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6 वर्षों से चुनावी मैदान से दूर 27 पार्टियों से जवाब तलब, आयोग ने मांगा स्पष्टीकरण

नई दिल्ली  दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 27 पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इन पार्टियों को पिछले छह सालों से कोई भी चुनाव न लड़ने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निर्वाचन आयोग ने कहा, यह जनप्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन है। आगे इन पार्टियों को चुनाव आयोग की लिस्ट से हटाया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि इन पार्टियों के अध्यक्षों और महासचिवों को लिखित में जवाब देने और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने पेश होने का समय दिया गया था, लेकिन सिर्फ चार पार्टियों ने जवाब दिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर. एलिस वाज ने कहा कि वे 27 जुलाई तक चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज देंगे। 27 पार्टियों ने 2019 से नहीं लड़ा कोई चुनाव अधिकारी के अनुसार, चुनाव आयोग में राजनीतिक पार्टियों जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 29 के तहत रजिस्टर होती हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद वह चुनाव में भाग ले सकती हैं। इन पार्टियों को विशेष प्रकार की छूटें भी दी जाती है। जिसमें टैक्स में छूट, चुनाव चिह्न और स्टार प्रचारक जैसी सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन दिल्ली में 27 पार्टियों ने 2019 से कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है। राजनीतिक पार्टियों की लिस्ट से हटाया जा सकता है नोटिस में कहा गया है, पिछले छह सालों से चुनाव न लड़ने से साफ है कि पार्टी ने धारा 29A के तहत राजनीतिक पार्टी के तौर पर काम करना बंद कर दिया है। इसलिए, आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 29A के तहत इन राजनीतिक पार्टियों को लिस्ट से हटाने का प्रस्ताव रखता है। निर्वाचन आयोग द्वारा जिन पार्टियों को नोटिस भेजा गया है, वही सभी पार्टियां लोकसभा, विधानसभा और नगर निगम के चुनावों में हमेशा दिखती है लेकिन कुछ खास वोट नहीं पाती हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसके साथियों को 47.2 प्रतिशत वोट मिले, आप को 43.6 प्रतिशत और कांग्रेस को 6.3 प्रतिशत वोट मिले। बाकी राष्ट्रीय पार्टियों, गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलाकर सिर्फ 2.4 प्रतिशत वोट मिले। इन पार्टियों को भेजा गया नोटिस जिन पार्टियों को नोटिस भेजा गया है, उनमें भारतीय रोजगार पार्टी, जन आंदोलन मोर्चा, मानव जागृति मंच, नवयुग पार्टी, ओजस्वी पार्टी, राष्ट्रीय जन कल्याण पार्टी, जनता सरकार पार्टी, ऑल इंडिया वीमेन यूनाइटेड पार्टी और आजाद भारत कांग्रेस शामिल हैं। चुनाव अधिकारी ने पार्टियों को 18 जुलाई तक जवाब देने का समय दिया था।  

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की शिकायत, इशाक डार ने फिलेमोन के सामने सिंधु संधि पर जताई चिंता

इस्लामाबाद पाकिस्तान की ओर से सिंधु जल संधि विवाद का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाने की तैयारी हो रही है। पाक के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने इस मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष फिलेमोन यांग से मुलाकात की है। डार ने सोमवार को न्यूयॉर्क में यांग से मिलकर सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत का सिंधु जल संधि से हटने जैसे फैसले क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। डार ने यांग से कहा कि भारत की ओर से इस संधि का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र और दुनिया की संस्थाओं को इस तरफ ध्यान देना चाहिए और भारत पर दबाव डाला जाना चाहिए। पाक मीडिया के मुताबिक, इशाक डार ने फिलेमोन यांग से अपनी बैठक में खासतौर से भारत को चर्चा का केंद्र रखा। डार ने भारत के आक्रामक रुख, ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल संधि से पाकिस्तान को हो रही परेशानी से यांग को अवगत बताया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है पाक पाकिस्तान फिलहाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है। उसे रोटेशन के आधार पर ये पद मिला है। ऐसे में उसकी कोशिश इसका फायदा भारत विरोधी रुख को बढ़ाने के लिए करने की है। पाक चाहता है कि कश्मीर और सिंधु जल संधि को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर उठाया जाए। इसके लिए पाकिस्तान की कोशिश जारी है। इशाक डार ने संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष के सामने एक बार फिर कश्मीर कैा मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पाकिस्तान की पुरानी बयानबाजी को दोहराते हुए कहा कि कश्मीर में भारत की ओर से लगातार मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। शांति से हो जाए समाधान इशाक डार ने अंतर्राष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के माध्यम से बातचीत के माध्यम से पाकिस्तान और भारत के बीच सभी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया। पहलगाम के बाद शुरू हुआ विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव की शुरुआत 22 अप्रैल के बाद हुई। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की बर्बरता से हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ कई स्तरों पर संबंध तोड़ने का फैसला लिया। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का निर्णय भी लिया है। ये संधि भारत-पाक में नदियों का पानी बांटती है। भारत ने इस समझौते से हटते हुए पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोकने की बात कही है। इससे पाकिस्तान में चिंता बढ़ी हुई है।

लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा

रायपुर : पूरी प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कर रहे कार्य-वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने लैलूंगा में किया 2.72 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन लैलूंगा में खुलेगा पंजीयन कार्यालय, वित्त मंत्री चौधरी ने की घोषणा जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित कन्या प्राथमिक शाला भवन का हुआ लोकार्पण रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने आज रायगढ़ जिले के नगर पंचायत लैलूंगा में 2 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने जयदयाल सिंघानिया फाउंडेशन के सहयोग से नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन का लोकार्पण किया, साथ ही स्कूल परिसर में सेठ जयदयाल सिंघानिया की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने स्कूल के छात्रों को ड्रेस, पाठ्य सामग्री व श्रीफल का वितरण किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में पंजीयन कार्यालय खोलने की महत्वपूर्ण घोषणा की। जिससे यहां के लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए दूर जाने की जरूरत नही पड़ेगी और स्थानीय स्तर पर ही काम होने से समय व ऊर्जा की बचत होगी।           वित्तमंत्री चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ओपी सिंघानिया का लैलूंगा की मिट्टी से गहरा नाता है। वे इसी अंचल में जन्मे, पले-बढ़े और आज देश-प्रदेश में एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। इस क्षेत्र के लिए उनका योगदान अनुकरणीय है। उन्होंने नवनिर्मित सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन के निर्माण को अत्यंत सुंदर और प्रेरणादायक बताते हुए सिंघानिया फाउंडेशन को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनते ही दो साल के बकाया बोनस राशि वितरण किया। धान खरीदी की मात्रा 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया। 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान स्वीकृत किए गए, जिनमें से अधिकतर आवास मात्र डेढ़ साल में पूर्ण कर लिए गए। 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना का प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए  श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, ताकि अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य आम जन को मिल सके।           वित्त मंत्री चौधरी ने लैलूंगा में विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां जल्द ही पंजीयन कार्यालय प्रारंभ किया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजन जोन, मुक्तिधाम और बायपास सड़क निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति दी जाएगी। विद्यालय के उन्नयन के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। जब लैलूंगा का एक बेटा देश प्रदेश का ख्यातनाम सीए बन सकता है, तो यहां का हर बच्चा ऊंचाइयों को छू सकता है। हम सबका संकल्प है कि इस अंचल को समृद्ध बनाएंगे और पूरे छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में अग्रणी बनाएंगे।             पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया  एवं नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया ने वित्त मंत्री चौधरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव आमजन के सुख-दुख में सहभागी रहते हैं। जल आवर्धन योजना जैसे रुके हुए कार्यों को पुनरू प्रारंभ कराकर उन्होंने जनता के प्रति अपनी संवेदनशीलता दर्शाई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप लैलूंगा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीणों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है ताकि आमजन को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आगे भी क्षेत्र की जनता की आवश्यकताओं और मांगों को प्राथमिकता देते हुए नए विकास कार्य स्वीकृत कराए जाएंगे। जनसुविधाओं को सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। सिदार ने क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।  कार्यक्रम में आईएनएच न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष कृष्णा जायसवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इन कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन वित्त मंत्री चौधरी ने कार्यक्रम में 50 लाख रुपए की लागत से सेठ जयदयाल कन्या प्राथमिक शाला भवन और 42.28 लाख रुपए की लागत से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम में सीटिंग व्यवस्था का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने 40 लाख रुपए से इंद्रप्रस्थ मिनी स्टेडियम उन्नयन, 20 लाख रुपए की लागत से बास्केटबॉल कोर्ट निर्माण, 5 लाख रुपए की लागत से पेंशनर भवन के पास स्नानागार, शौचालय व कक्ष निर्माण और 1.14 करोड़ से अधिक लागत से बी.टी. रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। साथ ही, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ऑक्सीजोन, मुक्तिधाम, बायपास सड़क और अन्य विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही।

