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‘सभी के लिए अनिवार्य हेल्थ चेकअप हो कानूनी अधिकार’ – राघव चड्ढा की संसद में मांग

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने सरकार से मांग की है कि प्रत्येक नागरिक को हर साल स्वास्थ्य जांच का कानूनी अधिकार दिया जाए। राज्यसभा के मानसून सत्र में राघव चड्ढा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद देश में हार्ट अटैक और अन्य बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''मैंने संसद में यह मांग रखी कि हर नागरिक को हर साल हेल्थ चेकअप कराने का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए।'' ''कोविड के बाद दिल की बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बहुत बढ़ गई हैं। अगर बीमारियों का समय रहते पता चल जाए, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।'' उन्होंने कहा कि कई विकसित देश अपने नागरिकों को हर साल मुफ्त हेल्थ चेकअप की सुविधा देते हैं, जिसका खर्च सरकार उठाती है। फिर भारत में ऐसा क्यों नहीं हो सकता? राघव चड्ढा ने कहा, ''इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ अमीरों के लिए नहीं होनी चाहिए। सभी लोगों को नियमित जांच की सुविधा मिलनी चाहिए, चाहे वे गरीब हों या अमीर।'' उन्होंने एक नारा दिया—''जांच है तो जान है।'' उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब हाल ही में कई युवा और स्वस्थ दिखने वाले लोगों में भी अचानक दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियां देखी गई हैं। हर साल होने वाली 70 प्रतिशत से ज्यादा मौतें दिल से जुड़ी बीमारी, कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और फेफड़ों की बीमारी आदि जैसी गैर-संचारी बीमारियों के कारण होती हैं। अगर इन बीमारियों की नियमित जांच हो, तो देश की स्वास्थ्य समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। सरकार ने इस साल की शुरुआत में एक राष्ट्रव्यापी एनसीडी जांच अभियान शुरू किया था, जिसका उद्देश्य डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के साथ-साथ ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर जैसे गैर-संचारी रोगों के उपचार के लिए 30 साल और उससे ज्यादा की उम्र के सभी लोगों की जांच करना है। यह जांच अभियान आयुष्मान आरोग्य मंदिर और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर चलाया गया और इसने अपने 89.7 प्रतिशत लक्ष्य को पूरा भी किया।

नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस सेवाओं का होगा विस्तार

नागरिक सेवाएँ ई-नगर पालिका 2.0 एवं ऐप के माध्यम से देने का प्रयास भोपाल  प्रदेश में नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केंद्रीयकृत वेब आधारित ई-नगर पालिका 2.0 संचालित हो रही है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से नगरीय निकायों में चल रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वर्ष 2025-26 में ई-गवर्नेंस-आईटी के माध्यम से नागरिक सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की है। नगरीय निकायों की सभी सेवाओं को ऑनलाइन नवीन तकनीक से अपग्रेड किया जायेगा। समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। एनालिटिल डेशबोर्ड नगरीय क्षेत्रों के सतत् और योजनाबद्ध विकास तथा विभागीय कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिये रियल टाइम डेशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। विभाग की एआई गार्ड योजना में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग किये जाने की भी योजना तैयार की गई है। ई-गवर्नेंस में ज्योग्रोफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) के संयोजन के साथ शहरी विकास और सेवा विस्तार में आधुनिक पारदर्शी और डेटा संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जायेगी। जीआईएस पोर्टल पर 90 से अधिक महत्वपूर्ण डाटा लेयर्स का प्रयोग कर इसका विकास किया जायेगा। नवीन 3.0 पोर्टल ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम 3.0 पोर्टल (एबीपीएएस) के माध्यम से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही कॉलोनी विकास अनुज्ञा को भी ऑनलाइन किये जाने को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस एवं आईटी के विस्तार में व्हाट्सएप चेटबोट के माध्यम से नगरीय निकायों के सभी प्रकार के कर एवं गैर करों के बिल भुगतान की सुविधा एवं सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया जायेगा।  

