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बदलेंगे ट्रेड के नियम! ट्रंप टैरिफ से भारतीय ऑटो उद्योग पर बड़ा संकट, 27 अगस्त से लागू होंगी नई दरें

वाशिंगटन  अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते एक बार फिर तनाव की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति और मौजूदा रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयातित सामानों पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो पहले से लागू 25% शुल्क के अतिरिक्त होगा। इस फैसले के साथ भारत पर अमेरिका की कुल आयात शुल्क दर 50% तक पहुंच जाएगी, जो सीधे तौर पर ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री को झटका देने वाली है।  ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा निशाने पर इस नीति का सबसे बड़ा असर भारत के ऑटो पार्ट्स एक्सपोर्ट पर देखने को मिलेगा। अमेरिका भारतीय ऑटो कंपोनेंट्स का एक बड़ा बाजार है और सालाना करीब 7 अरब डॉलर (लगभग ₹61,000 करोड़) का सामान वहां भेजा जाता है। लेकिन टैरिफ में इस अचानक बढ़ोतरी से यह कारोबार लगभग आधा हो सकता है।   रूस से तेल खरीद को लेकर ट्रंप की नाराज़गी ट्रंप ने यह फैसला ऐसे समय लिया है जब भारत रूस से सस्ती दरों पर कच्चा तेल खरीद रहा है। ट्रंप ने इस कदम को “अमेरिकी हितों के खिलाफ” करार दिया है और उसी के जवाब में टैरिफ की दरें दोगुनी कर दी हैं। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि अगर भारत ने अपनी रणनीति नहीं बदली, तो भविष्य में और भी कठोर व्यापारिक कदम उठाए जा सकते हैं।  27 अगस्त से लागू होंगी नई दरें नए शुल्क का असर 27 अगस्त 2025 से दिखने लगेगा। इस दिन से भारत से अमेरिका को एक्सपोर्ट होने वाले ऑटो पार्ट्स और अन्य प्रभावित उत्पादों पर 50% आयात शुल्क लागू हो जाएगा। यह नीति चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है, लेकिन भारत के कारोबार पर तत्काल प्रभाव डालने वाली है। विशेषज्ञों की मानें तो यदि यह स्थिति बनी रहती है तो भारत का अमेरिका के साथ ऑटो सेक्टर में व्यापारिक घाटा काफी बढ़ सकता है। इससे न केवल कंपनियों की कमाई पर असर पड़ेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी प्रभावित हो सकते हैं, खासकर उन यूनिट्स में जो अमेरिका को निर्यात के लिए डिपेंड हैं।  

AIMIM प्रमुख ओवैसी बोले – ट्रंप को नहीं समझ वैश्विक व्यापार की बारीकियां

हैदराबाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारतीय सामानों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला भारत के निर्यातकों, छोटे-मझोले उद्योगों (एमएसएमई), निर्माताओं को भारी नुकसान पहुंचाएगा। इससे आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) बाधित होगी, विदेशी निवेश (एफडीआई) रुकेगा और नौकरियों पर भी असर पड़ेगा। एक दिन पहले ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर जुर्माने के रूप में 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया। ओवैसी ने कहा कि ट्रंप ने सिर्फ इसलिए अब 25 फीसदी टैरिफ और जोड़ दिया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदा, जिससे कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया है। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने ‘एक्स’पर लिखा, यह कूटनीति नहीं, बदमाशी है। ट्रंप जैसा जोकर यह नहीं समझता कि वैश्विक व्यापार कैसे काम करता है। ओवैसी ने कहा कि यह नया टैरिफ भारत के निर्यातकों, एमएसएमई और निर्माताओं को नुकसान पहुंचाएगा। इससे सप्लाई चेन टूटेगी, विदेशी निवेश घटेगा और नौकरियों पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने पूछा, लेकिन नरेंद्र मोदी को क्या फर्क पड़ता है? वे भाजपा के 'शक्ति प्रदर्शन' करने वाले नेता अब कहां हैं? ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा, पिछली बार मैंने पूछा था कि जब ट्रंप ने 56 फीसदी टैरिफ लगाएगा, तब क्या मोदी जी अपनी 56 इंच की छाती दिखाएंगे? ट्रंप अब 50 फीसदी पर रुक गया है। शायद वह हमारे ‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री’ से डर गया है? उन्होंने आगे कहा, क्या हमारी रणनीतिक स्वतंत्रता को बेचकर अपने अरबपति दोस्तों की तिजोरी भरना सही था? ट्रंप ने बुधवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसका नाम है- 'रूसी सरकार से अमेरिका को होने वाले खतरों से निपटना'। इस आदेश के तहत भारत से आने वाले सामान पर पहले से लगे 25 फीसदी टैरिफ के अलावा अब और 25 फीसदी टैरिफ जोड़ा गया है, जो 7 अगस्त से लागू हो गया है। इस फैसले के बाद कुछ गिने-चुने उत्पादों को छोड़कर भारत से अमेरिका को भेजे जाने वाले अधिकांश सामानों पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले से खासकर कपड़ा, समुद्री उत्पाद और चमड़ा जैसे क्षेत्रों पर बुरा असर पड़ेगा।

