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शराब खरीदते समय मारपीट: चाकू व बोतल से वार, तीन घायल

रायपुर  गंजपारा शराब भट्ठी में शनिवार शाम शराब की लाइन में धक्का-मुक्की को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपितों ने चाकू और बीयर की बोतल से हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया। पुलिस के अनुसार, छोटा रामनगर कबीर चौक निवासी तेजपाल चौहान शनिवार की शाम करीब पांच बजे अपने दोस्तों गितेश वर्मा और तोषण साहू के साथ गंजपारा शराब भट्ठी शराब लेने पहुंचा था। लाइन में लगे होने के दौरान गंजपारा निवासी अमन सोनी, लक्की गोप, दुर्गेश उर्फ दरवेश और तामू उर्फ तामेश्वर पहुंचे और पहले शराब लेने की बात कहकर तेजपाल को धक्का देकर पीछे करने लगे। मना करने पर आरोपितों ने तेजपाल को गालियां देते हुए चाकू से बांयी जांघ पर वार कर दिया, जिससे वह घायल हो गए और खून बहने लगा। बीच-बचाव करने आए तोषण साहू के सिर पर बीयर की बोतल मार दी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। वहीं, गितेश वर्मा को कांच के टुकड़े से मारा गया, जिससे उसे भी चोट आई है।  

एक पेड़ माँ के नाम अभियान में पर चल रहा है पौध रोपण कार्यक्रम

भोपाल  प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में 'एक पेड़ माँ के नाम 2.0' पौध रोपण अभियान 5 जून 2025 से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा चलाया गया है। अभियान में अब तक करीब 9 लाख 90 हजार पौध रोपित किये जा चुके हैं। लगाए गये पौधों को मिशन लाइफ पोर्टल पर प्रदर्शित भी किया गया है। प्रदेश में विद्यालयों के आस-पास और परिसर में पूरी योजना के साथ पौध रोपण के निर्देश दिये गये है। विद्यालयों के प्राचार्यों को लगाए गये पौधों की सुरक्षा के समुचित उपाय किये जाने के निर्देश दिये गए है। प्रदेश में 92 हजार से अधिक शासकीय स्कूल हैं जहां ये अभियान चलाया जा रहा है। पौध रोपण कार्यक्रम आगामी 30 सितम्बर तक विद्यालयों में ईको क्लब के माध्यम से संचालित होगा। मिशन लाइफ का गठन शासकीय विद्यालयों में क्लब फॉर मिशन लाइफ का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत 15 हजार से अधिक ईको क्लब का गठन किया गया है। ईको क्लब के माध्यम से पर्यावरण से जुड़े विषयों, निबंध प्रतियोगिता और जल शक्ति अभियान गतिविधियाँ प्रमुख रूप से आयोजित की जा रही हैं। राज्य स्तरीय शालेय खेल कैलेण्डर जारी लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिये शालेय खेल कैलेण्डर जारी किया है। कैलेण्डर में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएँ और स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की तिथियाँ घोषित की गई हैं। इस संबंध में संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण और समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये है। खेल प्रतियोगिताएँ 8 सितम्बर से शुरू होंगी जो 10 दिसम्बर तक 2025 निर्धारित तिथियों के अनुसार चलेंगी। इन प्रतियोगिताओं में बॉक्सिंग, जूडो, व्हालीबॉल, फुटबॉल, टेनिस, किक्रेट, जिमनास्टिक, मलखंब, कराते, शतरंग, कबड्डी, तलवार बाजी, एथलेटिक्स, बास्केट वॉल, हॉकी के साथ अन्य खेल भी शामिल किये गये हैं। ये खेल प्रतियोगिताएँ आयु वर्ग के हिसाब से बालक और बालिकाओं के लिये होगी। राज्य स्तरीय जवाहर लाल नेहरू हॉकी प्रतियोगिता प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जवाहर लाल नेहरू हॉकी शालेय प्रतियोगिता की तिथियाँ भी तय कर दी गई है। जूनियर हॉकी टूर्नामेन्ट(15 वर्ष से कम आयु वर्ग) 8 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक, नेहरू बालिका हॉकी टूर्नामेंट (17 वर्ष से कम आयु वर्ग) 19 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक और नेहरू बालक हॉकी टूर्नामेंट (17 वर्ष से कम आयु वर्ग) 26 नवम्बर से 6 दिसम्बर 2025 तक तथा इससे जुड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता सिवनी में 24 से 30 अगस्त 2025 तक होंगी। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये गये हैं।  

