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माघ मेला : मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश, मुख्य स्नान पर्वों पर कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं

माघ मेला केवल आयोजन नहीं, सनातन परंपरा और प्रशासनिक दक्षता का जीवंत प्रतीक: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश, मुख्य स्नान पर्वों पर कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं 31 दिसम्बर तक सारी तैयारियां पूरी कर लें, संबंधित प्रमुख सचिव/सचिव और एडीजी एलओ 31 दिसम्बर को मौके पर जाकर करें समीक्षा: मुख्यमंत्री 44 दिनों तक चलेगा माघ मेला-2026, 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना इस वर्ष मेला क्षेत्र 800 हेक्टेयर तक विस्तारित, घाटों की लंबाई में 50% वृद्धि अब तक 4599 संस्थाओं को भूमि  आवंटन पूरा एआई आधारित सर्विलांस और रीयल टाइम मॉनिटरिंग से होगा भीड़ व सुरक्षा प्रबंधन माघ मेला-2026 में पहली बार ऐप आधारित बाइक टैक्सी, क्यूआर कोड और हाई-टेक नवाचार स्वच्छता पर विशेष फोकस: सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, 16,650 शौचालय, 3300 सफाई मित्र 24×7 होंगे तैनात अफवाह फैलाने वालों पर हो सख्ती, ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के लिए बनाएं बहुस्तरीय योजना: मुख्यमंत्री माघ मेला बनेगा ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज मॉडल, नदियों की पवित्रता सर्वोपरि 19वीं-20वीं शताब्दी के माघ मेलों के लोक अभिलेख और दुर्लभ पांडुलिपियां बनेंगी आकर्षण नाविकों से संवाद, खान-पान और सेवाओं के शुल्क नियंत्रण के निर्देश लखनऊ मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम तट पर प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला-2026 की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला केवल आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता का सजीव उदाहरण है। उन्होंने निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण मिले, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगम पर कल्पवास, स्नान और साधना की परंपरा भारतीय सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। इस वर्ष 15 से 25 लाख श्रद्धालु केवल कल्पवासी होंगे। महाकुम्भ के सुव्यवस्थित आयोजन के बाद माघ मेला-2026 को लेकर देश और दुनिया में विशेष उत्साह है। यह मेला समाज को संयम, समरसता और सेवा का संदेश देता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यवस्थाओं में आध्यात्मिक गरिमा बनी रहे, लेकिन किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या असुविधा न हो। उन्होंने गृह विभाग को निर्देश दिए कि प्रमुख स्नान पर्वों पर किसी तरह का वीआईपी प्रोटोकॉल न दिया जाए, इन संबंध में आवश्यक सूचना जारी कर दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि माघ मेले से जुड़े सभी विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी और अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था स्वयं मेला क्षेत्र जाकर तैयारियों की समीक्षा करें। 31 दिसम्बर तक सारी तैयारी पूरी कर ली जाए। बैठक में मंडलायुक्त प्रयागराज ने बताया कि माघ मेला-2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक कुल 44 दिनों तक होगा। इस दौरान पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे। पूरे मेला काल में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जबकि मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख पर्व पर एक ही दिन में साढ़े तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं उसी अनुरूप की जा रही हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि मेला क्षेत्र का विस्तार बढ़ाकर लगभग 800 हेक्टेयर किया गया है। सेक्टरों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है। स्नान घाटों की कुल लंबाई में पिछले माघ मेले की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 पार्किंग स्थल, 9 पांटून पुल, बेहतर आंतरिक सड़क व्यवस्था और सुगम आवागमन की विस्तृत कार्ययोजना पर काम अंतिम चरण में है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने ट्रैफिक एवं क्राउड मैनेजमेंट के लिए ठोस और बहुस्तरीय कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त, प्रयागराज कमिश्नरेट ने बताया कि मेला अवधि के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। लगभग 450 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 250 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जाएंगी। मेला क्षेत्र में एआई आधारित सर्विलांस एवं क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने पुलिसकार्मिकों के बेहतर व्यवहार और श्रद्धालु-संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए आवश्यक प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स के सहयोग को भी व्यवस्थाओं में शामिल करने को कहा। साथ ही नाविकों के साथ संवाद और समन्वय बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं के लिए खान-पान एवं विभिन्न सेवाओं के शुल्क को नियंत्रित रखने के निर्देश भी दिए। नवाचारों पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला-2026 को सुविधाओं और तकनीक के स्तर पर एक नया मानक बनना चाहिए। बैठक में बताया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवा, दिशा सूचक संकेतों का व्यापक विस्तार, विद्युत पोलों पर क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली, निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु रिंग मेन यूनिट, कटाव रोकने के लिए जियो-ट्यूब तकनीक तथा पूर्वनिर्मित सीवेज शोधन संयंत्र जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ये सभी नवाचार ज़मीनी स्तर पर प्रभावी रूप से दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रतिबंध पर जोर देते हुए कहा कि माघ मेला स्वच्छता का उदाहरण बने। बैठक में जानकारी दी गई कि मेला क्षेत्र में कुल 16,650 शौचालयों की स्थापना की जा रही है, जिनमें महिलाओं के लिए पृथक और पर्याप्त सुविधाएं शामिल हैं। लगभग 3300 सफाई मित्रों की 24 घंटे तैनाती की जाएगी। उनके लिए सैनीटेशन कॉलोनी, बच्चों हेतु आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालय जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि मेले में कार्यरत स्वच्छताकर्मियों के मानदेय का भुगतान प्रत्येक दशा में 15 दिवस के भीतर कर दिया जाए। नगर विकास विभाग को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे गंगा-यमुना की पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहे। स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में बताया गया कि मेला क्षेत्र में 20-20 बेड के दो अस्पताल, 12 प्राथमिक उपचार केंद्र, 50 एंबुलेंस तथा आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति … Read more

