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सिंगापुर के निवेशकों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य जारी: योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन उत्तर प्रदेश में निवेश पूरी तरह सुरक्षित और संभावनाओं से परिपूर्ण: सीएम योगी सिंगापुर के निवेशकों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य जारी: योगी आदित्यनाथ सिंगापुर का हर इंडस्ट्री लीडर आज भारत में ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में उत्तर प्रदेश की भूमिका को समझ रहा: मुख्यमंत्री आज उत्तर प्रदेश टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के साथ ही ट्रांसफॉर्मेशन के रूप में भी पहचान बना रहा: सीएम योगी सिंगापुर में इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो में बोले मुख्यमंत्री, आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं की भूमि नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस की भूमि बन चुका है सिंगापुर/लखनऊ  सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन ‘इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के ‘ट्रिपल एस’ (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) मॉडल को निवेश की सबसे बड़ी गारंटी बताते हुए प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं की नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस की भूमि बन चुका है। हमने पिछले 9 वर्ष के अंदर उत्तर प्रदेश में केवल सुरक्षा का ही माहौल नहीं दिया, बल्कि स्केल को स्किल और स्पीड के साथ कैसे जोड़ा जाता है, इसको भी करके दिखाया है। आज उत्तर प्रदेश ने केवल टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट में ही नहीं, बल्कि भारत के अंदर ट्रांसफॉर्मेशन के भी एक नए युग में आगे बढ़ने वाले प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अगले तीन से चार वर्षों में उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निर्णायक छलांग लगाएगा। उन्होंने सिंगापुर के उद्योग जगत को आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और संभावनाओं से परिपूर्ण है। जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक डेडिकेटेड “सिंगापुर सिटी” विकसित करने की योजना प्रस्तुत की है। यदि सिंगापुर के निवेशक एनसीआर क्षेत्र में आना चाहते हैं तो उनके लिए एक विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास भूमि की व्यवस्था की गई है, ताकि एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और वर्ल्ड-क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर का पूरा लाभ निवेशकों को मिल सके। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में उनका निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और यहां उन्हें अपनी व्यावसायिक संभावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा।  हर इंडस्ट्री लीडर के लिए यूपी एक ड्रीम डेस्टिनेशन मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर व उत्तर प्रदेश कैसे एक साथ आगे बढ़ सकते हैं, सिंगापुर विजिट के दौरान इन संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। दो दिन में जीआईसी (GIC), टेमासेक (Temasek),  सैट्स, जीएसएस ग्रीन्स और ब्लैकस्टोन सहित प्रमुख संस्थाओं के चेयरमैन और सीईओ से चर्चा करने का अवसर मिला। सिंगापुर के उद्योग जगत के साथ बहुचरणीय बैठकों में सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि सिंगापुर का हर इंडस्ट्री लीडर आज भारत में एक ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में उत्तर प्रदेश की भूमिका को समझ रहा है। उत्तर प्रदेश केवल भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन ही नहीं है, बल्कि निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और संभावनाओं से भरा प्रदेश बनकर उभरा है। यूपी ने तय की पोटेंशियल से परफॉर्मेंस की यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10–11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो प्रगति की है, उसी विजन को उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश ने ‘लैंड ऑफ पोटेंशियल’ से ‘लैंड ऑफ परफॉर्मेंस’ तक की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है। 9 वर्षों में प्रदेश की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये होने जा रही है। पर कैपिटा इनकम लगभग तीन गुना बढ़ी है और भारत की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान लगभग 9.5 प्रतिशत है। प्रदेश डी-रेगुलेशन रैंकिंग में प्रथम स्थान पर है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर है और 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर डी-क्रिमिनलाइजेशन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पिछले पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस राज्य बना हुआ है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और लैंड बैंक की ताकत मुख्यमंत्री ने बताया कि 75,000 एकड़ का लैंड बैंक एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के आसपास उपलब्ध है। भारत के कुल एक्सप्रेसवे का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। 16,000 किलोमीटर का विशाल रेलवे नेटवर्क और 7 शहरों में मेट्रो संचालन प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाता है। प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शीघ्र ही राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी से हल्दिया तक भारत का पहला राष्ट्रीय जलमार्ग संचालित है और मल्टी-मोडल टर्मिनल विकसित किए गए हैं। पिछले 9 वर्षों में राज्य में कारखानों की संख्या 14,000 से बढ़कर 31,000 से अधिक हो चुकी है। भारत की मात्र 11 प्रतिशत कृषि भूमि उत्तर प्रदेश में है,  लेकिन देश का 21 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न उत्पादन यहीं होता है। इसीलिए यूपी भारत का ‘फूड बास्केट’ है। यहां फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। यूपी में ट्रेंड मैनपॉवर उपलब्ध मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ा निवेश करना इसलिए भी आसान है, क्योंकि आज राज्य के पास प्रशिक्षित और स्किल्ड मैनपावर की भरपूर उपलब्धता है। 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में 56 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या वर्किंग फोर्स है, जो उद्योग, सेवा क्षेत्र और अन्य सभी सेक्टरों में कार्य करने के लिए तैयार है। राज्य ने स्किल को स्पीड और एम्प्लॉयमेंट से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए हैं, लेबर रिफॉर्म, स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया है। साथ ही 96 लाख एमएसएमई इकाइयां पहले से कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ रही हैं।  सिंगल विंडो और पारदर्शी व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश करना अब बहुत आसान है। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र पोर्टल के माध्यम से सिंगल विंडो क्लियरेंस, टाइम-बाउंड अनुमोदन और ऑनलाइन डीबीटी के जरिए … Read more

