक्ड लोन * ब्लेंडेड फाइनेंस * VGF मॉडल अपनाने का सुझाव दिया, जिससे सौर पार्क, स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन एवं माइक्रो-ग्रिड परियोजनाओं को गति मिल सके। * UP Renewable Marketplace Portal बनाने का विचार भी रखा गया। विकेन्द्रीकृत ऊर्जा एवं ग्रामीण सशक्तिकरण के अन्तर्गत Tata Power Renewable Microgrid विषयक ग्रामीण क्षेत्रों में सौर-आधारित माइक्रो-ग्रिड द्वारा निम्न मॉडल प्रस्तुत किए- * कोल्ड स्टोरेज * फूड प्रोसेसिंग * ई-रिक्शा चार्जिंग * डिजिटल शिक्षा केंद्र Shakti Foundation ने कृषि, ग्रामीण उ‌द्योगों और स्वच्छ रसोई तकनीकों को ऊर्जा-कुशल बनाने पर बल दिया। उ‌द्योग समूहों ने "Urja Surakshit Gram" अभियान को राज्यव्यापी रूप से लागू करने का प्रस्ताव रखा। कार्यशाला का समापन इस दृढ़ संकल्प के साथ हुआ कि वर्ष 2030-2040-2047 के ऊर्जा रोडमैप को उ‌द्योग, शोध संस्थानों और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से लागू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2047 तक भारत का अग्रणी हरित ऊर्जा राज्य बनने की प्रतिबद्धता दोहराई, जो विकसित भारत संकल्प @2047 के अनुरूप है।

