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‘माफिया खत्म होंगे तो प्रदेश आगे बढ़ेगा’, योगी आदित्यनाथ ने बताया अपना सबसे प्रिय विषय

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 वर्षों में पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने सबसे प्रिय विषय का जिक्र किया. सोमवार को आयोजित डी-3 त्रिवेणी कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि माफिया का सफाया करना ही उनका सबसे प्रिय विषय है. आगे भी वह इसी तरह माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करते रहेंगे।  कार्यक्रम के दौरान सीएम ने बताया कि लखनऊ में पुलिस विभाग की एक जमीन पर माफिया का कब्जा था. इस मामले को लेकर डीजीपी उनके पास पहुंचे और पूरी जानकारी दी. डीजीपी ने बताया कि संबंधित जमीन पर माफिया ने अवैध कब्जा कर रखा है. ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्देश पर माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।  एफआईआर के अगले ही दिन अवैध कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई. प्रशासन ने माफिया से जमीन खाली करवा ली. खाली कराई गई जमीन पर बाद में फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट का निर्माण कराया गया. सीएम ने इस घटना को कानून-व्यवस्था और माफिया के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का उदाहरण बताया।  बच्चों के प्रति अपने लगाव का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से अपने जुड़ाव का अनुभव भी साझा किया. उन्होंने कहा कि जब वे किसी गांव या सार्वजनिक कार्यक्रम में जाते हैं तो वहां माताएं अपने छोटे बच्चों का अन्नप्राशन कराने के लिए उत्सुकता से खड़ी रहती हैं. यह दृश्य उनके लिए बेहद आत्मीय और भावनात्मक होता है।  उन्होंने बताया कि उन्हें बच्चों का अन्नप्राशन कराना बहुत अच्छा लगता है. कई बार बच्चे अपने माता-पिता या दादा-दादी की गोद में रोते रहते हैं, लेकिन जैसे ही वे उनकी गोद में आते हैं, तो तुरंत मुस्कुरा देते हैं. सीएम ने इसे बच्चों की सहज भावना और विश्वास का प्रतीक बताया. उनके अनुसार यह दिखाता है कि बच्चे किस व्यक्ति के प्रति खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।   मु्ख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाज में बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण बनाना बेहद जरूरी है, ताकि उनका सही विकास हो सके. मेरी सरकार आने के बाद राज्य में अच्छा वातावरण तैयार हुआ है।   

सीएम योगी का बड़ा ग्रामीण रोजगार मॉडल : 7500 गोशालाओं से जुड़ेंगी 40-40 युवाओं की टीमें

गो संरक्षण विशेष गांवों में बनेंगे पंचगव्य क्लस्टर, तीन लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार सीएम योगी का बड़ा ग्रामीण रोजगार मॉडल : 7500 गोशालाओं से जुड़ेंगी 40-40 युवाओं की टीमें. महिला समूहों, किसानों और युवाओं को दी जाएगी प्राथमिकता पंचगव्य से बनेंगे साबुन, पेंट, खाद, औषधियां और अन्य उत्पाद लखनऊ उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए योगी सरकार बड़ा मॉडल तैयार कर रही है। प्रदेश की 7500 से अधिक गोशालाओं के जरिए गांवों में पंचगव्य क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, जहां 40-40 युवाओं की टीमें उत्पादन और उद्यमिता का जिम्मा संभालेंगी। इस पहल से प्रदेश के करीब तीन लाख युवाओं को स्वरोजगार और आय के अवसर मिलने की संभावना है। महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों और ग्रामीण युवाओं को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। योगी सरकार का लक्ष्य गोशालाओं को केवल पशु संरक्षण केंद्र तक सीमित न रखकर उन्हें उत्पादन और रोजगार के केंद्र में बदलना है। गांवों में बनने वाले पंचगव्य क्लस्टरों में देसी गायों से प्राप्त दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर के आधार पर जैविक कीटनाशक, जैव उर्वरक, औषधियां, धूपबत्ती, साबुन, पेंट तथा अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री तैयार की जाएगी। इन उत्पादों के विपणन की व्यवस्था भी क्लस्टर स्तर पर विकसित की जाएगी। गो आधारित उद्योगों को मिलेगा संगठित स्वरूप उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि पंचगव्य क्लस्टर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ गो-आधारित उद्योगों को संगठित स्वरूप प्रदान करेंगे। इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की लागत कम होगी। साथ ही गांवों में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ऐसे काम करेगा मॉडल प्रदेश की 7500 गोशालाओं को क्लस्टर से जोड़ा जाएगा और प्रत्येक क्लस्टर में 40 युवाओं की टीम रहेगी। ये टीम उत्पादन से लेकर विभिन्न गतिविधियों की मॉनिटरिंग करेगी। महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई महिलाओं की इसमें सक्रिय भागीदारी रहेगी। टीम स्थानीय स्तर पर उत्पादन से लेकर विपणन तक की व्यवस्था संभालेगी।