योगी आदित्यनाथ की सरकार के एसटीईएम विजन को मिला राष्ट्रीय मंच, निखरीं ग्रामीण प्रतिभाएं

सरकारी स्कूल से आईआईटी बॉम्बे तक उड़ान: संभल के बच्चों ने रचा इतिहास योगी आदित्यनाथ की सरकार के एसटीईएम विजन को मिला राष्ट्रीय मंच, निखरीं ग्रामीण प्रतिभाएं परिषदीय विद्यालयों के छात्रों ने टेकफेस्ट-2025 में इंजीनियरिंग छात्रों के समक्ष प्रस्तुत की चुनौती कोज्मोक्लेंच और मेसमराइज जैसी जटिल रोबोटिक्स स्पर्धाओं में सहभागिता कर प्रतिभा का मनवाया लोहा संभल  योगी आदित्यनाथ सरकार की गुणवत्तापरक शिक्षा नीति, एसटीईएम आधारित नवाचार और समान अवसरों के विजन का प्रभाव अब राष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। संभल के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले परिषदीय पृष्ठभूमि के बच्चों ने वह उपलब्धि हासिल की है, जिसे अब तक बड़े और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों तक सीमित माना जाता रहा है। इन विद्यार्थियों ने IIT Bombay के टेकफेस्ट 2025 में भाग लेकर तकनीकी उत्कृष्टता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। योगी सरकार की एसटीईएम विजन को मिला राष्ट्रीय मंच सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित संभल जनपद के विद्यार्थियों ने एशिया के प्रतिष्ठित विज्ञान एवं तकनीकी महोत्सव टेकफेस्ट 2025 में कोज्मोक्लेंच और मेसमराइज जैसी जटिल रोबोटिक्स स्पर्धाओं में सहभागिता की। कक्षा 4 से 9 तक के इन छात्रों ने देशभर के बीटेक विद्यार्थियों की 250 से अधिक टीमों को सीधी चुनौती दी। उनके तकनीकी कौशल और नवाचार क्षमता से प्रभावित होकर आईआईटी बॉम्बे ने विद्यार्थियों को तकनीकी उत्कृष्टता के लिए विशेष प्रशंसा तथा उत्कृष्टता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि परिषदीय विद्यालयों के छात्र भी उच्च स्तरीय तकनीकी मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन बच्चों ने रोबोटिक्स जैसी जटिल विधाओं में अपनी दक्षता दिखाई और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों के समक्ष कड़ी प्रतिस्पर्धा प्रस्तुत की। प्रशासनिक संबल और गुणवत्तापरक शिक्षा बन रही पहचान इस सफलता के पीछे योगी आदित्यनाथ की सरकार के शिक्षा सुधारों की स्पष्ट भूमिका दिखाई देती है। एसटीईएम शिक्षा पर विशेष फोकस, अवसरों की समानता और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सहयोग ने इन विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर दिया। जिलाधिकारी डॉ राजेन्द्र पैंसिया के संरक्षण में चयनित 11 मेधावी छात्र, जिनमें बालिकाएं, दिव्यांग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी भी शामिल थे, शिक्षक दल के साथ मुंबई पहुंचे। बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा ने बताया कि ये विद्यार्थी इससे पहले आईआईटी दिल्ली और आईआईटी कानपुर में भी पुरस्कृत हो चुके हैं। अब आईआईटी बॉम्बे में दो रोबोटिक्स स्पर्धाओं में सम्मान प्राप्त कर संभल ने शिक्षा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा नीति गांव देहात की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में सफल हो रही है।

