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गोरक्षपीठ में सीएम योगी ने मनाया गोपाल का प्राकट्योत्सव, लड्डू गोपाल को झुलाया पालने में

गोरक्षपीठ में सीएम योगी ने मनाया गोपाल का प्राकट्योत्सव मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में विधि विधान से की पूजा-अर्चना, प्राकट्य के बाद प्रभु श्रीकृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप को पालने में झुलाया महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बाल गोपाल को दुलारकर भजनों का भी आनंद उठाया गोरक्षपीठाधीश्वर ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा से लेकर गोरखपुर तक, योगेश्वर की साधना में रमे रहे गोरक्षपीठाधीश्वर गोरखपुर भक्ति, प्रेम व धर्म के शाश्वत आलोक, गोपाल, जगतपाल, पूर्ण परब्रह्म, भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव का पवित्र पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शिवावतार महायोगी गोरखनाथ की साधनास्थली गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक श्रद्धा, भव्यता एवं हर्षोल्लास से मनाया गया। गोरक्षपीठ के इस पारंपरिक कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार रात लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह से मध्य रात्रि तक, मथुरा से लेकर लखनऊ और गोरखपुर तक, समस्त योगियों के परमेश्वर माने जाने वाले योगेश्वर श्रीकृष्ण की साधना में रमे रहे। सुबह उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा स्थित जन्मभूमि मंदिर में कान्हा की विधि विधान से आराधना कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। शाम को वह लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में सम्मिलित हुए और फिर रात में गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर उन्होंने पारंपरिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में प्रभु के प्राकट्य अनुष्ठान को पूर्ण कराया।  गोरखनाथ मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर मत्था टेक पुष्पार्चन किया, उनका आशीर्वाद लिया। गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में भजन संध्या का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री यहां पहुंचे और सुमधुर भजनों का आनंद उठाते हुए राधा-कृष्ण बने बच्चों को दुलारकर उन्हें उपहार देते रहे।  गोरक्षपीठाधीश्वर ने मध्य रात्रि गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विधि विधान से विशिष्ट पूजा अर्चना की। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद 'नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की' और ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव’ की मंगल धुन, सोहर गीत और घंटों-घड़ियाल की ध्वनि के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर उन्हें गोद में लेकर गर्भगृह से बाहर आए। सीएम योगी ने, प्रभु श्रीहरि के बाल स्वरूप ‘लड्डू गोपाल’ को फूलों से सजे पालने में बैठाकर श्रद्धाभाव से उन्हें झुलाया और आरती उतारी। प्रभु श्रीकृष्ण का प्राकट्य अनुष्ठान पूर्ण होने के उपरांत मंदिर की तरफ से श्रद्धालुओं को फलाहार और प्रसाद वितरित किया गया।  गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव परंपरागत रूप से धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन संध्या कार्यक्रम सुपरिचित लोक गायक डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में शाम से ही जारी था। दूसरी तरफ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के गर्भगृह में रात करीब साढ़े ग्यारह बजे से प्रारंभ हुआ और ठीक मध्य रात्रि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोपरांत मंगल गीत व प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मध्य रात्रि तक मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।  राधा-कृष्ण बने बच्चों को मिला सीएम योगी का स्नेह व उपहार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन कीर्तन के मध्य श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में राधा व कृष्ण बने बच्चों को खूब स्नेह दिया। उनसे खूब हंसी ठिठोली भी की। उन्हें खिलौने व चॉकलेट उपहार में दिए। इस दौरान कई मासूमों को अपनी गोद में लेकर वह काफी देर तक खिलाते रहे, प्यार-दुलार करते रहे। कुछ बच्चों ने सीएम योगी को दोहे और श्लोक सुनाए तो कुछ ने उनके साथ सेल्फी ली। मुख्यमंत्री सभी बच्चों का अनुरोध पूरा करते रहे।   बालरूप सज्जा नयनाभिराम भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर गोरखनाथ मंदिर के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता में सजधज कर आए बच्चों ने लोगों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में कोई श्रीकृष्ण के रूप में था तो कोई राधा। इन बच्चों के वेश और रूप से सभागार एकबारगी गोकुल का भान करा रहा था। दो वर्गों में हुई इस प्रतियोगिता में शामिल सभी बच्चे कार्यक्रम का आकर्षण बढ़ा रहे थे। बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता के कान्हा वर्ग में प्रथम पुरस्कार शर्विल पांडेय को, द्वितीय पुरस्कार सौम्या प्रजापति और तृतीय पुरस्कार हिमांशी श्रीवास्तव को दिया गया। गोपाल वर्ग में प्रथम पुरस्कार सार्थक, द्वितीय राजवीर और तृतीय पुरस्कार रूद्र को मिला। श्रीकृष्ण रूप सज्जा में विजेताओं को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर पुरस्कृत किया। निर्णायक की भूमिका सारिका राय, मनीषा सिंह और हृदया त्रिपाठी ने निभाई जबकि संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया। भजनों में गूंजा जय कान्हा-श्याम श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में, डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में आयोजित भजन संध्या में कान्हा-श्याम की आराधना की गूंज रही। शुभारंभ पुनीत श्रीवास्तव ने एक सुमधुर भक्ति गीत से किया। इसके पश्चात हृदया त्रिपाठी व अनीता सिंह ने सोहर और लक्ष्मी गुप्ता ने बधाई गीत की कर्णप्रिय प्रस्तुति दी। गायक उमेश मिश्रा और एकता शुक्ला ने कृष्ण भजन सुनाकर सबको भाव विभोर कर दिया। डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने पारंपरिक बधाई गीत एवं सोहर के गायन से वातावरण को उल्लासमय बना दिया। वाद्य यंत्रों पर श्यामसुंदर लाल श्रीवास्तव हंसलोना, दीपक, आभास पाठक एवं सुधाकर सिन्हा ने संगत की। गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम ने सजाई भजन संध्या श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम एवं सेवा संस्थान की तरफ से रात आठ बजे से बारह बजे तक भजनों की प्रस्तुति की गई। जन्मोत्सव से पूर्व, गर्भगृह में भजनों का श्रवण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत गायक और संगीतकार अभिषेक पांडेय बिट्टू के भजनों से हुई। तत्पश्चात सिद्धि सिंह, निशांत शुक्ला, श्रेयांश तेजस्वी, ओम सिंह, हृदयांश श्रीवास्तव, अपूर्व नमन, आकांक्षा त्रिपाठी, प्रीति अग्रहरि और अलका जायसवाल ने अपने भजनों की प्रस्तुति से लोगों को खूब झुमाया। कार्यक्रम का संयोजन धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं संगीत निर्देशन अभिषेक पांडेय बिट्टू का था। वाद्य यंत्र पर … Read more

