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यूपी विधानसभा में CM योगी का बयान: सपा की करतूतों से हर कोई वाकिफ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर करारा प्रहार किया. सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा, "सपा और लोकतंत्र एक ही नदी के दो अलग-अलग छोर हैं. इन्हें लोकतंत्र पर भरोसा कब से हो गया? लोकतंत्र की बात करना इन्हें शोभा नहीं देता. संभल में इन्होंने क्या किया, ये सबको पता है. संभल हो, बहराइच हो या गोरखपुर, सपा की करतूतों से सब वाकिफ हैं. इन्होंने अपने कार्यकाल में कुछ नहीं किया. अगर एनडीए सरकार विकास करना चाहती है, तो आपको (समाजवादी पार्टी) बुरा लग रहा है… हम पूरे प्रदेश के व्यापारियों को साथ लेकर काम कर रहे हैं." मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि सपा शासनकाल में व्यापारियों पर गुंडा टैक्स लगाया जाता था. इसी वजह से व्यापारी आपसे नाराज़ हैं और समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा बार-बार भुगतना पड़ रहा है. व्यापारियों के विकास के लिए कदम उठाने के बजाय इन्होंने (समाजवादी पार्टी ने) उनके रास्ते में रोड़े ही अटकाए हैं. समाजवादी पार्टी से ये उम्मीद नहीं की जा सकती कि वो सुरक्षा की बात करेगी और अच्छे विकास का समर्थन करेगी." वहीं, मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने कहा था- "इस मानसून सत्र के दौरान बाढ़, जलभराव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. स्वास्थ्य, शिक्षा और इन सभी मुद्दों पर सरकार ने पिछले 8.5 वर्षों में जो कुछ भी किया है, उस पर भी चर्चा होगी. विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को लेकर 13-14 अगस्त को 24 घंटे की चर्चा होगी. चर्चा के बाद, हम सदन में एक विस्तृत कार्ययोजना की भी घोषणा करेंगे कि कैसे सरकार नीति आयोग के मार्गदर्शन में विशेषज्ञों की मदद से इस विजन डॉक्यूमेंट में आम जनता के साथ-साथ हर वर्ग के नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी और उस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए, सरकार अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना के साथ अपना विजन सदन के पटल पर रखेगी." सपा ने किया प्रदर्शन  वहीं, विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने जमकर प्रदर्शन किया. सपा विधायकों ने विधानसभा के गेट पर खड़े होकर नारेबाजी की. उन्होंने बैनर-पोस्टर आदि के जरिए सरकार पर हमला बोला. इस बीच प्रश्नकाल में विपक्ष के हंगामे के चलते स्पीकर सतीश महाना ने 15 मिनट के लिए हाउस को स्थगित कर दिया.   दरअसल, सदन शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने खुद गोरखपुर में व्यापारियों से मिलने के लिए पुलिस द्वारा रोके जाने का मुद्दा उठाया, इसके अलावा बहराइच और संभल में ना जाने को लेकर भी सीएम योगी के सामने सवाल रखा. इसके जवाब में सीएम योगी ने पूरी समाजवादी पार्टी को ही लपेट लिया और उसपर तीखा हमला बोला.  

नेता प्रतिपक्ष एक वरिष्ठ नेता, उनके कंधे पर बंदूकर रखकर गोली चला रहे कुछ लोग : योगी आदित्यनाथ

