samacharsecretary.com

सैलरी बढ़ोतरी की मांग पर कर्मचारी अड़े, फैक्ट्रियों में काम रुकने से पुलिस पर पत्थरबाजी

 नोएडा
    नोएडा में मंगलवार को भी प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों  के साथ झड़प भी हो गई. जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल भी प्रयोग किया. सोमवार को जहां उग्र प्रदर्शन और तोड़फोड़ के बाद यूपी सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर दी है. बावजूद इसके प्राइवेट कर्मचारी संतुष्ट नहीं हैं. उनकी मांग है कि 11 हजार में दम नहीं है, न्यूनतम मजदूरी 20 हजार से कम नहीं होनी चाहिए. क्योंकि 20 हजार रुपये से कम में खुद का और परिवार का पेट पालना मुश्किल है। 

नोएडा फेस 2 में कर्मचारियों के प्रोटेस्ट का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसमें वे नारे लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि 11 हजार में दम नहीं और 20 हजार से कम नहीं. आपको बता दें कि भारी विरोध कर्मचारी उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरी दरों में बढ़ोतरी करने का आदेश दिया था. नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. अलग-अलग श्रेणियां में अधिकतम करीब 3000 तक इजाफा हुआ है. यह तात्कालिक फैसला है, आगे व्यापक समीक्षा के बाद वेज बोर्ड के माध्यम से स्थाई समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 

फैक्ट्रियों में काम करने नहीं पहुंचे मजदूर
प्राइवेट कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के कारण वर्तमान वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो गया है. उनका दावा है कि अन्य औद्योगिक इकाइयों में समान कार्य के लिए अधिक सैलरी दी जा रही है. जिससे वे खुद को असमान स्थिति में महसूस कर रहे हैं. वहीं, कुछ श्रमिक संगठनों ने भी कर्मचारियों के समर्थन में आवाज उठाई है और उचित वेतन निर्धारण की मांग की है। 

हालांकि फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि अचानक इतनी बड़ी वेतन वृद्धि संभव नहीं है, क्योंकि इससे उत्पादन लागत पर सीधा असर पड़ेगा. प्रबंधन ने संकेत दिया है कि वे कर्मचारियों से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन किसी भी निर्णय के लिए समय की आवश्यकता होगी। 

 'बाहरी' लोगों ने भड़काई हिंसा
गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सोमवार रात पत्रकारों को बताया कि बाहरी जिलों से आए एक ग्रुप ने पड़ोसी जिलों की सीमाओं पर हंगामा किया. उन्होंने कहा, 'मजदूरों के शांतिपूर्वक चले जाने के बाद, बाहर से आए इस समूह ने लोगों को उकसाया और हिंसा भड़काने की कोशिश की.' पुलिस ने इनमें से कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है और बाकी की पहचान की जा रही है। 

आहूजा फैक्ट्री के कर्मचारियों की मांगें
नोएडा में आहूजा फैक्ट्री के कर्मचारी फैक्ट्री के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. कई मजदूर नई बढ़ोतरी पर सहमत नहीं है. कुछ मजदूर चाहते हैं सरकार के नए रेट कंपनी के मेन गेट पर नोटिस के रूप में लगाए जाए. मजदूरों का कहना है कि कंपनियों में कुशल और अकुशल कारीगरों का एक समान भत्ता हो. उनका आरोप है कि नौ महीनों में ही नौकरी टर्मिनेट करके दोबारा जॉइन कराई जाति है ताकि भत्ता ना बढ़ाना पड़े. अप्रेंटिस के दौरान 90 रुपए प्रति घंटे का भत्ता दिया जाता है लेकिन साल भर बाद घटकर 50 रुपए हो जाता है. मजदूरों की चिंता है अगर सरकारी भत्ता बढ़ाकर लागू किया गया तो कंपनियां कई मजदूरों को नौकरी से भी निकालेंगी। 

 नोएडा-सेक्टर 80 में पत्थरबाजी
नोएडा के सेक्टर 80 में भी मजदूरों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है. कुछ मजदूरों ने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की है. पुलिस हालात को काबू करने की कोशिश कर रही है। 

हिंसक प्रदर्शन मामले में 7 पर FIR
सोमवार को हुए जोरदार प्रदर्शन को लेकर पुलिस का दावा है कि कर्मचारियों के प्रदर्शन बंद करने के बाद कुछ 'बाहरी' लोगों ने अशांति फैलाने की कोशिश की. इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 7 एफआईआर दर्ज की हैं और कई लोगों को हिरासत में भी लिया है। 

प्रदर्शन के चलते उत्पादन हुआ ठग
इस विवाद के कारण कई फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप हो गया है, जिससे आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है. स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने की पहल शुरू कर दी है. हालांकि अभी भी यह विवाद सुलझा नहीं है। 

वहीं नोएडा में सोमवार को हुए हिंसा के मामले में अब तक 350 को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार लोगों को जेल भी भेज दिया गया है. वहीं प्रदर्शन में शामिल कई को हिरासत में लेकर भी पूछताछ की जा रही है. वबाल करने वाले अन्य की सीसीटीवी से पहचान की जा रही है। 

फैक्ट्री के बाहर टूटे पड़े हैं वाहन
नोएडा सेक्टर 63 में आगजनी के निशान अभी भी मौजूद हैं. सड़क के किनारे जली हुई कारें और फैक्टरियों के शीशे टूटे हुए पड़े हैं. एक पुलिसकर्मी ने बताया कि करीब 1 बजे लोग आए, बाहर सीसीटीवी तोड़ा फिर कूद के अंदर चले गए. 400 से 500 की भीड़ थी. सभी लोग अंदर दरवाजा बंद कर लिए और तोड़फोड़ करने लगे। 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here