योगी सरकार का शिक्षकों को सम्मान, उत्कृष्ट योगदान देने वाले 81 शिक्षक होंगे पुरस्कृत

उत्कृष्ट योगदान करने वाले, कार्य के प्रति समर्पित 81 शिक्षकों को मुख्यमंत्री योगी करेंगे पुरस्कृत शिक्षक दिवस समारोह में 76 शिक्षकों को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार, 5 को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार शनिवार को गोरखपुर के योगिराज गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा भव्य समारोह का आयोजन      गोरखपुर  भावी पीढ़ी को गढ़ने व शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और अन्य उत्कृष्ट प्रयासों से शिक्षण कार्य को नई दिशा देने वाले प्रदेश के 81 शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा। 5 सितंबर को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, चयनित शिक्षकों को 'राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025' एवं 'मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार 2025' प्रदान करेंगे। पुरस्कार के लिए चयनित कुल 81 शिक्षकों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। इनमें 33 महिला शिक्षक (31 बेसिक और 2 माध्यमिक) शामिल हैं। शिक्षक दिवस पर होने वाले समारोह में बेसिक और माध्यमिक के 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। जबकि स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के 5 शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2018 में सीएम योगी ने ही की थी।   राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रत्येक शिक्षक को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा में दो वर्ष की वृद्धि होगी। इन शिक्षकों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में आजीवन निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। पुरस्कार प्राप्त करने के लिए प्रदेशभर से गोरखपुर आए चयनित सभी शिक्षकों को शासन की ओर से विशिष्ट अतिथि के रूप में होटलों में ठहराने की व्यवस्था की गई है। शनिवार को होने वाले शिक्षक दिवस एवं पुरस्कार वितरण समारोह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह भी संबोधित करेंगे। समारोह में मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, गोरखपुर के सांसद रविकिशन के अलावा अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

आस्था की ताकत पर बोले सीएम योगी, ‘आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, हमारी श्रद्धा नहीं’

आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, हमारी आस्था नहीं: सीएम योगी लखनऊ पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंधकार में जन्म लेकर श्रीकृष्ण ने जीवन भर समाज को दिखाया प्रकाश का मार्ग- मुख्यमंत्री सीएम ने कहा- आक्रांताओं ने मूर्तियां तोड़ीं, मंदिरों के ऊपर इमारतें खड़ी कीं, लेकिन हमारे मन में बसे श्रीराम-श्रीकृष्ण को नहीं छू पाए अयोध्या में राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के भव्य स्वरूप ने दिखाई आस्था की अजेय शक्ति लखनऊ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, लेकिन आस्था नहीं। वे मूर्तियां तोड़ सकते हैं, मंदिरों के ऊपर अपनी इमारत खड़ी कर सकते हैं, लेकिन वे हमारे मन में बसे श्रीराम-श्रीकृष्ण को कभी छू नहीं पाए। सोमनाथ मंदिर बार-बार टूटा, लेकिन भारत ने उसे बार-बार बनाया। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान राम का मंदिर बार-बार टूटा, लेकिन आज यह अपनी अजेय पताका के साथ खड़ा है। काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर भी बार-बार टूटा, लेकिन पहले लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर और आधुनिक भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने काशी विश्वनाथ धाम के रूप में इसे भव्य स्वरूप दिया। पुलिस लाइन लखनऊ में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने भारत को मिटाने और उसकी आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया, वे स्वयं इतिहास के पन्नों में मिट गए। आज कोई उन्हें पूछने वाला नहीं। इसके विपरीत भारत आज भी जाग्रत है और अपनी शाश्वत यात्रा को लेकर आगे बढ़ रहा है। आज का यह आयोजन हम सभी को योगेश्वर श्रीकृष्ण के उस शाश्वत संदेश के साथ जोड़ता है, जो पिछले 5000 वर्षों से अधिक समय से सम और विषम परिस्थितियों में इस समाज का मार्गदर्शन कर रहा है। सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म जेल की काल कोठरी में होता है। जन्म अंधकार में होता है, लेकिन जीवन भर श्रीकृष्ण ने उन परिस्थितियों को परास्त करते हुए समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया। धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए प्रभु का अवतरण हुआ। यह धर्म कुछ और नहीं, बल्कि वही कर्तव्य है, जिसका पालन करते हुए श्रीकृष्ण को हमने कंस के विरुद्ध और महाभारत के युद्ध में भी देखा है। जीवन में जब भ्रम हो, संशय हो, तब कर्म की प्रेरणा प्रदान करने वाला श्रीकृष्ण का संदेश हम सभी को श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से प्राप्त होता है, हर सनातनी और हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा के साथ उनका स्मरण करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सौभाग्य रहा कि मैं कल से आज दोपहर तक वृंदावन और मथुरा में ही था। वहां लाखों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब था। लोगों को न बरसात की चिंता थी, न गर्मी की, न सुविधा की और न ही किसी प्रकार का कोई संकोच। सभी के मन में एक ही भाव और एक ही भंगिमा थी कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन करना है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, बलदेव और नंदगांव, इन सभी क्षेत्रों में आज भी श्रीकृष्ण की वे स्मृतियां लोगों के मन में बसी हुई हैं। वहां लोग अनावश्यक रूप से पहाड़ों का खनन नहीं करते, पेड़ों की टहनियां नहीं तोड़ते और प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाते। सीएम ने कहा कि इंद्र अपनी पूजा कराना चाहते थे। श्रीकृष्ण ने कहा कि नहीं, जो हमारे अन्नदाता किसानों को और हमारे पशुपालकों को संरक्षण देता है, हमें उसकी पूजा करनी चाहिए। इसीलिए आज भी हम लोग पिछले 5000 वर्षों से गोवर्धन की पूजा कर रहे हैं। श्रद्धालु गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं और लाखों की संख्या में वहां पहुंचते हैं। यह भाव हमें दिखाता है कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, लेकिन हमारी आस्था नहीं। प्रतिस्पर्धा सकारात्मक होनी चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश हम सबके लिए एक ही है कि कर्म क्षेत्र में अपने आप को पहचानो। आज प्रत्येक क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा है। एक नए भाव के साथ पूरा देश आगे बढ़ने के लिए उत्सुक दिखाई देता है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा सकारात्मक होनी चाहिए। जिन लोगों ने आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया था, उनका भाव नकारात्मक था, इसलिए वे स्वयं नष्ट हो गए। जिन लोगों ने भारत के भाव और भंगिमा को नष्ट करने का प्रयास किया था, वे इतिहास में नाम शेष हो गए। हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा केवल सरकार को नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों को मिलकर तय करनी है। विकसित भारत की संकल्पना तब पूरी होगी, जब सकारात्मक भाव के साथ हर व्यक्ति अपने-अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे। हर व्यक्ति कर्म क्षेत्र में श्रेष्ठ करने की दिशा में अग्रसर होगा तो निश्चित रूप से भारत विकसित भारत होगा और उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश होगा। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत, पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार और ओपी श्रीवास्तव, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद समेत गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि से CM योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- हमारी आस्था राम-कृष्ण में, बाबर-औरंगजेब में नहीं

मथुरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार प्रभु श्री राम, कृष्ण कन्हैया, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है. उन्होंने कहा कि 1528 में विदेशी आक्रांताओं ने अयोध्या में आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था, लेकिन जो खुद को अविजित मानते थे वे आज समाप्त हो चुके हैं. सीएम योगी ने चेतावनी दी कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी अपनी आदतों से मजबूर होकर फिर से समाज में विष वमन करने और राष्ट्रविरोधी तत्वों के हौसले बढ़ाने में जुटे हैं।  विरासत और जन आस्था पर योगी का बयान संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि योग माया के प्रति अटूट आस्था की वजह से ही विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर मिल सका है. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, वे जनता की आस्था को कभी सम्मान नहीं दे पाएंगे. सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जिनकी आस्था आक्रांताओं में है, वे धार्मिक भावनाओं का आदर नहीं कर सकते।  सुरक्षा और खुशहाली पर खतरे का जिक्र मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा कि ये तत्व समाज में जहर घोलकर आम जनता की सुरक्षा में सेंध लगाना चाहते हैं. वे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने, बहनों-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डालने, किसानों की खुशहाली पर डकैती डालने और उभरते हुए कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बनाने का प्रयास कर रहे हैं।  डबल इंजन सरकार का कड़ा संदेश सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि समाज विरोधी और राष्ट्र विरोधी तत्वों की इन साजिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार इन सभी गलत मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेरेगी. सरकार जनता की सुरक्षा, समृद्धि और विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इन मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने देगी।  मुख्यमंत्री ने कहा- 5200 वर्ष पूर्व धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए श्री हरि विष्णु के पूर्ण अवतार के रूप में श्री कृष्ण कन्हैया इसी पवित्र स्थल पर प्रकट हुए थे. अनेक आक्रमणों और आस्था थोपने के प्रयासों के बावजूद सनातन धर्म को कोई मिटा नहीं सका. जिन लोगों ने इसे मिटाने का दुस्साहस किया, वे खुद मिट्टी में मिल गए. आज भी ब्रजभूमि में श्री कृष्ण और राधा रानी की स्मृतियां भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। 

UP में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारी, ग्राम पंचायत से महानगर तक जनभागीदारी पर जोर

