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भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 3 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्‍थापित

दिन के टैरिफ में मिल रही 20 प्रतिशत की छूट भोपाल केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है तथा दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिलनी शुरू हो गई है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अब तक 3 लाख, 3 हजार 305 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्‍त में एक लाख, 62 हजार 320 स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्‍ता संतुष्‍ट हैं। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। जून माह का बिल जो कि जुलाई माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है।

दो सेवानिवृत्त अफसरों ने कायम की मिसाल, गांव में ‘प्रधान जी’ बने दो टॉप अफसर

देहरादून  उत्तराखंड के पहाड़ों से अक्सर पलायन की खबरें आती हैं। लोग बेहतर नौकरी, शिक्षा और जीवन के लिए अपने गाँव छोड़कर शहरों में बस जाते हैं। लेकिन इस बार एक अलग ही कहानी सामने आई है। यह कहानी सुखद है और लोकतंत्र में विश्वास को बढ़ाती है। उत्तराखंड में पंचायत चुनाव का प्रचार चल रहा है। इस दौरान दो ऐसे लोग सामने आए हैं, जिन्होंने सादगी और सेवा की मिसाल पेश की है। ये हैं रिटायर्ड कर्नल यशपाल नेगी और रिटायर्ड आईजी (IPS) विमला गुंज्याल। दोनों ही अफसर अब अपने-अपने गाँव में निर्विरोध प्रधान चुने गए हैं। कर्नल नेगी पौड़ी गढ़वाल जिले के बीरोंखाल ब्लॉक में और आईजी विमला गुंज्याल पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में प्रधान चुनी गई हैं। कर्नल नेगी पलायन से दुखी थे और आईजी विमला गुंज्याल अपने गांव की सेवा करना चाहती थीं। कर्नल यशपाल नेगी ने बताया कि वे पहाड़ पर क्यों लौटे। उन्होंने कहा कि वे देश के कई हिस्सों में रहे, लेकिन उनका दिल हमेशा गाँव में रहा। दिल्ली में रहने के दौरान भी वे हर महीने गाँव की बैठक में शामिल होते थे। इससे उन्हें लोगों से मिलने का मौका मिलता था। कर्नल नेगी कहते हैं, "पहाड़ का अपनापन, लोगों का प्यार तो उन्हें अपनी तरफ खींच ही लाया, साथ में पलायन एक मुद्दा था जो मुझे कचोटता था।" इसका मतलब है कि उन्हें पहाड़ के लोगों से बहुत प्यार है। साथ ही, वे पलायन की समस्या से भी परेशान थे। वे गाँव छोड़कर जा रहे लोगों को रोकना चाहते थे। कर्नल नेगी ने अपनी पत्नी को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनकी वजह से ही वे खाली जमीन को आबाद कर पाए। कर्नल नेगी ने बताया कि जब वे गाँव आए तो उन्होंने मिर्च की खेती शुरू की। पहले ही साल में उन्हें 70-80 हजार रुपये मिले। इससे उनका हौसला बढ़ गया। कर्नल नेगी ने गाँव की खाली पड़ी 45 नाली जमीन (लगभग ढाई एकड़) को जैविक खेती में बदल दिया। इससे उन्होंने कई युवा किसानों के लिए एक उदाहरण पेश किया। कर्नल नेगी ने लोगों से गाँव लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधान इसलिए चुना गया है क्योंकि लोगों ने उनका काम देखा है। उन्होंने फौज में नौकरी की है, इसलिए उनके पास काम का अनुभव है। वे आर्मी ऑर्डिनेंस कोर में थे, जो आर्मी के लिए सामान का प्रबंधन करती है। कर्नल नेगी ने कहा कि गाँव में छोटी-छोटी समस्याएं होती हैं। मुखिया इन समस्याओं को हल करने में मदद करता है। अगर गाँव समृद्ध होगा तो राज्य समृद्ध होगा और फिर देश समृद्ध होगा। उन्होंने चिंता जताई कि उनके यहाँ अधिकांश जमीन बंजर हो गई है। जल और जमीन दोनों ही कम हो रहे हैं। कर्नल नेगी ने कहा कि उनका सफर अब शुरू हुआ है और आगे देखते हैं क्या होता है। कर्नल नेगी चाहते हैं कि पहाड़ में वे लोग वापस आएं जो ऊंचे पदों पर रह चुके हैं और जिनके बच्चे अब सेटल हो चुके हैं। खासकर फौजी भाईयों को वापस आना चाहिए। कर्नल नेगी कहते हैं कि "वोकल फॉर लोकल" बोलना आसान है, लेकिन इसे सच में करना बहुत मुश्किल है। इसका मतलब है कि हमें अपने देश में बने सामान को खरीदना चाहिए। लेकिन ऐसा करना इतना आसान नहीं है। IPS ऑफिसर विमला गुंज्याल दूसरी कहानी है रिटायर्ड IPS अधिकारी विमला गुंज्याल की। वे पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजी विजिलेंस) थीं। उन्होंने 30 साल से ज्यादा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस विभाग में काम किया। रिटायर होने के बाद वे अपने गाँव लौट गईं। गुंजी गाँव पिथौरागढ़ जिले में धारचूला में भारत-चीन सीमा पर है। यह इलाका बहुत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति पदक से सम्मानित विमला गुंज्याल ने दिल्ली-देहरादून की आरामदायक जिंदगी नहीं चुनी। उन्होंने गाँव में जाकर बसने और गाँव की जिम्मेदारी संभालने का फैसला किया। गाँव वालों ने भी उन्हें पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निर्विरोध ग्राम प्रधान चुन लिया। कर्नल नेगी और आईजी गुंज्याल का यह प्रयास उत्तराखंड के गांवों में एक नई उम्मीद लेकर आया है। यह पलायन को रोकने और गांवों को फिर से आबाद करने में मदद कर सकता है। कर्नल यशपाल नेगी और आईजी विमला गुंज्याल की कहानी प्रेरणादायक है। यह दिखाती है कि अगर हम चाहें तो अपने गाँव और समाज के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि रिटायरमेंट के बाद भी जीवन में एक नया मकसद हो सकता है। उनका यह कदम उन लोगों के लिए एक मिसाल है जो अपने गाँव को छोड़कर शहरों में बस गए हैं। इन दोनों अफसरों ने दिखा दिया कि गाँव में रहकर भी तरक्की की जा सकती है। उन्होंने लोगों को यह भी बताया कि गाँव में बहुत संभावनाएं हैं। अगर हम सब मिलकर कोशिश करें तो हम अपने गाँव को फिर से समृद्ध बना सकते हैं।

