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इंसानियत की ड्यूटी पर तैनात जवान: समय पर इलाज दिलाकर बचाई जान

बीजापुर नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात जवान केवल सुरक्षा की ड्यूटी नहीं निभा रहे, बल्कि मानवता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं. बीजापुर और तेलंगाना के बॉर्डर पर बसे कर्रेगुट्टा के पटेल पारा से एक ऐसी ही खबर सामने आई है, जिसने सबका दिल जीत लिया. जानकारी के मुताबिक, पटेल पारा के एक ग्रामीण की अचानक तबीयत गंभीर हो गई. हालात बिगड़ते देख परिजन और ग्रामीण घबराए हुए थे. तत्काल ग्रामीणों ने इसकी सूचना पास के सुरक्षा बल के जवानों को दी. जवानों ने बिना देर किए ग्रामीण को चार पहिया वाहन में बैठाया और ट्रैक्टर के माध्यम से कठिन रास्तों से होते हुए अपने कैम्प तक पहुंचाया. वहाँ समय पर इलाज मिलने से ग्रामीण की जान बच गई. अब उस ग्रामीण की हालत पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर बताई जा रही है. इस मानवीय पहल के बाद गाँव के लोग जवानों के प्रति आभार जता रहे हैं और कह रहे हैं कि ये सुरक्षाकर्मी केवल नक्सलियों से ही नहीं लड़ते, बल्कि हमारी जिंदगी की रक्षा भी करते हैं.

बहुदिव्यांग बालिकाओं ने राजभवन का किया भ्रमण

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुगुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया। राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया।  राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुदिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुकिरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की। राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुगुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण

स्वस्थ प्रदेश से ही बनाएंगे समृद्ध प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुलभ, सस्ती और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमीदिया अस्तपताल में सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन का किया लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर की सेवा में ही नारायण की सेवा है। प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल हमारी सरकार की जिम्मेदारी है। स्वस्थ प्रदेश के जरिए ही हम मध्यप्रदेश को समृद्ध प्रदेश बनाएंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को सहज, सुलभ, सस्ती, तत्परतापूर्ण और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही सरकार की प्राथमिकता है। गरीब कल्याण के संकल्प की सिद्धि के लिए हम वचनबद्ध होकर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन मशीनों का लोकार्पण हुआ है, यह हमारे लिए सिर्फ मशीनों का नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और अपने वचनों के प्रति समर्पण भाव का भी विस्तार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से सम्बद्ध हमीदिया अस्पताल में नव स्थापित सीटी स्कैन एवं एमआरआई मशीन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन मशीनों के लोकार्पण से प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सालय को चिकित्सा जांच की अत्याधुनिक सुविधा स्थायी रूप से उपलब्ध हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ती जा रही हैं। हमीदिया अस्पताल में नई एमआरआई मशीन का लोकार्पण हुआ है। यह कष्ट के समय में जीवनदान के समान है। इससे जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी शासकीय अस्पतालों में आधुनिक मशीनों द्वारा मरीजों की जांच के लिए कार्य कर रही है। सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। यह नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की सजगता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल भी शुरू किए जा रहे हैं। देश में अपनी तरह का यह पहला मॉडल है, जहां मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए इच्छुक निवेशकों/संस्थाओं को 25 एकड़ जमीन मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक प्रदेश में 4 मेडिकल कॉलेजों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि आमजन को सस्ती, सुलभ और समुचित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि शासकीय गांधी चिकित्सालय महाविद्याय और हमीदिया अस्पताल अपनी वर्षों पुरानी साख और सेवाभाव के साथ अब नई तकनीकों से भी सुसज्जित हो गया है। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की स्थापना से मरीजों को जटिल स्वास्थ्य जांचों के लिए अब कहीं और भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गंभीर मरीजों के लिए सरकार ने एयर एंबुलेंस और हेली सेवा की भी शुरुआत की है, जिससे कई मरीजों को समय पर चिकित्सा उपलब्ध करवाकर उनकी जीवन रक्षा संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार केवल नीतियों के निर्माण से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही आता है और यह कार्य राज्य सरकार द्वारा दृढ़ संकल्प के साथ किया जा रहा है। प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में दिनों-दिन बढ़ रही है क्षमता और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमीदिया अस्पताल में स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के लोकार्पण से यहां रोजाना लगभग 2 हज़ार ओपीडी (बाहरी) और 1500 आईपीडी (आंतरिक) मरीज लाभान्वित होंगे। इससे गरीब भाई-बहनों को बड़ी सुविधा मिल गई है। अब वे भी महंगे टेस्ट और उपचार करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उज्जैन में प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन सहित विक्रम उद्योगपुरी में देश का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क भी बन रहा है। प्रदेश के 50 जिला और 3 सिविल अस्पतालों में सीटी स्कैन सेवाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की 2,575 और पीजी की 1,357 सीटें शासकीय कॉलेजों में उपलब्ध हैं। प्रदेश में वर्तमान में शासकीय और निजी मिलाकर कुल 40 मेडिकल कॉलेज, 308 नर्सिंग कॉलेज और 800 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में अब तक 4 करोड़ 37 लाख से अधिक आयुष्मान निरामयम् कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति को एक घंटे के भीतर निकटतम अस्पताल पहुंचाकर उसके प्राण बचाने में योगदान देने वाले व्यक्ति को सरकार राहवीर योजना के तहत 25 हजार रुपये देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देहदान और अंगदान करने वालों को सम्मानित करने का निर्णय भी लिया है। इस अवसर खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, जीएमसी डीन डॉ. कविता सिंह, सहित चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर्स और जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।  