योगी सरकार प्रदेशभर में चलाएगी ‘सेवा संकल्प अभियान’, गांव से महानगर तक होंगे जनसेवा के कार्यक्रम पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान जनसेवा से राष्ट्र निर्माण तक व्यापक जनभागीदारी पर योगी सरकार का जोर, ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक होंगे आयोजन उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय बनाए गए प्रदेश प्रभारी, विभागवार तय होंगे दायित्व  लखनऊ,   योगी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने के अवसर को प्रदेशभर में जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ेगी। इसके लिए सरकार 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने जा रही है। ग्राम और न्याय पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तथा महानगरों तक एक महीने चलने वाले अभियान में जनसेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जुड़े व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का जोर अभियान को सरकारी आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय इसमें व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। योगी सरकार की मंशा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा से नागरिकों को परिचित कराने के साथ उन्हें ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने की है। इसके लिए कार्यक्रमों को जिला मुख्यालयों तक सीमित न रखकर न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी है। ‘आशीर्वाद का दीया’ से योगी सरकार करेगी अभियान का आगाज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर को योगी सरकार ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ अभियान की शुरुआत करेगी। ग्राम पंचायतों से लेकर शहरों तक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम होंगे। इस अवसर पर दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण भी वितरित किए जाएंगे। अभियान के दौरान ‘करोड़ों बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘घर-घर से राष्ट्र तक रंगोली’, ‘इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वच्छता से रक्तदान तक, जनसेवा पर रहेगा फोकस ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत योगी सरकार प्रदेशभर में स्वच्छता और वृक्षारोपण के साथ घाटों, पार्कों और गोशालाओं की सफाई एवं सौंदर्यीकरण के कार्यक्रम आयोजित करेगी। रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। वहीं ‘आरोग्य मेलों’ के जरिए लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाओं के वितरण की व्यवस्था की जाएगी। बच्चों, युवाओं और नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। ‘नमो सेवा गाथा’ के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, जनकल्याणकारी योजनाओं और इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में आए बदलाव को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। 7 अक्टूबर को हर जिले में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ अभियान के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में 7 अक्टूबर को प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी। इसके माध्यम से नागरिकों को विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर बड़ी स्क्रीन लगाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का प्रसारण भी किया जाएगा। विभागों को जिम्मेदारी सौंपेगी योगी सरकार अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सेवा संकल्प अभियान के प्रदेश प्रभारी एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय जल्द संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें विभागवार जिम्मेदारियां तय करने के साथ कार्यक्रमों के प्रभावी और व्यापक आयोजन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। योगी सरकार का प्रयास है कि महीनेभर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल आयोजनों की श्रृंखला न बनकर जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प को प्रदेश के गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने का माध्यम बने।

मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण, संतों को सम्मानित भी किया

जन्माष्टमी से पहले मुख्यमंत्री योगी ने उपहारों के माखन से भरी ब्रजवासियों की ‘मटकी’  मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण, संतों को सम्मानित भी किया सीएम ने किया स्टॉलों का अवलोकन, पुस्तक का किया विमोचन योजनाओं के लाभार्थियों को दिए प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चाबी और चेक  सीएम ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन, महिलाओं को दिए उपहार मंच पर उतरी भारतीय संस्कृति, भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों व भावों को 51 कलाकारों ने नृत्य के जरिए किया प्रस्तुत  मथुरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी से एक दिन पहले विकास परियोजनाओं के उपहारों के माखन से ब्रजवासियों की ‘मटकी’ भर दी, जो स्थानीय नागरिकों के जीवन में खुशियों की बहार लेकर आई। मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। यहां संतों को सम्मानित भी किया। साथ ही उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन से पहले एक लाभार्थी को ट्रैक्टर की चाबी भी प्रदान की। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ पाने वाले सपेरा संवर्ग के लाभार्थियों समेत जनप्रतिनिधियों, संतों, उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पदाधिकारियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं आदि ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने 1980 बैच की आईएएस (सेवानिवृत्त) आराधना जौहरी की पुस्तक का विमोचन किया। सीएम ने उन्हें भी बधाई दी।   मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन  मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को गोद में लेकर दुलारा-पुचकारा। चंदन लगाया, गुड़िया व खिलौने दिए। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन करते हुए उन्हें खीर भी खिलाई। सीएम ने मातृशक्ति को उपहार व फलों की टोकरी भी दी।   मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण, संतों को सम्मानित भी किया मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद/फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी आदि ने फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान प्रेक्षागृह के निर्माण, विकास से जुड़ी लघु फिल्म भी दिखाई गई। इससे पहले उन्होंने मंत्रोच्चार करने वाले बटुकों से भी परिचय प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने संतों को माल्यार्पण, फल, अंगवस्त्र आदि देकर सम्मानित भी किया।  भगवान के विभिन्न स्वरूपों व भावों को 51 कलाकारों ने नृत्य के जरिए किया प्रस्तुत  मंच पर हनुमान प्रसाद धानुका विद्यालय, वृंदावन की छात्राओं ने राष्ट्रगीत भी प्रस्तुत किया। 51 कलाकारों ने शिवोअहं प्रोडक्शन की ओर से भारत के विभिन्न राज्यों की नृत्य शैली के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों व भावों को प्रस्तुत किया। इसकी कोरियोग्राफर बीएचयू वाराणसी की कथक नृत्यांगना शिवानी मिश्रा थीं।  सीएम ने किया स्टॉलों का अवलोकन  मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न विभागों की तरफ से लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। योजनाओं की प्रगति के साथ ही महिलाओं समेत विभिन्न सामग्रियों, वस्त्रों, उत्पादों को तैयार करने वालों से कार्यों आदि के बारे में जानकारी ली। महिला स्वयंसेवी समूहों की महिलाओं ने भी अपने कार्यों से सीएम को अवगत कराया।  सीएम ने दिए प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चाबी/चेक  सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) व मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 7240 लाभार्थियों में सहायता राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने मंच पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र, चेक-चाबी आदि प्रदान किया।  सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान  मनोज कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक  अर्चना- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत दर्जी ट्रेड का टूल किट तोरन सिंह- मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना क तहत 3.20 लाख का स्वीकृति पत्र  शैलेंद्र सिंह- मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 11.80 लाख का स्वीकृति प्रमाण पत्र  पुष्पेंद्र सिंह- मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के तहत 80 हजार का स्वीकृति प्रमाण पत्र  डॉ. प्रिंसेज चक्रवर्ती- नियुक्ति पत्र  डॉ. रजत द्विवेदी- नियुक्ति पत्र  मुरारी लाल- कन्या विवाह सहायता योजना के तहत 65 हजार का चेक  राजवीर सिंह- दुग्ध प्रसंस्करण के लिए 8.75 लाख का चेक  सौरभ कुमार वर्मा- मसाला प्रसंस्करण के लिए 4.12 लाख से अधिक का चेक  अजय- डिजिटल लाइब्रेरी व पुलिस विभाग में उप निरीक्षक पद पर चयनित होने के लिए प्रशस्ति पत्र   पायल- लाड़ली वन व वृहद पौधरोपण के लिए प्रशस्ति पत्र  श्यामवती- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति पत्र व चाबी  ममता- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति पत्र व चाबी सुखदेई- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक।

योगी सरकार में आधुनिक हो रहे राजकीय नलकूप, किसानों के खेतों तक पहुंच रहा सिंचाई का पानी

योगी सरकार में आधुनिक हो रहे राजकीय नलकूप, किसानों के खेतों तक पहुंच रहा पानी 6600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण, 3.77 लाख हेक्टेयर में बढ़ी सिंचाई क्षमता नलकूपों के आधुनिकीकरण से किसानों को राहत, योगी सरकार ने बढ़ाई सिंचाई सुविधाएं 3.15 लाख कृषक परिवारों को मिला लाभ, योगी सरकार का किसानों की आय बढ़ाने पर जोर पुराने नलकूपों का कायाकल्प, नए निर्माण से बढ़ी यूपी की सिंचाई क्षमता लखनऊ, किसानों को खेती के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल सिंचाई संसाधनों का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि पहले से उपलब्ध व्यवस्था को आधुनिक, सुचारु और अधिक उपयोगी बनाना भी है। इसी क्रम में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से राजकीय नलकूपों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के साथ खेती की लागत और जोखिम कम करने में भी मदद मिल रही है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच प्रदेश में 2,493 नए राजकीय नलकूपों का निर्माण, 1,769 असफल नलकूपों का पुनर्निर्माण और 6,600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण पूरा किया गया। सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ खेतों तक पानी की उपलब्धता को अधिक भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इन कार्यों के परिणामस्वरूप 3.77 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापना हुई, जबकि 3.15 लाख कृषक परिवार सीधे लाभान्वित हुए। यानी नलकूपों के आधुनिकीकरण का असर केवल सरकारी परिसंपत्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा फायदा खेत और किसान तक पहुंचा है। इसके अलावा पंप नहरों के आधुनिकीकरण और नए पंप नहरों के निर्माण से भी 0.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापन हुआ। 5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य योगी सरकार ने आने वाले समय के लिए भी सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की है। वर्ष 2026-27 में 1,750 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण और 8,717 नलकूपों के आधुनिकीकरण समेत कई परियोजनाएं संचालित हैं। इनके पूरा होने पर 4.21 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता के सृजन या पुनर्स्थापना और 5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण कर देखे बाढ़ के हालात, पीड़ितों से मिलकर दिलाया विश्वास- हर दुःख-दर्द में साथ खड़ी है सरकार

बाढ़ की समस्या का कराएंगे स्थायी समाधान: सीएम योगी फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण कर देखे बाढ़ के हालात, पीड़ितों से मिलकर दिलाया विश्वास- हर दुःख-दर्द में साथ खड़ी है सरकार पुलिस लाइन में 1000 परिवारों को किया गया बाढ़ राहत सामग्री का वितरण, मुख्यमंत्री ने कई परिवारों को प्रदान की सामग्री  आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा आपदा मोचक निधि से राहत राशि के चेक भी दिए मुख्यमंत्री ने  50 किलो राहत सामग्री किट दे रही सरकार, अस्पतालों में दवा, एंटी स्नेक वेनम व एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्धः मुख्यमंत्री सीएम ने प्रशासन, पीडब्ल्यू समेत संबंधित विभागों को दिया निर्देश- बाढ़ का पानी उतरते ही टूटी सड़कों का तत्काल शुरू कराएं निर्माण  फर्रुखाबाद,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ का स्थायी समाधान कराने के लिए आश्वस्त करते हुए कहा कि मां गंगा के उफान से पानी का फैलाव हो रहा है। इससे फसल का काफी नुकसान हुआ। सरकार ने 9 वर्ष में सैकड़ों करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। जनप्रतिनिधियों के मुताबिक बाढ़ की समस्या का समाधान करने के लिए गंगा नदी की ड्रेजिंग कर उसे चैनलाइज करना होगा। सिल्ट को बाहर तटबंध के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह परियोजना यहां की आवश्यकता है। नदी के चैनलाइज होने से फसल बचेगी और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।  मुख्यमंत्री ने गुरुवार को हवाई सर्वेक्षण कर फर्रुखाबाद की बाढ़ प्रभावित सदर, कायमगंज व अमृतपुर तहसीलों में बाढ़ के हालात देखे। इसके पश्चात पुलिस लाइन में 1000 परिवारों को बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से कई परिवारों को राहत सामग्री, आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा आपदा मोचक निधि से राहत राशि भी दी। उन्होंने पीड़ित परिवारों से संवाद कर उनका दुख साझा किया और विश्वास दिलाया कि सरकार हर दुख-दर्द में आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पीडब्ल्यू समेत संबंधित विभागों को बाढ़ का पानी उतरते ही टूटी सड़कों का तत्काल निर्माण शुरू करने का निर्देश भी दिया।  बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए किसानों का मांगा साथ सीएम ने कहा कि प्रशासन ड्रेजिंग का कार्य शुरू करने की तैयारी करें। बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए किसानों का सहयोग मांगते हुए सीएम ने कहा कि इसमें यदि आपकी जमीन आएगी तो उचित मुआवजा मिलेगा। हम फर्रुखाबाद को बाढ़ से मुक्त कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने बाढ़ से फसल को हुए नुकसान का सर्वे करने का निर्देश दिया और कहा कि यह रिपोर्ट आते ही किसान के खाते में डीबीटी के माध्यम से सहायता धनराशि भेज दी जाएगी। अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज व अन्य दवाएं उपलब्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सीजन में सांप, बिच्छू व अन्य विषैले कीड़ों का भय रहता है। सरकार ने पहले ही सीएचसी, जिला अस्पतालों आदि में एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज व पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था की है। जिन क्षेत्रों में पानी घुस गया है, वहां पशुओं के चारे, वैक्सीन, दवा आदि की भी व्यवस्था है। जनप्रतिनिधि व फील्ड में तैनात टीम लगातार जनसेवा कर रही है। 50 किलो राहत सामग्री किट दे रही सरकार सीएम ने बताया कि पिछले दिनों लखनऊ में फर्रुखाबाद के विधायकों व जिलाध्यक्ष के साथ बैठक में मैंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की चर्चा की थी। प्रभारी मंत्री को भेजकर राहत कार्यों की निगरानी, समीक्षा व ठोस रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा था। हमारी पूरी संवेदना पीड़ितों के प्रति है। राहत कार्यों के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां व राहत शिविर चल रहे हैं। जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, वहां प्रभावित परिवारों के लिए शासन ने रहने, भोजन आदि की व्यवस्था कराई है। जो लोग घर में सुरक्षित रह सकते हैं, उन तक 50 किलो राहत सामग्री की किट पहुंचाई जा रही है, जिसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर दाल, तेल, चना, लाई, मसाला, बाल्टी, बरसाती, डिग्निटी किट समेत 50 आइटम शामिल हैं। 15 दिनों से तीनों विधायक सभी पीड़ितों तक पहुंचकर स्थानीय प्रशासन की मदद से राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं।  हर दुख-दुर्द में साथ खड़ी है सरकार मुख्यमंत्री ने बाढ़ की विभीषिका से जूझ रही 102 गांवों की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार हर दुःख-दर्द में साथ खड़ी है। जरूरत के मुताबिक हर मदद पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को पढ़ाने के लिए पहली बार शिक्षक शिविरों व गांवों में जाकर कक्षाएं ले रहे हैं। स्वास्थ्य शिविर, राहत सामग्री समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  अब बदल चुका है फर्रुखाबाद सीएम ने कहा कि फर्रुखाबाद बदल चुका है। यहां गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक एक्सप्रेसवे आ रहा है और यह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के साथ जुड़ेगा। अब फर्रुखाबाद के पास भी अपना एक्सप्रेसवे होगा। सड़कों के चौड़ीकरण, ओवरब्रिज तथा गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। सड़कें अच्छी होने से बाढ़ के बावजूद कनेक्टिविटी बनी हुई है।  किसानों के साथ है सरकार सीएम ने कहा कि फर्रुखाबाद खेती किसानी की बेल्ट है। यहां आलू किसानों की काफी संख्या है। जिन किसानों का आलू कोल्ड स्टोरेज में है, उनके लिए प्रति बोरा धनराशि की व्यवस्था की गई है। डबल इंजन सरकार किसानों के साथ है। 2017 में 275 से 300 रुपये के बीच प्रति क्विंटल गन्ना का दाम मिलता था। आज यह राशि 400 रुपये क्विंटल है। हमने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर पर्ची, घटतौली आदि से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने, फसलों की खरीद के साथ ही मक्का के लिए भी क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। पेरू की मदद से आगरा में आलू का अंतरराष्ट्रीय केंद्र काम कर रहा है। दुनिया के बाजार की मांग के अनुरूप आलू उपलब्ध करवाना और किसानों को वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ कर उनकी आमदनी कई गुना बढ़ाई गई है। अब युवाओं की नौकरी से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता सीएम ने कहा कि पहली बार बिना भेदभाव हर जनपद के युवाओं को सरकारी नौकरी मिल रही है। फर्रुखाबाद के साथ कोई भेदभाव, अन्याय नहीं कर सकता। अब सरकारी नौकरी, ओडीओपी आदि के माध्यम से रोजगार के नए अवसर आ रहे हैं। सुरक्षा … Read more

गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में 5 सितंबर को होगा भव्य समारोह

