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भाजपा का मास्टरस्ट्रोक: विरोध थामने के लिए भाजपा का कदम, जनता को मनाने के लिए मुफ्त में मिलेंगे हजारों हेलमेट

इंदौर  हेलमेट की अनिवार्यता से उपजे जनाक्रोश को शांत करने के लिए भाजपा ने ठोस योजना तैयार कर ली है। जल्द ही जिला प्रशासन उद्योगपतियों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के प्रमुखों की बैठक बुलाएगा। इस बैठक में जनता को हेलमेट लगाने के लिए अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों और सामाजिक संगठनों की ओर से निशुल्क हेलमेट वितरण अभियान भी शुरू किया जाएगा। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि हेलमेट अनिवार्य करने का निर्णय सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन ऐसे निर्णय लागू करने से पहले पर्याप्त तैयारी भी होनी चाहिए। हाल ही में भाजपा कार्यालय में सभी विधायकों के साथ इस विषय पर चर्चा हुई, जिसमें कई विधायकों ने अचानक इस नियम के लागू होने पर नाराजगी जताई। बैठक में तय होगी नई तिथि सुमित मिश्रा ने बताया कि कलेक्टर आशीष सिंह से इस विषय पर बातचीत हो चुकी है। इसके बाद इंदौर के उद्योगपतियों, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सभी की राय लेकर हेलमेट लागू करने की नई तिथि तय की जाएगी। तय तिथि तक नागरिकों को हेलमेट खरीदने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे नियम लागू होते ही सभी के पास हेलमेट उपलब्ध हो सके। निशुल्क हेलमेट वितरण की योजना भाजपा अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति हेलमेट खरीदने की अनुमति नहीं देती। इसे देखते हुए जिला प्रशासन, नगर निगम और इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा अलग-अलग स्थानों पर 500-500 हेलमेट मुफ्त वितरित किए जाएंगे। इसी तरह भाजपा और अन्य सामाजिक संगठन भी हेलमेट वितरण में शामिल होंगे। उद्देश्य यह रहेगा कि नियम लागू होने से पहले हर जिम्मेदार नागरिक के पास हेलमेट पहुंच जाए। शुरू होगा विशेष अभियान मिश्रा ने कहा कि हेलमेट को लेकर विशेष मूवमेंट शुरू किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित तिथि तक सभी तैयारियां पूरी हो जाएं। इसके बाद इंदौर की सड़कों पर दोपहिया वाहन चलाने वाला हर व्यक्ति हेलमेट पहने नजर आए। प्रशासन और भाजपा का लक्ष्य है कि इस अभियान के जरिए सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जाए और दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की हानि को कम किया जा सके। 

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, शिक्षा और स्वास्थ्य आम आदमी की पहुंच से दूर