मुख्यमंत्री बोले—त्याग और बलिदान की भावना रखने वालों का ही इतिहास बनता है

इतिहास उन्हीं का बनता है जिनके मन में त्याग और बलिदान का भाव होः मुख्यमंत्री  वीर बाल दिवस के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए योगी आदित्यनाथ, सिख गुरुओं के अमर बलिदान को किया नमन सीएम ने साहिबज़ादों के शहीदी दिवस को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने के लिए प्रधानमंत्री का किया धन्यवाद लखनऊ धर्म रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के सुपुत्रों की स्मृति में वीर बाल दिवस एवं श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर शुक्रवार को आयोजित कीर्तन समागम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास उन्हीं का बनता है जिनके मन में त्याग और बलिदान का भाव हो। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने स्वदेश और स्वधर्म के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की जो परंपरा स्थापित की, वही हमारी प्रगति का मार्ग है। वीर बाल दिवस के अवसर पर शबद पाठ और कीर्तन समागम का आयोजन मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग पर हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम की शुरुआत में गुरु ग्रंथ साहिब को माथे लगाकर प्रणाम किया। इसके बाद उन्होंने शबद कीर्तन और साहिबज़ादों के अमर बलिदान की गाथा को सुना। कीर्तन पाठ करने वाले बच्चों को पटका पहनाकर और पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। उन्होंने ‘छोटे साहिबज़ादे’ नाम की पुस्तिका का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद  सिंह जी के साहिबज़ादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के शहीदी दिवस को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाना, उनके स्वधर्म और स्वदेश के प्रति अमर बलिदान को नमन करने का अवसर है। उन्होंने प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया कि उन्होंने देशभर के सिख समाज की भावना को स्वीकार करते हुए इस दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं का इतिहास भारत में भक्ति और शक्ति का इतिहास है। गुरु नानक देव जी ने सिख धर्म की जो अलख जगाई, उसके प्रचार-प्रसार के लिए देश के कोने-कोने में गए। गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोबिंद  सिंह जी ने अपने त्याग और बलिदान से इसे अनुकरणीय बनाया। शबद कीर्तन समागम में मुख्यमंत्री ने सिख गुरुओं की परंपरा, उनके त्याग और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस का 350वां वर्ष मनाया जा रहा है और मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे कई बार उनके शहीदी दिवस के कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिला। यह विशेष संयोग था कि जिस समय हम गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में कार्यक्रम का आयोजन कर रहे थे, उसी दिन 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के हर स्कूल, कॉलेज और कार्यालय में वीर बाल दिवस के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं तथा साहिबज़ादों की गाथाएं पाठ्यक्रम में शामिल की गई हैं, ताकि नई पीढ़ी को बलिदान की प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि इतिहास उन्हीं का बनता है जिनके मन में त्याग और बलिदान का भाव होता है। सिख धर्म की लंगर परंपरा सामाजिक समरसता का उदाहरण है, जहाँ किसी की जाति या धर्म नहीं पूछा जाता। गुरु गोबिंद  सिंह जी ने समाज को एकता के सूत्र में बाँधने का कार्य किया। मुख्यमंत्री ने गुरु गोबिंद  सिंह जी महाराज, माता गुजरी देवी, बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि वीर बाल दिवस प्रत्येक भारतीय युवा के लिए प्रेरणा का दिन है। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के आयोजनों में डबल इंजन सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में आनंद साहिब का पाठ और अरदास हुई। इसके बाद वह मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ एवं असीम अरुण के साथ लंगर में भी सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर की पुष्पांजलि

