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झारखंड के जंगलों में सफारी का रोमांच शुरू, 2028 तक बनेगी टाइगर सफारी

रांची
झारखंड के जंगलों में रोमांच और वन्यजीवों के करीब जाने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मौसम और तैयारियों ने इस बार सफारी का रास्ता समय पर साफ कर दिया है। वहीं, जंगल पर्यटन को लेकर वन विभाग की तैयारियां सिर्फ सफारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भी कई योजनाओं पर काम तेज हो गया है।

राज्य के जंगलों में होने वाली सफारी एक अक्टूबर से प्रारंभ हो जाएगी। पिछले साल पीटीआर और दलमा में सफारी अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से शुरु की गई थी, लेकिन इस साल मौसम साफ रहने और कच्ची मिट्टी के ट्रैक की समय पर मरम्मत हो जाने की वजह से सही समय पर सफारी प्रारंभ हो रही है। इसके लिए आनलाइन बुकिंग भी हो रही है।

मुख्य वन संरक्षक, वन्य प्राणी एसआर नटेश ने बताया कि जंगल सफारी में वन प्रबंधन ने खुले वाहन से सफारी का रोमांचक प्रयोग किया है। इस साल भी पर्यटकों को बैटरी आधारित नए वाहन से जंगलों का सौंदर्य देखने को मिलेगा। मानसून ब्रेक के दौरान वन विभाग वन्यजीवों के आंकड़े जुटाता है।

अक्टूबर के दूसरे सप्ताह कर इसकी जानकारी केंद्रीय वन्यजीव प्रबंधन संस्थान को दी जाएगी। दिसंबर में केंद्र सरकार की तरफ से ये आंंकड़े जारी किए जाते हैं।

नए सफारी पर तेजी से चल रहा काम
राज्य सरकार ने लातेहार जिले में टाइगर सफारी बनाने की घोषणा की है। इसके लिए वन विभाग की उपलब्ध जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। वर्ष 2028 के पहले टाइगर सफारी को प्रारंभ करने की योजना है। नवंबर में केंद्रीय वन्य जीव संस्थान की टीम प्रस्तावित स्थल का दौरा करने आएगी। इसके साथ ही गिरिडीह और दुमका में बनने वाले चिड़ियाघर के लिए भी डीपीआर तैयार की जा रही है।

 

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