samacharsecretary.com

26 जुलाई से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली शुरू, जानें यात्रियों के लिए क्या बदलेगा

गोरखपुर  गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पर 26 जुलाई की रात 12 बजे से टोल प्लाजा का संचालन शुरू हो जाएगा। उसके बाद एक्सप्रेस-वे पर फर्राटा भरने वाले वाहनों का फास्टैग या नगद टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। फिलहाल टोल बूथों पर सिस्टम का ट्रायल किया जा रहा है। बस्ती में भदेश्वर नाथ महादेव की कांवड़ यात्रा के लिए तेनुआ टोल प्लाजा से वाहनों का डायवर्जन किया गया है। इस कारण गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या बढ़ गई है। इसी दौरान टोल बूथों का ट्रायल किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर करीब 91 किमी दूरी पर 9 टोल बूथ बनाए गए हैं, जिसे सॉफ्टवेयर से आपस में कनेक्ट किया जा रहा है। नेशनल हाईवे पर 60 किमी या इससे अधिक दूरी पर टोल बूथ पर टोल टैक्स दिया जाता है, जबकि एक्सप्रेसवे पर कम दूरी पर टोल बूथ बनाए गए हैं। इंटरचेंज से एक्सप्रेसवे पर चढ़ने पर वाहनों को पर्ची दी जाएगी, जबकि नीचे उतरने पर टोल टैक्स जमा होगा। यह सुविधा मिलेगी कि फास्टैग नहीं होने पर भी उतना ही टोल टैक्स जमा होगा, जितना फास्टैग में जमा करने का नियम है। एक्सप्रेसवे पर बाइक, ऑटो एवं ट्रैक्टर का भी टोल टैक्स जमा करना होगा। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर स्थानीय बाइक वालों की संख्या अधिक है, उन्हें तीन दिन बाद टोल टैक्स जमा करना होगा। क्या बोले अधिकारी यूपीडा के अधिशासी अभियंता पीपी वर्मा ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 26 जुलाई की रात 12 बजे से टोल टैक्स की वसूली शुरू होगी। ट्रायल में जहां कमियां मिल रही हैं, वहां सुधार किया जा रहा है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की टीम सिस्टम सही करने में जुटी है। अतिक्रमण का ब्योरा अब पोर्टल पर वहीं, गोरखपुर में नगर निगम ने ध्वस्तीकरण और अतिक्रमण को लेकर पोर्टल बनाया है। अब अतिक्रमणकारियों को नोटिस या ध्वस्तीकरण का आदेश नहीं मिलने की शिकायत नहीं होगी। निगम ने अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर लगने वाले आरोपों को देखते हुए यह कवायद की है। अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि निगम की वेबसाइट में जाकर डिमोलिशन का लिंक आएगा। इस पर क्लिक कर सीधे आदेश देखें जा सकते हैं। अपर नगर आयुक्त ने कहा कि निगम अब अतिक्रमणकारी को ऑनलाइन और ऑफलाइन नोटिस देगा।

कड़िया मुंडा के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित सीएम हेमंत, की मुलाकात और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना

  रायपुर सीएम हेमंत ने इलाजरत लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कड़िया मुंडा के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। वहीं, बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी मेडिका अस्पताल पहुंचकर मुंडा का कुशलक्षेम जान चुके हैं। मरांडी के साथ अस्पताल जाने वालों में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह भी शामिल थे। सिंह ने भी मुंडा के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बता दें कि सोमवार की शाम को खूंटी लोकसभा क्षेत्र से 8 बार सांसद रहे और पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष पद्मभूषण कड़िया मुंडा की तबीयत अचानक खराब हो गई। इसके बाद उन्हें नियमित जांच के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। कड़िया मुंडा का इलाज वरिष्ठ चिकित्सक डॉ विजय मिश्रा की देखरेख में चल रहा है। डॉ निर्मल सिंह ने बताया कि फिलहाल उनकी हालत स्थिर है, लेकिन दो दिनों तक अस्पताल में रखकर सभी आवश्यक जांच की जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि कड़िया मुंडा को फिलहाल विशेष देखरेख की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश में फिर करवट लेगा मानसून, 26 तारीख को बारिश का यलो अलर्ट