उत्कृष्ट योगदान देने के लिए शिक्षक दिवस पर प्रदेश के 81 अध्यापकों को सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में 5 सितंबर को होगा भव्य समारोह बेसिक शिक्षा के 61 और माध्यमिक शिक्षा के 15 शिक्षकों को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार, माध्यमिक के 5 शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार इनमें 33 शिक्षिकाएं (31 बेसिक और 2 माध्यमिक विद्यालयों की) हैं शामिल    पुरस्कार के लिए चयनित अध्यापकों को गोरखपुर में ससम्मान होटलों में ठहराने की व्यवस्था गोरखपुर,   शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में भविष्य की पीढ़ियों को आकार देने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों की भूमिका शिक्षक दिवस पर स्वर्णिम अध्याय में दर्ज हो जाएगी। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विद्यालयों का उचित प्रबंधन, नवाचार और विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करने वाले प्रदेश के कुल 81 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025 और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार 2025 से सम्मानित करेंगे। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करने का भव्य समारोह गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा। पुरस्कार के लिए चयनित प्रदेशभर के शिक्षकों को विशिष्ट अतिथि की तरह ससम्मान ठहराने की व्यवस्था होटलों में की गई है।  समाज के प्रति शिक्षक के समर्पण को प्रतिष्ठित करने वाले राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें कुल मिलाकर 33 शिक्षिकाएं (31 बेसिक और 2 माध्यमिक विद्यालयों की) शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिन शिक्षकों को चयनित किया गया है उनमें से 5 को ‘मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों को अच्छे शिक्षण कार्य के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही बेहतर ढंग से समाज में शिक्षा की अलख जगाने के उनके प्रयासों को और प्रभावी बनाना है। पुरस्कार राशि के रूप में मिलेंगे 25 हजार रुपये योगी सरकार, राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह के साथ ही पुरस्कार राशि के रूप में 25 हजार रुपये भी भेंट करेगी। इसके अलावा सम्मानित शिक्षकों को आजीवन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में प्रतिवर्ष 4000 किलोमीटर की निशुल्क यात्रा की सुविधा भी मिलेगी। राज्य स्तरीय पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की सीमा भी दो वर्ष बढ़ जाएगी।  बेसिक शिक्षा के इन शिक्षकों को दिया जाएगा राज्य अध्यापक पुरस्कार 1. संगीता शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय धनौली, अकोला, आगरा) 2. गीता वर्मा (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चौबारा, गजरौला, अमरोहा) 3. प्रीति मिश्रा (सहायक अध्यापक, पीएम उच्च विद्यालय बेलवा, पयागपुर, बहराइच) 4. सलमा खान (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय आदर्श, नगर क्षेत्र, बलरामपुर) 5. उर्मिला देवी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय खेमईपुर, भदोही) 6. रचना कपूर (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नंगली छोइया, हल्दौर, बिजनौर) 7. किरन देवी (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय अंबियापुर, बदायूं) 8. जूही मलिक (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय स्याना, बुलंदशहर) 9. उषा सिंह (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदपुर, शहबादगंज, चंदौली) 10. गीता वर्मा (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय अमानाबाद, फर्रुखाबाद) 11. अर्चना पांडेय (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट स्कूल पर्थला खंजरपुर, गौतमबुद्धनगर) 12. ज्योत्स्ना गोस्वामी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय ननकागढ़ी, राजापुर, गाजियाबाद) 13. शुचि त्यागी (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय पिपलैडा, दहौलाना, हापुड़) 14. विजया अवस्थी (सहायक अध्यापक, संविलियन विद्यालय मंसूरनगर, पिहानी, हरदोई) 15. पल्लवी चतुर्वेदी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सासनी, हाथरस) 16. प्रीति श्रीवास्तव (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय पठाकरका, बंगरा, झांसी) 17. डॉ. सुमनलता यादव (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर बनवारी, छिबरामऊ, कन्नौज) 18. डॉ. कामायनी शर्मा (सहायक अध्यापक, संविलियन विद्यालय औरोताहरपुर, ककवन, कानपुर नगर) 19. सुमन कुशवाहा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर, नेवादा, कौशाम्बी) 20. प्रीति गुप्ता (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चौकी बस स्टैंड, बिरधा, ललितपुर) 21. विनीता (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अमेठी उर्दू, गोसाईगंज, लखनऊ) 22. सीमा कुमारी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय महटौली, घिरोर, मैनपुरी) 23. प्रतिभा रानी भारती (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, हर्रा, सरूरपुर, मेरठ) 24. सुनीता रानी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसवां, भगतपुर, मुरादाबाद) 25. आरती शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रुस्तमगढ़, मुज्जफरनगर) 26. वैलेंटिना विक्टर (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अहमदनगर, नगर क्षेत्र, रामपुर) 27. अमिता टंडन (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय राजपुर रानी, श्रावस्ती) 28. मीरा सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह, चोपन, सोनभद्र) 29. प्रीति भारती (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नेवलगंज, हसनगंज, उन्नाव) 30. नीलम राय (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मंडुआडीह, वाराणसी) 31. सय्यदा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय पिपरिया अगरु, मरौरी, पीलीभीत) 32. सुनीत मित्र पांडेय (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गोकुला, नवाबगंज, गोंडा) 33. अमर सिंह (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय बहरावद, अतरौली, अलीगढ़) 34. राम मिलन गुप्ता (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च विद्यालय, नसीरपुर छितौना, जहांगीरगंज, अम्बेडकरनगर) 35. पंकज कुमार द्विवेदी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, ठेउंगा, सोहावल, अयोध्या) 36. प्रदीप कुमार सिंह (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय भैरवपुर, कोयलसा, आजमगढ़) 37. अजीत कुमार श्रीवास्तव (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, इब्राहिमाबाद, मुरली छपरा, बलिया) 38. राहुल कुमार शुक्ल (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय बहुता, त्रिवेदीगंज, बाराबंकी) 39. हरिशंकर त्रिपाठी (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़चपा, मानिकपुर, चित्रकूट) 40. ओमवीर सिंह (प्रधानाध्यापक, पीएम उच्च प्राथमिक विद्यालय पिदौरा, मरेहरा, एटा) 41. वीरेंद्र सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय ताखा, इटावा) 42. आनंद कुमार मिश्र (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर, ऐरायां, फतेहपुर) 43. संतोष कुशवाहा (सहायक अध्यापक, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय मनिहारी, गाजीपुर) 44. नीतिराज सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, चुनकी का डेरा, सुमेरपुर, हमीरपुर) 45. राजेश कुमार उपाध्याय (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बारीगांव, घुघली, महराजगंज) 46. संजय कुमार मिश्र (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय गरियांव, मुंगरा बादशाहपुर, जौनपुर) 47. विनीत कुमार मिश्र (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय अन्ता, रसूलाबाद, कानपुर देहात) 48. धनंजय प्रताप सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर लाला, कासगंज) 49. प्रमोद कुमार (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रतासिया, बेहजम, लखीमपुर खीरी) 50. नवीन कुमार त्रिपाठी (सहायक अध्यापक, पीएम कम्पोजिट विद्यालय उनवल प्रथम, बांसगांव, गोरखपुर) 51. ओमप्रकाश तिवारी (सहायक अध्यापक, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय बिलखी, कबरई, महोबा) 52. अनिल कुमार मौर्य (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय दौलसेपुर, रानीपुर, मऊ) 53. दयानंद मिश्रा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सिद्धि, पहारी, मिर्जापुर) 54. डॉ. देवेंद्र सिंह (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय बरना, प्रतापगढ़) 55. रामलखन मौर्या (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, सिरसा, प्रतापपुर, प्रयागराज) 56. बृजकिशोर (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय रसूलपुर, गुन्नौर, सम्भल) 57. अरुण कुमार गुप्ता (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय धनौरा, ददरौल, शाहजहांपुर) 58. दिनकर चौहान (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गंगेरू प्रथम, कांधला, शामली) 59. महेश कुमार (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय बूड़ा, बर्डपुर, … Read more

