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योगी सरकार की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना से अनुसूचित जाति/जनजाति के युवा बन रहे हैं अधिकारी

दलित युवाओं के सपनों को पंख दे रही योगी सरकार, बन रहे अधिकारी  योगी सरकार की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना से अनुसूचित जाति/जनजाति के युवा बन रहे हैं अधिकारी लखनऊ से गोरखपुर तक 8 कोचिंग केंद्रों के जरिए SC/ST अभ्यर्थियों को मिल रहा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण वित्तीय वर्ष 2025-26 में योगी सरकार ने SC/ST युवाओं के लिए किया है बड़े बजट का प्रावधान  लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित कोचिंग केंद्र दलित बेटियों के सपनों को दे रहा नई उड़ान लखनऊ योगी सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी के युवाओं को सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत किया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना के तहत इन वर्गों के अभ्यर्थियों को उच्चस्तरीय कोचिंग प्रदान की जा रही है, ताकि वे आईएएस, पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें। योगी सरकार की इस योजना के अंतर्गत सिविल सेवा समेत विभिन्न परीक्षाओं में 701 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है।  वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के लिए 11.24 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो योगी सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अभ्यर्थियों को मिल रहा है आधुनिक पाठ्यक्रम और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन योगी सरकार की इस योजना का उद्देश्य न केवल प्रशिक्षण प्रदान करना है, बल्कि अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तैयार करना है। इन केंद्रों में प्रशिक्षण का स्तर अत्यंत उच्च है, जहां विषय विशेषज्ञ आधुनिक शिक्षण तकनीकों और नवीनतम पाठ्यक्रमों के आधार पर अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देते हैं। चाहे वह प्रारंभिक परीक्षा हो, मुख्य परीक्षा हो या साक्षात्कार की तैयारी, इन केंद्रों में हर चरण के लिए व्यापक कोचिंग प्रदान की जाती है। विशेष रूप से, लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित केंद्र महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार का अहम कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार जोर दिया है कि समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं को न केवल शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है, बल्कि वे देश की प्रशासनिक सेवाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सशक्त हो रहे हैं। इन केंद्रों ने कई युवाओं को आईएएस, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे सामाजिक समानता और समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है।  अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर  योगी सरकार की यह पहल न केवल अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि उत्तर प्रदेश को प्रशासनिक और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। इन प्रशिक्षण केंद्रों से निकले युवा न केवल अपने परिवारों, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। सरकार की यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि आर्थिक तंगी या सामाजिक बाधाएं किसी की प्रतिभा को रोक न सकें। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक इस योजना से 6784 अभ्यर्थी लाभांवित हुए हैं। इस योजना के अंतर्गत अबतक संघ/राज्य लोक सेवा आयोग में कुल 48 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है। इसके अलावा अन्य परीक्षाओं में 653 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। यही नहीं कोविड संक्रमण काल में इसे ऑनलाइन आयोजित किया गया। जिसके फलस्वरूप 81 अभ्यर्थी राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक के रूप में चयनित हुए। उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए आठ केंद्र समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में आठ परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जो अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थियों को आधुनिक और परिवर्तित पाठ्यक्रमों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। ये केंद्र विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अभ्यर्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं। इन केंद्रों में शामिल हैं: •    श्री छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन, लखनऊ। •    आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र (बालिका), अलीगंज, लखनऊ। •    न्यायिक सेवा पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, प्रयागराज। •    संत रविदास आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, वाराणसी। •    डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, अलीगढ़। •    डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, आगरा। •    आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, निजामपुर, हापुड़। •    राजकीय आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, गोरखपुर। इन केंद्रों में अनुसूचित जाति और जनजाति के उन अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक है। यह योजना सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।

योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया: समीक्षा बैठक में नहीं आए अधिकारियों का एक दिन का वेतन कटेगा

कमिश्नर ने जारी किया एक दिन का वेतन रोकने का आदेश विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को भेजा पत्र गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में रविवार को गोरखपुर के एनेक्सी भवन में हुई विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित पांच अधिकारियों के खिलाफ मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने कड़ा एक्शन लिया है। मंडलायुक्त ने इन अनुपस्थित अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। साथ ही इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है।  सीएम योगी की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित जिन अधिकारियों के खिलाफ मंडलायुक्त ने कार्रवाई की है उनमें सीएंडडीएस यूनिट 14, 19 और 42 (तीनों यूनिट) के परियोजना प्रबंधकगण, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ (यूपीआरएनएसएस)-प्रथम के अधिशासी अभियंता और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य शामिल हैं।  समीक्षा बैठक और मुख्यमंत्री के जाने के बाद मंडलायुक्त ने अनुपस्थित अफसरों के खिलाफ एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी किया। इन अफसरों के खिलाफ शासन को भी पत्र लिखा है।

जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं में गौरव पथ, स्मार्ट क्लासरूम, ईवी स्टेशन व डिजिटल सेवाएँ विकसित होंगी: मुख्यमंत्री

बेहतरीन नगरीय अवस्थापना का मानक बनेंगी जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाएँ: मुख्यमंत्री जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं में गौरव पथ, स्मार्ट क्लासरूम, ईवी स्टेशन व डिजिटल सेवाएँ विकसित होंगी: मुख्यमंत्री हब-एंड-स्पोक मॉडल से नगर पालिकाओं को जोड़कर मिलेगी आधुनिक निगरानी व सुरक्षा: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने की नगर विकास विभाग की समीक्षा, कहा सभी नगरीय निकायों के हो अपना भवन मुख्यमंत्री का निर्देश, नगर निगम कर बकाये की विसंगतियों पर अभियान चलाकर कराएं त्वरित समाधान लखनऊ-कानपुर रुट पर शीघ्र बढ़ेंगी 200 इलेक्ट्रिक बसें, अन्य नगरों में 650 बसें खरीदने की योजना बोले मुख्यमंत्री, इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहन के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो नगर निगमों की वित्तीय स्वीकृति सीमा 20 साल बाद बढ़ाई जाएगी, मुख्यमंत्री ने दिए तत्काल निर्णय के निर्देश लखनऊ में बनेगा अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज व खेल परिसर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला मुख्यालयों वाली नगर पालिकाओं को स्मार्ट और विकसित नगर पालिका के रूप में विकसित करने की योजना का क्रियान्वयन प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट-विकसित नगर पालिका योजना का उद्देश्य जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को आधुनिक, आत्मनिर्भर और नागरिक-केंद्रित स्वरूप में विकसित करना है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस पर यथाशीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाए। अधिकारियों ने अवगत कराया कि योजना के अंतर्गत नगर पालिकाओं में गौरव पथ, पिंक टॉयलेट, शहरी सुविधा केंद्र, स्मार्ट क्लासरूम व आंगनबाड़ी, थीम आधारित पार्क, ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण, जलाशयों का पुनर्जीवन, ईवी चार्जिंग स्टेशन, ग्रीन क्रेमेटोरियम और डिजिटल सेवाओं जैसी आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए उत्सव भवन, सामुदायिक केंद्र और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ आधारित ढाँचे भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को हब-एंड-स्पोक मॉडल पर लागू किया जा सकता है। उदाहरणस्वरूप, लखनऊ और गोरखपुर स्थित एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से समीपवर्ती जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को जोड़ा जा सकता है। इससे नगर पालिकाओं को सुरक्षा, निगरानी और शिकायत निवारण जैसी सेवाओं में आधुनिकता मिलेगी तथा संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक नगर पालिका में परियोजनाओं का चयन स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर किया जाए और वित्तीय संसाधनों का आवंटन नगर निकायों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के अनुसार किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि नगर निकायों को 4 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव है, जो उनकी जनसंख्या और कार्यदक्षता पर आधारित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं को विकसित-स्मार्ट स्वरूप देने से न केवल आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, बल्कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी सेवाएँ भी मिलेंगी। बैठक में लखनऊ और कानपुर में 200 इलेक्ट्रिक बसों को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मोड पर संचालित करने तथा अन्य नगरों में 650 बसों की प्रत्यक्ष खरीद का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और इसके लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी शीघ्र तैयार किया जाए। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में मुख्यमंत्री ने सभी नगर निगमों में निवासियों के विविध कर बकाये में विसंगतियों के तत्काल समाधान पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभियान चलाकर लोगों से आपत्तियां आमंत्रित की जाएं और समाधान शिविर लगाकर नागरिकों की समस्याओं का यथोचित व संतुष्टिपरक समाधान कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी नगर निकायों के पास अपना भवन होना चाहिए। बैठक में नगर निकायों की वित्तीय स्वीकृति सीमाओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि बीते लगभग 20 वर्षों से इन सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 74वें संविधान संशोधन की भावना के अनुरूप नगर निकायों को अधिक वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि नगर आयुक्त, महापौर, कार्यकारिणी समिति तथा नगर निगम बोर्ड की वित्तीय स्वीकृति सीमाओं का तत्काल विस्तार किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री ने लखनऊ में शहीद चंद्रशेखर आज़ाद अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज एवं बहुउद्देश्यीय खेल परिसर की स्थापना के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को पीपीपी मोड पर प्राथमिकता के साथ प्रारम्भ किया जाए, जिससे प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हों।

BJP की रणनीति: हिंदुत्व एजेंडे को धार, OBC को साधने के लिए कल्याण सिंह की विरासत का सहारा

अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बहाने बीजेपी मिशन-2027 का आगाज करने जा रही है. कल्याण सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर गुरुवार को अलीगढ़ में बीजेपी एक बड़ा कार्यक्रम कर रही है, जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक शिरकत करेंगे. इसके अलावा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और प्रदेश के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह शामिल होंगे. कल्याण सिंह की पुण्यतिथि को बीजेपी 'हिंदू गौरव दिवस' के रूप में मना रही है. इस तरह बीजेपी 2027 के चुनाव से पहले यूपी की सियासत में हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने और सपा की पीडीए पॉलिटिक्स को काउंटर करने की कवायद में है. योगी सरकार के करीब दो दर्जन मंत्री गुरुवार को कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने अलीगढ़ पहुंचेंगे. इस दौरान सीएम योगी सहित बीजेपी के दिग्गज नेता अलीगढ़ में दो घंटे तक रहकर कल्याण सिंह के बहाने 2027 का एक तरह से पश्चिम यूपी में आगाज करेंगे. बीजेपी 2024 में पश्चिम यूपी की हारी हुई लोकसभा सीटों पर लोधी समुदाय के वोटरों को साधकर 2027 को फतह करने की रणनीति अपनाएगी. कल्याण सिंह के बहाने हिंदुत्व के एजेंडे को धार कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि सभा में बीजेपी के दिग्गज नेताओं के अलीगढ़ पहुंचने के पीछे सियासी मकसद साफ है. कल्याण सिंह को हिंदुत्व की राजनीति करने वाले राम मंदिर आंदोलन का नायक माना जाता है. नब्बे के दशक में कल्याण सिंह बीजेपी के हिंदुत्व का चेहरा बनकर उभरे थे. कल्याण सिंह के यूपी सीएम रहते हुए 6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विध्वंस किया था. कल्याण सिंह बीजेपी के इकलौते नेता थे, जो राम मंदिर के लिए जेल गए और अपनी सत्ता की बलि दे दी थी. इस तरह कल्याण सिंह की पहचान राम भक्त और हिंदुत्व की कट्टर छवि वाले नेता की रही, जिसे बीजेपी 2027 में भुनाने की कवायद में है. इसीलिए बीजेपी कल्याण सिंह की पुण्यतिथि को 'हिंदू गौरव दिवस' के रूप में मनाकर यूपी की सियासत में हिंदुत्व के एजेंडे को धार दे रही है. सपा के PDA का क्या काउंटर प्लान है? उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह के रूप में बीजेपी के पास एक ऐसा ऑलराउंडर चेहरा था, जिसके सहारे पार्टी ने जातीय समीकरण को मजबूत करने के साथ-साथ हिंदुत्व की आक्रामक राजनीति को धार दी थी. यही वजह है कि बीजेपी कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि का कार्यक्रम ऐसे समय कर रही है, जब 2027 के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है. सपा-कांग्रेस मिलकर बीजेपी के खिलाफ ओबीसी-दलित पॉलिटिक्स का सियासी नैरेटिव सेट करने में जुटी हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में ही सपा अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले और राहुल गांधी के संविधान और आरक्षण वाले दांव के ज़रिए बीजेपी को मात देने में सफल रही है. बीजेपी अब कल्याण सिंह के बहाने सपा की रणनीति को काउंटर करने की कवायद में जुटी है. पूजा पाल के साथ खड़े होकर बीजेपी ओबीसी के तहत पाल-गड़रिया और बघेल समुदाय को साधने का दांव चल रही है, तो कल्याण सिंह के बहाने लोध समुदाय को साधे रखने की रणनीति है. कल्याण सिंह ओबीसी समुदाय की लोध जाति से आते हैं. ओबीसी में पाल और लोध दोनों अहम जातियां हैं. इस तरह बीजेपी पाल और लोध समाज के ज़रिए सपा की पीडीए राजनीति में सेंधमारी का प्लान बना रही है. बीजेपी के सबसे बड़े ओबीसी चेहरे रहे बीजेपी अपने शुरुआती दौर में ऊंची जातियों की राजनीति वाली पार्टी की पहचान रखती थी और उसे ठाकुर, ब्राह्मण, बनियों की पार्टी कहा जाता था. बीजेपी की इस छवि को बदलने का काम कल्याण सिंह ने किया था. तब गुड गवर्नेंस के ज़रिए उन्होंने तमाम ओबीसी जातियों को जोड़कर मंडल वाली सियासत पर कमंडल का पानी फेर दिया था. कल्याण सिंह ओबीसी की लोध बिरादरी से थे और उत्तर प्रदेश में लोध समाज का वोट भी निर्णायक है. ओबीसी में एक और बड़ा वोट बैंक लोध जाति का है. कल्याण सिंह के चलते लोधी समुदाय बीजेपी का परंपरागत वोटर माना जाता है. कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह योगी सरकार में मंत्री हैं. यही नहीं बीजेपी ने लोधी समुदाय के नेताओं को राज्यसभा और विधायक बना रखा है, लेकिन 2027 की चुनावी तपिश के साथ पार्टी कल्याण सिंह के ज़रिए लोधी ही नहीं बल्कि गैर-यादव ओबीसी वोटों को सियासी संदेश देने की कवायद शुरू कर रही है, ताकि 2024 में हुए सियासी नुकसान की भरपाई कर सके. पिछले दिनों लोध समुदाय की बीजेपी से नाराजगी का सवाल उठा था. पश्चिम यूपी के किले को दुरुस्त करने में जुटी बीजेपी पहले से यूपी के जाट लैंड कहे जाने वाले पश्चिमी यूपी की मुजफ्फरनगर, कैराना, सहारनपुर, नगीना और मुरादाबाद जैसी सीटें 2024 में गंवा चुकी है. इसके अलावा लोधी समाज के प्रभाव वाली कासगंज, बदायूं, आंवला, संभल, मैनपुरी, रामपुर, हमीरपुर और कन्नौज जैसी सीट हार चुकी है. इसके अलावा फर्रुखाबाद और अलीगढ़ की सीट बहुत मुश्किल से जीती है. ऐसे में बीजेपी कल्याण सिंह के बहाने लोध प्रभाव वाले इलाके में अपनी सियासी जड़ें मजबूत करने का दांव चल रही है, क्योंकि ओबीसी वोटों को साधे बिना बीजेपी यूपी में सत्ता की हैट्रिक नहीं लगा पाएगी. यूपी में करीब 3 फीसदी लोधी समुदाय के लोग हैं, लेकिन बृज और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में इनकी निर्णायक भूमिका है. यूपी के करीब 23 जिलों में लोध वोटरों का दबदबा है. रामपुर, ज्योतिबा फुले नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, महामायानगर, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, पीलीभीत, लखीमपुर, उन्नाव, शाहजहांपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा ऐसे जिले हैं, जहां लोध वोट बैंक पांच से 10 फीसदी तक है. लोधी समुदाय ओबीसी की पहली जाति है, जो कल्याण सिंह के चलते बीजेपी के साथ जुड़ गई थी. बीजेपी अब कल्याण सिंह के निधन के बाद भी उसे अपने साथ पहले की तरह ही जोड़े रखना चाहती है. इसीलिए कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर सीएम योगी से लेकर बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ही नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी पहुंच रहे हैं. उत्तर प्रदेश में OBC पॉलिटिक्स उत्तर प्रदेश की सियासत ओबीसी मतदाताओं के इर्द-गिर्द सिमट गई है, जिसके चलते कल्याण सिंह के बहाने बीजेपी की लोधी समुदाय के … Read more

योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी

देश में कहीं भी उर्वरक की दिक्कत नहीं, कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी पहली अप्रैल से 18 अगस्त 2025 तक हुई 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री  पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की हुई बिक्री मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश- जनपदों में निरंतर मॉनीटरिंग करें अधिकारी, किसानों को न हो परेशानी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   लखनऊ  योगी सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी उर्वरकों की दिक्कत या कमी नहीं है। किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने खाद के अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी दी। खरीफ सत्र 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है।  मुख्यमंत्री ने की किसानों से अपील  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की कि खाद का भंडारण न करें। जितनी आवश्यकता है, उतना खाद लें, जब-जब आवश्यकता है, तब-तब खाद लें। हर जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ है। किसी भी परेशानी की स्थिति में अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने उर्वरक की ओवररेटिंग, कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने जनपद में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। कृषि विभाग ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष से अधिक हुआ खाद वितरण प्रदेश में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अभी तक अधिक खाद वितरण किया जा चुका है। विगत वर्ष 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हुआ था, इस वर्ष अभी तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। डीएपी 2024 में वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन का रहा, इस वर्ष यह बिक्री 5.38 लाख मीट्रिक टन हुई। एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण) का वितरण विगत वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) 0.25 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 0.46 लाख मीट्रिक टन वितरित हुआ। वहीं एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष किसानों को 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। खाद की उपलब्धता यूरियाः 18 अगस्त तक प्रदेश में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता रही। इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों द्वारा की जा चुकी है।  डीएपी: 18 अगस्त तक 9.25 लाख मी. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 5.38 लाख मी. टन की खरीद किसानों ने कर ली है।   एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मी०टन की उपलब्धता रही। इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों ने कर ली।  गत वर्ष की तुलना में 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग हेतु प्रतिदिन औसतन 49564 मी०टन यूरिया की खपत/बिक्री हो रही है। गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मी०टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है। बॉक्स  खाद उपलब्धता की सम्पूर्ण स्थिति (को-ऑपरेटिव स्टॉक और प्राइवेट स्टॉक) मंडल                  यूरिया           डीएपी         एनपीके                           सहारनपुर               18734         4577         3075 मेरठ                       39089       17195        8858 आगरा                    43824        28329       21502 अलीगढ़                 29597        18377       16464 बरेली                    41610         20790       28159 मुरादाबाद              46450         18159       27402 कानपुर                  52100         41168       30301 प्रयागराज               57212         21286       25580 झांसी                     28267        27164       16506   चित्रकूट                  25650          9110         3975 वाराणसी                43294         27689       14627 मीरजापुर                13626          7840         3804    आजमगढ़               34184         24481        9070 गोरखपुर                 34126         25756        15755 बस्ती                     12306        10439            4611 देवीपाटन               17955         18681          9017 लखनऊ                 41066         37964         36736 अयोध्या                28960          27997         25250 कुल-                  608049         387003     300693  नोटः यह आंकड़े खऱीफ सत्र 2025 में 18 अगस्त तक के हैं। यह मात्रा मीट्रिक टन में है।

योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी

प्रदेश में कहीं भी उर्वरक की दिक्कत नहीं, कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   पहली अप्रैल से 18 अगस्त 2025 तक हुई 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री  पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की हुई बिक्री मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश- जनपदों में निरंतर मॉनीटरिंग करें अधिकारी, किसानों को न हो परेशानी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   लखनऊ योगी सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी उर्वरकों की दिक्कत या कमी नहीं है। किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने खाद के अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी दी। खरीफ सत्र 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है।  मुख्यमंत्री ने की किसानों से अपील  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की कि खाद का भंडारण न करें। जितनी आवश्यकता है, उतना खाद लें, जब-जब आवश्यकता है, तब-तब खाद लें। हर जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ है। किसी भी परेशानी की स्थिति में अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने उर्वरक की ओवररेटिंग, कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने जनपद में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। कृषि विभाग ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष से अधिक हुआ खाद वितरण प्रदेश में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अभी तक अधिक खाद वितरण किया जा चुका है। विगत वर्ष 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हुआ था, इस वर्ष अभी तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। डीएपी 2024 में वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन का रहा, इस वर्ष यह बिक्री 5.38 लाख मीट्रिक टन हुई। एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण) का वितरण विगत वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) 0.25 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 0.46 लाख मीट्रिक टन वितरित हुआ। वहीं एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष किसानों को 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। खाद की उपलब्धता यूरियाः 18 अगस्त तक प्रदेश में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता रही। इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों द्वारा की जा चुकी है।  डीएपी: 18 अगस्त तक 9.25 लाख मी. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 5.38 लाख मी. टन की खरीद किसानों ने कर ली है।   एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मी०टन की उपलब्धता रही। इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों ने कर ली।  गत वर्ष की तुलना में 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग हेतु प्रतिदिन औसतन 49564 मी०टन यूरिया की खपत/बिक्री हो रही है। गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मी०टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है। खाद उपलब्धता की सम्पूर्ण स्थिति (को-ऑपरेटिव स्टॉक और प्राइवेट स्टॉक) मंडल                  यूरिया           डीएपी         एनपीके                           सहारनपुर               18734         4577         3075 मेरठ                       39089       17195        8858 आगरा                    43824        28329       21502 अलीगढ़                 29597        18377       16464 बरेली                    41610         20790       28159 मुरादाबाद              46450         18159       27402 कानपुर                  52100         41168       30301 प्रयागराज               57212         21286       25580 झांसी                     28267        27164       16506   चित्रकूट                  25650          9110         3975 वाराणसी                43294         27689       14627 मीरजापुर                13626          7840         3804    आजमगढ़               34184         24481        9070 गोरखपुर                 34126         25756        15755 बस्ती                     12306        10439            4611 देवीपाटन               17955         18681          9017 लखनऊ                 41066         37964         36736 अयोध्या                28960          27997         25250 कुल-                  608049         387003     300693  नोटः यह आंकड़े खऱीफ सत्र 2025 में 18 अगस्त तक के हैं। यह मात्रा मीट्रिक टन में है।

मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में दिखे अनोखे नजारे, सदस्यों का निराला अंदाज, सदस्यों ने दिखाए अजब-गजब रूप