अपराध करने वालों को चुकानी ही होगी कीमत : सीएम योगी

अपराध कतई स्वीकार नहीं करता नया यूपी : मुख्यमंत्री अपराध करने वालों को चुकानी ही होगी कीमत : सीएम योगी बी से ए क्लास में उच्चीकृत हुई गोरखपुर स्थित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला 72.78 करोड़ रुपये की परियोजना का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण मॉडर्न पुलिस के लिए गेम चेंजर बनेगी फॉरेंसिक साइंस लैब – मुख्यमंत्री आठ वर्षों में की 2.19 लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती- मुख्यमंत्री 2017 से पहले महज 4 फॉरेंसिक लैब थे अब 12 हैं और 6 छह लैब निर्माणाधीन – सीएम गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद का नया उत्तर प्रदेश अपराध को कतई स्वीकार नहीं करता है। यदि किसी ने यहां अपराध करने की जुर्रत की तो उसे हर हाल में उसकी कीमत भी चुकानी होगी। वह दौर खत्म हो गया जब पीड़ित तड़पता, भटकता था और अपराधी मौज-मस्ती करते थे। अब प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत साक्ष्य संकलन और फॉरेंसिक साइंस लैब्स (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) के जरिए इसके प्रमाणन की ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है कि कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति, वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच और आधुनिक फॉरेंसिक साइंस लैब्स के जरिए ऐसी व्यवस्था विकसित हुई है कि अपराधी अब बच नहीं सकते। सटीक, त्वरित और पारदर्शी जांच के कारण पीड़ित को सहज, सुगम और समयबद्ध न्याय उपलब्ध हो रहा है। सीएम योगी मंगलवार को बी से ए क्लास में उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) गोरखपुर के नवीन उच्चीकृत भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। छह मंजिला हाईटेक नवीन भवन के निर्माण पर 72.78 करोड़ रुपये की लागत आई है। उच्चीकृत आरएफएसएल का फीता काटकर उद्घाटन करने और यहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने फॉरेंसिक जांच की अत्याधुनिक सौगात के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ चार फॉरेंसिक साइंस लैब थे। सरकार बनने के बाद यह तय किया गया कि कम से कम हर कमिश्नरी में एक फॉरेंसिक साइंस लैब होनी चाहिए। इससे आठ वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। छह लैब निर्माणाधीन हैं। जल्द ही सभी कमिश्नरी में फॉरेंसिक साइंस लैब होंगे। इन लैब्स में हर प्रकार की फॉरेंसिक जांच होगी जो साक्ष्य को प्रमाणित कर अपराधियों को कठोर दंड दिलाने का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कमिश्नरी स्तर पर फॉरेंसिक साइंस लैब स्थापित करने के साथ सरकार ने हर जिले में फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन के लिए दो-दो मोबाइल वैन उपलब्ध कराए हैं। इससे कुछ ही घंटों में पुख्ता साक्ष्य संकलन हो जा रहा है और लैब में उसकी जांच के बाद पीड़ित को सहज और सुगम न्याय मिल जाएगी। अब कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले साक्ष्य इकट्ठे होने पर भी अच्छी फॉरेंसिक साइंस लैब के अभाव में अपराधी बच जाते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गत वर्ष जुलाई से तीन नए कानून (भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य संहिता 2023) लागू होने के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब्स की उपयोगिता और बढ़ गई है। नए कानून में सात वर्ष से अधिक कारावास वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य कर दिया है। इन कानूनों के लागू होने से काफी पहले ही यूपी सरकार ने लैब्स स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी थी। फॉरेंसिक साइंस लैब्स से रोजगार का सृजन भी होगा सीएम योगी ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब्स से युवाओं के लिए नए रोजगार का सृजन भी होगा। इसके लिए सरकार ने लखनऊ में यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस की स्थापना की है। यहां लैब टेक्नीशियन के लिए सर्टिफिकेट, लैब में साक्ष्य मिलान करने वालों के लिए डिप्लोमा और विशेषज्ञ के लिए डिग्री कोर्स शुरू किए गए हैं। फॉरेंसिक साइंस लैब्स नए समय में नए अपराधों को रोकने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध कराने के प्रयासों का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में एडवांस डीएनए डायग्नोस्टिक, एआई, ड्रोन, रोबोटिक लैब उपलब्ध है। यहां नैनो से लेकर 40 किलो वजनी ड्रोन संचालित किए जा सकते हैं। मॉडर्न पुलिस के लिए गेम चेंजर बनेगी फॉरेंसिक साइंस लैब सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में अपग्रेडेड फॉरेंसिक साइंस लैब में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी जो सटीक जांच करेंगी। यह लैब मॉडर्न पुलिस के लिए गेम चेंजर साबित होगी। त्वरित और पुख्ता जांच होने से लोगों को समय से सुसंगत न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का ही हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर की यह उच्चीकृत लैब उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल होगी जहां बैलेस्टिक, नार्कोटिक्स, सेरोलॉजी, साइबर फॉरेंसिक, डीएनए प्रोफाइलिंग, डाक्यूमेंट विश्लेषण से लेकर सभी उन्नत फॉरेंसिक परीक्षण संभव होंगे। ऐसी क्षमता से पुलिस के कार्य में गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य साइबर फॉरेंसिक को वैश्विक मानक तक पहुंचाना है ताकि भविष्य में होने वाले हाईटेक अपराधों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। आठ वर्षों में की 2.19 लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूल ऑफ लॉ को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसे लागू करने प्रयासों के तहत आठ सालों में प्रदेश में 2 लाख 19 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गई है। इसमें 60244 कार्मिकों की भर्ती हाल ही में संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि आठ वर्षों में यूपी में जितनी पुलिस भर्ती हुई है, उतनी कई राज्यों की कुल पुलिस फोर्स नहीं है। सीएम ने भर्ती के साथ ट्रेनिंग क्षमता विस्तार का भी उल्लेख किया। कहा कि 2017 में पुलिस ट्रेनिंग की कुल क्षमता 6000 की थी। तब 30000 भर्ती होने पर किराए पर ट्रेनिंग सेंटर लेने पड़े थे। आज प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग की क्षमता दस गुने से अधिक बढ़ चुकी है। अभी जितनी भर्ती हुई, सबको ट्रेनिंग राज्य के ही सेंटर्स से मिल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस महकमे में सरकार कार्य के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार कर रही … Read more

