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आज 50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश पुलिस को होंडा इंडिया फाउंडेशन देगा 50 वाहन आज  50 क्यूआरटी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे मुख्यमंत्री  उत्तर प्रदेश पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में होगा आयोजन  लखनऊ होंडा इंडिया फाउंडेशन उत्तर प्रदेश पुलिस को 50 वाहन देगा। फाउंडेशन अपने सीएसआर फंड से ये वाहन उपलब्ध कराएगा। इन 50 क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) दोपहिया वाहनों को शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में होगा। इस दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण भी मौजूद रहेंगे।  बॉर्डर के जनपदों को दी जाएगी तरजीह  यह 50 दोपहिया वाहन उत्तर प्रदेश पुलिस के बेड़े में शामिल होंगे। इन वाहनों का उपयोग बार्डर जनपदों में कानून व्यवस्था बनाये रखने एवं आपातकालीन स्थिति या अपराध होने पर पुलिस की तरफ से तत्काल कार्रवाई के लिए किया जाएगा। सहारनपुर में 5, शामली, हापुड़, बागपत, बुलन्दशहर, बिजनौर, पीलीभीत, महोबा, बांदा, प्रतापगढ़, खीरी, उन्नाव, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, देवरिया व सोनभद्र में तीन-तीन वाहन दिए जाएंगे। 2017 के बाद पुलिस का बढ़ा कारवां योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के उपरांत पुलिस के वाहनों का कारवां भी बढ़ा है। वर्ष 2017 में चार पहिया वाहनों की संख्या 9500 थी और दोपहिया की संख्या 3000 थी। वर्तमान में यह संख्या खासी बढ़ चुकी है। अब चार पहिया वाहन 15,500 एवं दोपहिया वाहन 9200 हो चुके हैं। गौरतलब है कि 2017 के पहले पुलिस के वाहन क्रय करने के लिए 85 करोड़ के प्रावधान में कई गुना बढोतरी के साथ 280 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

लखीमपुर खीरी के धौरहरा ब्लॉक को मिला गोल्ड और बांकेगंज को ब्रॉन्ज मेडल

योगी सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि, नीति आयोग से लखीमपुर खीरी के दो ब्लॉकों को मिला सम्मान लखीमपुर खीरी के धौरहरा ब्लॉक को मिला गोल्ड और बांकेगंज को ब्रॉन्ज मेडल योगी सरकार की योजनाओं का असर, एस्पिरेशनल ब्लॉक कार्यक्रम में यूपी का लहराया परचम स्वास्थ्य, पोषण और कृषि योजनाओं में शत-प्रतिशत सैचुरेशन से मिली राष्ट्रीय पहचान धौरहरा ने छह और बांकेगंज ने तीन इंडिकेटर्स पर 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर जीता मेडल लखनऊ योगी सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग ने एस्पिरेशनल ब्लॉक के तहत उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित धौरहरा व बांकेगंज ब्लॉक को उत्कृष्ट कार्य के लिए गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल से नवाजा है। जुलाई से सितंबर 2024 के बीच चले संपूर्णता अभियान में जिले के बांकेगंज और धौरहरा ब्लॉक ने प्रदर्शन की नई इबारत लिखी। यह मेडल लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने प्राप्त किया। इसके साथ ही उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन से सम्मानित किया गया।  बांकेगंज ब्लॉक ने तीन प्रमुख इंडिकेटर्स पर प्राप्त किया शत प्रतिशत सैचुरेशन जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जिले के आकांक्षात्मक ब्लॉक में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी के तहत लखीमपुर खीरी के बांकेगंज ब्लॉक ने ‘हेल्थ एंड न्यूट्रिशन’, ‘एग्रीकल्चर एंड अलाइड सर्विसेज़’ और ‘एस्पिरेशनल ब्लॉक्स प्रोग्राम के तहत सोशल डेवलपमेंट’ थीम में तीन प्रमुख इंडिकेटर्स पर शत-प्रतिशत सैचुरेशन हासिल किया है। इसके लिए नीति आयोग की ओर से ब्लॉक को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से संभव हो पाया। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जमीनी निगरानी, विभागों के बीच बेहतर तालमेल और तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने की रणनीति ने ब्लॉक को मॉडल बनाया। धौरहरा ब्लॉक ने प्राप्त किया छह इंडिकेटर्स पर शत प्रतिशत सैचुरेशन जिलाधिकारी ने बताया कि धौरहरा ब्लॉक ने छह इंडिकेटर्स पर शत-प्रतिशत सैचुरेशन के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच, पोषण सुधार की ठोस पहल और कृषि योजनाओं के लाभार्थियों तक सीधी पहुंच ने नतीजे को असरदार बनाया। संपूर्णता अभियान के तहत किए गए प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति और टीमवर्क साथ हो, तो लक्ष्य सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहते, धरातल पर उतरते हैं। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने सीडीओ अभिषेक कुमार की मौजूदगी में बांकेगंज के बीडीओ ऋषिकांत अहिरवार और धौरहरा के तत्कालीन बीडीओ सुमित कुमार सिंह (वर्तमान में बीडीओ फूलबेहड़) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में किया केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शुभारंभ