कानपुर/ मेरठ बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र और परिसंचरण से बारिश होगी। इसके लिए इंतजार करना होगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश में 25 जुलाई तक बारिश की संभावना नहीं है। शनिवार से मानसून फिर सक्रिय हो जाएगा। कानपुर समेत ज्यादातर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बारिश होगी। 26 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार के बाद से अब तक शहरी क्षेत्र में बारिश नहीं हुई है। तेज धूप और नमी के कारण उमस बढ़ गई है। शहर में अधिकतम तापमान 35.4 और न्यूनतम 26 डिग्री रहा। नमी का प्रतिशत कम होने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र 24 जुलाई तक बन जाएगा। 25 जुलाई तक अपवाद छोड़ किसी भी जनपद में बारिश की संभावना नहीं है। इस बीच उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश के दोनों संभागों में कहीं-कहीं मेघगर्जन और भारी बारिश भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। 23 जुलाई के लिए दोनों संभागों में कोई चेतावनी नहीं दी गई है। मेरठ में 56 फीसदी पर अटका जुलाई में बारिश का ग्राफ एक हफ्ते से उमस और गर्मी से बेहाल मेरठ में जुलाई महीने में बारिश का ग्राफ 56 फीसदी पर ठिठक गया है। जुलाई बीतने में मात्र नौ दिन बाकी हैं और अगले दो-तीन दिन अच्छी बारिश की उम्मीद बेहद कम हैं। मौसम विभाग की अच्छी बारिश की भविष्यवाणी के बावजूद मेरठ सहित वेस्ट यूपी के अधिकांश हिस्से गर्मी से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग ने अब 25 जुलाई के बाद अच्छी बारिश का अनुमान लगाया है। मौसम विभाग के अनुसार मेरठ में जुलाई महीने में औसत बारिश 226.4 मिमी है और 22 जुलाई तक 128.1 मिमी बारिश हो चुकी है। औसत बारिश के सापेक्ष यह आंकड़ा 56.6 फीसदी है जो बीते एक हफ्ते से इसी स्तर पर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 24 जुलाई तक वेस्ट यूपी के अधिकांश हिस्सों में छुटपुट बौछारों को छोड़कर अच्छी बारिश के आसार नहीं हैं। बारिश में कमी से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। वहीं, मंगलवार दिन-रात का तापमान क्रमश: 34.5 एवं 26.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। सोमवार के सापेक्ष दिन में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई जबकि रात में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट। मेरठ का एक्यूआई 59 दर्ज हुआ जो संतोषजनक श्रेणी में है।

Raipur से Rajim तक दौड़ेगी ट्रेन, शहरवासियों को जल्द मिलेगी नई मेमू ट्रेन की सौगात

रायपुर  राजधानी रायपुर और इसके आसपास के इलाके जल्द ही स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में विकसित होंगे। खास बात यह है कि रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सेवा की भी सुविधा मिलेगी। इसके सर्वे और डीपीआर तैयार करने के लिए सरकार ने पांच करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया है। इस पहल को राज्य के विकास का नया ग्रोथ इंजन माना जा रहा है। विधानसभा में स्टेट कैपिटल रीजन संबंधी छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक- 2025 पारित होने के बाद काम ने रफ्तार पकड़ ली है। रायपुर, दुर्ग, भिलाई, नवा रायपुर अटल नगर क्षेत्र एससीआर के दायरे में आएंगे। इसे दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित है और व्यापार, उद्योग व वाणिज्य का केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव की पहल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर एससीआर के तहत योजनाबद्ध और शहरी विकास की योजना तैयार की गई है। इससे राजधानी व आसपास के शहरों में प्लानिंग के साथ विकास होगा। ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, नागरिक सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। 2031 तक 50 लाख पहुंचेगी आबादी राजधानी क्षेत्र में 2031 तक 50 लाख से अधिक की आबादी का अनुमान है। बढ़ती आबादी और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण बनाया जाएगा। यह प्राधिकरण दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद की तरह काम करेगा। पांच करोड़ से बनेगा डीपीआर 2024-25 के बजट में एससीआर कार्यालय की स्थापना, सर्वे और डीपीआर बनाने के लिए पांच करोड़ का प्रविधान किया गया है। प्राधिकरण के लिए कार्यकारी समिति भी बनेगी, जिसके अध्यक्ष सीईओ होंगे। इसमें नगर एवं ग्राम निवेश, नगरीय प्रशासन, शहरी योजनाकार, अभियंता, पर्यावरण व वित्त विभाग के अधिकारी, एससीआर अंतर्गत जिलों के कलेक्टर सदस्य रहेंगे। 400-500 करोड़ रुपए का खर्च वहीं, रायपुर शहर में लाइट मेट्रो चलाने में 400-500 करोड़ रुपए का खर्च हो सकता है। एमओयू साइन होने के बाद बजट की स्वीकृति सरकार से लेनी होगी। साथ ही विदेशी निवेश भी हो सकता है। रूस में लाइट मेट्रो बैट्रियों से चलती है। इसमें आठ कोच होते हैं। विकास निधि बनेगी, खास उपकर लगाने का अधिकार एससीआर के विकास के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि बनाई जाएगी। साथ ही एक अलग पुनरावृत्ति निधि भी होगी। प्राधिकरण को अवसंरचना परियोजनाओं के लिए विशेष उपकर लगाने का अधिकार होगा। यह वार्षिक बजट बनाएगा और हर साल राज्य सरकार को प्रगति रिपोर्ट सौंपेगा। प्राधिकरण का व्यापक उद्देश्य एससीआर प्राधिकरण न केवल विकास योजनाएं बनाएगा, बल्कि निवेश को आकर्षित करने, आर्थिक योजनाओं को लागू करने, सरकारी व निजी हितधारकों के बीच समन्वय बनाने और अधोसंरचनात्मक विकास को बढ़ावा देने का काम भी करेगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह राजधानी और आसपास के क्षेत्रों को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री साय होंगे प्राधिकरण के अध्यक्ष एससीआर विकास प्राधिकरण का नेतृत्व मुख्यमंत्री करेंगे। इसमें नगरीय प्रशासन, पर्यावरण, लोक निर्माण मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव और चार विधायक शामिल होंगे। चार निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया जाएगा। प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईटो) संयोजक होंगे। भूमि उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना इसकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी।

गलवान के बाद रिश्तों में बदलाव? भारत ने चीनी पर्यटकों के लिए वीजा पर लगाई रोक हटाई

नई दिल्ली  भारत और चीन ने अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की दिशा में तेजी से कदम उठाए हैं। भारत सरकार चीनी पर्यटकों के लिए वीजा फिर से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पांच सालों के बाद भारत चीनी पर्यटकों के लिए टूरिस्ट वीजा फिर से जारी करने जा रहा है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक 24 जुलाई से चीनी पर्यटकों के लिए फिर से वीजा जारी होने लगेंगे। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीन स्थित भारतीय दूतावास की तरफ से वीबो प्लेटफॉर्म पर शेयर की गई पोस्ट को शेयर किया है। भारतीय दूतावास की तरफ से जारी पोस्ट में कहा गया है कि "24 जुलाई 2025 से, चीनी नागरिक भारत आने के लिए पर्यटक वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें पहले वेब लिंक पर ऑनलाइन वीजा आवेदन पत्र भरना होगा और उसका प्रिंट आउट लेना होगा, और फिर वेब लिंक पर अपॉइंटमेंट लेना होगा। इसके बाद, उन्हें भारतीय वीजा आवेदन केंद्र में आवेदन जमा करने के लिए पासपोर्ट, वीजा आवेदन पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेज साथ ले जाने होंगे।" भारत ने खोला चीन पर्यटकों के लिए दरवाजा भारत सरकार की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देश आपसी रिश्ते को सामान्य करने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। साल 2020 में कोविड-19 महामारी के चलते भारत ने सभी पर्यटन वीजा पर रोक लगा दी थी। लेकिन अप्रैल 2022 में IATA (इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन) ने एक नोटिस जारी कर कहा था, कि चीन के नागरिकों के पर्यटक वीजा अभी मान्य नहीं रहेंगे। भारत ने वो कदम उस वक्त उठाया था, जब चीन ने 22,000 भारतीय छात्रों को वापस देश में आने के लिए वीजा देने से मना कर दिया था। भारत ने उसके बाद चीनी पर्यटकों को वीजा देना बंद कर दिया था। लेकिन पिछले कुछ महीनों से भारत और चीन के बीच रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है। पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक इलाकों से दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटी हैं। पिछले चार सालों से ये तनाव लगातार बना हुआ था और कभी भी जंग छिड़ने का खतरा था। सैनिकों की वापसी, दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया था। इसके अलावा, जनवरी 2025 में भारत और चीन के बीच विमानों की उड़ाने भी शुरू हो गईं। यह फैसला भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की चीन यात्रा के बाद सामने आया, जहां दोनों पक्षों ने कूटनीतिक स्तर पर कई सकारात्मक बातचीत की थी। इसी यात्रा के दौरान यह भी तय हुआ था कि भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी इस साल से फिर से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हाल ही में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी चीन का दौरा किया, जहां वे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए थे।  

