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पशु कल्याण की बड़ी पहल: झांसी में पांच एकड़ भूमि पर विकसित होगा गो आश्रय व पशु चिकित्सा केंद्र

झांसी में पांच एकड़ भूमि पर बनेगा गो आश्रय स्थल और पशु चिकित्सा एवं सेवा केंद्र पशुपालन विभाग की भूमि पर निजी संस्था के सहयोग से संचालित होंगी पशु कल्याण गतिविधि मोठ तहसील में 5 एकड़ जमीन पर दया भावना फाउंडेशन बनाएगा पशु चिकित्सा एवं सेवा केंद्र योगी सरकार की कैबिनेट से मंजूरी के बाद एमओयू का रास्ता हुआ साफ झांसी, सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले पशुओं के बेहतर उपचार और देखभाल के लिए झांसी में पशु चिकित्सालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में बुधवार को मिली मंजूरी के बाद अब पशुपालन विभाग के साथ दया भावना फाउंडेशन नाम की गैर सरकारी संस्था का एमओयू किया जाएगा। दया भावना फाउंडेशन इस पशु चिकित्सालय का निर्माण, पशु आश्रय स्थल का निर्माण और संचालन का काम करेगी। झांसी जिले के मोठ तहसील के ग्राम सभा बम्हरौली में पशुपालन विभाग की पांच एकड़ जमीन पर पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल का निर्माण किया जाएगा। दया भावना फाउंडेशन सोनागिरी की झांसी शाखा पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल का निर्माण करेगी। इसमें पशुओं के उपचार के साथ ही उनके आश्रय की व्यवस्था रहेगी और चारे के उत्पादन आदि की गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। सारी गतिविधियां फाउंडेशन की ओर से की जाएंगी और जमीन का स्वामित्व पशुपालन विभाग का रहेगा।  पशुपालन विभाग के झांसी मंडल के अपर निदेशक डॉ. अरविंद सागर ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब गैर सरकारी संस्था के साथ एमओयू किया जाएगा। निराश्रित, बीमार और दुर्घटना का शिकार होने वाले पशुओं को संरक्षण देने में इससे काफी मदद मिलेगी। इस जमीन का स्वामित्व पशुपालन विभाग के पास रहेगा जबकि पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल के निर्माण और संचालन का काम संस्था करेगी।

आगरा, बरेली व प्रयागराज में नए शहरों के विकास को मंजूरी

18 शहरों में 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाएगी योगी सरकार जीसीसी मॉडल पर होगा संचालन, नगरीय परिवहन को मिलेगा आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल स्वरूप यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं, निजी निवेश से बढ़ेगी सेवा गुणवत्ता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मिली स्वीकृति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में  आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 18 शहरों में ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य नगरीय परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और यात्री सुविधाओं के अनुरूप बनाना है। योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी तथा नोएडा (जेवर सहित) में 9 मीटर और 12 मीटर श्रेणी की कुल 1725 एसी ई-बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों द्वारा जीसीसी मॉडल पर किया जाएगा और अनुबंध की अवधि वाणिज्यिक संचालन तिथि से 12 वर्ष होगी। कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी देते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कुल 24 प्रस्तावों को कैबिनेट की ओर से स्वीकृति दी गई। जीसीसी मॉडल के अंतर्गत बसों की खरीद, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना, चालक एवं तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता, बसों का संचालन और अनुरक्षण की पूरी जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों की होगी। निर्धारित मानकों के आधार पर उन्हें संचालन एवं अनुरक्षण शुल्क का भुगतान किया जाएगा। योजना के तहत 12 मीटर ई-बस पर 40 लाख रुपये तथा 9 मीटर ई-बस पर 35 लाख रुपये प्रति बस की दर से अनुदान भी दिया जाएगा। परियोजना के लिए आवश्यक डिपो निर्माण हेतु भूमि संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। किराया एवं उपयोगकर्ता शुल्क का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। इस योजना से सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित एवं समयबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही निजी निवेश के माध्यम से सरकारी वित्तीय भार कम होगा तथा प्रदेश के शहरों में आधुनिक शहरी परिवहन तंत्र को नई मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि अभी 15 नगर निगमों में नगरीय परिवहन निदेशालय द्वारा 743 