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शनिवार 26 जुलाई 2025 बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष: मेष राशि के जातक आज प्रेम के मामले में मुस्कुराहट के साथ खुश रहें। लेन-देन करते समय सावधान रहें। व्यावसायिक सफलता मिलेगी। आप समृद्धि भी देख सकते हैं। आज स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। ड्राइव करते वक्त सावधान रहें। वृषभ: आज वृषभ राशि के जातक हेल्दी रहने के लिए हेल्दी डाइट का सेवन करें। यह भी ध्यान रखें कि आज आपके धन का बुद्धिमानी से उपयोग किया जाए। पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। आपको जोखिम लेना पसंद हैं क्योंकि वे आपको मजबूत बनाते हैं। मिथुन: आज मिथुन राशि के जातक आर्थिक रूप से आप समृद्ध हैं। आज मिथुन राशि के जातकों नया प्यार पाने के लिए तैयार रहें। बेहतर पेशेवर मौके आपके दिन को बेहतर बनाएंगे। पैसों के मामलों को सावधानी से संभालें। कर्क: आज के दिन वर्कप्लेस पर आज कोई चुनौती मौजूद नहीं है। प्रेम संबंधी मामले समझदारी से सुलझाएं और पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा टाइम बिताएं। दफ्तर में बेहतर करियर सुनिश्चित करने के लिए अपनी क्षमता साबित करें। सिंह: आज के दिन अपने ऑफिस में अपना बेस्ट दें और प्रोडक्टिव बने रहें। धन को चालाकी से संभालने की जरूरत है। हेल्थ के मामले में पेट से जुड़ी कुछ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। आज सेल्फ लव पर ध्यान देना चाहिए। कन्या: कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ है। प्रेम के मामले में रोमांटिक रहें। आज आपका प्रेम जीवन मजबूत और पेशेवर जीवन रचनात्मक रहेगा। आपकी करंट वित्तीय स्थिति स्मार्ट मौद्रिक निवेश योजनाओं की अनुमति देती है। आज आपका स्वास्थ्य भी कोई तकलीफ नहीं देगा। तुला: आज के दिन तुला राशि के जातकों रिश्ते के मुद्दों को पॉजिटिव तरीके से सुलझाएं। कोई बड़ी वित्तीय समस्या नहीं है और स्वास्थ्य भी अच्छा है। आज हेल्थ पर फोकस करना चाहिए। लव के मामले में विवादों को निपटाने के लिए सही सोल्यूशन खोजें। वृश्चिक: आज का दिन वृश्चिक राशि वालों के लिए पॉजिटिव रहेगा। लव लाइफ में एक दूसरे के बीच के मतभेद दूर करें। टास्क में भी उत्तम परिणाम दें। स्मार्ट निवेश करने के लिए आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी है। स्वास्थ्य भी ठीक है। याद रखें आप काम के प्रेशर को ऐसे संभालते हैं, जैसे कोई नहीं संभालता। धनु: आज धनु राशि के जातक लव के मामलें में दिल की नहीं बल्कि दिमाग की सुनें। आज ज्यादा स्ट्रेस न लें। उत्पादकता से जुड़े मुद्दे पेशेवर जीवन पर असर नहीं डालेंगे। आपको दृष्टिकोण में हमेशा सकारात्मक बने रहना चाहिए। मकर: आज का दिन मकर राशि वालों के लिए शानदार रहने वाला है। आज का दिन पैसों के मामलें में वृद्धि और करियर में उन्नति के अवसर प्रदान करता है। कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहें, जो आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं। कुंभ: आज आप आप क्रिएटिव फील कर सकते हैं। प्रॉब्लम सॉल्व करने की कला आप जानते हैं। अपने कार्यक्षेत्र में सफलता के प्रति आश्वस्त रहें। व्यावसायिक चुनौतियों से मेहनत से निपटें आज। कोई वित्तीय समस्या नहीं रहेगी। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहने वाला है। मीन: आज के दिन चुनौतियों और अवसरों का मिश्रण लेकर आया है। आपका पॉजिटिव रवैया दिन को सफलता के साथ पार करने और व्यक्तिगत विकास के द्वार खोलने में महत्वपूर्ण होगा। साहस और उत्साह के साथ दिन का आनंद उठाएं। हेल्दी डाइट लें और स्ट्रेस को बाय-बाय कहें।

28 जुलाई की रात 12 बजे खुलेंगे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, 24 घंटे होंगे दर्शन, , ऑनलाइन मिलेंगे शीघ्र दर्शन टिकट

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 29 जुलाई को मनाए जाने वाले नागपंचमी महापर्व को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। लालपुल के समीप स्थित मंदिर प्रवेश मार्ग के मुहाने पर कर्कराज पार्किंग व भील समाज की धर्मशाला में श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम जुटाए जा रहे हैं। देशभर से आने वाले दर्शनार्थी यहीं से दर्शन की कतार में लगेंगे। नागपंमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए आम दर्शनार्थियों को करीब चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा। भक्तों को कर्कराज पार्किंग से भील समाज की धर्मशाला, गौंड बस्ती के रास्ते चारधाम मंदिर पार्किंग, होते हुए महाकाल मंदिर की ओर प्रवेश दिया जाएगा। शासन, प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम किए जा रहे हैं। बता दें 28 जुलाई की रात 12 बजे महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलेंगे। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से पूजा अर्चना की जाएगी। इसके बाद आम दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो 29 जुलाई की रात 12 बजे तक निरंतर जारी रहेगा। ऑनलाइन मिलेंगे शीघ्र दर्शन टिकट नागपंचमी पर कम समय में सुविधापूर्वक भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने के लिए 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा उपलब्ध रहेगी। भक्त मंदिर की वेबसाइट पर ऑनलाइन अग्रिम बुकिंग कराकर नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर सकते हैं। शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों को कम पैदल चलना पड़ेगा और सुविधा से दर्शन होंगे। बता दें पूर्व में नागपंचमी पर भक्त आफलाइन शीघ्र दर्शन टिकट खरीद सकते थे। मंदिर समिति द्वारा इसके लिए विभिन्न स्थानों पर टिकट काउंटर लगाए जाते थे। कैश लाने ले जाने की परेशानी, काउंटरों पर रसीद कट्टों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कर्मचारियों को सुरक्षा आदि परेशानी के चलते इस बार यह व्यवस्था सिर्फ आनलाइन रखी जा रही है। पांच किलोमीटर क्षेत्र में सूचना संकेतक बोर्ड महाकाल मंदिर समिति व जिला प्रशासन द्वारा नागपंचमी पर शहर के आसपास पांच किलोमीटर दूर से सूचना संकेतक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को आसानी से मंदिर पहुंच मार्ग के साथ उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी। विभिन्न स्थानों पर पूछताछ व खोयापाया केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

LIC के पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव, कौन से शेयर हुए शामिल? देखें पूरी सूची

नई दिल्ली एलआईसी देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी होने के साथ-साथ सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक भी है। उसके पास 15.5 लाख करोड़ रुपये का इक्विटी पोर्टफोलियो है। जून तिमाही में एलआईसी ने 81 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी लेकिन सरकारी डिफेंस कंपनियों में जमकर पैसा लगाया। LIC का डिफेंस सेक्टर पर ध्यान देना एक बड़ा बदलाव है। पिछले छह महीनों में निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 34% बढ़ा है। इस दौरान सरकारी डिफेंस कंपनी GRSE के शेयरों में 71% की बढ़त हुई है। एलआईसी ने जून तिमाही में कुछ लोकप्रिय शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। इनमें सुजलॉन एनर्जी, रिलायंस पावर और वेदांता शामिल हैं। ये शेयर छोटे निवेशकों के पसंदीदा रहे हैं। हालांकि हाल में इनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है। ACE इक्विटी के डेटा के अनुसार एलआईसी के पोर्टफोलियो में अब 277 स्टॉक हैं। एलआईसी ने कुछ नई कंपनियों में निवेश किया है। कंपनी ने मझगांव डॉप शिपबिल्डर्स में 3.27% हिस्सेदारी खरीदी है। इसकी कीमत 3,857 करोड़ रुपये है। डिफेंस पर दांव एलआईसी ने साथ ही कुछ पुरानी डिफेंस कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। कंपनी ने कोचीन शिपयार्ड में अपनी हिस्सेदारी 13 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.05% कर दी है। इसी तरह भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में एलआईसी की हिस्सेदारी 10 बेसिस पॉइंट बढ़कर 1.99% हो गई है। इसी तरह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स में उसकी हिस्सेदारी 5 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 2.77% पहुंच गई है। डिफेंस स्टॉक हाल में चर्चा में रहे हैं। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद डिफेंस पर खर्च बढ़ा दिया है। पश्चिमी देशों के डिफेंस ब्लॉक नैटो ने भी डिफेंस पर खर्च बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। जून तिमाही में एलआईसी ने टेक्नोलॉजी और फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों में भी निवेश बढ़ाया है। कंपनी ने इन्फोसिस में अपनी हिस्सेदारी 43 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 10.88% कर दी है। इसी तरह एचसीएल टेक में एलआईसी की हिस्सेदारी 48 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.31% हो गई है। कंपनी ने साथ ही मुकेश अंबानी की कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज में भी अपनी हिस्सेदारी 55 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 6.68% कर दी है। टाटा मोटर्स में उसकी हिस्सेदारी 74 बेसिस पॉइंट की बढ़त के साथ 3.89% पहुंच गई है। बैंकिंग शेयर बैंकिंग शेयरों में भी एलआईसी ने कुछ बदलाव किए हैं और कुछ बड़े बैंकों में अपनी हिस्सेदारी कम की है। कंपनी ने देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक में अपनी हिस्सेदारी में 30 बेसिस पॉइंट की कमी की है। अब इस बैंक में एलआईसी की हिस्सेदारी 5.45% रह गई है। इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक में उसकी हिस्सेदारी 42 बेसिस पॉइंट की कमी के साथ 6.38% रह गई है। लेकिन कंपनी ने सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा और कैनरा बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। एलआईसी ने कुछ ऐसे शेयरों में मुनाफावसूली की है जो छोटे निवेशकों को काफी पसंद हैं। इनमें रिलायंस पावर, वेदांता और सुजलॉन एनर्जी शामिल हैं। कंपनी ने हीरो मोटोकॉर्प में अपनी हिस्सेदारी में सबसे ज्यादा कटौती की है। अब यह 531 बेसिस पॉइंट की कमी के साथ 6.53% रह गई है। साथ ही उसने नवीन फ्लोरीन, डिवीज लैब, मैरिको, अपोलो हॉस्पिटल्, आयशर मोटर्स, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल और एसबीआई में भी अपनी हिस्सेदारी कम की है। रिलायंस पर भरोसा देश के सबसे बड़े निवेशक का सबसे बड़ा निवेश अब भी रिलायंस इंडस्ट्रीज में है। उसके पास मुकेश अंबानी की कंपनी के 1.3 लाख करोड़ रुपये के शेयर हैं। यह रिलायंस की 6.93% हिस्सेदारी के बराबर है। जून में कंपनी ने अपनी हिस्सेदारी 19 बेसिस पॉइंट बढ़ाई है। उसका दूसरा सबसे बड़ा निवेश आईटीसी है। एलआईसी के पास इस कंपनी के 82,200 करोड़ रुपये के शेयर हैं जो 15.8% हिस्सेदारी के बराबर है। कंपनी ने जून तिमाही में आईटीसी में 28 बेसिस पॉइंट की बढ़त की है। एलआईसी के टॉप 10 निवेश 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के हैं। इनमें रिलायंस और आईटीसी के साथ एचडीएफसी बैंक (68,600 करोड़ रुपये), एसबीआई (66,300 करोड़ रुपये) और एलएंडटी (64,100 करोड़ रुपये) शामिल हैं। कंपनी ने कुछ खास सेक्टरों में ज्यादा निवेश किया है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में IREDA में 2.21% हिस्सेदारी खरीदी है। इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में RVNL में अपनी हिस्सेदारी 22 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 6.06% कर दी है। कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में बाबा रामदेव से जुड़ी पतंजलि फूड्स में हिस्सेदारी 148 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 9.14% कर दी है।

HIV मामलों में वृद्धि के बीच Meghalaya में शादी से पहले compulsory टेस्टिंग क़ानून की तैयारी

शिलांग देश के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में अब शादी से पहले एचआईवी टेस्ट को अनिवार्य बनाने की तैयारी चल रही है। हेल्थ मिनिस्टर एंपरीन लिंगदोह ने शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में एचआईवी/एड्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए विवाह से पहले जांच अनिवार्य करने के लिए नया कानून लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि मेघालय एचआईवी/एड्स प्रसार के मामले में देश में छठे स्थान पर है और पूर्वोत्तर क्षेत्र पर इसका अधिक प्रभाव देखा जा रहा है। लिंगदोह ने कहा, ‘अगर गोवा ने विवाह से पहले एचआईवी जांच को अनिवार्य कर दिया है तो मेघालय को भी इस तरह का कानून क्यों नहीं लागू करना चाहिए? यह पूरे समाज के लिए फायदेमंद होगा।’ स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग की अध्यक्षता में एक बैठक में हिस्सा लिया, जिसमें समाज कल्याण मंत्री पॉल लिंगदोह और ईस्ट खासी हिल्स जिले के आठ विधायक भी शामिल हुए। इस बैठक में एचआईवी/एड्स पर एक नीति बनाने पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में कैबिनेट नोट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही इसी तरह की बैठकें गारो हिल्स और जैंतिया हिल्स क्षेत्रों में आयोजित की जाएंगी ताकि क्षेत्रवार रणनीति तैयार की जा सके। स्वास्थ्य मंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि सिर्फ ईस्ट खासी हिल्स जिले में ही अब तक एचआईवी/एड्स के 3,432 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से केवल 1,581 मरीज ही उपचार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में इस संक्रमण का प्रमुख कारण असुरक्षित यौन संबंध हैं। मंत्री ने कहा, ‘हमें सुनिश्चित करना होगा कि जांच के बाद संक्रमित पाए गए हर व्यक्ति का इलाज कराया जाए। एचआईवी/एड्स घातक नहीं है, अगर इसका समय पर और सही तरीके से इलाज हो।’ बता दें कि गोवा में भी ऐसे तमाम मामले पाए जाने के बाद एचआईवी टेस्ट को लेकर नियम बनाया गया है।

LOC पर बारूदी सुरंग का धमाका, एक वीर जवान शहीद, दो सैनिक घायल

पुंछ पुंछ जिले के कृष्णा घाटी उपजिला में बारूदी सुरंग के धमाके से एक जवान बलिदान और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब भारतीय सेना की 7वीं रेजिमेंट के नायब सूबेदार हरि राम, हवलदार गजेंद्र सिंह और सिपाही ललित कुमार अपनी अग्रीम चोकी के पास नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान वे क्षेत्र में दबी एम-16 माइन के विस्फोट की चपेट में आ गए। धमाके में नायब सूबेदार हरि राम बलिदान हो गए, जबकि हवलदार गजेंद्र सिंह और सिपाही ललित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी अधिकारियों को मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

ULLU और ALTT जैसे ऐप्स पर ताला, केंद्र सरकार ने 25 प्लेटफॉर्म्स किए बैन

नई दिल्ली एंटरटेनमेंट के नाम पर सॉफ्ट पोर्न कंटेंट परोसने वाले ओटीटीऐप्‍स पर भारत सरकार ने सख्‍त कार्रवाई की है। कुछ जाने पहचाने ऐप्‍स भी इनमें शामिल हैं। कुल 25 ओटीटी प्‍लेटफॉर्म्‍स और उनके मोबाइल ऐप्‍स को बैन कर दिया गया है। इनमें उल्‍लू ऐप, ऑल्‍ट शामिल हैं। देसी फ्लिक्‍स और बिग शॉट्स जैसे ऐप्‍स पर भी ऐक्‍शन लिया गया है। यह कार्रवाई सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने तमाम जांच एजेंस‍ियों से मिली जानकारी के बाद की है। जो ऐप्‍स भारत में बैन क‍िए गए हैं, उन पर आरोप लगते हैं कि दर्शकों को अश्‍लील और सेमी पोर्नोग्राफ‍िक वेब सीरीज दिखाई जाती है। काफी वक्‍त से ऐसे ऐप्‍स के ख‍िलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही थी। सरकार ने आईटी एक्‍ट के तहत इन ऐप्‍स को हटाने और इन प्‍लेटफॉर्म्‍स तक एक्‍सेस को ब्‍लॉक करने का आदेश दिया है। मोबाइल ऐप पर देखा जा रहा था कंटेंट मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिन OTT ऐप्‍स पर कार्रवाई की गई है, वो बार-बार नियमों का उल्‍लंघन कर रहे थे। ऐसे ऐप्‍स को मोबाइल से ज्‍यादा एक्‍सेस किया जा रहा था। ज्‍यादातर ऐप्‍स फ्री थे और सोशल मीडिया के जरिए उनका प्रमोशन किया जाता था। अब इनका कंटेंट नहीं देखा जा सकेगा क्‍योंकि सरकार ने मोबाइल ऐप्‍स और वेबसाइटों दोनों को बैन किया है। प्‍लेस्‍टोर, ऐप स्‍टोर से हटाने होंगे ऐप्‍स बैन के आदेश के बाद अब गूगल और ऐपल को अपने ऑनलाइन स्‍टोर्स से इन ऐप्‍स को हटाना होगा। प्‍ले स्‍टोर और ऐप स्‍टोर से ऐप्‍स को हटाया जाएगा। वेबसाइटों के यूआरएल ब्‍लॉक कर दिए जाएंगे। सरकार का कहना कि इन ऐप्‍स की वजह से बच्‍चों तक आसानी से अश्‍लील कंटेंट पहुंच रहा था। इससे उन पर गलत असर हो सकता था। सरकार की कार्रवाई के बाद ऐप्‍स चलाने वाली कंपनियों का क्‍या रुख रहता है। यह देखने वाली बात होगी। अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ऐप मेकर की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। यह कार्रवाई नए आईटी नियमों के तहत की गई है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इंटरनेट कंपनियों को निर्देश दिया है कि वह बैन की गई वेबसाइटों तक यूजर को ना पहुंचने दें। माना जा रहा है कि गूगल प्‍ले स्‍टोर और ऐपल ऐप स्‍टोर से भी इन प्‍लेटफॉर्म्‍स के ऐप्‍स को हटा दिया जाएगा।

