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गुरुवार 17 जुलाई 2025 बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि- आज आपकी एनर्जी में कमी रहेगी। आपको बेवजह ज्यादा खर्च करने से खुद को रोकना चाहिए, नहीं तो पैसों की तंगी हो सकती है। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। सिंगल जातकों की लाइफ में किसी खास शख्स की एंट्री हो सकती है। व्यापारिक रूप से स्थिति अच्छी रहने वाली है। वृषभ राशि- आज आपको बेकार के तनाव से बचना चाहिए। मानसिक रूप से आप पहले से बेहतर महसूस करेंगे। आर्थिक परेशानयां दूर होंगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। व्यापार में उन्नति मिल सकती है। यात्रा के योग हैं। कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों के सहयोग से तरक्की मिल सकती है। मिथुन राशि- आज आपके आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि रहेगी। किसी को पैसा उधार नहीं दें, वापसी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। लव लाइफ पहले से बेहतर होगी। अपनों का साथ मिलेगी। रोमांटिक यात्रा पर जाने का योग है। व्यापारियों को लाभ होगा। कर्क राशि- आज आपको किसी सुखद समाचार की प्राप्ति हो सकती है। दिन लाभकारी रहने वाला है। आपकी पैसों की स्थिति में सुधार होगा। अपने खर्चों को सीमित करें। नौकरी में बदलाव की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए आज का दिन बायोडाटा अपडेट करने के लिए अच्छा है। आप अपने महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करके व्यस्तता के बीच अपने लिए समय जरूर निकालेंगे। सिंह राशि- आज घर में मेहमान का आगमन हो सकता है। व्यापारिक व आर्थिक रूप से दिन बहुत फायदेमंद नहीं है- इसलिए अपनी पैसों की स्थिति को चेक करें और अपने खर्चों को सीमित करें। जरूरी टास्कों को पूरा करने के लिए कार्यस्थल पर वर्क लिस्ट बनाएं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कन्या राशि- आज आपको भ्रम और निराशा से बचना चाहिए। आर्थिक रूप से आप मजबूत रहेंगे। आपको पैसा माता-पिता का स्वास्थ्य चिंता का कारण बन सकता है। शादीशुदा लाइफ में कई खूबसूरत मोड़ आएंगे। व्यापारियों को विस्तार के अवसर मिलेंगे। विदेश यात्रा का प्लान बन सकता है। तुला राशि- स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत अच्छा दिन है। मन प्रसन्न रहेगा। माता-पिता के सहयोग से किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता पा सकते हैं। कार्यस्थल पर डेडलाइन का ध्यान रखें। ऑफिस में लोग आपके प्रयासों के लिए आपको पहचानेंगे। परिवार की कुछ समस्याएं आपको मानसिक तनाव दे सकती हैं। आर्थिक रूप से दिन सामान्य रहने वाला है। वृश्चिक राशि- आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए अपने खर्चों को रिव्यू करें। कार्यस्थल पर किसी प्रोजेक्ट में कंफ्यूजन होने पर सीनियर्स की सलाह पर ध्यान दें। आज आपको अपने ईगो को पीछे रखना चाहिए। जीवनसाथी के साथ एक रोमांटिक शाम बिता सकते हैं। व्यापार में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। धनु राशि- मानसिक शांति के लिए योग या ध्यान करें। अपने लिए पैसे बचाने का आपका विचार आज पूरा हो सकता है। आज आप उचित बचत करने में सफल रहेंगे। कार्यस्थल पर आज सब कुछ आपके पक्ष में नजर आ रहा है। आपके परिवार का कोई सदस्य आज आपके साथ कुछ समय बिताने की जिद कर सकता है। मकर राशि- आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। जो लोग अपने करीबी या रिश्तेदारों के साथ मिलकर अपना कारोबार संभाल रहे हैं उन्हें आज बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। आपको जीवनसाथी का साथ मिलेगा। आर्थिक रूप से आप अच्छी स्थिति में रहेंगे। मित्रों के सहयोग से किसी काम में सफलता मिल सकती है। कुंभ राशि- आज आपको कई तनावों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आप बेचैनी महसूस कर सकते हैं। आज उन लोगों को अपना पैसा उधार देने से बचें जिन्होंने अभी तक पिछली रकम नहीं लौटाई है। जीवनसाथी के साथ पर नजर रखें। आज आपके पास अपनी कमाई की शक्ति बढ़ाने के लिए सहनशक्ति और जानकारी होगी। व्यापारिक रूप से आप अच्छी स्थिति में रहेंगे। मीन राशि- आज आपकी मेहनत मनवांछित परिणाम पा सकती है। अपने मौजूदा उत्साह को बरकरार रखने के लिए कड़ी मेहनत करते रहें। आपका पैसा आपके काम तभी आता है जब आप खुद को फिजूलखर्ची करने से रोकते हैं। दोस्तों का सहयोग आपके लिए व्यापारिक रूप से फायदेमंद हो सकता है।