अटल जी ने विकास के विजन के साथ देश को बढ़ायाः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर की पुष्पांजलि  मुख्यमंत्री ने महामना मदन मोहन मालवीय व राजा बिजली पासी की जयंती पर उन्हें किया नमन  सीएम योगी ने दी क्रिसमस की बधाई  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित अटल जी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। सीएम ने महामना मदन मोहन मालवीय, राजा बिजली पासी की जयंती पर उन्हें नमन किया और क्रिश्चियन बंधुओं को क्रिसमस की भी बधाई दी।  सीएम योगी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी जी की आज पावन जयंती है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ से प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में देश को विकास के नए विजन के साथ बढ़ाने का कार्य किया। यह वर्ष विशेष है, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशताब्दी महोत्सव का आयोजन पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। अटल जी की कविताओं के काव्य पाठ, उनके लेखन पर वाद-विवाद, पत्रकारिता, संसद और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अटल जी महत्वपूर्ण भाषण आदि को लेकर पूरे देश में शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं में अनेक कार्यक्रम भी हुए।  अटल जी ने संसद में सर्वाधिक समय तक उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया सीएम योगी ने कहा कि अटल जी की पैतृक भूमि उत्तर प्रदेश के आगरा के बटेश्वर में है। उनकी उच्च शिक्षा कानपुर और सार्वजनिक जीवन की शुरुआत बलरामपुर से शुरू हुई थी। संसद में उन्होंने सर्वाधिक समय तक उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। अटल बिहारी वाजपेयी जी का विराट व्यक्तित्व व कृतित्व देशवासियों को प्रेरणा प्रदान करता है।  डबल इंजन सरकार ने किया राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण सीएम योगी ने कहा कि अटल जी की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने और विचार परिवार को निरंतरता देने के लिए डबल इंजन सरकार ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण किया है। यहां भारत की तीन महान विभूतियां की प्रतिमाएं व डिजिटल म्यूजियम भी है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा राष्ट्र के प्रति एकता व अखंडता का संदेश देगी। पं. दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का संकल्प व अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा समरसता क साथ ही ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अभियान को आगे बढ़ाने का मार्ग दिखाएगी। पीएम के करकमलों से राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण होगा।  सीएम ने महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती पर भी उन्हें किया याद   सीएम योगी ने पं. मदन मोहन मालवीय को भी याद किया। उन्होंने कहा कि महान राष्ट्रवादी नेता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक पं. मदन मोहन मालवीय की भी आज पावन जयंती है। मालवीय जी का स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने 1916 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर देशवासियों को दृष्टि दी। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।  सीएम ने महाराजा बिजली पासी को भी किया नमन  सीएम योगी ने महाराजा बिजली पासी की पावन जयंती पर उन्हें भी नमन किया। कहा कि लखनऊ के महान योद्धा बिजली पासी ने भारत की सनातन परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए विदेशी हुकुमतों की जड़ों को उखाड़ फेंका था। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं का डटकर मुकाबला किया। सीएम ने बताया कि डबल इंजन सरकार बिजली पासी के किलों के पुनरुद्धार के लिए निरंतर कार्य करते हुए उस परंपरा से जुड़े सभी महान योद्धाओं के प्रति कृतज्ञता भी ज्ञापित कर रही है।  सीएम ने दी क्रिसमस की बधाई  सीएम ने क्रिश्चियन बंधुओं को क्रिसमस की भी बधाई दी। कहा कि सरकार प्रदेश में शांति व सौहार्द पूर्ण ढंग से इस त्योहार का भी आनंद लेने का अवसर उपलब्ध कराएगी।  इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य गोविंद नारायण शुक्ल आदि मौजूद रहे।

कोहरे और कम दृश्यता में नियंत्रित गति, सभी बसों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य