योगी सरकार की डिजिटल पहल, 31 हजार से ज्यादा OBC युवा बन रहे तकनीकी रूप से दक्ष

योगी सरकार की डिजिटल पहल, 31 हजार से ज्यादा ओबीसी युवा बन रहे तकनीकी दक्ष निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण से युवाओं को मिल रहा रोजगारपरक कौशल बढ़ाने का अवसर ओ-लेवल में 24,240 और सीसीसी में 7,362 प्रशिक्षणार्थी ले रहे प्रशिक्षण नाइलिट से मान्यता प्राप्त संस्थानों के जरिए युवाओं को दी जा रही निःशुल्क तकनीकी शिक्षा लखनऊ,  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और रोजगार के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की निशुल्क ओ-लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी युवक-युवतियों के लिए तकनीकी शिक्षा का प्रभावी माध्यम बन गई है। योजना के तहत इस वर्ष 31 हजार से ज्यादा प्रशिक्षणार्थी कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार की इस पहल से युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और रोजगारपरक कौशल हासिल करने का अवसर मिल रहा है।  70 हजार से ज्यादा आये थे आवेदन वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष 31,602 प्रशिक्षणार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। जिसमें सबसे ज्यादा ओ-लेवल में 24,240 और सीसीसी में 7,362 प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। 11 अगस्त से प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें सबसे अधिक आवेदन ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए आये थे।  योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी युवाओं को बिना किसी शुल्क के आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिल रही है। योजना का लाभ उन ओबीसी अभ्यर्थियों को दिया जा रहा है, जिन्होंने इंटरमीडिएट या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त की है। इसके साथ ही इनके अभिभावकों की वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम है। 338 प्रशिक्षण संस्थानों का मजबूत नेटवर्क प्रशिक्षण भारत सरकार के राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 338 प्रशिक्षण संस्थान योजना से जुड़े हैं। इनमें 63 संस्थान केवल ओ-लेवल, 39 सीसीसी और 236 संस्थान दोनों पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। इससे प्रदेश के अधिकांश जिलों में युवाओं को अपने नजदीक ही कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करने की सुविधा मिल रही है। सरकार की ओर से ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 15 हजार रुपये और सीसीसी के लिए 3,500 रुपये तक का भुगतान किया जाता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं पर प्रशिक्षण का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। डिजिटल शिक्षा से रोजगार की ओर बढ़ रहे युवा योगी सरकार की यह पहल तकनीकी शिक्षा को गांव और कस्बों तक पहुंचाने के साथ युवाओं को बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण, व्यापक संस्थागत नेटवर्क और बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी इस योजना को रोजगारोन्मुखी शिक्षा की दिशा में सरकार की एक सराहनीय पहल बना रही है। युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि इस वर्ष 31 हजार से अधिक प्रशिक्षणार्थी योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल ज्ञान और रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के लिए 338 संस्थानों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को उनके नजदीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण की सुविधा मिल सके।