‘प्लास्टिक मुक्त जुलाई’ मुहिम दिया मिर्जा को आई पसंद, बताया प्रेरणादायक

मुंबई,  एक्ट्रेस और पर्यावरण संरक्षण समर्थक दिया मिर्जा ने सोमवार को ‘प्लास्टिक मुक्त जुलाई’ मुहिम की सराहना की। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने इस कार्यक्रम को लेकर एक प्रेरणादायक बात कही। कहा कि मकसद लोगों को पर्यावरण की रक्षा करने के लिए जागरूक करना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि प्रकृति और पर्यावरण को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम युनाइटेड नेशंस हाउस (भारत में मौजूद) में आयोजित किया गया था। दिया मिर्जा ने अपनी पोस्ट में बताया कि हम जितना प्लास्टिक कचरा फैला रहे हैं, उसे संभालने की हमारी क्षमता बहुत कम है, और इस फर्क को जल्दी दूर करना जरूरी है। उन्होंने टाइड टर्नर्स प्लास्टिक चैलेंज की तारीफ की, जो संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) के नेतृत्व में एक वैश्विक पहल है। इसका मकसद युवाओं को प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ कदम उठाने के लिए प्रेरित करना है। दिया मिर्जा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “इस मंडे मोटिवेशन में मुझे विश्व पर्यावरण दिवस के कार्यक्रम की याद आ रही है, जो काफी प्रभावशाली था। इसमें बताया गया कि हम जितना कचरा बनाते हैं, उसे संभालने की हमारी ताकत उतनी नहीं है, और यह फर्क लगातार बढ़ता जा रहा है। मैं भारत में संयुक्त राष्ट्र भवन में एक कार्यक्रम में शामिल हुई, जहां लोग टाइड टर्नर्स प्लास्टिक चैलेंज का समर्थन करने के लिए इकट्ठा हुए थे। यह एक वैश्विक अभियान है। इसका मकसद युवाओं को प्लास्टिक प्रदूषण को लेकर जागरूक करना, उन्हें शिक्षित करना और उन्हें पर्यावरण रक्षक बनने के लिए प्रेरित करना है। दिया मिर्जा ने पोस्ट में आगे कहा, “जिन युवाओं ने बदलाव लाने का बीड़ा उठाया है, उनकी ऊर्जा और लगन बहुत ही प्रेरणादायक थी। अकेले भारत में ही 7 लाख से ज्यादा युवा इस अभियान से जुड़ चुके हैं। यह प्लास्टिक रहित साफ-सुथरे भविष्य की ओर बढ़ने वाला शानदार कदम है।” एक्ट्रेस ने कहा, “हम अब ‘प्लास्टिक मुक्त जुलाई’ की ओर बढ़ रहे हैं, हमें अपनी आदतों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है और यह संकल्प लेना चाहिए कि हम कम से कम प्लास्टिक का इस्तेमाल करेंगे। हम जो भी सोच-समझ कर फैसला लेते हैं, वह इस समस्या को हल करने में मदद करता है।” उन्होंने बताया कि टाइड टर्नर्स प्लास्टिक चैलेंज टीम ने प्रिंस तलाल अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीता। यह एक बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई। यह सम्मान उन्हें 62 देशों से आई प्रविष्टियों में सबसे बेहतर प्रोजेक्ट होने के लिए मिला। उनके प्रयास से युवाओं में बदलाव आया है। उन्होंने पोस्ट के आखिर में कहा, “चलिए इस बदलाव को जारी रखते हैं!” बता दें कि दिया मिर्जा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की गुडविल एंबेसडर हैं। साथ ही, वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव की तरफ से सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को बढ़ावा देने वाली चुनिंदा प्रतिनिधियों में से एक हैं।  