दो नए एक्सप्रेसवे और ई-चार्जिंग स्टेशन से सजेगा यूपी, जानिए किन जिलों को होगा फायदा

आगरा  उत्तर प्रदेश के आगरा शहर को दो नए-नए एक्सप्रेस का तोहफा मिला है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राष्ट्रीय भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा फैसला लेते हुए ग्वालियर और अलीगढ़ एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है। इन दोनों एक्सप्रेस का निर्माण दो महीने में शुरू हो जाएगा, जो अगले लगभग दो साल तक चलेगा। आगरा के लिए अच्छी बात यह है कि दोनों एक्सप्रेसवे यहीं से शुरू होंगे। इन दोनों एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए दोनों तरफ फूड प्लाजा, एक से दो प्रेट्रोल पंप और सीएनजी पंप होंगे।   एक्सप्रेसवे पर मिलेगी चार्जिंग की सुविधा एनएचएआई ने मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को भी ध्यान रखा है और एक्सप्रेसवे पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का फैसला किया है। एनएचएआई के अधिकारी ने खुद इसका कारण भी बताया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन का प्रयोग करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और हर सप्ताह नए-नए मॉडल पेश हो रहे हैं। यही वजह है कि हमने एक्सप्रेसवे चार्जिंग स्टेशन लगाने का फैसला किया गया है। बताया गया है कि एक चार्जिंग प्वॉइंट में एक समय में दो वाहन चार्ज हो सकेंगे, जिसमें 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। छह लेन के होंगे दोनों एक्सप्रेसवे दोनों एक्सप्रेसवे छह लेन के होंगे, जिनका निर्माण एनएचएआई ग्वालियर और आगरा खंड द्वारा कराया जाएगा। ग्वालियर से रोहता, आगरा तक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 4200 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। इस दौरान चंबल नदी पर हैंगिंग ब्रिज भी बनेगा। जब एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा तो आगरा से ग्वालियर की दूरी सिर्फ 88 किलोमीटर रह जाएगी, साथ ही सफर का समय भी घटकर सिर्फ डेढ़ घंटे का रह जाएगा। इस समय इस सफर को तय करने में ढाई घंटे लगते हैं। अलीगढ़ एक्सप्रेसवे की लागत 3400 करोड़ बात करें खंदौली से अलीगढ़ तक बनने वाले एक्सप्रेसवे की तो यह 64 किलोमीटर लंबा होने वाला है, जिसे यमुना एक्सप्रेस से भी जोड़ा जाएगा। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो इससे लोगों को हाथरस और अलीगढ़ पहुंचना आसान हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे की लागत 3400 करोड़ बताई जा रही है, जिसका निर्माण अक्टूबर से शुरू होना है।

AEPC का अनुमान: जापान से भारत के वस्त्र क्षेत्र में बड़े निवेश की उम्मीद

नई दिल्ली  एईपीसी ने कहा कि कपड़ा उद्योग में भारत और जापान की कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने के व्यापक अवसर मौजूद हैं। परिधान क्षेत्र में व्यापार के अवसरों का पता लगाने के लिए दोनों देशों की कंपनियों के बीच कई बैठकें हुईं। भारतीय उद्योग जापानी गुणवत्ता मानदंडों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कपड़ा उद्योग में भारत और जापान की कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने का सुनहरा अवसर मौजूद हैं। टोक्यो की कंपनियां भारत में निवेश करने की इच्छुक हैं। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) ने बुधवार को यह बात कही।    दोनों देशों के बीच हुई बैठक एईपीसी के अध्यक्ष सुधीर सेखरी ने कहा कि परिधान क्षेत्र में व्यापार के अवसरों का पता लगाने के लिए दोनों देशों की कंपनियों के बीच कई बैठकें हुईं। टोक्यो में इंडिया टेक्स ट्रेंड फेयर (आईटीटीएफ) में कई घरेलू कंपनियां भाग ले रही हैं। जापानी गुणवक्ता मानदंडों को पूरा करने के लिए भारत प्रतिबद्ध उन्होंने कहा कि हमने जापान से सोर्सिंग बढ़ाने और भारत में अधिक निवेश करने को कहा है। यूनिक्लो, एडास्ट्रिया, टोरे, इटोकिन कंपनी, ब्रोक जापान, डाइसो, वाईकेके और पेगासस जैसे प्रमुख ब्रांडों के साथ हमारी सफल बैठकें हुई हैं। भारतीय उद्योग जापानी गुणवत्ता मानदंडों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सेखरी ने कहा कि हम अपने सभी जापानी साझेदारों को भारतीय प्रदर्शकों के साथ जुड़ने, सहयोगात्मक संभावनाओं का पता लगाने, पसंदीदा सोर्सिंग गंतव्य के रूप में भारत की ताकत और विश्वसनीयता का प्रत्यक्ष अनुभव करने के लिए आमंत्रित करते हैं। वस्त्र मंत्री ने किया मेले का उद्धघाटन इस मेले का उद्घाटन वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने टोक्यो में किया। यह एक प्रमुख वस्त्र कार्यक्रम है। इसका आयोजन भारतीय दूतावास, वस्त्र मंत्रालय, एईपीसी और जापान-भारत उद्योग संवर्धन संघ (जेआईआईपीए) के सहयोग से किया जाता है। भारत के पास मजबूत आधार मौजूद सरकार घरेलू वस्त्र विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है, जैसे सात पीएम मित्र पार्क। परिषद ने कहा शुल्क मुक्त व्यापार, मजबूत स्थायित्व संबंधी साख और लचीला विनिर्माण क्षेत्र इसके लिए मजबूत आधार हैं। जापानी परिधान बाजार में अमेरिका का बड़ा हिस्सा  हालांकि, गुणवत्ता मानकों (विशेष रूप से एमएमएफ में) को प्राप्त करना, व्यापार प्रक्रियाओं को सरल बनाना, और जापानी अनुपालन मानदंडों का पालन करना। साथ ही अमेरिका के 35 अरब डॉलर के जापानी परिधान बाजार में अधिक हिस्सेदारी हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण है। 2024 में जापान को भारत का परिधान निर्यात 234.5 मिलियन डॉलर का था। पिछले साल टोक्यो ने लगभग 23 अरब डॉलर मूल्य के इन सामानों का आयात किया था। इसमें भारत की हिस्सेदारी केवल एक प्रतिशत है। 

