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चंद्रास्वामी के चेले हर्षवर्धन जैन की दोबारा गिरफ्तारी, फर्जी दूतावास चला रहा था गाजियाबाद में

गाजियाबाद  दिल्ली से महज 35 किमी दूर अपने किराए के मकान सें West Artica, Saborga, Poulvia, Londonia जैसे काल्पनिक देशों के फर्जी दूतावास चलाने वाले स्वयंभू राजनयिक हर्षवर्धन जैन को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आरोपी को गाजियाबाद के कविनगर इलाके से अरेस्ट किया था. आरोपी खुद को इन काल्पनिक देशों का कॉन्सुल या एम्बेसडर बताता था और विदेशों में नौकरी तथा बिजनेस डील कराने का वादा करके लोगों से पैसे ऐंठता था. उसका यह ठगी का नेटवर्क सात साल तक एक्टिव रहा. एसटीएफ ने हर्षवर्धन को उसके किराए के मकान से गिरफ्तार कर 44.7 लाख रुपये नकद, 34 रबर स्टैंप, विदेशी मुद्रा, 12 फर्जी राजनयिक पासपोर्ट, 18 नकली डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट और चार लग्जरी गाड़ियां जब्त कीं. चंद्रास्वामी और हथियार डीलर से भी जुड़े थे तार पुलिस के अनुसार, हर्षवर्धन जैन का विवादास्पद धर्मगुरु और तांत्रिक चंद्रास्वामी और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर अदनान खशोगी से भी पुराना संबंध रहा है. साल 2011 में भी काविनगर थाने में उस पर अवैध सैटेलाइट फोन रखने का मामला दर्ज हुआ था. पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के करीबी माने जाने वाले तांत्रिक चंद्रास्वामी का विवादों से गहरा नाता रहा है. नरसिम्हा राव सरकार के दौरान सामने आए कई घोटालों की परछाई चंद्रास्वामी तक भी पहुंची थी. हालात ऐसे बने कि उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भी जाना पड़ा. हर्षवर्धन ने पीएम, राष्ट्रपति और अन्य नामी हस्तियों के साथ एडिट की गई तस्वीरें भी इस्तेमाल कीं ताकि लोगों पर प्रभाव डाल सके और ठगी कर सके. उसके पास से फर्जी विदेश मंत्रालय की मुहर, प्रेस कार्ड, और विभिन्न देशों की सील भी बरामद की गई है. नौकरी और हवालाबाजी के नाम पर चलाता था ठगी रैकेट एसटीएफ एसएसपी सुशील घुले ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि जैन कई देशों के राजदूतों का रूप धारण कर रहा था और लोगों को विदेश में नौकरी और संपर्क का झूठा वादा करके उन्हें फंसा रहा था. उन्होंने आगे बताया, "उसका मुख्य उद्देश्य इन फर्जी पहचानों का इस्तेमाल दलाली करने, विदेशों में नौकरी दिलाने का दावा करने और फर्जी कंपनियों के जरिए हवाला रैकेट चलाने के लिए करना था." वह फर्जी दूतावास की आड़ में हवाला कारोबार और दलाली का रैकेट भी चला रहा था. 2011 में कविनगर थाने में दर्ज मामले के अलावा अब एक बार फिर उसके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की गई है. एसटीएफ इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने पीटीआई को बताया कि जैन के फर्जी दूतावास में "इन देशों के झंडे" भी लगे थे, जिन्हें असली वाणिज्य दूतावास का आभास देने के लिए परिसर में नियमित रूप से फहराया जाता था.

एग्रीकल्चर के छात्र की आत्महत्या से सनसनी, जांच जारी

भिलाई  सुपेला थाना क्षेत्र अंतर्गत साईं नगर में एक 26 वर्षीय एग्रीकल्चर के छात्र ने आत्महत्या कर ली. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. बुधवार शाम (23 जुलाई) को युवक घर पर अकेला था, इसी दौरान उसने खुदखुशी कर ली. घटना के बाद लोगों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम किया और पीएम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है. जानकारी के अनुसार, मृतक का नाम इंद्रप्रीत सिंह सैनी है और वह भिलाई में रहकर एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहा था. इंद्रप्रीत के पिता जनरल सिंह सैनी जगदलपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) में SDO हैं और मां एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं. बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन जगदलपुर से तुरंत भिलाई के लिए रवाना हुए और शाम तक साईं नगर स्थित घर पहुंचे. परिजनों का कहना है कि इंद्रप्रीत दो भाइयों में बड़ा और स्वभाव से बेहद शांत था. उसने किसी तरह की परेशानी में होने की बात नहीं बताई थी और न ही ऐसे कोई संकेत पहले कभी मिले थे. उसने ये कदम क्यों उठाया यह उन्हें समझ नहीं आ रहा है. आत्महत्या का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस परिजनों और दोस्तों समेत आस-पास के लोगों से पूछताछ कर घटना का कारण जानने का प्रयास कर रही है.

ड्रग्स तस्करी के साथ यौन शोषण की पुष्टि, MP में गिरी कार्रवाई की गाज, 6 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल  भोपाल क्राइम ब्रांच ने तीन दिन पहले एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्करों को पकड़ा था, लेकिन अब इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस गिरफ्तारी के बाद मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. यह लोग सिर्फ लड़कियों को नशे ही नहीं बेच रहे थे, बल्कि उन्हें नशे की लत लगाकर उनके साथ रेप भी कर रहे थे. मामले में गिरफ्तार एक आरोपी यासिन के मोबाइल में पुलिस को कई लड़कियों के साथ रेप करते, अश्लील वीडियो मिले हैं. पुलिस ने इनके पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की है.  क्लब, जिम और पार्टियों में बनाते थे निशाना दरअसल, इसकी शुरुआत हुई थी पिछले हफ्ते जब भोपाल क्राइम ब्रांच ने क्लबों, जिम और पार्टियों में युवाओं को निशाना बनाने वाले एक हाई-प्रोफाइल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया था. तब क्राइम ब्रांच ने सैफुद्दीन और आशु उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उससे पूछताछ के आधार पर अब 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम यासीन और शावर हैं. पुलिस ने इनके पास से ड्रग्स, पिस्टल और 2 महंगी कारें बरामद की हैं. मोबाइल में मिले लड़कियों के साथ दुष्कर्म के वीडियो क्राइम ब्रांच ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें से एक यासीन क्लब में डीजे का काम करता है. जिसके पास से पुलिस ने 1.05 ग्राम एमडी ड्रग्स, एक पिस्टल और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार जब्त की है. पुलिस ने जब मोबाइल की गैलरी खंगाली तो उसमें कई लड़कियों के साथ अश्लील और धमकी भरी चैट के साथ लड़कियों के शारिरिक शोषण के कई वीडियो भी मिले हैं, जिसके बाद पुलिस के कान खड़े हो गए हैं, क्योंकि भोपाल के एक निजी कॉलेज की लड़कियों के साथ भी गिरोह बनाकर रेप और ब्लैकमेलिंग मामले की जांच अभी चल ही रही है और पुलिस अब वीडियो में दिख रही लड़कियों की पहचान कर और उनसे संपर्क कर मामले की जानकारी लेने में जुट गई है. वहीं एक अन्य आरोपी शावर जो प्रॉपर्टी का काम करता है, उसके पास से 2.052 ग्राम एमडी ड्रग्स समेत एक महिंद्रा बीई-6 कार बरामद की गई है.  नशे की आड़ में युवतियों का शोषण, ब्लैकमेलिंग के वीडियो मिले भोपाल के क्लबों और पबों में एमडी ड्रग्स की तस्करी करने वाले ड्रग माफिया चाचा-भतीजे शाहवर अहमद और यासीन अहमद की गिरफ्तारी के बाद शहर में ड्रग पार्टी कल्चर और उसकी आड़ में हो रहे युवाओं के शोषण का सनसनीखेज राजफाश हुआ है। आरोपित ड्रग माफिया चाचा-भतीजे शहर के पबों और क्लबों में ड्रग पार्टी का आयोजन करते थे। इसके साथ ही इनमें पार्टियों में शामिल होने वाले युवाओं को कभी जाने तो कभी अनजाने में एमडी जैसे ड्रग का नशा करवाते और फिर उन्हें अपने ठिकानों पर ले जाकर ब्लैकमेल करते। दोनों आरोपित पार्टी के बाद नशे में चूर युवतियों का शारीरिक शोषण करते हुए उनका वीडियो बनाते थे। इसके साथ ही मदहोश युवकों से बंदूक की नोंक पर अड़ीबाजी करते थे। इन ड्रग माफियाओं के मोबाइल से करीब 35 युवतियों से शोषण के वीडियो भी मिले हैं। बंदूक पर अड़ीबाजी भी कैमरे में कैद हुई है। 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया भोपाल क्राइम ब्रांच ने इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इस कार्य में लिप्त छह आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया है। इनमें अलग-अलग कालेजों व पार्टियों में ड्रग खपाने वाले सैफुद्दीन, आशू उर्फ शाहरुख, समीरउद्दीन और सोहेल खान शामिल हैं। पुलिस को शंका है कि इस गिरोह से बड़ी संख्या में और भी तस्कर जुड़े हैं, जिनकी तलाश के लिए क्राइम ब्रांच की 10 टीमें जुटी हैं। क्राइम ब्रांच पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि आरोपित शाहवर अहमद दूसरे राज्यों से ड्रग मंगवाता था। उसका भतीजा यासीन शहर के क्लबों व पबों में आयोजित पार्टियों में एमडी ड्रग सप्लाई करता था। इसके साथ ही कालेज छात्रों व अन्य ग्राहकों तक भी पहुंचाता था। उसके साथ कई अन्य तस्कर भी जुड़े थे। फरवरी 2025 में क्राइम ब्रांच ने रुस्तम खां अहाता के पास से 20 वर्षीय समीरउद्दीन और 23 वर्षीय सोहेल खान को एमडी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपित तलैया क्षेत्र के रहने वाले थे। एमडी पाउडर की तस्करी करते हुए पकड़ा था उन्होंने पूछताछ में सैफुउद्दीन नामक तस्कर से एमडी ड्रग्स खरीदने की जानकारी दी थी। इस मामले में सैफुद्दीन पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। सैफुद्दीन 18 जुलाई को गोविंदपुरा क्षेत्र में अपने साथी शाहरुख हसन के साथ एमडी पाउडर की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। दोनों के पास से एमडी ड्रग मिला था। पूछताछ में दोनों आरोपितों ने शाहवर अहमद और यासीन अहमद का नाम बताया था। इसके साथ ही उन्होंने पार्टियों और जिम में लोगों को नशे का आदी बनवाने की बात कबूली थी। शाहवर और यासीन के पास से एमडी ड्रग्स, कार और बंदूक जब्त की गई है। प्रापर्टी डीलिंग का काम भी करता है मास्टर माइंड आरोपित शाहवर अहमद मास्टर माइंड है। वह गांधीनगर क्षेत्र की एक पाश कालोनी में रहता है। वह प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है, वहीं उसका भतीजा यासीन अहमद बुधवारा क्षेत्र में परिवार के साथ रहता है। वह डीजे ऑपरेटर है और शहर की महंगी पार्टियों में डीजे प्ले करता है। यासीन शहर के कई क्लब और पबों के संचालकों के संपर्क में था। वह क्लबों में आयोजित पार्टियों में नशा परोसता था। पुलिस को आशंका है कि दोनों मुख्य आरोपित करीब आठ से दस साल से नशे के काले कारोबार से जुड़े हैं। मछली कारोबारी शरीफ और शारिक के परिवार से हैं आरोपित गिरोह के दोनों मुख्य आरोपित शहर के बड़े मछली कारोबारी शरीफ अहमद के बेटे और भतीजे हैं। शाहवर अहमद शरीफ का बेटा था, जबकि यासीन शरीफ के बेटे शफीक का बेटा है। शरीफ के एक अन्य पुत्र शारिक अहमद उर्फ शारिक मछली का नाम भोपाल के दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के आरोपितों से जुड़ा था। ऐसे में, माना जा रहा है कि नशे के इन तस्करों का निशाना दूसरे धर्म से जुड़े युवक-युवतियां होती थीं। राजनेताओं से गहरा कनेक्शन, विधायक का दिवंगत पुत्र था दोस्त मछली कारोबार से जुड़े होने के कारण शरीफ मछली का लंबे समय से राजनेताओं से … Read more

दिव्या देशमुख की डबल जीत: विश्वकप फाइनल में प्रवेश और कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह पक्की

बातुमी (जॉर्जिया) अंतरराष्ट्रीय मास्टर 19 साल की दिव्या देशमुख नेफिडे महिला विश्व शतरंज कप के सेमीफाइनल के दूसरे गेम में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन को हरा दिया और मिनी मैच 1.5-0.5 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। इस प्रक्रिया में दिव्या कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बन गईं। महिला कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट अगले साल होना है और उस टूर्नामेंट से मौजूदा महिला विश्व चैंपियन वेनजुन जू के प्रतिद्वंदी का फैसला होगा। दिलचस्प बात यह है कि दिव्या पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हैं। चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त जोनर झू और तत्कालीन हमवतन ग्रैंडमास्टर डी हरिका को क्वार्टर फाइनल में हराने के बाद दिव्या ने इस प्रतियोगिता में अपना दबदबा बरकरार रखा और टैन के खिलाफ 101 चाल में जीत उनके बढ़ते शतरंज कौशल का प्रमाण था। दूसरे सेमीफाइनल में कोनेरू हम्पी ने 75 चाल में चीन की शीर्ष वरीयता प्राप्त टिंगजी लेई के साथ ड्रॉ खेला। हम्पी अब छोटे प्रारूप में लेई के खिलाफ टाई-ब्रेकर खेलेंगी। नौ दिसंबर 2005 को नागपुर में जन्मीं दिव्या ने पांच साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं। उनके पिता का नाम जितेंद्र और माता का नाम नम्रता है। दिव्या ने 2012 में सात साल की उम्र में अंडर-7 नेशनल चैंपियनशिप जीती। इसके बाद उन्होंने अंडर-10 (डरबन, 2014) और अंडर-12 (ब्राजील, 2017) कैटेगरी में विश्व युवा खिताब भी जीते। इसके बाद 2014 में डरबन में आयोजित अंडर-10 वर्ल्ड यूथ टाइटल और 2017 में ब्राजील में अंडर-12 कैटेगरी में भी खिताब अपने नाम किए। उनकी निरंतर प्रगति ने उन्हें 2021 में महिला ग्रैंडमास्टर बना दिया और इसके साथ ही वह विदर्भ की पहली और देश की 22वीं महिला खिलाड़ी बनीं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। 2023 में दिव्या ने हासिल किया इंटरनेशनल मास्टर का खिताब दिव्या ने 2023 में इंटरनेशनल मास्टर का खिताब भी प्राप्त कर लिया। 2024 में उन्होंने विश्व जूनियर गर्ल्स अंडर-20 चैंपियनशिप में भी परचम लहराया, जहां उन्होंने 11 में से 10 अंक जुटाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा, 45वें चेस ओलंपियाड में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही। दिव्या एशियाई जूनियर चैंपियन भी हैं। दिव्या शतरंज की दुनिया में अब जाना-पहचाना नाम है। नंबर एक खिलाड़ी होउ यिफान को दे चुकीं हैं मात दिव्या देशमुख इस साल फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज टीम शतरंज चैंपियनशिप में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी होउ यिफान को मात दे चुकी हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी तारीफ की थी। दिव्या ने 10 से 16 जून को लंदन में आयोजित फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज टीम चैंपियनशिप के सेमीफाइनल के दूसरे चरण में चीन की यिफान को हराया था। दिव्या के करियर की यह सबसे बड़ी जीत में से एक है। ओलंपियाड में तीन स्वर्ण, कई एशियाई और विश्व युवा खिताब। चेन्नई में शतरंज गुरुकुल में जीएम आरबी रमेश के तहत प्रशिक्षित दिव्या को उनकी तेज सामरिक दृष्टि, अडिग धैर्य और रचनात्मक प्रतिभा के लिए सराहा जाता है।  

Mumbai blast case : बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 12 आरोपी फिलहाल नहीं होंगे बरी

मुंबई  2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट में 12 आरोपियों को बरी किए जाने के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर SC ने अंतरिम रोक लगाई SC ने महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर नोटिस जारी.2006 के मुंबई ट्रेन ब्लास्ट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सभी 12 आरोपियों को बरी करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रोक लगा दी। महाराष्ट्र सरकार और आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। 11 जुलाई 2006 को मुंबई की उपनगरीय ट्रेनों में सात बम विस्फोट हुए थे, जिनमें 187 लोगों की मौत हुई और 800 से अधिक घायल हुए थे। इस मामले में 2015 में विशेष एमसीओसीए कोर्ट ने 12 आरोपियों को दोषी ठहराया था, जिसमें पांच को मृत्युदंड और सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, 21 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव और अभियोजन पक्ष की विफलता का हवाला देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।. सीजेआई बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची बेंच के सामने महाराष्ट्र सरकार के वकील ने मामले का उल्लेख किया और मामले की जल्द सुने जाने की मांग की गई. जिस पर कोर्ट ने कहा कि देखिए, इतनी जल्दी क्या है? आठ लोग पहले ही रिहा हो चुके हैं. बरी करने पर रोक केवल दुर्लभतम मामलों में ही लगाई जाती है. 24 जुलाई को होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट स मामले में गुरुवार (24 जुलाई) को सुनवाई करेगा. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि इसकी जल्द सुनवाई जरूरी है. मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की बेंच ने मामले को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध किया है. हाई कोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को किया बरी सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 के मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष मामले को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा, इससे यह विश्वास करना मुश्किल है कि आरोपी ने अपराध किया है. फैसला सुनाते हुए सबूतों के अभाव में कोर्ट ने 12 आरोपियों को बरी कर दिया. हाईकोर्ट ने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि आरोपियों ने अपराध किया है, इसलिए उन्हें बरी किया जाता है. कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर वो किसी दूसरे मामले में वॉन्टेड नहीं हैं, तो उन्हें फौरन जेल से रिहा किया जाए. जांच एजेंसियों के कामकाज पर सवाल करीब 19 साल बाद मिली इस राहत ने जहां इन निर्दोषों के परिवारों को सुकून पहुंचाया है, वहीं इस फैसले ने देश की जांच एजेंसियों के कामकाज पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोपियों को बरी किए जाने से जांच की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि हाई कोर्ट ने सिमी और लश्कर-ए-तैयबा की संलिप्तता वाली एटीएस की कहानी को सिरे से खारिज कर दिया. हाईकोर्ट का यह फैसला मामले की जांच कर रही महाराष्ट्र एटीएस के लिए बड़ा झटका है. एजेंसी ने दावा किया था कि आरोपी प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्य थे और उन्होंने आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के पाकिस्तानी सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची थी. 180 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत विशेष अदालत ने 12 में से 5 को मौत की सजा और 7 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. मौत की सजा पाए एक दोषी की साल 2021 में मौत हो गई थी. 11 जुलाई 2006 को पश्चिमी लाइन पर कई जगहों पर मुंबई लोकल ट्रेनों में हुए 7 विस्फोटों में करीब 180 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. हाई कोर्ट ने 2015 में एक विशेष अदालत की ओर से आरोपियों को दी गई सजा और उनकी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली उनकी अपीलों को स्वीकार कर लिया था.  