जैसे कपिल देव को देखकर ही पाकिस्तान आधा मैच हार जाता था, वैसे ही डॉक्टर के व्यवहार से आधी बीमारी हार जाती है: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में किया केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शुभारंभ   आयुष्मान भारत के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने अब तक सर्वाधिक 5 करोड़ 60 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए: सीएम वर्ष 2014 से पहले देश में सिर्फ 6 एम्स कार्यरत थे, प्रधानमंत्री मोदी जी की पहले से आज देश में 23 एम्स: मुख्यमंत्री सरकारी प्रयासों के साथ निजी अस्पतालों के सहयोग से बड़ी आबादी को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं: सीएम योगी 2017 से पहले प्रदेश में “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” की स्थिति थी और सरकारें माफियाओं के सामने नतमस्तक रहती थीं: योगी आज यूपी “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज”, “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” और अब “वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन” की दिशा में आगे बढ़ रहा: सीएम ग्रेटर नोएडा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में केडीएसजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास और मानवीय व्यवहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एक मरीज डॉक्टर के पास बड़े विश्वास के साथ जाता है। उसके लिए पैसा सबसे बड़ा मुद्दा नहीं होता, बल्कि डॉक्टर के व्यवहार और उसकी सलाह पर भरोसा अधिक महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर का अच्छा व्यवहार मरीज की आधी से अधिक बीमारी को समाप्त कर देता है। इस बात को समझाने के लिए मुख्यमंत्री ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत की क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में कपिल देव गेंदबाजी करते थे या टीम का नेतृत्व करते थे, तो पाकिस्तान की टीम आधा मैच वहीं हार जाती थी। इसी तरह यदि बीमारी की तुलना पाकिस्तान से की जाए और डॉक्टर को कपिल देव के रूप में देखा जाए, तो मरीज डॉक्टर को देखकर ही आधी लड़ाई जीत लेता है।  डॉक्टर पर विश्वास हो तो दवा भी असर करती है और दुआ भी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब मरीज को डॉक्टर पर विश्वास हो जाता है तो बीमारी के खिलाफ उसकी मानसिक शक्ति बढ़ जाती है। इसके बाद दवा भी असर करती है और दुआ भी काम करती है। डॉक्टर को दुआ मिलती है और मरीज को सही दवा मिलने पर वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है। इससे अस्पताल की प्रतिष्ठा भी बढ़ती है और डॉक्टर का सम्मान भी। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों के बारे में कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को बिना भेदभाव पांच लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे लाखों लोगों को राहत मिल रही है।  सेवा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 तक भारत के अंदर केवल छह एम्स काम कर रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी जी की पहल का परिणाम है कि आज देश में 23 एम्स कार्य कर रहे हैं। आयुष्मान भारत के अंतर्गत 60 करोड़ से अधिक लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है, जहां सर्वाधिक गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। प्रदेश में अब तक 5 करोड़ 60 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी पैदा हुई है। यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ऐसी है, जिसमें आज सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं भी बढ़ रही हैं। साथ ही सरकार द्वारा तय उपचार दरों और निजी क्षेत्र की मनमानी दरों के बीच बड़े अंतर को संतुलित करने का भी प्रयास हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मानना है कि अस्पतालों के लिए स्वास्थ्य सेवा की परिभाषा स्पष्ट होनी चाहिए। सेवा सही होनी चाहिए, सस्ती होनी चाहिए और विश्वसनीय भी होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर मरीज के साथ धोखा नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति उस सेवा को वहन कर सके और उस पर भरोसा कर सके। सरकार के साथ निजी क्षेत्र की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। निजी अस्पतालों के सहयोग से बड़ी आबादी को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। किसी भी संपन्न देश के लिए यह आवश्यक है कि वहां के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले। यह उसका अधिकार भी है और सरकार का दायित्व भी। उन्होंने केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके संस्थापकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अस्पताल केवल गौतम बुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र तथा अन्य जनपद के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई कि केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना कपिल देव और उद्योगपति सुनील गुप्ता द्वारा की गई है। उन्होंने महाराष्ट्र की प्रतिष्ठित संस्था डीवाई पाटिल ग्रुप के साथ मिलकर इस अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी ली है। डीवाई पाटिल समूह शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहा है और उसने महाराष्ट्र में उत्कृष्ट कार्य किए हैं। अब उनके अनुभव का लाभ गौतम बुद्ध नगर जनपद और एनसीआर क्षेत्र के लोगों को भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और यहां स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। यदि केडीएसजी समूह मेडिकल कॉलेज के क्षेत्र में भी निवेश करेगा, तो इससे नए मेडिकल प्रोफेशनल तैयार होंगे और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। 1000 लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल केवल स्वास्थ्य सेवा ही नहीं देगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। यहां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिक्स, टेक्नीशियन, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी और अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सकारात्मक सोच के साथ विकास के मार्ग … Read more

जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं

जन समस्याओं के निस्तारण में शिथिलता अक्षम्य: मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं तत्परता और संवेदनशीलता से हो जनता की समस्याओं का समाधान: सीएम योगी गोरखपुर,  गोरखपुर में जनता के साथ बुधवार दिनभर होली की खुशियां साझा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित प्रकल्प ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता और संवेदनशील तरीके से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही अक्षम्य होगी। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठे लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चलकर पहुंचे और एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की और सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।  सीएम ने अफसरों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले और कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।  मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।

गोरक्षपीठाधीश्वर व संतों ने एक दूसरे को लगाया भस्म का तिलक

होलिका भस्म की पूजा कर सीएम योगी ने मनाई होली गोरक्षपीठाधीश्वर व संतों ने एक दूसरे को लगाया भस्म का तिलक गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने लिया फाग का आनंद, सीएम संग खेली गई रंगों व फूलों की होली   गोरखपुर होली के पावन महापर्व पर बुधवार सुबह गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में होलिका भस्म की पूजा कर होली मनाने का शुभारंभ किया। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में फाग गीतों का आनंद लिया और गोवंश को भस्म व गुलाल लगाया और गुड़ खिलाकर गोसेवा की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गोरक्षपीठाधीश्वर के संग जमकर रंगों और फूलों की होली खेली।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के होलिकोत्सव की शुरुआत बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर होलिका भस्म की पूजा से हुई। मंदिर परिसर के मेला ग्राउंड में जलाई गई होलिका के पास जाकर योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका भस्म (सम्मत की राख) की पूजा की और आरती उतारी, भस्म का तिलक लगाया। इस अनुष्ठान के बाद मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ समेत अन्य साधु-संतों व श्रद्धालुओं ने इसी भस्म से गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलक कर आशीर्वाद लिया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने भी उन्हें तिलक लगाकर होली की मंगलकामना की। होलिकादहन स्थल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुरु गोरखनाथ जी के मंदिर पहुंचे और श्रीनाथ जी को होलिका भस्म अर्पित की। इसके बाद मंदिर के द्वार पर फाग गीतों का आयोजन हुआ। सीएम योगी ने भी कुछ देर वहां रुककर फाग का आनंद उठाया और सबको होली की बधाई व शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री जब फाग का आनंद ले रहे थे तब वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उनके ऊपर रंग, अबीर-गुलाल और फूलों की वर्षा कर होली खेली।  गोवंश को लगाया तिलक, गुड़ खिलाकर की गोसेवा होली के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर की गोशाला पहुंचे और गोवंश को भस्म व गुलाल लगाकर उनके लिए भी मंगलकामना की। उन्होंने गोवंश को गुड़ खिलाकर उनकी सेवा की। गोशाला में सीएम योगी की आवाज सुनकर गोवंश उनके पास दौड़ते हुए चले आए। मुख्यमंत्री ने माथा व गर्दन सहलाकर सभी गोवंश को खूब दुलार भी किया।