भाजपा छोड़ जनसुराज में शामिल हुए यूट्यूबर मनीष कश्यप: पटना के बापू सभागार में प्रशांत किशोर ने दिलाई सदस्यता

पटना चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने प्रशांक किशोर की जन सुराज का दामन थाम लिया है। सोमवार उन्होने जन सुराज पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान प्रशांत किशोर ने स्वागत करते हुए कहा कि बिहार में व्यवस्था परिवर्तन की चाहत रखने वाले सभी लोगों को साथ आना चाहिए। जन सुराज ज्वाइन करने के मौके पर मनीष कश्यप ने कहा कि वो भाजपा में 13 महीने रहे। इस बार का चुनाव बिहार के भाग्य का चुनाव है। कश्यप ने दावा करते हुए कहा कि अगला 5 साल आपका होगा। बिहार की हकीकत आप सबको पता है। बिहार में कोई सुरक्षित नहीं है। बिहार को अगर सुरक्षित करना चाहते हैं तो जन सुराज की सरकार बनाए। इससे पहले मनीष कश्यप ने सोशल मीडिया पर प्रशांत किशोर, जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के साथ तस्वीरें शेयर की थी। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि 7 जूलाई को बापू सभागार। उन्होंने आगे लिखा, बुझी हुई आश जलाएंगे हम, घर-घर रोशनी पहुंचाएंगे हम, पलायन का दर्द मिटाएंगे हम, फिर से नया बिहार बनाएंगे हम। आपको बता दें बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मनीष चनपटिया सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। हालांकि, तब वो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे। और तीसरे नंबर पर रहे थे। इस सीट से बीजेपी के उमाशंकर सिंह ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी मनीष कश्यप के चनपटिया सीट से ही चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई है। वहीं प्रशांत किशोर ऐलान कर चुके हैं कि जन सुराज बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी वैसे विवादों से मनीष कश्यप का पुराना नाता रहा है। हाल ही में पीएमसीएच में मनीष कश्यप की डॉक्टरों के साथ मारपीट का मामला छाया रहा था। इससे पहले सारण जिला प्रशासन ने 11 यूट्यूब चैनल पर FIR दर्ज की थी। जिन पर एकतरफा खबरें चलाने का आरोप है। इन चैनलों में मनीष कश्यप का नाम भी शामिल था। मनीष कश्यप पर कानूनी शिकंजा तब कसा था, जब तमिलनाडु में बिहार के लोगों के खिलाफ हिंसा को लेकर एक वीडियो सामने आया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि ये वीडियो मनीष ने फर्जी तरीके से अपने चैनल पर दिखाया है। जिसके बाद तमिलनाडु पुलिस ने गलत बताते हुए केस दर्ज किया था। तमिलनाडु सरकार ने मनीष कश्यप पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की थी। तमिलनाडु में उसके खिलाफ 6 मामले दर्ज हुए थे। 9 महीने बाद मनीष को जेल से रिहाई मिली थी।