मुख्यमंत्री योगी ने भरा एसआईआर फॉर्म, नागरिकों को जागरूक रहने की दी प्रेरणा

मुख्यमंत्री योगी ने भरा एसआईआर प्रक्रिया का फॉर्म, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक होने की दी प्रेरणा मतदाता सूची अद्यतन अभियान बना जागरूकता और सहभागिता का माध्यम  SIR 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक चेतना का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में मतदाता सूची के एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का फॉर्म भरकर इसे पूर्ण किया। मुख्यमंत्री गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के झूलेलाल मंदिर के पास स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र के बूथ संख्या 223 में पंजीकृत मतदाता हैं। बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से, SIR 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश सहित देश के 12 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश इस प्रक्रिया में शामिल हैं। इसी क्रम में मंगलवार को गोरखपुर में बीएलओ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और मुख्यमंत्री को एसआईआर फॉर्म उपलब्ध कराया, जिसे मुख्यमंत्री ने भरकर उन्हें सौंप दिया।  SIR मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाने और साथ ही संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदाता अधिकारों के सही से इस्तेमाल के लिए कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं इस प्रक्रिया में शामिल होना यह संदेश देता है कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है। ऐसी पहल मतदाता जागरूकता को मजबूती देती है और लोकतंत्र को और अधिक सहभागी बनाती है। इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपक मीणा, तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, भाजपा महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, नगर निगम बोर्ड के उपसभापति एवं पार्षद पवन त्रिपाठी तथा जीडीए बोर्ड सदस्य दुर्गेश बजाज उपस्थित रहे।

पीड़ितों की सहायता में लापरवाही पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री

पुलिस से जुड़े मामलों में करें सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री पीड़ितों की सहायता में लापरवाही पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 300 लोगों की समस्याएं गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि पुलिस से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पीड़ितों की मदद में विलंब और लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में  किसी तरह की लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझकर कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाए।  मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनने के दौरान दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 300 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। इसे लेकर उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही दो टूक समझाया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। कुछ प्रकरणों पर उन्होंने अफसरों को निर्देशित किया कि यह भी पता लगाएं कि यदि किसी को प्रशासन का सहयोग नहीं मिला है तो ऐसा क्यों और किन कारणों से हुआ। हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधि सम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया।  हर बार की तरह इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को प्यार-दुलारकर सीएम योगी ने उन्हें चॉकलेट दिया।  सीएम ने की गोसेवा, मोर को भी दुलारा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़-रोटी खिलाया। गोशाला में सीएम योगी के पहुंचने पर प्रायः एक मोर भी उनके पास आ जाता है। मुख्यमंत्री ने उसे भी दुलारा और अपने हाथों से रोटी खिलाया।

मुख्यमंत्री योगी देंगे आधुनिक क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात

सीएम योगी देंगे उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात 72.78 करोड़ रुपये की परियोजना का मंगलवार को लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री गोरखपुर  पुलिसिंग को अत्याधुनिक बनाने में जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर को उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात देंगे। वह मंगलवार (18 नवंबर) को गोरखपुर में शास्त्री चौक के समीप, जिला अस्पताल रोड पर 72.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के नवीन उच्चीकृत भवन का लोकार्पण करेंगे। अब यह प्रयोगशाला बी श्रेणी से अपग्रेड होकर ए श्रेणी की हो गई है। लोकार्पण का समारोह पूर्वाह्न 11 बजे से होगा।  गोरखपुर में स्थापित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के भवन को उच्चीकृत कर छह मंजिला बनाया गया है। इसके साथ ही अब यहां फोरेंसिक जांच सुविधाओं का विस्तार हो जाएगा। उच्चीकृत लैब की बिल्डिंग में लैपटॉप, मोबाइल, सीसीटीवी के डाटा स्टोरेज की रिकवरी के साथ आवाज संबंधी फोरेंसिक जांच भी होगी। आग्नेय अस्त्र और विस्फोटक पदार्थों की जांच की भी मॉडर्न सुविधा उपलब्ध होगी। गृह विभाग के इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने कराया है।