OBC मुद्दे पर राहुल गांधी का आत्मस्वीकृति बयान: गलती मानी, सुधार का वादा किया

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वह ओबीसी हितों की उतनी रक्षा नहीं कर पाए, जितनी उन्हें करनी चाहिए थी। राजधानी दिल्ली में आयोजित 'भागीदारी न्याय महासम्मेलन' में संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, जातिगत जनगणना ना करवा पाना मेरी गलती है। मैं अब इसे सुधारना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित सभी राज्यों में जातिगत जनगणना करवाई जाएगी। राहुल गांधी ने कहा, मेरा उद्देश्य देश की उत्पादक शक्ति को सम्मान दिलाना है। ओबीसी, दलित, आदिवासी देश की उत्पादक शक्ति हैं, लेकिन उन्हें अपने श्रम का फल नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस और बीजेपी ने जानबूझकर ओबीसी का इतिहास मिटाने की कोशिश की है। इससे पहले तेलंगाना में भी प्रदेश नेतृत्व की बैठक में राहुल गांधी ने कहा था कि दलितों, आदिवासियों और मिलाओं के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ट्रैक पर थी लेकिन बीते 10-15 सालों में ओबीसी वर्ग को लेकर हमारी प्रतिक्रिया वैसी नहीं रही , जैसी रहनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि हमने जिस जगह को खाली छोड़ दिया, बीजेपी ने वहीं कब्जा कर लिया। राहुल गांधी ने कहा, मैं जब पीछे देखता हूं तो मुझे लगता है कि एक चीज में कमी रह गई। वह गलती थी जो ओबीसी वर्ग था उसका जिस प्रकार से प्रोटेक्शन करना था, वह मैं नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि आप आदिवासियों के इलाके में जाते हैं तो जंगल, जल, जमीन सब सामने दिखाई देता है। लेकिन ओबीसी की दिक्कतें छिपी हुई हैं। मेरा पछतावा यही है कि अगर मुझे आपके इतिहास के बारे में थोड़ा सा भी ज्यादा मालूम होता तो मैं तभी इसका समाधान करता। मैं स्टेज से कह रहा हूं कि ये मेरी गलती है। यह कांग्रेस पार्टी की नहीं बल्कि मेरी गलती है। मैं इसे ठीक करने जा रहा हूं। अच्छा यह है कि अगर उस समय मैंने जातीय जनगणना करवा दी होती तो अब जैसी जनगणना करवानी है, वैसी नहीं हो पाती। मैंने एक गलती की, ओबीसी को नहीं समझ सका: राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्वीकार किया कि ओबीसी समुदाय की समस्याओं को वो समय रहते नहीं समझ पाए, और ये उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक भूलों में से एक रही. उन्होंने कहा, 'अगर मैंने ओबीसी की पीड़ा UPA शासन के दौरान समझ ली होती, तो उसी वक्त जातीय जनगणना करा दी होती.  उन्होंने कहा कि उन्हें दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के मुद्दों को समझने में समय लगा, लेकिन ओबीसी की स्थिति को उन्होंने देर से पहचाना. मैंने MGNREGA, खाद्य सुरक्षा कानून, वन अधिकार कानून जैसे मुद्दों पर ठीक काम किया, लेकिन ओबीसी को लेकर मैं चूक गया. अब OBC की लड़ाई मेरी प्राथमिकता राहुल गांधी ने साफ कहा कि अब वे इस मोर्चे पर पीछे नहीं हटेंगे, और जातीय जनगणना से लेकर आरक्षण विस्तार तक, वो OBC के अधिकारों की लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाएंगे. उन्होंने कहा, 'PGV (प्रियंका गांधी वाड्रा) से पूछिए, अगर राहुल गांधी कुछ ठान ले, तो क्या वो पीछे हटते हैं?' तेलंगाना की जातीय गणना सुनामी जैसी राहुल गांधी ने कांग्रेस शासित तेलंगाना सरकार की जातीय जनगणना को 'तूफान' बताया और कहा कि उसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं. तेलंगाना के कॉर्पोरेट दफ्तरों में कितने ओबीसी, दलित, आदिवासी हैं – यह एक मिनट में सामने आ जाता है. नरेंद्र मोदी कोई बड़ी समस्या नहीं हैं प्रधानमंत्री पर तीखा हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'नरेंद्र मोदी कोई बड़ी समस्या नहीं हैं. वो तो बस अपने प्रचार का एक शो हैं. उनके पास असली ताकत नहीं है." वो हमारे सिर पर चढ़ गए हैं, असल समस्या RSS है.' RSS OBC का सबसे बड़ा दुश्मन राहुल गांधी ने OBC समुदाय से सीधे कहा कि उनका असली विरोधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) है. 50% आरक्षण की सीमा टूटेगी उन्होंने दावा किया कि जातीय जनगणना के बाद आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा खुद-ब-खुद टूट जाएगी. उन्होंने उदाहरण दिया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पहले ही यह दीवार तोड़ दी है. आइए जानते हैं कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस महासम्मेलन में क्या-क्या कहा? सभा को संबोधित करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'यह भागीदारी न्याय सम्मेलन न केवल एक राजनीतिक सभा है, बल्कि यह भारत की पिछड़ी और वंचित जातियों की एक सामूहिक पुकार है. डॉ. अंबेडकर ने कहा था — "न्याय ही राष्ट्र की आत्मा है." आज यह वंचित लोग समाज में हो रही असमानता के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पुकार रही है'. उन्होंने कहा कि हमें यह स्वीकार करना होगा कि भारत का सामाजिक ढांचा न्याय पर नहीं, बल्कि बहिष्करण पर आधारित था.  जिन्होंने यह देश बनाया — हमारे उत्पादक वर्ग, जिनमें अधिकांश पिछड़े वर्गों से हैं — उन्हें शिक्षा, भूमि और नेतृत्व से वंचित रखा गया. उनकी मेहनत का सम्मान नहीं, बल्कि सामाजिक जंजीरों में जकड़ दिया गया. यह कोई संयोग नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित व्यवस्था थी. बीजेपी-आरएसएस की विचारधारा इस व्यवस्था को खत्म नहीं करना चाहती, बल्कि उसे महिमामंडित करती है.  राहुल गांधी ने कहा कि तेलंगाना में जो जातीय जनगणना हुई उसका असर आपको अब दिखाई देगा। जैसे सुनामी जब आई थी तब 1 हजार किलोमीटर लंबा क्रैक जमीन में आ गया था। किसी ने नहीं देखा लेकिन दो तीन घंटे बाद उसका असर दिखाई दिया। वहीं तेलंगाना में भी हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि तेलंगाना में जो जातीय जनगणना हुई उसका असर आपको अब दिखाई देगा। जैसे सुनामी जब आई थी तब 1 हजार किलोमीटर लंबा क्रैक जमीन में आ गया था। किसी ने नहीं देखा लेकिन दो तीन घंटे बाद उसका असर दिखाई दिया। वहीं तेलंगाना में भी हुआ है। पीएम मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी कहते हैं डेटा, डेटा, डेटा, 3जी, 4जी, 5 जी। 50 साल पहले जिसके पास तेल था उसी के पास ताकत थी। लेकिन आज का तेल डेटा है। डेटा कंपनियों के पास होता है। आप रिलायंस या ऐमजॉन के पास जाएंगेतो वे आपको डेटा दिखा देंगे। अस्पताल में जाएंगे तो डेटा दिखा देंगे। लेकिन जो डेटा तेलंगाना सरकार के पास है उसकी देश में कोई तुलना नहीं है। हम आपको एक मिनट में बता सकते हैं कि तेलंगाना के सारे … Read more

रोक नहीं लगेगी! ‘उदयपुर फाइल्स’ पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, रिलीज डेट घोषित

नई दिल्ली / जयपुर  सुप्रीम कोर्ट ने शु​क्रवार को दर्जी कन्हैया लाल की हत्या पर आधारित हिंदी फिल्म 'उदयपुर फाइल्स' से संबंधित याचिका के गुण-दोष की जांच करने से इनकार कर दिया. शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट को निर्देश दिया कि वह 28 जुलाई को दुनिया भर के सिनेमाघरों में इस फिल्म को रिलीज करने की केंद्र की मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करे. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने फिल्म की रिलीज पर कोई रोक नहीं लगाई है. सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद उदयपुर फाइल्स के निर्देशक भरत श्रीनेत ने घोषणा की कि फिल्म 8 अगस्त, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. राजस्थान के उदयपुर में 2022 में हुई दर्जी कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित यह फिल्म विवादों के कारण चर्चा में रही है. इससे पहले निर्देशक भरत श्रीनेत ने बताया था कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म में 150 कट लगाए हैं. कानूनी पचड़ों के कारण, उदयपुर फाइल्स  11 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पाई. सुप्रीम कोर्ट ने हटाई फिल्म की रिलीज पर लगी रोक सुप्रीम कोर्ट में फिल्म उदयपुर फाइल्स की रिलीज लगी रोक को हटाने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई शुरू हुई. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने के लिए कहा. जस्टिस सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कहा कि आप हाई कोर्ट क्यों नही जा रहे है? इस मामले दोनों पक्ष के तरफ से बहस हुई और फिर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर लगी रोक हटाई जा रही है. दिल्ली हाई कोर्ट ने रिलीज पर लगाई थी रोक दिल्ली उच्च न्यायालय ने 10 जुलाई को ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक लगा दी थी. याचिका में कहा गया है कि फिल्म समाज में वैमनस्यता को बढ़ावा दे सकती है, इसलिए इसकी रिलीज पर रोक लगाई जानी चाहिए. तब से लेकर फिल्म की रिलीज पर लगी रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही थी. किस घटना पर बनी है ‘उदयपुर फाइल्स’ ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म की कहानी सच्ची घटना पर आधारित है. टेलर कन्हैया लाल साहू की दुकान पर 28 जून, 2022 को 2 हमलावर ग्राहक बनकर पहुंचे थे. दोनों ने टेलर का सिर धड़ से अलग कर दिया था. हमलावरों ने पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड भी कर लिया और वीडियो फुटेज ऑनलाइन अपलोड कर दिया. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. ‘उदयपुर फाइल्स’ की स्टारकास्ट इस फिल्म में विजय राज ने टेलर कन्हैया लाल का रोल निभाया है. उनके अलावा प्रीति झंगियानी, मुश्ताक खान, पुनीत वशिष्ठ, दुर्गेश चौहान, मीनाक्षी चुग, कांची सिंह, एहसान खान, कमलेश सावंत, निकुंज अग्रवाल, फरहीन फलक और आदित्य राघव जैसे सितारे नजर आएंगे. मेकर्स ने जारी की ‘उदयपुर फाइल्स’ की नई रिलीज डेट सुप्रीम कोर्ट की ओर से 'उदयपुर फाइल्स' की रिलीज पर रोक हटाने की बात कहने के बाद ही फिल्म के निर्देशक भरत श्रीनेत ने 'उदयपुर फाइल्स' की नई रिलीज डेट की घोषणा कर दी है। फिल्म के निर्देशक भरत श्रीनेत ने कहा कि फिल्म 8 अगस्त, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हालांकि, इससे पहले 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट से इस मामले में सुनवाई करने को कहा है। एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी संभावना एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने ये संभावना जताई थी कि वो मामले को दिल्ली हाईकोर्ट के पास वापस भेज सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद जावेद की याचिका भी हाईकोर्ट भेज सकते हैं। याचिकाकर्ता जावेद ने अपने मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने का लगाया आरोप बता दें कि याचिकाकर्ता जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने आरोप लगाया है कि फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ मुस्लिम समुदाय को बदनाम करती है। मौलाना अरशद मदनी की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दलील दी कि सीबीएफसी (CBFC) पैनल के कई सदस्य एक ही मौजूदा सत्तारूढ़ राजनीतिक दल के सदस्य थे और उन्होंने ही फिल्म को मंजूरी दे दी। फिल्म में विजय राज ने दर्जी कन्हैया लाल की भूमिका निभाई है और अमित जानी इसके प्रोड्यूसर हैं. निर्देशक भरत श्रीनेत ने कहा, 'हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं और 8 अगस्त को फिल्म रिलीज करने के लिए तैयार हैं. जानी फायरफॉक्स फिल्म्स 8 अगस्त को उदयपुर फाइल्स का प्रमोशन शुरू करने और दुनिया भर में रिलीज करने जा रही है. सच्चाई की हमेशा जीत होती है.' जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अरशद मदनी और अन्य द्वारा केंद्र के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें 6 अतिरिक्त कट लगाने के सुझाव के बाद फिल्म की रिलीज को मंजूरी दी गई थी. पीठ ने यह भी कहा कि केंद्र की हाई पावर कमिटी द्वारा फिल्म का रिव्यू करने के निर्णय के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ फिल्म निर्माताओं की याचिका निरर्थक हो गई है. 

जो रूट ने मचाया धमाल, द्रविड़-कैलिस को पीछे छोड़ा – अब इतिहास रचने से एक कदम दूर

मैनचेस्टर भारत के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले जा रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन (25 जुलाई) जो रूट ने शानदार बैटिंग की है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट ने इस दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. रूट अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे नंबर पर आ गए हैं. इस मुकाबले से पहले जो रूट पांचवें स्थान पर थे, लेकिन अब उन्होंने राहुल द्रविड़ और जैक्स कैलिस को पछाड़ दिया है. भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में 13288 रन बनाए थे. इस दौरान द्रविड़ 164 टेस्ट मैच खेले थे और उनका औसत 52.31 रहा था. वहीं साउथ अफ्रीकी दिग्गज जैक्स कैलिस के बल्ले से टेस्ट क्रिकेट में 13289 रन निकले थे. कैलिस ने 166 टेस्ट मैच खेले और उनका एवरेज 55.37 रहा. अब जो रूट के पास ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग से आगे निकलने का शानदार मौका है. पोंटिग ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 168 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 51.85 की औसत से 13378 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बनाए. सचिन ने भारतीय टीम के लिए 200 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उनके नाम पर 53.78 के एवरेज से 15921 रन दर्ज हैं. सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक और 68 अर्धशतक लगाए. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन 15921- सचिन तेंदुलकर (भारत) 13378- रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया) 13290*- जो रूट (इंग्लैंड) 13289- जैक्स कैलिस (साउथ अफ्रीका) 13288- राहुल द्रविड़ (भारत) 12472- एलिस्टेयर कुक (इंग्लैंड) 12400- कुमार संगकारा (श्रीलंका) 11953- ब्रायन लारा (वेस्टइंडीज) 11867- शिवनारायण चंद्रपॉल (वेस्टइंडीज) 11814- महेला जयवर्धने (श्रीलंका) 34 साल के जो रूट का ये इंग्लैंड के लिए 157वां टेस्ट मैच है. इस मुकाबले से पहले तक जो रूट ने 156 टेस्ट मैचों में 50.80 की औसत से 13259 रन बनाए थे, जिसमें 37 शतक और 66 अर्धशतक शामिल रहे. जो रूट भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 3000 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं. वो ऐसे पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने भारत के विरुद्ध क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में 3 हजार या उससे ज्यादा रन बनाए हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जा रहा है. मैच के तीसरे दिन भारतीय टीम मेजबान को जल्दी से जल्दी आउट करना चाहेंगे. दूसरे दिन भारत की पहली पारी 358 रन पर सिमट गई थी. जवाब में दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 2 विकेट पर 225 रन बनाए थे. भारत के पहली पारी से अब मेजबान 133 रन पीछे हैं. तीसरे दिन नजर स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर रहेगी. पहला सेशन इंग्लैंड के नाम ओली पोप और जो रूट ने तीसरे दिन का पहला सेशन इंग्लैंड के नाम कर दिया है. इन दोनों बैटर्स ने शुक्रवार को पहले सेशन में 107 रन बनाए और एक भी विकेट नहीं गिरने दिया है. लंचब्रेक के समय ओली पोप 70 और जो रूट 63 रन बनाकर नाबाद हैं. इंग्लैंड: 332/2 जो रूट की फिफ्टी ओली पोप के बाद जो रूट ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है. रूट ने रवींद्र जडेजा की गेंद पर एक रन लेकर फिफ्टी बनाई. यह उनका 67वां टेस्ट अर्धशतक है. ओली पोप का अर्धशतक ओली पोप ने बेहतरीन बैटिंग करते हुए अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है. उन्होंने रवींद्र जडेजा की गेंद पर सिंगल लेकर 50 रन का आंकड़ा पूरा किया. पोप का यह 16वां टेस्ट अर्धशतक है. पहले घंटे में बने 41 रन चौथे टेस्ट मैच के तीसरे दिन पहले सेशन में भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन विकेट नहीं ले सके. भारत ने इस सेशन में 13 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें इंग्लैंड ने 41 रन बनाए. यकीनन आंकड़े इंग्लैंड के पक्ष में है लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने इस दौरान जो रूट और ओली पोप को बार-बार बीट किया. यह बात आंकड़े नहीं बताते. जो रूट ने राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ा जो रूट ने टेस्ट मैचों में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में राहुल द्रविड़ और जैक कैलिस को पीछे छोड़ दिया है. जो रूट चौथे टेस्ट में 30वां रन लेते ही राहुल द्रविड़ (13288) से आगे निकल गए. रूट ने इसके बाद जैसे ही एक रन और बनाया तो जैक कैलिस (13289) उनसे पीछे छूट गए. अब रूट से आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर (13378) और रिकी पोंटिंग (13289) ही बचे हैं. इंग्लैंड के 250 रन पूरे इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 250 रन पूरे कर लिए हैं. तीसरे दिन के पहले सेशन में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने अच्छी गेंदबाजी की है. इन दोनों ने जो रूट और ओली पोप को खूब परेशान किया लेकिन विकेट नहीं ले सके. इंग्लैंड ने तीसरे दिन 2 विकेट पर 225 रन से आगे खेलना शुरू किया है. शार्दुल ठाकुर ने शुरू किया दिन का पहला ओवर चौथे दिन टेस्ट के तीसरे दिन का खेल शुरू हो गया है. भारत ने गेंदबाजी की शुरुआत शार्दुल ठाकुर से कराई है. दिन का दूसरा ओवर मोहम्मद सिराज ने किया. पूर्व क्रिकेटर आशीष नेहरा को यह बात पसंद नहीं आई. उन्होंने कहा कि यह निगेटिव स्ट्रेटजी है. नेहरा ने कहा कि आप पहला ओवर शार्दुल ठाकुर को नहीं दे सकते. ऐसा नहीं है कि वे विकेट नहीं ले सकते लेकिन यह सोच खराब है. मैनचेस्टर टेस्ट में टॉस जीतकर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया. ओपनर यशस्वी जायसवाल ने शानदार फिफ्टी जमाई लेकिन वो इसे शतक में नहीं बदल पाए. केएल राहुल 41 रन पर आउट हुए और अर्धशतक से चूक गए. करुण नायर की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए साई सुदर्शन ने 61 रन की पारी खेली. चोटिल होकर मैदान से बाहर गए ऋषभ पंत ने वापसी की और दर्द में भी फिफ्टी जमाकर टीम को 358 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.  