भूपेश बघेल को SC से झटका, ED मामले में कानून का पालन अनिवार्य

रायपुर  सुप्रीम कोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) की धारा 44 के तहत जांच करने के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारों को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया। देश की सबसे बड़ी अदालत ने उन्हें हाई कोर्ट जाने की नसीहत दी। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने बघेल की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इस प्रावधान में कुछ भी गलत नहीं है। पीठ ने साथ ही कहा कि अगर इसका (धारा 44) दुरुपयोग हो रहा है तो पीड़ित पक्ष हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। पीठ की ओर से न्यायमूर्ति बागची ने कहा, 'दुर्भावना कानून में नहीं, बल्कि उसे दुरुपयोग में है।' कांग्रेस नेता ने पीएमएलए की धारा 44 के तहत ईडी को मूल शिकायत के बाद दर्ज की गई अन्य शिकायतों के आधार पर धन शोधन से संबंधित मामले में आगे की जांच के अधिकार को चुनौती दी थी। गौरतलब है कि ईडी छत्तीसगढ़ में बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल में कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपए की शराब बिक्री से संबंधित धन शोधन के आरोपों की जाच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि संबंधित मामले में अवैध रूप से कमीशन की वसूली की गई, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ।

55 हजार से अधिक बच्चे हुए गुम, MP के बाणगंगा और लसूड़िया में सबसे ज्यादा मिसिंग केस