पर्यटक आकाशवाणी के जरिए धर्म, आध्यात्म और संस्कृति से होगें अवगत

योगी सरकार की पहल से काशी में मंदिर मार्ग पर गुंजेगी ऊं नम: शिवाय की ध्वनियां पर्यटक आकाशवाणी के जरिए धर्म, आध्यात्म और संस्कृति से होगें अवगत आकाशवाणी के जरिये वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान होगी मंदिर की गलियां कालभैरव मंदिर के मार्ग पर ॐ तथा ॐ नमः शिवाय की ध्वनि पहले से गूंज रही है  वाराणसी    काशी में आने वाले पर्यटक आकाशवाणी के माध्यम से यहाँ के धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व की जानकारियां सुन सकेंगे। योगी सरकार द्वारा इस योजना के तहत, काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से होते हुए गोदौलिया चौराहा से दशाश्वमेध घाट तक एक विशेष ऑडियो सिस्टम स्थापित किए जाने की योजना है।  मंदिर मार्ग पर गुंजेगी ऊं नम: शिवाय की ध्वनियां इस प्रणाली के माध्यम से अनवरत मंत्रोच्चारण, धार्मिक ध्वनियाँ एवं काशी से सम्बन्धित जानकारियाँ प्रसारित की जाएंगी। जबकि काल भैरव मंदिर के मार्ग पर ॐ तथा ॐ नमः शिवाय की ध्वनि गूंज रही है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराएगी बल्कि काशी की प्राचीन परंपराओं को भी आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत बनाए रखने का कार्य करेगी। वाराणसी शहर के 18 चिन्हित स्थानों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव काशी में उत्तरवाहिनी गंगा के किनारे द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रधान ज्योतिर्लिंग श्री काशी विश्वनाथ विराजमान है। शिव की त्रिशूल पर बसी काशी का कण-कण पौराणिक कथा से जुड़ा हैं, अब काशी की प्रमुख कथा व जानकारियां ऑडियो सिस्टम से प्रसारित की जाएगी। वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित एक्शन प्लान फॉर काशी एण्ड सारनाथ के अंतर्गत वाराणसी शहर के 18 चिन्हित स्थानों के सौंदर्यीकरण एवं सार्वजनिक अनुभव को बेहतर करने के लिए कई कार्य प्रस्तावित हैं। इसमें से एक काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर गेट सं-4 वाया गोदौलिया चौराहा, दशाश्वमेध घाट तक स्थापित होना है। सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक होगा मंत्रोच्चार सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक ॐ एवं  नमः शिवाय ध्वनि, मंत्रोच्चारण, धार्मिक ध्वनियां एवं काशी से सम्बन्धित जानकारियाँ प्रसारित की जाएँगी। वीडीए के अपर सचिव डॉ गुडाकेश शर्मा ने बताया कि काल भैरव चौराहे से मंदिर जाने के मार्ग तक ऑडियो सिस्टम लग चुका है, इसमें 3 बार ॐ की ध्वनि और 1 बार ॐ नमः शिवाय बजता है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को काशी के प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की जानकारी देना जिससे उन्हें शहर की धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को समझने में सहायता मिले सके। स्थानीय नागरिकों एवं आगंतुकों को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराना है। मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक ध्वनियों के माध्यम से क्षेत्रीय वातावरण को विशिष्ट धार्मिक स्वरूप देना, जो काशी की प्राचीन परम्पराओं एवं मान्यताओं को संजोए रखे।

मुख्यमंत्री योगी बोले—हर प्रोजेक्ट के लिए नियुक्त हों नोडल अधिकारी

हर प्रोजेक्ट के लिए तय हों नोडल अधिकारी : मुख्यमंत्री योगी अधिकारियों के साथ बैठक में सीएम योगी ने दिए निर्देश एक निश्चित अवधि पर प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग की रिपोर्ट ली जाए – योगी आदित्यनाथ  गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हर प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल अधिकारी तय करते हुए उनसे मॉनिटरिंग की साप्ताहिक या पाक्षिक रिपोर्ट ली जाए। हर परियोजना की एक समय सीमा तय होती है और कार्य में तेजी लाते हुए उसे उसी अवधि में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की जो परियोजनाएं अगले साल मानसून के बाद पूरी होनी हैं, उनके कार्यों में और तेजी लाकर मानसून से पहले ही पूरा करने के विशेष प्रयास किए जाएं। गोरखपुर दौरे पर आए सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में अधिकारियों के साथ गोरखपुर में गतिमान परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए एक नोडल अधिकारी को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाए। नोडल अधिकारी एक निश्चित अवधि पर प्रगति की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराए। वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस पर पूरा ध्यान देना होगा। उन्होंने नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की हिदायत भी अफसरों को दी।   कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति बरकरार रहनी चाहिए। उन्होंने ठंड की दस्तक होने के साथ ही पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। ट्रैफिक प्रबंधन को और सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सड़कों पर जाम न लगने पाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की संभल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा

चरणबद्ध तरीके से करें संभल का विकासः मुख्यमंत्री   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की संभल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा  पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का करें पुनरुद्धारः मुख्यमंत्री  दूसरे चरण में म्यूजियम, लाइट एंड साउंड आदि कार्यों पर रखें फोकस मुख्यमंत्री जी का महिष्मती नदी के पुनरुद्धार पर रहा जोर  संभल का विकास सरकार की प्राथमिकताः मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जनपद संभल की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने यहां चल रहे विकास कार्यों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री जी ने कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। फिर शासन व जनपद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि चरणबद्ध तरीके से संभल का विकास करें। संभल का विकास सरकार की प्राथमिकता है।  पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का पुनरुद्धार कराएं। दूसरे चरण में म्यूजियम व लाइट एंड साउंड आदि विकास कार्यों पर फोकस रखें। मुख्यमंत्री जी ने संभल में जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी के निर्माण की प्रक्रिया पर जल्द कार्रवाई के लिए भी कहा। मुख्यमंत्री जी ने राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, लोक निर्माण, पर्यटन-संस्कृति, नगर विकास समेत कई विभागों के कार्यों की समीक्षा की।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संभल में 68 तीर्थ व 19 कूप हैं। प्रदेश सरकार इन तीर्थों के जीर्णोद्धार व पहचान के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी ने स्थानीय प्रशासन को इन कार्यों को तेज गति से कराने का निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इंटीग्रेटेड कॉम्पलेक्स भवन में सभी विभागों का कार्यालय हो। मुख्यमंत्री जी को बताया गया कि आवासीय व अनावासीय भवन के लिए 93 फीसदी भूमि क्रय कर ली गई है। मुख्यमंत्री जी ने डीपीआर बनाने के साथ कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री जी ने जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि 24 कोसीय परिक्रमा के साथ ही महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के समीप भूमि अधिग्रहण, सड़क निर्माण व सार्वजनिक सुविधाएं बढ़ाई जाएं।  मुख्यमंत्री जी ने महिष्मती नदी के पुनरुद्धार कार्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नदियां जीवनदायिनी है। सरकार नदियों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। नमामि गंगे के अंतर्गत प्रोजेक्ट तैयार कराकर पुनरुद्धार कार्य में तेजी लाई जाए।  मुख्यमंत्री ने जी नगर विकास विभाग की वंदन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, अंत्येष्टि स्थल विकास योजना, नगरीय जल विकास योजना, झील/पोखर/तालाब योजना व पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत होने वाले कार्यों की प्रगति के बारे में जाना और निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्रता से पूरा करें।  मुख्यमंत्री जी ने सीबीजी प्लांट के निर्माण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर आधारित रैंकिंग रिपोर्ट का होता है निर्माण 