सपा और लोकतंत्र नदी के दो छोर : योगी आदित्यनाथ  मानसून सत्र के पहले दिन नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के आरोपों पर सीएम योगी की दो टूक  सीएम ने कहा- समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में शोषण और गुंडा टैक्स को नहीं भूले हैं व्यापारी  नेता प्रतिपक्ष एक वरिष्ठ नेता, उनके कंधे पर बंदूकर रखकर गोली चला रहे कुछ लोग : योगी आदित्यनाथ  गोरखपुर विरासत कॉरिडोर से जुड़े एक-एक व्यापारी से हमने की है बात, सभी को मिलेगा मुआवजा : मुख्यमंत्री   केवल राजनीति करने गोरखपुर गये थे नेता प्रतिपक्ष, व्यापारियों ने सम्मानजनक ढंग से किया उनका विरोध : सीएम योगी   संभल में सपा सरकार में हुआ था नग्न तांडव, आज हो रहा उसका शुद्धिकरण : सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसून सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर तीखा हमला बोला। सपा के कार्यकाल में व्यापारियों पर हुए अत्याचार और गुंडा टैक्स की याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि सपा का लोकतंत्र में विश्वास केवल दिखावा है। उन्होंने संभल, बहराइच और गोरखपुर में सपा की नकारात्मक राजनीति पर भी सवाल उठाए। माता प्रसाद पांडेय के आरोपों पर गरजे योगी सीएम योगी ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को एक वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि कुछ लोग उनके कंधे पर बंदूक रखकर गोली चला रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि माता प्रसाद पांडेय जी, आप वरिष्ठ हैं। आपको अनावश्यक रूप से मोहरा बनाकर कुछ लोग आपके कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साध रहे हैं। आपको ऐसा होने नहीं देना चाहिए। उन्होंने गोरखपुर के विरासत कॉरिडोर के मुद्दे पर सपा की राजनीति को नकारात्मक और विकास विरोधी करार दिया। गोरखपुर विरासत कॉरिडोर पर सीएम ने सपा को घेरा सीएम योगी ने गोरखपुर के विरासत कॉरिडोर के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर गोरखपुर के सबसे पुराने बाजार, घंटाघर और गीताप्रेस जैसे ऐतिहासिक स्थानों को जोड़ने का काम करेगा। सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से तीन दिन पहले गोरखपुर विरासत कॉरिडोर का निरीक्षण किया था। वहां के एक-एक व्यापारी से बात की। यह गोरखपुर का सबसे पुराना बाजार है, जहां कंजेशन और अवैध कब्जे की समस्या थी। हमने सड़क निर्माण और कंजेशन दूर करने का काम शुरू किया है। सीएम योगी ने बताया कि उन्होंने व्यापारियों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। सरकार सुनिश्चित करेगी कि विकास कार्यों के दौरान किसी का नुकसान न हो। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में इस क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सपा के समय में मासूम बच्चे हर साल इन्सेफेलाइटिस से मरते थे। हर साल 700 से 1500 बच्चों की मौत इन्सेफलाइटिस से होती थी। नेता प्रतिपक्ष के विधानसभा क्षेत्र और सिद्धार्थनगर जनपद में सैकड़ों बच्चे मरते थे, लेकिन आपने कुछ नहीं किया। स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास आपका एजेंडा कभी नहीं रहा। सपा के प्रति व्यापारियों में है जबरदस्त आक्रोश सीएम ने कहा कि गोरखपुर के व्यापारियों ने माता प्रसाद पांडेय के दौरे का विरोध किया था, क्योंकि सपा के कार्यकाल में व्यापारियों को भय और गुंडा टैक्स का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी व्यापारी सपा के कार्यकाल में हुए शोषण को नहीं भूले हैं। व्यापारी इसलिए आशंकित और आक्रोशित थे कि आप बिना बुलाए वहां गए और उनके विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश की। सीएम योगी ने आगे कहा कि व्यापारियों ने आपका सम्मान पूर्वक विरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा से सुरक्षा और विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती। संभल में सपा ने किया था नग्न तांडव सीएम योगी ने संभल में सपा सरकार के दौरान हुए 'नग्न तांडव' का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार वहां शुद्धिकरण अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि सपा ने संभल में जो नकारात्मकता फैलाई, आज हम उसे सुधार रहे हैं। लेकिन सपा अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आती और विकास को अवरुद्ध करने की कोशिश करती है। सपा पर विकास विरोधी होने का सीएम ने लगाया आरोप सीएम योगी ने सपा पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि चाहे संभल हो, बहराइच हो या गोरखपुर, सपा हर जगह नकारात्मक राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार विकास कराना चाहती है, लेकिन सपा को यह बुरा लगता है। 