भोपाल  मध्य प्रदेश में गुमशुदा बच्चों को लेकर एमपी विधानसभा से बड़ी जानकारी सामने आई है, जो हैरान करने वाली भी है. क्योंकि पिछले चार साल में मध्य प्रदेश से 55 हजार से ज्यादा बच्चों के गुमशुदा होने के आंकड़े मिले हैं. यह जानकारी कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री सचिन यादव के सवाल के जवाब में मिली है. सरकार की तरफ से यह माना गया है कि 2021 में 4 जुलाई से 2025 तक 59 हजार 365 बच्चे मध्य प्रदेश से गुमशुदा हुए हैं, जिनमें लड़कियों की संख्या ज्यादा है. यह आंकड़े हैरान करने वाले हैं, इनमें सबसे ज्यादा बच्चे भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों से गायब हुए हैं. जबकि इसमें कई दूसरे बड़े जिले भी शामिल हैं.  53 हजार को खोजा गया  बता दें कि मध्य प्रदेश में पिछले चार साल में 48,274 लड़कियां और 11,091 लड़के गुमशुदा हुए हैं. जिससे यह आंकड़े चौंकाने वाले जरूर है. हालांकि सरकार की तरफ से यह जानकारी भी दी गई जो बच्चें गुमशुदा हुए थे, उनमें से 53 हजार बच्चों को पुलिस ने खोज निकाला है, जो कुल बच्चों का 90 फीसदी है. लेकिन 6035 बच्चों की तलाश अभी भी पुलिस को जारी है.  इंदौर में तो वह हमारे पास बहुत अच्छे से रह रही थी। 8वीं के बाद उसने पढ़ाई नहीं की। मैं अपने बच्चे का एडमिशन कराने स्कूल गई थी। पिता काम पर गए थे। उसने कुछ बोला भी नहीं और चली गई। हमारी बेटी कहीं भी रहे, बस हमें ये पता चल जाए कि वह वहां ठीक है। अगर वह दूसरी जगह भी रहना चाहती है तो हमे कोई दिक्कत भी नहीं है। दूसरी बार उसे कहा ढूंढें, कहां जाएं, किससे पूछें। सबसे बड़ी दिक्कत तो ये है कि ढूंढें तो ढूंढें कहां। मोबाइल नंबर भी नहीं है। हमारे सामने किसी से बात भी नहीं करती थी…। प्रदेश में सबसे ज्यादा गुमशुदगी के मामले इंदौर से प्रदेश का ये पहला मामला नहीं है जब कोई बच्ची अचानक ही घर से लापता हुई हो और वर्षों तो उसका कोई सुराग न मिले। दरअसल, विधानसभा में कांग्रेस विधायक सचिन यादव द्वारा पूछे गए सवाल में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। विधायक यादव के सवालों पर मिले जवाब के मुताबिक मप्र में बीते साढे़ चार सालों में करीब 58 हजार से ज्यादा बच्चे गुम हुए हैं। इनमें 47 हजार बेटियां और 11 हजार बेटे गायब हुए हैं। बच्चों के गुम होने की जो जानकारी विधानसभा में दी गई है। उसमें ये सामने आया है कि सबसे ज्यादा बच्चे इंदौर से गायब हो रहे हैं। इंदौर शहर के जिन थानों से बच्चे गायब हो रहे हैं उनमें, बाणगंगा थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 449 बेटियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर लसूडिया से 250, चंदन नगर से 220, आजाद नगर से 178, द्वारका पुरी से 168 बेटियां गुम हुई हैं। बच्चियों के गुम होने के मामले में धार जिला दूसरे नंबर पर है। सचिन यादव ने लगाया था सवाल  मध्य प्रदेश में बच्चों के गुमशुदा होने से जुड़ा सवाल कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने लगाया था. उन्होंने कहा 'चार साल में 60 हजार से ज्यादा बच्चे मध्य प्रदेश में गुमशुदा हुए हैं, जिसमें 48 हजार के करीब बेटियां हैं. अकेले भोपाल में 2500 से 3000 के बीच यह आंकड़े हैं. कांग्रेस विधायक ने कहा कि यह चिंता का विषय हैं और प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल खड़े करता है.  क्योंकि राजधानी भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं.  भोपाल-इंदौर में सबसे ज्यादा मिसिंग  बता दें कि भोपाल और इंदौर में सबसे ज्यादा बच्चों के गायब होने की बात सामने आई है. भोपाल में 2,980 बच्चे गायब हुए हैं, जिनमें 1,804 लड़कियां और 1,174 लड़के शामिल हैं. वहीं इंदौर की बात की जाए तो यहां चार साल में 4,574 बच्चे गायब हुए हैं, जिनमें 3,560 लड़कियां और 1,014 लड़के शामिल हैं. जबकि दूसरे जिलों में भी यह आंकड़े बढ़े हैं. ऐसे में प्रदेश के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है.  बता दें कि कई गुमशुदा बच्चों की पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज हुई हैं. लेकिन विधानसभा के मानसून सत्र में निकलकर आई यह जानकारी हैरान करने वाली जरूर है. बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बीजेपी और कांग्रेस विधायकों के बीच इस बार तीखी तकरार दिख रही है.   जानिए इंदौर से लापता बच्ची के परिवार की हालत लसूडिया थाना क्षेत्र के राहुल गांधी नगर में रहने वाले एक परिवार की 16 साल की बेटी घर से अचानक लापता हो गई। परिवार ने इंदौर के साथ ही जिस गांव में वे रहते थे, वहां भी उसकी तलाश की, लेकिन बेटी का पता नहीं चला। हालत ये हो गई कि बेटी के गम में माता-पिता का खाना और काम पर जाना तक छूट गया था। उसे लापता हुए 1 महीना हो गए। मजबूरी में माता-पिता दोनों ही अपने-अपने काम पर जाने तो लगे, लेकिन उनकी आंखें हमेशा बेटी को तलाशती रहती हैं। पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से मना किया लापता बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी की उम्र 16 साल है। उसके लापता होने का बाद उसे जहां-जहां संभव हो सकता था वहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। रिश्तेदारों के यहां भी पूछ लिया। जब उसका कहीं पता नहीं चला तो मैं पुलिस की मदद लेने के लिए थाने गया। अब जानिए किस जिले के किन 5 थाना क्षेत्रों से सबसे ज्यादा बेटियां गुम हुईं ग्वालियर जिला: (कुल गुम हुए बच्चे- 1857,लड़कियां-1268, लड़के-589) ग्वालियर जिले में सबसे ज्यादा ग्वालियर थाने से 106 बच्चियां गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर डबरा से 90, मुरार से 88 जनकगंज से 86, बहोड़ापुर से 72 बच्चियां गुम हुई हैं। शिवपुरी जिला: (गुम हुए कुल बच्चे- 960, बेटियां- 764 बेटे- 196) शिवपुरी जिले में पिछोर थाने से सबसे ज्यादा 88 बच्चियां गुम हुई हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र से 80, करेरा से 55, बैराड़ से 49 कोलारस और देहात थाना क्षेत्रों से 46- 46 बेटियां गुम हुई हैं। गुना जिला; (कुल गुम हुए बच्चे: 795, बेटियां – 662, बेटे – 133) गुना जिले में सबसे ज्यादा 98 बच्चियां कैंट थाना क्षेत्र से गुम हुई हैं। दूसरे नंबर पर कोतवाली से … Read more