रायपुर में डेका का संदेश: रिपोर्ट से नहीं, जमीनी हकीकत से जांचें योजनाओं का क्रियान्वयन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (प्रधानमंत्री जनमन योजना) के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल फील्ड रिपोर्ट पर निर्भर न रहें बल्कि निचले स्तर पर जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन देंखें।     राज्यपाल डेका ने प्रदेश के पीएम जनमन क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के कार्याे की समीक्षा की और संचालित कार्याे की जमीनी हकीकत देखने के लिए इन ग्रामों का दौरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों को केन्द्र द्वारा तय सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। इन वर्गाे तक मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क आदि देना पहली प्राथमिकता है। जो योजनाएं संचालित है वे तय समय पर पूर्ण हो जाएं। पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाएं पहुंचे इसके लिए सही एप्रोच जरूरी है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के सहयोग और समन्वय से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। डेका ने निर्देश दिया कि सतत् विकास की प्रक्रिया मे पर्यावरण को अनदेखा न किया जाए। जो विकास के कार्य हो रहे है, उसमें पेड़ों को बचाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी को लेकर गंभीर होना है। जमीनी जल स्तर और वर्षा का मापन करे और उसके अनुसार योजनाएं बनाएं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता दे। सौर विद्युतीकरण की प्रगति पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि इस क्षेत्र में जो चुनौतियां है उसका सभी मिलकर निराकरण करेंगे। बैठक मे राज्यपाल डेका ने पीएम जनमन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कहा कि आंगनबाड़ीयों में लाइवलीहुड के लिए कार्य होना चाहिए। उन्होंने राज्य में स्व सहायता समूहों के गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नवाचार करने वाले स्व सहायता समूहों को राजभवन द्वारा भी पुरूस्कृत किया जाएगा। डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता से नवाचार करने पर बल दिया।

सूरजपुर जिले में 61,413 महिला संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चरण पादुका का किया वितरण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने चरण पादुका का किया वितरण सूरजपुर जिले में 61,413 महिला संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका   जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेंड़ माँ के नाम कार्यक्रम आयोजित सूरजपुर वन मंडल में इस साल 7 लाख पौधों का होगा रोपण  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आम का पौधा लगाया  रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में आज सूरजपुर वनमंडल अंतर्गत गायत्री रोपणी नमदगिरी के समीप आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की चरण पादुका योजना का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस मौके पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं को चरण पादुकाएं प्रदान करते हुए सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। चरण पादुका योजना के तहत सूरजपुर जिले में 61,413 तंेदूपत्ता संग्राहक परिवार की महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।  मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस अवसर पर आम का पौधा रोपित कर जिला स्तरीय वन महोत्सव एवं एक पेड़ मां के नाम 2.0 कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। सूरजपुर वनमण्डल अंतर्गत इस साल कैम्पा, ग्रीन इंडिया मिशन, ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत 7 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। ’’किसान वृक्ष मित्र योजना’’ के तहत् हितग्राहियों के निजी भूमि पर ढाई लाख क्लोनल नीलगिरी पौधों का रोपण भी किया जायेगा। सूरजपुर जिले में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा योजना के तहत् तैयार किये गये पौधों का निःशुल्क वितरण भी ग्रामीणों को किया जा रहा है।  मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के परेशानियों को ध्यान में रखते हुए इस योजना की शुरूआत की गई थी, ताकि तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान पैरों में कांटा, कंकड़ न चुभे। पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया था, जिसे प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फिर से शुरू किया है। यह योजना तेन्दूपत्ता संग्राहक महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने शत-प्रतिशत संग्राहक महिलाओं को इस योजना का लाभ सुनिश्चित करने की बात कही।  प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ पौधे लगाना बहुत जरूरी है। प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते  एवं वन विकास निगम अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने सभी को अपने-अपने माता के नाम से एक पेड़ लगाने और उसकी सुरक्षा की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणि पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल राजवाडे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती स्वाति सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनमत कुमार बछाड, नगरपालिका उपाध्यक्ष शैलेष कुमार अग्रवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एस जयवर्धन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों और नागरिकों द्वारा पौधरोपण किया गया।