जनता का पैसा हंगामे की भेंट चढ़ा रहे विपक्षी: किरेन रिजिजू

नई दिल्ली  संसद के मानसून सत्र में विपक्षी दलों के लगातार हंगामे के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने विपक्ष पर "टैक्स का पैसा बर्बाद करने" और मौजूदा सत्र के दौरान जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। किरेन रिजिजू ने लोकसभा में मंगलवार को कहा कि बैठक में ये तय किया गया कि सबसे पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा होगी। इसके लिए समय भी तय किया गया है। एक साथ सारे मुद्दे पर चर्चा संभव कैसे है? फिर भी, सहयोग करने के बजाय, वे तख्तियां लेकर आए और सदन की कार्यवाही में व्यवधान डाला। ये हर समय नियम के विरुद्ध तख्तियां लेकर प्रदर्शन करते हैं, यह निंदनीय है। जबकि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में यह तय हुआ था कि पोस्टर, बैनर लेकर सदन में नहीं आएंगे। उन्होंने आगे कहा, "पोस्टर-बैनर लेकर सदन को बाधित करना आपत्तिजनक है, वह (विपक्ष) चर्चा की मांग कर रहे हैं और हम इसके लिए तैयार हैं। फिर वह सदन क्यों नहीं चलने दे रहे? यह दोहरा मापदंड गलत है। अगर आप चर्चा चाहते हैं, तो ये हंगामा नहीं करें। सरकार ने बार-बार कहा है कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं। लेकिन ये हंगामा क्यों कर रहे हैं, इसकी कौन जिम्मेदारी लेगा। देश की टैक्स मनी को आप हंगामा करके बर्बाद कर रहे हैं। इसका जवाब देना पड़ेगा। आप लोग सदन का समय बर्बाद कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और उनके कुछ साथी दो दिन से हंगामा कर रहे हैं। मैं इसका खंडन करना चाहता हूं।" संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्ष की ओर से बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), पहलगाम हमले और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा की मांग की गई और जमकर नारेबाजी हुई। जिसके बाद हंगामे की वजह से सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।

खेलों को बढ़ावा: ओलंपिक में गोल्ड लाने पर अब दिल्ली देगी 7 करोड़ और नौकरी

नई दिल्ली  दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ा एलान किया है। जीतने वाले खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया गया है। दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत ऐतिहासिक फैसला लिया है। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी है कि ओलंपिक में जीतने वाले विजेताओं को सरकार की ओर से कैश रिवॉर्ड को बढ़ा दिया गया है।  प्रेस वार्ता में मंत्री आशीष सूद ने बताया कि ओलंपिक गेम्स में गोल्ड जीतने वाल खिलाड़ी को सात करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल जीतने वालों को पांच करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालों को तीन करोड़ रुपये दिए जाएंगे। आगे कहा कि ओलंपिक गेम्स में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वालों को ग्रुप ए की नौकरी और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को ग्रुप बी की नौकरी दिल्ली सरकार की ओर से दी जाएगी। जानकारी के लिए बता दें पहले दिल्ली सरकार की ओर से ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़, दो करोड़ और एक करोड़ रुपये दिए जाते थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया गया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल ने विभागीय विषयों की समीक्षा की

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मनरेगा योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, पंचायती राज, पीएम पोषण शक्ति अभियान आदि के अंतर्गत जारी कार्यों की समीक्षा की एवं आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग के अंतर्गत सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करें एवं कार्यों की सूक्ष्मता से मॉनीटरिंग की जाये। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, संचालक पंचायत राज संचालनालय श्री छोटे सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरआरडीए सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

मौसम की मार: पाकिस्तान में मूसलधार बारिश से 221 लोगों की मौत

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में जून के अंत से भारी मानसूनी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और बारिश से हुई अन्य घटनाओं में कम से कम 221 लोगों की मौत और 592 अन्य घायल हुए हैं। यह जानकारी पाकिस्तान के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दी है। ताजा स्थिति रिपोर्ट में, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने कहा कि हताहतों की संख्या 26 जून से 21 जुलाई के बीच दर्ज की गई, जिसमें पिछले 24 घंटों में पांच नई मौतें और 10 घायल होने की सूचना है। पूर्वी पंजाब प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां 135 लोगों की मौत हुई और 470 घायल हुए। उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में 46 लोगों की जान चली गई और 69 अन्य घायल हुए। दक्षिणी सिंध प्रांत में 22 लोगों की मौत और 40 घायल होने की सूचना है, जबकि दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में 16 लोगों की मौत और चार घायल होने की सूचना है। एनडीएमए ने पुष्टि की है कि इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र में एक बच्चा घायल हुआ है। अधिकारियों ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है। वे लगातार हो रही बारिश के बीच राहत अभियान चलाने और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए प्रांतीय सरकारों के साथ समन्वय कर रहे हैं। क्योंकि पाकिस्तान में लगातार मानसून का प्रकोप जारी है, इसलिए अधिकारियों ने कई अलर्ट जारी किए हैं। इनमें मध्यम से भारी बारिश, नदियों का जलस्तर बढ़ने और संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित बाढ़ की चेतावनी दी गई है। पाकिस्तान के एनडीएमए और पंजाब के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने निवासियों से सतर्क रहने और निचले व जलमग्न इलाकों से दूर रहने का आग्रह किया है। बता दें कि अरब सागर से आ रही नमी से तीव्र मानसूनी गतिविधि पूरे पंजाब में सक्रिय बनी हुई है, जहां लाहौर में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने आर्द्रता के स्तर को बढ़ा दिया है।

