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एशिया कप: टीम इंडिया के ओपनिंग बल्लेबाज की दौड़ में ये 5 खिलाड़ी शामिल

दुबई  एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट 9  से 28 सितंबर तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों अबूधाबी और दुबई में खेला जाएगा. चूंकि एशिया कप 2025 टी20 फॉर्मेट में होगा, ऐसे में रोहित शर्मा और विराट कोहली इस टूर्नामेंट का पार्ट नहीं होंगे. कोहली और रोहित ने 2024 में वर्ल्ड कप जीत के बाद टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया था. एशिया कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान अब तक नहीं हुआ है. टीम की घोषणा अगस्त के तीसरे हफ्ते में हो सकती है. इस बार भारतीय चयनकर्ताओं को टीम चुनने के लिए काफी माथापच्ची करनी पड़ेगी. सेलेक्टर्स को सबसे ज्यादा मशक्कत ओपनिंग कॉम्बिनेशन को लेकर करनी होगी. ये देखना होगा कि एशिया कप में ओपनिंग स्लॉट के लिए किन-किन खिलाड़ियों के नाम फाइनल होते हैं. वैसे पांच खिलाड़ी ओपनिंग स्लॉट के लिए रेस में बताए जा रहे हैं, जिनमें से दो के नाम फाइनल हो सकते हैं. जबकि एक को रिजर्व ओपनर के तौर पर स्क्वॉड में चुना जा सकता है. अभिषेक शर्मा: इस युवा बल्लेबाज ने टी20 क्रिकेट में बहुत कम समय में अपनी छाप छोड़ी है. अभिषेक आईसीसी की टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में टॉप पर मौजूद हैं. अभिषेक अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, साथ ही वो गेंद से भी उपयोगी साबित हो सकते हैं. अभिषेक का सेलेक्शन पक्का दिख रहा है. अभिषेक ने भारत के लिए 17 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 535 रन बनाए, जिसमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल रहे. यशस्वी जायसवाल: बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो शतक जड़े थे. साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए बेहतरीन फॉर्म में रहे थे. अभिषेक शर्मा की तरह यशस्वी भी तूफानी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं. यशस्वी ने अपना आखिरी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला जुलाई 2024 में खेला था, लेकिन इस बड़े टूर्नामेंट के लिए उनकी टीम में वापसी हो सकती है. यशस्वी ने भारत के लिए 23 टी20 मैचों में 723 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे. संजू सैमसन: टी20 इंटरनेशनल में बतौर ओपनर संजू सैमसन तीन शतक जड़ चुके हैं. आक्रामक बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों में वो भारत के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं.  हालांकि संजू के फॉर्म में उतनी निरंतरता देखने को नहीं मिली है, जो उनके खिलाफ जाती है. वैसे अच्छी बात ये है कि संजू सैमसन एक विकेटकीपर हैं, जिससे उनका सेलेक्शन का दावा मजबूत होता है. संजू ने अब तक भारत के लिए 42 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 861 रन बनाए हैं. शुभमन गिल: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शुभन गिल ने जैसा प्रदर्शन किया था, ऐसे में उन्हें एशिया कप के लिए इग्नोर करना मुश्किल होगा. शुभमन आखिरी बार भारत के लिए जुलाई 2024 में टी20 क्रिकेट खेलते नजर आए थे. अब उनकी वापसी हो जाए तो किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए. शुभमन व्हाइट बॉल क्रिकेट में ओपनिंग करते आए हैं, ऐसे में उन्हें बतौर ओपनर एशिया कप के लिए टीम में जगह मिल सकती है. शुभमन ने 21 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 578 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल रहे. साई सुदर्शन: बाएं हाथ के बल्लेबाज साई सुदर्शन भी एक तगड़े दावेदार हैं. सुदर्शन ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में सबसे ज्यादा 759 रन बनाए थे, जो क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में उनकी निरंतरता को बयां करता है. हालांकि सुदर्शन को भारत के लिए अब तक सिर्फ एक टी20 मुकाबले में भाग लेने का मौका मिला है, जो पिछले साल जुलाई में जिम्बाब्वे के विरुद्ध था. उस मुकाबले में हालांकि सुदर्शन की बैटिंग नहीं आई थी. बता दें कि एशिया कप 2025 में कुल 8 टीमें भाग लेने वाली हैं, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है. ग्रुप-ए में भारत को पाकिस्तान, यूएई और ओमान के साथ रख गया है. जबकि ग्रुप बी में श्रीलंका, हॉन्ग कॉन्ग, बांग्लादेश और अफगानिस्तान हैं. दोनों ग्रुप से शीर्ष दो-दो टीमें सुपर 4 चरण में पहुंचेंगी. फिर सुपर 4 स्टेज में टॉप पर रहने वाली दो टीमों के बीच 28 सितंबर को खिताबी मुकाबला होगा.

पाकिस्तान कबाड़ से भरा डंपिंग ट्रक… नफरत के बीच सच बयां करते पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर के तीखे शब्द

नई दिल्ली पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भारत को धमकी देते देते कई कड़वी सच्चाइयां भी स्वीकार की है. आसिम मुनीर ने भारत की तुलना चमचमाती मर्सडीज कार से की है जो हाईवे पर फर्राटा भर रही है, जबिक मुनीर ने पाकिस्तान को कबाड़ ढोने वाली ट्रक कहा है. उन्होंने भारत को धमकी देते हुए कहा है कि सोचिए अगर इन दोनों गाड़ियों की टक्कर हो जाए तो नुकसान किसका होगा?  मुनीर ने ये बयान अमेरिका में दिया है. आसिम मुनीर ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की हुई पिटाई के बाद जमकर अपनी भड़ास निकाली. पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने बचकानी धमकी देते हुए कहा कि अगर भारत की वजह से पाकिस्तान के अस्तित्व पर संकट आता है तो पाकिस्तान आधी दुनिया को अपने साथ ले डूबेगा. आसिम मुनीर का ये बयान किसी तीसरे देश से भारत के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा दी गई पहली धमकी है.  आसिम मुनीर अमेरिका के टैम्पा में एक ब्लैक टाई डिनर पार्टी में शामिल हो रहे था. इस पार्टी को पाकिस्तानी बिजनेसमैन अदनान असद ने आयोजित किया था. अदनान असद टैम्पा में पाकिस्तान के मानद काउंसल हैं.  10 मिसाइल से फारिग कर देंगे.. इस साल मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद आसिम मुनीर का ये दूसरा पाकिस्तान दौरा है. पाकिस्तान में मुल्ला जनरल का टाइटल पाने वाला आसिम मुनीर ने सिंधु जल समझौते को सस्पेंड करने पर भारत को धमकी दी. अंग्रेजी वेबसाइट द प्रिंट ने वहां मौजूद सूत्रों के आधार पर लिखा है, ''आसिम मुनीर ने कहा- हम भारत द्वारा डैम बनाए जाने का इंतजार करेंगे, और भारत जब ऐसा कर लेगा तो फिर 10 मिसाइल से फारिग कर देंगे, सिंधु नदी भारत की फैमिली प्रोपर्टी नहीं है, हमें मिसाइलों की कमी नहीं है.'' बता दें कि ब्लैक टाई डिनर एक औपचारिक सोशल पार्टी होती है. इसमें मेजबान मेहमानों से अपेक्षा करता है कि  ब्लैक टाई ड्रेस कोड का पालन करेंगे. यह ड्रेस कोड उच्च स्तर की औपचारिकता को दर्शाता है और आमतौर पर रात के समय आयोजित होने वाले विशेष अवसरों, जैसे गाला, पुरस्कार समारोह, शादी, या उच्च-स्तरीय डिनर पार्टियों में देखा जाता है. इस पार्टी में पुरुषों को काला टक्सीडो, सफेद शर्ट, काला बो टाई, काला वेस्ट या कमरबैंड और पॉलिश किए हुए औपचारिक जूते पहनने की अपेक्षा की जाती है. इस पार्टी में जिन मेहमानों को बुलाया गया था तो उन्हें मोबाइल फोन या फिर दूसरे डिजिटल डिवाइस लाने की अनुमति नहीं थी.  फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित इस डिनर के हर निवाले में भारत के प्रति नफरत, मजहबी कट्टरवाद भरा हुआ था.  फील्ड मार्शल मुनीर ने कहा, "हम भारत के पूर्व से शुरुआत करेंगे जहां उन्होंने अपने सबसे मूल्यवान संसाधन स्थापित किए हैं और फिर पश्चिम की ओर बढ़ेंगे." बता दें कि फील्ड मार्शल मुनीर की छवि धार्मिक रूप से कट्टर जनरल की है. मुनीर पाकिस्तान का पहला आर्मी चीफ है जिसने अपनी पढ़ाई मदरसे से की है. आसिम मुनीर अक्सर अपने तर्कों के समर्थन में मजहबी उदाहरणों का इस्तेमाल करते हैं.  भारत मर्सडीज की तरह चमचमाती कार, पाकिस्तान डंप ट्रक पाकिस्तान भारत को कैसे नुकसान कर पहुंचा सकता है ये बताने के लिए मुनीर ने एक उदाहरण दिया. जहां उसने भारत को एक चमचमाती मर्सिडीज बताया और पाकिस्तान को बजरी से भरा एक डंप ट्रक कहा.  फील्ड मार्शल मुनीर ने कहा, "मैं स्थिति को समझाने के लिए एक साधारण सा उदाहरण इस्तेमाल करूंगा. भारत फेरारी की तरह हाईवे पर आती हुई एक चमचमाती मर्सिडीज है, लेकिन हम कबाड़, ईंट-पत्थर से भरा एक डंप ट्रक हैं. अगर ये ट्रक उस कार से टकराता है, तो नुकसान किसका होगा?" फील्ड मार्शल मुनीर ने इस अवसर का उपयोग पाकिस्तानी राजनीति और रणनीतिक निर्णय लेने में सेना की भागीदारी का पक्ष रखने के लिए भी किया.  मुनीर ने पाकिस्तान के मंत्री बाबर खान गौरी के बयान की चर्चा करते हुए कहा कि वे कहते हैं कि युद्ध इतना गंभीर है कि उसे जनरलों पर नहीं छोड़ा जा सकता, लेकिन राजनीति भी इतनी गंभीर है कि उसे राजनेताओं पर नहीं छोड़ा जा सकता." ट्रंप की तारीफ में मस्का लगाया फील्ड मार्शल मुनीर ने भारत और अमेरिका के बीच हालिया कूटनीतिक तनाव का भी ज़िक्र किया. मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान को प्रतिद्वंद्वी शक्तियों के बीच संतुलन बनाने के लिए मास्टरक्लास देना शुरू कर देना चाहिए. मुनीर ने कहा, "हमारी सफलता का असली कारण यह है कि हम कंजूस नहीं हैं. अगर कोई अच्छा काम करता है, तो हम उसकी प्रशंसा करते हैं और उसे महत्व देते हैं. इसीलिए हमने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया है." मुनीर ने इस दौरे में  वरिष्ठ अमेरिकी राजनीतिक और सैन्य हस्तियों के साथ-साथ पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात की. टैम्पा में मुनीर ने निवर्तमान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला के सेवानिवृत्ति समारोह और एडमिरल ब्रैड कूपर, जिन्होंने CENTCOM प्रमुख का पदभार संभाला, के कमान परिवर्तन समारोह में भाग लिया. मुनीर ने कुरिल्ला के नेतृत्व और अमेरिका-पाकिस्तान सैन्य संबंधों में उनके योगदान की प्रशंसा की. साथ ही कूपर को साझा सुरक्षा मुद्दों से निपटने में सफलता की कामना की. मुनीर ने ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन से भी बातचीत की और उन्हें पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मुनीर ने इस अवसर पर कुछ देशों के डिफेंस चीफ से भी मुलाकात की.   