‘जेल भेजने आए थे, खुद हैं जमानत पर’ — राहुल पर सीएम सरमा की सीधी चोट

गुवाहाटी  राहुल गांधी ने असम दौरे पर कांग्रेस नेताओं से कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा को जेल भेजा जाएगा। इस पर असम के सीएम सरमा ने पलटवार करते हुए कहा कि खुद राहुल गांधी देशभर में कई मामलों में जमानत पर हैं। उन्होंने राहुल को तंज कसते हुए असम की मेहमाननवाजी का आनंद लेने की सलाह दी। असम की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के असम दौरे पर दिए गए कथित बयान को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखा पलटवार किया है। सरमा ने एक्स पर राहुल गांधी के बंद कमरे में बोले गए कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि जो खुद देशभर में कई मामलों में जमानत पर हैं, वो दूसरों को जेल भेजने की बात कर रहे हैं। यह टिप्पणी कांग्रेस की असम में रणनीतिक बैठक के बाद सामने आई है। राहुल गांधी असम दौरे पर थे, जहां उन्होंने कांग्रेस की राज्य स्तरीय राजनीतिक मामलों की समिति के साथ एक बंद बैठक की। इस बैठक में उन्होंने कथित रूप से कहा कि लिख कर ले लीजिए, हिमंत बिस्वा सरमा को जेल जरूर भेजा जाएगा। सरमा खुद को ‘राजा’ समझते हैं, लेकिन असम की जनता उन्हें भ्रष्टाचार के लिए जेल भेजेगी। राहुल ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार को घोटालों का जवाब देना होगा। वहीं, मुख्यमंत्री सरमा ने इस बयान को राहुल की दुर्भावना और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना बताया। सात ही उन्होंने इसे राजनीतिक मंच का दुरुपयोग कहा। सीएम हिमंत का पलटवार हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी के बयान का जवाब एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दिया। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी बड़े आराम से भूल गए कि वे स्वयं देशभर में दर्ज कई आपराधिक मामलों में जमानत पर हैं। सरमा ने राहुल को तंज कसते हुए असम की मेहमाननवाजी का आनंद लीजिए। इसके साथ ही आगे उन्होंने कहा कि केवल मुझे जेल भेजने की बात कहने के लिए राहुल गांधी असम आए हैं। कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग इस बयानबाजी के बाद असम की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और भाजपा के मुख्यमंत्री सरमा के बीच यह तकरार सीधे तौर पर दोनों दलों की रणनीति और विचारधारा को सामने रखती है। कांग्रेस राज्य में भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और तानाशाही के आरोप लगाती रही है, जबकि भाजपा कांग्रेस को परिवारवाद और कानूनी मामलों में घिरा हुआ बताती है। क्या हैं राहुल गांधी के खिलाफ केस? मुख्यमंत्री सरमा के बयान के मुताबिक, राहुल गांधी देश के कई हिस्सों में आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं और इन मामलों में उन्हें जमानत मिली हुई है। इसमें सबसे चर्चित मामला 'मोदी सरनेम' टिप्पणी वाला है, जिसमें मानहानि का आरोप लगा और उन्हें दो साल की सजा भी सुनाई गई थी, हालांकि बाद में सजा पर रोक लगी और उन्हें जमानत मिली।  इतना ही नहीं राहुल गांधी पर और भी मामले दर्ज हैं।  

सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी, कहा- अगर हिम्मत है तो भेजो मुझे डिटेनशन सेंटर

कोलकाता  पश्चिम बंगल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा शासित राज्यों में बंगाली बोलने वाले लोगों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। इस दौरान ममता ने कहा कि वो आगे से अब बंगाली ही बोलेंगी। यह रैली कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर से शुरू होकर धर्मतला के दोरीना क्रॉसिंग तक गई, जिसमें टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस रैली में शामिल हुए। लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस मार्च के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। करीब 1,500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए और कई सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। विरोध मार्च के दौरान सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगालियों के प्रति भाजपा के रवैये से मैं शर्मिंदा और निराश हूं। सीएम ने कहा कि मैंने अब से ज्यादा बांग्ला में बोलने का फैसला किया है, अब इसके लिए अगर हो सके तो मुझे हिरासत शिविरों में बंद कर दो।  