मुख्यमंत्री ने कहा, 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की ओर यूपी बढ़ा रहा निर्णायक कदम

सीएम के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन, सीएम की प्रेसवार्ता सिंगापुर में मिले ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, ₹60 हजार करोड़ के हुए एमओयू: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की ओर यूपी बढ़ा रहा निर्णायक कदम सीएम योगी ने दूसरे दिन सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात एमआरओ, कार्गो, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, स्किलिंग और लॉजिस्टिक्स में व्यापक सहयोग पर बनी सहमति: मुख्यमंत्री दुनिया हुई पारदर्शी, निवेशकों को यूपी की हर गतिविधि की जानकारी: सीएम आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि विश्व स्तर पर अत्यंत सकारात्मक रूप में देखी जा रही है: योगी आदित्यनाथ सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ सिंगापुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिंगापुर में टीम यूपी को लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से ₹60 हजार करोड़ के एमओयू ‘इन्वेस्ट यूपी’ द्वारा संपन्न किए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह निवेश प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया आज पूरी तरह पारदर्शी हो चुकी है। निवेशकों को उत्तर प्रदेश में हो रही प्रत्येक गतिविधि की जानकारी है। यही कारण है कि कम समय में ही यूपी को इतना बड़ा निवेश प्राप्त हुआ है।  नौ वर्षों में यूपी ने तेजी से किया विकास मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर व जापान की यात्रा पर आया है। सिंगापुर पहुंचने के बाद सुबह 8:30 बजे से देर रात तक लगातार बैठकें चलीं और दूसरे दिन भी प्रातःकाल से ही कार्यक्रम जारी रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने समग्र विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश ने बीते साढ़े आठ-नौ वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर और जन-कल्याण के क्षेत्रों में तेज गति से विकास किया है। आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि विश्व स्तर पर अत्यंत सकारात्मक रूप में देखी जा रही है। 100 से अधिक शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने 100 से अधिक प्रतिनिधियों से भेंट की है। सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ऊर्जा मंत्री के साथ भी उनकी सकारात्मक व सार्थक वार्ता हुई। इसके अतिरिक्त प्रमुख फिनटेक कंपनियों के अध्यक्ष व सीईओ के साथ भी बैठकें की गईं। कई कंपनियां पहले से भारत और उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। सीएम योगी ने उल्लेख किया कि देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित हो रहे गंगा एक्सप्रेसवे में भी कुछ कंपनियों ने पहले से निवेश किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रति निवेशकों की धारणा में 360 डिग्री का सकारात्मक परिवर्तन आया है। जेवर में एमआरओ और कार्गो हब की दिशा में पहल मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने उन अत्याधुनिक स्थलों का भी दौरा किया, जहां सामान्य लोगों का प्रवेश कठिन होता है। विशेष रूप से शीघ्र शुरू होने वाले जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ कार्गो सुविधा और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉलिंग) विकसित करने के लिए सिंगापुर की दक्षता का अध्ययन किया गया। सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में भारत सहित विश्व के अनेक विमान अपने एमआरओ कार्यों के लिए सिंगापुर आते हैं। यह सुविधा भारत में, विशेषकर जेवर में विकसित की जा सकती है। निवेशकों ने इस विषय पर गंभीर तैयारी कर रखी है और वे उत्तर प्रदेश के साथ संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। स्किलिंग मॉडल से ‘एम्प्लॉयमेंट जोन’ तक मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर के विश्वस्तरीय स्किलिंग सेंटर (आईटीई) का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि हमने यूपी के अंदर हर जिले में स्केल को स्किलिंग में बदलने के लिए और स्किलिंग को रोजगार से जोड़ने के लिए लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन डेवलप करने की जो कार्रवाई शुरू की है, उसका यहां भी एक मॉडल देखने को हमें मिला है। सीएम ने उम्मीद जताई कि इस सेंटर के साथ भी हम इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे।  टीम यूपी की सराहना, उच्चायुक्त को धन्यवाद मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ सहित प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों और अधिकारियों की सराहना की, जो लगातार बैठकों में सक्रिय हैं। उन्होंने भारतीय उच्चायुक्त और उनकी टीम का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म, लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, एमआरओ और स्किलिंग जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सिंगापुर में हुए निवेश समझौते और प्राप्त प्रस्ताव उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेज गति से अग्रसर करेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर में चली ब्रह्मोस’, योगी का संदेश- यूपी बनेगा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब

‘ऑपरेशन सिंदूर में जो ब्रह्मोस चली थी न…’, योगी का संदेश- डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग यूपी का नया ब्रांड सिंगापुर में इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो इवेंट में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान की यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के पहले दिन उन्होंने सिंगापुर में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया। CM योगी आदित्यनाथ ने मंच से एक ऐसी बात कही जिसने उत्तर प्रदेश की डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग के उद्देश्य को वैश्विक पटल पर स्पष्ट शब्दों में बयान किया।  CM योगी ने कहा- ‘ऑपरेशन सिंदूर के अंदर जो ब्रह्मोस मिसाइल दागी गई थी ना, वह लखनऊ की ही है।’ सिंगापुर की धरती पर योगी का यह एक वाक्य पूरी दुनिया के लिए संदेश है। यह भारत की रक्षा क्षमता, आत्मनिर्भरता और उत्तर प्रदेश के उभरते औद्योगिक सामर्थ्य का वैश्विक मंच पर प्रदर्शन भी था। उन्होंने जिस आत्मविश्वास के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र किया, उसने इस चर्चा को स्थानीय सीमाओं से निकालकर अंतरराष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बना दिया। ब्रांड यूपी की दबंग दस्तक आज के बदलते भू-राजनीतिक माहौल में रक्षा क्षेत्र केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह किसी भी राष्ट्र की तकनीकी क्षमता, आर्थिक ताकत और रणनीतिक प्रभाव का भी सूचक बन चुका है। ऐसे समय में, जब सिंगापुर में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ब्रह्मोस जैसी मिसाइल अब लखनऊ में बन रही है, तो यह केवल एक वक्तव्य नहीं था, बल्कि ‘ब्रांड यूपी’ की दबंग दस्तक की स्प्ष्ट उद्घोषणा थी। ब्रह्मोस इसलिए है 'ब्रह्मास्त्र' ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को यूं ही ‘भारत का देसी ब्रह्मास्त्र’ नहीं कहा जाता। लगभग 3 मैक की रफ्तार से उड़ने वाली यह मिसाइल करीब 800 किलोमीटर की दूरी तक सटीक वार करने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी अचूक निशाना, हवा में मार्ग बदलने की क्षमता और दुश्मन के रडार को चकमा देने की तकनीक है। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे खतरनाक और प्रभावी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिना जाता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में इसका जिक्र इस बात को रेखांकित करता है कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयातक देश नहीं रहा, बल्कि वह उन्नत हथियार प्रणालियों का निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। योगी आदित्यनाथ के बयान में जब यह कहा गया कि इस मिसाइल ने पाकिस्तान में आतंकियों और एयरबेस को नेस्तनाबूद कर दिया, तो यह संदेश भी स्पष्ट था कि भारत की सैन्य क्षमता अब निर्णायक और सटीक कार्रवाई करने में सक्षम है।  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जिक्र के मायने  इस पूरी चर्चा का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू उत्तर प्रदेश का डिफेंस कॉरिडोर है। योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर में जिस तरह से यूपी के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को प्रमोट किया, वह राज्य को रक्षा उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है। छह नोड्स में विकसित हो रहा यह कॉरिडोर लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, चित्रकूट और अलीगढ़ जैसे शहरों को रक्षा उत्पादन के नक्शे पर ला रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस का निर्माण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि यह उस बदलाव का प्रतीक है जिसमें उत्तर प्रदेश ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल हब’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे न केवल निवेश आकर्षित होगा, बल्कि उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।