वित्त मंत्री आज लोकसभा में पेश करेंगी नया आयकर विधेयक, प्रमुख बदलावों पर चर्चा

नई दिल्ली इंडियन टैक्स (TAX) इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव की प्रक्रिया के तहत नए आयकर विधेयक, 2025 (New Income Tax Bill) को तमाम संशोधनों के साथ आज लोकसभा (Lok Sabha) में पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इसे पेश करेंगी. इस नए विधेयक में प्रवर समिति के सुझाए गए 285 संशोधनों को शामिल किया जाएगा. भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली प्रवर समिति ने इन संशोधनों को मंजूरी दी थी. बता दें यह नया विधेयक करीब 63 साल पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा. आइए जानते हैं उससे कैसे और कितना अलग है ये नया विधेयक…  285 सिफारिशें, 32 बड़े बदलाव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि नए आयकर विधेयक में कई परिवर्तन हैं, जिनमें तकनीकी सुधार और बेहतर क्रॉस-रेफरेंसिंग शामिल हैं. इसके मसौदे पर खर्च हुए समय और मेहनत को लेकर की जा रही आलोचना के जबाव में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि इसे लेकर पहले किया गया काम व्यर्थ नहीं जाएगा. बता दें कि इस प्रस्ताव में देरी का एक प्रमुख कारण भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय प्रवर समिति के व्यापक सुझाव थे.  केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि जब कोई संसदीय समिति कई प्रस्तावित संशोधनों के साथ एक रिपोर्ट प्रस्तुत करती है और उनमें से कई को स्वीकार कर लिया जाता है, तो मानक प्रक्रिया यह होती है कि मूल विधेयक को वापस ले लिया जाए और उसका संशोधित संस्करण पेश किया जाए. उन्होंने बताया कि प्रत्येक संशोधन के लिए तीन अलग-अलग प्रस्तावों की जरूरत होती है, जो तब अव्यावहारिक है जब 285 से ज्यादा बदलावों की सिफारिश मिले, इनमें 32 बड़े बदलाव भी शामिल हैं. उन्होंने कहा, 'विधेयक को वापस लेने और फिर से पेश करने का उद्देश्य समय की बचत, विधायी स्पष्टता और दक्षता सुनिश्चित करना है.' पहले की तुलना में सरल और कम धाराएं गौरतलब है कि आयकर विधेयक 2025 को बीते 13 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था और इसके बाद इसकी जांच के लिए भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में 31 सदस्यीय प्रवर समिति गठित की गई थी. इसने 285 सुझाव दिए थे और पिछले महीने 21 जुलाई 2025 को अपनी रिपोर्ट पेश की थी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब संशोधित New Tax Bill, 2025 पेश करने जा रही हैं, जो 1961 के आयकर विधेयक की जगह लेगा. इसमें पहले की तुलना में कम धाराएं होंगी और ये पहले से बेहद आसान भाषा में होगा.  नए विधेयक में जिन प्रावधानों को शामिल किए जाने की उम्मीद है, उनमें गुमनाम दान को सामाजिक सेवाएं देने वालेट्रस्टों को छोड़कर, केवल विशुद्ध धार्मिक ट्रस्टों तक सीमित रखना,  Taxpayers को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की डेडलाइन के बाद बिना किसी जुर्माने के टीडीएस रिफंड का दावा करने की अनुमति देना भी शामिल है.  नए टैक्स बिल में ये बड़े बदलाव अन्य बड़े बदलावों पर नजर डालें, तो New Tax Bill, अब तक लागू 1961 के आयकर अधिनियम के साइज की तुलना में आधा है. 816 की जगह अब बिल में 536 धाराएं हैं और इसे सरल भाषा में खासतौर पर मुकदमेबाजी को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है. बीते दिनों आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा जारी FAQ के मुताबिक, इस नए विधेयक में शब्दों की संख्या मौजूदा कानून के 5.12 लाख की तुलना में अब घटकर 2.6 लाख रह गई हैं. इसके अलावा धाराओं की बात करें, तो इनकी संख्या भी पहले के 819 से घटाकर 536 कर दी गई है, जबकि अध्याय भी 47 से 23 कर दिए गए हैं. एसेसमेंट ईयर नहीं, अब Tax Year नए Tax Bill-2025 में 1,200 प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण हटाए गए हैं. एक और बड़ा बदलाव ये है कि टैक्सपेयर्स के लिए ये विधेयक अब तक अपनाए जाने वाले 'एसेसमेंट ईयर' और 'प्रीवियस ईयर' की अवधारणा को एक यूनिफाइड 'कर वर्ष' (Tax Year) से बदलने का प्रस्ताव करता है. बता दें कि फिलहाल, पिछले वर्ष की इनकम पर टैक्स पेमेंट Assessment Year में किया जाता है. जैसे 2023-24 में अर्जित आय पर 2024-25 में कर लगाया जाता है. 