शासन के योजनाओं क्रियान्वयन की ली जानकारी, बिरहोर परिवारों की मांगों और समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी रायगढ़ प्रवास के दौरान लैलूंगा के कुर्रा गांव में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति के बिरहोर परिवारों के बीच पहुंचे। यहां उन्होंने सुकनी बिरहोर के पीएम आवास का गृह प्रवेश कराया और नए मकान की पूरे परिवार को बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने परिवार के नन्हें बच्चे दिलीप बिरहोर से ही गृह प्रवेश का फीता कटवाया।            इस दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने कुर्रा में चौपाल लगा कर बिरहोर समुदाय के परिवारों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। पीएम जनमन योजना के तहत परिवारों को मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए पीएम जनमन योजना के माध्यम से सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। रायगढ़ में रह रहे बिरहोर परिवारों के लिए पीएम आवास का निर्माण प्राथमिकता से किया गया है। इसी तरह शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं से भी उन्हें जोड़ा जा रहा है। मुलाकात के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने बिरहोर परिवारों से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में चर्चा की। उपस्थित लोगों ने सीसी रोड, सोलर स्ट्रीट लाइट के साथ ही पानी की उपलब्धता के लिए सुविधाओं को बढ़ाने की बात रखी।  सामुदायिक भवन निर्माण की मांग भी की गई। वित्त मंत्री चौधरी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को बिरहोर परिवारों के आवश्यकता अनुरूप सुविधाओं का प्राथमिकता से विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों को दुलार किया और सभी को अच्छे से पढ़ाई करने की सलाह दी।           इस मौके पर पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया, नगर पंचायत अध्यक्ष कपिल सिंघानिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांता भगत व गोपाल अग्रवाल, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, मनोज सतपथी, रमेश होता, कुर्रा की सरपंच दमयंती राठिया, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व ग्रामवासी उपस्थित रहे।

मंत्री नेताम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया आम का पौधारोपण

रायपुर : किसानो के हित में निरंतर कार्य कर रही है राज्य सरकार: मंत्री  रामविचार नेताम कृषि मंत्री ग्राम जाबर में आयोजित किसान सम्मेलन में हुए शामिल मंत्री नेताम ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया आम का पौधारोपण 664.43 लाख रूपए की 31 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन रायपुर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम आज बलरामपुर जिले के ग्राम जाबर में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान 664 लाख 43 हजार रूपए लागत की 31 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड अन्तर्गत विकासखंड बलरामपुर के ग्राम पंचायतों में सी.सी. रोड के 28 एवं पुल-पुलिया निर्माण के 03 इस तरह कुल 31 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण  किया। जिसमें 21 कार्यों का भूमि पूजन जिसकी लागत 408.72 लाख रूपए और 10 कार्यों का लोकार्पण जिसकी लागत 255.71 लाख रूपए शामिल है। उन्होंने इस मौके पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आम का पौधारोपण किया। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण भी किया।   कार्यक्रम में मंत्री श्री नेताम के द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र के 8 किसान को सम्मानित किया गया। कृषि विभाग से 20 किसानो को रामतिल, उद्यान विभाग से 67 किसानों को पौध वितरण  मत्स्य विभाग के द्वारा 01 किसान को कोल्ड बॉक्स, वन विभाग अंतर्गत 10 महिलाओं को चरण पादुका का वितरण किया गया। साथ ही स्वेछानुदान राशि के चेक का वितरण भी किया। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती एवं फसल प्रबंधन पुस्तक का विमोचन भी किया।  कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसान हितैषी सरकार है। हमारी सरकार किसानों के हित में कार्य करने व उन्हें लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सभी वर्गों का निरंतर विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के लिए प्रयासरत है। प्रतिवर्ष धान की खरीदी के समर्थन मूल्य में निरंतर वृद्धि की जा रही है, जिससे किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य मिल रहा है जिससे क्षेत्र में भी किसान बहुतायत में धान की फसल ले रहे है। उन्होंने धान के स्थान पर अन्य फसल जैसे मोटा अनाज, दलहन, तिलहन जैसे फसलों लेने प्रेरित किया जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिल सके। साथ ही उन्होंने डीएपी के वैकल्पिक का उपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि तेंदूपता संग्राहक को डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में राशि का अन्तरण किया जा रहा है। इस डिजिटल क्रांति के माध्यम से देश-प्रदेश में बदलाव आया है। डिजिटल क्रांति के माध्यम से शासन की योजनाएं पारदर्शी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं।