वाणी कपूर की बेबाक राय, ‘फिल्मों में महिला कलाकारों की भूमिका सीमित, ओटीटी पर असली मौका’

  मुंबई,  बॉलीवुड एक्ट्रेस वाणी कपूर ने सिनेमा में महिलाओं की बदलती स्थिति पर बात की। उन्होंने कहा कि अब एक नई पीढ़ी की एक्ट्रेस सामने आ रही हैं, जो सिर्फ रोमांटिक या पारंपरिक किरदार ही नहीं निभा रही हैं, बल्कि एक्शन से भरे, दमदार और चुनौतीपूर्ण रोल भी कर रही हैं। उन्होंने ओटीटी पर भी बेबाक राय रखते हुए कहा कि फिल्मों के मुकाबले ओटीटी पर एक्ट्रेस को टैलेंट दिखाने का सही मौका मिलता है। वाणी का मानना है कि यह एक अच्छा बदलाव है, जो दिखाता है कि महिलाएं अब हर तरह की भूमिका में आगे आ रही हैं और फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। एक्ट्रेस ने कहा, “आजकल की नई एक्ट्रेस पुरानी सीमाएं तोड़ रही हैं। वह अब ऐसे किरदार कर रही हैं, जो एक्शन, तेज रफ्तार और उत्साह से भरपूर होते हैं। ये किरदार दिखाते हैं कि ताकत और गहराई से भरे भाव, दोनों एक साथ स्क्रीन पर दिख सकते हैं। अब भारतीय एक्ट्रेस बिना किसी डर के एक्शन फिल्मों में लीड रोल निभा रही हैं, जो पहले नहीं होता था। अब इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है और ये बदलाव जरूरी भी है।” वाणी कपूर जल्द ही नेटफ्लिक्स की थ्रिलर सीरीज ‘मंडला मर्डर्स’ से ओटीटी डेब्यू करने जा रही हैं। एक्ट्रेस का मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर एक्ट्रेस को अब पहले से बेहतर और दमदार कहानियों वाले रोल मिल रहे हैं। यहां कलाकारों को आजादी दी गई है, जिसके चलते वे ऐसे किरदार निभा सकते हैं, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करने वाले होते हैं। ओटीटी डेब्यू को लेकर वाणी कपूर ने कहा, “मैं नेटफ्लिक्स पर अपनी पहली सीरीज के लिए कुछ खास और चुनौतीपूर्ण ढूंढ रही थी, और ‘मंडला मर्डर्स’ में मुझे वो मौका मिला। इसमें मैं एक ऐसे रोल में हूं, जो पहले से ज्यादा बोल्ड है। यह रोल मुझे शारीरिक और मानसिक तौर पर चुनौती देता है।” एक्ट्रेस ने कहा, “मुझे ओटीटी बहुत पसंद हैं। यहां एक्ट्रेस को ज्यादा बेहतर और दमदार रोल मिलते हैं, जिनमें हम अपनी अभिनय की असली कला दिखा सकते हैं। फिल्मों में अक्सर कहानी पुरुष एक्टर के इर्द-गिर्द ही घूमती है, जिससे एक्ट्रेस के रोल छोटे या सीमित रह जाते हैं। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर हमें ज्यादा मौके और खुलापन मिलता है, जिससे हम अपने टैलेंट को सही तरीके से दिखा सकते हैं।” ‘मंडला मर्डर्स’ सीरीज का निर्देशन गोपी पुथरन ने किया है। इसे वाईआरएफ एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। इस शो में वाणी कपूर के साथ-साथ वैभव राज गुप्ता, सुरवीन चावला और श्रिया पिलगांवकर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।  