योगी सरकार यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्क, ठंड में सुरक्षित बस संचालन के निर्देश कोहरे और कम दृश्यता में नियंत्रित गति, सभी बसों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य कोहरे की स्थिति में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो  विजिबिलिटी सामान्य होने पर ही बसों का संचालन किया जाए बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से यात्रियों को सुरक्षा उपायों की दी जाएगी जानकारी घने कोहरे वाले मार्गों पर रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित किया जाए  रात्रि सेवाओं में अनुभवी, दुर्घटना-रहित और अच्छे ईंधन रिकॉर्ड वाले चालकों की हो तैनाती  लंबी दूरी की बसों की 13 बिंदुओं पर आउटशेडिंग तथा 31 बिंदुओं पर नियमित भौतिक जांच कराने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शरद ऋतु और ठंड के मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद में प्रदेश में बस यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंत सावधानी से किये जाने, रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित करने और यात्रियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। कोहरे में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने परिवहन निगम एवं संबंधित अधिकारियों को शरद ऋतु/ठंड के मौसम में बसों के सुरक्षित एवं नियंत्रित संचालन को लेकर विस्तृत आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंत सावधानी से किया जाना आवश्यक है और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मुहैया कराना प्रदेश सरकार का दायित्व है। परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कोहरे की स्थिति में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो, जबकि अत्यधिक कोहरे में बस को किसी सुरक्षित स्थान पर रोककर विजिबिलिटी सामान्य होने पर ही आगे संचालन किया जाए। बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार एनाउंसमेंट कर यात्रियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं। अनुभवी चालकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए उन्होंने कहा कि घने कोहरे वाले मार्गों पर रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित किया जाए तथा रात्रि सेवाओं में अनुभवी, दुर्घटना-रहित और अच्छे ईंधन रिकॉर्ड वाले चालकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि रात्रि सेवा पर जाने से पूर्व चालक को कम से कम 8 घंटे का विश्राम प्राप्त हुआ हो। 50 प्रतिशत से कम लोड फैक्टर वाली रात्रिकालीन सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं। चालकों का अल्कोहल टेस्ट अनिवार्य लंबी दूरी एवं रात्रिकालीन सेवाओं की बसों को मार्ग पर भेजने से पूर्व 13 बिंदुओं पर आउटशेडिंग जांच तथा संचालन के दौरान 31 बिंदुओं पर नियमित भौतिक जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी निगम एवं अनुबंधित बसों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, फॉग लाइट, ऑल वेदर बल्ब, वाइपर और शीशे पूर्ण रूप से कार्यरत होना अनिवार्य किया गया है। मार्ग पर तैनात इंटरसेप्टर एवं प्रवर्तन वाहनों द्वारा निरीक्षण के दौरान ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से अल्कोहल टेस्ट अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता परिवहन मंत्री ने चालकों को तीन प्रकार की सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा है। एक्सप्रेस-वे पर अचानक ठहराव से बचाव, डिवाइडर युक्त सड़कों पर दायीं ओर संचालन, तथा बिना डिवाइडर वाली सड़कों पर बायीं ओर संचालन कर दुर्घटनाओं से बचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी चालकों एवं परिचालकों को इन दिशा-निर्देशों के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि संयमित गति और सतर्कता के साथ बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने दोहराया कि योगी सरकार प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल श्रम शक्ति का नहीं बल्कि उद्यम शक्ति का केंद्र बनाना है

निधि योजना : उत्तर प्रदेश में महिला उद्यमिता को मिला रहा मजबूत आधार योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल श्रम शक्ति का नहीं बल्कि उद्यम शक्ति का केंद्र बनाना है टियर 2 और टियर 3 शहरों में उद्यमिता का हो रहा है विस्तार निधि योजना के अंतर्गत देश में कुल 714, उत्तर प्रदेश में 25 महिला स्टार्टअप्स को सीधी सहायता लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है। कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सरकार का फोकस नवाचार उद्यमिता और आत्मनिर्भरता पर है। इसी सोच के अनुरूप केंद्र सरकार की निधि योजना का प्रभाव उत्तर प्रदेश में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स खासकर महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए प्रदेश में एक सकारात्मक और भरोसेमंद वातावरण तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल श्रम शक्ति का नहीं बल्कि उद्यम शक्ति का केंद्र बनाना है। निधि कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2016 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा की गई थी। इस योजना का उद्देश्य प्रारंभिक चरण के विज्ञान एवं तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को वित्तीय और संस्थागत सहायता देना है। योजना के अंतर्गत देश में कुल 714 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स सहायता दी जा चुकी है। वर्ष 2017-18 में 23  महिला स्टार्टअप्स को सहायता मिली, वर्ष 2023-24 में 152,  2024-25 में 140 और वर्ष 2025-26 में 84  महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को समर्थन दिया गया।  महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी निधि कार्यक्रम के अंतर्गत देश भर में महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर पर सहायता दी जा रही है। इस राष्ट्रीय पहल में उत्तर प्रदेश ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रदेश में 25  महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को निधि योजना के तहत वित्तीय और तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है। यह इस बात का संकेत है कि प्रदेश की महिलाएं अब केवल रोजगार की तलाश में नहीं हैं बल्कि रोजगार देने वाली उद्यमी बनने की दिशा में आगे कदम बढ़ा रही है। योगी सरकार की स्टार्टअप नीति और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं ने इस बदलाव को गति दी है। टीबीआई और आईटीबीआई से प्रदेश में नवाचार को मिला संबल उत्तर प्रदेश में निधि प्रौद्योगिकी व्यापार इनक्यूबेटर (टीबीआई) और समावेशी प्रौद्योगिकी व्यापार इनक्यूबेटर (आईटीबीआई) की स्थापना योगी सरकार के विकास मॉडल की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। प्रदेश में 7 टीबीआई और आईटीबीआई स्थापित किए गए हैं, जो महिला स्टार्टअप्स के लिए मार्गदर्शन का केंद्र बन रहे हैं। इन इनक्यूबेटरों के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी सलाह, व्यवसायिक रणनीति, बौद्धिक संपदा अधिकार, कानूनी और नियामक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसका लाभ यह हुआ है कि छोटे शहरों और कस्बों की महिलाएं भी अब नवाचार आधारित उद्यम शुरू करने का साहस कर पा रही हैं, यह योगी आदित्यनाथ सरकार के विज़न से ही संभव हो पा रहा है।  टियर वन और टियर टू शहरों में हो रहा है उद्यमिता का विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे। इसी सोच के अंतर्गत टियर वन और टियर टू स्तर के शहरों में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई ऐसे जिले जो पहले उद्यमिता के मानचित्र पर नहीं थे, अब धीरे-धीरे स्टार्टअप गतिविधियों के केंद्र बन रहे हैं। निधि योजना से जुड़े इनक्यूबेटर इन क्षेत्रों में स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