शेयर बाजार में आज तेजी का रुख , Sensex 327 अंक उछला, Nifty 25150 के ऊपर

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी जोरदार तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. सेंसेक्स-निफ्टी अपने पिछले बंद के मुकाबले उछाल के साथ ओपन हुए. BSE का 30 शेयरों वाला Sesnex जहां 300 अंक से ज्यादा चढ़कर खुला, तो वहीं NSE के निफ्टी इंडेक्स ने भी ग्रीन जोन में शुरुआत की. इस बीच जहां Eternal और Paytm तक के शेयर तेज रफ्तार से भागते दिखे, तो वहीं देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस का शेयर (Reliance Share) खुलते ही धड़ाम नजर आया.  82500 के पार निकला सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,200.34 की तुलना में तेज छलांग लगाते हुए करीब 327 अंक चढ़कर खुला. ये 82,527 पर ओपन होने के बाद और तेज पकड़ते हुए 82,538 के लेवल पर पहुंच गया. BSE Sensex की तरह से ही NSE Nifty ने भी बीते कारोबारी दिन की तेजी को बरकरार रखा और अपने पिछले बंद 25,090.70 के मुकाबले तेजी के साथ खुलने के बाद 25,182 के लेवल तक उछल गया.  Reliance के शेयर को हुआ क्या?  लगातार दूसरे दिन सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी के बावजूद अरबपति मुकेश अंबानी (Billionaire Mukesh Ambani) की मार्केट वैल्यू के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी Reliance Industries का शेयर मंगलवार को भी सुस्त नजर आया. बीते कारोबारी दिन 3.24 फीसदी की तगड़ी गिरावट के साथ बंद होने के बाद RIL Share शुरुआती कारोबार में ही टूटकर 1417.70 रुपये पर आ गया. शेयर में लगातार जारी गिरावट का असर Reliance Market Cap पर भी दिखा और ये कम होकर 19.32 लाख करोड़ रुपये रह गया.  Bajaj Finance का शेयर भी फिसला रिलायंस के साथ ही एक और दिग्गज कंपनी बजाज फाइनेंस का शेयर ग्रीन जोन में ओपन होने के बाद अचानक फिसलकर रेड जोन में आ गया. Bajaj Finance Share का शेयर 940 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इस कंपनी में टॉप लेवल पर हुए बड़े फेरबदल का असर शेयर पर देखने को मिला है. बता दें कि कंपनी के एमडी अनूप कुमार साहा (Bajaj Finance MD Resigns) ने नियुक्ति के चार महीने के बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और ये जिम्मेदारी अब कंपनी में वाइस चेयरमैन राजीव जैन को दी गई है, जो 31 मार्च 2028 तक एमडी रहेंगे.  14% उछल गया जोमैटो का शेयर मंगलवार को जिन शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली उनमें सबसे ज्यादा तेजी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) की पैरेंट कंपनी एटरनल लिमिटेड के शेयर (Eternal Share) में आई और ये देखते ही देखते मिनटों में 14.55 फीसदी तक उछल गया. इस स्टॉक ने 293 रुपये पर ओपनिंग की और फिर 311.25 रुपये पर ट्रेड करता दिखा.  ये 10 शेयर भी तेज रफ्तार के साथ भागे बाजार की तेजी में रफ्तार पकड़ने वाले अन्य शेयरों की बात करें, तो  BEL, Trent जैसे लार्जकैप शेयर जहां 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर कारोबार कर रहे थे. तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल Paytm Share (3.09%), Dalmia Bharat Share (2.52%), SunTv Share (2.31%), Emcure Pharma Share (2%) की उछाल के साथ ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में Primo Share (8.78%), AeroFlex Share (7.26%), Raclgear Share (7.07%) और Advait Share (6.78%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था. 

धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब आगे क्या, कब और कैसे …कांग्रेस हमलावर; टाइमिंग पर उठाए सवाल

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे गए अपने इस्तीफे में धनखड़ ने लिखा कि वे "स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने" के लिए यह फैसला ले रहे हैं। उनके इस अचानक फैसले से राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया है। धनखड़ का इस्तीफा संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन आ गया। फिलहाल उनके उत्तराधिकारी की दौड़ शुरू हो गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को निर्वाचक मंडल में बहुमत प्राप्त है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं। आगामी दिनों में संभावित नामों पर विचार किए जाने की संभावना है। धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति के लिए चुनाव ‘‘जल्द से जल्द’’ कराना होगा। संविधान के अनुच्छेद 68 के खंड दो के अनुसार, उपराष्ट्रपति की मृत्यु, इस्तीफे या उन्हें पद से हटाए जाने या अन्य किसी कारण से होने वाली रिक्ति को भरने के लिए चुनाव, रिक्ति होने के बाद "यथाशीघ्र" आयोजित किया जाएगा। रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्यक्ति "अपने पदभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्ष की अवधि तक" पद धारण करने का हकदार होगा। भाजपा के पास कई बड़े नेता कतार में भाजपा के पास इस पद पर चुनने के लिए नेताओं का एक बड़ा समूह है। राज्यपालों में से या संगठन के अनुभवी नेताओं अथवा केंद्रीय मंत्रियों में से किसी का चुनाव किया जा सकता है। धनखड़ भी उपराष्ट्रपति बनने से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। धनखड़ के पूर्ववर्ती एम वेंकैया नायडू थे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में थे। पार्टी ने 2017 में उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए चुना था। नायडू भाजपा के अध्यक्ष भी रहे। जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश को भी संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि वह 2020 से इस पद पर कार्यरत हैं और उन्हें सरकार का विश्वास प्राप्त है। मानसून सत्र के पहले दिन एक्टिव दिखे इंडिया टुडे की सीनियर रिपोर्टर मौसमी सिंह बताती हैं कि मानसून सत्र के पहले दिन जगदीप धनखड़ पूरी सक्रियता से संसद में दिखे. संसद में उन्होंने कई मीटिंग भी ली. 21 जुलाई की शाम 6 बजे उन्होंने विपक्ष के सांसदों से मुलाकात भी की. इस दौरान उन्होंने खराब स्वास्थ्य का कोई जिक्र नहीं किया था. लेकिन 3 घंटे बाद ही उनका इस्तीफा हो गया. 23 जुलाई को जयपुर दौरा तय था जगदीप धनखड़ का ये फैसला इसलिए भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि उनके आगे के कार्यक्रम भी प्रस्तावित थे. 23 जुलाई को उनको जयपुर जाना था. वहां उपराष्ट्रपति रियल एस्टेट डेवलपर्स संघ के साथ संवाद करने वाले थे. उपराष्ट्रपति सचिवालय की ओर से इस कार्यक्रम को लेकर प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई थी. विपक्ष टाइमिंग पर सवाल उठा रहा है जगदीप धनखड़ के खिलाफ महाभियोग लाने वाला विपक्ष भी उनके अचानक इस्तीफे से हैरान हैं. विपक्षी नेताओं ने इसको लेकर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने उपराष्ट्रपति के इस कदम को रहस्यमयी बताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,  कार्यकाल और विवादों से भरा रहा सफर जगदीप धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और उनका कार्यकाल 2027 तक था। अपने कार्यकाल के दौरान उनका विपक्ष से कई बार टकराव हुआ और उनके खिलाफ पहली बार महाभियोग प्रस्ताव लाया गया जिसे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया था। मार्च 2025 में AIIMS दिल्ली में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी और वे कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। हालांकि वे कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहे, पर उनकी तबीयत को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही। एक सियासी तूफान आकार ले रहा था ऊपर से सामान्य दिखने वाले राजनीतिक गतिविधियों के ठीक पीछे एक सियासी तूफान आकार ले रहा था. सोमवार को सभापति जगदीप धनखड़ ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के विपक्षी सदस्यों के नोटिस को स्वीकार कर लिया. यह लगभग उसी समय (दोपहर 2 बजे) हुआ जब यह खबर आई कि निचले सदन में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के 100 से ज़्यादा सांसदों ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. लगभग 4:07 बजे राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने महाभियोग प्रस्ताव पर 63 विपक्षी सांसदों से नोटिस मिलने की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने उस प्रक्रिया की याद दिलाई जब किसी न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर दोनों सदनों में नोटिस दिए जाते हैं.  धनखड़ ने प्रक्रिया का विवरण दिया और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से यह पुष्टि करने के लिए भी कहा कि क्या निचले सदन में नोटिस दिया गया है. फिर उन्होंने एक संयुक्त समिति के गठन और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की बात कही. इस तरह पता चलता है कि उन्होंने अपने अंतिम संबोधन और उपस्थिति में भी उन्होंने अपने स्वास्थ्य या इस्तीफा देने के किसी अन्य इरादे की ओर कोई इशारा नहीं किया.  राजनाथ सिंह के घर क्या हो रहा था? शाम को संसद में राजनाथ सिंह के कार्यालय के बाहर भी काफी हलचल रही और बैठकें भी खूब हुईं. सूत्रों का कहना है कि भाजपा सांसद राजनाथ के कार्यालय में घुसे और बिना कुछ बोले ही बाहर निकल गए. एक भाजपा सांसद ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनसे कोरे कागज पर दस्तखत करवाए जा रहे थे. हालांकि विपक्षी सांसद इस बात को लेकर उत्साहित थे और उन्हें विश्वास था कि महाभियोग प्रस्ताव सबसे पहले राज्यसभा में लाया जाएगा क्योंकि राज्यसभा के सभापति भारत के उपराष्ट्रपति भी होते हैं और प्रोटोकॉल के अनुसार सरकार में स्पीकर से पद में बड़े होते हैं. धनखड़ के इस्तीफे के बाद असमंजस में कांग्रेस राज्यसभा के पिछले कुछ सत्र धनखड़ के लिए एक कठिन परीक्षा थी, क्योंकि उन्होंने सहयोग किया और दोनों पक्षों की नाराज़गी झेली. विपक्षी सदस्यों ने धनखड़ पर पक्षपात करने का आरोप लगाया, उन्होंने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. इस मामले में उपसभापति ने फैसला सुनाया और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया. अब जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस असमंजस में दिख रही है. इंडिया ब्लॉक के सदस्यों … Read more