एफटीए से किसानों को होगा सीधा लाभ, कृषि निर्यात में आएगी तेजी : शिवराज सिंह

नई दिल्ली केंद्र सरकार द्वारा किए गए भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता का कृषि क्षेत्र पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसे लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन करते हुए किसान भाइयों-बहनों को बधाई दी है। शिवराज सिंह ने कहा कि यह समझौता अद्भुत, अभूतपूर्व, ऐतिहासिक और राष्ट्र तथा किसानों के व्यापक हित में है। दिल्ली में मीडिया को दिए वक्तव्य में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारा यूके के साथ जो व्यापक आर्थिक व्यापार समझौता हुआ है, वो भारतीय कृषि और किसानों के लिए वरदान है। भारत ट्रेड सरप्लस देश है, मतलब यूके को हम निर्यात करते हैं 8 हजार 500 करोड़ के कृषि उत्पाद और वहां से हम आयात करते हैं। 3 हजार 200 करोड़ रुपये के कृषि उत्पाद। मतलब, हमारा निर्यात ज्यादा है व आयात कम है और इसका फायदा निर्यात ज्यादा होने से होगा। इससे निश्चित तौर पर भारत को मिलेगा। विज्ञापन शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों के हितों का पूरी तरह संरक्षण किया गया है। किसान हित हमारे लिए सर्वोपरि है। किसानों की सेवा भगवान की पूजा जैसी है। इसलिए, ऐसी चीजें, जिनके आयात से हमारे किसानों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता था, उनमें कोई रियायत समझौते पर नहीं दी गई है। गेहूं, चावल, मक्का, अनाजों में जिनका व्यापक उत्पादन होता है हमारे यहां, भारत ने कोई कन्सेशन नहीं दिया है। अगर हम फलों में देखें तो सेब, अनार, अंगूर, नाशपाती, आलू बुखारा, फलों का राजा आम, अमरूद इन पर भी हमने कोई कन्सेशन नहीं दिया है। हम ऑयल सीड्स को देखें, तिलहन को देखे तो सोयाबीन, मूंगफली, सरसों में हमने कोई रियायत नहीं दी है। वहीं, नट्स को देखें तो काजू, बादाम, अखरोट इन पर हमने कोई रियायत नहीं दी है। सब्जियों में आलू, प्याज़, टमाटर, लहसुन, मटर जो हमारे यहां व्यापक पैमाने पर होता है, हमने यूके को कोई कन्सेशन नहीं दिया है। इसी तरह, दलहन में काला चना, चना, उड़द, मूंग, मसूर, राजमा, तुअर इन पर हमने कोई छूट यूके को नहीं दी है। फूलों में गुलाब, लीली, ऑर्किड इन पर हमने कोई रियायत नहीं दी है। मसालों में हल्दी, बड़ी इलायची जैसे मसालों पर भी हमने कोई छूट नहीं दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि इसका मतलब है कि ये चीजें भारत में यूके से सस्ती नहीं आएंगी तो किसानों के आर्थिक हित सुरक्षित रखे गए हैं। दूसरी तरफ यूके ने जिन चीजों पर 0% इम्पोर्ट ड्यूटी की है, यूके को हमारा कृषि उत्पाद जाता है, चाहे फसलें हो, फल-सब्जियां हो, उन पर इम्पोर्ट ड्यूटी लगती थी, लेकिन व्यापक पैमाने पर, इसलिए क्योंकि सभी प्रमुख कृषि उत्पादों पर इम्पोर्ट ड्यूटी 0% कर दी गई है। मतलब, यूके की जनता अब भारत से जो कृषि उत्पाद जाएंगे, उन्हें सस्ता खरीद सकती है, क्योंकि इम्पोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। अगर इम्पोर्ट ड्यूटी लगती तो वहां महंगा होता, और अगर वहां महंगा होता तो ख़रीद की संभावनाएं कम होती। और उस श्रेणी में देखें तो सारे फल, सूखे मेवे, सभी सब्जियां, सभी तिलहन मतलब सरसों हो, सोयाबीन, मूंगफली हो, सभी दलहन, जितनी भी दालें हैं, सभी फूल, सभी औषधि पौधे, इन पर इम्पोर्ट ड्यूटी जीरो कर दी गई है। उन्होंने कहा, इसका मतलब है अब हमारे ये कृषि उत्पाद व्यापक पैमाने पर वहां जा सकेंगे। हमारा निर्यात बढ़ेगा, वहीं आयात पर हमने कोई रियायत नहीं दी है, लेकिन निर्यात पर 0% इम्पोर्ट ड्यूटी पर ये चीजें जाएंगी हमारी, तो वहां इम्पोर्ट ड्यूटी 0% है, जिससे इनका व्यापार बढ़ेगा, निर्यात ज़्यादा होगा। और, डेरी उत्पादों को भी इसी श्रेणी में रखा गया है।

बांग्लादेश : महिला कर्मचारियों का पहनावा तय करने वाले निर्देश के खिलाफ बवाल, वापस ली ‘तालिबानी’ ड्रेस पॉलिसी

ढाका  बांग्लादेश में तालिबान की तरह मोरल पुलिसिंग करने की मोहम्मद यूनुस सरकार की कोशिश मुंह के बल गिरी है. बांग्लादेश के सेंट्रल बैंक ने ऑर्डर जारी कर कहा था कि दफ्तर महिला अधिकारियों को शॉर्ट ड्रेस, शॉर्ट स्लीव और लेगिंग्स पहनने की अनुमति नहीं होगी. बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक ने तीन दिन पहले महिला कर्मचारियों को 'शालीन और पेशेवर' कपड़े पहनकर दफ्तर आने कहा था. बांग्लादेश बैंक के मानव संसाधन विभाग ने यह भी चेतावनी दी थी कि आदेश का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. लेकिन सोशल मीडिया में तूफान उठ खड़ा हुआ. लोग बांग्लादेश बैंक मैनेजमेंट को फेसबुक और एक्स पर 'शालीन और पेशेवर' की परिभाषा बताने लगे. बात इतनी बढ़ी कि फिलहाल बांग्लादेश बैंक ने आदेश वापस ले लिया है. कई लोगों ने इस आदेश की तुलना तालिबानी ऑर्डर की.  रद्द किए गए आदेश के तहत पुरुष कर्मचारियों को लंबी या आधी बाजू वाली औपचारिक शर्ट, औपचारिक पैंट और जूते पहनने का निर्देश दिया गया था, जबकि जींस और फैंसी पजामे पहनने की अनुमति नहीं थी.  महिलाओं के लिए जारी निर्देश में सभी महिलाओं को साड़ी, सलवार-कमीज, कोई अन्य सादा, शालीन, पेशेवर परिधान, साधारण हेडस्कार्फ़ अथवा हिजाब पहनने के लिए कहा गया था. इस आदेश के तहत उन्हें औपचारिक सैंडल या जूते पहनने की अनुमति दी. केंद्रीय बैंक के आदेश में महिलाओं को छोटी बाजू के कपड़े या लंबे ढीले पोशाक और लेगिंग पहनने से मना किया गया था.  निर्देश में कहा गया था कि, "सभी स्तरों के अधिकारियों और कर्मचारियों को देश के सामाजिक मानदंडों के अनुरूप शालीन और पेशेवर ढंग से कपड़े पहनने चाहिए." इस आदेश का विरोध करते हुए एक्स पर एक यूजर ने लिखा कि इस्लामिक एजेंडे के तहत बांग्लादेश बैंक ने महिला अधिकारियों को शॉर्ट स्लीव और लैंगिंग्स नहीं पहनने को कहा है. लेकिन बांग्लादेश बैंक के गवर्नर की बेटी अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी पहनती है. इसके अलावा सभी विभागों को ड्रेस कोड दिशानिर्देशों के अनुपालन की निगरानी के लिए एक अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था.  कुछ लोगों ने इस आदेश की तुलना अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान शासन के आदेशों से भी की जिसमें सभी महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सिर से पांव तक कपड़े पहनने का आदेश दिया गया है. एक यूजर ने ट्वीट किया, "नए तालिबानी युग में एक सतर्क तानाशाह का शासन." बांग्लादेश महिला परिषद की अध्यक्ष फ़ौजिया मुस्लिम ने स्थानीय मीडिया को बताया कि बांग्लादेश में ऐसा निर्देश अभूतपूर्व है. उन्होंने कहा, "एक खास सांस्कृतिक माहौल को आकार दिया जा रहा है, और यह निर्देश उसी प्रयास को दर्शाता है." सोशल मीडिया पर मचे बवाल के बीच बांग्लादेश बैंक ने गुरुवार को यह निर्देश वापस ले लिया. प्रवक्ता आरिफ़ हुसैन खान ने कहा कि, "यह सर्कुलर पूरी तरह से एक सलाह है. हिजाब या बुर्का पहनने के संबंध में कोई बाध्यता नहीं लगाई गई है." वहीं इस विवाद के बीच बुधवार रात पारित एक अध्यादेश ने नागरिकों को और भी ज्यादा नाराज कर दिया है. इसमें सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव है. बांग्लादेश में बढ़ता तालिबानी असर गौरतलब है कि बांग्लादेश में हाल के कुछ महीनों में कट्टरपंथी तत्वों का उभार हुआ है. यहां तालिबानी विचारधारा का फुटप्रिंट भी बढ़ा है. रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश में इस्लामिक विचारधारा का प्रभाव इतना बढ़ा है कि युवा अब तालिबान और TTP की ओर आकर्षित हो रहे हैं. बांग्लादेश से कम से कम दो पाकिस्तानी तालिबानी सदस्यों के पाकिस्तान होते हुए अफ़ग़ानिस्तान जाने के सबूत मिले हैं. उनमें से एक अप्रैल में वज़ीरिस्तान में पाकिस्तानी सेना के साथ मुठभेड़ में मारा गया था. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मलेशिया ने जून में 36 बांग्लादेशी नागरिकों को आतंकवादी नेटवर्क से कथित संबंधों के आरोप में हिरासत में लिया था. 

राहुल गांधी का हमला – ‘PM मोदी को मीडिया ने किया ओवरहाइप

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कई बार मिल चुके हैं और उनमें कोई दम नहीं है। उन्होंने कांग्रेस 'ओबीसी भागीदारी न्याय सम्मेलन' में यह टिप्पणी की। राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान जब यह सवाल किया कि देश में सबसे बड़ी समस्या क्या हैं तो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने प्रधानमंत्री का नाम लिया। इस पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ''नरेन्द्र मोदी कोई बड़ी समस्या नहीं हैं। मीडिया वालों ने सिर्फ गुब्बारा बना रखा है। मैं उनसे मिल चुका हूं, उनके साथ कमरे में बैठा हूं। बस ‘शो’ हैं, कोई दम नहीं है।'' उन्होंने आगे कहा कि पहले मैं उनसे नहीं मिला था, लेकिन अब मैं उनसे 2-3 बार मिल चुका हूं। अब मुझे समझ आ गया है कि कुछ भी नहीं है – वे सिर्फ दिखावा हैं, कोई दम नहीं। आप उनसे नहीं मिले हैं, मैं मिला हूं। जनसभा को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने ओबीसी युवाओं से अपनी ताकत पहचानने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ओबीसी युवाओं से मेरी सबसे बड़ी शिकायत यह है कि वे अपनी ताकत नहीं समझते। एक बार जब वे अपनी ताकत समझ जाएंगे, तो पूरा परिदृश्य बदल जाएगा। राहुल गांधी ने कहा, ''आप मेरी बहन प्रियंका से पूछिएगा कि अगर राहुल ने किसी काम के लिए मन बना लिया तो उस बात को वो छोड़ेगा या नहीं? मैं नहीं छोड़ने वाला। जातिगत जनगणना तो पहला कदम है, मेरा लक्ष्य है कि आपके काम को हिंदुस्तान में सम्मान और भागीदारी मिले।'' कांग्रेस सांसद ने अंग्रेजी भाषा को लेकर भी बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, ''बीजेपी के नेता कहते हैं कि अंग्रेजी को देश से मिटा देंगे। लेकिन आप उनसे पूछिए कि अंग्रेजी मिटाना चाहते हैं, आपके बच्चे कहां पढ़ते हैं। हिंदी मीडियम में पढ़ते हैं या अंग्रेजी मीडियम में पढ़ते हैं। लंदन, अमेरिका में क्या वे हिंदी में पढ़ते हैं, नहीं, क्षेत्रीय भाषा, हिंदी-तमिल, पंजाबी, कन्नड़ सब जरूरी हैं, लेकिन उसके साइड में अंग्रेजी भी जरूरी है।''