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री

‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस, यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री 09 अगस्त, 1925 को महान क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं को बलिदान किया, उनके जज्बे का ही परिणाम था कि देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया ़ भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से 13 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया स्वदेशी हमारे जीवन का ध्येय और मंत्र बननी चाहिए, आजादी का यही संदेश कि हम जिएं तो स्वदेशी के लिए और मरें तो अपने देश के लिए  भले ही तात्कालिक रूप से कुछ महंगा हो, लेकिन हम स्वदेशी उपहार ही खरीदें  अमर क्रान्तिकारियों के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त करते हुए सरकार ‘काकोरी ब्राण्ड’ का आम पूरी दुनिया में पहुंचा रही   प्रधानमंत्री जी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाए जाने के संकल्प को सफल बनाना ही अपने क्रान्तिकारियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि : उपमुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया  लखनऊ      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का समापन कार्यक्रम है। आज से 100 वर्ष पहले 09 अगस्त, 1925 को काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से उस समय के महान क्रान्तिकारियों ने भारत की जनता के खून-पसीने की कमाई को इंग्लैंड ले जाने का कुत्सित प्रयास करने वाली ब्रिटिश हुकूमत के खजाने को अपने कब्जे में लेकर क्रान्तिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया था।     मुख्यमंत्री जी आज यहां काकोरी शहीद स्मारक, लखनऊ में ‘काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के समापन समारोह एवं वीरों को नमन’ कार्यक्रम के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने पुस्तक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन-साहस, बलिदान एवं आजादी की कहानी’ का विमोचन भी किया।      मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार, उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी एवं सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गयी काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद स्मारक प्रांगण में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री जी ने फोटो बूथ पर सेल्फी ली तथा बालिकाओं से राखी बंधवाई। समारोह में संस्कृति विभाग के तत्वावधान में 100 कलाकारों द्वारा ‘काकोरी की अमर गाथा’ नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गयी। इस अवसर पर काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।       मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस पूरे अभियान को नेतृत्व प्रदान करने वाले पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठा0 रोशन सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी सहित क्रान्तिकारियों की एक लम्बी श्रृंखला थी, जिन्हें ब्रिटिश हुकूमत ने अलग-अलग जेलों में बन्द करके, बिना सुनवाई का अवसर दिये ही फांसी के फंदे पर पहुंचाने का काम किया था। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर जेल में फांसी दी गई। इसी प्रकार अन्य क्रान्तिकारियों को गोण्डा, फैजाबाद और नैनी जेल में फांसी दी गई। चन्द्रशेखर आजाद ब्रिटिश हुकूमत के हाथ नहीं पड़े, बल्कि उन्होंने मुकाबला करते हुए स्वयं वीरगति प्राप्त की। आज का यह शताब्दी महोत्सव उन महान क्रान्तिकारियों के स्मरण का एक महान दिवस है। यह वर्तमान पीढ़ी के लिए एक नई प्रेरणा भी है।          मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्रान्तिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत के मात्र 4,600 रुपए के खजाने को अपने कब्जे में लिया था, जबकि इन क्रान्तिकारियों को पकड़ने और बिना सुनवाई उन्हें फांसी देने के लिए ब्रिटिश हुकूमत ने 10 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की थी। आज से 100 वर्ष पहले देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रान्तिकारियों का स्मरण करने और उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए हर भारतवासी को प्राणप्रण से जुटना चाहिए। आज का यह समारोह इसी संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है।      मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महान क्रान्तिकारियों ने देश को ब्रिटिश हुकूमत से मुक्त कराने के लिए स्वयं की परवाह किए बगैर राष्ट्रभक्ति के भाव से अपने आप को बलिदान किया। आजादी के लिए हर कीमत चुकाने के उनके जज्बे का ही परिणाम था कि यह देश वर्ष 1947 में आजाद हो गया। हमारा यह संकल्प होना चाहिए कि राष्ट्रभक्ति का यह ज्वार जन-जन के हृदय में प्रतिष्ठित हो। इसके लिए एकता और गर्व के प्रतीक तिरंगे को हर घर तक पहुंचाना है।      भारत की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा झण्डा हमारा राष्ट्रीय प्रतीक है। हर घर तिरंगा फहराकर हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करना है, जिनके बलिदान से हमारा देश आज स्वतन्त्र है तथा भारत की एकता और अखण्डता सुनिश्चित हुई है। जब हम इस संकल्प से कार्य करेंगे, तो जिन महान उद्देश्यों के लिए क्रान्तिकारियों ने अपने आप को बलिदान किया था, वह महान उद्देश्य आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के विजन के रूप में स्वतःस्फूर्त भाव से आगे बढ़ेगा।     मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर भारतवासी ने भारत की सेना के शौर्य और पराक्रम का सदैव सम्मान किया है। हाल ही में भारत के बहादुर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश द्वारा भारत पर थोपे गए युद्ध का जवाब पूरी तत्परता से दिया। पूरी दुनिया ने भारत के शौर्य और सामर्थ्य का लोहा एक बार फिर से माना है। अपने सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने हर भारतवासी से आह्वान … Read more