भारतीय महिला फुटबॉल टीम का ऐतिहासिक कारनामा, एशियाई कप क्वालीफिकेशन पर मिला इनाम

यांगून  भारत की अंडर-20 महिला फुटबॉल टीम ने रविवार, 10 अगस्त को यांगून के थुवुन्ना स्टेडियम में अपने अंतिम ग्रुप डी मुकाबले में मेजबान म्यांमार को 1-0 से हरा दिया. इस जीत के दम पर भारत ने दो दशकों में पहली बार एएफसी (एशियन फुटबॉल कंफेडरेशन) अंडर-20 महिला एशियाई कप के लिए क्वालीफाई किया है. भारत ने पिछली बार 2006 में एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप के लिए क्वालीफाई किया था. भारतीय महिला फुटबॉल टीम का शानदार प्रदर्शन भारत की अंडर-20 महिला टीम ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और ग्रुप डी के क्वालीफिकेशन अभियान में अपराजित रही. इस अभियान में उन्होंने इंडोनेशिया (0-0) और तुर्कमेनिस्तान (7-0) के खिलाफ मैच खेले. इसके बाद उन्होंने मेजबान म्यांमार को 1-0 हराया. इस अभियान में उन्होंने एक भी गोल नहीं खाया. एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप क्वालीफायर एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप 2026 के लिए क्वालीफायर में कुल 32 टीमें 11 स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं. मेजबान थाईलैंड ने होस्ट होने की वजह से पहले ही क्वालीफिकेशन हासिल कर लिया है. क्वालीफायर में, टीमों को चार-चार के आठ समूहों में विभाजित किया गया है. आठ समूह विजेता और सभी समूहों में से तीन सर्वश्रेष्ठ दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमें मुख्य प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करेंगी, जो अगले साल अप्रैल में 1 से 18 तक एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप में आमने सामने होंगी. AIFF ने किया इनाम का ऐलान अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF ) ने अंडर-20 महिला राष्ट्रीय टीम के शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 25,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 22 लाख रुपये) का इनाम देने की घोषणा की है. एआईएफएफ ने भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के सहयोग से महिला फुटबॉल में जमीनी और युवा ढांचे को मजबूत करने के लिए कई पहल की हैं. ऐसी ही एक पहल है अस्मिता महिला फुटबॉल लीग, जिसके तहत 2023 से 2025 तक देश भर में अंडर-13, अंडर-15 और अंडर-17 स्तरों पर 155 लोगों का सफल आयोजन हुआ. 2023-24 के संस्करण में 6,305 जूनियर खिलाड़ियों ने भाग लिया, जो 2024-25 में बढ़कर 8,658 हो गई. इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, भारत में पंजीकृत महिला फुटबॉलरों की संख्या में पिछले एक साल में 232% की वृद्धि हुई है. AIFF भारतीय खिलाड़ियों की हर संभव मदद करेगी एआईएफएफ ने एक बयान में कहा, "भविष्य को देखते हुए, एआईएफएफ अप्रैल 2026 में थाईलैंड में होने वाले एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप 2026 के लिए सर्वोत्तम संभव तैयारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. महासंघ विस्तारित प्रशिक्षण शिविरों की सुविधा प्रदान करने और टीम के लिए उच्च-गुणवत्ता वाला अंतर्राष्ट्रीय अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगा.' फेडरेशन ने आगे कहा, 'महासंघ का उद्देश्य न केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के माध्यम से शारीरिक और मानसिक रूप से फिट बनाना है, बल्कि उन्हें एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ खेलने के लिए तैयार करना भी है. एआईएफएफ के लिए तैयारी मैच खेलने के लिए अच्छे प्रतिद्वंद्वियों की व्यवस्था करने के अवसरों पर भी विचार किया जा रहा है.'