गलवान के बाद रिश्तों में बदलाव? भारत ने चीनी पर्यटकों के लिए वीजा पर लगाई रोक हटाई

नई दिल्ली  भारत और चीन ने अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की दिशा में तेजी से कदम उठाए हैं। भारत सरकार चीनी पर्यटकों के लिए वीजा फिर से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पांच सालों के बाद भारत चीनी पर्यटकों के लिए टूरिस्ट वीजा फिर से जारी करने जा रहा है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक 24 जुलाई से चीनी पर्यटकों के लिए फिर से वीजा जारी होने लगेंगे। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीन स्थित भारतीय दूतावास की तरफ से वीबो प्लेटफॉर्म पर शेयर की गई पोस्ट को शेयर किया है। भारतीय दूतावास की तरफ से जारी पोस्ट में कहा गया है कि "24 जुलाई 2025 से, चीनी नागरिक भारत आने के लिए पर्यटक वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें पहले वेब लिंक पर ऑनलाइन वीजा आवेदन पत्र भरना होगा और उसका प्रिंट आउट लेना होगा, और फिर वेब लिंक पर अपॉइंटमेंट लेना होगा। इसके बाद, उन्हें भारतीय वीजा आवेदन केंद्र में आवेदन जमा करने के लिए पासपोर्ट, वीजा आवेदन पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेज साथ ले जाने होंगे।" भारत ने खोला चीन पर्यटकों के लिए दरवाजा भारत सरकार की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देश आपसी रिश्ते को सामान्य करने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। साल 2020 में कोविड-19 महामारी के चलते भारत ने सभी पर्यटन वीजा पर रोक लगा दी थी। लेकिन अप्रैल 2022 में IATA (इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन) ने एक नोटिस जारी कर कहा था, कि चीन के नागरिकों के पर्यटक वीजा अभी मान्य नहीं रहेंगे। भारत ने वो कदम उस वक्त उठाया था, जब चीन ने 22,000 भारतीय छात्रों को वापस देश में आने के लिए वीजा देने से मना कर दिया था। भारत ने उसके बाद चीनी पर्यटकों को वीजा देना बंद कर दिया था। लेकिन पिछले कुछ महीनों से भारत और चीन के बीच रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला है। पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक इलाकों से दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटी हैं। पिछले चार सालों से ये तनाव लगातार बना हुआ था और कभी भी जंग छिड़ने का खतरा था। सैनिकों की वापसी, दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम माना गया था। इसके अलावा, जनवरी 2025 में भारत और चीन के बीच विमानों की उड़ाने भी शुरू हो गईं। यह फैसला भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की चीन यात्रा के बाद सामने आया, जहां दोनों पक्षों ने कूटनीतिक स्तर पर कई सकारात्मक बातचीत की थी। इसी यात्रा के दौरान यह भी तय हुआ था कि भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी इस साल से फिर से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हाल ही में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी चीन का दौरा किया, जहां वे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) की विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए थे।  