योगी सरकार ने 2000 करोड़ के ड्रग रैकेट को तोड़ा, अवैध संपत्तियों पर होगा बुलडोजर एक्शन

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अब तक की सबसे कड़ी और निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में कोडीनयुक्त कफ सीरप के जरिए युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह की कमर तोड़ दी गई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सख्त रुख ने साफ कर दिया है कि अब इस काले धंधे से जुड़े लोगों को किसी भी तरह की कानूनी राहत नहीं मिलेगी। हाईकोर्ट से सरकार को बड़ी मजबूती इलाहाबाद हाईकोर्ट में चार दिनों तक चली गहन सुनवाई के बाद कोर्ट ने 22 आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। यह फैसला न केवल जांच एजेंसियों के लिए बड़ी राहत है, बल्कि यह भी संकेत है कि न्यायपालिका इस अपराध को केवल नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि समाज के खिलाफ गंभीर हमला मान रही है। अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी की दलीलों से सहमत होते हुए कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि कफ सिरप का अवैध भंडारण और तस्करी सीधे तौर पर NDPS एक्ट के अंतर्गत आता है। आरोपियों के उस तर्क को खारिज कर दिया गया, जिसमें इसे केवल लाइसेंस से जुड़ा तकनीकी मामला बताया जा रहा था। संगठित अपराध, जिसका निशाना पूरी पीढ़ी सरकार ने कोर्ट के सामने यह मजबूती से रखा कि यह मामला साधारण तस्करी का नहीं, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में झोंकने वाले संगठित अपराध का है। शुभम जायसवाल, भोला प्रसाद और विभोर राणा जैसे प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तारी से किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी गई। अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ यह विशेष अभियान अब देश में नशीली दवाओं के खिलाफ सबसे बड़े अभियानों में गिना जा रहा है। STF, FSDA और राज्य पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नेपाल से लेकर बांग्लादेश तक फैले लगभग 2000 करोड़ रुपये के ड्रग सिंडीकेट की परत-दर-परत पोल खुल चुकी है। फर्जी कंपनियों से मनी लॉन्ड्रिंग का जाल जांच में सामने आया है कि सीए विष्णु अग्रवाल और बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह जैसे लोगों ने 140 से अधिक फर्जी कंपनियों के माध्यम से अवैध कमाई को वैध दिखाने का बड़ा तंत्र खड़ा किया था। झारखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा तक फैले इस नेटवर्क से जुड़े अहम सबूतों को मिटाने की कोशिशें भी जांच एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दीं। आर्थिक रीढ़ तोड़ने की तैयारी पूरी योगी सरकार अब इस नेटवर्क की आर्थिक ताकत पर सीधा प्रहार कर रही है। केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर अपराधियों को पूरी तरह आर्थिक रूप से निष्क्रिय करने की रणनीति पर काम हो रहा है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक 30 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज किया जा चुका है, जिनमें करोड़ों रुपये के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। अवैध निर्माणों पर बुलडोजर की तैयारी वाराणसी, कानपुर, लखनऊ और सहारनपुर में नशे की कमाई से खड़ी की गई अवैध संपत्तियों की पहचान कर ली गई है। प्रशासन ने संकेत दे दिए हैं कि जल्द ही इन निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा अभियान साफ संदेश देता है कि उत्तर प्रदेश में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए न तो जमीन सुरक्षित है, न पैसा और न ही कानून से बचने का कोई रास्ता।  