खंडवा हादसा: काम के दौरान पोकलेन मशीन ने छीनी जान, हेल्पर की दर्दनाक मौत

खंडवा मूंदी थाने की बीड़ चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सिंगाजी थर्मल प्लांट के फेस 1 राखड़ बांध पर बुधवार रात वीभत्स हादसा हो गया, जहां डंपर पर काम करने वाला एक हेल्पर लखन उर्फ भूपेंद्र पुत्र राधेश्याम रात के अंधेरे में पोकलेन की चपेट में आ गया। इससे उसका हाथ और गर्दन धड़ से अलग हो गया। सिर कटी लाश देख प्लांट में अफरा-तफरा मच गई। हेल्पर के हाथ और गर्दन को ढूंढने के लिए डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया, जिसके बाद एक डंपर को खाली करने पर हेल्पर का हाथ और गर्दन मिली। वीभत्स हादसे के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल हो गया। स्वजन और ग्रामीणों गुरुवार सुबह आठ बजे पावर प्लांट के गेट पर पहुंचे और यहां मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। दोपहर दो बजे तक छह घंटे चले प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और प्लांट की अवयस्थाओं पर सवाल उठाए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी मांगें रखीं। दोपहर करीब दो बजे स्वजन और कंपनी के बीच आपसी समझौता हुआ, जिसमें पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये नगद सहित कुल 22 लाख रुपये देने की बात कही गई। मूंदी तहसीलदार वंदना चौहान के सामने इस बात की लिखा-पढ़ी की गई, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। वहीं घटना के बाद से डंपर और पोकलेन का चालक दोनों फरार है। ये था पूरा मामला पोकलेन के पंजे का प्रहार ऐसा था कि इसकी चपेट में आए हेल्पर का एक हाथ और गर्दन धड़ से अलग हो गया। घटना के बाद सर एवं हाथ सहित कटी हुआ शव पुलिस की टीम ने बरामद किया। मूंदी पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर की। सिर की तलाश कर शव को मूंदी अस्पताल लाया गया। बाद में वहां से पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वीभत्स हादसे और थर्मल पावर प्लांट में अव्यवस्थाओं पर आक्रोश जता कर गोराड़िया सहित आसपास के ग्रामीण एकत्र होकर प्रदर्शन किया। जनप्रतिनिधियों ने की मांगें प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ पूर्व विधायक राजनारायण सिंह, जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र चौहान, उत्तम पाल सिंह पूरनी, गोराड़िया सरपंच मुकेश सांवनेर, ग्राम जलकुंआ के सरपंच जगपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।प्लांट की अव्यवस्थाओं पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्लांट में मशीनों पर काम करने वालों से 12-12 घंटे ही काम करवाया जाए। ओवरलोडिंग वाहन बंद किए जाए। इस संबंध में मुख्य अभियंता एसके मालवीय ने निर्देश दिए हैं कि ओवरलोड वाहन न भरे जाए।वहीं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि राखड़ बांध के यहां अंधेरा रहता है, यहां हाईमास्ट भी लगवाएं जाए। ओवरलोडिंग नहीं होगी घटना के बाद हमने आदेश निकाल दिया है कि वाहनों में ओवरलोडिंग नहीं की जाएगी, तय मात्रा में ही वाहन भरे जाएंगे- शशीकांत मालवीय, मुख्य अभियंता, सिंगाजी थर्मल पावर।