मैनचेस्टर में बड़ा मुकाबला शुरू, अंशुल करेंगे डेब्यू; टीम इंडिया में बदलाव की बयार

मैनचेस्टर  पांच मैच की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 1-2 से पिछड़ रही भारतीय टीम के लिए मैनचेस्टर में आज से ‘करो या मरो’ का मुकाबला शुरू होगा. भारतीय टीम हर हाल में मुकाबला अपना नाम करना चाहेगी क्योंकि अगर ये मैच फिसला तो सीरीज भी हाथ से निकली. इंग्लैंड ने सीरीज में 2-1 से पहले ही बढ़त बना ली है. बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है. 9 ओवर के बाद भारत का स्कोर 25-0 9 ओवर के बाद भारत ने बिना विकेट गंवाए रन बना लिए हैं. भारत के लिए यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं. जायसवाल 8 रन बनाकर खेल रहे हैं तो वहीं, राहुल 15 रन बना चुके हैं. दोनों की नजर टीम इंडिया के लिए बड़े स्कोर बनाने पर है. 9वें ओवर की 5वीं गेंद पर यशस्वी जायसवाल का बैट भी टूट गया. 3 बदलाव के साथ उतरा भारत टीम इंडिया इस मैच में 3 बदलाव के साथ उतरी है. खराब प्रदर्शन के कारण करुण नायर को बाहर किया गया है. उनकी जगह साईं सुदर्शन की एंट्री हुई है. वहीं, चोटिल आकाशदीप और नीतिश रेड्डी की जगह शार्दुल ठाकुर और अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है. अंशुल कंबोज और अनिल कुंबले में गजब कनेक्शन  भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर में खेला जा रहा चौथा टेस्ट मैच कई मायनों में ऐतिहासिक बन गया है। इस मुकाबले में भारतीय टीम के लिए युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला, जिसके साथ ही क्रिकेट के मैदान पर 35 साल पुराना इंतजार खत्म हो गए। बता दें कि अंशुल को इस मुकाबले में आकाशदीप सिंह की जगह मौका मिला है। कंबोज ने खत्म किया 35 साल का इंतजार कंबोज का टेस्ट कैप हासिल करना सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक खास पल है। इससे पहले, 1990 में इसी मैनचेस्टर के मैदान पर भारतीय टीम के एक और दिग्गज खिलाड़ी अनिल कुंबले ने अपना टेस्ट डेब्यू किया था। कुंबले ने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट में एक महान स्पिनर के रूप में अपनी पहचान बनाई और अब अंशुल कंबोज उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए अपने टेस्ट करियर की शुरुआत कर रहे हैं।इसके अलावा दोनों खिलाड़ियों के बीच एक और दिलचस्प समानता है। जहां अनिल कुंबले ने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए एक पारी में सभी 10 विकेट झटके थे, वहीं अंशुल कंबोज ने भी 2024 में केरल के खिलाफ फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में यह दुर्लभ उपलब्धि हासिल की थी। यह आंकड़ा बताता है कि कंबोज में भी कुंबले जैसी मैच-विनिंग क्षमता है और वह लंबी रेस के घोड़े साबित हो सकते हैं। अंशुल से है फैंस को उम्मीदें अंशुल कंबोज के डेब्यू से भारतीय टीम को एक नए तेज गेंदबाजी विकल्प के साथ मजबूती मिली है। मैनचेस्टर की पिच पर तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद को देखते हुए, कंबोज की उपस्थिति टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फैंस को उम्मीद है कि वह अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम को इस मुकाबले में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अंशुल कंबोज इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन: जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर मैनचेस्टर में कैसा है मौसम? ओल्ड ट्रैफर्ड ग्राउंड के ऊपर फिलहाल बादल मंडरा रहे हैं यानी कंडिशन ओवरकास्ट है. मौसम पूर्वानुमान की माने तो आज लगभग 65 फीसदी बारिश की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में टॉस की अहमियत काफी ज्यादा बढ़ जाती है. स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे से मैच की शुरुआत होगी, जिसमें उसके एक घंटे के बाद लगभग बारिश की आशंका है. टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी ही लेगी ताकि पिच की नमी का फायदा उठाया जा सके. इंजरी से जूझ रही भारतीय टीम अर्शदीप सिंह नेट्स में बॉलिंग करते हुए चोटिल होकर इस टेस्ट मैच से बाहर हो गए. आकाशदीप भी अनफिट हैं और नीतीश रेड्डी तो पूरी सीरीज से ही बाहर हो चुके हैं. ऐसे में भारतीय टीम कई बदलावों के साथ मैदान पर उतर सकती है. अंशुल कंबोज का हो सकता है डेब्यू नेट्स में अंशुल कंबोज ने पूरे दमखम के साथ गेंदबाजी की. मैनेजमेंट को जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ तीसरे तेज गेंदबाज के लिए प्रसिद्ध कृष्णा या अंशुल कंबोज में से किसी एक को चुनना होगा। कंबोज चोटिल अर्शदीप के विकल्प के तौर पर टीम में शामिल हुए है, जिससे उनके अप्रत्याशित पदार्पण की संभावना बढ़ गई है. शुभमन गिल ने भी इशारों-इशारों में उनके डेब्यू की बात बीती रात कही थी. इंग्लैंड ने पहले ही घोषित की प्लेइंग इलेवन जुलाई 2017 में आखिरी टेस्ट मैच खेलने वाले स्पिनर लियाम डॉसन आठ साल बाद टीम में वापसी कर रहे हैं. 11 खिलाड़ी कुछ तरह हैं. जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप (उप-कप्तान), जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर भारत का स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान और विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यू ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज  