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। आगरा, बरेली व प्रयागराज में नए शहरों के विकास को मंजूरी प्रथम किस्त के रूप में 225 करोड़ रुपये जारी होंगे  कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आगरा, बरेली व प्रयागराज में नए शहरों के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए धनराशि स्वीकृत करने और व्यय संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस निर्णय से प्रदेश में आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नगरीय विकास को नई गति मिलेगी। प्रदेश सरकार द्वारा तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शहरों के नियोजित विस्तार के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। योजना के संचालन के लिए 6 अप्रैल 2023 को विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे। योजना के तहत नए शहरों के विकास के लिए भूमि अर्जन पर होने वाले व्यय का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार द्वारा सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 20 वर्षों के लिए उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इससे विकास प्राधिकरणों और संबंधित एजेंसियों को बड़े पैमाने पर नगरीय अवसंरचना विकसित करने में सुविधा मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 3500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। इसी के अंतर्गत आगरा, बरेली व प्रयागराज में प्रस्तावित नए शहरों के विकास हेतु संबंधित अभिकरणों को कुल 355.06 करोड़ रुपये तक की सीड कैपिटल अनुमन्य की गई है। इसके सापेक्ष प्रथम किस्त के रूप में 225 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि अवमुक्त करने का निर्णय लिया गया है। बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु पर मुआवजा नीति को मंजूरी आश्रितों को समयबद्ध व त्वरित सहायता होगी सुनिश्चित  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के कारागारों में निरुद्ध बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में मृतक बंदियों के आश्रितों अथवा निकटस्थ परिजनों को मुआवजा भुगतान के लिए "उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति" बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। नई नीति का उद्देश्य बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, कारागार प्रशासन में पारदर्शिता तथा पीड़ित परिवारों को समयबद्ध राहत सुनिश्चित करना है। वर्तमान में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली की संस्तुतियों के आधार पर मुआवजा भुगतान की व्यवस्था प्रचलित है। हालांकि इस प्रक्रिया में विभिन्न स्तरों पर अनुमोदन और औपचारिकताओं के कारण मृतक बंदियों के आश्रितों को मुआवजा मिलने में अपेक्षाकृत अधिक समय लग जाता था। इसी समस्या के समाधान के लिए योगी सरकार ने एक स्पष्ट और संस्थागत नीति बनाने का निर्णय लिया है। नई नीति के तहत कारागारों में निरुद्ध बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु होने पर उनके आश्रितों अथवा निकटस्थ परिजनों को निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान अधिक त्वरित और सुव्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे, जिससे सभी मामलों में एक समान और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित हो सके। विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों से स्वीकृत मानचित्रों के विनियमतीकरण को मंजूरी महायोजना विहीन क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति के लिए बनेगी एसओपी  योगी कैबिनेट ने विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत किए गए मानचित्रों के विनियमतीकरण तथा विकास क्षेत्र, विस्तारित विकास क्षेत्र एवं विनियमित क्षेत्रों में, जहां अभी महायोजना तैयार नहीं है, वहां मानचित्र स्वीकृति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय से लंबे समय से लंबित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विकासात्मक समस्या का समाधान होगा। विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा पूर्व में स्वीकृत किए गए मानचित्रों की वैधता को लेकर जो प्रश्न उठ रहे थे, उन्हें विनियमतीकरण के माध्यम से दूर किया जा सकेगा। इससे आम नागरिकों, भू-स्वामियों और निर्माणकर्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार जिन विकास क्षेत्रों, विस्तारित विकास क्षेत्रों अथवा विनियमित क्षेत्रों की महायोजना अभी तैयार नहीं हुई है, वहां मानचित्र स्वीकृति के लिए एक स्पष्ट और … Read more

