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मैनचेस्टर में आज तक नहीं जीता भारत, क्या इस बार दिखेगा नया इरादा?

नई दिल्ली पिछले मैच में हार और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल हो जाने के बावजूद भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में मजबूत इरादे से उतरेगी। भारतीय टीम श्रृंखला में वापसी करने और ओल्ड ट्रैफर्ड में पहली बार जीत हासिल करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। भारत को हालांकि अभी तक आजमाए गए अपने फॉर्मूले से हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। लीड्स में पहले टेस्ट के बाद भारत ने अंतिम एकादश में तीन ऑलराउंडरों को शामिल किया था। इनमें नीतीश रेड्डी भी शामिल थे, जो घुटने की चोट के कारण अब श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे दो स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर की मौजूदगी में भारत के पास आठवें नंबर तक बल्लेबाज़ी करने की गुंजाइश थी। मैनचेस्टर में ऐसा शायद न हो, जहां भारतीय टीम अभी तक जीत हासिल नहीं कर पाई है। भारत ने यहां अभी तक नौ मैच खेले हैं जिनमें से चार में उसे पराजय का सामना करना पड़ा जबकि बाकी पांच मैच ड्रॉ रहे। इंग्लैंड वर्तमान श्रृंखला में अभी 2-1 से आगे चल रहा है और अगर भारत को पांच मैच की इस श्रृंखला को जीवंत बनाए रखना है तो उसे यहां हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले शार्दुल ठाकुर को रेड्डी की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है लेकिन उनका बल्लेबाजी में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। अगर उन्हें टीम में लिया जाता है तो उन्हें गेंदबाज़ी में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना होगा क्योंकि रेड्डी ने लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में महत्वपूर्ण अवसरों पर विकेट लिए थे। भारत लीड्स के संयोजन को फिर से आजमा सकता है, जहां उसके पास जडेजा के रूप में केवल एक स्पिनर था और छठे नंबर तक विशेषज्ञ बल्लेबाज थे, जिसमें करुण नायर और साई सुदर्शन दोनों अंतिम एकादश में थे। इसके अलावा नए तेज़ गेंदबाज़ अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा भी अंतिम एकादश में जगह बनाने के दावेदार हैं। अगर आकाश दीप कमर की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाते हैं, तो इनमें से कोई भी उनकी जगह ले सकता है। आकाश दीप की तरह, कंबोज भी अच्छी सीम मूवमेंट पैदा कर सकते हैं। वह भारत ए के इंग्लैंड दौरे का भी हिस्सा थे और इस तरह से यहां की परिस्थितियों से कुछ हद तक वाकिफ हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का अंतिम एकादश में जगह बनाना तय है। लॉर्ड्स में श्रृंखला में पहली बार भारतीय बल्लेबाज नहीं चल पाए थे और और अगर भारत को श्रृंखला में वापसी करनी है तो कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई वाली बल्लेबाजी लाइन-अप को फिर से अच्छा प्रदर्शन करना होगा। गिल तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन इसके बावजूद श्रृंखला में उनके नाम पर 600 से अधिक रन दर्ज हैं। भारत के लिए उनका बड़ा स्कोर काफी मायने रखता है। जोफ्रा आर्चर ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सफल वापसी में यशस्वी जायसवाल को दो बार आउट किया और यह बाएं हाथ का बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाज की अतिरिक्त गति से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होगा। गिल ने भले ही श्रृंखला में भारत की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए हैं लेकिन वह के एल राहुल हैं जो अधिक विश्वसनीय बल्लेबाज नजर आए। भारत को फिर से उनसे ठोस प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। मैच से पहले भारत के अभ्यास सत्र को देखकर लगता है कि ऋषभ पंत अपनी उंगली की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और हमेशा की तरह अपनी दोहरी जिम्मेदारी निभाएंगे। अगर नायर को एक और मौका मिलता है, तो वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए बेताब होंगे। लगातार चार अर्धशतक लगाने वाले जडेजा मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं लेकिन उन्हें गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के अन्य स्थानों की तुलना में भारत को मैनचेस्टर में कम खेलने का मौका मिला है। उसने यहां अपना आखिरी टेस्ट मैच 2014 में खेला था। इस मैदान पर भारत की तरफ से आखिरी शतक सचिन तेंदुलकर ने 1990 में लगाया था। भारत की निगाह जहां श्रृंखला बराबर करने पर टिकी हैं वहीं इंग्लैंड अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा। जैसा कि आमतौर पर होता है, बेन स्टोक्स ने मैच से पहले अपनी अंतिम एकादश चुनी और उनकी टीम में एकमात्र बदलाव चोटिल शोएब बशीर की जगह लियाम डॉसन को शामिल करना है। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने इंग्लैंड के लिए अपना आखिरी मैच जुलाई 2017 में खेला था। मैनचेस्टर में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है और मैच के पांचों दिन हल्की वर्षा होने का अनुमान है। इससे तेज गेंदबाजों को फायदा मिल सकता है। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज। इंग्लैंड की टीम: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर।  

मैनचेस्टर में आज तक नहीं जीता भारत, क्या इस बार दिखेगा नया इरादा?

नई दिल्ली पिछले मैच में हार और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल हो जाने के बावजूद भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट में मजबूत इरादे से उतरेगी। भारतीय टीम श्रृंखला में वापसी करने और ओल्ड ट्रैफर्ड में पहली बार जीत हासिल करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। भारत को हालांकि अभी तक आजमाए गए अपने फॉर्मूले से हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। लीड्स में पहले टेस्ट के बाद भारत ने अंतिम एकादश में तीन ऑलराउंडरों को शामिल किया था। इनमें नीतीश रेड्डी भी शामिल थे, जो घुटने की चोट के कारण अब श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर जैसे दो स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर की मौजूदगी में भारत के पास आठवें नंबर तक बल्लेबाज़ी करने की गुंजाइश थी। मैनचेस्टर में ऐसा शायद न हो, जहां भारतीय टीम अभी तक जीत हासिल नहीं कर पाई है। भारत ने यहां अभी तक नौ मैच खेले हैं जिनमें से चार में उसे पराजय का सामना करना पड़ा जबकि बाकी पांच मैच ड्रॉ रहे। इंग्लैंड वर्तमान श्रृंखला में अभी 2-1 से आगे चल रहा है और अगर भारत को पांच मैच की इस श्रृंखला को जीवंत बनाए रखना है तो उसे यहां हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले शार्दुल ठाकुर को रेड्डी की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है लेकिन उनका बल्लेबाजी में उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। अगर उन्हें टीम में लिया जाता है तो उन्हें गेंदबाज़ी में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करना होगा क्योंकि रेड्डी ने लॉर्ड्स में तीसरे टेस्ट में महत्वपूर्ण अवसरों पर विकेट लिए थे। भारत लीड्स के संयोजन को फिर से आजमा सकता है, जहां उसके पास जडेजा के रूप में केवल एक स्पिनर था और छठे नंबर तक विशेषज्ञ बल्लेबाज थे, जिसमें करुण नायर और साई सुदर्शन दोनों अंतिम एकादश में थे। इसके अलावा नए तेज़ गेंदबाज़ अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा भी अंतिम एकादश में जगह बनाने के दावेदार हैं। अगर आकाश दीप कमर की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाते हैं, तो इनमें से कोई भी उनकी जगह ले सकता है। आकाश दीप की तरह, कंबोज भी अच्छी सीम मूवमेंट पैदा कर सकते हैं। वह भारत ए के इंग्लैंड दौरे का भी हिस्सा थे और इस तरह से यहां की परिस्थितियों से कुछ हद तक वाकिफ हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का अंतिम एकादश में जगह बनाना तय है। लॉर्ड्स में श्रृंखला में पहली बार भारतीय बल्लेबाज नहीं चल पाए थे और और अगर भारत को श्रृंखला में वापसी करनी है तो कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई वाली बल्लेबाजी लाइन-अप को फिर से अच्छा प्रदर्शन करना होगा। गिल तीसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे लेकिन इसके बावजूद श्रृंखला में उनके नाम पर 600 से अधिक रन दर्ज हैं। भारत के लिए उनका बड़ा स्कोर काफी मायने रखता है। जोफ्रा आर्चर ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी सफल वापसी में यशस्वी जायसवाल को दो बार आउट किया और यह बाएं हाथ का बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाज की अतिरिक्त गति से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होगा। गिल ने भले ही श्रृंखला में भारत की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए हैं लेकिन वह के एल राहुल हैं जो अधिक विश्वसनीय बल्लेबाज नजर आए। भारत को फिर से उनसे ठोस प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। मैच से पहले भारत के अभ्यास सत्र को देखकर लगता है कि ऋषभ पंत अपनी उंगली की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और हमेशा की तरह अपनी दोहरी जिम्मेदारी निभाएंगे। अगर नायर को एक और मौका मिलता है, तो वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए बेताब होंगे। लगातार चार अर्धशतक लगाने वाले जडेजा मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं लेकिन उन्हें गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इंग्लैंड के अन्य स्थानों की तुलना में भारत को मैनचेस्टर में कम खेलने का मौका मिला है। उसने यहां अपना आखिरी टेस्ट मैच 2014 में खेला था। इस मैदान पर भारत की तरफ से आखिरी शतक सचिन तेंदुलकर ने 1990 में लगाया था। भारत की निगाह जहां श्रृंखला बराबर करने पर टिकी हैं वहीं इंग्लैंड अजेय बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा। जैसा कि आमतौर पर होता है, बेन स्टोक्स ने मैच से पहले अपनी अंतिम एकादश चुनी और उनकी टीम में एकमात्र बदलाव चोटिल शोएब बशीर की जगह लियाम डॉसन को शामिल करना है। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने इंग्लैंड के लिए अपना आखिरी मैच जुलाई 2017 में खेला था। मैनचेस्टर में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है और मैच के पांचों दिन हल्की वर्षा होने का अनुमान है। इससे तेज गेंदबाजों को फायदा मिल सकता है। टीमें इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज। इंग्लैंड की टीम: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर।  

बाबा महाकाल की शरण में उपमुख्यमंत्री शुक्ल, जनकल्याण की कामना की

उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने किए बाबा महाकाल के दर्शन और लोककल्याण की प्रार्थना की उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने बाबा महाकाल के किए दर्शन, की प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना बाबा महाकाल की शरण में उपमुख्यमंत्री शुक्ल, जनकल्याण की कामना की श्रावण के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की भव्य सवारी में हुए शामिल उज्जैन  पवित्र श्रावण माह के दूसरे सोमवार को उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री शुक्ल और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल बाबा महाकाल की परंपरागत सवारी में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से शामिल हुए। भगवान महाकाल की पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण से निकली पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि उज्जैन की धरती पर बाबा महाकाल का दर्शन परम सौभाग्य की बात है। श्रावण का यह पावन पर्व हमें भक्ति, सेवा और आत्मिक शुद्धता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का आधार है। यह आध्यात्मिक शांति, सामाजिक एकता और संस्कारों की चेतना को सशक्त करते हैं। उल्लेखनीय है कि श्रावण सोमवार को भगवान महाकाल की परंपरागत सवारी नगर भ्रमण पर निकलती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस अवसर पर नगर को भव्य रूप से सजाया गया था और चारों ओर धार्मिक उल्लास का वातावरण था। सवारी में प्रशासन एवं महाकाल मंदिर समिति के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।  

राजौरी में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, जलभराव के चलते स्कूलों में छुट्टी

जम्मू जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जहां एक ओर बारिश से जगह-जगह भूस्खलन (Jammu Kashmir Flood) हो रहा है तो वहीं, राजौरी में लगातार बारिश के बाद धरहाली और सकतोह नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राजौरी जिला प्रशासन ने आज जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने की घोषणा की है। अगले 72 घंटे मुश्किल भरे होंगे आईएमडी ने अगले 72 घंटों में जम्मू संभाग और उधमपुर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। जिसमें जनता को बाढ़/भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई। सहायता के लिए प्रशासन ने कुछ नंबर भी जारी किए हैं। डीईओसी: 01992-272727, 01992-272728। पीसीआर: 01992-276915 | ईआरएसएस: 112 पर संपर्क कर सकते हैं। जम्मू में भूस्खलन में पुलिस अधिकारी घायल अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को एक पुलिस अधिकारी अपनी निजी कार के जम्मू के पास बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रोबेशनरी डीएसपी सांबा में अपनी तैनाती स्थल जा रहे थे, तभी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगरोटा इलाके में बान टोल प्लाजा के पास एक सुरंग के बाहर भूस्खलन से उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि अधिकारी को बचा लिया गया और अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई गई है।  सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं क्योंकि लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अभी तक किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नालियां जाम रहने से जलभराव की समस्या इस बीच, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) राजौरी के पीर पंजाल क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में सड़क निर्माण कार्य कर रहा है ताकि संपर्क में सुधार हो और कोटरंका, समोट और बुधल जैसे बाजार क्षेत्रों में जलभराव को कम किया जा सके। बीआरओ के एक इंजीनियर संजय शर्मा ने कहा, “जहाँ भी जलभराव की समस्या है, खासकर बाज़ार वाले इलाकों में, हम कंक्रीट के फुटपाथ बना रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बाज़ार में नालियाँ अक्सर जाम रहती थीं, जिससे सड़कों पर पानी भर जाता था। अब हमने उन इलाकों को कंक्रीट के फुटपाथों से ढक दिया है और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी कर रहे हैं।” भूस्खलन में दो लोगों की मौत शर्मा ने आगे कहा कि इस पहल का उद्देश्य सुगम यात्रा सुनिश्चित करना और नियमित रखरखाव के साथ सड़क सुरक्षा बनाए रखना है। इसके अलावा, पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में, सोमवार को चंबा ज़िले में बारिश के कारण हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के दौरान एक घर पर एक पत्थर गिर गया। पटवारी अश्वनी ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “बारिश के कारण कल रात भूस्खलन हुआ। परिणामस्वरूप, एक घर पर एक बड़ा पत्थर गिर गया और इस घटना में दो लोगों की दुखद मौत हो गई। पुलिस की मदद से उनके शव मलबे से निकाले गए और चंबा अस्पताल ले जाया गया। सरकार ने पीड़ितों को तत्काल राहत भी प्रदान की। वर्तमान में, हम क्षेत्र में खतरे का आकलन कर रहे हैं और नुकसान पर एक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।”  

गर्व की बात: चतरू चौधरी ने वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास

बालोतरा  पश्चिम राजस्थान के सरहदी बालोतरा जिले के छोटे से गांव लापला की बेटी चतरू ने वो कर दिखाया है जो बड़े-बड़े शहरों के खिलाड़ी भी नहीं कर पाते है. चतरू का सपना बड़ा था, लेकिन हालात नहीं. पिता एक साधारण किसान हैं. बेटी की खेल प्रतिभा को देखकर उन्होंने कर्ज लिया और हरहाल में बेटी को आगे बढ़ाने की ठानी. अब चतरू ने भी समाज की सोच से लड़ते हुए अमेरिका में गोल्ड मेडल जीतकर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है बल्कि गांव और जिले का भी नाम रोशन किया है. चतरू के गांववालों ने खूब ताने दिए. कुछ ने तो कहा  “लड़की होकर क्या कर लेगी?” लेकिन पिता ने हार नहीं मानी और चतरू ने भी दिन-रात मेहनत जारी रखी. सीमित संसाधनों, आर्थिक परेशानियों और सामाजिक दवाब के बीच पली-बढ़ी चतरू ने अमेरिका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का परचम लहराया है. गांव पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत रेत के दरिया के बीच कच्ची झोपड़ी से निकलकर सात समंदर पार अमेरिका में गोल्ड जीतने का कीर्तिमान रचने वाली पुलिस कांस्टेबल चतरू का वतन वापसी पर जोरदार स्वागत किया गया. विश्व मंच पर राजस्थान पुलिस के चमके सितारों में थार की बेटी के शामिल होने से हर थार का बाशिंदा उसे आशीर्वाद और बधाई देता नजर आया. उत्साही लोगों ने डीजे बजाया और चतरू चौधरी को फूल मालाओं से लाद दिया. अमेरिका के अलबामा में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में भाग लेने के लिए बीते दिनों राजस्थान पुलिस का दल अमेरिका पहुंचा था. इस दल में बायतु के छोटे से गांव लापला के किसान की बेटी चतरू चौधरी के प्रदर्शन पर पूरे मरुधरा की निगाहें थी. चतरू ने अपने प्रदर्शन से किसी भी थार वासी को निराश नहीं किया है. चतरू ने 11 किलोमीटर और 21 किलोमीटर रिले रेस में गोल्ड मैडल जीता है. वहीं 400 मीटर और 800 मीटर में उसने कांस्य पदक जीता है. वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स 2025 में राजस्थान पुलिस के जाँबाजो की इस स्वर्णिम जीत के बाद पूरे राज्य में खुशी का माहौल है. राजस्थान पुलिस ने 29 पदक अर्जित किए है जिनमे 17 स्वर्ण पदक, 5 रजत पदक और 7 कांस्य पदक जीते है. कर्ज लेकर पिता ने करवाई तैयारी राजस्थान पुलिस की कचनार चौधरी, राजबाला और चतरू ने खाकी का नाम रोशन किया है.  वतन वापसी पर लोकल 18 से खास बातचीत करते हुए चतरू ने बताया कि पिता ने कर्ज लेकर खेल की तैयारी करवाई और उसने भी पिता का मान रखते हुए अमेरिका में गोल्ड जीता है. वह बताती है कि गांव में न तो कोई खेल मैदान है और न ही संसाधन. ऐसे में गांव की प्रतिभाओं को उचित मंच नहीं मिल पाता है, जिससे वह अपनी प्रतिभा को नही निखार पाती है.

पूर्व पाक ओपनर ने की मांग- पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप और ओलंपिक में भी मत खेलना, वादा करो

नई दिल्ली  डब्ल्यूसीएल यानी वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के मैच में भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से मना कर दिया था। इसके बाद बवाल छिड़ गया है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तमाम बातें हो रही हैं। पाकिस्तान परस्त आतंकवादी अक्सर भारतीय सेना और भारतीय लोगों को निशाना बनाते हैं। इसी वजह से इस लीग में खेल रहे भारतीय क्रिकेटरों ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बायकॉट कर दिया। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सलमान बट ने कहा है कि भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप और ओलंपिक गेम्स में भी खेलने से इनकार कर देना चाहिए। भारत और पाकिस्तान सिर्फ मल्टी टीम इवेंट्स में ही एकदूसरे से भिड़ते हैं। इस पर सलमान बट ने भारतीय टीम से वादा मांगा कि जब दोनों टीमें आईसीसी प्रतियोगिता में एक दूसरे के खिलाफ खेलेंगी तो वे इसी रुख को बनाए रखें। जब भी भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले की बात आती है, तो अक्सर ऐसी खबरें चर्चा में आ जाती हैं, लेकिन जब दोनों देशों के बीच अन्य खेल मुकाबले होते हैं, तो ऐसा नहीं होता। बट चाहते हैं कि ओलंपिक जैसे आयोजनों में भी भारत बनाम पाकिस्तान के खेल मुकाबलों पर रोक लगा दी जाए। सलमान बट ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "पूरी दुनिया उनके बारे में बात कर रही है – उन्होंने पूरे क्रिकेट और प्रशंसकों को क्या संदेश दिया है? आप क्या दिखाना चाह रहे हैं? आप क्या साबित करना चाह रहे हैं? अब विश्व कप में मत खेलो…किसी भी ICC टूर्नामेंट में हमारे खिलाफ मत खेलो। ये वादा करो। देखो, हम समझते हैं कि हर चीज की अपनी जगह होती है, लेकिन अब जब आप आपस में जुड़ रहे हैं, तो किसी भी स्तर या टूर्नामेंट में हमारे खिलाफ मत खेलो। ओलंपिक में भी नहीं। कृपया ऐसा करो। मुझे देखना अच्छा लगेगा। दांव बहुत ऊंचा होगा, और मैं देखूंगा कि वे उस स्तर पर कितना राष्ट्रवाद दिखा सकते हैं।" पाकिस्तान के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने आगे कहा कि उनके नजरिए से WCL का फैसला 'दबाव' भरा लग रहा था। सलमान बट ने आगे कहा, "यह कैसी मानसिकता है? मैं समझ नहीं पा रहा हूं। यह फैसला कौन ले रहा है? जिन 4-5 लोगों ने नहीं खेलने का फैसला किया, उनकी वजह से, दूसरे लोग, जिनकी शायद खेलने की मानसिकता थी, दबाव में थे।"  

ICICI लोन घोटाला: ₹64 करोड़ की डील में फंसी पूर्व CEO चंदा कोचर

मुंबई  प्राइवेट सेक्टर का दूसरा सबसे बड़ा बैंक ICICI उस वक्त सवालों से घिर गया, जब बैंक से 300 करोड़ रुपये के लोन के लिए रिश्वत की बात सामने आई. नियमों की अनदेखी और बैंकिंग अधिनियमों को ताख पर रखकर बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर ने वीडियोकॉन ग्रुप को 300 करोड़ रुपये के लोन जारी कर दिया.  इस लोन के बदले उन्होंने 64 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी. अब इस लोन धांधली मामले में  चंदा कोचर बुरी तरह से फंस गई हैं.  रिपोर्ट के मुताबिक  appellate tribunal ने ED की रिपोर्ट को सही माना है और वीडियोकॉन लोन घोटाला मामले में उन्हें दोषी माना है.  ट्रिब्यूनल ने 3 जुलाई को अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वीडियोकॉन को लोन देने के बदले चंदा कोचर ने 64 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी.  ईडी की दलीलों को सही मानते हुए ट्रिब्यूनल ने कहा कि सभी सबूत इस बात की गवाही दे रहे हैं कि चंदा कोचर ने अपने पति के जरिए वीडियोकॉन ग्रुप से 64 करोड़ रुपये की रिश्वत ली.आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन को जो लोन लिया वो डूब गया, जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ.  चंदा कोचर ने कैसे किया पूरा खेला   ट्रिब्यूनल ने कहा कि ED ने इस स्कैम से संबंधित जो सबूत दिए हैं, जो PMLA एक्ट की धारा 50 के तहत बयान शामिल हैं. ये बयान मान्य हैं. वीडियोकॉन को 300 करोड़ रुपये के लोन के लिए चंदा कोचर ने बैंकिंग नियमावली की अनदेखी करते हुए रिश्वत ली. रिश्वत की रकम के लिए कंपनियों के कागजातों में हेरफेर किए गए. रिश्वत की रकम नूपावर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (NRPL) के जरिए रूट की गई. इस कंपनी का मालिकाना हक वीएन धूत के पास था, वो वीडियोकॉन के CMD थे, लेकिन असल में कंपनी पर पूरा कंट्रोल चंदा कोचर के पति दीपक कोचर का था.   78 करोड़ रुपये की संपत्ति होगी जब्त   ट्रिब्यूनल ने ईडी के आरोपों की सही ठहराते हुए पहले की अथॉरिटी को फटकार लगाई, जिसमें चंदा कोचर को आरोपों से राहत दिया गया था. ये भी कहा गया कि चंदा कोचर ने लोन मंजूर करने वाली कमेटी में रहते हुए बैंक के नियमों और नीतियों को अनदेखा किया. जिस दिन वीडियोकॉन को 300 करोड़ रुपये का लोन पास किया गया. अगले ही दिन  वीडियोकॉन की कंपनी SIPL ने NRPL को 64 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए.  अब उनकी संपत्ति फिर से जब्त होगी, जिसमें उनका मुंबई चर्चगेट वाला फ्लैट भी शामिल है. बता दें कि चंदा कोचर अभी जमानत पर बाहर है, लेकिन केस जारी है.  

UP में ट्रैफिक चालानों की भरमार, नहीं चुकाया जुर्माना तो 60 हजार लाइसेंस होंगे रद्द

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों पर अब सख्ती होगी। ट्रैफिक विभाग ने 5000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के जुर्माने वसूलने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जो लोग बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, उनकी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द किए जाएंगे। जिन गाड़ियों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी। इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) भी रद्द किए जा सकते हैं, ताकि वे सड़कों पर ना चल सकें। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक विभाग ने 3 लाख गाड़ियों और 58,893 ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की लिस्ट ट्रांसपोर्ट विभाग को भेजी है। इन सभी के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 1,006 ड्राइविंग लाइसेंस और 3,964 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन रद्द या सस्पेंड किए जा चुके हैं। बरेली ज़ोन में सबसे ज़्यादा ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले पाए गए हैं। यहाँ 21,000 से ज़्यादा लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 5,833 DL रद्द करने के लिए भेजे गए हैं और 130 RC को चिह्नित किया गया है। मेरठ ज़ोन में 1323 लोगों ने नियम तोड़े, जिनमें से 260 DL सस्पेंड कर दिए गए हैं। आगरा ज़ोन में 1585 DL सस्पेंड करने की सिफ़ारिश की गई है और 30,000 से ज़्यादा गाड़ियों के RC रद्द करने के लिए चिह्नित किए गए हैं। लखनऊ ज़ोन में 4351 गाड़ियों और 1820 DL पर कार्रवाई करने की सिफ़ारिश की गई है। इन इलाक़ों में नियमों का पालन कराने और मौतों को कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) के. सत्यनारायण ने कहा कि राज्य में हज़ारों करोड़ रुपये का चालान बकाया है। यह इसलिए है क्योंकि गाड़ी मालिक और ड्राइवर बार-बार नियम तोड़ते हैं और जुर्माना नहीं भरते। उन्होंने कहा, "जिन लोगों पर पाँच या उससे ज़्यादा चालान बकाया हैं, उनके RC ब्लैकलिस्ट कर दिए जाएँगे, जिससे उनकी गाड़ियाँ अवैध हो जाएँगी। ऐसे ड्राइवरों के लाइसेंस भी रद्द किए जा रहे हैं ताकि लापरवाही से गाड़ी चलाने पर रोक लगाई जा सके।" इस महीने ट्रांसपोर्ट विभाग को एक लिस्ट दी गई है, जिसमें 3,01,410 गाड़ियाँ और 58,893 लाइसेंस धारक शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई लोग चालान इसलिए नहीं भरते क्योंकि उन्हें लगता है कि अदालतें जुर्माने की रकम कम कर देंगी। 2021 में, कुल 67 लाख गाड़ियों का चालान किया गया था, जिससे 867 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। 2024 तक, चालानों की संख्या बढ़कर 1.36 करोड़ हो गई, लेकिन वसूली सिर्फ़ 105 करोड़ रुपये ही हुई। इससे पता चलता है कि कितने ज़्यादा जुर्माने बकाया हैं। ट्रैफिक विभाग ने 20 ऐसे ज़िलों की भी पहचान की है, जहाँ ट्रैफिक नियमों का सबसे ज़्यादा उल्लंघन होता है और सड़क हादसे होते हैं। लखनऊ इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। 2024 में यहाँ 1630 सड़क हादसे हुए, जिनमें 576 लोगों की मौत हो गई और 1165 लोग घायल हो गए। ज़्यादा हादसे वाले अन्य ज़िलों में कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, आगरा, बरेली, नोएडा, हरदोई, बुलंदशहर, मथुरा, ग़ाज़ियाबाद, अलीगढ़, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, मेरठ, शाहजहाँपुर, आज़मगढ़, लखीमपुर खीरी और कुशीनगर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि पूरे राज्य में एक अभियान चल रहा है, जिसमें न सिर्फ़ बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, बल्कि सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह अभियान उत्तर प्रदेश की सड़क सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। इसका मक़सद है कि लोग लापरवाही से गाड़ी न चलाएँ, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और समय पर जुर्माने की वसूली हो।  

ग्राम जाखी सतना से जल संवर्धन की नई शुरुआत

सतना सतना सांस्कृतिक एवं साहित्यिक मंच के अध्यक्ष डॉ.यू.बी.सिंह परिहार के नेतृत्व में  जल संरक्षण एवं संवर्धन गोष्ठी  ग्राम जाखी में सम्पन्न  मुख्यअतिथि  श्री रामानन्द सिंह से.नि. कार्यपालन यंत्री जल संसाधन तथा  श्री जी पी सिंह जी से.नि. संयुक्त कमिश्नर की अध्यक्षता व श्री छोटे लाल पाण्डेय , श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह,श्री जी पी चतुर्वेदी से.नि. कार्यपालन यंत्री विशिष्ट अतिथि रहे।       श्री धर्मेन्द्र प्रताप सिंह धरम के मंच संचालकत्व में मां सरस्वती जी की पूजा अर्चना पश्चात सुमधुर गीतकार श्री शैलेन्द्र सिंह परिहार शैल की वाणी  वंदना के साथ गोष्ठी प्रारंभ हुई।       डॉ यू बी सिंह परिहार जी  अपने स्वागत भाषण में कहा कि जल जमीन जंगल जानवर के प्रति अपना नजरिया सकारात्मक करना होगा।रिचार्ज वाटर के संबंध में किसानों को इसी बरसात से सोचना होगा व जितने जल की आवश्यकता है उससे अधिक खर्च न करने का संकल्प लेना होगा।जल संरक्षण हेतु अपने उद्वोधन  से ग्रामीण जनों में पानी के बचत संरक्षण व सदुपयोग की अपील किए।         मुख्यअतिथि श्री रामानन्द सिंह जी ने प्रकृति के उपादानों पर चर्चा करते हुए छिति जल पावक गगन समीरा पंच प्रकृति के अनमोल उपहारों के संरक्षण की नशीहद दिए।            गोष्ठी में श्री ओम प्रकाश अग्रवाल,ब्लाक सरपंच संघ अध्यक्ष श्री शिवेन्द्र सिंह धौरा (सरपंच वीरपुर), श्री जी पी चतुर्वेदी जलविद ,श्री जय नारायण सिंह जी पूर्व सरपंच जाखी अपने विचार साझा किए।             अध्यक्षीय उद्वोधन में श्री जी पी सिंह जी ने कहा कि इस गोष्ठी को केवल गोष्ठी तक सीमित न रखा जाए इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में परिणित किया जाकर जाखी गांव से जल संवर्धन का कार्य प्रारम्भ किया जाए। देशी अनाज की खेती पर जोर के साथ, बंद पड़े बोरबेलों को रिस्टार्ट किया जाकर जल स्तर को बेहतर बनाया जाए।    जल संवर्धन एवं संरक्षण हित काव्य गोष्ठी में शैलेन्द्र प्रताप सिंह शैल,श्री टी के सिंह परिहार बांसी रामनगर,श्री नरेंद्र प्रताप सिंह, श्री छोटे लाल पाण्डेय, श्री जी.पी सिंह,श्री अजीत सिंह परिहार कुंवर, श्री रामपाल सिंह परिहार, श्री नागेन्द्र प्रतिहार, श्री रमेश प्रताप सिंह जाख़ी,डॉ अरुण कुमार पयासी बघेली बांधव, यू बी सिंह परिहार, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह धरम, पाठक जी ने जल से जुड़ी रचनाएं पढ़कर जनमानस को प्रोत्साहित किये।                  गोष्ठी का आभार प्रदर्शन जाखी सरपंच श्री भूपेन्द्र सिंह जी ने किया। शिवेन्द्र सिंह सरपंच धौरा,श्री अवध राज सिंह, नन्हे दाहिया सरपंच लालपुर, राजन सिंह सरपंच सेमरी, सरपंच मानिकपुर,राकेश कुमार, मनीष छेदी लाल पंच एवं ग्रामीणों ने जल संवर्धन गोष्ठी में भाग लिया।

कार्यकर्ता चलो कांग्रेस के सम्मेलन में दिल्ली: पवन पटेल

भोपाल पवन पटेल प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी भोपाल में प्रेस नोट जारी कर बताया कि राहुल गाँधी जी का मानना है की महात्मा फुले, महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू जी और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी के सपनो को साकार करने के लिए ओबीसी वर्ग के हक अधिकार की लड़ाई लड़नी होगी, कांग्रेस पार्टी हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, आज हासिए पर खड़े वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए लड़ना होगा, इसके लिए एक मजबूत और जीवंत ओबीसी आंदोलन आवश्यक है I  पवन पटेल प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग नई दिल्ली द्वारा दिनांक 25 जुलाई 2025 को ताल कटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में “कांग्रेस ओबीसी नेतृत्व का भागीदारी न्याय महासम्मेलन” का आयोजन किया गया है सामाजिक न्याय की आवाज़ मुखर करने तथा देश के बहुसंख्यक पिछड़े वर्ग को हर क्षेत्र में भागेदारी देने तथा जातिगत जनगणना की लड़ाई लड़ कर उसको अंजाम तक पहुंचने का मार्ग प्रसस्त करने वाले, आम आदमी की आवाज़, नेता विपक्ष आदरणीय राहुलगांधी जी,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आदरणीय मल्लिकार्जुन खड़गे जी तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष आदरणीय अनिल जय हिन्द यादव जी सम्मलेन को सम्बोधित करेंगे I मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष पवन पटेल ने सभी पिछड़ा वर्ग, सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले साथियो से अनुरोध किया है की अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर राहुल गाँधी जी के हाथो को मजबूत करे तथा अपने हक अधिकार के प्रति अपनी एकता का परिचय देने का कष्ट करे.