ओपीएम फैक्ट्री में गंभीर दुर्घटना, कर्मचारी गंभीर रूप से घायल

शहडोल ओरियंट पेपर मिल अमलाई के टीशू प्लांट-3 में बीती रात एक बड़ा हादसा हो गया। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी मनीष सिंह का हाथ मशीन में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें शहडोल अस्पताल लाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जबलपुर रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीष सिंह निवासी पानी टंकी के पास, ओपीएम कॉलोनी, बीती रात ड्यूटी के दौरान टीशू प्लांट-3 में कार्यरत थे। इसी दौरान एक मशीन में उनका हाथ फंस गया। कुछ ही सेकेंड में उनका शरीर भी मशीन की ओर खिंच गया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। मोबाइल प्रतिबंध बना बाधा हादसे के वक्त ड्यूटी पर तैनात अन्य कर्मचारियों के पास मोबाइल रखने की अनुमति नहीं थी, जिससे तत्काल किसी को सूचना नहीं दी जा सकी। मनीष काफी देर तक घायल अवस्था में वहीं पड़े तड़पते रहे। काफी समय बाद जब अन्य कर्मचारियों को घटना की जानकारी मिली, तब उन्हें मिल के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद शहडोल जिला अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन स्थिति गंभीर होने पर कुछ ही देर में उन्हें जबलपुर भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि घायल मनीष सिंह को होश नहीं आया है और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल मिल कर्मचारियों के अनुसार, मिल परिसर में आए दिन इस तरह के हादसे होते रहते हैं, जिनका मुख्य कारण प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी है। पहले इन घटनाओं की जानकारी और तस्वीरें आम लोगों तक पहुंच जाती थीं, लेकिन कुछ समय पहले मिल प्रबंधन ने कर्मचारियों के ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन रखने पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके चलते अब हादसों की सूचना समय पर न तो परिवारजनों को मिल पाती है और न ही अन्य कर्मचारियों को।

