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₹4,613 करोड़ का एक्सप्रेसवे बदलेगा सफर, आगरा से ग्वालियर सिर्फ 1 घंटे में

आगरा
 आगरा से ग्वालियर का सफर मात्र 60 मिनट में पूरा होने वाला है। 88 किलोमीटर लंबा, छह लेन का एक्सप्रेसवे तीन राज्यों को जोड़ेगा। यानि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश को कनेक्टिविटी मिलेगी। आगरा ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे ईधन और समय दोनों की बचत करेगा। अभी यह सफर तय करने में तीन घंटे से अधिक का समय लगता है। चंबल नदी पर 1600 मीटर लंबा हैंगिंग पुल बनेगा। आगरा के 14, धौलपुर राजस्थान और मुरैना मध्य प्रदेश के 30 गांवों से गुजरेगा।

आगरा से ग्वालियर की दूरी 33 किमी कम हो जाएगी। सिर्फ एक घंटे के अंदर ग्वालियर पहुंचा जा सकेगा। आगरा से ग्वालियर की दूरी 121 किमी है। चार लेन की रोड से इस दूरी को तय करने में अभी दो से ढाई घंटे लगते हैं।

आगरा में अवंतीबाई चौराहा से मधुनगर होते हुए ग्वालियर हाईवे मुरैना और धौलपुर के आबादी क्षेत्रों से होता हुआ निकलता है, जिसके कारण जाम के हालात बने रहते हैं।
आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड-एक्सप्रेसवे तीन तहसीलों से गुजरेगा।

47 पुलिया, चार छोटे और पांच बड़े पुल बनेंगे
आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे जिले की तीन तहसीलों से होकर गुजरेगा। तहसील सदर, फतेहाबाद और खेरागढ़ के 15 गांवों की 117.83 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा। ग्वालियर स्थित सुसेरा गांव में वर्तमान ग्वालियर हाईवे से जोड़ा जाएगा। एक्सप्रेस-वे में 47 पुलिया, चार छोटे और पांच बड़े पुल बनेंगे। आगरा में तहसील सदर के तीन, फतेहाबाद के पांच और खेरागढ़ के सात गांवों की कुल 117.83 हेक्टेयर भूमि इस प्रोजेक्ट में ली गई है। आगरा में एक्सप्रेस-वे की लंबाई 22 किमी प्रस्तावित है और इसे ऊंचाई पर बनाया जाएगा। दो से तीन मीटर की दीवार भी बनाई जाएगी। इससे जानवर सीधे एक्सप्रेस-वे पर नहीं पहुंच सकेंगे।

1.24 लाख पौधे भी लगाए जाएंगे
पर्यावरण के नजरिए से 1.24 लाख पौधे भी लगाए जाएंगे और उनकी ठीक तरीके से देखभाल की जाएगी। एक्सप्रेसवे का निर्माण खत्म होने से पूर्व चार औद्योगिक जोन चिन्हित कर विकसित किया जाएगा। जोन को एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड से जोड़ा जाएगा। इससे वाहनों का आवागमन आसानी से हो सकेगा। जोन बनने से फैक्ट्री लगेंगी और इससे रोजगार के अवसर विकसित होंगे। यह जोन उप्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बनेंगे। रास्ते में मुसाफिरों के रुकने और स्वल्पाहार आदि के लिए दो ट्रंपेट भी तैयार किए जाएंगे यानी कि मुख्य एक्सप्रेसवे से अलग रोड निकालकर साइड में शौचालय और रेस्टोरेंट-कैफे जैसी सुविधा रहेगी।

छह बड़े जंक्शन रहेंगे
इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे में छह बड़े जंक्शन रहेंगे। यानी जहां से वाहन चढ़ और उतर सकेंगे। इसमें मुरैना, धौलपुर सिटी, धौलपुर में स्टेट हाईवे क्रमांक दो, धौलपुर बाइपास रोड पर महाराजपुरा गांव, आगरा के जाजऊ और आगरा बाइपास की ओर बाद में रहेगा। इसके अलावा, 131 छोटे जंक्शन भी चिह्नित किए गए हैं, जो एक्सप्रेस वे के आसपास के गांवों से गुजरने वाली सड़कें हैं, लेकिन इन सड़कों का प्रवेश एक्सप्रेस वे पर नहीं रहेगा।

ये भी जानिए
    4613 करोड़ रुपये से बन रहा है ग्वालियर-आगरा एक्सप्रेसवे
    88 किमी लंबा है एक्सप्रेसवे
    121 किमी है वर्तमान फोरलेन हाईवे की लंबाई
    33 किमी कम हो जाएगी आगरा से ग्वालियर की दूरी
    60 मिनट आगरा से ग्वालियर पहुंचने में लगेंगे
    88.400 किमी लंबे एक्सप्रेस वे पर 36 बस स्टॉप भी तैयार किए जाएंगे।
    माल ढुलाई करने वाले ट्रकों के रुकने के लिए अलग से तीन लंबाई रोड का भी प्रस्ताव

आगरा ही नहीं दिल्ली और देहरादून भी
अभी ग्वालियर-आगरा फोरलेन हाईवे की लंबाई 121 किमी है। इस नए एक्सप्रेसवे के जरिये आगरा से यमुना एक्सप्रेस-वे पर जा सकेंगे। यमुना एक्सप्रेस वे पर जेवर के पास इंटरचेंज से ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर पहुंच सकते हैं। इससे हरिद्वार-देहरादून तक की दूरी कम हो सकेगी। अभी सड़क मार्ग से जाने वाले लोगों को नोएडा, गाजियाबाद होकर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर पहुंचना पड़ता है।

ग्वालियर से 564 किलोमीटर की दूर है देहरादून
ग्वालियर से देहरादून तक की दूरी 564 किमी है, लेकिन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे तैयार होने से आगरा की दूरी जहां 33 किलोमीटर कम होगी, तो वहीं ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे होते हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का इस्तेमाल करने पर देहरादून तक की दूरी 39 किमी कम हो जाएगी। दिल्ली से देहरादून की दूरी 249 किमी है, लेकिन ट्रैफिक के चलते देहरादून तक पहुंचने में छह घंटे लगते हैं।

इकोनॉमिक कॉरिडोर से घट गया समय
इकोनॉमिक कॉरिडोर से यह दूरी जहां 210 किमी रह गई है। देहरादून तक पहुंचने में सिर्फ ढाई घंटे का समय लगता है। ग्वालियर से देहरादून तक पहुंचने में जहां 10:45 घंटे लगते हैं। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनने से जहां दिल्ली तक तीन घंटे, तो वहीं दिल्ली से देहरादून तक सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पहुंच सकेंगे।

 

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