शिक्षा मंत्री श्री सिंह से मिले गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष, शैक्षिक विषयों पर हुई चर्चा

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह से गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष श्री पालीवाल ने की भेंट गुजरात संस्कृत बोर्ड अध्यक्ष पालीवाल ने स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह से की सौजन्य भेंट शिक्षा मंत्री श्री सिंह से मिले गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष, शैक्षिक विषयों पर हुई चर्चा पालीवाल और शिक्षा मंत्री श्री सिंह की मुलाकात, संस्कृत शिक्षा के विस्तार पर हुआ संवाद भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह से सोमवार को मंत्रालय में गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष श्री हिमान्जय पालीवाल एवं उनके दल ने भेंट की। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में राज्य सरकार का स्कूल शिक्षा विभाग संस्कृत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिये विशेष प्रयास कर रहा है। प्रदेश में 13 जिलों के शासकीय विद्यालयों में अरूण एवं उदय की संस्कृत की कक्षाएं प्रारंभ की जा चुकी है। इन स्कूलों में संस्कृत विषय को पढ़ाने के लिये शिक्षकों की व्यवस्था की गई है‍। बैठक में गुजरात के प्रतिनिधि मण्डल को महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान की कार्यप्रणाली के बारे में भी बताया गया। संस्थान की वेबसाइट संस्थान के निदेशक श्री प्रभात राज तिवारी ने बताया कि महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, जीवाजी वेधशाला उज्जैन और योग प्रशिक्षण केन्द्र की समेकित वेबसाइट तैयार की गई है। वेबसाइट में लगभग 538 प्राचीन पुस्तकें, संस्थान की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को मार्गदर्शन के लिये प्रश्न बैंक, आदर्श उत्तर पाठ्य सामग्री, संस्कृत भाषा में अरूण और उदय कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकें भी अपलोड की गई है। प्रतिनिधिमण्डल ने आदर्श आवासीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय जो संस्कृत माध्यम में अध्ययन कराता है, उसका दौरा किया। गुजरात के दौरे के लिये आमंत्रण गुजरात संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष श्री पालीवाल ने स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह एवं बोर्ड निदेशक श्री तिवारी को गुजरात राज्य में संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिये किये जा रहे कार्यों के अवलोकन के लिये आमंत्रण दिया।