सिंगापुर में इस मुद्दे को उठाने के पीछे एक स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है।  सिंगापुर में ब्रह्मोस और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चर्चा के जरिए योगी आदित्यनाथ ने जहां भारत की सैन्य ताकत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का प्रयास किया, वहीं एमओयू के माध्यम से उन्होंने यह भी दिखाया कि उत्तर प्रदेश निवेश, विकास और रोजगार के नए युग में प्रवेश कर चुका है। यह ‘दबंग दस्तक’ केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि समग्र विकास की कहानी कहती है- जिसके मूल में ब्रह्मोस की रफ्तार के साथ-साथ तीव्र गति से हो रहा विकास भी समाहित है। सिंगापुर में इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो इवेंट में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन मुझे प्रसन्नता है कि कल से अब तक हम लोगों ने यहां पर टेमासेक, GIC, USC, सेट्स, UBPN, GSS ग्रीन्स, शेपकोर, ब्लैकस्टोन इत्यादि संस्थाओं के चेयरमैन एंड CEOs के साथ हमारी बड़ी सार्थक चर्चा हुई है और अन्य बिजनेस लीडर के साथ भी अलग-अलग चरणों में हमारी यहां पर बातचीत हुई।  यह कल से लेकर के अब तक के इस बिजी शेड्यूल के बीच यह हमारे कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है जब पूरे सिंगापुर के आप सभी इंडस्ट्री लीडर्स के साथ में मुझे और मेरी टीम को संवाद करने का एक अवसर प्राप्त हो रहा है : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी ने सिंगापुर के शीर्ष नेताओं से मुलाकात, एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए निवेश का किया आह्वान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर यात्रा का दूसरा दिन सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से मिले सीएम योगी एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के लिए निवेश का दिया आमंत्रण सिंगापुर/लखनऊ अपने आधिकारिक दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री एवं व्यापार और उद्योग मंत्री गान किम योंग तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के समन्वय मंत्री और गृह मंत्री के. शनमुगम से मुलाकात की। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में हुई इन चर्चाओं का केंद्र उत्तर प्रदेश में शहरी नियोजन, आंतरिक सुरक्षा ढांचे और डिजिटल गवर्नेंस में सिंगापुर की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रहा। औद्योगिक निवेश पर हुई चर्चा गान किम योंग के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के 'प्रो-बिजनेस' वातावरण पर जोर दिया। उन्होंने राज्य के विशाल लैंड बैंक और शीघ्र ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से मिलने वाली कनेक्टिविटी को रेखांकित किया। बैठक में दिल्ली एनसीआर में सिंगापुर की कंपनियों द्वारा औद्योगिक टाउनशिप स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई, जिसमें सेमीकंडक्टर निर्माण और ग्रीन हाइड्रोजन मॉड्यूल पर विशेष फोकस रहा। सुरक्षा एवं प्रबंधन पर जोर के. शनमुगम के साथ संवाद में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में बेहतर होती कानून-व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर चर्चा की, जिसमें सिंगापुर के तकनीक-एकीकृत पुलिसिंग मॉडल और आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया गया। इन बैठकों के दौरान उपस्थित सिंगापुर के कारोबारी समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने स्वतंत्र वित्तीय कोषों और निजी निवेशकों को राज्य के लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि नियामक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली से उत्तर प्रदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स के पूरे होने की समय-सीमा में उल्लेखनीय कमी आई है।