कांग्रेस का हमला तेज: बालासोर केस को लेकर ओडिशा सरकार पर इस्तीफा देने का दबाव

भुवनेश्वर  कांग्रेस ने बालासोर की घटना पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का इस्तीफा मांगा है। इसके साथ राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महिला विंग की अध्यक्ष अलका लांबा बुधवार को भुवनेश्वर पहुंचीं, जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। अलका लांबा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के तहत ओडिशा महिलाओं के लिए असुरक्षित होता जा रहा है। उन्होंने छात्रा की मौत के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही घटना को प्रशासनिक असफलता व जवाबदेही की कमी का नतीजा बताया। अलका लांबा ने कहा कि राज्य मशीनरी पूरी तरह असफल हो गई है। एक लड़की को न्याय मांगने के लिए खुद को आग लगानी पड़ी। मीडिया से बातचीत में अलका लांबा ने कहा, "आज हकीकत यह कहती है कि पूरा ओडिशा बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री (मोहन चरण माझी) अनुभवहीन हैं। यह एक साल में फेल साबित हुए हैं। इन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।" उन्होंने कहा, "जब कानून-व्यवस्था चरमरा जाए, अपराधी खुलेआम घूमें और पीड़ित न्याय के इंतजार में दम तोड़ दें, तब मुख्यमंत्री का इस्तीफा देना जरूरी होता है। हम उनका तुरंत इस्तीफा मांगते हैं और ओडिशा में राष्ट्रपति शासन लागू करने का आग्रह करते हैं।" अलका लांबा ने कथित तौर पर छात्रा के इलाज में देरी और प्रशासन की ओर से तुरंत कार्रवाई न करने की भी निंदा की। उन्होंने कहा, "उसे (छात्रा) समय पर इलाज से बचाया जा सकता था। जब एक बच्ची जल रही थी, तब व्यवस्था मूकदर्शक बनी रही।" कांग्रेस की महिला नेता ने जानकारी दी कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बालासोर का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए छात्रा के पिता से बात की। पिता भावुक थे, राहुल गांधी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि तब तक न्याय नहीं मिल जाता है कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। राहुल गांधी दोबारा लौटेंगे और प्रियंका गांधी भी आएंगी।" उन्होंने कहा कि ओडिशा के सभी अभिभावकों को हम विश्वास दिलाने आए हैं कि आप अकेले नहीं हैं। कांग्रेस न्याय का हक मिलने तक साथ खड़ी है। इस दौरान अलका लांबा ने राज्य की जनता से 17 जुलाई को 'ओडिशा बंद' में हिस्सा लेने की अपील की।

पहली सवारी में संकरे पड़े गए मार्ग, प्रशासन के लिए यह है बड़ा अलर्ट, सवारी मार्ग का चौड़ीकरण जरूरी