NATO की भूल या धोखा? ‘Not One Inch’ पर अड़ा रूस, यूक्रेन बना रणभूमि

यूक्रेन  यूक्रेन युद्ध का असली कारण NATO की "बेवफाई" को बताया जा रहा है।  रूस की आक्रामक नीतियों और यूक्रेन पर उसके हमले को लेकर जब भी वैश्विक आलोचना होती है, तो पुतिन समर्थकों या रूस के पक्षधर विश्लेषकों द्वारा एक ही तर्क बार-बार दोहराया जाता है  "Not one inch" (एक इंच भी नहीं) । इस कथन का हवाला देकर वे दावा करते हैं कि अमेरिका और नाटो (NATO) ने शीत युद्ध के अंत में रूस से वादा किया था कि वे पूर्व की ओर विस्तार नहीं करेंगे, लेकिन उस वादे को तोड़ा गया। पर क्या यह सच है?    "Not one inch"-आखिर ये कथन क्या है?  यह वाक्यांश पहली बार सामने आया था 1990 में, जब तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री जेम्स बेकर ने सोवियत संघ के नेता मिखाइल गोर्बाचेव से जर्मनीकरण के संबंध में बातचीत की थी।  उस समय बेकर ने कथित तौर पर कहा था कि नाटो "पूर्व की ओर एक इंच भी नहीं बढ़ेगा" अगर रूस जर्मनीकरण को मंजूरी दे देता है। रूस समर्थकों का कहना है  कि यह कथन एक औपचारिक वादा था कि नाटो पूर्वी यूरोप में कभी विस्तार नहीं करेगा। और जब बाद में नाटो ने पूर्वी यूरोपीय देशों को सदस्य बनाया, तो यह कथित वादा तोड़ दिया गया।     सच्चाई क्या है? अमेरिका और यूरोपीय इतिहासकारों का कहना है कि: "Not one inch" कभी कोई औपचारिक समझौता या लिखित वादा नहीं था।  यह एक राजनीतिक बातचीत का हिस्सा था, जो विशेष रूप से जर्मनी के करण से जुड़ा था, न कि पूरे पूर्वी यूरोप के लिए।  नाटो की नीति यह रही है कि कोई भी संप्रभु देश अपने सुरक्षा गठबंधन खुद तय कर सकता है। इसलिए पोलैंड, हंगरी, बाल्टिक देश आदि जब नाटो में शामिल हुए, तो वह उनकी स्वतंत्र इच्छा से हुआ, न कि किसी दबाव में। रूसी आक्रामकता  का हथियार बना "नॉट वन इंच"  पुतिन और उनके समर्थक पश्चिम की आलोचना करते हुए यह कहते हैं कि नाटो का विस्तार रूस के लिए सुरक्षा खतरा बन गया और यही यूक्रेन युद्ध का कारण है। लेकिन यह तर्क: यूक्रेन पर हमले को वैध नहीं ठहरा सकता, और न ही यह रूस की सैन्य कार्रवाइयों का न्यायिक आधार बन सकता है। इसके विपरीत, नाटो विस्तार को देखने का एक और नजरिया यह भी है कि पूर्वी यूरोपीय देश रूसी प्रभाव और अधिपत्य से बचने के लिए खुद नाटो में शामिल होना चाहते थे।    विशेषज्ञों की राय  पूर्व अमेरिकी राजनयिक और नाटो विश्लेषक मानते हैं कि: “'Not one inch' एक ऐतिहासिक बातचीत का वाक्य था, न कि कोई आधिकारिक नीति। पुतिन इसका इस्तेमाल सिर्फ अपनी नीतियों को सही ठहराने के लिए करते हैं।”     "Not one inch" कोई लिखित या कानूनी वादा नहीं था।      यह सिर्फ एक  राजनयिक बातचीत का हिस्सा था जो  1990 के सीमित संदर्भ  (जर्मनी करण) में हुआ।      रूस की सैन्य आक्रामकता और यूक्रेन पर उसका हमला, किसी पुराने कथन से उचित नहीं ठहराया जा सकता।      नाटो विस्तार सदस्य देशों की स्वतंत्र इच्छा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का परिणाम है।  

चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध: महाराष्ट्र चुनाव पर राहुल गांधी के गंभीर आरोप

नई दिल्ली  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट वैरिफिकेशन में गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर फिर से गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि संविधान की नींव वोट है, इसलिए यह जांचना जरूरी है कि सही लोगों को ही वोट डालने का अधिकार दिया जा रहा है या नहीं। उन्होंने मतदाता सूची में फर्जी वोटर्स के शामिल होने की भी चिंता जताई है। राहुल गांधी ने प्रेजेंटेशन के दौरान महाराष्ट्र चुनाव को लेकर आरोप लगाया कि वहां चुनाव चोरी हुआ है। उन्होंने कहा, "हम महाराष्ट्र में चुनाव हार गए, लेकिन वहां 40 लाख वोटर रहस्यमयी हैं। केवल पांच महीने के अंदर कई नए वोटर जोड़े गए हैं।" उन्होंने चुनाव आयोग से जवाब मांगा कि क्या वोटर लिस्ट सही है या उसमें गड़बड़ी है। कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक डेटा क्यों नहीं प्रदान कर रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि बार-बार डेटा की मांग करने के बावजूद चुनाव आयोग ने कोई जानकारी नहीं दी और जवाब देने से इनकार कर दिया। राहुल गांधी ने फर्जी वोटिंग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट में कई लोगों के पिता के नाम के आगे कोई जानकारी नहीं है, कई मकानों के पते शून्य लिखे गए हैं और डुप्लीकेट वोटरों की संख्या बहुत अधिक है। खासतौर पर उन्होंने बताया कि लगभग 11 हजार संदिग्ध वोटर्स ऐसे हैं जिन्होंने तीन बार वोट डाला है। एक ही पते पर 46 वोटर्स दर्ज हैं, जो सवाल उठाता है कि ये लोग कहां से आ रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह सब चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत का नतीजा है और देश में लोकतंत्र के लिए यह बड़ी चुनौती है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में पारदर्शिता बरतने और फर्जी वोटिंग पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।  

बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री को करघा भेंटकर किया अभिनंदन   रायपुर, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज की सराहना करते हुए कहा कि  हथकरघा कला हमारी समृद्ध विरासत है, जो प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाती है और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता को सशक्त बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बुनकर समाज अपने श्रम, कौशल और रचनात्मकता के माध्यम से राज्य का गौरव बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों की समृद्धि, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। कच्चा माल सुलभ कराने से लेकर लागत कम करने और विपणन की बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने तक, हर मोर्चे पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की आत्मनिर्भरता ही उनकी रचनात्मक उड़ान को नई ऊँचाई दे सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए "वोकल फॉर लोकल" के मंत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय हमारे पारंपरिक उत्पादों और हुनर को प्रोत्साहन देने का है। हथकरघा उद्योग केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है, जिसे बुनकर समाज आज भी सहेजे हुए है। इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बुनकरों द्वारा निर्मित करघा (कपड़ा बुनने की पारंपरिक मशीन) की प्रतिकृति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी यह भेंट न केवल आपके सम्मान और भावनाओं का प्रतीक है, बल्कि सृजन, परंपरा और हमारे प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बुनकर समाज के हर संभव सहयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उनके सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बुनकरों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण का होगा। इस अवसर पर बुनकर समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेश देवांगन, पुरुषोत्तम देवांगन,  धनेश देवांगन, गजेंद्र देवांगन सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।  