इंदौर  स्वास्थ्य और शिक्षा समाज की आवश्यकता है। ज्ञान के लिए शिक्षा और ज्ञान पाने के लिए स्वस्थ शरीर जरूरी है। दुर्भाग्य है कि अच्छा स्वास्थ्य और शिक्षा सामान्य आदमी की पहुंच से बाहर हैं। यह काम पहले सेवा के नाते किए जाते थे, लेकिन अब स्वास्थ्य और शिक्षा भी व्यावसायिक हो गई है। पहले शिक्षा देना कर्तव्य माना जाता था। अभी भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अच्छी चिकित्सा के लिए शहरों की ओर जाना पड़ता है। कैंसर के उपचार के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है। वर्तमान में समाज को सहज, सुलभ और कम खर्च वाली चिकित्सा की जरूरत है। ये बातें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने इंदौर में गुरुजी सेवा न्यास के तहत माधव सृष्टि आरोग्य केंद्र के द्वितीय चरण में तैयार हुए कैंसर केयर व रिसर्च सेंटर के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि इंदौर में कम दाम में गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने का यह प्रयास प्रशंसनीय कार्य है। कार्यक्रम के दौरान प्रांत संघचालक प्रकाश दीक्षित और सिंबायोटिक कंपनी के डायरेक्टर अनिल सतवानी भी उपस्थित थे। हमारी संस्कृति कहती है सशक्त लोग सभी को जीवन देंगे डॉ. भागवत ने कहा कि पश्चिमी देशों के लोग कहते हैं कि सशक्त लोग ही जीएंगे। हमारी संस्कृति कहती है कि सशक्त लोग सभी को जीवन दिलवाएंगे। समाज सुखी होगा तो व्यक्ति सुखी होगा। उन्होंने कहा कि बचपन में मलेरिया होने पर मैं तीन दिन स्कूल नहीं गया। उस समय मेरे स्कूल शिक्षक घर आए। वे मेरे लिए जंगल में जाकर जड़ी-बूटी ले आए। उन्हें चिंता थी कि जो छात्र मेरे पास आया है, वो स्वस्थ भी रहना चाहिए। समाज को सहज सुलभ चिकित्सा चाहिए। कार्पोरेट युग में अब शिक्षा हब बन चुके हैं। संवेदना, सहवेदना से ही मिलता है समाधान भागवत बोले कि संवाद से मनुष्य को अपनी वेदना में सहयोग मिलता है। कैंसर मरीजों से यदि संवाद किया जाए तो उसे हिम्मत मिलती है। एक किस्सा सुनाते हुए वे बोले कि एक सज्जन से बीमार व्यक्ति से मिला। उन्होंने उसे सिर्फ यह हिम्मत दी कि तुम्हारे उपचार के लिए 10 लाख मैं दे दूंगा। इतनी राशि उनके पास नहीं थी, लेकिन उनकी दी गई हिम्मत से ही युवक स्वस्थ हुआ और परेशानियों को दूर कर सका। मरीज की जरूरत के अनुसार संबंधित पैथी से हो उपचार डॉ. भागवत ने कहा कि पश्चिम का दृष्टिकोण यह है कि एक ही बात दुनिया पर लागू करना। विदेश में चिकित्सा पर हुई रिसर्च सब जगह लागू नहीं हो सकती, क्योंकि विश्व में विविधता है। किसी को नैचुरोपैथी से फायदा होता है तो किसी को होम्योपैथी से। कोई एक पैथी सर्वश्रेष्ठ नहीं हो सकती। भारतीय चिकित्सा पद्धति मरीजों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार इलाज करती है। कुछ बीमारियों में होम्योपैथी, आयुर्वेद और नैचुरोपैथी से भी इलाज संभव है। मनुष्य की विविधता का ध्यान रख उनके इलाज अनुरूप पैथी में होना चाहिए। भागवत की पाठशाला के मंत्र     ‘विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रतां | पात्रत्वाद्धनमाप्नोति, धनाद्धर्मं ततः।’ विद्या के साथ स्वास्थ्य लाभ लेने में भी विनय होना चाहिए।     इंदौर में लोगों को बेहतर उपचार के लिए प्रकल्प बेहतर काम कर रहा है। कभी यह मन में न आए कि हम तीस मार खां हैं। नेकी करो, कुएं में डालो। गर्व का भाव रहे, लेकिन अहंकार नहीं आए।     मराठी में कहावत है कि देने वाला देता जाए, लेने वाला लेता जाए, लेने वाला भी आगे जाकर देने वाला भी बन जाए।  

स्कूली बच्चों ने दिया हर घर तिरंगा का संदेश, साइकिल रैली का भव्य आयोजन

बिलासपुर आजादी के 79 वें वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य  से भव्य तिरंगा साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रिवर व्यू से शुरू हुई रैली का शुभारंभ बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक ने हरी झंडी दिखा कर किया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल,पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह और  अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने रैली की अगुआई की। रैली में स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी करते हुए हर घर तिरंगा का संदेश दिया।      तिरंगा सायकिल रैली लाला बहादुर शास्त्री स्कूल मार्ग, सिटी कोतवाली चौक, गोल बाजार मार्ग, देवकीनंदन चौक और नेहरू चौक से होते हुए न्यू सर्किट हाउस तक पहुंची, स्कूली छात्रों ने तिरंगा लहराकर जोश और उत्साह से देशभक्ति के गीत गाए और "वंदे मातरम्", "भारत माता की जय" के नारे लगाए। छात्रों ने सभी नागरिकों से हर घर तिरंगा अभियान में भागीदारी की अपील की। बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह,जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने रैली की अगुआई की।      बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक  ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है और  ऐसी रैलियां राष्ट्रीय भावना को सशक्त करती हैं और लोगों को जागरूक करती है। उन्होंने बच्चों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को देशभक्ति और संविधान के प्रति सम्मान की भावना जगाना हम सब का दायित्व है। रैली में शामिल स्कूली छात्रों ने हर घर तिरंगा अभियान में भागीदारी करने पर खुशीजताई। सायकल रैली का समापन न्यू सर्किट हाउस में हुआ। इस अवसर पर स्कूली बच्चों, युवा, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनो के पअधिकारी,कर्मचारियों  व आम नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। रेहाना/