वायरल वीडियो बना कारण? कोल्डप्ले कॉन्सर्ट के बाद HR हेड ने छोड़ा पद

वाशिंगटन पिछले दिनों अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एस्ट्रोनॉमर (Astronomer) के सीईओ एंडी बायरन और कंपनी की एचआर हेड क्रिस्टिन कैबोट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वायरल वीडियो में वे दोनों एक-दूसरे की बाहों में नजर आ रहे हैं. ये वीडियो बोस्टन के गिलेट स्टेडियम में कोल्डप्ले के हालिया कॉन्सर्ट के वक्त बनाया गया था. वीडियो वायरल होने के बाद पहले एंडी बायरन ने इस्तीफा दिया और अब क्रिस्टिन कैबोट ने भी टेक फर्म छोड़ दिया है.  कैबोट और एंडी बायरन उस वक्त शॉक हो गए थे, जब बोस्टन के जिलेट स्टेडियम में 55 हजार लोगों के सामने एक बड़ी स्क्रीन पर उनके मुस्कुराते हुए चेहरे दिखाई दिए थे. स्क्रीन पर खुद की तस्वीरें देखने के बाद बायरन और सुश्री कैबोट खचाखच भरे स्टेडियम में शर्मिंदगी महसूस करने के बाद छिपने के लिए दौड़ते देखे गए थे. बता दें कि दोनों के पास अपना परिवार है. विदेशी मीडिया के मुताबिक, एस्ट्रोनॉमर के एक कर्मचारी ने बताया, "क्रिस्टिन कैबोट अब एस्ट्रोनॉमर में नहीं हैं, उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया है." 'आचरण और जवाबदेही…' यह खबर बायरन द्वारा 'कंपनी के मानकों पर खरा न उतरने' के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा देने के कुछ ही दिनों बाद आई है. कंपनी ने एक बयान में कहा, "जैसा कि पहले कहा गया है, एस्ट्रोनॉमर उन मूल्यों और संस्कृति के प्रति प्रतिबद्ध है, जो हमारी फाउंडिंग के वक्त से ही हमें आगे का रास्ता दिखाते रहे हैं. हमारे ऑफिसर्स से आचरण और जवाबदेही दोनों में मानक स्थापित करने की अपेक्षा की जाती है, और हाल ही में, उस मानक को पूरा नहीं किया गया." कंपनी ने कहा कि एंडी बायरन ने अपना इस्तीफ़ा दे दिया है और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने उसे स्वीकार कर लिया है. बोर्ड हमारे अगले मुख्य कार्यकारी अधिकारी की तलाश शुरू करेगा क्योंकि को-फाउंडर और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर पीट डेजॉय अंतरिम सीईओ के रूप में काम करना जारी रखेंगे. ऐसे नजर आया कपल… दरअसल, बुधवार रात कोल्डप्ले के कॉन्सर्ट के दौरान जब किस कैम ने दर्शकों में मौजूद कपल्स पर फोकस किया तो कैमरा एंडी बायरन और क्रिस्टिन कैबोट पर रुक गया. वीडियो में दोनों एक-दूसरे की बाहों में नजर आए. लेकिन जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि वह स्क्रीन पर दिखाए जा रहे हैं, तो बायरन ने जल्दी से खुद को छिपाने की कोशिश की और कैबोट ने अपने चेहरे को हाथों से ढक लिया. इसके बाद मौके की नजाकत को समझते हुए सिंगर क्रिस मार्टिन ने कहा, 'ओह… या तो ये दोनों अफेयर में हैं या फिर बहुत शर्मीले हैं.'