नई पीढ़ी के संस्कारों पर सवाल: स्पीकर बिरला ने कांग्रेस सांसद को लिया निशाने पर

नई दिल्ली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को सदन में हंगामा करने के लिए कांग्रेस सदस्यों को आड़े-हाथों लिया और कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के संस्कार सदन में नारेबाजी करने, तख्तियां लाने और मेजें ठोंकने के लिए नहीं रहे हैं, लेकिन इस दल के मौजूदा सांसदों का आचरण पूरा देश देख रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के सदस्यों ने सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही बिहार में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विषय पर हंगामा किया जिससे कार्यवाही बाधित हुई। बिरला ने कहा, 'आपसे पहले भी कहा गया है कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है। इसमें जनता के महत्वपूर्ण सवाल होते हैं और सरकार की जवाबदेही होती है…कई सांसदों ने कहा कि उनका प्रश्नकाल के दौरान मुश्किल से प्रश्न आता है, लेकिन आप लोगों का जिस तरह का व्यवहार होता है, वो संसद की गरिमा के अनुकूल नहीं है।' उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा, 'आप लोग इतने पुराने राजनीतिक दल के संसद सदस्य हो, जिसका इस सदन के अंदर गरिमा और मर्यादा का बहुत बड़ा योगदान रहा है। लेकिन लोग देखेंगे कि आप किस तरह से सदन में व्यवहार करते हैं, तख्तियां लेकर आते हैं और मेजें ठोकते हैं।' लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों का आह्वान किया कि वे संसद की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखें। उनका कहना था, 'यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। लोकतंत्र के अंदर हमारी पारदर्शिता और जवाबदेही को दुनिया जानती है। आप इस तरह का आचरण करेंगे तो इसका लोकतांत्रिक संस्थाओं में क्या संदेश जाएगा।' बिरला ने कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से कहा, 'वेणुगोपाल जी, क्या आप अपने सांसदों को यही सिखाते हो। नारेबाजी करना, तख्तियां लाना, मेज थपथपाना आपकी पार्टी के संस्कार नहीं रहे हैं, लेकिन नई पीढ़ी जिस तरह का संस्कार पेश कर रही है वो पूरा देश देख रहा है।' उन्होंने कहा, 'आप लोग माननीय हैं, लाखों लोगों ने आपको चुनकर भेजा है…तख्तियां लेकर मेजें तोड़ने के लिए नहीं भेजा है।' बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि तख्तियां लेकर आने पर सदन नहीं चलेगा। लोकसभा अध्यक्ष ने इस बात का उल्लेख किया कि संसद पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल के बाद नियमों के तहत हर मुद्दे पर चर्चा का अवसर दिया जाएगा। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी। इससे पहले 21 जुलाई से शुरू हुए मॉनसून सत्र के पहले तीन दिन भी सदन में विपक्ष के हंगामे के कारण कामकाज बाधित रहा।

ऋषभ पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, मैनचेस्टर में 10 ख‍िलाड़‍ियों के साथ खेलेगी टीम इंड‍िया? सब्स्टीट्यूट रूल पर उठे सवाल

मैनचेस्टर भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को बुधवार को चौथे टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर ले जाया गया. पंत को दाहिने पैर में चोट लगी, उस समय वह 48 गेंदों में 37 रन बनाकर खेल रहे थे. पहले तो उनका मैदान पर ही उपचार किया गया, लेकिन बाद में उन्हें एम्बुलेंस जैसी गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. अब बताया जा रहा है कि ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है.   इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने ऋषभ पंत की पैर की चोट के बाद टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बदलाव की मांग की, जबकि एक और पूर्व इंग्लैंड कप्तान एलिस्टेयर कुक इससे सहमत नहीं दिखे. माइकल वॉन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण चोट अब टेस्ट मैच को असंतुलित बना देगी. पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, 6 हफ्ते के ल‍िए हुए बाहर टीम इंड‍िया को इंग्लैंड दौरे के बीच बड़ा झटका लगा है. स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है. ऐसे में पंत की वापसी पर भी फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है. मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन वो चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से वापस लौटे थे.  भारत की पारी के 68वें ओवर में, जब पंत 37 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तो उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज क्रिस वोक्स के खिलाफ रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके जूते पर लग गई. गेंद ने उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया और पैर की उंगली पर जा लगी. इसके बाद पंत जमीन पर लेट गए और दर्द में कराहने लगे. उनका पैर सूज गया था और खून भी निकल रहा था. वह चल नहीं पा रहे थे, और फिजियो की मदद से उन्हें मेडिकल टीम की गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. बीसीसीआई सूत्रों ने बताया,'स्कैन में फ्रैक्चर पाया गया है.वह 6 हफ्ते तक नहीं खेल सकेंगे. मेडिकल टीम देख रही है कि क्या वह पेनकिलर लेकर दोबारा बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन अभी तो वह चल भी नहीं पा रहे हैं, इसलिए उनके दोबारा खेलने की संभावना बहुत कम है.' इस बीच चयन समिति ने अंतिम टेस्ट (31 जुलाई से 4 अगस्त, ओवल) के लिए ईशान किशन को टीम में जोड़ने का फैसला किया है क्योंकि पंत अब उस मैच में नहीं खेल पाएंगे. भारत पहले से ही चोट की समस्या से जूझ रहा है. ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी (घुटने की चोट) पहले ही बाहर हैं और तेज गेंदबाज आकाश दीप (जांघ की चोट) और अर्शदीप सिंह (अंगूठे की चोट) भी चौथे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं. वॉन ने टेस्ट मैच स्पेशल पर कहा, 'मुझे यह बात पसंद नहीं कि अब मैच के चार दिन बाकी हैं और इस शानदार सीरीज के अगले चार दिन 10 बनाम 11 खिलाड़ियों के बीच खेले जाएंगे.' उन्होंने सुझाव दिया कि चोट की स्थिति में खिलाड़ी को बदलने की अनुमति दी जानी चाहिए. वॉन ने आगे कहा, 'जब सिर की चोट के लिए सब्स्टीट्यूट की इजाजत दी गई थी, तब भी मैं कह रहा था कि क्यों न पहली पारी में किसी भी स्पष्ट चोट की स्थिति में सब्स्टीट्यूट की अनुमति हो.' उन्होंने सब्स्टीट्यूट मामले में कहा, 'अगर यह दूसरी पारी में होता है, तो टीमों द्वारा नियमों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर चोट साफ तौर पर दिख रही है- जैसे किसी का हाथ या पैर टूटना या मांसपेशियों में गंभीर खिंचाव..  तो यह साफ है कि खिलाड़ी आगे नहीं खेल सकता. ऐसे में सब्स्टीट्यूट की अनुमति होनी चाहिए.' दूसरी तरफ, एलिस्टेयर कुक ने इस सुझाव पर सवाल उठाए. उन्होंने एक काल्पनिक उदाहरण देकर बात रखी, 'मैं अभी तय नहीं कर पा रहा कि क्या सही है. लेकिन मान लीजिए पंत दर्द में हैं और बाहर चले गए. बाद में स्कैन में कुछ नहीं निकला- बस एक मामूली चोट (bruise) है. तो क्या उसे फिर से खेलना चाहिए?' कुक ने कहा,  'अगर पैर टूट गया होता, तो बात अलग होती…  लेकिन कई बार किसी को गेंद लगती है, हाथ हिलता नहीं और बहुत दर्द होता है. पर असल में सिर्फ सूजन होती है. तो क्या उसे भी सिर्फ तकलीफ के आधार पर बदला जा सकता है, भले ही चोट गंभीर न हो?' दरअसल, वोक्स की फुल लेंथ गेंद पंत के पैर के अंगूठे पर जोर से लगी. इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने एलबीडब्ल्यू की अपील की, लेकिन रिव्यू में देखा गया कि बल्ले का हल्का सा किनारा लगा था, जिससे पंत बच गए. चोट के बाद पंत के पैर से खून निकलता दिखा और उस हिस्से में सूजन भी थी. यह इस सीरीज में पंत की दूसरी चोट है. इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान विकेटकीपिंग करते हुए उनकी उंगली में चोट लगी थी, जिससे वह इंग्लैंड की दूसरी पारी में विकेटकीपिंग नहीं कर सके थे.

ऋषभ पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, मैनचेस्टर में 10 ख‍िलाड़‍ियों के साथ खेलेगी टीम इंड‍िया? सब्स्टीट्यूट रूल पर उठे सवाल

मैनचेस्टर भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को बुधवार को चौथे टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप करने की कोशिश में ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर ले जाया गया. पंत को दाहिने पैर में चोट लगी, उस समय वह 48 गेंदों में 37 रन बनाकर खेल रहे थे. पहले तो उनका मैदान पर ही उपचार किया गया, लेकिन बाद में उन्हें एम्बुलेंस जैसी गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. अब बताया जा रहा है कि ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है.   इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने ऋषभ पंत की पैर की चोट के बाद टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बदलाव की मांग की, जबकि एक और पूर्व इंग्लैंड कप्तान एलिस्टेयर कुक इससे सहमत नहीं दिखे. माइकल वॉन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण चोट अब टेस्ट मैच को असंतुलित बना देगी. पंत के अंगूठे में फ्रैक्चर, 6 हफ्ते के ल‍िए हुए बाहर टीम इंड‍िया को इंग्लैंड दौरे के बीच बड़ा झटका लगा है. स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने उन्हें कम से कम 6 हफ्ते आराम की सलाह दी है. ऐसे में पंत की वापसी पर भी फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है. मैनचेस्टर टेस्ट के पहले दिन वो चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से वापस लौटे थे.  भारत की पारी के 68वें ओवर में, जब पंत 37 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तो उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज क्रिस वोक्स के खिलाफ रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके जूते पर लग गई. गेंद ने उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया और पैर की उंगली पर जा लगी. इसके बाद पंत जमीन पर लेट गए और दर्द में कराहने लगे. उनका पैर सूज गया था और खून भी निकल रहा था. वह चल नहीं पा रहे थे, और फिजियो की मदद से उन्हें मेडिकल टीम की गाड़ी में बैठाकर मैदान से बाहर ले जाया गया. बीसीसीआई सूत्रों ने बताया,'स्कैन में फ्रैक्चर पाया गया है.वह 6 हफ्ते तक नहीं खेल सकेंगे. मेडिकल टीम देख रही है कि क्या वह पेनकिलर लेकर दोबारा बल्लेबाजी कर सकते हैं, लेकिन अभी तो वह चल भी नहीं पा रहे हैं, इसलिए उनके दोबारा खेलने की संभावना बहुत कम है.' इस बीच चयन समिति ने अंतिम टेस्ट (31 जुलाई से 4 अगस्त, ओवल) के लिए ईशान किशन को टीम में जोड़ने का फैसला किया है क्योंकि पंत अब उस मैच में नहीं खेल पाएंगे. भारत पहले से ही चोट की समस्या से जूझ रहा है. ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी (घुटने की चोट) पहले ही बाहर हैं और तेज गेंदबाज आकाश दीप (जांघ की चोट) और अर्शदीप सिंह (अंगूठे की चोट) भी चौथे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं. वॉन ने टेस्ट मैच स्पेशल पर कहा, 'मुझे यह बात पसंद नहीं कि अब मैच के चार दिन बाकी हैं और इस शानदार सीरीज के अगले चार दिन 10 बनाम 11 खिलाड़ियों के बीच खेले जाएंगे.' उन्होंने सुझाव दिया कि चोट की स्थिति में खिलाड़ी को बदलने की अनुमति दी जानी चाहिए. वॉन ने आगे कहा, 'जब सिर की चोट के लिए सब्स्टीट्यूट की इजाजत दी गई थी, तब भी मैं कह रहा था कि क्यों न पहली पारी में किसी भी स्पष्ट चोट की स्थिति में सब्स्टीट्यूट की अनुमति हो.' उन्होंने सब्स्टीट्यूट मामले में कहा, 'अगर यह दूसरी पारी में होता है, तो टीमों द्वारा नियमों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर चोट साफ तौर पर दिख रही है- जैसे किसी का हाथ या पैर टूटना या मांसपेशियों में गंभीर खिंचाव..  तो यह साफ है कि खिलाड़ी आगे नहीं खेल सकता. ऐसे में सब्स्टीट्यूट की अनुमति होनी चाहिए.' दूसरी तरफ, एलिस्टेयर कुक ने इस सुझाव पर सवाल उठाए. उन्होंने एक काल्पनिक उदाहरण देकर बात रखी, 'मैं अभी तय नहीं कर पा रहा कि क्या सही है. लेकिन मान लीजिए पंत दर्द में हैं और बाहर चले गए. बाद में स्कैन में कुछ नहीं निकला- बस एक मामूली चोट (bruise) है. तो क्या उसे फिर से खेलना चाहिए?' कुक ने कहा,  'अगर पैर टूट गया होता, तो बात अलग होती…  लेकिन कई बार किसी को गेंद लगती है, हाथ हिलता नहीं और बहुत दर्द होता है. पर असल में सिर्फ सूजन होती है. तो क्या उसे भी सिर्फ तकलीफ के आधार पर बदला जा सकता है, भले ही चोट गंभीर न हो?' दरअसल, वोक्स की फुल लेंथ गेंद पंत के पैर के अंगूठे पर जोर से लगी. इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने एलबीडब्ल्यू की अपील की, लेकिन रिव्यू में देखा गया कि बल्ले का हल्का सा किनारा लगा था, जिससे पंत बच गए. चोट के बाद पंत के पैर से खून निकलता दिखा और उस हिस्से में सूजन भी थी. यह इस सीरीज में पंत की दूसरी चोट है. इससे पहले लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान विकेटकीपिंग करते हुए उनकी उंगली में चोट लगी थी, जिससे वह इंग्लैंड की दूसरी पारी में विकेटकीपिंग नहीं कर सके थे.

उपराष्ट्रपति पद के लिए नई एंट्री ने बढ़ाई हलचल, बीजेपी हाईकमान से हुई बातचीत

नई दिल्ली जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देने के बाद अब अगले वाइस प्रेसिडेंट के नाम की अटकलें लगने लगी हैं। अब तक संभावितों की लिस्ट में कई बड़े नेताओं के नाम सामने चुके हैं। अब इसमें एक और बड़ा व चौंकाने वाला नाम शामिल हुआ है। दरअसल, केंद्रीय राज्य मंत्री और जेडीयू सांसद रामनाथ ठाकुर ने बुधवार शाम को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है, जिसके बाद अटकलें लगने लगी हैं कि वे भी उपराष्ट्रपति की रेस में शामिल हैं। रामनाथ ठाकुर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं और इस समय जेडीयू कोटे से मोदी सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री हैं। कौन हैं रामनाथ ठाकुर, रेस में क्यों हुए शामिल? रामनाथ ठाकुर बिहार से आने वाले बड़े चेहरे हैं। वे राज्य के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर के बड़े बेटे हैं। वे लालू यादव की पहली कैबिनेट का भी हिस्सा रह चुके हैं और तब गन्ना मंत्री बनाया गया था। फिर साल 2005 से 2010 तक नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। उनके पिता कर्पूरी ठाकुर को कुछ समय पहले ही भारत रत्न से सम्मानित किया गया है। रामनाथ ठाकुर के उपराष्ट्रपति की रेस में शामिल होने की कई वजहें बताई जा रही हैं। दरअसल, इसी साल के आखिर में बिहार विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में यदि एनडीए सरकार वहीं से आने वाले किसी नेता को उपराष्ट्रपति बनाती है तो चुनाव से पहले बड़ा मैसेज जाएगा और इसका फायदा मौजूदा सरकार को राज्य में मिल सकता है। जेडीयू को साधने के लिए रामनाथ ठाकुर को बनाएगी उपराष्ट्रपति? वहीं, रामनाथ ठाकुर को उपराष्ट्रपति बनाकर बीजेपी बिना किसी दिक्कत के पांच सालों तक केंद्र में सरकार चला सकती है। बीजेपी को इस समय अकेले दम पर लोकसभा में बहुमत नहीं है और जेडीयू व टीडीपी की मदद से सरकार चला रही है। इसी वजह से उपराष्ट्रपति का पद जेडीयू कोटे से किसी नेता को भी दिया जा सकता है। पहले बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन बाद में उनका नाम रेस से लगभग बाहर हो गया। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश खुद को मुख्यमंत्री पद से दूर करना नहीं चाहेंगे। इसी वजह से अब उनकी जगह जेडीयू की ओर से रामनाथ ठाकुर का नाम रेस में आ गया है। यदि रामनाथ ठाकुर को एनडीए सरकार उपराष्ट्रपति बनाती है तो इससे नीतीश कुमार भी राज्य के अगले सीएम पद की रेस में बने रहेंगे और उपराष्ट्रपति जैसा बड़ा पद भी उनके ही दल के नेता को मिल जाएगा। लिस्ट में और कौन-कौन से नाम हैं शामिल? पिछले एक दशक से ज्यादा समय में मोदी सरकार हमेशा चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जानी जाती है। उसकी अगली रणनीति और फैसले के बारे में बहुत ही कम बार पहले से पता चल सका है। इसी तरह इस बार भी उपराष्ट्रपति पद के लिए विभिन्न नामों की अटकलें भले ही लग रही हैं, लेकिन कौन बनेगा, इसका पता तो तभी चलेगा, जब बीजेपी खुद इसका ऐलान करेगी। हालांकि, अभी कई नाम हैं, जो संभावितों की सूची में हैं। सबसे पहले नीतीश कुमार का नाम सामने आया, लेकिन अब उनकी संभावना बहुत कम है। उनके अलावा, हरिवंश नारायण सिंह, राजनाथ सिंह, मनोज सिन्हा जैसे नामों की भी चर्चा है।