CM डॉ. यादव ने ग्वालियर सड़क हादसे पर जताया गहरा शोक, की आर्थिक मदद की घोषणा

CM यादव ने ग्वालियर में सड़क दुर्घटना में चार कांवड़ियों के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया, 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता ग्वालियर हादसे पर CM यादव ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की सहायता CM डॉ. यादव ने ग्वालियर सड़क हादसे पर जताया गहरा शोक, की आर्थिक मदद की घोषणा मृतकों के परिजन को दी जाएगी 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता  ग्वालियर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर जिले की भितरवार विधानसभा क्षेत्र में पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में 4 कांवड़ियों के आकस्मिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतक कावड़ियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं श्रीचरणों में स्थान देने के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हुए चारों मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2025 की अर्द्धरात्रि लगभग 12:30 से 1 बजे के मध्य ग्वालियर के शीतला माता मंदिर चौराहा, शिवपुरी लिंक रोड पर घाटीगांव निवासी छह कांवड़ियों को एक अनियंत्रित कार द्वारा टक्कर मारे जाने से 4 कांवड़ियों की मृत्यु हो गई और 2 कांवड़िये घायल हो गए थे। कार चालक मौक़े से फ़रार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला प्रशासन ग्वालियर द्वारा चिकित्सकों को बेहतर एवं नि: शुल्क इलाज करने के निर्देश दिए है। पीड़ितों को प्रशासन की ओर से हर संभव मदद भी उपलब्ध कराई जा रही है। उल्लेखनीय है कि सड़क दुर्घटना में घाटीगांव निवासी मृतकों में श्री वकील पुत्र गिरवर (40 वर्ष), श्री रमेश पुत्र पांडेय (38 वर्ष), श्री दिनेश पुत्र बेताल (21वर्ष) एवं श्री छोटू पुत्र अंतराम (18 वर्ष) शामिल हैं तथा दो कांवड़िये घायल हैं।  

कांवड़ यात्रा में अश्लील डांस पर अनुराधा पौडवाल ने जताई आपत्ति, कहा- ‘श्रद्धा का मज़ाक मत बनाओ’

मुंबई सावन का महीना शुरू होते ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाती है। इन दिनों कांवड़ यात्रा जोर-शोर से चल रही है और एक-एक दिन में कई लोग कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर कांवड़ यात्रा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसकी काफी आलोचना की जा रही है। इस वीडियो में कांवड़ यात्रा के दौरान एक डांसर महिला डांस कर रही है। इस दौरान उसके स्टेप्स कुछ ऐसे हैं, जिनको लेकर वीडियो की आलोचना हो रही है। अब इस वायरल वीडियो पर मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल ने भी प्रतिक्रिया दी है। अनुराधा पौडवाल ने जताई नाराजगी कई बॉलीवुड और भजन गीत गाने वाली मशहूर सिंगर अनुराधा पौडवाल ने कांवड़ यात्रा के दौरान महिला डांसर के डांस के वायरल वीडियो पर नाराजगी जताई है। साथ ही उन्होंने धार्मिक कार्यों में इस तरह की अश्लीलता पर भी सवाल उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनुराधा पौडवाल ने इस वायरल वीडियोज में से एक पर कमेंट करते हुए नाराजगी जताई है। उन्होंने लिखा, ‘ये बकवास बंद करो प्लीज।’ अनुराधा पौडवाल के अलावा भी इस वायरल वीडियो पर बहुत से यूजर्स ने सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का बताया जा रहा है। वीडियो में बहुत सारे कांवड़िया नजर आ रहे हैं और उनके आगे एक ट्रक चल रहा है। इसी ट्रक पर दो लड़कियां अश्लील और भद्दा डांस कर रही हैं। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है और इसके सामने आते ही लोग इस पर नाराजगी जता रहे हैं। हालांकि, ये वीडियो कहां का है हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं। बॉलीवुड और कई भजन गीत गा चुकी हैं अनुराधा पौडवाल अनुराधा पौडवाल एक मशहूर सिंगर हैं। उन्होंने 1990 के दशक में कई सुपरहिट बॉलीवुड गीत गाए हैं। इनमें ‘आशिकी’ सरीखी सुपरहिट फिल्मों के गाने भी शामिल हैं। इसके अलावा अनुराधा पौडवाल ने कई लोकप्रिय भजन गीतों को भी अपनी आवाज दी है।