उत्तर प्रदेश में आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू में स्थापित होंगे दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

योगी सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को दी मंजूरी उत्तर प्रदेश में आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू में स्थापित होंगे दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन अनुसंधान, तकनीकी विकास, मानव संसाधन सशक्तिकरण एवं औद्योगिक उपयोग को मिलेगा प्रोत्साहन लखनऊ  हरित परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन अनुसंधान, तकनीकी विकास, मानव संसाधन सशक्तिकरण एवं औद्योगिक उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE)  स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस आईआईटी कानपुर द्वारा हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय (HBTU), कानपुर के सहयोग से स्थापित किया जाएगा। वहीं दूसरा सेंटर आईआईटी-बीएचयू द्वारा मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT), गोरखपुर के साथ संयुक्त रूप से स्थापित किया जाएगा। दोनों सेंटर साझेदार संस्थानों के परिसरों से संचालित होंगे। हब-एंड-स्पोक मॉडल पर कार्य करेगा सेंटर   यूपी नेडा के एमडी एंड डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि इन सेंटरों में चलने वाली परियोजनाओं में दोनों संस्थान बारी-बारी से नेतृत्व करेंगे। यह सेंटर हब-एंड-स्पोक मॉडल पर कार्य करेगा, जिसके तहत प्रदेश के अन्य इंजीनियरिंग और तकनीकी संस्थानों को इससे जोड़ा जाएगा। सेंटर में बायोमास आधारित एवं इलेक्ट्रोलाइज़र आधारित ग्रीन हाइड्रोजन पर अनुसंधान और तकनीकी विकास किया जाएगा। इन्क्यूबेशन सेंटर भी होगा स्थापित ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के तहत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में एक इन्क्यूबेशन सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से हर वर्ष 10 स्टार्टअप्स को और 5 वर्षों में कम से कम 50 स्टार्टअप्स को सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके लिए ₹25 लाख प्रतिवर्ष (5 वर्षों तक) की सहायता का प्रावधान किया गया है। सेंटर प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलीटेक्निक संस्थानों के लिए पाठ्यक्रम निर्माण, मेंटरिंग, तकनीकी प्रदर्शनियों और कॉन्फ्रेंसों के आयोजन में भी सहयोग करेगा। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग से जुड़े विषयों पर राज्य सरकार को नीतिगत सुझाव भी देगा। ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन तथा बसें चलाने के भी होंगे प्रयास सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कम से कम 50 प्रतिशत औद्योगिक भागीदारी उत्तर प्रदेश से होगी, जिससे राज्य को ग्रीन हाइड्रोजन के औद्योगिक और व्यावसायिक उपयोग में अधिक लाभ मिल सके। हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए रेल मंत्रालय के सहयोग से ग्रीन हाइड्रोजन आधारित ट्रेनों तथा उत्तर प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (UPSRTC) के माध्यम से कानपुर–लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर रूट पर ग्रीन हाइड्रोजन बसें चलाने के प्रयास भी किए जाएंगे। ग्रीन हाइड्रोजन के लिए इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में एक प्रमुख नवाचार और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अनुसंधान, स्टार्टअप्स और उद्योगों के सहयोग से यह पहल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन कम करने, निवेश आकर्षित करने और राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगी।

योगी सरकार के विजन से आत्मनिर्भर बनी रमा रानी वर्मा, मुख्यमंत्री योजना से मिला 3.5 लाख का ऋण