संस्कारों की मिसाल बना बेटा: माता-पिता को खाट पर बैठाकर किया 20 किमी की पैदल यात्रा

बालाघाट/लांजी कहते हैं भक्ति और सेवा जब साथ चलें, तो वह दृश्य अद्वितीय बन जाता है। सावन माह में भगवान शिव की भक्ति के ऐसे ही एक अलौकिक दृश्य ने हर किसी को भावुक कर दिया। लांजी के प्रसिद्ध कोटेश्वर धाम में जब तीन बेटों ने अपने वृद्ध माता-पिता को खाट पर बैठाकर 20 किलोमीटर पैदल यात्रा पूरी की, तो हर किसी को श्रवण कुमार की याद आ गई। यह दृश्य सोमवार शाम को कोसमारा से लांजी के बीच दिखा। भीमराज नेताम, अनोत नेताम और दुर्गेश नेताम नामक 3 भाई अपने माता-पिता जयलाल नेताम और सुगन बाई नेताम को खाट पर बिठाकर कांवड़ यात्रा के रूप में कोटेश्वर धाम ले जा रहे थे। उनके साथ चाचा जलम नेताम और अन्य स्वजन भी थे। वर्षों पुरानी मनोकामना हुई पूरी भीमराज नेताम ने बताया कि दो वर्ष पहले उनके मन में यह संकल्प आया था कि वे अपने माता-पिता को कांवड़ में लेकर भगवान कोटेश्वर का जलाभिषेक करवाएंगे। गांव में शिव मंदिर का निर्माण हो चुका था, लेकिन कोटेश्वर धाम ले जाने की मनोकामना अधूरी रह गई थी। इस बार सावन में सभी भाइयों ने मिलकर प्रण किया कि इस बार वह यह सेवा पूर्ण करेंगे और अंततः सोमवार को उन्होंने अपने संकल्प को पूरा कर दिखाया। बोल बम के जयकारों के साथ जैसे-जैसे वे रास्ता तय कर रहे थे, हर कोई उन्हें श्रद्धा से निहार रहा था। रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोगों ने उन्हें पानी पिलाया, विश्राम करवाया और श्रवण कुमार की उपाधि दी। कोटेश्वर धाम पहुंचकर उन्होंने विधिपूर्वक भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके बाद उसी मार्ग से वे अपने माता-पिता को वापस कोसमारा ले गए। हर-हर महादेव का जयकारा करते निकले कांवड़िये पवित्र श्रावण माह के दूसरे सोमवार को शहपुरा-भिटौनी में करीब 7 km की कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और बड़े शामिल हुए, जिन्होंने नर्मदा तट के मालकछार घाट से जल भरकर प्रसिद्ध सफेद शिवलिंग सीतासरोवर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। आयोजक विश्वजीत सिंह और राजदीप राय ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से यह यात्रा निकाली जा रही है, जिससे वे शिव भक्त भी जुड़ पाते हैं जो लंबी कांवड़ यात्रा नहीं कर सकते। इस यात्रा से वे अपनी आस्था और महत्वाकांक्षाओं को नर्मदा जल से अभिषेक कर पूरा कर पा रहे हैं। बेलखाड़ू में कांवड़ यात्रा का किया स्वागत श्रावण मास के दूसरे सोमवार को विश्व हिंदू परिषद महिला शक्ति द्वारा गौरीघाट से कटंगी तक की 56 km लंबी कांवड़ यात्रा निकाली। यात्रा की शुरुआत मां नर्मदा के पूजन-अर्चन से हुई, जिसके बाद लड़कियों और महिला कांवड़धारियों ने 'बम भोले' के जयकारे लगाते हुए पैदल चलकर अपने कंधे पर कांवड़ रखी। ग्राम बेलखाडू के माल बाबा मंदिर, सिमरिया तिराहा और अन्य स्थानों पर शिव भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान जगह-जगह स्टॉल लगाकर फल, मिठाई और भोजन-पानी भी वितरित किया गया। स्वागत करने के लिए कटंगी नगर परिषद अध्यक्ष अमिताभ साहू, मंडल अध्यक्ष कटंगी भूपेंद्र सिंह ठाकुर, राजू शुक्ला, अरविंद साहू, जतिन उपाध्याय, रज्जी शुक्ला, तनु जानू शिवहरे, गनेश साहू, पीयूष साहू आदि उपस्थित रहे।