स्मार्ट चरखी संग पतंग उड़ाना हुआ हाई-टेक, इस बार 15 अगस्त पर मिलेगी खास सुविधा

नई दिल्ली 15 अगस्त अब कुछ ही दिन दूर है और बाजार में पतंगों की रौनक दिखने लगी है। पतंगबाजी पसंद करने वालों के लिए इस बार बाजार में कुछ खास आया है। इस बार आप चाहें, तो स्मार्ट चरखी से पेंचे लड़ा पाएंगे। दरअसल आज जब तमाम चीजों में टेक्नोलॉजी की एंट्री हो रही है, तो भला पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाली चरखी या जिसे फिरखी भी कहा जाता है, कैसे पीछे रह जाती? इस चरखी को बनाया ही उन लोगों के लिए गया है जिन्हें पतंगबाजी में मजा आता है। यह स्मार्ट चरखी एक हाथ से पतंग उड़ाना बेहद आसान बना देती है। चलिए डिटेल में इसके बारे में बात करते हैं। क्या है स्मार्ट चरखी? आज जब फोन से लेकर टीवी तक और घड़ी से लेकर चश्मे तक सब स्मार्ट है, तो जाहिर तौर पर पतंग उड़ाने के लिए काम में आने वाली चरखी में भी टेक्नोलॉजी का समावेश होना ही था। स्मार्ट चरखी, जिसे कि मोटर वाली चरखी भी कहा जाता है एक यूनिक कॉन्सेप्ट है। इसने पतंग उड़ाने वाली एक नॉर्मल सी चरखी को इंटेलिजेंट बना दिया है। यहां इंटेलिजेंट से मतलब है खुद-ब-खुद काम करने वाली। इस चरखी में एक रिचार्जेबल मोटर का सिस्टम फिट किया गया है जो कि मांझे को एक बटन दबाने पर खुद ही लपेट लेती है। इस चरखी को टाइप सी केबल से चार्ज किया जा सकता है और पतंगबाजी के शौकीन लोगों के यह बहुत काम आ सकती है। कैसे करती है काम? स्मार्ट चरखी में एक मोटर लगी होती है, जो कि चरखी के हैंडल के छोर पर दिए बटन के जरिए चालू होती है। इसकी मदद से अगर कोई शख्स एक हाथ से पतंग उड़ाना चाहे, तो वह काम भी बहुत आसानी से किया जा सकता है। इसके लिए अलग से किसी को अपने साथ मांझा लपेटने के लिए रखने की जरूरत नहीं रह जाती और आप एक बटन के कंट्रोल से पेंचे लड़ा सकते हैं। बता दें कि इसे चार्ज करने के लिए टाइप सी केबल का इस्तेमाल करना पड़ता है और इसके लिए आप अपने मोबाइल को चार्ज करने वाली केबल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। एक चार्ज में चलेगी कई दिन एक बार फुल चार्ज होने में इसे डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। एक बार की चार्जिंग के बाद इसे 8 से 10 घंटे तक लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है। कहने का मतलब है कि एक बार की चार्जिंग आपको दो से तीन दिन की पतंगबाजी का मजा दे सकता है। इस चरखी में हाई क्वालिटी मोटर का भी इस्तेमाल किया गया है। क्या है कीमत मोटर वाली ऑटोमैटिक चरखी को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से खरीदा जा सकता है। हर साइट पर इसका दाम अलग है लेकिन इसे आमतौर पर 2000 रुपये में खरीदा जा सकता है। इस चरखी का एक फायदा और है कि एक बार खरीदने के बाद यह आपके कई बार काम आ सकती है। इसके अलावा इसकी बैटरी को यूजर भी आसानी से रिप्लेस कर सकता है। ऐसे में लंबे समय तक इस चरखी को इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा यह चरखी पूरी तरह से मेड इन इंडिया भी है।

यूपी विधानसभा में CM योगी का बयान: सपा की करतूतों से हर कोई वाकिफ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर करारा प्रहार किया. सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा, "सपा और लोकतंत्र एक ही नदी के दो अलग-अलग छोर हैं. इन्हें लोकतंत्र पर भरोसा कब से हो गया? लोकतंत्र की बात करना इन्हें शोभा नहीं देता. संभल में इन्होंने क्या किया, ये सबको पता है. संभल हो, बहराइच हो या गोरखपुर, सपा की करतूतों से सब वाकिफ हैं. इन्होंने अपने कार्यकाल में कुछ नहीं किया. अगर एनडीए सरकार विकास करना चाहती है, तो आपको (समाजवादी पार्टी) बुरा लग रहा है… हम पूरे प्रदेश के व्यापारियों को साथ लेकर काम कर रहे हैं." मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि सपा शासनकाल में व्यापारियों पर गुंडा टैक्स लगाया जाता था. इसी वजह से व्यापारी आपसे नाराज़ हैं और समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा बार-बार भुगतना पड़ रहा है. व्यापारियों के विकास के लिए कदम उठाने के बजाय इन्होंने (समाजवादी पार्टी ने) उनके रास्ते में रोड़े ही अटकाए हैं. समाजवादी पार्टी से ये उम्मीद नहीं की जा सकती कि वो सुरक्षा की बात करेगी और अच्छे विकास का समर्थन करेगी." वहीं, मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने कहा था- "इस मानसून सत्र के दौरान बाढ़, जलभराव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. स्वास्थ्य, शिक्षा और इन सभी मुद्दों पर सरकार ने पिछले 8.5 वर्षों में जो कुछ भी किया है, उस पर भी चर्चा होगी. विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को लेकर 13-14 अगस्त को 24 घंटे की चर्चा होगी. चर्चा के बाद, हम सदन में एक विस्तृत कार्ययोजना की भी घोषणा करेंगे कि कैसे सरकार नीति आयोग के मार्गदर्शन में विशेषज्ञों की मदद से इस विजन डॉक्यूमेंट में आम जनता के साथ-साथ हर वर्ग के नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी और उस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए, सरकार अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना के साथ अपना विजन सदन के पटल पर रखेगी." सपा ने किया प्रदर्शन  वहीं, विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने जमकर प्रदर्शन किया. सपा विधायकों ने विधानसभा के गेट पर खड़े होकर नारेबाजी की. उन्होंने बैनर-पोस्टर आदि के जरिए सरकार पर हमला बोला. इस बीच प्रश्नकाल में विपक्ष के हंगामे के चलते स्पीकर सतीश महाना ने 15 मिनट के लिए हाउस को स्थगित कर दिया.   दरअसल, सदन शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने खुद गोरखपुर में व्यापारियों से मिलने के लिए पुलिस द्वारा रोके जाने का मुद्दा उठाया, इसके अलावा बहराइच और संभल में ना जाने को लेकर भी सीएम योगी के सामने सवाल रखा. इसके जवाब में सीएम योगी ने पूरी समाजवादी पार्टी को ही लपेट लिया और उसपर तीखा हमला बोला.  

मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में दिखे अनोखे नजारे, सदस्यों का निराला अंदाज, सदस्यों ने दिखाए अजब-गजब रूप

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज 11 अगस्त से शुरू हो चुका है, ये सत्र 16 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सत्ता पक्ष की ओर से कई अहम विधायी मुद्दों पर चर्चा की तैयारी की गई है तो वहीं विपक्ष की ओर से भी सत्ता पक्ष को घेरने की पूरी तैयारी है। इस बार यूपी विधानसभा का सत्र बेहद खास होने जा रहा है, एक दिन सदन लगातार 24 घंटे तक चलेगा। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र 2025 की शुरुआत से पहले दिन विधान भवन प्रांगण में सदस्य विभिन्न अंदाज में दिखे। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने पोस्टर के साथ विरोध जताना शुरु किया तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी उनको देने उतरे। विपक्षी दल के सदस्यों ने किया हंगामा विधान भवन प्रांगण में सोमवार को समाजवादी पार्टी के साथ विपक्षी दल से सदस्यों ने हंगामा शुरु किया गया तो भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी उनके विरोध में सामने आ गए। मानसून सत्र के पहले दिन सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों में पोस्टर वार होने लगा। सदन में और विधानसभा से बाहर मुख्य द्वार पर प्रतिपक्ष में सपा विधायक नारेबाजी और हंगामा करते रहे। निराले अंदाज में विधानसभा पहुंचे सदस्य समाजवादी पार्टी के विधानसभा और विधान परिषद सदस्य सोमवार को विधान भवन में विभिन्न रंग रूप में दिखे। कोई काले कपड़े पहने था तो कोई अलग स्टाइल के कपड़े धारण करके आया था। किसी ने तिरछी टोपी पहनी थी तो कोई अंगौछा धारण करके सरकार का विरोध कर रहा था। विधायक अतुल प्रधान का अलग अंदाज मेरठ की सरधना सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान का एक अलग अंदाज देखने को मिला। सपा विधायक आज कांवड़ लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे। इस कांवड़ में एक तरफ लिखा था ‘हमें चाहिए पाठशाला’ और दूसरी तरफ था- ‘हमें नहीं चाहिए मधुशाला’। उत्तर प्रदेश में गांवों में बेसिक शिक्षा के स्कूल बच्चों की नींव हैं। स्कूल मर्जर पर उठाए सवाल अतुल प्रधान ने इस दौरान यूपी में स्कूल मर्जर को लेकर सवाल उठाए और कहा कि सरकारी स्कूलों को बंद करने का नियम किसने बनाया है। 2019 में पहले बंद करने का काम किया। आखिर सरकारी स्कूलों में कौन पढ़ता है। यहां गरीब-मजदूर छोटा-मोटा व्यापार करने व्यापार करने वालो के बच्चे पढ़ते हैं। A फॉर अखिलेश व D फॉर डिम्पल के लगे पोस्टर मानसून सत्र के पहले दिन पोस्टर वार देखने को मिला। सपा की पीडीए पाठशाला पर भाजपा हमलावर हुई। भाजपा एमएलसी व प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश ने भाजपा मुख्यालय के बाहर समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर पोस्टर लगाया। इसमें पीडीए पाठशाला में A फॉर अखिलेश व D फॉर डिम्पल पढ़ाने पर माफी मांगने को कहा। पोस्टर में लिखा सपा के पीडीए पाठशाला का काला सच।