योगी सरकार के विजन से आत्मनिर्भर बनी संत कबीर नगर की रमा रानी वर्मा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से मिला 3.5 लाख का ऋण बी-टेक के बाद नौकरी नहीं, स्वरोजगार को चुना लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन योजनाओं को धरातल पर उतार आमजन के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का है। इसी विजन का सशक्त उदाहरण संत कबीर नगर जिले की रमा रानी वर्मा हैं, जिन्होंने “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान” के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वह नैना कॉस्मेटिक्स एंड आर्टिफिशियल ज्वेलरी मेकिंग नाम से एक  इकाई का संचालन कर रही हैं। इनका कहना है कि “योगी आदित्यनाथ सरकार के विज़न और नीति से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है”।  औद्योगिक नगर, मुखलिसपुर रोड, खलीलाबाद की रहने वाली रमा रानी वर्मा ने बी-टेक (कंप्यूटर साइंस) किया है। पढ़ाई के बाद उनके सामने भी वही विकल्प थे जो आज अधिकतर युवाओं के सामने होते हैं, यानी नौकरी की तलाश। लेकिन उन्होंने पारंपरिक रास्ते पर चलने के बजाय खुद का रास्ता बनाने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि यदि सरकार का सहयोग मिले तो युवा स्वयं का रोजगार कर न केवल अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी अवसर पैदा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व वाली सरकार की ओर से शुरू किए गए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने उनके इस सपने को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। इस अभियान के अंतर्गत रमा रानी वर्मा को 3.5 लाख रुपये का ऋण मिला। यह राशि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास और भरोसे की पूंजी थी, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।  सरकार से मिले इस सहयोग से उन्होंने संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद में कास्मेटिक और आर्टिफिशियल ज्वेलरी के निर्माण के साथ-साथ अपने दुकान के मध्य से उनकी बिक्री शुरू की है। विशेष बात यह है कि उनका यह पूरा कार्य स्थानीय स्तर पर और परिवार के सहयोग से किया जा रहा है। घर से शुरू हुआ यह उद्यम धीरे-धीरे व्यवस्थित स्वरूप लेता जा रहा है। इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है। रमा रानी वर्मा की यह यात्रा योगी सरकार के लोकल से ग्लोबल विजन को भी दर्शाती है। स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्थानीय स्तर पर उत्पादन और रोजगार सृजन ही इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है। यह वही सोच है जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार आगे बढ़ा रहे हैं ताकि प्रदेश का हर जिला आत्मनिर्भर बने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि जब प्रदेश का युवा सशक्त होगा तभी उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए सरल और पारदर्शी योजनाएं लागू की हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान इसी दिशा में एक प्रभावी कदम है। रमा रानी वर्मा बताती हैं कि योजना की प्रक्रिया सरल रही और उन्हें समय पर ऋण प्राप्त हुआ। किसी प्रकार की अनावश्यक दिक्कत या भटकाव का सामना नहीं करना पड़ा। यह सुशासन और पारदर्शिता योगी सरकार की पहचान बन चुकी है जहां लाभार्थी तक लाभ सीधे और प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। आज रमा रानी वर्मा न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य युवाओं खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं। रमा रानी वर्मा की सफलता यह प्रमाणित करती है कि यदि मजबूत नेतृत्व वाली सरकार हो और नीतियां स्पष्ट हों तो आम परिवार की बेटी भी उद्यमिता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।

चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी ने किसानों, एफपीओ, कृषि वैज्ञानिकों को किया सम्मानित  चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम ने पांच किसानों को दी ट्रैक्टर की चाबी, झंडी दिखाकर 25 ट्रैक्टरों को किया रवाना  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर आयोजित ‘किसान सम्मान दिवस’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच किसानों को ट्रैक्टर की चाबी भी दी। साथ ही 25 ट्रैक्टरों को झंडी दिखाकर रवाना किया।  सीएम योगी के हाथों इन किसानों को मिली ट्रैक्टर की चाबी  सीएम योगी आदित्यनाथ ने जालौन की प्रवेशिका, शाहजहांपुर से उधम सिंह, फतेहपुर से मुकेश, मुजफ्फरनगर से श्रीपाल, लखीमपुर खीरी से जमाइफ खान को ट्रैक्टर की चाबी प्रदान की।  सीएम ने इन्हें भी किया सम्मानित  👉 कमलनाथ- धान उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 बिजेंद्र कुमार सिंह- गेहूं उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 आशीष तिवारी- चना उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 रामकिशुन- मटर उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 हीरालाल- सरसो उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 रणधीर सिंह- अरहर उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉 अमरेश कुमार- ज्वार उत्पादन (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र) 👉विशिष्ट महिला किसान का पुरस्कार- संध्या सिंह (75 हजार रुपये, अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र)  👉 एफपीओ- विकास कुमार सिंह- जया सीड्स कंपनी लिमिटेड वाराणसी (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)  👉 कुलदीप मिश्र (गोंडा)- बीज विकास निगम में सर्वाधिक बीज सप्लाई करने वाले एफपीओ  👉 औद्यानिक खेती- विकास कुमार सिंह (एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र)  👉 कृषि वैज्ञानिक- डॉ. धीरज कुमार तिवारी (कृषि विज्ञान केंद्र, उन्नाव)