डीह बाबा में 18.81 लाख से निर्मित यात्री प्रतीक्षालय का विधायक एवं महापौर ने किया लोकापर्ण

 सिंगरौली  सिंगरौली विधानसभा के विधायक श्री राम निवास शाह एवं नगर पलिक निगम सिंगरौली की महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल के मुख्य अतिथि एवं नगर पालिक निगम सिंगरौली के अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के विशिष्ट अतिथि में वार्ड क्रमांक 42 डीह बाबा के पास 18.81 लाख की लागत से नव निर्मित यात्री प्रतीक्षालय का विधिवत पूजा अर्चना कर लोकापर्ण किया गया। लोकापर्ण समारोह की अध्यक्षता वार्ड पार्षद श्री संतोष शाह ने की।  इस अवसर पर उपस्थित वार्ड के नागरिको को संबोधित करते हुयें विधायक श्री शाह ने कहा कि डीह बाबा में यात्री प्रतीक्षलय का निर्माण होने से यहा आने वाले लोग गर्मी एवं बारिस में अपना बचाव कर सकेगे। साथ ही यहा होने वाले धार्मिक अनुष्ठानो में भी यह यात्री प्रतीक्षलय सहायक होगा। अब गर्मी बारिस के दिनो में बिना किसी व्यवधान के सभी कार्य सम्पन्न होगे। साथ ही विधायक ने कहा कि नगर निगम विकास हम सब एक होकर कार्य कर रहे अब वह दिन दूर नही जब सिंगरौली प्रदेश के एवं देश के पटल अपनी अलग छाप छोड़ेगा।  समारोह में उपस्थित वार्ड वासियो को संबोधित करते हुयें महापौर श्रीमती अग्रवाल ने कहा कि निगम के सभी वार्डो के समुचित विकास कार्य कराये जा रहो आज आप लोगो को यात्री प्रतीक्षलय की सौगात मिली है मै इसके लिए सभी को बधाई देती हू। महापौर ने कहा कि हर एक वार्ड में वहा की जरूरतो को दृष्टिगत रखते हुयें कार्य कराये जा रहे वार्ड क्रमांक 42 में भी मूलभूत सुविधाओ को बढ़ाने के लिए आगे भी आवश्यकता अनुसार विकास कार्य कराये जायेगे। इस अवसर बड़ी सख्या में वार्डवासियो सहित निगम संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

खंडवा में शाजिया की मयूर संग शादी, सात फेरे लेकर बनी शारदा

 खंडवा  महादेवगढ़ मंदिर में मंत्रोच्चार की गूंज के बीच फिर एक मुस्लिम युवती ने घर वापसी करते हुए सनातन पद्धति से विवाह रचाया। शाजिया से शारदा बनी युवती ने हिंदू युवक मयूर के साथ सात फेरे लिए। दोंदवाड़ा निवासी शाजिया ने जब मयूर के गले में वरमाला पहनाई तो हर-हर महादेव के जयकारे लगे। नवविवाहित जोड़े ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक भी किया। इसके बाद भारत माता की आरती की गई। बचपन से ही सनातन संस्कृति पसंद थी शाजिया से शारदा बनी युवती ने कहा कि मुझे बचपन से ही सनातन संस्कृति पसंद थी। मैंने किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपने मन से यहां आकर मयूर से विवाह किया। वहीं, मयूर ने कहा कि हम दोनों ने साथ जीने का फैसला किया है। दोनों की रजामंदी के साथ यह विवाह किया। शादी के बाद मंदिर में मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। शारदा और मयूर की यह शादी चर्चा का विषय रही। मंदिर में उनके साथ कुछ मित्र थे, जिन्होंने शादी के लिए उनकी मदद की। शादी के बाद दोनों बहुत खुश नजर आए। मयूर और शारदा ने मिलकर एक नए जीवन की शुरुआत की है।