भोपाल के विकास को नई दिशा देगी रेल कोच इकाई, सीएम डॉ. यादव का बड़ा बयान

रेल कोच इकाई भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास को गति देगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में रेल कोच फैक्ट्री से मेट्रोपोलिटन विकास को मिलेगी रफ्तार : सीएम डॉ. यादव भोपाल के विकास को नई दिशा देगी रेल कोच इकाई, सीएम डॉ. यादव का बड़ा बयान सीएम डॉ. यादव बोले– रेल कोच यूनिट बनेगी भोपाल मेट्रोपोलिटन ग्रोथ का इंजन 10 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन 60 हेक्टेयर भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई 1500 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की भूमिपूजन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है। भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना में 1500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे मेक इन इंडिया मिशन के भाव का प्रकटीकरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच से सम्पूर्ण भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रेल कोच निर्माण सुविधा के लिए औबेदुल्लागंज में 10 अगस्त को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुख्य आतिथ्य में होने वाले भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में समत्व भवन में हई बैठक में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीयजन शामिल होंगे। अत: उनके आवागमन और बैठक की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागियों के स्वाल्पाहार, भोजन, पेयजल आदि के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। जानकारी दी गई कि परियोजना का भूमिपूजन 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में होगा। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष शांतनु राय शामिल होंगे। इस अवसर पर भारत अर्थ मूवर्स परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3थी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। कार्यक्रम में लगभग 10 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। बैठक में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मछुआ कल्याण एवं मत्सय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

युवाओं को राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ ही स्वच्छता और स्वदेशी से जुड़ने के लिए किया जाएगा प्रेरित- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी से देश को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता के साथ हैं प्रदेशवासी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी की भावना प्रदेश में हो रही साकार युवाओं को राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ ही स्वच्छता और स्वदेशी से जुड़ने के लिए किया जाएगा प्रेरित प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को धार में करेंगे वस्त्रोद्योग पर केन्द्रित पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन एक लाख से अधिक युवाओं के लिए सृजित होंगे रोजगार के अवसर ब्रह्मा-भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड रेलवे हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग में बनेंगे वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो के कोच लगातार चौथे वर्ष होगा हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन राज्य सरकार भोपाल और इंदौर मेट्रोपोलिन सिटी के विकास की ओर हो रही अग्रसर स्वतंत्रता दिवस पर होगा नवाचार : जिला स्तरीय कार्यक्रमों में जिले की विकास गतिविधियों का होगा प्रस्तुतिकरण 14 अगस्त बलराम जयंती और 16 अगस्त जन्माष्टमी पर होंगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम गोकुल-वृदांवन के समान होगा भगवान श्रीकृष्ण लीलाओं से जुड़े उज्जैन, जानापाव, अमझेरा और नारायणा का महत्व भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वदेशी की भावना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए देश को अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वर्तमान वैश्विक संदर्भ में देश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ता हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत है। सभी प्रदेशवासी प्रधानमंत्री मोदी की इस प्रतिबद्धता के साथ हैं। इसी क्रम में स्वदेशी की भावना को साकार करते हुए 10 अगस्त को भोपाल के पास रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज में ब्रह्मा (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) का भूमिपूजन और शिलान्यास केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में किया जा रहा है। केन्द्रीय कृषि एवं पंचायतराज मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे। प्रदेश में पहली बार रेल कोच, मेट्रो कोच आदि का निर्माण कर देश में आपूर्ति के साथ विदेशों में भी निर्यात किया जाएगा। लगभग 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली परियोजना से 1500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की रेलवे कोच निर्माण सुविधा स्थापित हो रही है, जो मध्यप्रदेश को देश के रेलवे विनिर्माण मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रेलवे की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए रायसेन जिले के तहसील गौहरगंज के ग्राम उमरिया में 60.0630 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया जा चुका है। यहां वंदे भारत-अमृत भारत, मेट्रो कोच का निर्माण किया जाएगा। इस उद्योग से भोपाल और रायसेन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छोटे उद्योगों भी विकसित होंगे, जिनसे आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा। परियोजना से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों के जवानों को बहनें भेजेंगी राखियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में लगातार चौथे वर्ष हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। तिरंगा अभियान का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र भक्ति और स्वदेशी अपनाने की भावना से जोड़ना है। साथ ही आम जनमानस में भी राष्ट्र ध्वज के प्रति सम्मान का भाव विकसित हो। राज्य सरकार ने हर घर तिरंगा अभियान-2025 में स्वच्छता और स्वदेशी अभियान को भी शामिल किया है। अभियान के अंतर्गत 2 से 12 अगस्त तक पूरे प्रदेश में तिरंगे पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे और 13 से 15 अगस्त तक हम सभी को घर, कार्यालयों और वाहनों पर तिरंगा लगाना है। अभियान के अंतर्गत ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए सशस्त्र बलों के जवानों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के उद्देश्य से उन्हें राखियां भेजी जाएंगी। स्कूलों में तिरंगे से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। तिरंगा संगीत और प्रदर्शनियों का आयोजन भी होगा। इस अभियान में सभी वर्गों को शामिल करते हुए 1 करोड़ तिरंगे की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। धार से विदेशों में भी होंगे वस्त्र निर्यात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्वदेशी अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रदेश की दो भावी मेट्रोपोलिटन सिटी भोपाल और इंदौर के विकास की और राज्य सरकार अग्रसर हो रही है। भोपाल के पास बनने वाली रेल कोच इकाई और धार के पास वस्त्र उद्योग पर केन्द्रित विकसित पीएम मित्र पार्क की सौगात से इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र को लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्र पार्क मध्य प्रदेश की समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। प्रधानमंत्री मोदी 25 अगस्त को धार में पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन करेंगे। रेडीमेड गारमेंट सेक्टर की 2000 करोड़ रूपए की इस परियोजना से जनजातीय अंचल के एक लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। धार का पीएम मित्र पार्क एक ओर जहां स्वदेशी के भाव को मजबूती देगा, वहीं धार, झाबुआ, रतलाम और निमांड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को कॉटन का उचित दाम मिलेगा। यहां से विदेशों में भी वस्त्र निर्यात किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30.77 लाख करोड़ का अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ। प्रदेश में औद्योगिकरण का वातावरण बना है और देश-विदेश से निवेशक उद्योग लगाने के लिए मध्यप्रदेश आ रहे हैं। लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का गिफ्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। सावन के पवित्र माह में लाड़ली बहनों को 250 रुपए का शगुन भेजा रहा है। कुल मिलाकर अगस्त में 1500 रुपए की राशि लाड़ली बहनों को भेजी। हमारी मंशा है कि बहनें रक्षाबंधन का त्यौहार पूरे उल्लास और आनंद से मनाएं। दीपावली के बाद लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए भेजे जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार एक के बाद एक विकास की सौगातें देती जाएगी। 15 अगस्त के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सभी जिलों में स्क्रीन पर होगा लाइव टेलीकास्ट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके अंतर्गत राजधानी भोपाल में होने … Read more