विकसित भारत-विकसित यूपी विजन 2047 पर मुख्यमंत्री योगी ने की उच्च स्तरीय बैठक

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन डॉक्यूमेंट, प्रदेश में बाढ़ की स्थिति एवं राहत कार्य, रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा सुविधा और आगामी विधानमंडल सत्र की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार एक दीर्घकालिक विकास योजना ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ तैयार कर रही है, जो उत्तर प्रदेश के भविष्य की दिशा और विकास के रोडमैप को निर्धारित करेगी। यह दस्तावेज़ राज्य के भविष्य की दिशा तय करेगा और आने वाले वर्षों में किन क्षेत्रों में कैसे काम होगा, इसका रोडमैप बनेगा। विधानमंडल सत्र में 24 घंटे की चर्चा, विभागों को 8 साल का लेखा-जोखा देने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बताया कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047′ के तहत आगामी विधानमंडल सत्र में इस दस्तावेज पर 24 घंटे की विशेष चर्चा प्रस्तावित है। इसके लिए सभी विभागों को बीते आठ वर्षों के काम का सारांश तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जनता को बताया जा सके कि किस विभाग ने क्या काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विजन डॉक्यूमेंट में जनता की राय को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही एक क्यू-आर कोड जारी किया जाएगा, जिसे कार्यालयों, अस्पतालों और बस अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जाएगा ताकि आम लोग भी अपनी राय दे सकें। बाढ़ प्रभावित जिलों में समुचित राहत और बचाव के निर्देश दिए बैठक में मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम हर समय सक्रिय रहें और हर बाढ़ पीड़ित तक राहत सामग्री पहुंचे। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा। रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर घोषणा की है कि 8 अगस्त की सुबह से लेकर 10 अगस्त के रात बाहर बजे तक माताओं-बहनों को यूपी रोडवेज और नगरीय बस सेवाओं में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग को पर्याप्त और फिट बसों के संचालन के निर्देश दिए। साथ ही आरटीओ और एआरटीओ को फील्ड में रहकर व्यवस्था संभालने को कहा गया है ताकि ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति न बने। अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने और बेहतर संवाद के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधानमंडल सत्र में विधायकों के प्रश्नों के उत्तर तार्किक, सटीक और संतुलित होने चाहिए। उन्होंने कहा है कि विभाग प्रमुख अपने मंत्रियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें और समय पर निर्णय लेकर कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएं। इस बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव संजय प्रसाद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग स्कॉलरशिप योजना को हरी झंडी, यूपी के छात्र कर सकेंगे UK में मास्टर्स