सीएम योगी के नेतृत्व में सिंगापुर में मिली बड़ी सफलता, सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के साथ हुआ करार

सिंगापुर के साथ यूपी की बड़ी रणनीतिक साझेदारी, इन्वेस्ट यूपी व एससीई के बीच एमओयू सीएम योगी के नेतृत्व में सिंगापुर में मिली बड़ी सफलता, सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के साथ हुआ करार संस्थागत क्षमता, नीतिगत ढांचे और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर साथ मिलकर करेंगे काम सिंगापुर/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी और सिंगापुर सरकार के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता उत्तर प्रदेश में संस्थागत क्षमता व नीतिगत ढांचे को सुदृढ़ बनाने और इकोसिस्टम के विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। सतत विकास और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा पर फोकस एमओयू के तहत दोनों पक्ष विषयगत ज्ञान के आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग और परामर्श सेवाओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश में सतत आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आधुनिक अवसंरचना के विकास को गति देने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। इन क्षेत्रों में होगा सहयोग समझौते के अनुसार, दोनों पक्ष न सिर्फ स्टडी विजिट्स व लीडरशिप डेलिगेशन का आयोजन करेंगे, बल्कि ट्रेनिंग व कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रमों का खाका तैयार कर उसे लागू भी कराएंगे। इससे लोगों की कार्यक्षमता व कौशल, दोनों को बेहतर किया जा सकेगा। इसके अलावा सलाह व मार्गदर्शन उपलब्ध कराना, साथ मिलकर तकनीकी सहयोग की परियोजनाएं तैयार करना और उन्हें लागू करना, सरकारी व निजी क्षेत्र से जुड़े संबंधित लोगों व संस्थाओं का सहयोग हासिल करना भी एमओयू के प्रावधानों में शामिल है। आवश्यकता पड़ने पर विशिष्ट परियोजनाओं के लिए अलग से लिखित समझौते किए जाएंगे, जिनमें कार्यक्षेत्र, समयसीमा और वित्तीय प्रावधान स्पष्ट किए जाएंगे। दो माह के भीतर विस्तृत परियोजना समझौतों पर बातचीत शुरू की जाएगी और छह माह के भीतर उन्हें अंतिम रूप देने का प्रयास किया जाएगा।  वैश्विक अनुभव का मिलेगा लाभ इस साझेदारी से उत्तर प्रदेश को सिंगापुर के प्रशासनिक अनुभव, शहरी नियोजन, औद्योगिक क्लस्टर विकास, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुभव का लाभ मिलेगा। इस समझौते को उत्तर प्रदेश की वैश्विक सहभागिता और लॉन्ग टर्म विजन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन भी सफलताओं का सिलसिला जारी

सीएम के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन  जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी एआई सैट्स सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन भी सफलताओं का सिलसिला जारी एविएशन सर्विस सेक्टर की दिग्गज कंपनी एआई सैट्स ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर जेवर एयरपोर्ट पर आधुनिक कार्गो कैंपस बनेगा और एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना होगी, जिससे नॉर्थ इंडिया के सभी एयरपोर्ट्स पर की जाएगी फूड सप्लाई सिंगापुर/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का एक और तोहफा मिला है। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी एआई सैट्स (AISATS) के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस और दूसरा विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर एआई सैट्स 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी।  जेवर एयरपोर्ट बनेगा नॉर्थ इंडिया का कार्गो हब एमओयू के अनुसार, एआई सैट्स जेवर एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस का निर्माण करेगी। यह कार्गो कैंपस न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कैंपस अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा। स्थापित की जाएगी अत्याधुनिक एयर कैटरिंग किचेन एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना की जाएगी। यह किचेन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगा। विशेष बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर भी की जाएगी। इससे क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सिंगापुर दौरे का रणनीतिक महत्व मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कैंपस और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में स्थापित करेंगे।

फ्रैंकफर्ट में यूपी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, हेल्थ-टेक और एआई सहयोग पर बनी सहमति

लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में चलेंगी एआई-आधारित स्वास्थ्य परियोजनाएं फ्रैंकफर्ट में यूपी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, हेल्थ-टेक और एआई सहयोग पर बनी सहमति जर्मनी की टेक कंपनी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी डेटा गोपनीयता, स्थानीयकरण और राजस्व सृजन के अवसरों पर फोकस लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में गए उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में टेक कंपनी इनोप्लेक्सेस एंड पार्टेक्स के सीईओ डॉ. गुंजन भारद्वाज से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और एआई-आधारित समाधानों के क्षेत्र में उन्नत सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. गुंजन भारद्वाज ने भारत में अपने संचालन विस्तार की योजनाएं साझा करते हुए बताया कि साझेदारी मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी है। साथ ही गोपनीयता-अनुपालन वाले स्वास्थ्य डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करने और गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ व प्रयागराज में एआई-आधारित स्वास्थ्य परियोजनाओं का पायलट संचालन प्रस्तावित है। बैठक में कंप्यूटर सेंटर स्थापित करने, जीसीसी संचालन को मजबूत करने तथा चिकित्सा शिक्षा में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। प्रतिनिधिमंडल और डॉ. भारद्वाज के बीच कड़े डेटा गोपनीयता मानकों, डेटा स्थानीयकरण और सुशासन सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी को डेटा-आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा सरकारी साझेदारी को विस्तार देने और संभावित राजस्व सृजन के तमाम मुद्दों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन बैठक: निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर विशेष फोकस

फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक में निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर जोर निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति और औद्योगिक क्षमताओं का हुआ प्रस्तुतिकरण दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के लिए बैठकों को लेकर बनी सहमति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में हेसेन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। हेसेन की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य सचिव कैरिन मुलर ने किया। बैठक में द्विपक्षीय सहयोग और निवेश अवसरों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। साथ ही मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आईटी/आईटीईएस, जीसीसी तथा 660+ मेगावाट डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में राज्य की मजबूत क्षमताओं को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान हेसेन की वित्त, रसायन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में वैश्विक विशेषज्ञता पर भी प्रकाश डाला गया। दोनों पक्षों ने क्षेत्र-विशिष्ट साझेदारियों की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक रुख दिखाया। साथ ही विशेषज्ञ स्तर की सहभागिता को प्रोत्साहित करने और दीर्घकालिक राज्य स्तरीय सहयोग को मजबूत बनाने के लिए बैठकों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।

कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद

प्रदेश में पीएम-कुसुम सी2 से ऊर्जा सुधार को नई गति, 1708 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पीपीए कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद कौशांबी और बिजनौर की पायलट परियोजनाएं बनीं मॉडल, सब्सिडी बोझ घटाने की दिशा में ठोस कदम लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के संरचनात्मक सुधार को नई मजबूती मिल रही है। कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए लागू प्रधानमंत्री कुसुम योजना (कंपोनेंट सी2) राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में प्रभावी पहल बनकर उभर रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई और बिजली की विश्वसनीय सुविधा उपलब्ध कराना, डीजल व परंपरागत बिजली पर निर्भरता कम करना और दिन के समय निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। प्रदेश में अब तक लगभग 1708.1 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) निष्पादित किए जा चुके हैं। इससे अनुमानित 3.67 लाख कृषि उपभोक्ताओं को दिन में नियमित बिजली आपूर्ति मिलने की संभावना है। योगी सरकार की यह पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि किसानों को सशक्त बनाने और प्रदेश को हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करने का भी प्रभावी कदम है। 1.55 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक सहायता योजना के वित्तीय ढांचे के तहत केंद्र सरकार अधिकतम 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तथा राज्य सरकार 50 लाख रुपये प्रति मेगावाट की पूंजीगत सहायता दे रही है। इस प्रकार कुल सहायता लगभग 1.55 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक पहुंच रही है। इससे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। कौशांबी और बिजनौर जिलों में स्थापित लगभग 3.3 मेगावाट की पायलट परियोजनाएं राज्य में व्यापक क्रियान्वयन के लिए मॉडल के रूप में देखी जा रहीं हैं। इन परियोजनाओं से प्राप्त अनुभव के आधार पर अन्य जिलों में भी सौर ऊर्जा कार्य को गति दी जा रही है। वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सकारात्मक सुधार की उम्मीद प्रधानमंत्री कुसुम सी2 के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की वित्तीय स्थिति में मध्यम अवधि में सकारात्मक सुधार की उम्मीद है। वर्तमान में कृषि क्षेत्र को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के कारण डिस्कॉम पर उच्च सब्सिडी भार रहता है। स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन से पावर अनुरक्षण लागत घट सकती है और दिन के समय महंगी बिजली खरीदने की आवश्यकता कम हो सकती है।  ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से एटी&सी लॉस में कमी, कैश फ्लो में सुधार और ऊर्जा लेखांकन की पारदर्शिता बढ़ने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। यदि बैंकिंग प्रक्रियाएं सरल हों, भुगतान सुरक्षा तंत्र मजबूत किया जाए और परियोजनाओं की मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से हो, तो कुसुम सी2 उत्तर प्रदेश में कृषि बिजली आपूर्ति सुधार और बिजली सब्सिडी के दीर्घकालिक बोझ को कम करने का मजबूत माध्यम सिद्ध हो सकता है।

सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय

सिंगापुर में गूंजा नारा “योगी हैं तो यूपी है” सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय सीएम को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर संबोधित किया एक महिला ने, कहा अब यूपी में रात में बिना सारे निकल सकती हैं महिलाएं सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों ने गणपति वंदना पर प्रस्तुत किया मनोहारी नृत्य, सीएम ने की मुक्त कंठ से सराहना सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सिंगापुर में अपने बीच देखकर प्रवासी भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह छा गया। मुख्यमंत्री के संबोधन के बीच कार्यक्रम स्थल पर लगातार तालियां बजती रहीं। “योगी हैं तो यूपी है” की गूंज पूरे वातावरण में ऊर्जा भर रही थी। कार्यक्रम में जब एक महिला ने सीएम योगी को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर बुलाया तो पूरा माहौल भावनात्मक हो गया। आयोजन में एक बच्ची मुख्यमंत्री का स्केच बनाकर लाई थी, जिस पर सीएम योगी ने अपना ऑटोग्राफ देकर उसके चेहरे पर मुस्कान ला दी।  कार्यक्रम के दौरान सिंगापुर में रह रही भारतीय मूल की स्वाति ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए खुद को उत्तर प्रदेश और सीएम योगी आदित्यनाथ की बहन बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत में मुख्यमंत्री का संबोधन सुनकर वह प्रेरित हुईं। स्वाति ने कहा, “जब संत सियासत में आता है तो सियासत इबादत बन जाती है, बन चुकी है। मैं उत्तर प्रदेश की साढ़े 11 करोड़ महिलाओं की ओर से मुख्यमंत्री को 'भैया' कहती हूं, क्योंकि उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिला है। अब महिलाएं रात में भी निडर होकर बाहर निकल सकती हैं। अपराधियों में कानून का भय है।" स्वाति ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए नारा दिया कि योगी हैं तो यूपी है और संस्कृत में कहा, “योगी नेतृत्वे प्रदेशः भवति सुरक्षितम शुभम”। सिंगापुर में आयोजित यह संवाद प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच बढ़ते संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव का सशक्त संदेश देता नजर आया। जब मुख्यमंत्री मंच पर थे उस समय एक बच्ची उनका स्केच लेकर वहां पहुंची, सीएम योगी ने उस स्केच पर अपना ऑटोग्राफ दिया, जिसके बाद बच्ची बेहद प्रसन्न नजर आई। एक महिला ने मुख्यमंत्री की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) भी बांधा। इस अवसर पर सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष भारतीय परंपरा को जीवंत करते हुए गणपति वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुति दी, जिसकी मुख्यमंत्री ने मुक्तकंठ से सराहना की। स्कूल के संस्थापक ने कहा "आपमें हमें हमारे श्रद्धेय पहले प्रधानमंत्री और सिंगापुर के संस्थापक श्री ली क्वान यू की प्रतिछाया प्रतीत हो रही है।"    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की शास्त्रीय विधा को यहां पर इन बच्चों ने गणपति वंदना के माध्यम से बड़े ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया। आज जब पाश्चात्य संस्कृति को अपनाने की होड़ लग रही है, उन स्थितियों में भारत से हजारों किलोमीटर दूर सिंगापुर में रहकर भारतीय समुदाय अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत बनाए हुए उन्हें मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है।