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भोपाल मंडल में हुआ नया नेतृत्व,अभिराम खरे ने भोपाल मंडल का ADRM पदभार ग्रहण किया

भोपाल  पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के नए अपर मंडल रेल प्रबंधक (ए.डी.आर.एम.) के रूप में अभिराम खरे ने विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने यह जिम्मेदारी निवर्तमान ए.डी.आर.एम. रश्मि दिवाकर से संभाली। महत्वपूर्ण पदों पर दे चुकी है अपनी सेवाएं अभिराम खरे भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) के 2006 बैच के अधिकारी हैं। कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वे पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय, जबलपुर में वित्त सलाहकार (यातायात एवं निर्माण) के पद पर कार्यरत थे। इससे पूर्व वे भोपाल में निर्माण विभाग में उप वित्त सलाहकार के रूप में तथा जबलपुर में वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। आपने अपने रेलवे कैरियर की शुरुआत जबलपुर मंडल में सहायक मंडल वित्त प्रबंधक (ADFM) के पद से की थी। कार्यकुशलता और गहन प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें वित्त, निर्माण तथा प्रबंधन से संबंधित कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रशासनिक दक्षता का भी समृद्ध अनुभव अभिराम खरे ने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर से फार्मेसी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने राजनीति शास्त्र एवं अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर तथा कानून (LLB) में भी स्नातक डिग्री हासिल की है। उनके पास बहुविषयी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता का भी समृद्ध अनुभव है। भोपाल मंडल में ए.डी.आर.एम. के रूप में उनकी नियुक्ति पर मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी और आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। मंडल को उनके नेतृत्व में नव ऊर्जा, नयी दृष्टि और सुव्यवस्थित प्रबंधन की अपेक्षा है।

मॉनसून सत्र विस्तार: सरकार लाएगी इनकम टैक्स सहित 8 बड़े बिल

नई दिल्ली केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आगामी मॉनसून सत्र में कुल 8 नए विधेयक पेश करने और पारित कराने की तैयारी में है। यह सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर अब 19 अगस्त तक चलेगा। पहले संसद 12 अगस्त तक ही चलने वाली थी, जिसे बाद में एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है। लोकसभा सचिवालय ने जिन प्रमुख विधेयकों की जानकारी दी है उनमें टैक्स, शिक्षा, खेल, और खनिज नीति जैसे क्षेत्रों से जुड़े विधेयक शामिल हैं। लोकसभा में मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025, भारतीय प्रबंध संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025, भू-धरोहर स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रख-रखाव) विधेयक, 2025, खनिज और खान (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी विधेयक (संशोधन), 2025 विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। इनके अलावा, गोवा में अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों में पुन: प्रतिनिधित्व निर्धारण विधेयक, 2024, मर्चेंट शिपिंग विधेयक, 2024, भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2025 और आयकर विधेयक, 2025 को पारित कराने के लिए पेश किया जाएगा। संसद की विधायी शाखा के अनुसार, इस बार सभी सांसदों को 'मेंबर्स पोर्टल' के माध्यम से ही समन और सूचनाएं भेजी गई हैं। सभी सांसदों को सत्र के शेड्यूल और विधायी कार्यक्रम की जानकारी डिजिटल रूप में दी गई है।  

राष्ट्रपति की पत्नी या कोई और? दो महिलाओं ने किया फ्रांसीसी फर्स्ट लेडी की पहचान पर सवाल