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विदेश में पढ़ाई का सपना देख रहे मेधावी छात्रों को बड़ी सौगात दी है। अब प्रदेश के होनहार छात्रों को यूनाइटेड किंगडम (UK) में मास्टर डिग्री के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना समेत कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा दो सप्लीमेंटरी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। स्कॉलरशिप योजना को मंजूरी कैबिनेट ने ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना’ को हरी झंडी दी। इस योजना के तहत हर साल प्रदेश के पांच मेधावी छात्रों को UK के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में एक साल की मास्टर्स डिग्री के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। यूपी सरकार देगी UK में मास्टर्स के लिए स्कॉलरशिप, कैबिनेट ने दी मंजूरी इस योजना को यूके के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) के सहयोग से चलाया जाएगा। लाभार्थियों का चयन यूपी सरकार और एफसीडीओ के बीच होने वाले एमओयू के तहत किया जाएगा। खर्च का ब्योरा     प्रति छात्र कुल खर्च: 38,048 पाउंड से 42,076 पाउंड (लगभग ₹40 लाख)     राज्य सरकार का योगदान: 19,800 पाउंड (करीब ₹23 लाख)     शेष राशि एफसीडीओ द्वारा वहन की जाएगी     खर्च में शामिल: ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क, शोध शुल्क, मासिक भत्ता, और आने-जाने का हवाई किराया (इकोनॉमी क्लास) कब से लागू होगी योजना? यह छात्रवृत्ति योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी और तीन साल तक (2025-26, 2026-27, 2027-28) प्रभावी रहेगी। 2028-29 के लिए योजना को जारी रखने हेतु 30 मार्च 2028 तक नवीनीकरण करना होगा। अब ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की गई घरौनी को संपत्ति का वैध दस्तावेज माना जाएगा। इसके आधार पर बैंक लोन भी लिया जा सकेगा लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई। प्रदेश के 62 जिलों में खराब राजकीय नलकूपों के रीबोर का प्रस्ताव पास किया गया। FRBM एक्ट की सीमा 3 से बढ़ाकर 3.5 कर दी गई। राज्य में दो नए निजी विश्वविद्यालयों को स्थापित करने की अनुमति दी गई है। यूपी सरकार के ये फैसले शिक्षा, ग्रामीण विकास और अधोसंरचना सुधार की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। खासकर चिवनिंग स्कॉलरशिप योजना के जरिए प्रदेश के मेधावी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सपने साकार करने का अवसर मिलेगा।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य अलर्ट! योगी सरकार ने शुरू की विशेष निगरानी व्यवस्था

लखनऊ उत्तर प्रदेश के अधिसंख्य जिलों में बारिश का दौर थमने के साथ ही नदियों का जलस्तर में गिरावट से फौरी राहत मिली है हालांकि बाढ़ग्रस्त इलाकों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा गहराने लगा है। लखनऊ,कानपुर,उन्नाव,जालौन,बाराबंकी और प्रयागराज समेत कई जिलों में आज बादलों की आमद पिछले दिनो की अपेक्षा कम रही और धूप खिलने से लोगों को राहत मिली। प्रयागराज,कानपुर,वाराणसी और कन्नौज समेत कई जिलों में गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गयी हालांकि घाघरा और शारदा नदियों में कटान के चलते सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि पानी में समायी रही। प्रयागराज से प्राप्त रिपोटर् के अनुसार गंगा और यमुना नदिया अब खतरे के निशान के नीचे पहुंच गई है। बीते 24 घंटे में गंगा नदी का फाफामऊ में जलस्तर 155 सेंटीमीटर और छतनाग में 146 सेंटीमीटर कम हुआ है जबकि नैनी में यमुना नदी का जलस्तर बीते 24 घंटे में 123 सेंटीमीटर कम हुआ है। यमुना नदी का जलस्तर 5.12 सेंटीमीटर प्रति घंटा और गंगा नदी का जलस्तर 6.45 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा है हालांकि अभी भी दर्जनों मोहल्ले और गांव बाढ़ की चपेट में है। इन इलाकों में अभी भी नावें चल रही हैं अभी भी बड़ी संख्या में लोग बाढ़ राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं लेकिन जिस रफ्तार से जलस्तर कम हो रहा है। वाराणसी में केंद्रीय जल आयोग की रिपोटर् के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटने लगा है। गंगा का जलस्तर आज 71.58 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही अब संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ कम होने पर संक्रामक रोगों को रोकने के उपायों पर चर्चा की है। जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी कम हो रहा है, वहां नगर निगम की टीमें सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कर रही हैं। वरुणा नदी के किनारे नक्खी घाट, पुलकोहना, शक्कर तालाब और शहरी क्षेत्रों में सामने घाट, अस्सी, नगवा जैसे इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।   