आजीविका मिशन में वाराणसी फिर प्रदेश में अव्वल, 6 माह में 4 बार प्रथम और दो बार टॉप-10 में रही काशी  प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर आधारित रैंकिंग रिपोर्ट का होता है निर्माण  घरों की दहलीज से निकल कर काशी की महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को दे रहीं रफ्तार एनआरएलएम से 11879 समूहों की एक लाख अड़तीस हजार से अधिक महिलाएं है जुड़ीं  महिलाओं को समूह से जोड़ने, रिवाल्विंग फण्ड देने,आजीविका से जोड़ने का डबल इंजन सरकार ने किया मार्ग प्रशस्त बैंक सखी व उद्यम सखी के चयन, बैंक से ऋण दिलाने व व्यक्तिगत, आंतरिक ऋण दिलाने की दिशा में भी किया जा रहा उत्कृष्ट कार्य  वाराणसी  काशी की महिलाएं घरों की दहलीज से निकल कर अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को रफ्तार देते हुए उत्तर प्रदेश में अव्व्वल हो गई हैं। दीनदयाल अन्त्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत वाराणसी एक बार फिर से प्रदेश में योजनाओं  को लागू करने एवं महिलाओं को आगे बढ़ाने में अव्वल है। प्रदेश की अक्टूबर 2025 की रैंकिंग में वाराणसी शीर्ष पर है, जबकि पिछले 6 महीनों में वाराणसी 4 बार शीर्ष पर रहा और दो बार टॉप टेन में स्थान बना चुका है।  37 इंडीकेटर्स के आधार रिपोर्ट होती है तैयार मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि दीनदयाल अन्त्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत वाराणसी एक बार फिर से प्रदेश में योजना को लागू करने में प्रदेश में अक्टूबर-2025 के रैंकिंग में प्रथम स्थान पर है। रैंकिंग के लिए प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर रिपोर्ट तैयार की जाती है। पिछले 6 महीने से वाराणसी शीर्ष-4 बार प्रथम रहा है। वाराणसी  में वार्षिक कार्ययोजना के सापेक्ष महिलाओं को समूह से जोड़ने, रिवाल्विंग फण्ड देने, आजीविका से जोड़ने, उत्पादक समूह गठन करने, बैंक सखी व उद्यम सखी के चयन, समूहों को बैंक से ऋण उपलब्ध कराने, ग्राम संगठन की प्रोफाइल व व्यक्तिगत आंतरिक ऋण दिलाने में उत्कृष्ट कार्य किया गया है।    आजीविकापरक गतिविधियों से जुड़कर आय बढ़ाने में मिली मदद  उपायुक्त (स्वत: रोजगार) वाराणसी पवन कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी में 11879 समूहों में एक लाख अड़तीस हजार से अधिक महिलाएं जुड़ीं हैं, जो विभिन्न प्रकार आजीविका परक गतिविधियों जैसे  कृषि, पशुपालन, सब्जी की खेती, फूलों की खेती, ग्रोसरी, बीसी सखी, विद्युत् सखी, टेक होम राशन प्लांट, दोना पत्तल, ब्यूटी पार्लर, सिलाई कढ़ाई, सिल्क साड़ी, चार मुरब्बा, काशी प्रेरणा कैफे, जूट बैग, ड्रोन सखी आदि से जुड़कर अपनी व अपने परिवार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  रोजगार से जोड़ने के हो रहे हैं नवीन प्रयास योगी सरकार द्वारा लगातार  महिलाओं द्वारा उत्पादित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु सरस मेला और अन्य विभागीय मेलों में प्रतिभाग करना ,आन लाइन बाजार से जोड़ना, काशी प्रेरणा मार्ट खोला जा रहा है। जनपद में आजीविका मिशन, जिला प्रसाशन के सहयोग से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के नवीन प्रयास हो रहे हैं। जनपद में महिलाओं को बीमा सखी बनाने, सीएसआर फण्ड से महिलाओं को आजीविका से जोड़ने, मधु मक्खी पालन, मखाना की खेती, बकरी पालन आदि से जोड़ने के लिए मुहिम चलायी जा रही है।  एकता संकुल समिति विकासखण्ड आराजीलाइन की वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षक अंजू देवी बताती हैं कि योगी सरकार ने आय और सम्मान दोनों दिलाया है। समूह से जुड़ कर महिलाएं दो से तीन रोजगार कर रही हैं तथा महिलाएं अपनी पहचान बना रही हैं। जो महिलाएं बैंक जाने से घबराती थीं, अब वे सुगमता से बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले रही हैं।  विकासखण्ड चिरईगांव की अचार और मुरब्बा बनाने वाली महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह की अमृता देवी बताती हैं ,डबल इंजन सरकार और सीएम योगी ने महिलाओं का जीवन बदल दिया है। महिलाओं में हुनर था लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से काम नहीं कर पाती थी। सरकार की योजना ने महिलाओं की प्रतिभा को निखारा दिया है।