घरवालों का गुस्सा फूटा: आधी रात BJP नेता और प्रेमिका की पिटाई से मचा हड़कंप

अंबेडकरनगर यूपी के अंबेडकरनगर में रविवार की देर रात प्रेमिका से मिलने पहुंचे भाजपा नेता आनंद कन्नौजिया (24) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। प्रेमिका के परिजनों पर हत्या का आरोप है। बताया गया कि छह साल से दोनों का प्रेम-प्रसंग चल रहा था। यह बात प्रेमिका के घरवालों को गंवारा न थी। आनंद, शाहपुर चहोड़ा गांव का रहने वाला था। घटना आलापुर के मगनपुर महिमापुर गांव की है। बताया गया कि रात को प्रेमिका के घरवालों ने आनंद को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद लाठी-डंडे बरसाने शुरू कर दिए। इतना पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रात भर लाश घर के अंदर ही पड़ी रही। सुबह ग्रामीणों ने घर के अंदर लहूलुहान शव देखा तो चर्चा फैल गई। हिरासत में लेकर पुलिस कर रही पूछताछ देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सूचना पर सीओ प्रदीप सिंह चंदेल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ली। थानाध्यक्ष अजय यादव ने बताया कि मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं। इससे यह साफ है कि बेरहमी से पिटाई की गई है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।  

विधानसभा-लोकसभा चुनाव से पहले MP में कांग्रेस जांचेगी वोटर लिस्ट

भोपाल  बिहार विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के शुद्धिकरण में कई लाख नाम काटे जाने पर आपत्ति के बीच कांग्रेस को मध्य प्रदेश की मतदाता सूचियों में भी खामियों की आशंका है। इसको तलाशने के लिए पार्टी प्रदेश के हर बूथ स्तर पर सत्यापन कराएगी। इसमें 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव के समय जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए, जोड़े या संशोधित किए गए, उनकी पहचान करके रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह काम जनवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 65 हजार कार्यकर्ताओं को बूथों पर भेजकर मतदाताओं का सत्यापन कराने की रणनीति बना ली गई है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राहुल गांधी के निर्देश पर पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश इकाई से मतदाता सूची का सत्यापन कराने को कहा है। प्रदेश के पदाधिकारियों के अनुसार, 65 हजार कार्यकर्ताओं को लगाकर सभी बूथों पर सत्यापन कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी। खामियां मिलने पर मुद्दे को उठाते हुए चुनाव आयोग में आपत्ति दर्ज कराई जाएगी। 24 नाम शिकायत के बाद हटाए गए थे बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय सिंह और कांग्रेस के अन्य नेता यह दावा कर चुके हैं कि 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी थी। लगभग 24 नाम पार्टी की शिकायत के बाद हटाए गए थे। 2023 के चुनाव में भी प्रमाण सहित शिकायतें की गई थीं, जिनमें से कुछ पर कार्रवाई भी हुई। पार्टी ने तय किया है कि बूथ लेवल एजेंटों के माध्यम से सूची का पड़ताल कराई जाएगी। 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद जो परिवर्तन हुआ था, उसकी जांच होगी। दोनों चुनाव के समय की मतदाता सूची लेकर बूथ लेवल एजेंट मतदान केंद्रों पर जाएंगे। यहां चिन्हित मतदाताओं के घर जाएंगे और यह पता करेंगे कि जो परिवर्तन हुए थे, वे सही थे या नहीं। बूथवार जांच कराएंगे, सतर्क भी रहेंगे कांग्रेस के प्रदेश संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि मध्य प्रदेश में मतदाता सूची की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसी माह 230 विधानसभा के प्रभारी नियुक्त कर दिए जाएंगे। पार्टी के 65 हजार बूथ लेवल एजेंट स्थिति देखेंगे। सूची से जिनके नाम हटाए, जोड़े या संशोधित किए गए, सबको देखा जाएगा। रिपोर्ट बनाकर पार्टी मुख्यालय भेजेंगे और चुनाव आयोग में भी जाएंगे। जांच कराएं, कोई बुराई नहीं पर एक वर्ग विशेष पर फोकस न करें भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल का कहना है कि मतदाता सूची पारदर्शी और प्रमाणिक रहे, पार्टी हमेशा इसकी पक्षधर रही है। इसको लेकर पार्टी काम भी करती है। कांग्रेस एक मजहब को लेकर चुनाव आयोग के नियमों को दरकिनार करने की बात कर रही है। कांग्रेस मतदाता सूची का सत्यापन कराए, इसमें कोई बुराई नहीं। हम तो हमेशा कहते हैं कि सूची शुद्ध होनी चाहिए पर कांग्रेस का ध्येय मतदाता सूची का शुद्धीकरण नहीं तुष्टिकरण की राजनीति है। उसका संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा ही नहीं है। एक मजहब विशेष को लेकर बात करना कहां से उचित है। चुनाव चोरी पर रिपोर्ट जारी करेगी कांग्रेस कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि लोकतंत्र और संविधान को खत्म करने की खुली दुर्भावना रखने वालों की साजिशों को बेनकाब करना अब जरूरी हो गया है। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में क्या हुआ था, इसे सबके सामने लाया जाएगा। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव-2023 को लेकर चुनाव-चोरी पर रिपोर्ट जारी की जाएगी।