मध्यप्रदेश की गतिशीलता-शांति और संसाधनों का लाभ उठाएँ निवेशक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जहां संभावना दिखती है, वहां नियम बदलने से नहीं हिचकिचाएंगे लुधियाना में उद्योगपतियों से भेंट कर निवेश के लिये दिया आमंत्रण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को लुधियाना स्थित वर्धमान औद्योगिक परिसर में पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से भेंट की और उन्हें मध्यप्रदेश की समावेशी, उदार और निवेश-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार  न केवल उद्योग लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए तैयार है, बल्कि यदि किसी सेक्टर में संभावना दिखती है, तो वहां आवश्यकतानुसार नियमों में परिवर्तन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गारमेंट और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए विशेष अवसर उपलब्ध हैं और राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इंदौर की हुकुमचंद मिल को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य हो रहा है और मजदूरों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सौ करोड़ रु. से अधिक के सेटलमेंट क्लियर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों और श्रमिकों के साथ सरकार की प्रतिबद्धता हर स्तर पर बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि ग्वालियर की जेसी मिल और उज्जैन की हीरा मिल के मामले में भी राज्य सरकार ने सह्रदयता से निर्णय किये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों के हित में निर्णय लेने के लिए कैबिनेट स्तर पर नीतियों में बदलाव को भी तैयार है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में आकर संभावनाओं को देखें और राज्य की गतिशीलता, शांति और संसाधनों का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि राज्य में टेक्सटॉइल, एग्री बेस्ड इंडस्ट्री, इंजीनियरिंग गुड्स, स्टील प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और आईटी जैसे सेक्टरों में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से यह भी कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश के लिए नहीं, बल्कि एक जनकल्याणकारी राज्य के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि गरीब तबके के लिए एयर एंबुलेंस सेवा और राहगीर सेवा योजना जैसी अभिनव योजना क्रियान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं की उद्योगपतियों ने सराहना करते हुए कहा कि इस स्तर की सोच और संवेदनशीलता शायद ही किसी अन्य राज्य में दिखती हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्धमान ग्रुप के एमडी श्री नीरज जैन, राल्सन इंडिया लिमिटेड के चेयरमेन श्री संजीव पहवा, कंगारू इंडस्ट्रीज के एमडी श्री अंबरीश जैन, टीके स्टील रोलिंग मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी श्री लोकेश जैन, रजनीश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक श्री राहुल आहूजा, फार्मपार्ट्स कंपनी के उपाध्यक्ष श्री जे.एस. भोगल, सीआईसीयू के अध्यक्ष श्री उपकार सिंह आहूजा, कमल (सरजवन होजरी) के प्रतिनिधि श्री सुदर्शन जैन और श्री अरुण जैन सहित विभिन्न सेक्टर के उद्योगपतियों ने मुलाकात की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश में बिजली दरें प्रतिस्पर्धी हैं और नियम संबंधी प्रक्रियाओं को सरल और निवेशक-अनुकूल बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सोलर और पॉवर सेक्टर में भी बड़े प्रोजेक्ट आ रहे हैं। केंद्र सरकार के स्तर पर कोई पर्यावरणीय क्लियरेंस लंबित है, तो मध्यप्रदेश सरकार अपने स्तर पर उसे शीघ्र दिलाने का भी प्रयास करेगी। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नीति स्पष्टता, निर्णय क्षमता और कार्य के प्रति तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि देश के सबसे भरोसेमंद और निवेश के योग्य राज्यों में मध्यप्रदेश शामिल हो गया है।