घर का चूल्हा-चौका कर जिंदगी काटने वाली प्रयागराज की मनीषा ने बदल दी दर्जनों ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सशक्त और आत्म निर्भर बना रही योगी सरकार, जिले में 324 बिजली सखियों की बदल गई जिंदगी घर का चूल्हा-चौका कर जिंदगी काटने वाली प्रयागराज की मनीषा ने बदल दी दर्जनों ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से बिजली सखी बन मनीषा बनी लखपति प्रयागराज में बिजली सखियों ने इस साल अक्टूबर तक बिजली विभाग को दिलाया 12 करोड़ का राजस्व प्रयागराज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बना रही है । राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित किए गए स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बना रहे हैं । प्रयागराज में घरेलू काम काज देखने वाली सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी इस मिशन ने बदल दी है। मनीषा साहू बन गई ग्रामीण महिलाओं की आइकन कभी घर का चूल्हा कर अपना परिवार चलाने वाली मनीषा साहू आज गांव में आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। प्रयागराज के इस्माइलपुर में रहने वाली मनीषा साहू के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह अपने बच्चों को स्कूल में दाखिला करा पाती। पति असाध्य रोग से पीड़ित थे ऐसे में तीन बच्चों को पढ़ाने के लिए उसने उन्हें अपने मायके भेज दिया जहां उनके पिता ने उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाया। मनीषा ने 2020 में मां गंगा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी नई राह बनाई। मनीषा ने बिजली सखी के रूप में कार्य करना शुरू किया । मनीषा बताती है कि सुबह सुबह एक टूटी फूटी साइकिल से गांव गांव लोगों के बिजली के बिल जमा करने और उनका बिल लेने निकल जाती । शुरुआती दिनों में इस कार्य की कमीशन से उसे जो आमदनी होती थी उससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल था। लेकिन अब वह बिजली सखी के रूप में हर महीने 20 हजार से अधिक कमा लेती । मनीषा ने इसी पैसे से एक स्कूटी खरीद ली है। गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाओं को भी मनीषा ने इससे जोड़ लिया है और उन महिलाओं की जिंदगी भी अब बदल गई है।  आत्म निर्भरता की मिसाल बनी जिले की 234 बिजली सखी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की रही है। सरकार ने इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूह गठित किए जिसके माध्यम से महिलाओं को स्वयं सक्षम बनने में मदद मिल रही है। प्रयागराज के उपायुक्त एनएलआरएम अशोक कुमार गुप्ता बताते हैं कि ग्रामीण महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के अभियान में इन्हें नई जिम्मेदारी दी जा रही है। जनपद में महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 820 महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में गांव में बिजली के बिल जमा करने और उपभोक्ताओं को बिजली विभाग की तरफ से चलाई गई योजनाओं की जानकारी देने  जिम्मेदारी दी गई है । इसमें 324 बिजली सखी इस समय सक्रिय हैं। इसमें भी मां गंगा महिला स्वयं सहायता समूह अग्रणी है। समूह की अध्यक्ष मनीषा साहू ने इस साल नवंबर के पहले हफ्ते तक इससे बिजली विभाग को 12 करोड़ से अधिक के बिजली बिल जमा कराए हैं। अनुमान है कि इस वित्तीय वर्ष उनका राजस्व 22 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगा।