samacharsecretary.com

भ्रष्टाचारियों को बचाने प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा है इसे कहते है चोरी ऊपर से सीना जोरी: मंत्री जायसवाल

पुत्र मोह में भूपेश ने पूरी कांग्रेस को झोंका भूपेश के बेटे कांग्रेस के कौन से पद पर है जो कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है भ्रष्टाचारियों को बचाने प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा है इसे कहते है चोरी ऊपर से सीना जोरी भाजपा ने पत्रकार वार्ता में किया कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश जारी किए,कोयला आबंटन और पेड़ों की कटाई के भूपेश बघेल सरकार के कई दस्तावेज भूपेश बघेल झूठ की फैक्ट्री, कोयला आबंटन के लिए कई पत्र लिखे ,परमिशन दिलवाई एमसीबी/चिरमिरी  श्यामबिहारी जायसवाल .ने आज चिरमिरी स्थित श्यामली गेस्ट हॉउस मे  आहूत संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शाशन के स्वास्थ्य मंत्री व स्थानीय विधायक माननीय श्याम बिहारी जायसवाल. ने कहा कि कांग्रेस बताएं कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल कांग्रेस के किस पद पर है जिस व्यक्ति का कांग्रेस में कोई पद नहीं उसे व्यक्ति के लिए पूरी कांग्रेस प्रदेश में प्रदर्शन कर रही है इसका साफ मतलब है भूपेश बघेल ने पूरी कांग्रेस को पुत्र मुंह में झोंक दिया है।  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा हमने पहले भी बड़े-बड़े ऐसे उदाहरण देखें हैं जिसमें लोगों ने पुत्र मोह में खुद को भी बर्बाद किया और अपने पूरे साम्राज्य को भी बर्बाद किया भूपेश बघेल इस दिशा में काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। भूपेश बघेल और कांग्रेस भ्रष्टाचारियों को बचाने पूरे प्रदेश की जनता को परेशान कर रही है और साथ ही उनका आर्थिक रूप से नुकसान भी करने जा रही है जो की प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।   कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल के झूठ का पर्दापाश हो गया है। भाजपा ने पत्रकार वार्ता में तथ्यों एवं दस्तावेज प्रेजेंटेशन के माध्यम से कांग्रेस के झूठ को एक बार फिर बेनकाब किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चोरी और सीनाजोरी का उदाहरण बार-बार प्रस्तुत कर रही है। आप सबको पता होगा कि अपने शासनकाल के पाँच वर्ष में भूपेश बघेल जी ने छत्तीसगढ़ को दस जनपथ का चारागाह बना दिया था।   उन्होने  कहा कि शराब घोटाले, कोयला घोटाले, चावल घोटाले, गोठान घोटाले से लेकर पीएससी घोटाले तक में इसने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा था, आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं। सभी जेल जा रहे हैं। श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि बेवजह जिस तरह अपराधियों के विरुद्ध हो रही कानून सम्मत कार्रवाई को कहीं और मोड़ा जा रहा है, वह दुर्भाग्यजनक और कांग्रेस में हिप्पोक्रेसी का सबसे बड़ा नमूना है।   जायसवाल ने कहा कि जब भी आप सभी कॉल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई आदि पर सवाल उठाते थे, तो दस जनपथ के दबाव में सीधे तौर पर भूपेश बघेलजी बचाव में आ जाते थे। कहते थे कि कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करने वाले अपने-अपने घरों की बिजली बंद कर दें। सवाल यह है कि अब जब झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर भूपेशजी अपनी कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं, तो क्या वह अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे?   जायसवाल ने कहा कि यह तथ्य है कि न केवल भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉक अशोक गहलोत को आवंटित किया था, बल्कि उससे पहले भी मनमोहन सिंह जी की सरकार में तमाम नियमों को धत्ता बताते हुए छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक आवंटन की राह आसान की थी। उन्होंने कहा कि साल 2010 में केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो-गो जोन घोषित किया गया था। उसे कांग्रेस नीत सरकार के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ही सबसे पहले गो एरिया घोषित किया था।  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि 23 जून 2011 को केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रहते ही तारा परसा ईस्ट और कांटे बेसन कोल ब्लॉक को खोलने का प्रस्ताव दिया गया। जब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त अडानी को दो बड़ी खदानों गारे पेलमा सेक्टर-2 और राजस्थान में केते एक्सटेंशन ब्लॉक का ऑपरेटर बनाया गया। इसी तरह भूपेश बघेलजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी।  और कहा कि 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता भी सबके सामने है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल जी के मुख्यमंत्री रहते ही कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई।  और कहा कि महाजेंको कोल फील्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता को लेकर तब अनेक अखबारों ने समाचार भी प्रकाशित किए थे। 25 मार्च 2022 को भूपेश सरकार ने राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार के रहते राजस्थान को कोल माइंस का आबंटन किया था।  भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि:- – क्या वह मनमोहन सिंह सरकार के समय हुए निर्णयों के लिए आज माफ़ी मांगेंगे? – क्या भूपेश बघेल यह घोषणा करेंगे कि अब कांग्रेस कभी बिजली का उपयोग नहीं करेगी, क्योंकि स्वयं यह कह चुके हैं कि विरोध करने वाले अपने घर की बिजली बंद कर दें।   – क्या कांग्रेस हर अपराधी के पक्ष में ऐसे ही खड़ी होगी, जैसे आज पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए हुई है?    श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार रही तब राजस्थान के तत्कालीन मंत्री बी डी कल्ला ने भूपेश बघेल को पत्र लिखा और राजस्थान के तत्कालिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक सप्ताह के भीतर कई पत्र लिखे कोल ब्लॉक आंबटन के लिए। जिसे छत्तीसगढ़ और देश की जनता ने देखा है।

शिक्षा के हक़ में छात्रों की पदयात्रा, 170 बच्चों की आवाज़ पर प्रशासन ने की कार्रवाई

बड़वानी खराब खाने, जाति सूचक शब्दों के प्रयोग करने से नाराज बड़वानी जिले के निवाली छात्रावास के छात्रों का आक्रोश रंग लाया। कलेक्टर ने एकलव्य आवासीय विद्यालय की प्राचार्य को हटा दिया है। प्राचार्य व अध्यापकों से नाराज छात्र सोमवार को अपने होस्टल से पैदल नारेबाजी करते हुए निकले। उन्होंने 60 किलोमीटर पैदल चलकर बड़वानी कलेक्टर से मिलकर शिकायत करने का फैसला लिया था, लेकिन जैसे ही अफसरों को छात्रों के पैदल मार्च की भनक लगी, वे उनके पास पहुंचे। 30 किलोमीटर की यात्रा करने के बाद पानसेमल एसडीएम रमेश सिसोदिया ने छात्रों को रोका और उनकी बातें सुनी। इसके बाद कलेक्टर गुंचा सनोबर ने प्राचार्य मीनाक्षी भार्गव को पद से हटा दिया। छात्रों को समझा कर वापस वाहनों से छात्रावास लौटा दिया। उनका आरोप है कि छात्रावास की समस्या बताने पर प्राचार्य प्रताडि़त करती थी। भोजन भी घटिया दिया जाता था। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। सड़क पर बैठकर करने लगे विरोध छात्र जब नारेबाजी करते हुए पैदल चलने लगे, बड़वानी से अफसर एम्बुलैंस और अन्य गाडि़यां लेकर छात्रों से मिलने निकले। चिखलदा के समीप उन्हें रोका गया, लेकिन वे कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़े रहे। कुछ नाराज छात्र सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। छात्रों को कहा गया कि शिकायत के बाद प्राचार्य के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। बड़ी मुश्किल से छात्र माने और उनका प्रदर्शन समाप्त हुआ।  

WhatsApp यूजर्स के लिए खुशखबरी, Quick Recap से अब मिलेगी चैट की झलक सेकंडों में

WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक कमाल का AI-पावर्ड फीचर लाने की तैयारी कर रहा है. इस फीचर के जरिए आपकी चैटिंग और भी आसान हो जाएगी. इस नए फीचर का नाम Quick Recap है. इसकी मदद से यूजर्स अपने अनरीड मैसेज की Summary हासिल कर सकेंगे. इस फीचर का मकसद यूजर्स के टाइम की बचत कराना और लंबी चैट्स को जल्दी समझना है. क्या है Quick Recap फीचर? WhatsApp के इस नए फीचर में Meta AI की मदद से किसी भी चैट में आए अनरीड मैसेज का छोटा और समझने लायक gist पेश किया जाएगा. इसका मतलब अब आपको लंबी-लंबी चैट्स स्क्रॉल नहीं करनी पड़ेगी. Quick Recap की खास बातें क्विक रिकैप एक साथ 5 चैट्स तक का जिस्ट निकाल कर दे सकेगा. ये फीचर Meta AI की पावर से चलेगा. यूजर की प्राइवेसी पूरी तरह सेफ रहेगी. इस फीचर में AI चैट समरी प्राइवेट तरीके से तैयार करेगा. Advanced Chat Privacy वाले मैसेज इसमें शामिल नहीं होंगे. कैसे इस्तेमाल करेंगे Quick Recap? जब ये फीचर शुरू हो जाएगा तब इसे ऐसे इस्तेमाल किया जा सकेगा. इसके लिए अपनी पसंद की चैट्स सेलेक्ट करनी होगी. ऊपर राइट साइड में दिए गए तीन डॉट्स पर क्लिक करें. इसके बाद Quick Recap ऑप्शन पर क्लिक करें. आपको उस चैट का जिस्ट दिखाई देगा. अभी बीटा टेस्टिंग में है ये फीचर Quick Recap फीचर अभी केवल बीटा वर्जन WhatsApp Beta Android v2.25.21.12 में देखा गया है. लेकिन अभी ये बीटा टेस्टर्स के लिए भी अवेलेबल नहीं किया गया है. ये डेवलपमेंट स्टेज में है. आने वाले अपडेट्स के साथ ये फीचर पहले बीटा यूजर्स को और फिर सभी के लिए शुरू किया जा सकता है. WhatsApp का Quick Recap फीचर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है जो डेली कई चैट्स मिस कर देते हैं या ऑफिस ग्रुप्स में ढेरों मैसेज आते हैं. ये फीचर समय बचाएगा और चैटिंग को जल्दी समझने में मदद करेगा. इसके बाद आपकी प्राइवेसी से कोई समझौता नहीं होगा.  

MPPSC परीक्षा प्रक्रिया पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख, शेड्यूल में पारदर्शिता की मांग

जबलपुर    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा और जस्टिस विनस सराफ की युगलपीठ ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मप्र लोक सेवा आयोग (MPPSC) को निर्देश दिए हैं कि वह मुख्य परीक्षा का पूरा कार्यक्रम (शेड्यूल) न्यायालय में प्रस्तुत करे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शेड्यूल प्रस्तुत किए जाने के बाद ही मुख्य परीक्षा आयोजन की अनुमति से संबंधित राज्य सरकार के आवेदन पर विचार किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी। क्या है मामला भोपाल निवासी सुनीत यादव और अन्य की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि मप्र लोक सेवा आयोग ने 158 पदों के लिए 5 मार्च 2025 को प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी किए, लेकिन इसमें वर्गवार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए गए। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पहले सभी परीक्षाओं में वर्गवार कट-ऑफ अंक घोषित किए जाते थे, लेकिन इस बार आयोग ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों को नजरअंदाज करते हुए यह जानकारी छिपा ली। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि आयोग ने अनारक्षित (ओपन) पदों के विरुद्ध आरक्षित वर्ग के प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चयनित नहीं किया। इससे पहले कोर्ट ने निर्देश दिया था कि आयोग वर्गवार कट-ऑफ मार्क्स जारी करे और न्यायालय की अनुमति के बिना मुख्य परीक्षा आयोजित न की जाए। राज्य सरकार की दलील सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से याचिका में अंतरिम आदेश के तहत लगी रोक हटाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मुख्य परीक्षा के आयोजन पर पूर्ण रोक नहीं लगाई है, लेकिन आयोग को पहले परीक्षा का पूरा कार्यक्रम पेश करना होगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विनायक शाह ने पैरवी की। कोर्ट अब 5 अगस्त को अगली सुनवाई करेगा, जिसमें परीक्षा कार्यक्रम और सरकार के आवेदन दोनों पर विचार किया जाएगा।  

साध्वी के भेष में 90 लाख की ठगी, नर्मदापुरम में पुलिस ने रचाया जाल और की गिरफ्तारी

 नर्मदापुरम  90 लाख रुपये की धोखाधड़ी और अदालत को गुमराह करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहीं साध्वी लक्ष्मी दास (असली नाम रीना रघुवंशी) को छिंदवाड़ा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी नर्मदापुरम जिले के चंद्रकलां गांव से की गई, जहां साध्वी धार्मिक अनुष्ठान के बहाने छिपकर रह रही थी। पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि साध्वी लक्ष्मी दास गांव में मौजूद है। जैसे ही पुलिस टीम वहां पहुंची, साध्वी को गिरफ्तारी की भनक लग गई और उसने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर वहां से भागने की कोशिश की। इसके बाद वह पास ही की नदी पार कर एक अन्य गांव में छिप गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नाव की मदद से पीछा कर उसे चारों ओर से घेर लिया और हिरासत में ले लिया। साध्वी लक्ष्मी दास छिंदवाड़ा जिले के चांद क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध रामजानकी मंदिर, लोनीकलां से जुड़े 90 लाख रुपये के गबन के मामले में वांछित थीं। यह रकम मंदिर के पूर्व महंत स्व. कनक बिहारी दास द्वारा घोषित एक करोड़ रुपये की दान राशि का हिस्सा थी, जो उनकी मृत्यु के बाद रहस्यमय ढंग से बैंक खाते से निकाल ली गई। खास बात यह रही कि जिस बैंक खाते से यह राशि निकाली गई, उसमें कोई नॉमिनी नहीं था। पुलिस जांच में यह सामने आया कि इस धोखाधड़ी में साध्वी लक्ष्मी दास के साथ एक बैंक मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध है। गिरफ्तारी से बचने के लिए साध्वी ने पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन दोनों जगह से उसे कोई राहत नहीं मिली। 19 मई को हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कहा था कि उसने तथ्य छुपाए और अदालत को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) भी साध्वी ने खुद ही वापस ले ली थी, जिसके बाद से वह फरार चल रही थी। अब छिंदवाड़ा पुलिस की स्पेशल टीम उसे हिरासत में लेकर वापस लौट चुकी है और मंगलवार को साध्वी को अदालत में पेश किया जाएगा। पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि 90 लाख रुपये की रकम कहां और कैसे खर्च की गई। साथ ही पुलिस बैंक अधिकारियों की भूमिका और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जांच भी करेगी। माना जा रहा है कि यह मामला अब और भी गंभीर मोड़ ले सकता है, क्योंकि इसमें मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई अन्य वित्तीय दस्तावेज और लेनदेन की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। 

कैबिनेट बैठक : स्पेन-दुबई दौरे से लौटे मुख्यमंत्री, MP को डेटा सेंटर हब बनाने की रूपरेखा तय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक की शुरुआत में मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने स्पेन और दुबई से लौटे मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।  कैबिनेट में मानसून सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट और वित्त विधेयकों पर भी चर्चा हुई है लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर किसी को बिजली की दरों को लेकर चिंता है, तो वह सोलर एनर्जी की ओर रुख करे। सोलर से न केवल खुद के लिए सस्ती बिजली मिल सकती है, बल्कि इसे बेचकर आमदनी भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "पीएम सोलर सूर्यघर योजना" के तहत आमजन को सस्ती सौर ऊर्जा की सुविधा दी है। इसका लाभ उठाया जा सकता है। गांधी सागर जल विद्युत गृह 464 करोड़ रुपए में होगा अपग्रेड मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट में एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा गांधी सागर जल विद्युत गृह के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी गई है। यहां राणा प्रताप राजस्थान द्वारा 75 मेगावाट का प्लांट भी संचालित किया जा रहा है। एमपी के हिस्से के 115 मेगावाट संयंत्र की क्षमता अब बढ़ाई जा रही है। 40 साल पुराने इस प्लांट के आधुनिकीकरण पर 464 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें सरकार का 30% हिस्सा होगा, शेष राशि लोन से जुटाई जाएगी। एमपी बनेगा विश्वसनीय डेटा सेंटर हब मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने विदेश दौरे के दौरान डेटा सेंटर्स का निरीक्षण किया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में विश्वसनीय डेटा सेंटर्स विकसित करने की योजना पर विचार हुआ है। डेटा एक्सचेंज और विकास से जुड़े इस सिस्टम में शोधकर्ता और नीति-निर्माता भी शामिल होंगे। यह प्रयास एमपी को एक डेटा-सक्षम और सुरक्षित राज्य के रूप में पहचान दिलाएगा। उज्जैन व्यापार मेले में 50% छूट विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में आयोजित होने वाले व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर को 50 % की छूट दी गई है। ग्वालियर में यह सुविधा पहले से लागू है। कैबिनेट में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा     पचमढ़ी को "बायोस्फीयर रिजर्व" घोषित किया गया है। राज्य सरकार जैव विविधता, टाइगर रिजर्व और पर्यावरणीय पर्यटन को लेकर गंभीर है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन क्षेत्रों का समुचित विकास किया जाएगा।     मुख्यमंत्री ने खाद वितरण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में खाद की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बोनी का काम शुरू हो गया है, ऐसे में किसानों को समय पर खाद मिलना चाहिए। साथ ही, नकली खाद पर सख्ती से रोक लगाई जाए।     महाकाल की सवारी इस बार "लोक नृत्य" थीम पर आधारित रही, जिसमें गुजरात के आदिवासी नृत्य की विशेष प्रस्तुति दी गई। लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इतनी भीड़ को नियंत्रित करने का कार्य प्रशासनिक टीम ने बखूबी किया। विदेश यात्रा पर निवेश प्रस्ताव की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले बताया कि इस यात्रा के दौरान कुल 11,119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 14,500 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाने वाली रही और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश गया है कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए मित्रवत राज्य है। स्पेन की तकनीक अपनाएगा एमपी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उपयोग देखा गया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रदेश से कृषकों के अध्ययन दल स्पेन भेजे जाएंगे। डॉ. यादव ने कहा कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतरराष्ट्रीय समूह हरित ऊर्जा और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को प्राथमिकता देते हैं। इस दृष्टि से मध्य प्रदेश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में खास मांग है, जिसे देखते हुए सरकार इस दिशा में विशेष पहल करेगी।  

उन्नाव में धमाका बना काल, बस्ती में गड्ढे में मिली तीन बच्चों की लाशें – इलाके में सनसनी

उन्नाव  यूपी के उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र के पारा गांव के बाहर मंगलवार सुबह पटाखा बनाते समय अचानक हुए विस्फोट में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौरावां थाना पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पारा गांव के बाहर पटाखा बनाने का काम लंबे समय से किया जा रहा था। इसी गांव निवासी नफीस पुत्र रज्जन के नाम से जारी पटाखा लाइसेंस अंतर्गत पटाखा निर्माण किया जाता था। पारा गांव के रहने वाले शिवचरण (55) पुत्र विजय सुबह पटाखा बना रहा है। इसी दरमियान विस्फोट होने से चपेट में आए शिव चरण की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उधर, बस्ती जिले के पुराने बस्ती थानाक्षेत्र के लोहरौली गांव में मंगलवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव के पास एक ईंट भट्टे के गड्ढे में तीन बच्चों की लाश उतराती मिली। घटनास्थल के पास खून के निशान भी देखे गए। मौके पर पहुंचे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। घटना की सूचना पर एसपी अभिनंदन, एएसपी, सीओ सिटी के साथ पुरानी बस्ती पुलिस मौके पर पहुंच गई। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए। एसपी ने बताया कि गड्ढा करीब सात फीट गहरा है। इसी में डूबने के कारण तीनों लड़कों की मौत हुई है। शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले है। अब तक की जांच में डूबने से मौत की बात सामने आई है।

8000 स्व-सहायता समूह की दीदियों ने 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर रचा नया कीर्तिमान

स्वच्छता में महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल 8000 दीदियों का कमाल: 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर बनाया स्वच्छता का नया कीर्तिमान प्लास्टिक मुक्त भारत की ओर कदम: 8000 दीदियों ने इकट्ठा किए 1150 किलो कचरे, बना रिकॉर्ड 8000 स्व-सहायता समूह की दीदियों ने 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर रचा नया कीर्तिमान एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के कुशल नेतृत्व और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जिले की लगभग 8000 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं (दीदियों) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एक ही दिन में 1150 किलो एकल उपयोगी प्लास्टिक अपशिष्ट का एकत्रीकरण कर स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय सोच को साकार किया है। यह अनूठा अभियान सिर्फ प्लास्टिक संग्रहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांव-गांव में स्वच्छता की अलख जगाने, जागरूकता बढ़ाने और सतत विकास के उद्देश्य को धरातल पर उतारने का माध्यम भी बना। प्लास्टिक: आधुनिकता का वरदान या प्रकृति का अभिशाप? आज जहां प्लास्टिक ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं इसके असंगठित और अत्यधिक उपयोग से जल, वायु और भूमि प्रदूषण के साथ-साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी कारण बनता जा रहा है। पशु-पक्षियों और समुद्री जीवों पर इसका घातक प्रभाव पड़ रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए स्वच्छाग्रहियों ने इसे जन आंदोलन का रूप दिया। बच्चों ने भी निभाई अपनी जिम्मेदारी, 844 किलो प्लास्टिक किया एकत्र इस अभियान की शुरुआत में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने 844 किलो प्लास्टिक एकत्र कर उदाहरण प्रस्तुत किया। बच्चों ने रैली, पोस्टर मेकिंग और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। ग्राम पंचायतें और जनप्रतिनिधि भी बने स्वच्छता सहभागी ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों ने अभियान को जनांदोलन का रूप देने में सक्रिय सहयोग किया। कई गांवों में स्वच्छता रैली, नारा लेखन, और जनजागरण गतिविधियों का आयोजन कर “प्लास्टिक मुक्त ग्राम” का संकल्प लिया गया। 4R मॉडल से प्लास्टिक प्रबंधन की दिशा में एक ठोस कदम अभियान में 4R सिद्धांत  Reduce  (कम करना),  Reuse (पुनः उपयोग),  Recycle (पुनर्चक्रण), Recover (पुनर्प्राप्त करना) को अपनाया गया। अब तक छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं के माध्यम से कुल 2000 किलो प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्र किया गया है, जिसे प्लास्टिक प्रबंधन इकाई में भेजा जाएगा। इससे अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित होंगे। अब जिले में प्लास्टिक से भी बनेगी सड़कें जिले के नगर पालिका, नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्रित प्लास्टिक को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ( PMGSY ) के अंतर्गत सड़क निर्माण में प्रयोग करने की योजना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।

पाकिस्तान की लीग पर सवाल: क्या पॉइंट्स की लड़ाई ने WCL की साख गिराई?

नई दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) 2025 पाकिस्तानी टीम की हरकत से मजाक सा बनकर रह गई है। लीग भी कम जिम्मेदार नहीं दिख रही। वह खुद ही अपनी भद्द पिटवाती दिख रही। कोई मैच है तो उसका परिणाम तो होगा ही- किसी की जीत, किसी की हार या टाई या फिर अनिर्णित। अगर मैच रद्द हो तब भी उसके नियम तो होंगे ही कि उसके पॉइंट्स का क्या होगा। लेकिन यह लीग तो वाकई कमाल की है। मैच रद्द होने के 2-3 दिन बाद तक नहीं पता कि पॉइंट्स का क्या हुआ? एक टीम उछल-उछलकर कहती फिर रही- हमें तो दोनों पॉइंट चाहिए, दोनों पॉइंट चाहिए। हम पॉइंट नहीं बांटेंगे। गली क्रिकेट के बच्चे भी ऐसा नहीं करते होंगे।   पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में इंडिया चैंपियंस बनाम पाकिस्तान चैंपियंस के मैच को लेकर सोशल मीडिया पर आक्रोश दिखा। उसके बाद भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ियों ने मैच खेलने से इनकार कर दिया। नतीजा ये हुआ कि आयोजकों ने रविवार को बर्मिंघम के एजबेस्टन में होने वाले मैच को रद्द कर दिया। भारतीय टीम के खिलाड़ी शिखर धवन की माने तो उन्होंने 11 मई को ही आयोजकों से साफ कर दिया था कि वह पाकिस्तान के साथ हरगिज मैच नहीं खेलेंगे। पाकिस्तानी टीम की दलील है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार है क्योंकि वही पीछे हटी। लिहाजा दोनों अंक उसे मिलेंगे। अंकों पर लेकर ऊहापोह और अनिश्चितता WCL का ही मजाक उड़ा रही है। एक ऐसी लीग जिसे इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की मंजूरी प्राप्त है। कुछ तो नियम होंगे? मैच रद्द हुआ तो अंक बंटने के नियम तो होंगे? अगर किसी मैच के रद्द होने के लिए कोई टीम जिम्मेदार है तो उस स्थिति में भी तो नियम होंगे? अगर नियम पाकिस्तान की दलीलों के पक्ष में हैं तो उसे दो अंक मिलने चाहिए। लेकिन अनिश्चिता से तो डब्लूसीएल की भद्द ही पिट रही है। जो जानकारी आ रही है, उसके हिसाब से WCL ने स्पष्ट किया है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार नहीं है। तब अंक वितरण में तो कोई पेच ही नहीं रहा। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में WCL के एक सूत्र ने कहा है कि मैच रद्द होने के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है। सूत्र ने कहा, 'WCL ने इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को बता दिया है कि बतौर आयोजक वे मैच कराने में समर्थ नहीं हैं। इंडिया चैंपियंस टीम की गलती नहीं है। पाकिस्तान चैंपियंस टीम पॉइंट शेयर करने की इच्छुक नहीं है क्योंकि उनका कहना है कि मैच से पीछे भारत हटा, वे नहीं।'  