संभल में धार्मिक स्थलों के लिए 659 करोड़ की योजना, योगी बोले– होगा भव्य विकास

सम्भल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज  में 659 करोड़ की 222 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास किया,  इस अवसर पर उन्होंने सम्भल में उत्खनन के दौरान प्राप्त पुरातात्विक अवशेषों का निरीक्षण किया एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं किट का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा सम्भल तो हम सभी के लिए आस्था का प्रतीक है, उन्होंने कहा हरि और हर यानि विष्णु और शिव दोनों का जहाँ एक साथ दर्शन हो सके वो है हरिहर, वो है सम्भल, विष्णु का अवतार इसी सम्भल में होगा, हमारे ग्रंथों ने ये माना है लेकिन कुछ लोगों को ये विवादित विषय लगता है क्योंकि जिनकी प्रष्ठभूमि ही विवादित है उन्हें हिन्दू परंपरा में विवाद नजर आता है लेकिन ये विवाद का विषय नहीं हो सकता। सम्भल की विरासत को वापस सहेजा जायेगा  योगी ने कहा सम्भल एक सच्चाई है, इसका उल्लेख ग्रंथों में है, यहाँ 68 तीर्थ थे 19 कूप थे,  परिक्रमा का मार्ग था सब कुछ था लेकिन बर्बर विदेशी आक्रान्ताओं ने इसे नष्ट कर दिया, अपवित्र किया, उसके बाद कब्ज़ा किया, मार्ग तोड़ दिया गया, 24 कोस और 84 कोस के मार्ग को बाधित किया गया इस सच को छिपाने का कुत्सिक प्रयास किया लेकिन लोकमाता अहिल्बाई ने इसके पुनरुद्धार का कार्य, उसके बाद भी सम्भल की विरासत के साथ खिलवाड़ जारी रहा लेकिन लेकिन अब हमारी सरकार ने तय किया है कि 68 के 68 तीर्थों, 19 के 19 कूपों, परिक्रमा मार्ग के पुनरुद्धार का कार्य डबल इंजन सरकार कराएगी। पाप करने वालों को उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी  जिन लोगों ने सम्भल के साथ पाप किया था, उनको उसके पाप की सजा मिलेगी, जिन लोगों ने भी सम्भल को विकास से वंचित किया था, उनको इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी, जो लोग सम्भल दंगाग्रस्त करते थे सनातन धर्म के इन पवित्र स्थलों को अपवित्र करते थे उन्हें इसकी कीमत तो चुकानी पड़ेगी और आपको इसी बात का आश्वासन देने के लिए संभल आना पड़ा है। विरासत को कलंकित करने वालों को सबक सिखाएंगे योगी ने कहा हम विकास भी करेंगे और लोक-कल्याण भी करेंगे, बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ भी जन-जन को प्रदान करेंगे व भारत की विरासत को कलंकित करने वालों को सबक भी सिखाएंगे। उन्होंने कहा आज भगवान कल्कि की पावन धरा जनपद सम्भल के जिलाधिकारी कार्यालय एवं एकीकृत आवासीय भवन के साथ ही विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा पावन पर्व रक्षाबंधन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पूर्व प्राप्त इन सौगातों के लिए जनपद वासियों एवं लाभार्थियों को हार्दिक बधाई व शुभकामना देता हूँ।