कानपुर ढाबे में छिपकली मिलने से मचा हड़कंप, जांच के लिए आई टीम

कानपुर  कानपुर का एक ढाबा इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के कारण सुर्खियों में है. वीडियो में दावा किया गया है कि यहां परोसी गई तंदूरी रोटी में एक छिपकली निकली. इस मामले की वैसे तो शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया और मौके पर जांच की, जहां ढेर सारी गंदगी और लापरवाही मिली. नतीजतन, ढाबे को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया. वीडियो में दिखी हैरान करने वाली तस्वीर वायरल वीडियो में दिखा कि कुछ युवक ढाबे पर बैठकर खाना खा रहे हैं. जब उनमें से एक युवक तंदूरी रोटी को तोड़ता है, तो उसमें से एक मरी हुई छिपकली दिखाई देती है. युवक यह रोटी तुरंत ढाबा मालिक को दिखाता है. वीडियो में मालिक यह कहते सुना जा सकता है, इस रोटी को बदल दो. युवक ने मौके पर उल्टी जैसा महसूस होने की बात भी कही. मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं दिलचस्प बात यह है कि वीडियो भले ही तेजी से फैल गया हो, लेकिन ढाबे पर खाना खाने पहुंचे किसी भी ग्राहक ने अभी तक पुलिस या खाद्य सुरक्षा विभाग में लिखित शिकायत नहीं दी. चौबेपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि वायरल वीडियो की जानकारी उन्हें है, लेकिन शिकायत न मिलने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि यदि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराता है, तो नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी. खाद्य विभाग ने स्वत: संज्ञान लिया सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना शिकायत के भी कार्रवाई का निर्णय लिया. कानपुर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया, भले ही शिकायत नहीं आई, लेकिन वायरल वीडियो को देखते हुए हमारी टीम ने तुरंत ढाबे का निरीक्षण किया. मौके पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी. ढाबे की हालत बेहद गंदी मिली जांच के दौरान विभाग की दो सदस्यीय टीम राजेश यादव और अजीत सिंह ने ढाबे के रसोई क्षेत्र में भारी गंदगी पाई. बर्तनों और खाना बनाने की जगह पर स्वच्छता के मानक बिल्कुल भी पूरे नहीं किए जा रहे थे. तंदूरी पनीर और अन्य सब्जियों के नमूने मौके से लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ढाबे की रसोई में गंदगी के कारण खाना बनाने की अनुमति तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है. ढाबा मालिक को निर्देश दिया गया है कि जब तक सभी स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक ढाबा बंद रहेगा. पुलिस और विभाग में समन्वय हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन विभाग और पुलिस के बीच इस मामले पर समन्वय बना हुआ है. खाद्य विभाग की ओर से भी माना गया है कि वीडियो किस तारीख का है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है. साथ ही, वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान भी नहीं हो सकी है. मालिक बोला रोटी बदल दाे  स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह ढाबा सोनू बाजपेई का है. इस घटना पर ढाबा मालिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान फिलहाल नहीं आया है. हालांकि, वीडियो में उन्होंने रोटी बदलने की बात जरूर कही थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि उस समय स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई थी. सोशल मीडिया पर मिली तीखी प्रतिक्रिया वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कई यूजर्स ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं, बल्कि शहर की खाद्य स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठाती हैं. कुछ लोगों ने विभाग की तत्परता की सराहना की, तो कुछ ने पूछा कि ऐसे ढाबों पर नियमित रूप से निगरानी क्यों नहीं होती. हो सकती है कार्रवाई  खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि रिपोर्ट में भोजन में किसी भी तरह की हानिकारक या अस्वच्छ सामग्री पाई जाती है, तो ढाबा मालिक पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.

आज से यूपी विधानसभा का मॉनसून सत्र, सदन में nonstop 24 घंटे की बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो सिर्फ 4 दिनों तक चलेगा. इस बार का सत्र बेहद खास होगा क्योंकि एक दिन लगातार 24 घंटे तक विधानसभा की कार्यवाही चलेगी. इस दौरान मंत्री अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा होगी. सत्र से पहले  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया.विधानसभा अध्यक्ष महाना ने बैठक में सभी दलों के नेताओं से सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग का अनुरोध किया.  उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली में संवाद और सकारात्मक चर्चा से ही लोकतंत्र मजबूत होता है. उन्होंने सभी नेताओं से संसदीय मर्यादा के भीतर रहकर अपने विचार रखने की अपील की. सीएम की अपील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अपनी तकनीकी नवाचारों के कारण अन्य राज्यों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है. उन्होंने कहा कि सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहली विधानसभा होगी जिसमें 'विजन डॉक्यूमेंट' पर विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सभी दलों के सुझाव शामिल होंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए एक साझा खाका होगा. विपक्ष ने दिया आश्वासन संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह पहल एक ऐतिहासिक अवसर है. अब तक सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की बात करते थे, लेकिन यह चर्चा पूरे राज्य के भविष्य को दिशा देगी. विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने राज्य के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.  कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने 'विजन डॉक्यूमेंट' पर लंबी और गंभीर चर्चा की मांग की, ताकि अधिक से अधिक सुझाव एकत्र किए जा सकें. इस सत्र में मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों का विजन डॉक्यूमेंट पेश किया जाएगा. विपक्ष स्कूलों के विलय और बिजली के निजीकरण जैसे मुद्दों पर हंगामा कर सकता है. 13 अगस्त को दोनों सदनों में विजन डॉक्युमेंट पर चर्चा होगी.

बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे 11-11 हजार पौधों का रोपण

पर्यावरण संरक्षण के लिए इंदौर काम कर सकता है तो देश के अन्य शहर क्यों नहीं : रक्षा राज्य मंत्री सेठ आने वाली पीढ़ी को एक स्वच्छ वातावरण के साथ ही बेहतर कल का उपहार दे : मंत्री विजयवर्गीय बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे 11-11 हजार पौधों का रोपण इंदौर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा आज "एक बगिया मां के नाम" अभियान अंतर्गत इंदौर में बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर बीएसएफ परिसर एवं पितृ पर्वत के पीछे गांधीनगर थाने के पास 11-11 हजार पौधों का रोपण कार्य शुभारंभ किया गया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में इंदौर का योगदान सराहनीय है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में इंदौर ने विगत वर्ष 51 लाख से अधिक पौधे लगाकर एक बड़ा लक्ष्य हासिल किया है, जो नागरिकों के सहयोग से संभव हुआ। "एक पेड़ मां के नाम" एवं एक बगिया मां के नाम अभियान से पूरे भारत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश गया है। जिस प्रकार इंदौर ने स्वच्छता में लगातार आठवीं बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है, उसी तरह हरियाली और पर्यावरण में भी इंदौर देश का अग्रणी शहर बनेगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए इंदौर ने जो काम किया है, उसका अनुसरण देश के अन्य शहर करके यह मुकाम प्राप्त कर सकते हैं।  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को इंदौर ने पूरे जोश और समर्पण से अपनाया है। पिछले वर्ष रेवती रेंज एवं अन्य स्थानों पर 51 लाख पौधों का रोपण किया गया, जिसमें पितृ पर्वत जैसे स्थान हरियाली से आच्छादित हो गए हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि अपनी मां के नाम एक पेड़ अवश्य लगाएं, उसकी देखभाल करें और आने वाली पीढ़ी के लिए हरियाली का उपहार छोड़ें। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि आज का पौधारोपण भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार है। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के बीच यह संकल्प हमें आने वाले समय में राहत देगा।   उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की संकल्पना पर आधारित इस अभियान के तहत, पिछले वर्ष गृह मंत्री अमित शाह जी की उपस्थिति में रेवती रेंज पर एक दिन में 12 लाख 41 हजार पौधों का रोपण कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था, जिसमें लगभग ढाई लाख पौधे बीएसएफ जवानों द्वारा लगाए गए। इसके अलावा बिजासन टेकरी एवं बीएसएफ परिसर में भी एक लाख से अधिक पौधारोपण किया गया। उन्होंने बताया कि बीएसएफ द्वारा लगाए गए पौधों की देखरेख हेतु उपचारित जल की पाइपलाइन और सम्पवेल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिए नगर निगम, इंदौर, बीएसएफ का आभार व्यक्त करता है। इस वर्ष भी 51 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लाखों पौधे लगाए जा चुके हैं। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।  