फ्रांस फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों एक बार फिर सुर्खियों में हैं — लेकिन इस बार वजह फैशन या कोई भाषण नहीं, बल्कि उनके खिलाफ फैलाई गई एक अफवाह है। इस अफवाह में उनकी जेंडर आइडेंटिटी को लेकर झूठे दावे किए गए हैं, जिसे लेकर अब उन्होंने कानूनी कार्रवाई शुरू की है। यह मामला अब सिर्फ फ्रांस में ही नहीं, बल्कि अमेरिका और रूस तक चर्चा का विषय बन गया है।   क्या है पूरा मामला? यह मामला पहली बार दिसंबर 2021 में तब सामने आया जब अमंडाइन रॉय नाम की यूट्यूबर ने एक 4 घंटे लंबा इंटरव्यू अपलोड किया, जिसमें पत्रकार नताशा रे ने दावा किया कि ब्रिजिट मैक्रों असल में पहले एक पुरुष थीं – जीन-मिशेल ट्रोग्नेक्स, और बाद में उन्होंने लिंग परिवर्तन कर इमैनुएल मैक्रों से शादी की। रे ने यह भी कहा कि उन्होंने इस 'खुलासे' के लिए तीन साल तक रिसर्च की और उनके पास कई सबूत हैं, हालांकि किसी भी दावे की स्वतंत्र पुष्टि कभी नहीं हो सकी। कानूनी मोर्चे पर ब्रिजिट की कार्रवाई ब्रिजिट ने इन दोनों महिलाओं पर मानहानि का मुकदमा दायर किया। निचली अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोनों पर €13,000 (लगभग ₹11.7 लाख) का जुर्माना लगाया। €8,000 ब्रिजिट को, €5,000 उनके भाई को (जिनका नाम भी घसीटा गया था)। लेकिन पेरिस की अपीली अदालत ने यह सजा रद्द कर दी। अब ब्रिजिट और उनके भाई ने फ्रांस की सर्वोच्च अदालत में अपील की है।  मामला अब इंटरनेशनल लेवल पर यह सिर्फ फ्रांस तक सीमित नहीं रहा। अमेरिका में ट्रंप समर्थक पत्रकारों – कैंडेस ओवेन्स और टकर कार्लसन ने इसे जोरशोर से उठाया: ओवेन्स ने इसे मानव इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक घोटाला बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिजिट और उनके भाई असल में एक ही व्यक्ति हैं। ओवेन्स ने Becoming Brigitte नाम से वीडियो सीरीज शुरू की और दावा किया कि वह अपनी प्रोफेशनल प्रतिष्ठा इस थ्योरी पर दांव पर लगाने को तैयार हैं। जनवरी 2025 में ब्रिजिट की ओर से ओवेन्स को कानूनी नोटिस भेजा गया, जिसमें लिखा था कि किसी महिला को अपनी पहचान साबित करने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए। फिर भी ओवेन्स पीछे नहीं हटीं और फरवरी में उन्होंने फ्रेंच पत्रकार जेवियर पौसार्ड के साथ इंटरव्यू किया, जिन्होंने इसी विषय पर एक किताब भी लिखी— जो अब अमेजन पर बेस्टसेलर बन चुकी है।   रूस तक पहुंचा विवाद पत्रकार नताशा रे ने 2024 में रूस में राजनीतिक शरण मांगी। उनका दावा है कि फ्रांस में उन्हें सरकार द्वारा सताया गया और बोलने की आज़ादी छीनी जा रही है। उन्होंने फ्रांस सरकार की तुलना अमेरिका से की और खुद को एडवर्ड स्नोडन की तरह बताया, जो अमेरिका की खुफिया जानकारी लीक करने के बाद रूस में शरण लिए हुए हैं। ब्रिजिट और इमैनुएल मैक्रों की उम्र में अंतर पहले से ही आलोचना का विषय रहा है (मैक्रों 46 और ब्रिजिट 72)। इस विवाद ने फ्रांसीसी राजनीति की गरिमा और राष्ट्रपति पद की प्रतिष्ठा पर सवाल खड़े कर दिए। कई मानवाधिकार संगठनों ने इसे महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ साइबरबुलिंग और डिजिटल उत्पीड़न का केस बताया है।

उज्जैन पुलिस ने ट्रैक की दो एक नंबर की कारें — एक मुख्यमंत्री काफिले की

उज्जैन  एक ही नंबर की दो इनोवा कार चलाने का मामला सामने आया है। माधव नगर पुलिस ने दोनों वाहनों को थाने में खड़ा करवाया है। फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने इसकी शिकायत की थी। आरोपित ने कंपनी से कार फाइनेंस करवाने के बाद उसकी किश्त जमा नहीं की थी। कंपनी की कार्रवाई से बचने के लिए उसने अपनी दूसरी कार का नंबर लगा लिया था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि एक कार को बीते दिनों सीएम के कारकेट भी लगाया गया था। बचने के लिए दूसरी कार का नंबर लगा दिया जानकारी के अनुसार एक फाइनेंस कंपनी के अधिकारी माधव नगर थाने पहुंचे थे। जहां उन्होंने एक ही नंबर की दो इनोवा कार चलाए जाने की बात कही थी। शिकायत में पुलिस को बताया गया था कि एक सुनील नामक व्यक्ति ने उनकी कंपनी से कार फाइनेंस करवाई थी। इसकी किश्त उसने जमा नहीं की है। इसके बाद उसने फाइनेंस कंपनी की कार्रवाई से बचने के लिए कार पर दूसरी कार का नंबर लगा लिया है। इसके बाद उसे शहर में चलाया जा रहा है। कंपनी के अधिकारियों पर पुलिस ने जांच की तो एक ही नंबर की दो इनोवा कार भी मिली है। जिसके बाद दोनों कारों को जब्त कर थाने पर खड़ा करवा दिया गया है। टीआइ राकेश भारती का कहना है कि दो कारों पर एक ही नंबर लगा होने की सूचना मिली थी। जिस पर दोनों कारों को जब्त कर थाने ले जाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। सीएम कारकेट में भी लगी एक कार बताया जा रहा है कि एक नंबर की दो कारों में से एक को बीते दिनों सीएम डा. मोहन यादव के कारकेट में भी लगाया गया था। जिसकी भी जांच की जा रही है।

ठेकेदार की मनमानी: 8 इंच की जगह 4 इंच में ढलाई, कलेक्टर बोले – जांच के बाद नहीं बख्शा जाएगा

बालोद आदिवासी विकासखंड डौण्डी के ग्राम पंचायत बम्हनी के आश्रित गांव कटरेल में सीसी रोड निर्माण में ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि इस काम में निर्माण एजेंसी मनमानी कर रहा. बिना झिल्ली बिछाए एस्टीमेट में 8 इंच सड़क को महज 4 इंच में ढाला जा रहा है. इस मामले में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है. ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन ने 266 मीटर सीसी रोड के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत किए थे, जिसका निर्माण RES विभाग की देखरेख में हो रहा है. यह सड़क डीएमएफ की राशि से बनाई जा रही है. ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि घटिया सड़क का निर्माण एजेंसी द्वारा किया जा रहा है. इस पर जांच कर जितना काम हुआ है उतना ही मूल्यांकन किया जाना चाहिए और जहां बिना झिल्ली के निर्माण किया गया है उसे पुनः तोड़ कर निर्माण किया जाना चाहिए. इस पूरे मामले में आरईएस के एसडीओ जयप्रकाश चंद्राकर ने बताया कि आपके द्वारा जानकारी मिलने के बाद मौके पर गया था. इंजीनियर को निर्देशित किया गया है कि जांच कर कोर कटिंग जितना निकलेगा उतने का ही मूल्यांकन करें. अब देखना होगा कि डौंडी विकासखण्ड में के घोर जंगल में बसे गांवों में हो रहे इस तरीके के कार्यों पर कार्यवाही हो पाती है या लीपापोती कर अधिकारी ऐसे लोगों को संरक्षण देकर ऐसे ही गुणवत्ताहीन कार्य कराकर भ्रष्टाचार को अंजाम देंगे.

Aprilia SR 175 भारत में लॉन्च, कीमत 1.26 लाख रुपये से शुरू, अपडेटेड फीचर्स के साथ युवाओं को बनाएगी दीवाना

मुंबई   दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Aprilia India ने भारतीय बाजार में अपनी नई Aprilia SR 175 को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस स्कूटर को 1.26 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा है. बता दें कि यह नई स्कूटर कंपनी के पोर्टफोलियो में पहले से मौजूद Aprilia SR 160 की जगह लेगी. Aprilia SR 175 का इंजन गौरतलब है कि यह स्कूटर लॉन्च से पहले ही कंपनी के आधिकारिक डीलरशिप तक पहुंचना शुरू हो गई थीं. हालांकि उस समय तक कंपनी ने इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया था. इंजन की बात करें तो इसमें एक नया-विकसित 174.7cc, सिंगल-सिलेंडर एयर-कूल्ड इंजन लगाया गया है, जिसमें 3-वाल्व सेटअप दिया गया है. पावर आउटपुट की बात करें तो यह नया इंजन 7,200rpm पर 12.74 bhp की पावर और 6,000rpm पर 14.14 Nm का टॉर्क उत्पन्न करता है. जबकि कंपनी के Aprilia SR 160 स्कूटर के 11.11 bhp की पावर और 13.44 Nm के टॉर्क आउटपुट से बेहतर है. Aprilia SR 175 के फीचर्स नए SR 175 में मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो इसमें एक और महत्वपूर्ण अपडेट कलर TFT डिस्प्ले का इस्तेमाल किया गया है, जो Aprilia RS 457 और Tuono 457 में देखी गई यूनिट के समान दिखता है. हालांकि, इसमें मिलने वाला इंटरफ़ेस और एनिमेशन काफ़ी अलग हैं, और डीलर सूत्रों का कहना है कि SR 175 की स्क्रीन कई लेआउट विकल्प प्रदान करती है. 457 सीरीज की तरह, इसके डिस्प्ले में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी मिलती है, जिससे कॉल अलर्ट, नोटिफिकेशन और म्यूजिक कंट्रोल के लिए Aprilia ऐप के माध्यम से स्मार्टफ़ोन को जोड़ा जा सकता है. मैकेनिकल तौर पर इस स्कूटर में, फ्रेम, सस्पेंशन, ब्रेक और टायर जैसे कंपोनेंट्स Aprilia SR 160 से अपरिवर्तित दिखते हैं. इस स्कूटर में आगे और पीछे दोनों तरफ 14-इंच के व्हील्स इस्तेमाल किए गए हैं, जिनमें चौड़े 120-सेक्शन वाले टायर लगे हैं. ब्रेकिंग के लिए स्कूटर में आगे सिंगल-चैनल ABS के साथ फ्रंट डिस्क ब्रेक और रियर में ड्रम ब्रेक का इस्तेमाल किया गया है. देखने में, नई Aprilia SR 175, SR 160 जैसी ही दिखती है. हालांकि, इसके कलर ऑप्शन Aprilia RS 457 से प्रेरित प्रतीत है. रेड कलर के साथ व्हाइट और रेड कलर के साथ पर्पल जैसे रंग, दोनों ही RS के रंग-रूप से काफ़ी मिलते-जुलते हैं. 1.26 लाख रुपये की कीमत वाली यह अप्रिलिया स्कूटर, Yamaha Aerox 155 और Hero Xoom 160 जैसे स्कूटर्स से होने वाला है.

शेयर बाजार में सुस्त ट्रेडिंग, बैंकिंग शेयरों ने दिखाया दम

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 63.57 अंक या 0.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,634.48 और निफ्टी 16.25 अंक या 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,212.05 पर था। बैंकिंग शेयरों में तेजी देखी गई। निफ्टी बैंक 162.30 अंक या 0.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ 57,168.95 पर था। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 8 अंक की तेजी के साथ 59,620 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 4.80 की मामूली बढ़त के साथ 19,140.05 पर था। सेक्टोरल आधार पर ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक और इन्फ्रा इंडेक्स हरे निशान में थे। मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और कमोडिटीज लाल निशान में थे। सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, टेक महिंद्रा, एसबीआई, इन्फोसिस, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, आईटीसी, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी, भारती एयरटेल और टाइटन टॉप गेनर्स थे। इटरनल (जोमैटो), सन फार्मा, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, बजाज फाइनेंस, बीईएल, टीसीएस और पावर ग्रिड टॉप लूजर्स थे। एसबीआई सिक्योरिटीज के तकनीकी एवं डेरिवेटिव्स अनुसंधान प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि सुस्त शुरुआत के बाद, बुधवार के सत्र के दूसरे भाग में भारतीय शेयर बाजारों ने वापसी की और निफ्टी लगातार दूसरे दिन हरे निशान में बंद हुआ। इस सुधार का नेतृत्व इन्फोसिस, एसबीआई और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों ने किया, जो सूचकांक में बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले शेयरों के रूप में उभरे। दूसरी ओर, आईसीआईसीआई बैंक, आयशर मोटर्स और सन फार्मा में गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने आगे कहा कि लगातार दो सत्रों के मजबूत प्रदर्शन के बाद, व्यापक बाजारों ने राहत की सांस ली। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों सूचकांक स्थिर रुख के साथ बंद हुए, जो व्यापक बाजार की तेजी में ठहराव को दर्शाता है। मिश्रित वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लाल निशान में हुई। सुबह 9:46 पर सेंसेक्स 139 अंक या 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,431 और निफ्टी 58 अंक या 0.23 प्रतिशत की कमजोर के साथ 25,137 पर था।

निमिषा की मौत की घड़ी करीब? तलाल के भाई का दो टूक जवाब- समझौता नहीं होगा

नई दिल्ली यमन में सजा-ए-मौत का सामना कर रही भारतीय नर्स निमिषा प्रिया के लिए राहत का वक्त कुछ घंटे ही रहा। अब तलाल आबदो मेहदी के परिवार ने फिर से साफ कर दिया है कि वे ब्लड मनी स्वीकार नहीं करेंगे। तलाल आबदो मेहदी पर आरोप है कि उसने निमिषा प्रिया का उत्पीड़न किया था और उसका पासपोर्ट रख लिया था। उसे हासिल करने के लिए ही निमिषा ने उसे ड्रग्स दिया था और उसकी ओवरडोज से वह मर गया था। इस मामले में निमिषा प्रिया को सजा-ए-मौत सुनाई गई है। उन्हें आज यानी 16 जुलाई के दिन सजा मिलनी थी, लेकिन केरल के ग्रैंड मुफ्ती अबू बकर मुसलियार के दखल से इसे टाल दिया गया था। कहा गया कि निमिषा प्रिया के वकील और परिजनों को वक्त दिया जाएगा कि वे तलाल के परिवार को ब्लड मनी के लिए राजी कर लें। लेकिन ऐसा होता मुश्किल दिख रहा है। तलाल के भाई का कहना है कि वे ब्लड मनी स्वीकार नहीं करेंगे। तलाल के भाई अब्देलफतेह मेहदी ने कहा कि हमारे परिवार ने समझौते के सभी ऑफर खारिज कर दिए हैं। हम चाहते हैं कि भाई की कातिल को सजा-ए-मौत ही मिले। माफी के सवाल पर अब्देलफतेह मेहदी ने कहा कि यह बेहद गंभीर अपराध है और इसमें कोई माफी नहीं दी जा सकती। हम इस मामले में 'दीयत' यानी ब्लड मनी स्वीकार नहीं करेंगे। ब्लड मनी पर डील के लिए टाली गई है सजा, पर बढ़ गई मुसीबत यमन के कानून के अनुसार यदि मारे गए शख्स का परिवार आरोपी से मुआवजे के बदले माफी दे तो सजा खत्म की जा सकती है। अब्देलफतेह ने फेसबुक पर लिखी लंबी पोस्ट में कहा, 'आज क्या हो रहा है। मध्यस्थता और समझौते की बातें हो रही हैं। यह कोई नई बात नहीं है ना ही सरप्राइज वाली चीज है। इस साल फिर से कई बार समझौते की कोशिशें हुई हैं और ये नई नहीं हैं। हम पर काफी दबाव डाला गया है, लेकिन हमारी मांग में कोई बदलाव नहीं है। हम भी यही चाहते हैं कि उसे सजा-ए-मौत हो। फिलहाल सजा को टाल दिया गया है और हम इससे हैरान हैं। मध्यस्थता करने वाले समझ लें कि हम किसी भी तरह से समझौते के लिए तैयार नहीं हैं और ब्लड मनी स्वीकार नहीं है।' तलाल का भाई बोला- खून का कोई सौदा नहीं होता यही नहीं बेहद सख्त लहजे में तलाल आबदो मेहदी के भाई ने ब्लड मनी को खारिज कर दिया। अब्देलफतेह मेहदी ने लिखा, 'खून को खरीदा नहीं जा सकता। सजा को टाले जाने से हम नहीं रुकेंगे। किसी भी तरह के दबाव के आगे हम नहीं झुकेंगे। न्याय को भुलाया नहीं जा सकता। न्याय होगा और भले ही उसमें देर लगे। यह सिर्फ कुछ समय की बात है और अल्लाह हमारे साथ है।' बता दें कि सोमवार को भी अब्देलफतेह ने यही बात बीबीसी की अरबी सेवा से बातचीत के दौरान कही थी। उनका कहना है कि हम सिर्फ निमिषा की सजा-ए-मौत चाहते हैं।  

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे पूर्व सरपंच पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, जांच के लिए टीम पहुंची गांव

कवर्धा विवादों में घिरा ग्राम पंचायत दशरंगपुर एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। यहां के पूर्व सरपंच राजू खान पर 50 लाख से अधिक रुपए का गंभीर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगा है। ग्रामीणों और उपसरपंच दुर्गेश साहू का आरोप है कि पंचायत में आए विकास कार्यों के फंड का दुरुपयोग कर पूर्व सरपंच राजू ने अपनी जेब भरी। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ से की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 40 साल पुराने बोर खनन के नाम पर राशि निकाल ली गई, जबकि ऐसा कोई काम नहीं हुआ। सड़क, पानी टंकी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के नाम पर भी फर्जीवाड़ा कर पैसे की बंदरबांट की गई। इस संबंध में उपसरपंच दुर्गेश साहू ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत पंचायत में जानकारी मांगी थी, जिसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। ग्रामीणों ने आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर भ्रष्टाचार की शिकायत कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ से की है। शिकायत के बाद जनपद पंचायत के पांच सदस्यीय जांच दल ने ग्राम पंचायत दशरंगपुर पहुंचकर यहां हुए कार्यों की भौतिक जांच शुरू कर दी है। जांच दल जिओ टैगिंग के माध्यम से पूर्व में किए गए तथाकथित विकास कार्यों की पड़ताल कर रहा है। सारे आरोप बेबुनियाद : पूर्व सरपंच इस मामले में पूर्व सरपंच राजू खान ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक साजिश करार दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सबकी नजरें इस पर टिकी है कि जांच के बाद सच्चाई किसके पक्ष में सामने आती है।