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज 11 अगस्त से शुरू हो चुका है, ये सत्र 16 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सत्ता पक्ष की ओर से कई अहम विधायी मुद्दों पर चर्चा की तैयारी की गई है तो वहीं विपक्ष की ओर से भी सत्ता पक्ष को घेरने की पूरी तैयारी है। इस बार यूपी विधानसभा का सत्र बेहद खास होने जा रहा है, एक दिन सदन लगातार 24 घंटे तक चलेगा। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र 2025 की शुरुआत से पहले दिन विधान भवन प्रांगण में सदस्य विभिन्न अंदाज में दिखे। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने पोस्टर के साथ विरोध जताना शुरु किया तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी उनको देने उतरे। विपक्षी दल के सदस्यों ने किया हंगामा विधान भवन प्रांगण में सोमवार को समाजवादी पार्टी के साथ विपक्षी दल से सदस्यों ने हंगामा शुरु किया गया तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी उनके विरोध में सामने आ गए। मानसून सत्र के पहले दिन सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों में पोस्टर वार होने लगा। सदन में और विधानसभा से बाहर मुख्य द्वार पर प्रतिपक्ष में सपा विधायक नारेबाजी और हंगामा करते रहे। निराले अंदाज में विधानसभा पहुंचे सदस्य समाजवादी पार्टी के विधानसभा और विधान परिषद सदस्य सोमवार को विधान भवन में विभिन्न रंग रूप में दिखे। कोई काले कपड़े पहने था तो कोई अलग स्टाइल के कपड़े धारण करके आया था। किसी ने तिरछी टोपी पहनी थी तो कोई अंगौछा धारण करके सरकार का विरोध कर रहा था। विधायक अतुल प्रधान का अलग अंदाज मेरठ की सरधना सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान का एक अलग अंदाज देखने को मिला। सपा विधायक आज कांवड़ लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे। इस कांवड़ में एक तरफ लिखा था ‘हमें चाहिए पाठशाला’ और दूसरी तरफ था- ‘हमें नहीं चाहिए मधुशाला’। उत्तर प्रदेश में गांवों में बेसिक शिक्षा के स्कूल बच्चों की नींव हैं। स्कूल मर्जर पर उठाए सवाल अतुल प्रधान ने इस दौरान यूपी में स्कूल मर्जर को लेकर सवाल उठाए और कहा कि सरकारी स्कूलों को बंद करने का नियम किसने बनाया है। 2019 में पहले बंद करने का काम किया। आखिर सरकारी स्कूलों में कौन पढ़ता है। यहां गरीब-मजदूर छोटा-मोटा व्यापार करने व्यापार करने वालो के बच्चे पढ़ते हैं। A फॉर अखिलेश व D फॉर डिम्पल के लगे पोस्टर मानसून सत्र के पहले दिन पोस्टर वार देखने को मिला। सपा की पीडीए पाठशाला पर भाजपा हमलावर हुई। भाजपा एमएलसी व प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश ने भाजपा मुख्यालय के बाहर समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर पोस्टर लगाया। इसमें पीडीए पाठशाला में A फॉर अखिलेश व D फॉर डिम्पल पढ़ाने पर माफी मांगने को कहा। पोस्टर में लिखा सपा के पीडीए पाठशाला का काला सच।

यूपी विधानसभा में CM योगी का बयान: सपा की करतूतों से हर कोई वाकिफ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर करारा प्रहार किया. सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा, "सपा और लोकतंत्र एक ही नदी के दो अलग-अलग छोर हैं. इन्हें लोकतंत्र पर भरोसा कब से हो गया? लोकतंत्र की बात करना इन्हें शोभा नहीं देता. संभल में इन्होंने क्या किया, ये सबको पता है. संभल हो, बहराइच हो या गोरखपुर, सपा की करतूतों से सब वाकिफ हैं. इन्होंने अपने कार्यकाल में कुछ नहीं किया. अगर एनडीए सरकार विकास करना चाहती है, तो आपको (समाजवादी पार्टी) बुरा लग रहा है… हम पूरे प्रदेश के व्यापारियों को साथ लेकर काम कर रहे हैं." मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि सपा शासनकाल में व्यापारियों पर गुंडा टैक्स लगाया जाता था. इसी वजह से व्यापारी आपसे नाराज़ हैं और समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा बार-बार भुगतना पड़ रहा है. व्यापारियों के विकास के लिए कदम उठाने के बजाय इन्होंने (समाजवादी पार्टी ने) उनके रास्ते में रोड़े ही अटकाए हैं. समाजवादी पार्टी से ये उम्मीद नहीं की जा सकती कि वो सुरक्षा की बात करेगी और अच्छे विकास का समर्थन करेगी." वहीं, मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने कहा था- "इस मानसून सत्र के दौरान बाढ़, जलभराव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. स्वास्थ्य, शिक्षा और इन सभी मुद्दों पर सरकार ने पिछले 8.5 वर्षों में जो कुछ भी किया है, उस पर भी चर्चा होगी. विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को लेकर 13-14 अगस्त को 24 घंटे की चर्चा होगी. चर्चा के बाद, हम सदन में एक विस्तृत कार्ययोजना की भी घोषणा करेंगे कि कैसे सरकार नीति आयोग के मार्गदर्शन में विशेषज्ञों की मदद से इस विजन डॉक्यूमेंट में आम जनता के साथ-साथ हर वर्ग के नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी और उस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए, सरकार अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना के साथ अपना विजन सदन के पटल पर रखेगी." सपा ने किया प्रदर्शन  वहीं, विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने जमकर प्रदर्शन किया. सपा विधायकों ने विधानसभा के गेट पर खड़े होकर नारेबाजी की. उन्होंने बैनर-पोस्टर आदि के जरिए सरकार पर हमला बोला. इस बीच प्रश्नकाल में विपक्ष के हंगामे के चलते स्पीकर सतीश महाना ने 15 मिनट के लिए हाउस को स्थगित कर दिया.   दरअसल, सदन शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने खुद गोरखपुर में व्यापारियों से मिलने के लिए पुलिस द्वारा रोके जाने का मुद्दा उठाया, इसके अलावा बहराइच और संभल में ना जाने को लेकर भी सीएम योगी के सामने सवाल रखा. इसके जवाब में सीएम योगी ने पूरी समाजवादी पार्टी को ही लपेट लिया और उसपर तीखा हमला बोला.  