बिहार चुनाव डेटा लीक विवाद पर संसद में जोरदार हंगामा, दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित

नई दिल्ली  मंगलवार को संसद के दोनों सदनों राज्यसभा व लोकसभा में विपक्ष ने अपनी मांग को लेकर नारेबाजी की। विपक्षी सांसद, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण मामले पर चर्चा चाहते थे। लेकिन इसकी अनुमति न मिलने बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। यही हाल लोकसभा का भी रहा। दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर भी यह हंगामा जारी रहा। इसके बाद लोकसभा व राज्यसभा दोनों सदनों को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दरअसल मंगलवार सुबह राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची में हो रहे गहन रिव्यू का मुद्दा उठाया। बिहार वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मामले पर विपक्षी सांसद सदन में विस्तृत चर्चा चाहते थे। वहीं विपक्ष की तरफ से उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर चर्चा की मांग भी सदन में रखी गई। लेकिन इन सभी मांगों को आसन द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। जिसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही प्रारंभ होने के महज 4 मिनट बाद ही राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। बिहार मतदाता सूची में हो रहे गहन रिव्यू के मामले पर कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी व तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने चर्चा के लिए उप सभापति को नोटिस दिया था। यह नोटिस नियम 267 के अंतर्गत दिए गए थे। उप सभापति ने यह नोटिस अस्वीकार कर दिए। इसके बाद विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए अपने स्थानों से खड़े होकर आगे गए। सदन में बढ़ते इस हंगामे को देखते हुए सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई। इससे पहले उप सभापति ने सदन को बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत चर्चा के लिए कुल 12 नोटिस मिले हैं। इन सभी नोटिसों को अस्वीकार कर दिया गया। बिहार मतदाता सूची रिव्यू मामले में विपक्षी सांसदों सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रसाद सिंह, रंजीत रंजन, नीरज डांगी, अशोक सिंह, मनोज कुमार झा और रामजीलाल सुमन आदि ने चर्चा के लिए नोटिस दिए थे। वही विपक्ष के सांसद संतोष कुमार पी. ने उप राष्ट्रपति व राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ के अचानक हुए इस्तीफे पर चर्चा की मांग को लेकर नोटिस दिया था। आसन पर आसीन उप सभापति हरिवंश ने नियम 267 को लेकर पुराने निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि इन सभी नोटिसों को अस्वीकार कर दिया गया है। इसके बाद विपक्षी सांसद नाराज होकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, आप आम आदमी पार्टी व राष्ट्रीय जनता दल समेत विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद नारेबाजी करते हुए अपनी सीटों से उठकर आगे आ गए। ये सांसद राज्यसभा उप सभापति से बिहार मतदाता सूची मामले पर तुरंत चर्चा कराए जाने की मांग कर रहे थे। अपनी मांग को लेकर नाराज सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। हंगामा बढ़ता देख उप सभापति को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। 12 बजे सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने भी हंगामा बना रहा और कुछ ही देर में सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 2 बजे भी यही स्थिति रही जिसके चलते सदन की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। गौरतलब है कि सोमवार रात राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जगदीप धनखड़ के इस्तीफा देने के उपरांत अब राज्यसभा की कार्यवाही उप सभापति संभाल रहे हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की खरीफ 2025 के लिए उर्वरक व्यवस्था की समीक्षा की

उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण पर करें कठोर कार्यवाही जिला कलेक्टर डबल लॉक केन्द्रों, पैक्स और निजी विक्रय केन्द्रों का आकस्मिक रूप से करें निरीक्षण उर्वरक के अवैध व्यापार पर 30 एफ.आई.आर., 56 लायसेंस निरस्त, 70 लाइसेंस निलंबन और 188 विक्रय प्रतिबंधित करने की हुई कार्यवाही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खरीफ 2025 के लिए किसानों को सुविधापूर्वक, व्यवस्थित ढंग से उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। यूरिया की मांग वाले जिलों में आगामी सात दिवस में प्राप्त होने वाले रैक और उर्वरक वितरण व्यवस्था संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। राज्य स्तर से उर्वरक व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, टैगिंग, मिस ब्रांडिंग, अवैध परिवहन पर कठोर कार्यवाही की जाए। विक्रय केन्द्रों पर कृषकों की अधिक भीड़ होने पर अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था कर विक्रय प्रक्रिया संचालित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित सहकारिता, राजस्व और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विपणन संघ के विक्रय केन्द्रों और पैक्स में निर्धारित अनुपात अनुसार उर्वरक का भंडारण सुनिश्चित किया जाए। जिला कलेक्टर डबल लॉक केन्द्रों, पैक्स और निजी विक्रय केन्द्रों का आकस्मिक रूप से निरीक्षण कर स्कंध का सत्यापन सुनिश्चित करें। अनुदानित यूरिया के उपयोग की पशुआहार, पोल्ट्री फीड, लेमिनेशन, रेसिन, प्लाईवुड, पेंट, शराब उद्योग, प्रिंटिंग और मिलावटी दुग्ध उत्पादन में उपयोग की संभावना रहती है। उन्होंने इन स्थानों का औचक निरीक्षण कर अनुदानित यूरिया पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नैनो यूरिया के उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसानों की आवश्यकतानुसार उर्वरक की घर पहुंच सेवा आरंभ करने पर भी विचार किया जाना चाहिए। इससे अनुदानित यूरिया के दुरूपयोग को रोका जा सकेगा। बैठक में बताया गया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या परिवहन और नकली उर्वरकों के संबंध में अब तक 30 एफ.आई.आर. की गईं, 56 लायसेंस निरस्त, 70 लाइसेंस निलंबन और 188 विक्रय प्रतिबंधित करने की कार्यवाही की गई है। बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

भारत-रूस तेल सौदा अमेरिका को नागवार: दी आर्थिक तबाही की धमकी

वाशिंगटन  नाटो चीफ के बाद अब  अमेरिका ने रूस से सस्ता तेल खरीदने वाले देशों को अब खुली धमकी दी है। अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर  लिंडसे ग्राहम  ने कहा है कि अगर भारत, चीन और ब्राजील ने रूस से तेल लेना बंद नहीं किया, तो अमेरिका उनकी अर्थव्यवस्था पर कड़ा प्रहार करेगा। डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप  रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% आयात शुल्क (टैरिफ) लगा देंगे। इससे पहले  NATO महासचिव मार्क रूट ने सीधे चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ये देश अब भी रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं तो उन पर 100% सेकेंडरी सैंक्शंस  (अमेरिकी टैरिफ) लगाए जाएंगे। उन्होंने बेहद सख्त शब्दों में कहा था  “अगर आप चीन के राष्ट्रपति हैं, भारत के प्रधानमंत्री हैं या ब्राज़ील के राष्ट्रपति हैं तो तैयार रहिए। पुतिन पर दबाव डालिए कि वो शांति समझौता करें, नहीं तो भारी कीमत चुकानी होगी।”  ग्राहम की पुतिन को चेतावनी  मार्क रूट की तरह ही धमकाते हुए अमेरिका का कहना है कि भारत, चीन और ब्राजील जैसे देश रूस से सस्ता तेल खरीदकर  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन  को यूक्रेन पर हमला जारी रखने में मदद कर रहे हैं। ग्राहम के मुताबिक, रूस अपनी आधी से ज्यादा कमाई कच्चे तेल के निर्यात से ही करता है और इसमें से 80% से ज़्यादा तेल भारत, चीन और ब्राजील को ही जाता है। ग्राहम ने कहा कि पुतिन ने ट्रंप को कमजोर समझकर बहुत बड़ी गलती कर दी है। उन्होंने कहा- “हम यूक्रेन को और हथियार देंगे, ताकि पुतिन को पीछे हटने पर मजबूर किया जा सके। रूस की अर्थव्यवस्था पहले से ही बुरी हालत में है और अब इसे और नुकसान होगा।”     भारत-चीन-ब्राजील के लिए सख्त संदेश  ग्राहम ने साफ कहा कि इन तीनों देशों को अब तय करना होगा कि वे अमेरिका के साथ व्यापार चाहते हैं या रूस का सस्ता तेल। “अगर आप रूस से तेल खरीदते रहेंगे तो यह खून के पैसों जैसा है। आप पुतिन की जंग को जिंदा रख रहे हैं। हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे।” ग्राहम ने ट्रंप की तुलना एक बेहतरीन गोल्फ खिलाड़ी स्कॉटी शेफ़लर से करते हुए कहा- “डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राजनीति के स्कॉटी शेफ़लर हैं और अब वो अपने विरोधियों को सबक सिखाने वाले हैं।”*   यूक्रेन युद्ध से जुड़ा  विवाद 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था। इसके बाद अमेरिका और यूरोप ने रूस पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए। लेकिन भारत, चीन और ब्राजील ने सस्ता तेल खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी करनी जारी रखी हैं। अब अमेरिका चाहता है कि रूस को और कमजोर किया जाए ताकि युद्ध जल्द रुके।