राज्य विधि अधिकारियों की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति

मोहनलालगंज में बनेगा नया उप निबंधक कार्यालय लखनऊ  योगी कैबिनेट ने जनपद लखनऊ के मोहनलालगंज में नए उप निबंधक कार्यालय के निर्माण हेतु भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से क्षेत्रीय नागरिकों को भूमि, भवन, विवाह, किरायानामा, गिफ्ट डीड तथा अन्य दस्तावेजों के पंजीकरण संबंधी सेवाएं अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार ग्राम मऊ, परगना एवं तहसील मोहनलालगंज स्थित कुल 953 वर्गमीटर भूमि राजस्व विभाग से स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इस भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त उप निबंधक कार्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसमें सब-रजिस्ट्रार कक्ष, रजिस्ट्रेशन कक्ष, अभिलेखागार, प्रतीक्षालय, पेयजल एवं महिला-पुरुष शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रदेश सरकार के अनुसार स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग राज्य का प्रमुख राजस्व अर्जित करने वाला विभाग है और प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख विलेखों का पंजीकरण करता है। बढ़ती जनसंख्या और पंजीकरण कार्यों की संख्या को देखते हुए नए कार्यालय की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि राजस्व विभाग द्वारा स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग को उक्त भूमि हस्तांतरण से संबंधित पट्टा विलेख पर स्टाम्प शुल्क तथा पंजीकरण शुल्क से पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी। इससे विभागीय प्रक्रिया सरल होगी और भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। राज्य विधि अधिकारियों की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति उच्चतम न्यायालय से लेकर जिला न्यायालयों तक पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं को मिलेगा लाभ कैबिनेट बैठक में राज्य विधि अधिकारियों को दी जाने वाली रिटेनरशिप एवं प्रति सुनवाई फीस में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। यह निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार से संबंधित मुकदमों और वादों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न जिला न्यायालयों, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ तथा उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में आबद्ध राज्य विधि अधिकारी राज्य के हितों की रक्षा और प्रभावी विधिक प्रतिनिधित्व का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। वर्तमान में उन्हें देय रिटेनरशिप एवं बहस शुल्क का निर्धारण 10 से 15 वर्ष पूर्व जारी शासनादेशों के आधार पर किया जा रहा था। बदलते समय, बढ़ती पेशेवर जिम्मेदारियों और न्यायिक प्रक्रियाओं की जटिलताओं को देखते हुए राज्य सरकार ने इन शुल्कों में वृद्धि का निर्णय लिया है। योगी सरकार के इस फैसले से अनुभवी एवं दक्ष अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन मिलेगा तथा विभिन्न न्यायालयों में राज्य सरकार के पक्ष की और अधिक प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो सकेगी। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही न्याय विभाग द्वारा की जाएगी। मक्का खरीद नीति को मंजूरी, 15 जून से 31 जुलाई तक 25 जिलों में होगी एमएसपी पर खरीद खरीदे गए मक्का का मूल्य यथासंभव 48 घंटे के भीतर किसानों को हस्तांतरित किया जाएगा  कैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 (रबी फसल) के लिए मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत मक्का खरीद नीति को मंजूरी प्रदान की गई। सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार प्रदेश में मक्का खरीद 15 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की जाएगी। इसके लिए फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, बहराइच, बलिया, गोंडा, फतेहपुर और मिर्जापुर कुल 25 जनपदों में 150 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश में 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीद का कार्यकारी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों से खरीद कंप्यूटरीकृत सत्यापित खतौनी, आधार कार्ड एवं फोटोयुक्त पहचान पत्र के आधार पर की जाएगी। इसके साथ ही भूमि और बोए गए रकबे का सत्यापन भूलेख पोर्टल से ऑनलाइन कराया जाएगा। योगी सरकार ने किसानों को त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की है कि क्रय एजेंसियों द्वारा खरीदे गए मक्का का मूल्य पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से किसानों के आधार लिंक एवं एनपीसीआई मैप्ड बैंक खातों में यथासंभव 48 घंटे के भीतर हस्तांतरित किया जाएगा। 1460 करोड़ रुपये से पांच नए जिला कारागारों का होगा निर्माण योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में प्रदेश के पांच जनपदों- मुरादाबाद, कानपुर नगर, औरैया, ललितपुर और भदोही में नवीन जिला कारागारों के निर्माण की परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई। इन परियोजनाओं पर 1460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। सरकार का उद्देश्य कारागारों में भीड़भाड़ कम करना, बंदियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा कारागार प्रशासन को अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनाना है। निर्णय के अनुसार मुरादाबाद में 2000 बंदी क्षमता का नया जिला कारागार 386.91 करोड़ रुपये की लागत से, कानपुर नगर में 2030 बंदी क्षमता का कारागार 384.05 करोड़ रुपये की लागत से तथा औरैया में 1056 बंदी क्षमता का कारागार 264.96 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया जाएगा। इसी प्रकार ललितपुर में 552 बंदी क्षमता की नई जेल 225.06 करोड़ रुपये तथा भदोही में 574 बंदी क्षमता की नई जेल 209.18 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी। नए कारागारों के निर्माण से बंदियों के आवास, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुधारात्मक गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।  इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी झांसी में गोआश्रय और पशु सेवा केंद्र के लिए एमओयू को मंजूरी, पशुपालन विभाग की 5 एकड़ भूमि पर निजी संस्था के सहयोग से संचालित होंगी पशु कल्याण गतिविधियां कानपुर में ईएसआई अस्पतालों के हस्तांतरण को मंजूरी, राज्य सरकार द्वारा संचालित पांडुनगर अस्पताल भारत सरकार को और भारत सरकार द्वारा संचालित जाजमऊ अस्पताल राज्य सरकार को सौंपा जाएगा