आज से डबल धमाल: कौन बनेगा करोड़पति सीजन 17, दो-दो अमिताभ बच्चन का जलवा

मुंबई अमिताभ बच्चन एक बार फिर टीवी पर आने वाले हैं। वो 'कौन बनेगा करोड़पति सीजन 17' के साथ सोनी टीवी पर वापसी कर रहे हैं। इसके कई प्रोमो सामने आ चुके हैं। अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें दो-दो अमिताभ बच्चन हैं। इसमें दिखाया गया है कि जेनरेशन एक्स हो या फिर जेनरेशन जेड, सभी के लिए उसी पुराने अंदाज में ही शो को होस्ट किया जाएगा, क्योंकि संस्कृति ही इस शो की पहचान है। 'कौन बनेगा करोड़पति 17' आज यानी 11 अगस्त 2025 से रात 9 बजे सोनी टीवी पर शुरू हो रहा है। सोमवार को शो का पहला एपिसोड दिखाया जाएगा। इससे पहले मेकर्स ने एक प्रोमो शेयर किया है, जोकि बहुत मजेदार है। 'कौन बनेगा करोड़पति 17' का नया प्रोमो इसमें दो अमिताभ बच्चन हैं। एक रिहर्सल कर रहा है तो दूसरा उसका मजाक उड़ा रहा है। दूसरे का कहना है कि अब जमाना बदल गया है तो उसी हिसाब से शो में भी बदलाव करना चाहिए। लेकिन पुराने वाले बिग बी ने कहा कि यही भाषा-बोली और संस्कृति उनके शो की पहचान है। 'क्या आप तैयार हैं?' प्रोमो को शेयर करते हुए लिखा गया है, 'जेन एक्स से शुरू हुआ ये आइकॉनिक शो आज जेन जेड तक पहुंच गया है। क्या आप तैयार है?' फैंस लुटा रहे हैं प्यार 82 साल के अमिताभ बच्चन पर फैंस खूब प्यार लुटा रहे हैं। एक ने कहा, 'बहुत सुंदर सर।' दूसरे ने बोला, 'लव यू अमिताभ बच्चन सर।' एक और ने कॉमेंट किया, 'प्रोमो बहुत ही मजेदार है।'

शेयर बाजार में बड़ा रिवर्सल, सेंसेक्स 746 अंक ऊपर गया

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में लंबे समय बाद सोमवार को रौनक लौटी और सेंसेक्स-निफ्टी जबर्दस्त तेजी के साथ बंद हुए. ट्रंप टैरिफ और India-US Trade Tension के बीच बीते छह हफ्तों से शेयर मार्केट में सुस्ती देखने को मिल रही थी. इस गिरावट पर ब्रेक लगाते हुए BSE Sensex सप्ताह के पहले कारोबारी दिन 746 अंकों की उछाल के साथ क्लोज हुआ, जबकि NSE Nifty 221 अंक की तेजी लेकर बंद हुआ. इस बीच टाटा मोटर्स से लेकर मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस तक के शेयरों ने अपना दम दिखाया और बाजार को सपोर्ट किया.   आखिरी घंटे में तूफानी तेजी शेयर मार्केट (Share Market) में सोमवार को ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत हुई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,857.79 की तुलना में मामूली तेजी लेकर 79,885.36 के लेवल पर ओपन हुआ और कभी सुस्ती, तो कभी तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा, लेकिन मार्केट में आखिरी कारोबारी घंटे में ये तूफानी तेजी के साथ भागते हुए 80,636.05 के लेवल तक पहुंच गया. बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 746.29 अंकों की बढ़त लेकर 80,604.08 पर बंद हुआ.  सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी अपने पिछले बंद 24,363 की तुलना में मामूली बढ़त लेकर 24,371.50 पर खुला और फिर तेज रफ्तार से भागते हुए 24,600 तक पहुंचा. हालांकि, क्लोजिंग की बात करें, तो Nifty 221.75 अंकों की तेजी लेकर 24,585.05 पर क्लोज हुआ.  इन 10 बड़े शेयरों से बाजार को बल सोमवार को बाजार को सपोर्ट करने में बीएसई की लार्जकैप कंपनियों का बड़ा रोल रहा, इसमें शामिल जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, उनमें सबसे आगे टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Motors Share (3.24%), Eternal Share (2.84%), Trent Share (2.49%), SBI Share (2.45%), LT Share (1.70%), SunPharma Share (1.63%), Reliance Share (1.28%), Kotak Bank Share (1.33%), Adani Ports Share (1.25%) और HDFC Bank Share (1.21%) की तेजी लेकर बंद हुए.  मिडकैप और स्मॉलकैप का ये हाल बाजार में तेजी के बीच बीएसई का मिडकैप 350 अंकों की बढ़त में रहा और इसमें शामिल Paytm Share (5.65%), PolicyBazar Share (5.06%), Ashok Leyland Share (3.94%) और Indian Bank Share (3.45%) चढ़कर क्लोज हुआ. वहीं दूसरी ओर स्मॉल कैप 179 अंकों की तेजी में रहा, जिसमें शामिल Yatra Share (20%), TGVSL Share (15.50%), Dee Dev Share (13.97%) और Doms Share (9.65%) की बढ़त में रहा.