जेवर एयरपोर्ट की पहली उड़ान से राजधानी आए किसानों ने सीएम योगी से साझा किए अपने अनुभव

‘बाबाजी’ का राज है, कोई कैसे पैसे छीन लेगा जेवर एयरपोर्ट की पहली उड़ान से राजधानी आए किसानों ने सीएम योगी से साझा किए अपने अनुभव जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों ने कहा- विकास की डोर सीधे 'आदित्य' के हाथ में हज से लौटे बुजुर्ग किसान ने मुख्यमंत्री को दिया आशीर्वाद, किसानों ने कहा- मोदी जी ने भारत और योगी जी ने उत्तर प्रदेश बदल दिया लखनऊ,   जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद में विकास, कानून-व्यवस्था पर खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की डोर सीधे ‘आदित्य’ के हाथ में है। यह ‘बाबाजी’ का राज है, जेवर में आज किसी की हिम्मत नहीं कि किसान या आमजन से पैसे छीन ले। हज से लौटे एक बुजुर्ग किसान ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सबसे बड़ा एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और बड़े प्रोजेक्ट जेवर की नई पहचान बने हैं। पहली बार हवाई जहाज में बैठकर लखनऊ पहुंचे किसानों ने मुख्यमंत्री से कहा कि जिस जमीन पर कभी वे खेती करते थे, आज उसी जमीन से उड़ान भरते विमान उत्तर प्रदेश के बदलते भविष्य की कहानी लिख रहे हैं। उन्होंने कहा, "मोदी जी ने भारत और योगी जी ने उत्तर प्रदेश बदल दिया।" मुस्लिम भी बोलते हैं,  कैसे कोई पैसा छीन लेगा किसान हंसराज ने कहा कि जैसे ही वह सुबह एयरपोर्ट पहुंचे, उनके साथ आए अधिसंख्य किसानों के लिए यह अनुभव विशेष था। उनके साथ आए 99 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जिन्होंने आज तक हवाई जहाज को केवल आसमान में उड़ते हुए देखा था, लेकिन मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से उन्हें उसमें बैठकर यात्रा करने का अवसर मिला। हंसराज ने वर्ष 2017 से पहले की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक वृद्ध महिला पेंशन निकाल कर गांव लौट रही थी। मोटरसाइकिल सवार दो बदमाश आए और उसके पैसे छीनकर फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2019 की एक घटना सुनाई। बताया कि भूमि मुआवजे का वितरण हो रहा था। उनके गांव में स्थित बैंक से एक मुस्लिम भाई ने 25 लाख रुपये निकाले और उन्हें तौलिया में बांधकर सिर पर रख लिया। दोपहर करीब 12 बजे वह इसी तरह पैसा लेकर जा रहे थे। हंसराज ने उनसे पूछा कि इतने पैसे इस तरह सिर पर रखकर ले जा रहे हो, कोई छीन लेगा। इस पर उन्होंने जवाब दिया, "कैसे कोई छीन लेगा, यह बाबाजी का राज है।" हंसराज ने कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्ष 2017 से पहले क्या स्थिति थी और अब क्या स्थिति है। उन्होंने कहा कि वह भगवान से प्रार्थना करते हैं कि सीएम योगी फिर से मुख्यमंत्री बनें। हज से लौटकर योगी जी को आशीर्वाद देने आया: जफरू खां बुजुर्ग किसान जफरू खां ने कहा कि प्रदेश के मुसलमान भी कह रहे हैं कि "बाबा का शासन बहुत शानदार है।" आज मैं चप्पल पहनकर हवाई जहाज में बैठा। यह मेरे लिए एक विशेष अनुभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में क्षेत्र के लोगों को काफी तरक्की देखने को मिली है। सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना है। अनेक कंपनियां और फिल्म सिटी भी क्षेत्र में स्थापित हो रही है। बड़े-बड़े प्रोजेक्ट तैयार हो रहे हैं, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। बच्चों के भविष्य के लिए बहुत अच्छे कार्य हुए हैं। मैं हज से लौटकर मुख्यमंत्री जी को आशीर्वाद देने आया हूं। सीएम योगी ने बनाया उत्तम प्रदेश: जयवीर सिंह मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान किसान जयवीर सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मुझे अपनी जमीन से बहुत प्रेम था। लेकिन, मेरे भैया ने कहा कि जरूरत पड़ने पर योगी जी के सहयोग के लिए जान तक अर्पित कर देंगे। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के विकास के लिए बहुत मेहनत की है। उन्होंने कहा था कि मैं उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बना दूंगा, जिसे आज हम सच होता देख रहे हैं।  तो अधूरा रह जाता एमबीबीएस का सपना: डॉ. हिरा राशिद एएमयू से एमबीबीएस करने वाली जेवर के किसान की बेटी डॉ. हिरा राशिद ने कहा कि अगर योगी जी का राज नहीं होता तो मेरा एमबीबीएस डॉक्टर बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो पाता। मुझे यह कहते हुए बड़ा गर्व महसूस हो रहा है कि जिस भूमि पर मेरे पिता अन्न उगाते थे, आज उसी भूमि से उड़ान भरकर मैं मुख्यमंत्री से मिलने आई हूं। एक समय ऐसा था जब क्षेत्र में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे और स्कूल जाने के लिए बस की सुविधा भी ठीक से नहीं थी। लेकिन सीएम योगी जी के नेतृत्व में जैसे-जैसे विकास हुआ,  क्षेत्र में तरक्की बढ़ी और शिक्षा के अवसर बेहतर हुए। वर्ष 2021 में मैंने बिना किसी कोचिंग के नीट परीक्षा उत्तीर्ण की। मुझे इसके लिए जो भी बुनियादी सुविधाएं मिलीं, वह सब योगी जी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों की वजह से संभव हो पाया। पुराने और नए जेवर में जमीन-आसमान का अंतर: रीता संवाद के दौरान रीता ने जेवर क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने और नए जेवर में जमीन आसमान का अंतर है। वर्ष 1997 में उनकी शादी हुई थी। उस समय क्षेत्र में कुछ भी नहीं था। पढ़ाई के लिए लोगों को खुर्जा या अन्य स्थानों पर जाना पड़ता था। 2017 के बाद क्षेत्र में एकदम से कनेक्टिविटी बढ़ी। इसकी वजह से बच्चों को इतनी सुविधाएं मिली हैं कि वे वहीं रहकर उच्च शिक्षा तक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जेवर के किसी किसान को कभी ऐसा अवसर नहीं मिला था कि वह विमान में बैठकर यहां पहुंच सके। जब वे लोग विमान की खिड़की से बाहर देख रहे थे तो एक-दूसरे से कह रहे थे, "यह तुम्हारा खेत है, यह हमारा खेत है।" इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए हम लोग मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हैं। इतना बड़ा प्रोजेक्ट बिना किसी विरोध-प्रदर्शन के साकार हुआ है, जिसमें हम सभी लोगों की भागीदारी रही है।  एयरपोर्ट से क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई दिशा: महेंद्र शर्मा किसान महेंद्र शर्मा ने कहा कि योगी जी के प्रयासों से आज उनके क्षेत्र … Read more