कोक ओवन बैटरी 5-6 का जर्जर स्ट्रक्चर अचानक ढहा , भिलाई स्टील प्लांट में मचा हड़कंप

दुर्ग भिलाई स्टील प्लांट में आज उस समय हड़कंप मच गया जब कोक ओवन बैटरी 5-6 का जर्जर स्ट्रक्चर अचानक ढह गया। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं और मेंटेनेंस को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि स्ट्रक्चर के नीचे आमतौर पर कर्मचारियों की आवाजाही होती है, लेकिन हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद संयंत्र प्रबंधन ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। कोक ओवन बैटरी 5-6 के ढहने से हॉट मेटल प्रोडक्शन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब संयंत्र में कोई जर्जर ढांचा गिरा हो। भिलाई इस्पात संयंत्र में कई संरचनाएं 70 साल पुरानी हैं, जिनकी हालत जर्जर हो चुकी है। बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने इसके लिए कई बार जांच कमेटियां गठित की गई, लेकिन कमेटी की रिपोर्ट को हर बार दरकिनार किया गया। संयंत्र में मेंटेनेंस का अभाव होने से कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं।

मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर इंटरैक्टिव सेशन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से लुधियाना में प्रमुख उद्योगपतियों ने की वन-टू-वन चर्चा टेक्सटाइल, फार्मा, स्टील, एथेनॉल और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश की जताई रुचि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लुधियाना प्रवास के दौरान पंजाब के प्रमुख उद्योगपतियों से वन-टू-वन बैठक कर उन्हें मध्यप्रदेश की निवेश समर्थक नीतियों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश सरकार जहाँ भी संभावनाएं दिख रही हैं, वहाँ नीतिगत बदलाव करने के लिए पूरी तत्परता से काम करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों और उद्योगों दोनों के हितों का समान ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री से चर्चा करने वाले उद्योगपतियों में टेक्सटाइल सेक्टर से नाहर ग्रुप के सीएमडी श्री दिनेश ओसवाल, एसईएल ग्रुप के सीएफओ श्री नवनीत गुप्ता और बॉन ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि श्री मंजीत सिंह शामिल रहे। स्टील क्षेत्र से टीके स्टील समूह के एमडी श्री लोकेश जैन ने प्रदेश में संभावित निवेश अवसरों पर चर्चा की। फार्मास्यूटिकल्स, एथेनॉल एवं रसायन क्षेत्र से आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स के एमडी श्री वरिन्दर गुप्ता और एमआरएम मेध्या ग्रीनटेक के डायरेक्टर श्री पुनीत अग्रवाल ने निवेश प्रस्ताव रखे। खाद्य प्रसंस्करण और चाय उद्योग से जुड़े भगवती लैक्टो वेजिटेरियन एक्सपोर्ट्स के एमडी श्री सुशील मित्तल और केजी एक्सपोर्ट टीम के सदस्य श्री हरीश दुआ ने मध्यप्रदेश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, कृषि उत्पाद उपलब्धता और फूड पार्क्स पर चर्चा की। इंजीनियरिंग सेक्टर से हीरो साइकिल के एमडी श्री एस.के. राय और हाईलैंड एथेनॉल के एमडी श्री अमित कुमार मोदी ने निवेश के लिए औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, बेक्टर्स फूड्स के एमडी श्री अनूप बेक्टर और ए.वी. कोटस्पिन इंडस्ट्री के डायरेक्टर श्री दीपक गर्ग ने मुख्यमंत्री से विस्तार से चर्चा कर प्रदेश की नीतियों की सराहना की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हित में सैकड़ों करोड़ रु. के सेटलमेंट क्लियर किये हैं। यह निर्णय प्रदेश सरकार की श्रमिकों के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यदि किसी नीति में निवेशकों को सुविधा देने के लिए संशोधन की आवश्यकता होगी, तो सरकार कैबिनेट स्तर पर भी बदलाव करने के लिए तत्पर है। लुधियाना में हुआ यह संवाद न केवल निवेश प्रस्तावों की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेशकों का भरोसेमंद और व्यवहारिक गंतव्य बनकर उभर रहा है।  