योगी सरकार का बड़ा कदम, आरक्षण पर विपक्ष को कोई मौका नहीं मिलेगा, विभागों को भेजे गए निर्देश

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में भर्तियों में आरक्षितों को कम कोटा मिलने के विवाद को पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी है। आरक्षित पदों की संख्या तय होने के बाद ही भर्तियां की जाएंगी। विभागों को रिक्तियों का प्रस्ताव भेजने से पहले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग और ईडब्ल्यूएस के पदों को स्पष्ट करना होगा। जरूरी हुआ तो इसके लिए आयोगों के साथ विभागों द्वारा बैठक भी की जाएगी, जिससे भर्तियों को लेकर कोई पेंच न फंसे। दरअसल 69000 शिक्षक भर्ती हो या लेखपाल की भर्ती यूपी की विपक्षी पार्टियों ने लगातार इसमें आरक्षण के नियमों का पालन नहीं करने का सरकार पर आरोप लगाते हुए इसे मुद्दा बनाया था। इसी वजह से मामला हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा है। एनडीए की सहयोगी पार्टियों ने भी कई बार इशारों में आरक्षण को लेकर अपनी ही सरकार को घेरने की कोशिश की है। ऐसे में सरकार इस बार किसी को कोई मौका नहीं देना चाहती है। ओबीसी के कम पद का लगा था आरोप उत्तर प्रदेश में हर साल हजारों की संख्या में भर्तियां हो रही हैं। राज्य सरकार ने भर्तियों के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश विद्युत सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड और उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थागत सेवा मंडल बनाया गया है। सबसे अधिक भर्तियां लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग करता है। यूपी में पिछले कुछ भर्ती विज्ञापनों को लेकर आपत्तियां जताई गईं। इसमें कहा गया है कि कुल रिक्तियों में ओबीसी के लिए कम पद तय किए जा रहे हैं। लेखपाल भर्ती को लेकर हुए था बवाल उत्तर प्रदेश में 7994 लेखपाल पदों की भर्ती में ओबीसी के लिए निर्धारित 27% आरक्षण में 1441 पद मिलने पर बड़ा बवाल हुआ था। सपा और अन्य दलों ने इसे आरक्षण में कटौती बता करारा हमला किया था। विरोध के बाद पदों की संख्या बढ़ाई गई। शासन इसीलिए चाहता है कि भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले जाने से पहले पदों की गिनती पूरी तरह से कर ली जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि आरक्षण के मुताबिक पदों का बंटवारा किया गया है या नहीं। आरक्षण के पालन का निर्देश शासन की ओर से आयोगों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राज्य के अधीन सेवाओं में अनुमन्य ऊर्ध्वाधर यानी वर्टिकल और क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्थाओं का मानक के अनुरूप पालन किया जाए। उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण) अधिनियम-2020 में दी गई व्यवस्था को पूरी तरह से पालन किया जाएगा। साथ ही आरक्षण अधिनियम में दी गई वर्टिकल आरक्षण व्यवस्था पूरी तरह से पालन किया जाएगा, जिससे कोई विवाद न होने पाए।

खरीफ क्रय सत्र 2025-26 में सरकार ने तय किया था 60 लाख मीट्रिक धान खरीद का लक्ष्य

लक्ष्य से अधिक धान खरीद योगी सरकार ने किसानों को किया 14,886 करोड़ रुपये का भुगतान  खरीफ क्रय सत्र 2025-26 में सरकार ने तय किया था 60 लाख मीट्रिक धान खरीद का लक्ष्य  10.53 लाख किसानों से हुई 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, किया गया 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान 12.82 लाख से अधिक किसानों ने कराया था पंजीकरण, बीती 28 फरवरी को प्रदेश में पूरी हुई धान खरीद की प्रक्रिया पिछला रिकॉर्ड भी टूटा, 2024-25 में 57.70 लाख मीट्रिक टन हुई थी खरीद, तब भुगतान हुआ था 13370.17 करोड़ रुपये का  लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खरीफ क्रय सत्र 2025-26 के लिए धान खरीद प्रक्रिया पूरी हो गई। इसको लेकर किसान हितैषी योगी सरकार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। धान खरीद के तय लक्ष्य को काफी पीछे छोड़ दिया। योगी सरकार ने खरीफ क्रय सत्र 2025-26 के लिए 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा था। इसे पार कर 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। इसके एवज में किसानों को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया। उत्तर प्रदेश में धान खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी तक पूरी हो गई। यही नहीं, 2024-25 की अपेक्षा इस वर्ष अधिक खरीद व भुगतान किया गया।  62.30 लाख मीट्रिक टन धान खरीद, लगभग 14,886 करोड़ से अधिक रुपये का भुगतान  प्रदेश के 4869 क्रय केंद्रों के जरिए 10.53 लाख किसानों से 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खऱीद हुई। धान की खरीद (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से हुई। इसके एवज में किसानों को लगभग 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर किसानों को डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में भुगतान किया गया। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने के साथ ही किसानों को समय से पैसा भी मिला।  12.82 लाख से अधिक किसानों ने कराया है पंजीकरण  धान बिक्री के लिए 12,82,892 किसानों ने पंजीकरण कराया है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक धान की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी। पश्चिम उत्तर प्रदेश के संभागों तथा हरदोई, लखीमपुर खीरी व सीतापुर में 31 जनवरी तक धान खरीद चली। वहीं चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर, प्रयागराज संभाग तथा लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में 28 फरवरी तक धान खरीद हुई।  योगी सरकार ने पिछले साल के रिकॉर्ड को भी तोड़ा  (2025-26) इतने किसानों से हुई खरीद- 10,53,561  धान खरीद- 62,30,735.63 मीट्रिक टन भुगतान- 14,886.35 करोड़ रुपये  क्रय केंद्र- 4869 2024-25 इतने किसानों से हुई खरीद- 7,97,500 धान खरीद- 57,70,671.09 मीट्रिक टन   भुगतान- 13370.17 करोड़ रुपये क्रय केंद्र- 4372

देसी गाय के गोबर के कंडों की राख तथा गुलाब की पंखुड़ियों, चुकंदर, पालक, जामुन की पत्तियों से बन रहा गुलाल

होली में गोमाता ने रंग भरे गोपालकों व ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी में देसी गाय के गोबर के कंडों की राख तथा गुलाब की पंखुड़ियों, चुकंदर, पालक, जामुन की पत्तियों से बन रहा गुलाल योगी सरकार की गोसंवर्धन नीति से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ पर्यावरण व स्वास्थ्य अनुकूल उत्पादों का निर्माण भी बुलंदशहर, मथुरा, बिजनौर, सहारनपुर, संभल, उरई और मुरादाबाद समेत प्रदेश भर में किया जा रहा है निर्माण लखनऊ उत्तर प्रदेश में इस बार होली का उल्लास न केवल रंगों से, बल्कि गोमाता के आशीर्वाद और ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन से भी सराबोर होगा। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्य के विभिन्न जिलों में पूरी तरह से प्राकृतिक तत्वों से पारंपरिक 'ऑर्गेनिक गुलाल' तैयार किया जा रहा है। यह गुलाल न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हुए नारी सशक्तिकरण का नया अध्याय लिख रहा है। प्रकृति के रंगों से सजेगा त्योहार गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस अनूठी पहल के तहत ग्रामीण महिलाएं गोशाला पालकों के सहयोग से प्राकृतिक तत्वों के जरिए गुलाल का निर्माण कर रही हैं। इसमें गोबर के कंडों की राख के अलावा गुलाब की पंखुड़ियों, चुकंदर, पालक, जामुन की पत्तियों और इंडिगो (नील) जैसे तत्वों का उपयोग किया जा रहा है। बाजार में मिलने वाले जहरीले केमिकल युक्त रंगों के मुकाबले यह गुलाल पूरी तरह इको-फ्रेंडली और त्वचा के लिए सुरक्षित है। गोबर की राख का 'वैज्ञानिक' आधार इस गुलाल की सबसे बड़ी विशेषता देशी गाय के गोबर के कंडों की राख का उपयोग है। पारंपरिक रूप से शुद्धिकारक मानी जाने वाली इस राख में वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित 'क्षारीय तत्व' पाए जाते हैं, जो नमी को कम कर सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकते हैं। प्रसंस्करण के बाद यह राख गुलाल को एक मुलायम आधार प्रदान करती है, जिससे रंगों का फैलाव बेहतर होता है और किसी कृत्रिम फिलर की जरूरत नहीं पड़ती। प्रदेश भर में रोजगार आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत बुलंदशहर, मथुरा, बिजनौर, सहारनपुर, संभल, उरई और मुरादाबाद समेत प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन किया गया है। यह प्रयास न केवल होली को स्वास्थ्यकर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के सतत उपयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है। गोशालाओं से प्राप्त सामग्री के उपयोग से गोवंश का संरक्षण हो रहा है और महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।

जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर में 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

बेफिक्र होकर उपचार कराएं, सरकार देगी भरपूर आर्थिक सहायता: सीएम योगी जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर में 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए समस्याओं के त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश जमीन कब्जाने व दबंगई के मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने आए लोगों को आश्वस्त किया कि वे बेफिक्र होकर अच्छे अस्पताल में उपचार कराएं। सरकार उनको भरपूर आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर अधिकारियों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए। हर जरूरतमंद को इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।  होलिकोत्सव मनाने के लिए सोमवार को गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 150 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों के पास जाकर, एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। समस्याओं के निस्तारण के लिए लोगों को आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को भरोसा दिया कि किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा।  जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं, ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।  जनता दर्शन में एक व्यक्ति ने किडनी की बीमारी में धन की कमी आड़े आने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले उससे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। कार्ड न होना बताए जाने पर उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए। इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक मदद मिलेगी। अन्य कई लोग भी गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी। विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दी जाएगी। जनता दर्शन में कुछ परिजनों के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने सभी को स्नेहिल आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दीं और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

सीएम योगी का बड़ा ऐलान: ‘इलाज के लिए पैसा हमारी सरकार देगी’, जनता दर्शन में दिया भरोसा

गोरखपुर होली के उल्लास के बीच मंगलवार सुबह गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और खासकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे परिवारों को भरोसा दिलाया कि इलाज में पैसों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात की. किसी के हाथ में मेडिकल रिपोर्ट थी, तो किसी के पास जमीन विवाद से जुड़ी कागजात. मुख्यमंत्री ने एक-एक व्यक्ति की शिकायत को ध्यान से सुना और संबंधित अधिकारियों को वहीं निर्देशित किया |  पैसा सरकार देगी जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे थे. एक व्यक्ति ने किडनी की गंभीर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि पैसे के कारण उपचार रुक गया है. मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पूछा कि आयुष्मान कार्ड है?  जब जवाब मिला कि नहीं है, तो उन्होंने अधिकारियों की ओर देखते हुए कहा, इनकी मदद सुनिश्चित की जाए. इलाज रुकना नहीं चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दी जाएगी. साथ ही निर्देश दिया कि मेडिकल इस्टीमेट की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर शासन को भेजी जाए, ताकि फाइलें लंबित न रहें. मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा, बेफिक्र होकर अच्छे से अस्पताल में इलाज कराइए. सरकार आपके साथ खड़ी है |  संवेदनशीलता और त्वरित निस्तारण पर जोर जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का जोर सिर्फ आश्वासन तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण हो. उन्होंने कहा कोई भी पीड़ित दोबारा भटकने को मजबूर न हो. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीन कब्जा या दबंगई की शिकायतों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. अगर कहीं किसी ने अवैध कब्जा किया है तो कानून अपना काम करेगा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रार्थना पत्रों पर सिर्फ औपचारिक कार्रवाई न हो, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए |  बच्चों को चॉकलेट, पढ़ाई की सीख जनता दर्शन में कुछ परिवार अपने बच्चों के साथ भी पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और चॉकलेट देकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी. एक महिला ने बताया कि वह अपने बेटे के इलाज के लिए आई थीं. मुख्यमंत्री ने ध्यान से सुना और तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए. अब उम्मीद है कि इलाज शुरू हो सकेगा |  विवेकाधीन कोष से मदद अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का उद्देश्य जरूरतमंदों को त्वरित आर्थिक सहायता देना है. खासकर गंभीर बीमारियों के मामलों में यह कोष कई परिवारों के लिए सहारा बनता है. जनता दर्शन में आए लोगों को बताया गया कि मेडिकल इस्टीमेट तैयार होते ही सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. अधिकारियों को यह भी कहा गया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में उपचार के दौरान दिक्कत न हो |