भोपाल सार्वजनिक शौचालय का उपयोग हुआ महंगा, अब वसूले जाएंगे 10 रुपये

भोपाल  शहर में संचालित होने वाले सशुल्क सार्वजनिक शौचालय का शुल्क महंगा हो गया है। अब यहां जाने पर नागरिकों को छह के बजाए 10 रुपये देने होंगे। इसकी मंजूरी  महापौर मालती राय की अध्यक्षता वाली मेयर इन काउंसिल ने दे दी है। बैठक में इसके अलावा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर सहित नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी और प्रेमपुरा पर 25 करोड़ आठ लाख रुपये की लागत से नए विसर्जन घाट विकसित किए जाएंगे। कलियासोत डैम से जुड़े नालों की टेपिंग होगी परम्परागत पुराने विसर्जन घाटों पर एनजीटी की रोक के बाद नगर निगम ने यह जगह चिन्हित की हैं । वहीं बड़ा तालाब और कलियासोत डैम से जुड़े नालों की टेपिंग होगी। आइएसबीटी स्थित महापौर कार्यालय में मेयर इन कौंसिल की बैठक आयोजित की गई। एमआइसी के सामने करीब 15 प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्तावों पर मेंबरों ने चर्चा कर पास कर दिए। यह प्रोजेक्ट एक मई 2025 को पूरा करना था ज्यादातर एचएफए के अधूरे प्रोजेक्ट के प्रस्ताव लाए गए। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम समरधा में आवासीय सह व्यवसायिक काम्पलेक्स के बैलेंस वर्क को पूरा करने के लिए 14 करोड़ 11 लाख के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी गई। जबकि कलखेड़ा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स एस्कान इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को 31 दिसंबर तक का एक्सटेंशन दिया गया है। फर्म को यह प्रोजेक्ट एक मई 2025 को पूरा करना था। नॉन स्लम EWS के लिए 26 आवंटियों को मंजूरी वहीं भौंरी, कलखेड़ा, बागमुगालिया फेस-एक, हिनोतिया आलम और रासलाखेड़ी प्रोजेक्ट में नॉन स्लम EWS के लिए 26 आवंटियों को मंजूरी दी गई। आलम नगर प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स सांई कंस्ट्रक्शन को 15 दिसंबर तक का एक्सटेंशन। यह प्रोजेक्ट 16 जून 2025 को पूरा होना था। इसी तरह रासलाखेड़ी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मेसर्स पैराडाइज को 31 दिसंबर तक का एक्सटेंशन। यह प्रोजेक्ट 14 अप्रैल 2025 को पूरा होना था। बड़ा तालाब और कलियासोत डेम का होगा उद्धार अमृत 2.0 में कलियासोत नदी के रिज्युवेशन कार्य के लिए 36.68 करोड़ के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी गई । इसी तरह अमृत 2.0 में बड़ा तालाब के रिज्युवनेशन कार्य के लिए 14.91 करोड़ के टेंडर बुलाने की मंजूरी दी। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक कलियासोत डेम में गर्मी के मौसम में पानी खत्म हो जाता है। इसमें पानी स्टोर रहे, इसके लिए स्टाप डेम बनाए जाएंगे। वहीं स्पॉट डेम में शुद्ध पानी रहे, इसके लिए आसपास बाउंड्री बनेगी। इसी तरह बड़ा तालाब में मिल रहे नालों की टेपिंग होगी। नालों के गंदी पानी को एसटीपी की तरफ मोड़ा जाएगा। अमृत मित्र को मिला एक्सटेंशन अमृत 2.0 में अमृत मित्र बनाए गए हैं। इसमें दो स्व सहायता समूह काम करते हैं, जो घर-घर जाकर पानी सेम्पल लेकर टेस्टिंग लैब में देते हैं । इन्हें हर सैम्पल के हिसाब से भुगतान किया जाता है। अमृत मित्र का टेंडर 18 जून को खत्म हो गया है । इसलिए एमआइसी में एक साल एक्सटेंशन की फाइल रखी गई। हालांकि मेंबरों ने इसे तीने महीने करने को ही कहा है।