आवास योजना में राहत! सीएम योगी ने लॉन्च की सस्ती घर योजना, जानें पूरी डिटेल

आगरा आगरा के ग्वालियर हाइवे स्थित ककुआ और भांडई में विकसित होने जा रही अटलपुरम टाउनशिप के पहले चरण में सेक्टर-1 में 322 भूखंडों की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुक्रवार से शुरू होंगे। बुधवार को एडीए में तैयारियां पूर्ण हो गईं।   भूखंड खरीद के लिए आवेदन सिर्फ ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। एडीए की वेबसाइट www.adaagra.org.in और जनहित पोर्टल https://janhit.upda.in पर पंजीकरण होंगे। पंजीकरण के लिए 1100 रुपये ब्रोशर शुल्क और भूखंड मूल्य का सामान्य श्रेणी में 10 प्रतिशत, आरक्षित श्रेणी में 5 प्रतिशत धनराशि जमा करानी होगी। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद लॉटरी ड्राॅ खुलेगा। लॉटरी ड्राॅ के माध्यम से ही भूखंड आवंटन होगा। सेक्टर-1 के बाद सेक्टर-2 और 3 के पंजीकरण खोले जाएंगे। फिलहाल सिर्फ आवासीय भूखंडों की बिक्री होगी।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अटलपुरम टाउनशिप योजना की लाॅन्चिंग की। बुधवार को जयपुर हाउस स्थित एडीए दफ्तर में दिनभर पंजीकरण शुरू कराने की कवायद चलती रही। एडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि नियम व शर्तें जारी हो गई हैं। पंजीकरण के लिए दोनों ऑनलाइन पोर्टल व वेबसाइट पर सेक्टर-1 के भूखंडों का ब्योरा फीड कराया जा रहा है। आरक्षण श्रेणी के अनुसार ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी भूखंडों की बिक्री होगी।   ऋण से लेकर हेल्प डेस्क की सुविधा एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि भूखंडों की बिक्री के लिए 6 सदस्यीय टीम बनाई है। एक हेल्प डेस्क खोली जाएगी। एक व्यक्ति संपत्ति विभाग, एक साइट पर, एक बैंक ऋण और एक हेल्प डेस्क पर तैनात रहेगा। किसी भी कार्य दिवस में खरीद के इच्छुक व्यक्ति साइट का निरीक्षण कर सकते हैं। भूखंडों की बिक्री जहां है जैसा है के आधार पर होगी।   ताजमहल से 12, हवाई अड्डे से 15 किमी. की दूरी अटलपुरम टाउनशिप ग्वालियर हाईवे स्थित ककुआ और भांडई गांव में बन रही है। इसकी ताजमहल से 12 किमी. और हवाई अड्डे से 15 किमी. दूरी है। ईदगाह बस स्टैंड और कैंट रेलवे स्टेशन से 12 किमी. दूरी पर स्थित अटलपुरम के पास भांडई रेलवे जंक्शन होगा। इसे एनएच-44 के अलावा इनर रिंग रोड के रास्ते लखनऊ और नोएडा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा।   भूखंडों का क्षेत्रफल   भूखंड श्रेणी क्षेत्रफल भूखंडों की संख्या दर प्रति वर्गमीटर पंजीकरण शुल्क आरक्षित के लिए पंजीकरण शुल्क सामान्य ईडब्ल्यूएस 33 से 40 वर्ग मी. 81 29,500 59,000 रु 1,18,000 रु. एलआईजी 41 से 50 वर्ग मी. 78 29,500 रु 73,750 रु 1,47,500 रु. एमआईजी-1 51 से 75 वर्ग मी. 75 29,500 रु 1,10,625 रु 2,21,250 रु. एमआईजी-3 101 से 150 वर्ग मी 80 29,500 रु 2,21,250 रु 4,42,500 रु. एचआईजी: 151 से 300 वर्ग मी 8 29,500 रु 4,42,500 रु 8,85,000 रु.   भूखंडों के लिए आरक्षण चार्ट – अनुसूचित जाति: 21 प्रतिशत – अनुसूचित जनजाति: 2 प्रतिशत – अन्य पिछड़ा वर्ग: 27 प्रतिशत – सांसद, विधायक व स्वंतत्रता सेनानी: 5 प्रतिशत – 50 वर्ष से अधिक आयु के सरकारी व सुरक्षा सेवा कर्मचारी: 5 प्रतिशत – आवास विकास, प्राधिकरण, जलकल व नगर निगम व निकाय कर्मियों के लिए: 2 प्रतिशत – दिव्यांगजन: 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण – वरिष्ठ नागरिक: 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण  