उच्च शिक्षा मंत्री परमार की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक हुई

भोपाल  उच्च्‍ा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग के उल्लेखनीय कार्य, महाविद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, पदपूर्ति एवं कक्षाओं का संचालन, महाविद्यालय के भवनों की स्थिति, नवीन महाविद्यालय की स्थिति, महाविद्यालय में पुस्तकालय और लैब की स्थिति की समीक्षा की गयी। बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

टीटी नगर में ‘मकान बिकाऊ’ पोस्टरों से हड़कंप, हिंदू परिवारों के पलायन की आशंका पर प्रशासन सतर्क

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। भोपाल के टीटी नगर थाना इलाके में रहने वाले हिंदू परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। इन हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं जिनमें उन्होंने मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर मकान बेचने की बात लिखी है। हिंदू परिवारों के द्वारा घर के बाहर ये पोस्टर लगाए जाने से हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। 'मुस्लिमों से परेशान होकर मकान बेचना है..' भोपाल शहर के टीटी नगर थाना इलाके की बाणगंगा बस्ती में रहने वाले परिवारों ने अपने घरों के बाहर मकान बेचने के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर में उन्होंने लिखा है कि मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर वो अपना मकान बेचना चाहते हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि आए दिन होने वाली परेशानियों और बदमाशों के आतंक से वो परेशान हो चुके हैं। बीती रात भी मुस्लिम वर्ग के कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर आतंक मचाया जिसके कारण वो अपने घरों में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन बाणगंगा बस्ती से हिंदू परिवारों के पलायन का मन बनाने और मकान बेचने के पोस्टर लगाए जाने की खबर जब हिंदू संगठनों को लगी तो बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बस्ती में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि पुराने भोपाल के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों से पहले भी बड़ी संख्या में हिंदुओं का पलायन हो चुका है और अब अन्य बस्तियों व बड़े क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू संगठनों के बस्ती में पहुंचने के बाद पुलिस भी बस्ती में पहुंची और लोगों के घरों के बाहर लगाए गए मकान बेचने के पोस्टरों को हटवाया और हर मुस्लिम घर के सामने पुलिसकर्मी तैनात किया गया।

टीटी नगर में ‘मकान बिकाऊ’ पोस्टरों से हड़कंप, हिंदू परिवारों के पलायन की आशंका पर प्रशासन सतर्क

भोपाल   मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। भोपाल के टीटी नगर थाना इलाके में रहने वाले हिंदू परिवार पलायन करने को मजबूर हैं। इन हिंदू परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाए हैं जिनमें उन्होंने मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर मकान बेचने की बात लिखी है। हिंदू परिवारों के द्वारा घर के बाहर ये पोस्टर लगाए जाने से हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। 'मुस्लिमों से परेशान होकर मकान बेचना है..' भोपाल शहर के टीटी नगर थाना इलाके की बाणगंगा बस्ती में रहने वाले परिवारों ने अपने घरों के बाहर मकान बेचने के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर में उन्होंने लिखा है कि मुस्लिम वर्ग के लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर वो अपना मकान बेचना चाहते हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि आए दिन होने वाली परेशानियों और बदमाशों के आतंक से वो परेशान हो चुके हैं। बीती रात भी मुस्लिम वर्ग के कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर आतंक मचाया जिसके कारण वो अपने घरों में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन बाणगंगा बस्ती से हिंदू परिवारों के पलायन का मन बनाने और मकान बेचने के पोस्टर लगाए जाने की खबर जब हिंदू संगठनों को लगी तो बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बस्ती में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि पुराने भोपाल के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों से पहले भी बड़ी संख्या में हिंदुओं का पलायन हो चुका है और अब अन्य बस्तियों व बड़े क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू संगठनों के बस्ती में पहुंचने के बाद पुलिस भी बस्ती में पहुंची और लोगों के घरों के बाहर लगाए गए मकान बेचने के पोस्टरों को हटवाया और हर मुस्लिम घर के सामने पुलिसकर्मी तैनात किया गया।

यूपी पंचायत चुनाव से पहले इटियाथोक को नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया तेज

गोंडा  यूपी के गोंडा जिले में इटियाथोक कस्बे को फिर नगर पंचायत का दर्जा देने की कवायद शुरू हुई है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने इटियाथोक को नगर पंचायत का दर्जा देने लिए इटियाथोक ब्लॉक को पत्र भेजकर सूचना मांगी गई है। डीएम के निर्देश पर ब्लॉक कार्यालय में इस सबंध में तेजी देखने को मिली है। सूत्रों की माने तो इटियाथोक को केन्द्र मानकर ग्राम पंचायत हरैया झूमन, तेलियानी कानूनगो, करुवापारा, आंशिक पारासराय सहित अन्य ग्राम पंचायतों को शामिल किया जा सकता है। इस संबंध में खण्ड विकास अधिकारी विजय कुमार मिश्रा ने बताया जिलास्तर से मांगी गई रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है। तहसील स्तर से भी नक्शा बनाने की भी प्रकिया शुरू हो चुकी है। बीडीओ ने बताया इटियाथोक को केन्द्र मानकर उसके परिधि में आने वाले अगल-बगल की ग्राम पंचायतों को इसमें शामिल किया जायेगा ताकि आबादी का मानक पूरा हो सके। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के लिए आबादी 20 हजार होनी चाहिए। इटियाथोक नगर पंचायत गठन के लिए काफी दिनों से मांग चल रही थी। दो वर्ष बाद जिलास्तर से दूसरी बार शासन को प्रस्ताव भेजने की कवायद शुरू हुई है। तत्कालीन डीएम डॉ उज्जवल कुमार ने शासन को इटियाथोक, तरबगंज, धानेपुर और बेलसर को नगर पंचायत का दर्जा देने लिए प्रस्ताव भेजा गया था। नगरीय दर्जा पाने का मानक पूरा करता है इटियाथोक गोण्डा-बलरामपुर मार्ग पर स्थित कस्बा इटियाथोक नगरीय दर्जा पाने के लिए कई मानक पूरे करता है। कस्बे में रेलवे स्टेशन, विकास खण्ड कार्यालय, पशु चिकित्सालय, सीएचसी, कोतवाली, आंगनबाड़ी कार्यालय, कृषि विभाग, दो डिग्री कॉलेज, आधा दर्जन से अधिक इण्टर कालेज संचालित है। यहां की आबादी भी करीब 20 हजार के आसपास है।