झुलसाती गर्मी के बीच राहत की उम्मीद: वीकेंड पर दिल्ली में हो सकती है बूंदाबांदी

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और एनसीआर में हल्की बूंदाबांदी के बीच तेज गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। पारा 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन गर्मी इससे ज्यादा महसूस की जा रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को हल्की बारिश का अनुमान लगाया है। दरअसल, राजधानी दिल्ली की बेस वेधशाला सफदरजंग में लगातार तीसरे दिन बारिश दर्ज नहीं हुई है। राजधानी के ज्यादातर स्टेशनों पर पिछले 24 घंटों में शून्य वर्षा रही। केवल नजफगढ़, आया नगर और नरेला में हल्की बौछारें पड़ीं, जो मात्र 1 मिमी या उससे कम रही। इसी तरह के हालात पूरे हफ्ते बने रहने की संभावना है। हालांकि, सप्ताहांत के आसपास कहीं-कहीं मध्यम बारिश की एक-दो बार बौछारें संभव हैं। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर का अनुमान है कि मानसून ट्रफ फिलहाल बारिश की मुख्य वजह है, लेकिन ब्रेक-इन-मानसून की मौजूदा स्थिति में यह ट्रफ दिल्ली के उत्तर में खिसक गई है, जिससे यहां अच्छी बारिश की संभावना कम हो गई है। ऐसी स्थिति में बारिश पहाड़ी इलाकों तक सीमित हो जाती है, जैसे कि बीते दो दिनों से उत्तराखंड में खराब मौसम और तेज बारिश हो रही है। ब्रेक मानसून को खत्म करने के लिए बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बनना जरूरी है। ऐसे सिस्टम बनने पर ही दिल्ली और आसपास सामान्य मानसून गतिविधि लौटती है। 11-12 अगस्त 2025 को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। यह सिस्टम अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर पूर्वी हिस्सों से अंदरूनी इलाकों में प्रवेश करेगा। इस सिस्टम की आगे की गति से हवाओं का पैटर्न बदलेगा और मानसून ट्रफ दक्षिण की ओर खिसकेगी। इससे देशभर में ब्रेक मानसून की स्थिति खत्म होगी और दिल्ली-एनसीआर में भी सामान्य बारिश फिर से शुरू हो जाएगी। अगले हफ्ते के मध्य से बारिश तेज होने की संभावना है। तब तक सप्ताह भर में एक या दो बार हल्की बारिश होगी। हालांकि, मानसून ट्रफ के उतार-चढ़ाव के कारण शुक्रवार से सोमवार (8से 10 अगस्त) के बीच एक-दो बार मध्यम बारिश हो सकती है।