योगी सरकार प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री

जेवर से खुले विकास के नए आसमान, वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में दूरदर्शी पहल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिला वैश्विक कनेक्टिविटी का नया द्वार आधुनिक सुविधाओं से सहज होगी यात्रा, क्षेत्रीय विकास और रोजगार को मिलेगी नई गति योगी सरकार प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  भविष्य में  जेवर हवाई अड्डे सालाना क्षमता 7 करोड़ से अधिक यात्रियों तक पहुंचाने की योजना लखनऊ  नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश ने विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। इंडिगो ने यहां से हवाई सेवाओं का शुभारंभ किया। लखनऊ से आई उद्घाटन उड़ान के स्वागत के बाद बेंगलुरु के लिए पहली प्रस्थान उड़ान रवाना हुई। यह केवल एक नए हवाई अड्डे की शुरुआत नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिली है। जेवर स्थित यह विश्वस्तरीय हवाई अड्डा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के लाखों यात्रियों को सुविधाजनक हवाई संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे पर्यटन, निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण को प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों की सेवा के लिए विकसित किया गया है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर सालाना 7 करोड़ (70 मिलियन) से अधिक यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है।  यात्रा होगी अधिक सुगम और सुविधाजनक नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यहां डिजिटल यात्रा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को भौतिक दस्तावेजों की आवश्यकता कम होगी। सेल्फ चेक-इन, सेल्फ बैग ड्रॉप, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तथा सहज मार्गदर्शक प्रणालियां यात्रा को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाएंगी। हवाई अड्डे के टर्मिनल का डिज़ाइन आधुनिक तकनीक और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती कलाकृतियां, वाराणसी के घाटों से प्रेरित स्थापत्य शैली, जालीदार डिज़ाइन तथा प्राकृतिक प्रकाश का व्यापक उपयोग यात्रियों को एक विशिष्ट अनुभव प्रदान करेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट टैक्सी, ऐप आधारित कैब सेवाएं और दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के विभिन्न शहरों को जोड़ने वाली बस सेवाओं की व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन से यह हवाई अड्डा वैश्विक संपर्क का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। योगी सरकार के विजन से मजबूत हो रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की शुरुआत को योगी सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर और निवेश अनुकूल वातावरण के साथ यह परियोजना उत्तर प्रदेश को नई आर्थिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। हवाई अड्डे पर एयर इंडिया सैट्स द्वारा विकसित आधुनिक कार्गो सुविधाएं प्रारंभिक चरण में प्रतिवर्ष दो लाख मीट्रिक टन माल ढुलाई की क्षमता रखती हैं, जिसे भविष्य में 15 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने की योजना है। इससे ई-कॉमर्स, कृषि उत्पादों के निर्यात और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को नई मजबूती मिलेगी। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन शुरू होना भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह हवाई अड्डा हवाई संपर्क को नई मजबूती प्रदान करेगा और व्यापार, पर्यटन, निवेश तथा रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए यहां अत्याधुनिक डिजिटल सेवाएं और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की गई हैं। योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

किसानों ने कहाकि उनके गांव में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से उनको मिली बड़ी पहचान, सीएम योगी ने निभाया हर वादा

सीएम योगी का आभार जताने पहली उड़ान से लखनऊ आए जेवर के किसान, बोले- सपना कर दिया साकार किसानों ने कहाकि उनके गांव में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने से उनको मिली बड़ी पहचान, सीएम योगी ने निभाया हर वादा  जेवर की महिला किसानों ने योगी सरकार को सराहा, विकास का सहभागी बनने की चेहरों पर दिखी खुशी अपने गांव से ही पहली बार हवाई सफर कर भावुक हुए किसान, सीएम योगी को कहा धन्यवाद लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को पहली उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई, जो कई किसानों के लिए भावनात्मक और ऐतिहासिक पल बन गई। इस उड़ान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें यात्री के रूप में वे किसान भी सवार थे, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरे किसानों के चेहरे पर खुशी, गर्व और भावुकता साफ दिखाई दी। वे अपने गांव से सीधे प्रदेश की राजधानी में उतरे थे। मुख्यमंत्री योगी ने किसानों का सम्मान बढ़ाया किसानों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हवाई जहाज में सफर करने का सालों पुराना उनका सपना आज पूरा हो गया है। किसानों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया। जेवर की रहने वाली पूनम ने बताया कि एयरपोर्ट परियोजना के लिए उनकी जमीन अधिग्रहीत हुई थी। उन्होंने कहा कि आज पहली बार हवाई जहाज में बैठने का अवसर मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों का सम्मान बढ़ाया है। पूनम ने बताया कि वह मुख्यमंत्री से मिलने आईं हैं और इस अवसर को जीवन का सबसे सुखद पल मानती हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया किसान धर्मवीर शर्मा ने कहा कि उनके गांव में विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। उन्होंने कहा कि हवाई चप्पल पहनने वाले किसानों को हवाई जहाज में बैठाकर सरकार ने यह साबित कर दिया है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उसकी प्राथमिकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह का विशेष आभार जताते हुए कहा कि किसानों से किया गया हर वादा पूरा किया गया है। उड़ान में शामिल हिरा रशीद भी बेहद उत्साहित नजर आईं। उन्होंने कहा कि लखनऊ तक की हवाई यात्रा उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसी है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधायक धीरेंद्र सिंह को दिया।  योगी जी ने हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज में बैठा दिया – किसान किसान हाजी जफर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने ऐसा काम किया है कि हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज में बैठा दिया। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण के दौरान घर-घर जाकर किसानों की सहमति ली गई थी और किसानों ने खुशी-खुशी अपनी जमीन दी। हाजी जफर ने कहा कि उन्हें इस विकास कार्य पर गर्व है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है और इससे आम लोगों का जीवन बदल रहा है। उन्होंने कहा कि योगी जी मुस्लिम समाज में काफी लोकप्रिय हैं क्योंकि उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ भेदभाव के बिना सभी लोगों तक पहुंचाया है। सभी को सुरक्षा दी है। सालों पुराना सपना आज पूरा हो गया- सुमन इसी तरह किसान इकबाल कल्लू ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एयरपोर्ट के लिए उनकी जमीन गई थी और आज उसी एयरपोर्ट से उड़ान भरकर राजधानी पहुंचना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को केवल मुआवजा ही नहीं दिया बल्कि उन्हें विकास यात्रा का सहभागी भी बनाया है। महिला किसानों में भी उत्साह देखने को मिला। किसान सुमन ने बताया कि उन्होंने जीवन में पहली बार हवाई जहाज में सफर किया है। यह उनका वर्षों पुराना सपना था, जो अब जाकर पूरा हुआ है। मीनू ने भी अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि एयरपोर्ट बनने के बाद पहली बार उन्होंने अपनी जमीन को आसमान से देखा है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की नई धारा बह रही है और इसका लाभ आम लोगों को मिल रहा है।   कई सरकारें देखी, लेकिन इतना अच्छा दौर पहले नहीं देखा- जयवीर, किसान बुजुर्ग किसान जयवीर ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई सरकारें देखी हैं, लेकिन विकास का ऐसा दौर पहले कभी नहीं देखा। जयवीर ने कहा कि किसानों को सम्मान देने की यह पहल हमेशा याद रखी जाएगी। जयकरन सिंह ने कहा कि किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट बनने से आने वाली पीढ़ियों को नए अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसानों से किया संवाद

अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं जेवरः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसानों से किया संवाद जेवर से लखनऊ के लिए संचालित पहली फ्लाइट से राजधानी पहुंचे किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर भव्य स्वागत   जेवर एयरपोर्ट से 28 महिलाओं समेत कुल 170 किसानों ने की लखनऊ तक की यात्रा, सीएम का जताया आभार  सीएम ने किसानों को किया आश्वस्त- डबल इंजन सरकार से आपको कभी निराश-हताश नहीं होना पड़ेगा किसानों से बोले सीएम- वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं तो कुछ बिखर भी जाते हैं लखनऊ,  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसान सोमवार को लखनऊ पहुंचे। जेवर से लखनऊ के लिए संचालित पहली फ्लाइट से राजधानी पहुंचे इन किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर भव्य स्वागत व सम्मान किया गया। यहां किसानों ने अपने उद्गार व्यक्त किए, मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया और उनके प्रति आभार भी प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि जेवर अब वह क्षेत्र बन गया है, जहां ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं। उन्होंने कर्मशियल फ्लाइट प्रारंभ करने के लिए इंडिगो के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।  यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा सीएम ने कहा कि जब हमारी कैबिनेट ने जेवर में एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित किया तो मैंने नोएडा के जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से कहा कि 100 दिन के भीतर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ हो जाए, लेकिन इस अवधि तक कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई। मैंने वहां पहुंचकर समीक्षा बैठक ली तो पता चला कि कोई प्रगति नहीं हुई है। तब मैंने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में लगभग 100 किसानों के साथ बैठक की। मैंने कहा कि एयरपोर्ट बनाना है तो किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया। असमंजस की स्थिति थी। मैंने कहा कि हम यहां विकास करना चाहते हैं, फिर भी लोगों ने मना कर दिया। मैंने अनुरोध किया कि एक घंटे का समय है, सोचिए। यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा।  वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं तो कुछ बिखर जाते हैं सीएम ने कहा कि मैंने बुजुर्गों से अनुरोध किया कि विकास का मॉडल क्या होता है, यह दिखाने का समय है। वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं और कुछ बिखर जाते हैं। जो अवसर का लाभ लेता है, इतिहास उसी का बनता है। जो मौके को गंवा देता है, वह अवसर से बिखर जाता है। आपने मुझ पर विश्वास किया, धीरेंद्र सिंह ने सहयोग किया। यीडा व उप्र के नागरिक उड्डयन विभाग ने कार्रवाई को युद्धस्तर पर बढ़ाया तो परिणाम यह रहा कि 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण पर कार्य शुरू हुआ। चार फेज में एयरपोर्ट बनेगा, पहले फेज की कार्रवाई संपन्न हुई।  आज का दिन एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक  सीएम ने कहा कि भारत में सर्वाधिक संभावनाओं वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने आज से कमर्शियल फ्लाइट प्रारंभ की है। ऐसे में आज का दिन जेवर, गौतमबुद्ध नगर, पश्चिमी उप्र, प्रदेश व देश के एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक है, इसके पीछे प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की और योगदान किसानों का है। विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस कड़ी को जोड़ा है।  जेवर ने इतिहास रच दिया सीएम ने कहा कि जेवर अब पुराना जेवर नहीं रहा, इसने इतिहास रच दिया है। जेवर क्षेत्र 9 साल पहले उत्तर प्रदेश की आपराधिक गतिविधियों का केंद्र बन गया था। शाम होते आवागमन बंद हो जाता था। बेटी असुरक्षित थी, नौजवान के सामने भविष्य का संकट और किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। किसानों का उत्पीड़न भी किसी से छिपा नहीं था। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा, स्कूल, रोजगार, गरीबों के लिए कोई पहल नहीं होती थी।  अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं जेवर सीएम ने कहा कि आज बड़ी से बड़ी कंपनियां जेवर आना चाहती हैं। वहां अब ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं। जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला कार्गो व एमआरओ केंद्र बनने जा रहा है। अन्न, फल, मत्स्य, सब्जी आदि पैदा करने वाला उत्तर प्रदेश का किसान यहां कार्गो से अपने उत्पादों को दुनिया में पहुंचाएगा। स्थानीय बाजार में उसे दाम भले कम मिले, लेकिन दुनिया के बाजार में कई गुना दाम मिलेगा। आम का दाम यहां अधिकतम 50 रुपये पहुंचेगा, लेकिन दुनिया के बाजार में 800 से 1000 रुपये किलो बिकता है। 200 रुपये प्रति किलो कार्गो खर्च जोड़ लें, तब भी किसान को 600 रुपये का लाभ मिलेगा। जिस किसान को यहां 10 रुपये प्रति किलो का लाभ नहीं मिल पा रहा, उसे 600 रुपये का लाभ मिलेगा तो वह समृद्ध बनेगा।   दुनिया के पांच बड़े विश्वविद्यालय कैंपस आएंगे जेवर सीएम ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सेमीकंडक्टर यूनिट, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी, ट्वाय पार्क, अपरैल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स की विश्व स्तरीय सिटी भी जेवर क्षेत्र में स्थापित होगी। विश्व रैंकिंग वाले दुनिया के पांच बड़े प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय यहां कैंपस स्थापित करने आ रहे हैं।  किसानों से कहा था- आपकी सोच से ज्यादा पैसा मिलेगा सीएम ने कहा कि जब किसानों ने पहली रजिस्ट्री की तो वे विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ मेरे पास आए थे। मैंने ग्रेनो में भी किसानों से कहा था कि आप रजिस्ट्री कराइए, पैसा वह मिलेगा जो आपने सोचा भी नहीं होगा। हम सौदेबाजी नहीं कर रहे हैं। आपका हक देंगे। सिर्फ आप रहेंगे और हम रहेंगे, बीच में कोई नहीं रहेगा। किसानों के कारण वह क्षेत्र और भावी पीढ़ी का भविष्य, दोनों बदलने जा रहे हैं।  अब एयरक्रॉफ्ट मेंटिनेंस, रिपेयरिंग व ओवरहॉलिंग के लिए भी लोग यहां आएंगे सीएम ने किसानों ने कहा कि आपकी पीढ़ियां हजारों वर्षों से वहां रह रही हैं। आपके पूर्वजों ने आजादी की लड़ाई लड़ी, विपरीत परिस्थितियों को झेला और अपनी जमीन को बचाकर रखा। आपने जब सही समय पर सही निर्णय किया तो भारत का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया। वहां कार्गो व एमआरओ की सुविधा भी होगी। अब तक भारत में एयरक्रॉफ्ट मेंटिनेंस, रिपेयरिंग व ओवरहॉलिंग की सुविधा नहीं थी, इसके लिए सिंगापुर व दुबई जाना पड़ता था। अब इसके लिए भी लोग यहां आएंगे।  युवाओं को घर पर ही मिलेगी नौकरी सीएम ने कहा कि नौजवानों को इंजीनियर के रूप में ट्रेंड … Read more

सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन आयोजित ‘जनता दर्शन’ में 200 लोगों की सुनी समस्याएं

जनता दर्शन  आर्थिक सहायता हो या आवास, सरकार हर जरूरत पर खड़ी है साथः मुख्यमंत्री  सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन आयोजित ‘जनता दर्शन’ में 200 लोगों की सुनी समस्याएं इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों से बोले सीएम- एस्टिमेट बनवाकर उपलब्ध कराइए, तत्काल सहायता मिलेगी  किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं, जरूरतमंदों को निरंतर आवास उपलब्ध करा रही सरकारः सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने गोशाला में गोसेवा भी की, गायों को खिलाया गुड़ व हरा चारा गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘जनता दर्शन’ में आए लोगों को विश्वास दिलाया कि आर्थिक सहायता हो या आवास, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों से कहा कि आप एस्टिमेट बनवाइए और मरीज का ध्यान रखिए, इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ दीजिए। वहीं आवास की मांग को लेकर पहुंचे फरियादियों को भी सीएम ने आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद को निरंतर प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास दिला रही है।  मुख्यमंत्री ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। इसके लिए जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा, फिर भी जरूरत पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिया कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है।  कुछ लोगों ने पुलिस व राजस्व से जुड़े मामलों में लेटलतीफी की शिकायत की, तो सीएम ने डीएम को तत्काल मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने आवास, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, राजस्व, पुलिस आदि से जुड़े अलग-अलग मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।   परंपरागत रही सीएम की दिनचर्या, गोसेवा की, बच्चों से पढ़ाई के बारे में भी पूछा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान सोमवार सुबह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ और ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी का आशीर्वाद लेने के बाद सीएम योगी ने मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। गोवंश को अपने हाथ से गुड़-रोटी खिलाकर उन पर स्नेह बरसाया। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए उन्होंने परिजनों के साथ आए बच्चों को पास बुलाकर दुलारा-पुचकारा। चॉकलेट दी और पढ़ाई के बारे में भी पूछा। सीएम ने बच्चों को खूब पढ़ने-आगे बढ़ने का आशीर्वाद भी दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में किया 926 करोड़ की 226 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

बदला हुआ गोरखपुर बनेगा देश के लिए विकास मॉडल: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में किया 926 करोड़ की 226 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास मुख्यमंत्री ने सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का भी किया शुभारंभ, प्रदेश के 2 करोड़ बच्चों को मिलेगा सीधा लाभ सीएम बोले- गोरखपुर ने विगत 9 वर्षों में बीमारी, बदहाल बुनियादी ढांचे, जलभराव, अपराध और पहचान के संकट से निकलकर विकास, सुशासन और आधुनिक सुविधाओं के नए युग में प्रवेश किया चारों दिशाओं में कहीं भी जाएं आपको गौरव और सम्मान मिलेगा, 25 करोड़ उत्तर प्रदेशवासी आज इस नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं: मुख्यमंत्री गोरखपुर  गोरखपुर को विकास का बेहतरीन मॉडल बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में शहर ने बीमारी, बदहाल बुनियादी ढांचे, जलभराव, अपराध और पहचान के संकट से निकलकर विकास, सुशासन और आधुनिक सुविधाओं के नए युग में प्रवेश किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नई परियोजनाओं के जरिए गोरखपुर आने वाले समय में देश के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बदला हुआ गोरखपुर, बदलते उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की नई पहचान का प्रतीक है। जब मां स्वस्थ होगी, तभी बच्चा स्वस्थ होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर महानगर की लगभग एक हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हो रहा है। यह दिन प्रदेश के लिए अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक भी है, क्योंकि हम प्रदेश के सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का शुभारंभ भी कर रहे हैं। इस योजना का लाभ आने वाले समय में प्रदेश के लगभग 2 करोड़ बच्चों को मिलेगा। अगर बचपन सुरक्षित है, तो भविष्य भी सुरक्षित है। इस बचपन को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले गर्भवती महिलाओं में कुपोषण की समस्या का समाधान करना आवश्यक है। जब मां स्वस्थ होगी, तभी बच्चा स्वस्थ होगा। जो भी बच्चा पैदा होता है, उसके जीवन के प्रारंभिक हजार दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इन हजार दिनों में बच्चे की उचित देखभाल की जाए, तो न केवल उस परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के लिए एक सशक्त नींव तैयार होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चा केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि समाज का और अंततः पूरे राष्ट्र का भविष्य होता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हमने वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से प्रयागराज में 'टेक होम राशन' (टीएचआर) प्रणाली शुरू की थी। इसके तहत 4000 से अधिक महिला स्वयंसेवी समूहों द्वारा प्रदेश के विभिन्न विकास खंडों में प्लांट स्थापित किए गए, जहां धात्री महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक रेसिपी तैयार करके अनुपूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। जहां टीएचआर प्लांट से सीधे वितरण संभव नहीं है, वहां नेफेड के माध्यम से सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। लगभग 2 करोड़ बच्चों को अनुपूरक पौष्टिक आहार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि जब बच्चा तीन वर्ष का हो जाए, तो उसे आंगनवाड़ी केंद्रों में छह वर्ष की आयु तक अच्छा पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही वहां खेल-खेल में सीखने, अक्षर ज्ञान प्राप्त करने और समग्र विकास के लिए बाल वाटिका तथा प्री-प्राइमरी शिक्षा के कार्यक्रम को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद में प्रवेश की आयु 6 वर्ष है और तीन से छह वर्ष तक का समय बच्चों के सीखने और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व मूल्यवान है। इसी को ध्यान में रखकर बाल वाटिका और प्री-प्राइमरी शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश भर में 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी और बाल वाटिका के कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों में लगभग 2 करोड़ बच्चे अनुपूरक पौष्टिक आहार प्राप्त कर रहे हैं। वहां अक्षर ज्ञान, खेल-आधारित शिक्षा की बेहतरीन व्यवस्था भी उपलब्ध है।  अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बदले हुए गोरखपुर को देखा है। आज से मात्र 9 वर्ष पहले गोरखपुर कैसा था? बीमारी, बिजली नहीं, सड़कों पर गड्ढे, जलभराव, मच्छर, गंदगी, बाढ़, बेरोजगारी, व्यापारियों की सुरक्षा नहीं, बेटियों के लिए उत्तम शिक्षा की व्यवस्था नहीं, किसानों के लिए कोई सुविधाएं नहीं, परंपरागत उद्यमों के संरक्षण के लिए कोई कार्यक्रम नहीं और गरीबों के कल्याण के लिए कोई योजनाएं भी नहीं। 2017 से पहले गोरखपुर में बिजली मुश्किल से 5-6 घंटे ही मिल पाती थी और उसके लिए भी सड़कों पर आंदोलन करना पड़ता था। इंसेफेलाइटिस की बीमारी किस कदर कहर ढा रही थी, सैकड़ों बच्चों की मौत हो रही थी, यह किसी से छुपा नहीं है। पूरा महानगर गंदगी के आगोश में डूबा रहता था। एक तरफ बंद पड़ा फर्टिलाइजर कारखाना हमें चिढ़ाता था, दूसरी तरफ बीमार बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर की पहचान बन चुका था। लखनऊ जाने में 6-8 घंटे लगते थे, वाराणसी जाने में 5-6 घंटे। रामगढ़ताल गंदगी का गढ़ बना हुआ था। गोरखपुर का नाम सुनते ही लोग डर जाते थे। ऐसा लगता था मानो यह आतंक का पर्याय बन गया हो। बेटियां शाम को घर से बाहर निकलने में भी डरती थीं। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। कैसे किसी शहर का कायाकल्प होता है, कैसे विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है और कैसे एक प्रदेश व एक देश गौरव के साथ सिर ऊंचा करके चलता है, अब यह स्पष्ट दिख रहा है। आज भारत का विश्व में सम्मान बढ़ा है, उत्तर प्रदेश का सम्मान बढ़ा है और गोरखपुर का भी सम्मान बढ़ा है। अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता, दूरी नहीं बनाता। एक-एक पाई का सदुपयोग और पूर्ण जवाबदेही के साथ हो रहा विकास कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर में जलभराव की समस्या का समाधान हो रहा है, युवाओं के लिए नौकरियां उपलब्ध हैं, व्यापारियों को सुरक्षा के साथ अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। … Read more

सीएम योगी ने लाभार्थियों को सौंपे प्रमाणपत्र, विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि भी की वितरित

सीएम योगी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए प्रमाणपत्र और सहायता राशि सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का किया शुभारंभ, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को वितरित किया नवीन अनुपूरक पुष्टाहार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, सहायता राशि, आवास की चाबी, आयुष्मान कार्ड तथा नवीन अनुपूरक पुष्टाहार वितरित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का शुभारंभ करते हुए बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को नवीन टेक होम राशन (टीएचआर) रेसिपी एवं अनुपूरक पुष्टाहार वितरित किया। उन्होंने शेजल, सिद्धि, आंशी, सानवी और श्री जैसी नन्हीं बच्चियों को तथा सोनी देवी और अमृत देवी जैसी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण किट प्रदान कर उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की लाभार्थी रवीना मधेशिया को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सुनीता देवी और चैता देवी को आवास की चाबी एवं स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपे गए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शकुंतला देवी को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। कृषि विभाग की योजनाओं के अंतर्गत कौड़ीराम क्षेत्र के बुनेल प्रजापति को कृषि परियोजना के लिए अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। वहीं बेलघाट क्षेत्र के जयप्रकाश मिश्रा को भी कृषि विकास से संबंधित सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया। एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान के पवेलियन का शुभारंभ इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने गोरखपुर स्थित वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में नव निर्मित एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान के पवेलियन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने हॉकी प्रतियोगिता में भाग ले रहे नन्हें खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी हॉकी स्टिक थामकर मैदान पर स्ट्रोक लगाया और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी तथा विभिन्न उत्पादों से सुसज्जित स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने अन्नप्राशन संस्कार कार्यक्रम में शामिल छोटे बच्चों को अन्न ग्रहण कराया तथा उनकी माताओं को उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। लोकार्पण होने वाली परियोजनाएं 112 करोड़ से जिला कारागार में मेन वॉल का विस्तार कर 30 कैदियों की क्षमता वाली 4 नग बैरक एनक्लोजर वॉल का निर्माण ₹10 करोड़ से अधिक धनराशि से वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज मैं बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हॉल 27 करोड़ से बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम का जीर्णोद्धार ₹5 करोड़ से परिक्षेत्रीय साइबर थाने का प्रशासनिक भवन शिलान्यास होने वाली परियोजनाएं ₹49 करोड़ से अधिक धनराशि से बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों हेतु टाइप-2 के 100 आवासों का निर्माण कार्य ₹48 करोड़ से गुलहरिया में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स कम एंटरटेनमेंट जोन का निर्माण कार्य ₹35 करोड़ से नगर निगम गोरखपुर में साहित्य पार्क का निर्माण कार्य

समाज कल्याण विभाग की नई पहल, सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ को मिलेगी डिजिटल पहचान

समाज कल्याण विभाग की पहल, सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ की होगी डिजिटल पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरित विकास संकल्प को मिला नया आयाम पेड़ों को मिलेगा संस्थान की संपत्ति का दर्जा, पर्यावरण संरक्षण का आदर्श मॉडल बनेंगे संस्थान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए समाज कल्याण विभाग ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। विभाग ने अपने सभी जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों, आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं अन्य संस्थानों में मौजूद पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक पेड़ को एक यूनिक पहचान संख्या प्रदान की जाएगी, जिससे उसकी निगरानी, संरक्षण और प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हर पेड़ का तैयार होगा डिजिटल डाटा बैंक नई व्यवस्था के अंतर्गत विभागीय संस्थानों में मौजूद सभी पेड़ों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाएगा। प्रत्येक पेड़ को एक विशेष पहचान संख्या दी जाएगी और उसकी प्रजाति, स्थान, अनुमानित आयु तथा वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण वृक्ष परिसंपत्ति पंजिका में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सभी पेड़ों की फोटो लेकर उनका डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। इससे समय-समय पर उनकी स्थिति का आकलन करने और आवश्यक संरक्षण उपाय करने में सुविधा मिलेगी। पेड़ों को मिलेगा संस्थान की संपत्ति का दर्जा समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों में मौजूद सभी पेड़ों को अब परिसंपत्ति के रूप में दर्ज किया जाएगा। किसी भी पेड़ की कटाई अथवा बड़े स्तर पर छंटाई बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं की जा सकेगी। साथ ही प्रत्येक वर्ष इन पेड़ों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा, ताकि उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। यह व्यवस्था हरित संपदा को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पर्यावरण संरक्षण का आदर्श मॉडल बनेंगे संस्थान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि पेड़ हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और उनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विभागीय संस्थानों में वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे न केवल पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। समाज कल्याण विभाग का प्रयास है कि उसके विद्यालय, छात्रावास और अन्य संस्थान शिक्षा व सामाजिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के भी आदर्श केंद्र बनें। यह पहल प्रदेश में हरित धरोहर के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम साबित होगी।