भाजपा के सांसद-विधायकों की पाठशाला, जेपी नड्डा ने दिया मार्गदर्शन, बाहर रखवाया मोबाइल फ़ोन

रायपुर भाजपा का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आज से मैनपाट के तिब्बती कैंप-01 में शुरू हो गया है। इस विशेष शिविर में पार्टी के सांसद, विधायक और मंत्रीगण शामिल हुए हैं। पहले दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शिविर में पहुंचकर सभी को मार्गदर्शन देने पहुंचे हुए हैं। इस प्रशिक्षण शिविर की खास बात यह है कि इसमें अत्यधिक गोपनीयता बरती जा रही है। बैठक को पूरी तरह से निजी रखा गया है और सभी भाग लेने वाले सांसद और विधायकों को मोबाइल फोन बाहर ही जमा कराया गया है। किसी को भी मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। 12 सत्रों का होगा प्रशिक्षण बता दें कि भाजपा के सांसद और विधायक दल का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र कुल 12 सत्रों में पूरा होगा। प्रथम दिवस दो सत्र होंगे, जिसमें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन मंत्री संतोष तावड़े, बी सतीश, द्वितीय दिवस छह सत्र होंगे, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रशिक्षक के रूप में शामिल होंगे। समापन सत्र के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री शिव प्रकाश प्रशिक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे। 3 एसपी, 4 एडिशनल एसपी सहित 800 जवान होंगे तैनात सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मुताबिक भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने पहुंच रहे मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के मंत्री और सांसद, विधायक दलों की सुरक्षा के लिए तीन एसपी और चार एडिशनल एसपी की तैनाती की गई है। साथ ही अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा के लिए थाना प्रभारियों सहित 800 जवान तैनात रहेंगे। प्रशिक्षण स्थल के पूर्व तथा मार्ग में कई स्थानों पर बेरियर भी लगाए जा रहे हैं, जहां मैनपाट पहुंचने वाले लोगों को पुलिस के विशेष जांच प्रक्रिया के बीच से गुजरना होगा।

9 जुलाई को बैंक कर्मचारी करेंगे हड़ताल, बीमाकर्मी भी शामिल होंगे

कोलकाता  ट्रेड यूनियनों का कहना है कि देशभर में मजदूरों के अधिकारों पर हमले हो रहे हैं। साथ ही केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियां भी ठीक नहीं है। इनके खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आगामी नौ जुलाई को आम हड़ताल का आह्वान किया है। इसके समर्थन में मजदूर संगठनों, किसान संगठनों और महागठबंधन के घटक दल भी सामने आ रहे हैं। अब बैंक कर्मचारियों के एक संगठन ने भी कहा है कि वे इस हड़ताल में शामिल होंगे। यदि ऐसा हुआ तो आगामी बुधवार को आपको बैंकिंग सुविधाओं से वंचित रहना पड़ सकता है। कहां से आई जानकारी बंगाल प्रोविंशियल बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (Bengal Provincial Bank Employees Association), जो AIBEA से जुड़ा है, ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि AIBEA, AIBOA और BEFI जैसे बैंकिंग सेक्टर के ट्रेड यूनियनों ने बुधवार को आम हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है। बीमा क्षेत्र में भी हड़ताल? एसोसिएशन ने एक बयान में यह भी कहा कि बीमा क्षेत्र (insurance sector) ने भी हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है। संगठन के अनुसार, बैंकिंग और अन्य वित्तीय क्षेत्रों में हड़ताल पूरी तरह से सफल रहेगी। हड़ताल पर 15 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी बैंक कर्मचारियों के यूनियन ने दावा किया है कि इस हड़ताल में 15 करोड़ से ज़्यादा कर्मचारी भाग लेंगे। वे सरकार की "प्रो-कॉर्पोरेट आर्थिक सुधारों और एंटी-लेबर नीतियों" का विरोध करेंगे। इसका मतलब है कि कर्मचारी सरकार की उन नीतियों से नाराज़ हैं जो कंपनियों को फायदा पहुंचाती हैं और श्रमिकों के खिलाफ हैं। कर्मचारी सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं।