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करणी सेना–पुलिस झड़प: सीएम ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए, रिपोर्ट तलब

हरदा  हरदा में करणी सेना परिवार के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा राजपूत छात्रावास में घुसकर किए गए लाठीचार्ज पर सीएम ने संज्ञान लिया है।सीएम ने ट्वीट कर लिखा, हरदा छात्रावास प्रकरण का संज्ञान लेकर मैंने जिला प्रशासन से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। हमारी सरकार के लिए सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव सर्वोच्चय प्राथमिकता है। मप्र में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। हरदा में विवाद की पूरी टाइम लाइन     विवाद की शुरुआत 11–12 जुलाई को हुई। करणी सेना परिवार के नेता आशीष सिंह राजपूत ने आरोप लगाया कि उनके साथ हीरा खरीदने के नाम पर ₹18 लाख की धोखाधड़ी हुई, जिसकी उन्होंने मोगली थाने में शिकायत दर्ज करवाई। आशीष राजपूत ने विकास लोधी, मोहित वर्मा, उमेश तपानिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।     12–13 जुलाई को पुलिस ने आरोपी मोहित वर्मा को गिरफ्तार किया और उसे कोर्ट ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान करीब 40–50 करणी सेना कार्यकर्ता कोर्ट परिसर और मुख्य मार्ग पर आकर अदालत के रास्ते पर आरोपी को सौंपने की मांग की इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ।     पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बातचीत की कोशिश की, लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया। इस दौरान 4–5 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिनमें जिला अध्यक्ष सुनील राजपूत, आशीष राजपूत भी शामिल थे।     3 जुलाई रविवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने खंडवा बायपास हाईवे और अन्य मार्गों को बंद कर दिया। जाम के कारण स्कूल, एम्बुलेंस प्रभावित हुए तो पुलिस ने तीन बार तक लाठीचार्ज किया, साथ में तीन बार वाटर कैनन, आंसू गैस फायरिंग की गई। पुलिस ने नियम तोड़ने के आरोप में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। 60 से ज्यादा लोगों को जेल भेज दिया गया।     कोर्ट के बाहर और राजपूत छात्रावास में घुसकर क्षेत्र के साथ भी क्षेत्र को खाली कराने के लिए दोबारा बल प्रयोग किया गया।     14 जुलाई को 60 से ज्यादा गिरफ्तारियों की पुष्टि हुई। इसके बाद शांति बनाए रखने के लिए हरदा में प्रशासन ने Section 163 BNS (पूर्व 144) लागू कर दी गई।     पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह हरदा पहुंचे, उन छात्रों से मिले जिनके ऊपर लाठीचार्ज किया गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर बच्चों सहित महिलाओं को पीटने का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की।     15 जुलाई को करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर को शर्तों के साथ रिहा किया गया। उन्होंने आंदोलन शांतिपूर्ण रखने और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया     प्रशासन ने अधिकृत रिपोर्ट तैयार की और वीडियो फुटेज जारी कर यह दिखाने की कोशिश की कि पुलिस कार्रवाई समूह विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि स्थानीय कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी ।

पहलगाम अटैक पर चौंकाने वाला खुलासा, 26 टूरिस्टों की हत्या के बाद आतंकियों ने किया था एक और कांड

 पहलगाम  22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इसके बाद लगातार एजेंसियां अपनी जांच में जुटी हुई हैं। आतंकी हमले के सबसे अहम चश्मदीद ने जांच करने वाली एजेंसियों के सामने चौंकाने वाला बयान दिया है। उसने बताया कि उसने 22 अप्रैल को घास के मैदानों में 26 लोगों की हत्या के बाद बंदूकधारियों को हवा में चार राउंड फायरिंग करते देखा था और वह जश्न मना रहे थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्टार प्रोटेक्टेड चश्मदीद गवाह को एनआईए ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी की मदद से ट्रैक किया था। इस गवाह का हमले के कुछ ही मिनटों के बाद बैसरन घाटी के मैदान में तीन पाकिस्तानी आतंकियों से सामना हुआ था। उसके बयान से वाकिफ एक सूत्र ने इंडियन एक्प्रेस को बताया, ‘उसे कलमा पढ़ने के लिए कहा गया और जब उसने अपने स्थानीय लहजे में बोलना शुरू किया, तो उन्होंने उसे छोड़ दिया। उन्होंने जश्न मनाने के लिए गोलियां चलानी शुरू कर दीं। उसने हवा में चार राउंड गोलियां चलाई गईं।’  चश्मदीद ने जांचकर्ताओं को बताया है कि उसने 22 अप्रैल को 26 टूरिस्टों की हत्या के बाद बंदूकधारियों को ‘जश्न’ में हवा में चार राउंड गोलियां चलाते देखा था. यह पता चला है कि ‘स्टार प्रोटेक्टेड गवाह, जिसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जम्मू और कश्मीर पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की मदद से ट्रैक किया था, हमले के कुछ मिनट बाद बैसरन घाटी में तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों का सामना किया था. पिछले महीने एनआईए ने हमलावरों को कथित तौर पर पनाह देने के आरोप में दो स्थानीय लोगों परवेज अहमद जोथर और बशीर अहमद को गिरफ्तार किया था. एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘उन्होंने तीन सशस्त्र आतंकवादियों की पहचान उजागर की और पुष्टि की कि वे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक थे. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, एनआईए को एक स्थानीय व्यक्ति मिला. अब वह मुख्य गवाह है. उसने हमले के कुछ ही मिनटों बाद हुई घटनाओं की अहम जानकारी साझा की. बताया जा रहा है कि उसने जांचकर्ताओं को बताया कि नागरिकों की हत्या करने के बाद जब वे बैसरन से निकल रहे थे, तो बंदूकधारियों ने उसे रोक लिया. उसके बयान से वाकिफ एक सूत्र ने बताया, ‘उसे कलमा पढ़ने के लिए कहा गया और जब उसने अपने स्थानीय लहजे में बोलना शुरू किया, तो उन्होंने उसे छोड़ दिया. उन्होंने जश्न में गोलियां चलानी शुरू कर दीं. हवा में चार राउंड गोलियाँ चलाई गईं.’ उसके बयान के आधार पर जांच दल ने घटनास्थल से चार इस्तेमाल किए हुए कारतूस जब्त किए. बताया जा रहा है कि उस व्यक्ति ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि उसने आतंकियों के मददगार परवेज और बशीर को कथित तौर पर एक पहाड़ी के पास खड़े होकर हमलावरों के सामान की देखभाल करते देखा था, जिसे बंदूकधारियों ने आखिरकार उनसे ले लिया था. जांचकर्ताओं ने परवेज और बशीर से भी लंबी पूछताछ की है. उसके आधार पर अब उन्हें पता चला है कि हमले से पहले क्या हुआ था. एक केंद्रीय खुफिया एजेंसी के सूत्र ने बताया, ‘परवेज ने दावा किया है कि घटना से एक दिन पहले तीनों आतंकी दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उसके घर आए और खाना मांगा. उनके पास हथियार थे. उसकी पत्नी ने उन्हें खाना परोसा और वे करीब चार घंटे तक बैसरन में सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटक स्थलों, रास्तों और टाइम टेबल से जुड़े सवाल पूछते रहे.’ सूत्रों के मुताबिक, जाने से पहले आतंकियों ने परवेज की पत्नी से कुछ मसाले और बिना पके चावल पैक करने को कहा और परिवार को 500 रुपये के पांच नोट दिए. सूत्र ने बताया, ‘इसके बाद वे बशीर से मिले. उन्होंने उनसे (दोनों स्थानीय परवेज और बशीर) 22 अप्रैल को दोपहर करीब साढ़े बारह बजे बैसरन पहुंचने को कहा. सूत्रों ने बताया कि हमलावरों में से एक सुलेमान शाह बताया जा रहा है, जो पिछले साल 20 अक्टूबर को श्रीनगर-सोनमर्ग राजमार्ग पर जेड-मोड़ सुरंग का निर्माण कर रही एक कंपनी के सात कर्मचारियों की हत्या में शामिल था. घटनास्थल से चार कारतूस बरामद पिछले महीने एनआईए ने हमलावरों को कथित तौर पर पनाह देने के आरोप में दो स्थानीय लोगों को अरेस्ट किया था। एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘उन्होंने तीन आतंकवादियों की पहचान का खुलासा किया और पुष्टि की कि वे लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तानी थे।’ इस मामले में गवाहों के बयान के बाद जांच कर रही टीम ने घटनास्थल से चार कारतूस भी जब्त किए हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि उस व्यक्ति ने जांच करने वाली टीम को यह भी बताया था कि उसने परवेज और बशीर को कथित तौर पर पहाड़ी के पास खड़े होकर हमलावरों के सामान की देखभाल करते हुए देखा था। बशीर और परवेज से एजेंसी ने की पूछताछ एजेंसी ने परवेज और बशीर से भी काफी लंबी पूछताछ की है। एक सेंट्रल एजेंसी के सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘परवेज ने दावा किया है कि घटना से एक दिन पहले, तीनों हमलावर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उसके घर आए और खाना मांगा। उनके पास हथियार थे। उसकी पत्नी ने उन्हें खाना परोसा और वे करीब चार घंटे तक बैसरन में सिक्योरिटी अरेंजमेंट, टूरिस्ट प्लेस, रूट और टाइम से जुड़े हुए सवाल पूछते रहे।’ हमलावरों ने परवेज की पत्नी से कुछ मसाले और बिना पके चावल पैक करने को कहा और परिवार को 500 रुपये के पांच नोट दिए।    

खुलासा : छांगुर बाबा नेपाल सीमा से सटे गांवों में धर्मांतरण के अड्डे खोलने की तैयारी कर रहा था

 बलरामपुर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में एटीएस की गिरफ्त में आए छांगुर बाबा को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, छांगुर नेपाल सीमा से सटे गांवों में इस्लामिक मूवमेंट फैलाने और धर्मांतरण के अड्डे खोलने की साजिश रच रहा था. इसके लिए उसने 46 गांवों के युवाओं को टारगेट किया था और एक पूरी टीम भी खड़ी कर ली थी.  छांगुर बाबा का मकसद सीमावर्ती युवाओं को कट्टर सोच और जिहाद की तरफ झुकाने का था, जिसके लिए वह जलसों में तकरीरें करता और परचे बांटकर उनकी मानसिकता समझने की कोशिश करता था. चिह्नित युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए वह उन्हें पैसों का लालच भी दे रहा था. सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि छांगुर ने इस्लामिक मूवमेंट फैलाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रखी थी. विदेशों से उसके पास लगातार पैसे आने लगे थे और वह नेपाल में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश में जुटा था. साल 2020 के बाद वह आर्थिक रूप से बेहद मजबूत हो गया. वर्ष 2015 तक जो छांगुर पुरानी बाइक से अंगूठियां और नग बेचता था, वह अब लग्जरी गाड़ियों में घूमने लगा था. उसके करीबियों की संपत्तियां भी तेजी से बढ़ीं. एटीएस की जांच में सामने आया है कि छांगुर बाबा ने सरकारी जमीनों पर भी कब्जा करने का खेल शुरू कर दिया था. उतरौला क्षेत्र में तालाब, चरागाह, खलिहान की जमीनों पर उसकी नजर थी. तहसील कर्मियों की मिलीभगत से उतरौला के एक तालाब की जमीन अपने नाम करा ली थी और बाद में उसे नीतू रोहरा के नाम एक करोड़ रुपये में बेच दिया गया. नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी ने इस तालाब की जमीन पाटने की रिपोर्ट भी प्रशासन को भेजी थी. उतरौला में छांगुर बाबा ने दो जगहों पर कब्जे किए थे, जिनमें से एक कोठी प्रशासन ने गिरा दी है, जबकि दूसरी जगह को लेकर जांच जारी है. छांगुर बाबा के नेटवर्क में 18 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. अगस्त 2024 में इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन करीब आठ महीने तक जांच ही चलती रही. अप्रैल 2025 में इसके बेटे और सहयोगी नवीन रोहरा की गिरफ्तारी के बाद छांगुर का नेटवर्क कमजोर पड़ने लगा और उसके करीबी उससे दूरी बनाने लगे. फिलहाल छांगुर एटीएस की रिमांड कस्टडी में है, जहां उससे पूछताछ जारी है. रिमांड की दो दिन की अवधि और बची है. एटीएस का मानना है कि पूछताछ में इससे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

अलीराजपुर में सुबह 6 बजे से हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा

भोपाल  मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। आज 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। अलीराजपुर में सुबह 6 बजे से हो रही लगातार बारिश से उर नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पुलिया से 3 फीट ऊपर पानी बह रहा है। पानी घरों में घुस गया है। बैतूल जिले के सारणी में सतपुड़ा बांध के 5 गेट 2 फीट तक खोले गए हैं। इन गेटों को आज सुबह 10:45 बजे खोलकर 8390 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डिंडौरी और मंडला में भी तेज बारिश जारी है। यहां नर्मदा नदी में पानी बढ़ रहा है। कई जगहों पर पुल डूब गए हैं। मंडला के सुभाष वार्ड में पानी निकासी नहीं होने के चलते सड़क पर तीन फीट के ऊपर पानी भर गया है। डिंडौरी में नर्मदा घाटों पर बने मंदिर डूब गए हैं। मंगलवार को 25 से ज्यादा जिलों में हुई बारिश मंगलवार को ग्वालियर, भोपाल, इंदौर समेत 25 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा ग्वालियर में 2.3 इंच पानी गिर गया। खरगोन में डेढ़ इंच, सीधी में 1 इंच और उमरिया में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। शाजापुर और रायसेन में भी तेज बारिश का दौर चला। भोपाल, दतिया, इंदौर, नर्मदापुरम, श्योपुर, शिवपुरी, मंडला, सागर, सिवनी, बालाघाट, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, आगर-मालवा, देवास समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बीते 24 घंटे में बारिश या वर्षाजनित हादसों में किसी मौत की खबर नहीं है। इस मानसूनी सीजन में मध्यप्रदेश में औसत 18.2 इंच बारिश हो गई है, जो कोटे से आधी है। अब तक की औसत बारिश से यह 72% यानी 5.6 इंच ज्यादा है। अब तक 10.6 इंच पानी गिरता है। निवाड़ी ऐसा जिला है, जहां एक महीने में ही बारिश का आंकड़ा 103% यानी 31.46 इंच पहुंच गया है। इस जिले की सामान्य बारिश साढ़े 30 इंच है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले पिछड़े हुए हैं। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 14.5 इंच, इंदौर में 7 इंच, ग्वालियर में 18.5 इंच, जबलपुर में 21.6 इंच और उज्जैन में 8 इंच पानी गिरा है। वहीं, टीकमगढ़ में 91% (33 इंच), छतरपुर में 75% (28 इंच), शिवपुरी में 82% (25.3 इंच) और मंडला में 75% (35 इंच) बारिश हो चुकी है।

1971 वॉर में शहीदों का बांग्लादेश ने 54 साल बाद अब किया सम्मान, जवान के घर भिंड पहुंचा स्मृति चिन्ह , पत्नी हुई भावुक

भिंड  चंबल को वीरों की भूमि कहा जाता है. इस क्षेत्र के अनेकों वीर सपूतों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. ऐसे ही भिंड के 12 वीर सपूतों ने 1971 के भारत-पाकिस्तान जंग में लड़ते हुए शहीद हो गए थे. पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा जो कि वर्तमान में बांग्लादेश है वह भी अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था. बांग्लादेश को आजाद कराने में भारत ने अहम भूमिका निभाई थी. सन् 1971 के युद्ध के करीब 54 साल बाद बांग्लादेश की सरकार ने शहीद भारतीय जवानों को सम्मानित किया है. 54 साल बाद शहीद जवान को मिला सम्मान 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान जंग में भिंड के 12 वीर सपूत शहीद हुए थे, इसमें से एक शहीद राम लखन गोयल भी थे. दो दिन पहले अचानक भिंड शहर के सैनिक कॉलोनी में आर्मी की एक गाड़ी पहुंची. गाड़ी में मौजूद आर्मी के जवानों ने आवाज लगाई तो घर से एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला लीला देवी गोयल बाहर निकली. लीला देवी अचानक घर के सामने आर्मी के जवानों के देख अचंभित रह गई. एक जवान ने उनसे पूछा कि क्या वे शहीद राम लखन गोयल की पत्नी हैं? लीला देवी ने कहा कि हां, मैं शहीद राम लखन गोयल की पत्नी हूं. वहां खड़े सेना के दो जवानों ने उनके पैर छुए और बताया कि वह उनके शहीद पति का सामान लेकर आया है. बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने किया सम्मानित सेना के जवानों ने गाड़ी से एक बॉक्स निकाला. जिसमें बांग्लादेश की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर, एक शील्ड और एक हफ्ता सहित एक पत्र था. वह लेटर बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हमीद की ओर से भेजा गया था. प्रमाण पत्र में लिखा हुआ था कि बांग्लादेश सरकार 1971 के भारतीय शहीद जवान का सम्मान कर रही है. यह सम्मान पत्र करीब 7 साल पहले जारी किया गया था. शहीद राम लखन गोयल की पत्नी लीला देवी ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा, "यह सम्मान तो अच्छा है, लेकिन बहुत देर कर दी. मेरे पति देश के लिए शहीद हो गए. उसके बाद से मैं अकेली रह रही हूं. मेरी शादी के कुछ ही दिन बाद वह शहीद हो गए थे. तार के माध्यम से पता चला था कि वह शहीद हो गए हैं. मेरा कोई बच्चा भी नहीं है. मैंने परिवार का भतीजा गोद लिया है."

शुभमन गिल समेत तीन भारतीय फिसले रैंकिंग में, जो रूट ने मारी बाज़ी

नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बुधवार को टेस्ट प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की है। इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने हमवतन हैरी ब्रूक से बादशाहत छीन ली है। रूट फिर से नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं। उनके खाते में फिलहाल 888 रेटिंग अंक हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में शतक लगाने के अलावा 40 रनों की पारी खेली थी। ब्रूक ने पिछले हफ्ते रूट को पछाड़ा था लेकिन लॉर्ड्स में खराब प्रदर्शन (11, 23) के बाद अब तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। उनके 862 अंक हैं। न्यूजीलैंड के धाकड़ बल्लेबाज केन विलयमसन (867) दूसरे नंबर पर हैं। वहीं, कप्तान शुभमन गिल समेत तीन भारतीय बल्लेबाजों को घाटा झेलना पड़ा है। गिल तीन स्थान लुढ़ककर नौवें पर आ गए हैं। उनके 765 अंक हैं। गिल ने लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में कुल 22 रन बनाए। ओपनर यशस्वी जायसवाल (801) और विकेटकीपर ऋषभ पंत (779) को एक-एक पायदान का नुकसान हुआ। यशस्वी मैच में सिर्फ 13 रन बना सके। उनका दूसरी पारी में खाता नहीं खुला था। पंत ने पहली पारी में 74 रन जुटाए थे लेकिन दूसरी पारी में 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। भारत को लॉर्ड्स में 22 रनों से करीबी हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद इंग्लैंड पांच टेस्ट की सीरीज में 2-1 से आगे है। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ (816) जमैका में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टेस्ट में 48 रन की पारी खेलने के बाद एक स्थान ऊपर चढ़े। वह अब चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को 204 रनों का टारगेट देने के बाद महज 27 रन पर ढेर कर दिया था। यह टेस्ट इतिहास का दूसरा लोएस्ट टोटल है। ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन 46 और 42 रन की पारी की बदौलत 16 स्थान की छलांग लगाकर 29वें स्थान पर पहुंच गए। जमैका में हैट्रिक लेने वाले कंगारू पेसर स्कॉट बोलैंड टेस्ट गेंदबाजों की सूची में करियर के सर्वश्रेष्ठ छठे स्थान पर आ गए हैं। वह पिंक टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज हैं। दूसरी ओर, तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क (9 रन देकर 6 विकेट) दमदार प्रदर्शन के बावजूद रैंकिंग में 10वें स्थान पर ही कायम हैं। हालांकि, बाएं हाथ के गेंदबाज के रेटिंग अंक बढ़कर 766 हो गए हैं। टॉप-10 गेंदबाजों में कुल पांच ऑस्ट्रेलिया के हैं। कप्तान पैट कमिंस तीसरे और जोश हेजलवुड चौथे स्थान पर बने हुए हैं। स्पिनर नाथन लियोन एक स्थान नीचे आठवें पर खिसक गए हैं। नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हैं। उनके 901 अंक हैं। बुमराह ने लॉर्ड्स में सात विकेट हासिल किए थे। उन्होंने पहली पारी में पंजा खोला था।  

खरगे और राहुल गांधी की प्रधानमंत्री से मांग – जम्मू-कश्मीर को फिर से मिले राज्य का दर्जा

नई दिल्ली  राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए संसद के आगामी मॉनसून सत्र में विधेयक लाया जाए। उन्होंने यह मांग भी उठाई कि सरकार केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत शामिल करने के लिए भी विधेयक लाए। संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "पिछले पांच वर्षों से जम्मू-कश्मीर के लोग लगातार पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे हैं। यह मांग वैध भी है और उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों पर आधारित है।" उनका कहना था कि अतीत में केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य का दर्जा दिए जाने के उदाहरण रहे हैं, लेकिन जम्मू -कश्मीर का मामला ऐसा है कि स्वतंत्र भारत में जिसकी कोई मिसाल नहीं है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि यह पहली बार है कि विभाजन के बाद किसी पूर्ण राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है। कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेताओं ने कहा, "कई अवसरों पर, आपने व्यक्तिगत रूप से राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। 19 मई 2024 को भुवनेश्वर में अपने एक साक्षात्कार में आपने कहा: "राज्य का दर्जा बहाल करना एक गंभीर वादा है, जो हमने किया है और हम इस पर कायम हैं।" फिर, 19 सितंबर 2024 को श्रीनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए आपने इस बात को दोहराया था: "हमने संसद में कहा है कि हम क्षेत्र का राज्य का दर्जा बहाल करेंगे।" खरगे और राहुल गांधी के अनुसार, केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के मामले में उच्चतम न्यायालय के समक्ष इसी तरह का आश्वासन दिया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य का दर्जा "जितनी जल्दी हो सके" बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा, " हम सरकार से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए संसद के आगामी मॉनसून सत्र में एक कानून लाने का आग्रह करते हैं।" कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा, "इसके अतिरिक्त, हम अनुरोध करते हैं कि सरकार केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत शामिल करने के लिए कानून लाए। यह लद्दाख के लोगों के अधिकारों, भूमि और पहचान की रक्षा करते हुए उनकी सांस्कृतिक, विकासात्मक और राजनीतिक आकांक्षाओं को संबोधित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।"  

असामाजिक तत्वों ने आधी रात में कार में लगाई आग, पीड़ित की तत्परता से टला बड़ा हादसा, दर्ज कराई शिकायत

अभनपुर  राजधानी से लगे अभनपुर क्षेत्र में मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात ग्राम जौंदी में एक ग्रामीण की नई इको गाड़ी को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया, जिससे वाहन बुरी तरह जल गया। पीड़ित ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना गोबरा नवापारा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पीड़ित ग्रामीण अजय बैरागी ने बताया कि उन्होंने महज 4 महीने पहले नई इको गाड़ी (क्रमांक CG 04 QD 7630) खरीदी थी। वह उसे घर के बाहर ही खड़े करते थे। मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात करीब 12:30 बजे किसी ने उनकी गाड़ी में आग लगा दी। अजय को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर पड़ोसियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक वाहन का सामने का हिस्सा और चारों टायर जल चुके थे। अजय ने बताया कि उन्हें शक है कि यह कृत्य दुश्मनी के चलते उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया गया है। उन्होंने मामले की रिपोर्ट थाना गोबरा नवापारा में दर्ज कराई है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

‘उदयपुर फाइल्स’ पर सुप्रीम कोर्ट की नजर, कहा- सरकार जल्द तय करे रिलीज पर रुख

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की जिहादियों द्वारा जघन्य हत्या किए जाने के मामले पर बनी फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ नहीं हो सका है। इस मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसने फिल्म की रिलीज पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने केंद्र सरकार की ओर से गठित पैनल को इस मामले में तेजी से फैसला लेने को कहा है। अदालत ने कहा कि कमेटी को तेजी से निर्णय लेना चाहिए कि आखिर फिल्म पर उसका क्या फैसला है। बेंच ने कहा कि यह फैसला लेना हमारा अधिकार नहीं है कि कौन सी फिल्म रिलीज होनी चाहिए और कौन सी नहीं। यह अधिकार सरकार के पास है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाला बागची की बेंच ने फिल्म के खिलाफ आपत्तियों पर सुनवाई कर रही केंद्र की समिति से कन्हैया लाल हत्या मामले के आरोपियों का पक्ष भी सुनने को कहा। बेंच ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर पैनल का गठन हुआ है। सरकार पैनल की ओर से फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद आगे बढ़ सकती है। बेंच ने कहा, 'हम इस फैसले को फिलहाल रोकते हैं। हमें देखना होगा कि केंद्र सरकार उच्च न्यायालय में क्या कहती है। यदि सरकार कहती है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है तो फिर देखेंगे। यदि कुछ चीजें काटने की बात कही जाती है तो वह भी देखना होगा। हां, यदि केंद्र सरकार फैसला ही न ले तो अलग मामला है।' अदालत ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि इस मामले में एक कमेटी का गठन हुआ है और हमें एक से दो दिन इंतजार करना होगा। जजों ने कहा कि इस मामले में गठित कमेटी को तुरंत फैसला लेना चाहिए। बेंच ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि इस मामले में बेंच की ओर से जल्दी ही फैसला लिया जाएगा। इसके साथ ही हम अगली सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख तय करते हैं।' अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय ने मूवी के कॉन्टेंट को लेकर कुछ नहीं कहा है। उसने सिर्फ याचियों से इतना कहा है कि वे इस मामले में केंद्र सरकार से संपर्क करें।  

ट्रक ने छीना परिवार का सुख: मां-बेटे की मौत, पिता और बच्चा जिंदगी की जंग में

जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी ने एक पूरे परिवार को मौत के मुंह में ढकेल दिया. मुलमुला थाना क्षेत्र के पामगढ़ रोड पर एक ही बाईक पर पति-पत्नी अपने 3 बच्चों को लेकर सफर कर रहे थे. इसी दौरान एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने बाइक को ठोकर मार दी, जिससे बाइक सवार परिवार ट्रक की चपेट में आ गए. महिला और एक मासूम की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं मृतिका के पति और एक बच्चे की हालत गंभीर है. तीसरा बच्चे को मामूलि चोट आई है. घटना के बाद आरोपी बोलेरो वाहन लेकर फरार हो गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मृत महिला और मासूम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. वहीं गंभीर रूप से घायल बाइक चालक (मृतिका के पति) और एक बच्चे को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है. वहीं तीसरे बच्चे को अकलतरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है. आरोपी बोलेरो वाहन चालक की पहचान कर उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है.