अमेरिका को जवाब देने की तैयारी: भारत का टैरिफ टूल बना ₹20,000 करोड़ का ब्रांड इंडिया मिशन

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप  द्वारा भारतीय सामानों पर 25% टैक्स (टैरिफ)  लगाने  के बीच भारत सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। यह योजना करीब  ₹20,000 करोड़ की होगी और इसे सितंबर 2025 से शुरू किया जाएगा। इस नई योजना का मुख्य मकसद  भारतीय उत्पादों को दुनिया के बाजारों में पहचान दिलाना,  निर्यात करने वाले छोटे कारोबारियों को बिना ज़मानत के लोन देना, गैर-टैरिफ नियमों (जैसे तकनीकी अड़चनें) को आसान बनाना, ‘ब्रांड इंडिया’ को दुनिया में मजबूत बनाना और  हर जिले को एक निर्यात केंद्र  (Export Hub) बनाना है।  छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी मदद सरकार चाहती है कि MSME (छोटे और मझोले उद्यम) अपने सामान को दुनिया में बेच सकें। इसके लिए उन्हें बिना किसी बड़ी जमानत के लोन मिल सकेगा, ताकि वे व्यापार बढ़ा सकें।यह योजना तीन मंत्रालयों वाणिज्य मंत्रालय,  MSME मंत्रालय और  वित्त मंत्रालय की साझेदारी में बनाई जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक “यह योजना अमेरिका ही नहीं, बल्कि सभी देशों में भारतीय निर्यात को बढ़ाएगी। अगस्त में इसकी तैयारी पूरी कर ली जाएगी और सितंबर से यह लागू होगी।”   ‘ब्रांड इंडिया’ को मिलेगा इंटरनेशनल स्टेटस जैसे जापान, कोरिया और स्विट्जरलैंड  की पहचान उनके हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट्स के लिए होती है, भारत भी चाहता है कि  'ब्रांड इंडिया' को वैसी ही पहचान मिले।FIEO के महानिदेशक  अजय सहाय ने कहा कि “अगर इतनी बड़ी राशि सही तरीके से इस्तेमाल होती है, तो यह देश के निर्यातकों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।”अमेरिका ने ऐलान किया है कि  7 अगस्त से  भारत से जाने वाले सभी सामानों पर  25% टैरिफ  लगेगा। इससे भारत के करीब  $85 अरब डॉलर के सालाना निर्यात का आधा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। ट्रंप की धमकी और भारत का पलटवार  ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "ट्रुथ सोशल" पर लिखा: “भारत रूस से भारी मात्रा में तेल खरीद रहा है और मुनाफा कमा रहा है, जबकि रूस यूक्रेन में लोगों को मार रहा है। इसलिए अब भारत पर और ज्यादा टैरिफ लगेगा।” भारत ने साफ कहा कि वह अपने आर्थिक हितों की रक्षा करेगा और यह भी बताया कि अमेरिका और यूरोप खुद भी रूस से तेल खरीद रहे हैं। भारत ने ट्रंप के आरोपों को दोगलापन (hypocrisy) करार दिया है।