फतेहपुर में मकबरे पर मंदिर विवाद, माहौल गरमाया, हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन; मजारों में तोड़फोड़

फतेहपुर   मकबरा मंदिर विवाद सोमवार को गहरा गया है। मठ मंदिर संघर्ष समिति के बैनर तले भाजपा जिला अध्यक्ष मुखलाल पाल और पूर्व विधायक विक्रम सिंह की अगुआई में भाजपाइयों ने डाक बंगले से मकबरा स्थल तक जुलूस निकाला। हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं हिंदू महासभा के प्रांत उपाध्यक्ष मनोज त्रिवेदी ने 300 भक्तों की टुकड़ी लेकर मकबरा के अंदर प्रवेश कर आरती पूजन किया। इस दौरान हिंदू पक्ष के लोगों ने मकबरा के अंदर बनी दो मजारों को डंडा मार कर तोड़ दिया है। वर्तमान में डीएम−एसपी मौके पर हैं। एक तरफ से 2000 की संख्या में हिंदू पक्ष व दूसरी तरफ से लगभग डेढ़ हजार की संख्या में मुस्लिम पक्ष मकबरा के दाहिने और बाएं और जुटे हुए हैं। मुस्लिम पक्ष की ओर से पथराव भी किया गया है हालांकि इस पथराव में कोई हताहत नहीं हुआ है। प्रशासन ने यहां पर सुरक्षा के इंतजाम और बढ़ा दिए हैं। भाजपाइयों का तर्क है, कि वह मकबरे के अंदर पूजा−अर्चना करेंगे तभी वापस जाएंगे।  मकबरे की जगह था शिव मंदिर? यह पूरा विवाद शिव मंदिर और मकबरे को लेकर है. हिंदू संगठनों ने मकबरे के शिव और श्रीकृष्ण मंदिर होने का दावा किया है. मौके पर फिलहाल हिंदू संगठन के लोगों की भारी भीड़ जमा हो चुकी है. हिंदू संगठन के लोग मकबरे में पूजा-पाठ करने के लिए यहां जुटे हैं. प्रशासन इन लोगों को रोकने की कोशिश में लगा हुआ है, लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से सफलता नहीं मिली है.  मकबरे में बनी मजार पर तोड़फोड़ सदर तहसील क्षेत्र स्थित नवाब अब्दुल समद मकबरे को बीजेपी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने मंदिर बताया था और इसी दावे के बाद से विवाद की शुरुआत हो गई. उन्होंने इस मकबरे को एक हज़ार साल पुराना ठाकुर जी और शिवजी का मंदिर बताया था. मंदिर के स्वरूप को बदलकर मकबरा बनाने का आरोप लगाया गया है.  हिंदू संगठनों ने मकबरे में कमल का फूल और त्रिशूल के निशान को मंदिर होने का सबूत बताया है. उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मंदिर में पूजा करने दें क्योंकि यह  हिंदुओं की आस्था का केंद्र है. उसे मकबरे में बदलकर आस्था को ठेस पहुंचाई गई है. जिलाध्यक्ष ने कहा कि सनातन हिंदू ऐसा बर्दाश्त नहीं करेंगे और वहां कुछ भी होता है तो प्रशासन की जिम्मेदारी होगी. जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लिया है और फिलहाल मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद है. मकबरा परिसर में हिंदू संगठन के लोग घुस चुके हैं और वहां बनी मजार पर तोड़फोड़ की गई है. इस दौरान पुलिस से उनकी झड़प भी हुई है. मुस्लिम पक्ष की तरफ से पथराव मकबरा परिसर में बनी मजार को हिंदू संगठनों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिसके बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है. मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौके पर जमा हो चुके हैं और दूसरी तरफ से पथराव भी हुआ है. इसके बाद डीएम और पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और कानून व्यवस्था बनाने की कोशिश में जुटे हैं. दूसरी तरफ राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के सचिव मोहम्मद नसीम ने कहा कि यह घटना बहुत निंदनीय है. उन्होंने कहा कि अब्दुल समद मकबरा सदियों पुराना है, जो सरकारी दस्तावेज में भी 753 नंबर खतौनी में दर्ज है. नसीम ने कहा कि फतेहपुर का माहौल खराब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि क्या अब हर मस्जिद और मकबरे के नीचे मंदिर ढूंढा जाएगा, यह लोकतंत्र नहीं है राजतंत्र है. फतेहपुर के आबूनगर रेड़इया मोहल्ले में अतिप्राचीन इमारत में मंदिर-मकबरा को लेकर मंदिर-मठ कमेटी जहां सोमवार को यहां पूजा-अर्चना और साफ-सफाई के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर अडिग थी तो वहीं दूसरे पक्ष से भी इंटरनेट मीडिया में इसे मकबरा बताया जा रहा है। तनातनी के इस माहौल में प्रशासन ने रविवार को विवादित स्थल पर बैरिकेड्स लगवा दी है और पुलिस का सख्त पहरा लगा दिया है, ताकि किसी भी तरह से माहौल खराब न हो। ‘विवादित स्थल के लिए जब तक कोई कोर्ट आर्डर या फिर पुरातत्व विभाग का पत्र नहीं आ जाता है तब तक उसे जिस स्थिति में उसी स्थिति में रखा जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से सारे बंदोबस्त किए गए हैं, ड्रोन कैमरे से हर गतिविधि पर नजर भी रखी जाएगी।’–तारकेश्वर राय, शहर कोतवाल दरअसल, फतेहपुर के सदर तहसील क्षेत्र स्थित नवाब अब्दुल समद मकबरे को बीजेपी जिलाध्यक्ष ने मंदिर होने का किया दावा किया है. उन्होंने इसे लगभग एक हजार वर्ष पुराना बताया है. इस मकबरे में ठाकुर जी/शिव मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति और बीजेपी समेत कई हिंदू संगठनों ने 11 अगस्त को पूजा-पाठ करने का किया ऐलान किया था. उन्होंने मंदिर के स्वरूप को बदलकर इसे मकबरा बनाने का आरोप लगाया है. हिंदू संगठनों का कहना है कि मकबरे में कमल के फूल व त्रिशूल बने हैं, इससे पुष्टि होती है ये एक प्राचीन मंदिर था, जिसे बाद में मकबरे में बदल दिया गया.  बीजेपी जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने कहा कि प्रशासन को मामले की पूरी जानकारी है. दूसरे समुदाय ने मंदिर को मस्जिद के स्वरूप में करने का काम किया है. ये हमारी आस्था का केंद्र है, इसलिए हम लोग हर कीमत में मंदिर में पूजा-पाठ करेंगे. अवैध कब्जा सनातनी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. कुछ भी होगा वो प्रशासन की जिम्मेदारी होगी.  उलेमा काउंसिल ने कही ये बात  वहीं, राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के मोहम्मद नसीम ने कहा कि फतेहपुर की घटना बहुत निंदनीय है. सैकड़ों साल पुराना हमारा मकबरा है. सरकारी दस्तावेज में 753 नंबर खतौनी में ये जमीन दर्ज है. लेकिन मठ संघर्ष समिति और कुछ संगठनों ने अब उसकी भी खुदाई का ऐलान कर दिया है. उसे ठाकुर जी का मंदिर कहकर तमाशा किया जा रहा है. जिले का माहौल खराब किया जा रहा है. मेरी प्रशासन और सरकार से अपील है कि क्या हर मस्जिद और मकबरे के नीचे मंदिर ढूंढा जाएगा. ये लोकतंत्र नहीं, राजतंत्र है. हम लोग इसको लेकर आंदोलन करेंगे.  उधर, नगर पालिका परिषद के जेई अविनाश पांडेय ने बीते दिन कहा था कि जिला अधिकारी के आदेश पर हम लोग यहां पर बैरिकेडिंग कर रहे हैं, ताकि कोई भी भीड़ या कोई भी आदमी इसको क्रॉस ना कर सके. बाकी प्रशासन को भी … Read more