कब्जा हटाने के आदेश में आपत्तिजनक भाषा, यूपी अफसर पर कार्रवाई, सीएम योगी का त्वरित एक्शन

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग के एक हालिया आदेश को लेकर कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें ग्राम पंचायत की भूमि से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया को जाति व धर्म विशेष से जोड़कर निर्देशित किया गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आदेश को पूर्वाग्रह से प्रेरित और अस्वीकार्य मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्देश दिया है. साथ ही इस आदेश के लिए जिम्मेदार संयुक्त निदेशक (पंचायती राज) सुरेंद्र नाथ सिंह को निलंबित कर दिया गया है. पंचायती राज विभाग की ओर से जारी यह पत्र प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, मंडलीय उपनिदेशकों और जिला पंचायत राज अधिकारियों को भेजा गया था. इसमें प्रदेश की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों की सार्वजनिक भूमि, जैसे कि ग्राम सभा की भूमि, पोखरे, खलिहान, खाद गड्ढे, श्मशान भूमि आदि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, पत्र की भाषा में विशेष रूप से यादव जाति और मुस्लिम धर्म के लोगों द्वारा किए गए कथित कब्जे का उल्लेख किया गया, जिसे लेकर कई स्तरों पर आपत्ति दर्ज की गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित आदेश को न केवल संविधान की भावना के विरुद्ध बताया, बल्कि यह भी कहा कि सरकारी नीतियां किसी भी समुदाय या वर्ग के प्रति पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं हो सकतीं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन सभी के लिए समान रूप से लागू होता है और किसी भी प्रकार की कार्रवाई पूरी तरह से तथ्यों, साक्ष्यों और नियमों के अनुसार होनी चाहिए न कि जातिगत या धार्मिक पहचान के आधार पर. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की भाषा, जो सामाजिक समरसता को प्रभावित कर सकती है, का प्रयोग किसी भी सरकारी पत्राचार में न किया जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी है कि शासन की ओर से कोई भी निर्णय लेते समय संवैधानिक मूल्यों, निष्पक्षता और प्रशासनिक मर्यादा का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए.

योगी सरकार की सख्ती जारी, दालमंडी के अतिक्रमण चिन्हित; कार्रवाई की तैयारी

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने कई आवश्यक दिशा निर्देश दिया हैं. इसमें सबसे प्रमुख  वाराणसी के चर्चित दाल मंडी बाजार को लेकर सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि बारिश के बाद सड़क चौड़ीकरण कार्य को शुरू किया जाए. इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर भी पैनी नजर रखने के साथ-साथ सख़्ती से निपटने का आदेश दिया है. बारिश के बाद शुरू होगा दालमंडी का चौड़ीकरण कार्य वाराणसी के सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि अराजकता फैलाने वाले और कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित करके कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके अलावा वाराणसी के सबसे बड़े थोक मार्केट दालमंडी पर होने वाले चौड़ीकरण कार्य को लेकर सीएम योगी ने दिशा निर्देश देते हुए कहा है कि – दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण कार्य को बारिश के बाद तत्काल शुरू किया जाए. दालमंडी चौड़ीकरण अभियान काफी सुर्खियों में रहा है. दरअसल यहां पर सैकड़ो ऐसे दुकान मकान और धार्मिक स्थल हैं जो इस अभियान के जद में आ सकते हैं.  माहौल बिगड़ता वालों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए – सीएम योगी अधिकारियों संग बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखी जाए और उनसे पूरी तरह सख्ती से निपटा जाए. जातिगत विषय आधारित मुद्दों पर अराजकता फैलाने वाले, कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित करके कठोर कार्रवाई के लिए सीएम योगी ने दिशा निर्देश दिया है. इसके अलावा विकास परियोजनाओं को लेकर भी स्पष्ट किया कि 24 बड़ी परियोजनाएं गतिमान है जिनकी कीमत लगभग 15000 करोड रुपए है. वाराणसी के सभी परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए निर्देश दिया है.