उज्जैन  श्रावण के पहले सोमवार को राजाधिराज महाकाल की निकली भव्य सवारी के दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साफ कर दिया है कि मौजूदा सवारी मार्ग इस विशाल जनसमूह के दबाव को सहने में सक्षम नहीं है। समय आ गया है कि अब बिना कोई देरी किए महाकाल सवारी मार्ग को मास्टर प्लान अनुसार 15 से 24 मीटर चौड़ा किया जाए। भीड़, अव्यवस्था और सीमित मार्ग की वजह से श्रद्धालुओं को जो कठिनाई हुई, वह प्रशासन के लिए चेतावनी से कम नहीं है। स्थितियों को देख शासन-प्रशासन ने इस मार्ग को चौड़ा करने का काम प्राथमिक सूची में शामिल कर लिया है। मालूम हो कि महाकाल सवारी मार्ग केवल एक रास्ता नहीं, यह आस्था की वह धारा है जिससे उज्जैन की सांस्कृतिक, धार्मिक और विकास की दिशा जुड़ी है। अब जबकि सिंहस्थ की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, तो इस मार्ग को उसकी गरिमा के अनुरूप बनाना समय की मांग है। प्रदेश सरकार, इसी वर्ष अप्रैल में इस कार्य के लिए 64 करोड़ रुपये स्वीकृत कर चुकी है, लेकिन अब तक ठेकेदार तय करने को निविदा प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो सकी है। इस विषय पर पिछले सप्ताह महापौर मुकेश टटवाल ने योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए थे। उनका ‘नईदुनिया’ से कहना है कि महाकाल सवारी मार्ग को अब उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड नहीं, बल्कि नगर निगम खुद अपने स्तर पर विस्तृत कार्य योजना बनाकर क्रियान्वित करेगा। यह काम उनकी प्राथमिकता में पहले भी था, आज भी है और भविष्य में भी रहेगा। 4.3 किलोमीटर लंबे महाकाल सवारी मार्ग को मास्टर प्लान-2035 में 15 से 24 मीटर चौड़ा करने का लेख है। चौड़ीकरण के लिए सरकार 64 करोड़ रुपये अप्रैल में मंजूर कर चुकी है। स्पष्ट किया है कि मार्ग में डिवाइडर नहीं बनाएंगे। मार्ग में आने वाली ऐतिहासिक धरोहरों को फसाड़ लाइट से आकर्षक स्वरुप दिया जाएगा। बिजली, पानी और सीवरेज की सभी लाइनें भूमिगत की जाएंगीं। चौराहों को त्रिशूल, डमरू, नंदी जैसी कलाकृतियों से सजाया जाएगा। 2023 में बनी थी 110 करोड़ की योजना, विरोध के कारण काम नहीं हुआ महाकाल सवारी मार्ग काे चौड़ा करने को 110 करोड़ रुपये की योजना वर्ष 2023 में उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने बनाई थी। सर्वे में 2500 भवन प्रभाव में आना चिह्नित किए थे। एक हिस्से का काम शुरू भी हुआ था, लेकिन विरोध और न्यायालय में याचिका के चलते काम आगे न बढ़ा और बंद हो गया। अब जब महाकुंभ सिंहस्थ-2028 निकट है, तो शासन इस कार्य को पुनः पूर्ण करने को तत्पर है। जन सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से बेहतर जरूरी श्रावण और भादौ मास में हर सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी को देखने लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। भविष्य में सिंहस्थ जैसे आयोजनों में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की आमद तय मानी जा रही है। ऐसे में सवारी मार्ग का चौड़ीकरण यातायात, सुरक्षा और सुविधा तीनों ही दृष्टि से बेहद आवश्यक हो गया है।

चीन से फंडिंग पाने वालों को विदेश नीति पर बोलने का हक नहीं: तरुण चुघ

नई दिल्ली  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर पर भारत की विदेश नीति को कमजोर करने का आरोप लगाया है। इसी पर अब भाजपा नेता तरुण चुघ की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने एजेंसी से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी हमें विदेश नीति पर ज्ञान दे रहे हैं। वह हमें किसी भी प्रकार का ज्ञान नही दें, तो बेहतर रहेगा, क्योंकि इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि राहुल गांधी ही वह शख्स हैं, जो छुप-छुप कर चीनी अधिकारियों से मुलाकात किया करते थे। भाजपा नेता ने कहा कि जिन लोगों ने चीन के साथ एमओयू साइन किया है, वे हमें कैसे विदेश नीति पर ज्ञान दे सकते हैं। राहुल गांधी ने हमेशा से ही भारत की विदेश नीति को नीचा दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि देश अब इस बात को जान चुका है कि गांधी परिवार का चीन प्रेम बहुत पुराना है। देश इस बात को भूला नहीं है कि जब कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा देकर देश की झोली में 1962 का युद्ध डाला था। तरुण चुघ ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भारत की विदेश नीति कमजोर थी, सभी लोग भारत को छोटी नजरों से देखा करते थे। लेकिन, आज ऐसी स्थिति नहीं है। आज की तारीख में भारत की विदेश नीति काफी मजबूत हुई है। आज की तारीख में पूरी दुनिया में भारत को सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है। कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए वैश्विक मंच पर देश की विदेश नीति को कमजोर करने का अपनी तरफ से भरसक प्रयास किया था। लेकिन, आज जब देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, तो कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहा है। इसके अलावा, शंघाई सहयोग संगठन में विदेश मंत्री एस जयशंकर की तरफ से पहलगाम आतंकी हमले को उठाए जाने की तारीफ की और कहा कि विदेश मंत्री ने वैश्विक मंच पर आतंक के मुद्दे को उठाया है। उन्होंने पूरी दुनिया में यह संदेश फैलाने की कोशिश की कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध है। भारत ने हमेशा से ही आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करके रखा और आगे भी रखेगा।

NTPC को मिली हरी झंडी, 20,000 करोड़ खर्च करेगा रिन्यूएबल एनर्जी पर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने बुधवार को एनटीपीसी लिमिटेड को एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और उसके अन्य संयुक्त उद्यमों/सहायक कंपनियों में निवेश के लिए 20,000 करोड़ रुपए तक के परिव्यय के साथ रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता स्थापित करने के लिए बिजली के बढ़े हुए आवंटन को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने महारत्न सीपीएसई को विद्युत आवंटन के मौजूदा दिशानिर्देशों से एनटीपीसी लिमिटेड को विद्युत आवंटन में वृद्धि की अनुमति दी है ताकि वह अपनी सहायक कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल) में निवेश कर सके और इसके बाद, एनजीईएल एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनआरईएल) और उसकी अन्य संयुक्त उद्यमों/सहायक कंपनियों में निवेश कर सके। 2032 तक 60 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी (आरई) क्षमता बढ़ाने के लिए यह राशि पूर्व में स्वीकृत 7,500 करोड़ रुपए की निर्धारित सीमा से बढ़कर 20,000 करोड़ रुपए तक हो सकती है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एनटीपीसी और एनजीईएल को दिया गया यह विस्तारित आवंटन देश में रिन्यूएबल प्रोजेक्ट के त्वरित विकास में सहायक होगा। एक कैबिनेट नोट के अनुसार, "यह कदम पावर स्ट्रक्चर को मजबूत करने और पूरे देश में चौबीसों घंटे विश्वसनीय बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में निवेश सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।" रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन चरण के साथ-साथ ऑपरेशन एंड मेनटेनेंस (ओ एंड एम) चरण के दौरान स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगे। इससे लोकल सप्लायर्स, लोकल उद्यमों/एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा और देश में उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही देश में रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। भारत ने अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त कर अपनी ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता तक पहुंचना है। एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम और देश की अग्रणी विद्युत उपयोगिता कंपनी के रूप में, एनटीपीसी का लक्ष्य 2032 तक 60 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ना है, जिससे देश को इस लक्ष्य को प्राप्त करने और 2070 तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी। एनजीईएल, जैविक और अजैविक विकास के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता वृद्धि के लिए एनटीपीसी ग्रुप की अग्रणी सूचीबद्ध सहायक कंपनी है।

बालक आश्रम में मिली लापरवाही: सांसद के निरीक्षण में प्रधान अध्यापक नशे में धुत

कांकेर विकासखंड दुर्गुकोंदल अंतर्गत बालक आश्रम सुरूंगदोह में पदस्थ प्रधान अध्यापक एवं प्रभारी अधीक्षक ओकेश्वर चुरेन्द्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने आश्रम का औचक निरीक्षण किया और निरीक्षण के दौरान चुरेन्द्र को नशे की हालत में पाया गया। सांसद की जानकारी पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मंडल संयोजक द्वारा जांच कर रिपोर्ट सौंपी गई, जिसके आधार पर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग कांकेर ने पाया कि अधिकारी का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (उप-नियम 1, 2, 3) के विरुद्ध है। इसके फलस्वरूप उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण (नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान चुरेन्द्र का मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोयलीबेड़ा नियत किया गया है। इस संबंध में कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने जानकारी देते हुए बताया कि सांसद के निरीक्षण में अधीक्षक को नशे की हालत में पाया गया था, जिसकी सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी आश्रम छात्रावासों की औचक जांच के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सभी बच्चों को उचित सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।