जिला कोर्ट के स्टेनो की करतूत: CCTV में कैद मिर्च पाउडर हमला और लूट का प्रयास

 बेमेतरा शहर के मध्य स्थित रतन टॉकीज के पास लीना स्टूडियो सीएससी लोक सेवा केंद्र में एक नाबालिग युवक पर लूट का प्रयास हुआ। बदमाश ने युवक की आंखों में मिर्ची पाउडर डाला, लेकिन लूट सफल नहीं हो पाई। गुस्साए आरोपी ने लोहे की भारी हथौड़ी से युवक के सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरा मामला सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी बेमेतरा जिला न्यायालय में स्टेनो के पद पर कार्यरत है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर एक न्यायालय में काम करने वाला कर्मचारी इस तरह का अपराध क्यों अंजाम दे रहा है और उसका मकसद क्या था। न्यायालय में कार्यरत किसी कर्मचारी द्वारा इस प्रकार की हरकत करना न केवल हैरानी की बात है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था की छवि के लिए भी चिंता का विषय है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई करेगी।

दिग्विजय सिंह ने कहा, कांग्रेस छोड़ने के बावजूद ज्योतिरादित्य मेरे पुत्र जैसे

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच हुई मुलाकात के बाद सियासत में कई तरह की अटकलें लग रही हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा दिग्विजय सिंह को मंच पर बैठने का वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है। अब इस मामले में दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया जी मेरे बेटे की तरह हैं। क्या कहा दिग्विजय सिंह ने रविवार को मीडिया से चर्चा करते हुए दिग्विजय सिंह ने सिंधिया परिवार को लेकर बात की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया मेरे पुत्र के जैसे हैं। सिंधिया परिवार से हमारा पुराना संबंध हैं। माधवराव सिंधिया जी हमारी पार्टी के सीनियर नेता थे। उन्होंने गांधी परिवार को बहुत आदर और सम्मान दिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया जी भी कांग्रेस में थी। कांग्रेस में उन्हें आदर और प्यार मिला। केंद्रीय कैबिनेट में जगह दी गई लेकिन पता नहीं वह क्यों छोड़कर चले गए। क्यों लेकर गए मंच पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि हम लोग एक कार्यक्रम में मौजूद थे। मैं मंच के नीचे बैठा था और ज्योतिरादित्य सिंधिया जी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इस दौरान जब उनकी नजर पड़ी तो वह मुझे मंच पर ले गए। अपनी कसम के बारे में बताया दिग्विजय सिंह ने कहा कि अब कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह ने मंच पर नहीं बैठने की कसम तोड़ दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मंच पर इसलिए नहीं बैठता कि कई बार वहां मंच पर बैठने को लेकर विवाद की स्थिति हो जाती है कि मंच पर कौन-कौन बैठेगा। इसलिए मैं कार्यकर्ताओं के साथ बैठना पसंद करता हूं। उन्होंने कहा कि यह अभी से नहीं है यह कांग्रेस की बहुत पुरानी परंपरा है। मैंने कोई नई परंपरा शुरू नहीं की है। राहुल गांधी जब कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे तब वह भी मंच पर नहीं बैठे थे। आम कार्यकर्ताओं के साथ मंच के नीते बैठे थे। जब भाषण देने के लिए बुलाया जाता था तब लोग मंच पर भाषण देते थे। मंच पर केवल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बैठते थे। मंत्री, विधायक और सांसद नीचे ही बैठते थे। क्या हुआ था कार्यक्रम में दरअसल, शुक्रवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह राजधानी भोपाल में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। दिग्विजय सिंह मंच के नीचे बैठे थे जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए मंच पर कुर्सी लगाई गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जब देखा की दिग्विजय सिंह नीचे बैठे हैं तो वह उठकर दिग्विजय सिंह के पास आए और हालचाल पूछा इसके बाद उनका हाथ पकड़कर उन्हें मंच पर लेकर गए।