पिछ्ली सरकारों में ताल-पोखरों पर होता था कब्जा, हम कर रहे संरक्षण: सीएम योगी

चिलुआताल बनेगा ईको टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स का बेहतरीन केंद्र: सीएम योगी पिछ्ली सरकारों में ताल-पोखरों पर होता था कब्जा, हम कर रहे संरक्षण: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने किया चिलुआताल के पर्यटन विकास कार्यों का लोकार्पण 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निखारा गया है चिलुआताल को गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चिलुआताल पर्यटन विकास परियोजना के अगले चरणों में चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर ईको टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स के बेहतरीन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पिछली सरकारों में ताल-पोखरों पर कब्जा होता था। अपनी बपौती समझकर कुछ लोग इस पर हवेली बनवा लेते थे। जिन ताल-पोखरों पर कब्जा नहीं हो पाता था, वे गंदगी और अपराध के गढ़ बन जाते थे। डबल इंजन सरकार ताल-पोखरों पर कब्जा नहीं होने देती, बल्कि प्रकृति संरक्षण के दायित्वों का निर्वहन करती है। उन्हें बेहतरीन पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित कर समाज को प्राकृतिक वातावरण में आनंदित होने का मंच देती है।  सीएम योगी मंगलवार शाम गोरखपुर के उत्तरी छोर पर स्थित प्राकृतिक झील चिलुआताल के पर्यटन विकास कार्यों का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निखारे गए इस पर्यटन स्थल को जनता को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकारें, अच्छी चीजें लेकर आती हैं। चिलुआताल में होगा 20 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन सीएम योगी ने कहा कि चिलुआताल में कोल इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे चिलुआताल में 20 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। पूरे शहर की बिजली आपूर्ति यहां से संभव हो सकेगी। सोलर एनर्जी ग्रीन एनर्जी होती है, इससे किसी तरह का कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। चिलुआताल में लगने वाला फ्लोटिंग सोलर प्लांट नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहयोग करेगा।  नेचुरल है चिलुआताल का पानी सीएम योगी ने कहा अभी तक गोरखपुर में ईको टूरिज्म का प्रमुख केंद्र रामगढ़ताल ही था। पर, उसमें ड्रेनेज का पानी जाता था। रामगढ़ताल की सफाई कराई गई, ताल को डीसिल्ट किया गया। वहां आज भी पानी ट्रीटमेंट के बाद ही जाता है। यानी रामगढ़ताल का पानी पूरी तरह नेचुरल नहीं है, जबकि चिलुआताल का पानी नेचुरल है जो जंगलों से होकर आता है। खाद कारखाने के निर्माण में चिलुआताल को डीसिल्ट कर यहां से पानी दिया गया। सिल्ट का उपयोग निचले इलाकों के भराव में किया गया।  चिलुआताल में वाटर स्पोर्ट्स की असीम संभावनाएं  मुख्यमंत्री ने कहा कि रामगढ़ताल की तरह चिलुआताल में भी वाटर स्पोर्ट्स की असीम संभावनाएं हैं। कुछ दिनों पहले रामगढ़ताल में नेशनल जूनियर रोइंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ। इसमें 22 राज्यों के 200 से अधिक खिलाड़ी आए। सबने रामगढ़ताल की खूब सराहना की। अब जब लोग चिलुआताल को देखेंगे तो यह और भी अच्छा लगेगा। उन्होंने चिलुआताल के प्राकृतिक वातावरण की तारीफ करते हुए कहा कि चिलुआताल के किनारे लहरों से होकर आ रही हवा तापमान को कम कर सुखद एहसास करा रही है। यहां पर लोग परिवार के साथ आकर घूम सकते हैं। स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। यहां न प्रदूषण है और न ही किसी प्रकार की अव्यवस्था। अच्छे सिटी डेवपलमेंन्ट प्लान से बनती है अच्छी धारणा मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे सिटी डेवपलमेंन्ट प्लान से लोगों के मन में शहर की अच्छी धारणा बनती है। हमें गोरखपुर को सेफ और स्मार्ट सिटी के साथ ही सस्टेनेबल डेवलपमेंट वाली सिटी बनाना है। विकास की प्रक्रिया सतत बढ़ती रहेगी, लेकिन इसके संरक्षण की जिम्मेदारी नागरिकों की है। उन्होंने आमजन से विकास का संरक्षण करने, सार्वजनिक संपति का नुकसान न करने, ऐसा करने वालों को जेल भिजवाने और गंदगी न करने की अपील की। उन्होंने रामगढ़ताल की सफाई के दौरान 56 बोरी प्लास्टिक मिलने का जिक्र करते हुए आह्वान किया कि गोरखपुर को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ-सुंदर शहर बनाने का संकल्प लेना होगा।  5 से 21 जून तक स्वच्छता, पौधरोपण और योग शिविर के आयोजन का दिया निर्देश मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के सफलतम कार्यकाल के उपलक्ष्य में विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से लेकर विश्व योग दिवस 21 जून तक स्वच्छता, पौधरोपण और योग शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 5 जून को महानगर के दो मंडल सांसद व ग्रामीण विधायक के नेतृत्व में रामगढ़ताल और पांच मंडल चिलुआताल के किनारे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण का वृहद अभियान चलाएं। इसके पहले 4 जून को स्वच्छता का वृहद अभियान चलाया जाए। 21 जून को विश्व योग दिवस पर 'करो योग रहो निरोग' के संकल्प के साथ रामगढ़ताल और चिलुआताल पर विशाल योग शिविरों का आयोजन किया जाए। एसएसबी नहीं होती तो बंद खाद कारखाने का स्क्रैप भी नहीं बचता सीएम ने कहा कि 31 वर्ष तक गोरखपुर का खाद कारखाना बंद पड़ा था। यहां एसएसबी नहीं होती तो कारखाने का स्क्रैप भी नहीं बचता। अब खाद कारखाना शुरू हो गया है। यहां एसएसबी है, केंद्रीय विद्यालय भी है, सैनिक स्कूल खुल गया है और चिलुआताल का पर्यटन विकास भी हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के नए भवन के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। सीएम योगी के विजन से खूबसूरत चित्र सा निखर गया है गोरखपुर: रविकिशन इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता बेमिसाल है। उनके विजन से गोरखपुर खूबसूरत चित्र सा निखर गया है। मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में गोरखपुर विकास के लिहाज से पूरे देश मे नजीर पेश कर रहा है। रामगढ़ताल के बाद अब चिलुआताल भी फिल्मों की शूटिंग का केंद्र बनेगा। सांसद रविकिशन ने चिलुआताल पर लिखा अपना एक गीत भी सुनाया।  सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर का कोई भी कोना विकास से अछूता नहीं: महापौर लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर का कोई भी कोना विकास से अछूता नहीं रह गया है। यह मुख्यमंत्री जी का ही विजन है कि उन्होंने उपेक्षित रहे चिलुआताल को खूबसूरत पर्यटन स्थल बनवा दिया।   कार्यक्रम में एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह … Read more

यूपी में बच्चों के स्वास्थ्य पर फोकस, ‘पौष्टिक थाली’ से बदल रही नौनिहालों की जिंदगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश को कुपोषण के कलंक से मुक्त करने और नई पीढ़ी को शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक मूक क्रांति चल रही है। राज्य सरकार ने 'पीएम पोषण योजना' के अंतर्गत परिषदीय, राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में मिलने वाले मिडडे मील को पूरी तरह 'पोषण सुरक्षा कवच' में बदल दिया है। प्रदेश के कक्षा 1 से 8 तक के लाखों छात्र-छात्राओं को अब केवल पेट भरने के लिए भोजन नहीं, बल्कि कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन और आयरन से भरपूर संतुलित और गुणवत्तापूर्ण 'पौष्टिक थाली' दी जा रही है। इस योजना का सीधा असर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, स्कूलों में उनकी दैनिक उपस्थिति और सीखने की मानसिक क्षमता पर दिखने लगा है। प्राइमरी और अपर प्राइमरी के लिए तय हुए कड़े पोषण मानक बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास को वैज्ञानिक आधार देने के लिए योगी सरकार ने भोजन में कैलोरी और प्रोटीन की मात्रा का एक कड़ा मानक तय किया है, जिसे हर स्कूल में अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है।      प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5): प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन न्यूनतम 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन युक्त भोजन दिया जा रहा है।     उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8): किशोर वय के बच्चों की शारीरिक आवश्यकताओं को देखते हुए प्रतिदिन न्यूनतम 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन सुनिश्चित किया जा रहा है। थाली में शामिल हुए दूध, सोयाबीन और मौसमी फल भोजन को उबाऊ होने से बचाने और बच्चों में चाव पैदा करने के लिए साप्ताहिक मेन्यू में विविधता लाई गई है। अब बच्चों को नियमित रूप से कार्बोहाइड्रेट और सूक्ष्म पोषक तत्व देने के लिए भोजन में निम्नलिखित चीजें शामिल की जा रही हैं।     प्रोटीन की प्रचुरता के लिए विशेष रूप से सोयाबीन और विभिन्न प्रकार की दालें।     विटामिंस और मिनरल्स की कमी को दूर करने के लिए ताजा हरी सब्जियां और मौसमी फल।     बच्चों में कैल्शियम और आयरन की पूर्ति के लिए सप्ताह में निर्धारित दिन दूध का वितरण। मध्याह्न भोजन से आगे बढ़कर बनी 'समग्र स्वास्थ्य नीति' योगी सरकार के इस विजन का सबसे बड़ा बदलाव यह आया है कि यह योजना अब सिर्फ एक प्रशासनिक मध्याह्न भोजन कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने की एक दूरगामी नीति बन चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, संतुलित भोजन मिलने से गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों में कुपोषण की दर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। स्वस्थ शरीर मिलने से बच्चे अब कक्षाओं में अधिक एकाग्र हो पा रहे हैं, जिससे उनका शैक्षणिक प्रदर्शन भी पहले से काफी बेहतर हुआ है। स्वस्थ और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव शासन का मानना है कि एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य की इमारत केवल तभी खड़ी हो सकती है जब उसके बच्चे स्वस्थ और सक्षम हों। शिक्षा और पोषण के इस अनूठे समन्वय के जरिए योगी सरकार न केवल कुपोषण के खिलाफ अपनी जंग को मजबूत कर रही है, बल्कि एक आत्मविश्वासी, ऊर्जावान और मेधावी नई पीढ़ी को भी तैयार कर रही है जो आगे चलकर देश और प्रदेश की प्रगति का मुख्य आधार बनेगी।  

शिक्षा क्षेत्र में योगी सरकार की पहल का असर, बदल रही बच्चों की तकदीर

योगी सरकार की शिक्षा क्रांति से बदल रही बच्चों की तकदीर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने जेईई और बोर्ड परीक्षाओं में लहराया सफलता का परचम योगी सरकार में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बना सफलता का आधार, सफल विद्यार्थियों को मंत्री असीम अरुण ने दी बधाई लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने जेईई मेंस, जेईई एडवांस्ड और बोर्ड परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। योगी सरकार की निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी की व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। इस साल 11 विद्यार्थी जेईई मेंस में सफल रहे समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मिर्जापुर (मड़िहान) स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय को डॉ. अरुण कुमार तिवारी ट्रस्टी एक्स नवोदयन फाउंडेशन और टाटा एआईजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सीएसआर सहयोग से जेईई/नीट की निःशुल्क तैयारी हेतु 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया गया है। इस वर्ष कुल 11 विद्यार्थी जेईई मेंस में सफल रहे। इनमें मड़िहान की छात्राओं दामिनी पटेल, अंवाला वर्मा, सृष्टि, शिवानी और रागिनी ने जेईई मेंस में सफलता प्राप्त की, जबकि प्रीति ने जेईई एडवांस्ड के लिए भी क्वॉलीफाई किया। साथ ही प्रीति और दामिनी आईआईटी  मंडी के बीबीए व एमबीए कार्यक्रम के लिए भी शॉर्टलिस्ट हुईं। वहीं मेहरौना (देवरिया) के विकास यादव और अंकित सिंह, तीरगांव (बाराबंकी) के अभिषेक मिश्रा, जोगियाटप्पा भानपुर (बस्ती) के अमित कुमार व परसिया (मिर्जापुर) के ऋषिकेश भारती ने भी जेईई मेंस में बाजी मारी। बोर्ड परीक्षाओं में रहा दबदबा,  हुआ सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बोर्ड परीक्षाओं में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के छात्रों का दबदबा देखने को मिला है। यूपी बोर्ड से संबद्ध जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय निडौरी (गाजियाबाद) की छात्राओं अंजलि पुंडीर और अंशिका ने जनपद स्तर पर क्रमशः चौथा और छठा स्थान प्राप्त किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 31 हजार और 21 हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा और सीडीओ कुमार सौरभ द्वारा सम्मानित किया गया। सफल विद्यार्थियों को मंत्री असीम अरुण ने दी बधाई समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक प्रतिभाशाली छात्र को आगे बढ़ने का अवसर देना है। सर्वोदय विद्यालयों की यह सफलता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शिक्षा सुधार और सामाजिक समावेशन की नीति की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के हजारों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देगी। 103 आवासीय विद्यालय गढ़ रहे नए भारत के निर्माता प्रदेश में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 103 आवासीय सर्वोदय विद्यालय आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शिक्षा-केंद्रित नीतियों के कारण इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को वह अवसर मिल रहे हैं जो कभी केवल बड़े शहरों और महंगी कोचिंग संस्थानों तक सीमित थे। यही कारण है कि आज सर्वोदय विद्यालयों से निकलने वाले छात्र आईआईटी, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने दिया सम्मान, सौंपे चेक और आवंटन पत्र

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को दिया आवंटन पत्र, चेक, मकान की चाबी व सम्मान   सीएम ने कॉमन सर्विस सेंटर एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का भी किया उद्घाटन  बिजनौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आवंटन पत्र, चेक, मकान की चाबी व सम्मान पत्र प्रदान किया। सीएम योगी ने कॉमन सर्विस सेंटर एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री के हाथों से पांच विस्थापित व पांच भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों को मिला भूमिधरी अधिकार पत्र  सीएम योगी के हाथों पांच विस्थापित व पांच भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र मिला। सीएम के हाथों पाकिस्तान से विस्थापित मोहन सिंह, मुख्तियार सिंह, अमरीक सिंह, मिल्खा सिंह, लखविंदर कौर को अधिकार पत्र मिला। भूतपूर्व सैनिक अनुपम कुमार, चांदी देवी के पुत्र जयदीप, जगमोहन सिंह, जयकृत सिंह, सुरेश कुमार को भूमि पर मालिकाना हक प्रदान किया।  इन्हें भी मिला केंद्र व प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ  👉 सिद्धांत त्यागी- एकीकृत बागवानी योजना- 24 लाख अनुदान राशि का चेक   👉 निर्मला देवी- स्वयं सहायता समूह बैंक लिंकेज- 184 करोड़ का चेक   👉 ज्योति- पीएम जनमन योजना- 2 लाख रुपये अनुदान राशि व चाबी 👉 पुष्पा प्रजापति- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख  👉 हरीश कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख  👉 शहाना – मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)-चाबी 👉 संदीप कुमार- 4 लाख रुपये का अनुदान   👉 शबनम- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि- 50 हजार का चेक  👉 सृष्टि चौहान- हाईस्कूल में जनपद में सर्वाधिक अंक पाने वाली 21 हजार, टैबलेट व मेडल  👉 प्रवेश कुमार- नंद बाबा दुग्ध मिशन- 21.87 लाख का ऋण के स्वीकृति पत्र का चेक।

हमीरपुर सेतु हादसे की जांच के लिए दो हाईलेवल कमेटियां गठित, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

हमीरपुर सेतु दुर्घटना की जांच के लिए दो उच्चस्तरीय समितियां गठित, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई योगी सरकार ने पहुंचाई मृतकों के परिजनों को तत्काल 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से किया जाएगा आच्छादित हमीरपुर  बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के सेगमेंटल स्पान (P-5 से P-6) गिरने की घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के तहत जिला प्रशासन तथा उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा दो अलग-अलग उच्चस्तरीय जांच समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों ने घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यापक जांच शुरू कर दी है। इनकी रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति, जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) कर रहे हैं, घटना से संबंधित सभी प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। समिति के सदस्यों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण एवं साक्ष्य संकलन का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा भी तकनीकी परीक्षण एवं विशेषज्ञ जांच हेतु तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन, संरचनात्मक मानकों, निर्माण सामग्री तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन की गहन समीक्षा करेगी और आवश्यकता पड़ने पर निर्माण सामग्री की प्रयोगशाला जांच भी कराई जाएगी। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर होगी कठोर कार्रवाई जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त दुर्घटना के संबंध में थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) एवं धारा 125(ए) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। प्रकरण की विवेचना प्रचलित है तथा जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों, साक्ष्यों एवं दोनों जांच समितियों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली आख्या के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के लिए उत्तरदायी पाए जाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। योगी सरकार ने दी परिजनों को तत्काल 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद डीएम ने बताया कि दुर्घटना में मृत 6 श्रमिकों के परिजनों को शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की अनुग्रह सहायता राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य से संबंधित फर्म मेसर्स शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। श्रम विभाग की योजनाओं के अंतर्गत भी प्रत्येक पात्र परिवार को 1.25 लाख रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से किया जाएगा आच्छादित जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से भी आच्छादित किया जा रहा है। दो पात्र परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी अनीता एवं पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता राजेन्द्र सिंह को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से लाभान्वित किया गया है। वहीं स्वर्गीय पुष्पेन्द्र सिंह चौहान के पिता राजेन्द्र सिंह को वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा स्वर्गीय राजेश पाल की पत्नी अनीता को निराश्रित महिला पेंशन से आच्छादित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मृतक की बेटियों को दिया जाएगा लाभ डीएम ने बताया कि स्वर्गीय राजेश पाल की दो पुत्रियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। जिसके तहत दोनों बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रतिमाह 2500 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त पात्र परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड, आवास, स्वच्छ शौचालय योजना तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम अभिषेक गोयल ने कहा कि जनपद प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ पूर्ण संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। सभी पात्र परिजनों को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाएगा तथा घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

सीएम योगी ने शाकम्भरी देवी दुर्घटना के घायलों और पीड़ित परिवारों को सहायता देने के निर्देश दिए

सीएम योगी ने दिए शाकम्भरी देवी खोल दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा देने के निर्देश आने वाले श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु यथासंभव व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश, कोई भी श्रद्धालु दर्शन से वंचित न हो मुख्यमंत्री ने मां शाकम्भरी देवी सिद्धपीठ खोल में अचानक जलप्रवाह के कारण हुई दुर्घटना की समीक्षा की बाबा भूरा देव मंदिर एवं मां शाकम्भरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की सीएम योगी ने भूरा देव से मां शाकम्भरी देवी मंदिर तक एलिवेटेड ब्रिज एवं रोड का निर्माण कार्य शारदीय नवरात्रि तक पूर्ण करने का करें प्रयास: सीएम समयबद्धता एवं गुणवत्ता की जाए सुनिश्चित, बाबा भूरा देव मंदिर के समीप उचित स्थान पर बनाई जाए पार्किंग व्यवस्था: मुख्यमंत्री पुल के निर्माण होने तक खोल में आवागमन हेतु किए जाएं वैकल्पिक उपाय, आपदा की स्थिति में समय से हो अलर्ट: मुख्यमंत्री सहारनपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनपद सहारनपुर भ्रमण के दौरान बाबा भूरा देव मंदिर एवं मां शाकम्भरी देवी मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर स्थलीय निरीक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने मां शाकम्भरी देवी खोल में अचानक जलप्रवाह के कारण हुई दुर्घटना के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अचानक बाढ़ आने से हुई जनहानि एवं धनहानि की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने दुकानदारों के आर्थिक नुकसान का आकलन कराकर उन्हें नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु यथासंभव व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि कोई भी श्रद्धालु दर्शन से वंचित न हो।  मण्डलायुक्त डॉ रूपेश कुमार एवं जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने मुख्यमंत्री को पीपीटी के माध्यम से घटना की विस्तृत जानकारी दी। मुआवजे के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि जनहानि होने पर संबंधित परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। पुलिस व्यवस्थाओं के दृष्टिगत पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन द्वारा सीएम योगी को जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने एलिवेटेड रोड के निर्माण की प्रगति जानी। उन्होंने निर्देश दिए कि अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शारदीय नवरात्रि तक इसे पूर्ण करने का प्रयास किया जाए, अन्यथा दिसंबर माह तक प्रत्येक दशा में इसे अवश्य पूरा कर लिया जाए। निर्माण में समयबद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। पुल निर्माणाधीन रहने तक आमजन की सुविधा के दृष्टिगत खोल के अंदर से आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए तथा खोल का चैनलाइजेशन किया जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान निर्देश दिए कि भूरा देव मंदिर के समीप उचित स्थान पर पार्किंग व्यवस्था बनाई जाए। खोल में जलभराव की स्थिति में आमजन को सुरक्षित रखने के लिए खोल के दोनों तरफ बोल्डर का प्रयोग किया जाए। आपदा की स्थिति में समय से अलर्ट किया जाए तथा आपदा में हानि होने की स्थिति में इसकी सूचना शासन को यथाशीघ्र दी जाए, जिससे उच्च स्तर पर राहत कार्य समय रहते किए जा सकें। उन्होंने कहा कि आपदा मनुष्य के नियंत्रण में नहीं होती, लेकिन तकनीक का प्रयोग कर जनहानि तथा धनहानि को कम किया जा सकता है। बैठक में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल, राज्यमंत्री संसदीय कार्य एंव औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, महापौर डॉ. अजय सिंह, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, विधायक नगर राजीव गुम्बर, एमएलसी श्रीचन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष अजीत राणा, महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व विधायक नरेश सैनी, एडीजी भानू भास्कर, मण्डलायुक्त डॉ रूपेश कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, एसपी देहात मयंक पाठक एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

गोमाता के साथ हिमाकत करने वाले चेलों को समझाएं, वरना ऐसी दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगीः सीएम योगी

सीएम योगी की दो-टूक, दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी स्वीकार्य नहीं  मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों/ लीजधारकों को वितरित किए भूमिधरी अधिकार पत्र मौलवी-मौलाना हमें न बताएं, गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है, गाय को पशु बोलने वाले मौलानाओं की बुद्धि पशु वालीः मुख्यमंत्री गोमाता के साथ हिमाकत करने वाले चेलों को समझाएं, वरना ऐसी दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगीः सीएम योगी बिजनौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गाजियाबाद की घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए दो-टूक कहा कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी कतई स्वीकार्य नहीं है। जो अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा है, वह गलती कर रहा है। कुछ मौलवी-मौलाना बयान दे रहे हैं कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करो। हम उन्हें बता दें कि गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है। माता-पुत्र के बीच कुछ भी घोषित करने की आवश्यकता नहीं। किसी पुत्र को यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि मां का सम्मान करो। हम मां और गाय. दोनों के प्रति एक जैसा सम्मान का भाव रखते हैं। पशुवत तुम्हारी बुद्धि व सोच है, जो हमारी गोमाता को पशु बोलते हो। यह तुम्हारा दोगलापन है, जो गोकशी को प्रश्रय देते हो। सीएम ने कड़ी चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर गोमाता का चित्र लगाकर बकरीद की बधाई देने वाले अपने चेलों को समझा लो कि गोमाता के साथ हिमाकत की तो ऐसी दुर्गति होगी कि कई पीढ़ियां याद करेंगी। यूपी में गोहत्या का मतलब तो तुम जान ही रहे हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में कई परिवारों के जीवन में खुशियों की नई रोशनी फैलाई। उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए। बिजनौर ने इतिहास बनते और बिगड़ते भी देखा महात्मा विदुर की पावन धरती बिजनौर को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महाभारत की धरती है। महाभारत से हमें प्रेरणा मिलती है कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। जो स्वार्थ के लिए धर्म को नष्ट करता है, धर्म उसे भी नष्ट कर डालता है। यह उद्घोषणा दुनिया में अक्षरशः साबित हो रही है। यह भारत के इतिहास को बनाने वाली धरा है। इसने इतिहास को बनते और बिगड़ते भी देखा है। पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह का स्मरण किया सीएम योगी ने पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी विरासत को कुंवर सुशांत सिंह संभाल रहे हैं। पाकिस्तान से विस्थापित हजारों परिवारों, जिनकी पुश्तैनी संपत्ति पर पाकिस्तान की मजहबी कट्टरता ने 1946, 47 व 48 में जबरन कब्जा कर निर्दोष हिंदुओं व सिखों का कत्लेआम किया था। वर्ष-दशक बीतते गए,  आज चौथी पीढ़ी में यह अवसर आया है, जब हम विस्थापित परिवारों को जमीन पर मालिकाना हक दे रहे हैं। अभी 1645 विस्थापित परिवारों यानी 8-10 हजार लोगों को जमीन के कागज प्राप्त हो रहे हैं। जो शेष हैं, उनके लिए भी कार्यवाही चल रही है।  कोई आक्रांता हमें न बताए, गाय व गंगा हमारी मां हैं  सीएम योगी ने कहा कि गोमाता राष्ट्रमाता हैं। इसी तरह हमारी मां गंगा के बारे में परिचय देने की आवश्यकता नहीं है। हम सब गंगा मां की आरती व पूजा करते हैं। अपने को गंगा पुत्र मानकर सम्मानित महसूस करते हैं। हमारे तीर्थ गंगा तट पर हैं, हमारे सभी संस्कार मां गंगा के तट पर संपन्न होते हैं। कोई आक्रांता हमें न बताए, हमारे संस्कार हैं कि हमने गाय व गंगा को माता माना है।  मजहबी निर्ममता के विरोध में नहीं निकलती मौलाना की आवाज सीएम ने कहा कि पाकिस्तान में मजहबी निर्ममता के शिकार बने विस्थापितों के बारे में मौलाना व मौलवी की कभी आवाज नहीं निकली। काश, वे बोलते कि इनकी संपत्ति को वहां कट्टरपंथियों ने हड़प लिया। वक्फ के नाम पर यहां हिंदूओं की जमीनों पर कब्जा है। ये लोग इन संपत्तियों को विस्थापितों को फ्री में देने की घोषणा करते तो हम मानते कि इनकी भी कुछ संवेदना है। मुंह में कुछ और पीछे कुछ, यही दोगला चरित्र होता है।  किसी मौलाना ने हिंदुओं के कत्लेआम पर मुंह नहीं खोला  सीएम योगी ने खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर एक भी मौलवी-मौलाना ने कुछ नहीं कहा। बांग्लादेश में हिंदू 22 फीसदी से घटकर 7 और पाकिस्तान में 14 से घटकर महज 2 प्रतिशत रह गया। मौलाना पाकिस्तान या बांग्लादेश की सरकारों की निंदा नहीं करते। ये मौलाना जुमे की नमाज में यही घोषणा कर देते कि पाकिस्तान भारत का दुश्मन है और घटिया स्तर पर काम कर रहा है। भारत के बहादुर जवान दुश्मन के ठिकाने पर जाकर उन्हें सबक सिखाने का ठीक काम कर रहे हैं। लेकिन, किसी मौलवी-मौलाना ऐसा नहीं किया।  सरकार सजग थी, वरना पश्चिमी उप्र में हमारे त्योहार सपने हो गए थे सीएम ने बकरीद पर होने वाली हरकतों पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि गनीमत है कि सरकार ने पहले से ही कदम उठाए हैं, तब त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से हो पा रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले रामनवमी, जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा, कांवड़ यात्रा सपना हो गई थी। बेटी स्कूल नहीं जा पा रही थी, जबकि व्यापारी असुरक्षित था।  अहिंसा व करुणा मानवता के भूषण, किंतु खर-दूषण के सामने शस्त्र उठाना होगा सीएम ने कहा कि हमारी संवेदना सामान्य नागरिकों के प्रति है। पीएम मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों से बिना मत-मजहब देखे समान रूप से सभी को शासन की योजनाओं का लाभ दिया गया। ऐसे में देश भी अपेक्षा करता है कि उनकी संवेदना दिखाई दे, लेकिन यह गायब है। अहिंसा और करुणा मानवता के भूषण हैं, किंतु शस्त्र उठाना होगा यदि सामने खर-दूषण हैं। सीएम ने भगवान श्रीकृष्ण व श्रीराम का स्मरण कराते हुए कहा कि हम सज्जनों के लिए ही सज्जन बनें, दुर्जनों के लिए नहीं। श्रीराम का भी यही लक्ष्य था कि धरती को राक्षस विहीन कर देंगे। नागरिकों, गरीबों, बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों से लड़ना होगा। देश के खिलाफ द्रोह करने वालों के खिलाफ कठोरता व निर्ममता से लड़ने को तैयार होना होगा।  कई-कई पीढ़ियां चली गईं, आखिर क्या कर रही थीं कांग्रेस व सपा  सीएम ने कहा कि पाकिस्तान से विस्थापित इन 1645 परिवारों … Read more