रीवा शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव

रीवा  रीवा जिले में शिक्षा विभाग लंबे समय से अनुकंपा नियुक्तियों में हुए विवादों और प्रशासनिक अस्थिरता से जूझ रहा था। इस असमंजस और अव्यवस्था के दौर में अब एक नई शुरुआत की उम्मीद के साथ, रामराज प्रसाद मिश्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का पदभार संभाल लिया है। पूर्व अधिकारी के निलंबन के बाद आई बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई यह नियुक्ति उस समय हुई है जब पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी सुदामा लाल गुप्ता को अनुकंपा नियुक्तियों में अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर नियुक्ति स्वीकृति देने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। रीवा संभाग के आयुक्त बी. एस. जामोद द्वारा गठित विशेष जांच समिति ने 37 मामलों की समीक्षा के बाद 5 मामलों में गंभीर गड़बड़ियाँ उजागर की थीं। नतीजतन, तत्कालीन डीईओ सुदामा गुप्ता और योजना अधिकारी अखिलेश मिश्रा को सेवा से निलंबित किया गया। तब से, डीपीसी (जिला परियोजना समन्वयक) श्री विनय कुमार मिश्रा को अस्थायी रूप से प्रभारी डीईओ का कार्यभार सौंपा गया था। रामराज प्रसाद मिश्रा: अनुभव और ईमानदारी का प्रतीक श्री मिश्रा, जिन्होंने अब नए डीईओ का कार्यभार ग्रहण किया है, एक वरिष्ठ शिक्षक और प्रशासक हैं। वह पहले शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैकुंठपुर में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे, और साथ ही सिरमौर विकासखंड के BEO (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। श्री मिश्रा को शिक्षा क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का जमीनी अनुभव है। उनकी प्रशासनिक पकड़, शिक्षकों और छात्रों के साथ मजबूत संवाद, और नीतिगत अनुशासन उन्हें एक भरोसेमंद नेतृत्वकर्ता बनाता है। स्थानीय शिक्षक संघों और अधिकारियों ने उनकी नियुक्ति का स्वागत करते हुए इसे “स्थिरता और पारदर्शिता की दिशा में एक सकारात्मक कदम” बताया। नव-नियुक्त डीईओ की प्राथमिकताएं पदभार संभालते ही मीडिया से बातचीत में श्री मिश्रा ने कहा: "मेरी पहली प्राथमिकता शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना है। शासन की नीतियों का पूर्ण पालन, शिक्षकों की समय पर उपस्थिति, पाठ्यक्रम की समयबद्ध समाप्ति, बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार — ये सब प्राथमिक लक्ष्य होंगे।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। स्कूलों में प्रशासनिक अनुशासन, शिक्षकों की जवाबदेही और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बड़ी चुनौतियाँ 1. अनुकंपा नियुक्तियों की बदनाम पृष्ठभूमि में भरोसे की पुनर्स्थापना 2. ग्रामीण एवं शहरी स्कूलों के बीच गुणवत्ता अंतर को पाटना 3. शिक्षकों की कमी और विद्यालयों की बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति 4. बोर्ड परिणामों और शैक्षणिक अनुशासन में सुधार लाना समाप्ति — एक नई शुरुआत की उम्मीद रीवा शिक्षा विभाग लंबे समय से एक योग्य, निष्पक्ष और अनुशासित नेतृत्व की प्रतीक्षा कर रहा था। श्री रामराज प्रसाद मिश्रा की नियुक्ति उसी दिशा में एक निर्णायक कदम है। शिक्षक समुदाय, अभिभावक और छात्र सभी आशावान हैं कि अब रीवा की शिक्षा व्यवस्था को एक नया, स्थिर और पारदर्शी नेतृत्व प्राप्त हुआ है — जो न केवल व्यवस्था को ठीक करेगा, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को भी नई ऊँचाई देगा।