पाकिस्तान की लीग पर सवाल: क्या पॉइंट्स की लड़ाई ने WCL की साख गिराई?

नई दिल्ली वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) 2025 पाकिस्तानी टीम की हरकत से मजाक सा बनकर रह गई है। लीग भी कम जिम्मेदार नहीं दिख रही। वह खुद ही अपनी भद्द पिटवाती दिख रही। कोई मैच है तो उसका परिणाम तो होगा ही- किसी की जीत, किसी की हार या टाई या फिर अनिर्णित। अगर मैच रद्द हो तब भी उसके नियम तो होंगे ही कि उसके पॉइंट्स का क्या होगा। लेकिन यह लीग तो वाकई कमाल की है। मैच रद्द होने के 2-3 दिन बाद तक नहीं पता कि पॉइंट्स का क्या हुआ? एक टीम उछल-उछलकर कहती फिर रही- हमें तो दोनों पॉइंट चाहिए, दोनों पॉइंट चाहिए। हम पॉइंट नहीं बांटेंगे। गली क्रिकेट के बच्चे भी ऐसा नहीं करते होंगे।   पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में इंडिया चैंपियंस बनाम पाकिस्तान चैंपियंस के मैच को लेकर सोशल मीडिया पर आक्रोश दिखा। उसके बाद भारतीय टीम के कुछ खिलाड़ियों ने मैच खेलने से इनकार कर दिया। नतीजा ये हुआ कि आयोजकों ने रविवार को बर्मिंघम के एजबेस्टन में होने वाले मैच को रद्द कर दिया। भारतीय टीम के खिलाड़ी शिखर धवन की माने तो उन्होंने 11 मई को ही आयोजकों से साफ कर दिया था कि वह पाकिस्तान के साथ हरगिज मैच नहीं खेलेंगे। पाकिस्तानी टीम की दलील है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार है क्योंकि वही पीछे हटी। लिहाजा दोनों अंक उसे मिलेंगे। अंकों पर लेकर ऊहापोह और अनिश्चितता WCL का ही मजाक उड़ा रही है। एक ऐसी लीग जिसे इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की मंजूरी प्राप्त है। कुछ तो नियम होंगे? मैच रद्द हुआ तो अंक बंटने के नियम तो होंगे? अगर किसी मैच के रद्द होने के लिए कोई टीम जिम्मेदार है तो उस स्थिति में भी तो नियम होंगे? अगर नियम पाकिस्तान की दलीलों के पक्ष में हैं तो उसे दो अंक मिलने चाहिए। लेकिन अनिश्चिता से तो डब्लूसीएल की भद्द ही पिट रही है। जो जानकारी आ रही है, उसके हिसाब से WCL ने स्पष्ट किया है कि मैच रद्द होने के लिए भारतीय टीम जिम्मेदार नहीं है। तब अंक वितरण में तो कोई पेच ही नहीं रहा। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में WCL के एक सूत्र ने कहा है कि मैच रद्द होने के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है। सूत्र ने कहा, 'WCL ने इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को बता दिया है कि बतौर आयोजक वे मैच कराने में समर्थ नहीं हैं। इंडिया चैंपियंस टीम की गलती नहीं है। पाकिस्तान चैंपियंस टीम पॉइंट शेयर करने की इच्छुक नहीं है क्योंकि उनका कहना है कि मैच से पीछे भारत हटा, वे नहीं।'