नेता प्रतिपक्ष एक वरिष्ठ नेता, उनके कंधे पर बंदूकर रखकर गोली चला रहे कुछ लोग : योगी आदित्यनाथ

सपा और लोकतंत्र नदी के दो छोर : योगी आदित्यनाथ  मानसून सत्र के पहले दिन नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के आरोपों पर सीएम योगी की दो टूक  सीएम ने कहा- समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में शोषण और गुंडा टैक्स को नहीं भूले हैं व्यापारी  नेता प्रतिपक्ष एक वरिष्ठ नेता, उनके कंधे पर बंदूकर रखकर गोली चला रहे कुछ लोग : योगी आदित्यनाथ  गोरखपुर विरासत कॉरिडोर से जुड़े एक-एक व्यापारी से हमने की है बात, सभी को मिलेगा मुआवजा : मुख्यमंत्री   केवल राजनीति करने गोरखपुर गये थे नेता प्रतिपक्ष, व्यापारियों ने सम्मानजनक ढंग से किया उनका विरोध : सीएम योगी   संभल में सपा सरकार में हुआ था नग्न तांडव, आज हो रहा उसका शुद्धिकरण : सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसून सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तीखा हमला बोला। सपा के कार्यकाल में व्यापारियों पर हुए अत्याचार और गुंडा टैक्स की याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि सपा का लोकतंत्र में विश्वास केवल दिखावा है। उन्होंने संभल, बहराइच और गोरखपुर में सपा की नकारात्मक राजनीति पर भी सवाल उठाए। माता प्रसाद पांडेय के आरोपों पर गरजे योगी सीएम योगी ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को एक वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि कुछ लोग उनके कंधे पर बंदूक रखकर गोली चला रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि माता प्रसाद पांडेय जी, आप वरिष्ठ हैं। आपको अनावश्यक रूप से मोहरा बनाकर कुछ लोग आपके कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साध रहे हैं। आपको ऐसा होने नहीं देना चाहिए। उन्होंने गोरखपुर के विरासत कॉरिडोर के मुद्दे पर सपा की राजनीति को नकारात्मक और विकास विरोधी करार दिया। गोरखपुर विरासत कॉरिडोर पर सीएम ने सपा को घेरा सीएम योगी ने गोरखपुर के विरासत कॉरिडोर के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर गोरखपुर के सबसे पुराने बाजार, घंटाघर और गीताप्रेस जैसे ऐतिहासिक स्थानों को जोड़ने का काम करेगा। सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से तीन दिन पहले गोरखपुर विरासत कॉरिडोर का निरीक्षण किया था। वहां के एक-एक व्यापारी से बात की। यह गोरखपुर का सबसे पुराना बाजार है, जहां कंजेशन और अवैध कब्जे की समस्या थी। हमने सड़क निर्माण और कंजेशन दूर करने का काम शुरू किया है। सीएम योगी ने बताया कि उन्होंने व्यापारियों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। सरकार सुनिश्चित करेगी कि विकास कार्यों के दौरान किसी का नुकसान न हो। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में इस क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सपा के समय में मासूम बच्चे हर साल इन्सेफेलाइटिस से मरते थे। हर साल 700 से 1500 बच्चों की मौत इन्सेफलाइटिस से होती थी। नेता प्रतिपक्ष के विधानसभा क्षेत्र और सिद्धार्थनगर जनपद में सैकड़ों बच्चे मरते थे, लेकिन आपने कुछ नहीं किया। स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास आपका एजेंडा कभी नहीं रहा। सपा के प्रति व्यापारियों में है जबरदस्त आक्रोश सीएम ने कहा कि गोरखपुर के व्यापारियों ने माता प्रसाद पांडेय के दौरे का विरोध किया था, क्योंकि सपा के कार्यकाल में व्यापारियों को भय और गुंडा टैक्स का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी व्यापारी सपा के कार्यकाल में हुए शोषण को नहीं भूले हैं। व्यापारी इसलिए आशंकित और आक्रोशित थे कि आप बिना बुलाए वहां गए और उनके विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश की। सीएम योगी ने आगे कहा कि व्यापारियों ने आपका सम्मान पूर्वक विरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा से सुरक्षा और विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती। संभल में सपा ने किया था नग्न तांडव सीएम योगी ने संभल में सपा सरकार के दौरान हुए 'नग्न तांडव' का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार वहां शुद्धिकरण अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि सपा ने संभल में जो नकारात्मकता फैलाई, आज हम उसे सुधार रहे हैं। लेकिन सपा अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आती और विकास को अवरुद्ध करने की कोशिश करती है। सपा पर विकास विरोधी होने का सीएम ने लगाया आरोप सीएम योगी ने सपा पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि चाहे संभल हो, बहराइच हो या गोरखपुर, सपा हर जगह नकारात्मक राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार विकास कराना चाहती है, लेकिन सपा को यह बुरा लगता है। 

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री 09 अगस्त, 1925 को महान क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं को बलिदान किया, उनके जज्बे का ही परिणाम था कि देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया ़ भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया स्वदेशी हमारे जीवन का ध्येय और मंत्र बननी चाहिए, आजादी का यही संदेश कि हम जिएं तो स्वदेशी के लिए और मरें तो अपने देश के लिए  भले ही तात्कालिक रूप से कुछ महंगा हो, लेकिन हम स्वदेशी उपहार ही खरीदें  अमर क्रान्तिकारियों के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करते हुए सरकार ‘काकोरी ब्राण्ड’ का आम पूरी दुनिया में पहुंचा रही   प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाए जाने के संकल्प को सफल बनाना ही अपने क्रान्तिकारियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि : उपमुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया  लखनऊ      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन कार्यक्रम है। आज से 100 वर्ष पहले 09 अगस्त, 1925 को काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से उस समय के महान क्रान्तिकारियों ने भारत की जनता के खून-पसीने की कमाई को इंग्लैंड ले जाने का कुत्सित प्रयास करने वाली ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया था।     मुख्यमंत्री जी आज यहां काकोरी शहीद स्मारक, लखनऊ में ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन भी किया।      मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी एवं सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गयी काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद स्मारक प्रांगण में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री जी ने फोटो बूथ पर सेल्फी ली तथा बालिकाओं से राखी बंधवाई। समारोह में संस्कृति विभाग के तत्वावधान में 100 कलाकारों द्वारा ‘काकोरी की अमर गाथा’ नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गयी। इस अवसर पर काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।       मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस पूरे अभियान को नेतृत्व प्रदान करने वाले पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठा0 रोशन सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी सहित क्रान्तिकारियों की एक लम्बी श्रृंखला थी, जिन्हें ब्रिटिश हुकूमत ने अलग-अलग जेलों में बन्द करके, बिना सुनवाई का अवसर दिये ही फांसी के फंदे पर पहुंचाने का काम किया था। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर जेल में फांसी दी गई। इसी प्रकार अन्य क्रान्तिकारियों को गोण्डा, फैजाबाद और नैनी जेल में फांसी दी गई। चन्द्रशेखर आजाद ब्रिटिश हुकूमत के हाथ नहीं पड़े, बल्कि उन्होंने मुकाबला करते हुए स्वयं वीरगति प्राप्त की। आज का यह शताब्दी महोत्सव उन महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस है। यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा भी है।          मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के मात्र 4,600 रुपए के खजाने को अपने कब्जे में लिया था, जबकि इन क्रान्तिकारियों को पकड़ने और बिना सुनवाई उन्हें फांसी देने के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने 10 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की थी। आज से 100 वर्ष पहले देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रान्तिकारियों का स्मरण करने और उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए हर भारतवासी को प्राणप्रण से जुटना चाहिए। आज का यह समारोह इसी संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है।      मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं की परवाह किए बगैर राष्ट्रभक्ति के भाव से अपने आप को बलिदान किया। आजादी के लिए हर कीमत चुकाने के उनके जज्बे का ही परिणाम था कि यह देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया। हमारा यह संकल्प होना चाहिए कि राष्ट्रभक्ति का यह ज्वार जन-जन के हृदय में प्रतिष्ठित हो। इसके लिए एकता और गर्व के प्रतीक तिरंगे को हर घर तक पहुंचाना है।      भारत की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा झण्डा हमारा राष्ट्रीय प्रतीक है। हर घर तिरंगा फहराकर हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करना है, जिनके बलिदान से हमारा देश आज स्वतन्त्र है तथा भारत की एकता और अखण्डता सुनिश्चित हुई है। जब हम इस संकल्प से कार्य करेंगे, तो जिन महान उद्देश्यों के लिए क्रान्तिकारियों ने अपने आप को बलिदान किया था, वह महान उद्देश्य आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के विजन के रूप में स्वतःस्फूर्त भाव से आगे बढ़ेगा।     मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर भारतवासी ने भारत की सेना के शौर्य और पराक्रम का सदैव सम्मान किया है। हाल ही में भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया। पूरी दुनिया ने भारत के शौर्य और सामर्थ्य का लोहा एक बार फिर से माना है। अपने सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से आह्वान … Read more