संसद के बाद सड़क पर जुटे 300 सांसद, 25 दलों का SIR विरोधी मेगा मार्च

नई दिल्ली बिहार में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावों में कथित धांधली के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी इंडिया अलायंस के करीब 300 सांसद आज संसद भवन से चुनाव आयोग तक पैदल मेगा मार्च करने जा रहे हैं। इसमें विपक्ष के 25 दलों के सांसद शामिल होंगे। बड़ी बात ये है कि दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस मार्च की इजाजत नहीं दी है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, किसी सांसद ने ऐसी अनुमति मांगी ही नहीं है। ऐसे में अब विपक्षी सांसद संसद के बाद सड़क पर भी संग्राम करते नजर आ सकते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि पुलिस की अनुमति के लिए कोई औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत नहीं किया गया है। हालांकि, निर्वाचन आयोग सचिवालय ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश को जवाबी पत्र लिखकर आज दोपहर 12 बजे मुलाकात और बातचीत का समय तय किया है। इस चिट्ठी में कहा गया है कि चूंकि जगह कम है और पार्किंग स्पेस की दिक्कत है, इसलिए अधिकतम 30 लोग ही चर्चा करने के लिए बैठक में शामिल हों। इस बीच दिल्ली पुलिस ने चुनाव आयोग के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए हैं। ट्रांसपोर्ट भवन होते हुए मार्च इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटक दल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का सीधा आरोप है कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर वोट चोरी करवा रहा है और भाजपा को फायदा पहुंचा रहा है। गांधी के आवास पर पिछले सप्ताह आयोजित डिनर में इस विषय पर चर्चा के बाद तय हुआ था कि गठबंधन दलों के सांसद इस मुद्दे पर संसद भवन के मकर द्वार से चुनाव आयोग के कार्यालय तक ट्रांसपोर्ट भवन होते हुए मार्च करेंगे। इसमें संसद के दोनों सदनों के सदस्य भाग लेंगे। मार्च से पहले गठबंधन नेताओं की बैठक मार्च का आयोजन आज (सोमवार 11 अगस्त को) हो रहा है। इससे पहले संसद की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व सुबह संसद भवन परिसर में विपक्ष के नेता के कक्ष में गठबंधन के नेताओं की बैठक होगी, जिसमें संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करने को लेकर चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि इंडिया गठबंधन के नेता संसद भवन परिसर में पिछले सप्ताह की तरह प्रदर्शन भी करेंगे। करीब 11:30 बजे निकलेगा मार्च इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी समेत कई सांसद शामिल होंगे। सुबह करीब 11:30 बजे ये मार्च निकाला जा सकता है। इस दौरान ये सांसद 2024 के लोकसभा चुनावों में कथित "वोट चोरी" और चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करेंगे।

ग्वालियर के हज़ार बिस्तर अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया उद्घाटन

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया हज़ार बिस्तर अस्पताल ग्वालियर में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हज़ार बिस्तर अस्पताल ग्वालियर में एनसीडी क्लीनिक का उद्घाटन किया ग्वालियर के हज़ार बिस्तर अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया उद्घाटन एनसीडी के समय से चिन्हांकन से गंभीर स्थितियों से होगा बचाव भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने  जयारोग्य चिकित्सालय समूह के हज़ार बिस्तर अस्पताल में नॉन-कम्युनिकेबल डिज़ीज़ (एनसीडी) क्लीनिक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि एनसीडी क्लीनिक गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाने और उनका इलाज शुरू करने में सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बदलती जीवन शैली, खान-पान की गलत आदतें, तनाव और शारीरिक श्रम की कमी के कारण हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप और थायरॉइड जैसी एनसीडी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अक्सर इन बीमारियों का देर से पता चलने पर ये जानलेवा साबित होती हैं। इसी समस्या को देखते हुए एम्स भोपाल के बाद अब जयारोग्य अस्पताल समूह में यह विशेष क्लीनिक शुरू किया गया है। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. धाकड़ ने बताया कि क्लीनिक कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अधीन संचालित होगा। इसका उद्देश्य प्रदेश में बढ़ते एनसीडी मामलों पर नियंत्रण करना है। यहां मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और आवश्यकतानुसार उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। एनसीडी क्लीनिक को भविष्य में टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की सुविधा से भी जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों का डेटा सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहे। एनसीडी क्लीनिक में हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, थायरॉइड और उच्च रक्तचाप जैसे रोगों का शुरुआती चरण में पता लगाकर समय पर इलाज किया जाएगा। इससे स्ट्रोक, हार्ट अटैक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थितियों से बचाव संभव होगा। आम जनता को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के जांच व परामर्श की सुविधा मिलेगी और समय पर उपचार मिलने से समयपूर्व मौत के मामलों में कमी आएगी। जयारोग्य चिकित्सालय समूह के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना, कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज बंसल सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं यूजी व पीजी विद्यार्थी मौजूद थे।  

हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश

जन-जन को जोड़ें हर घर तिरंगा अभियान से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं की बढ़ाएं सहभागिता हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आजादी अनमोल है। आजादी सिर्फ़ एक अधिकार मात्र नहीं है, यह हमें देश के विकास में हर संभव योगदान देने का कर्तव्यबोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, शुचिता और मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स (स्वदेशी वस्तुएं) अपनाने की जागरूकता को भी हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के दौरान प्रभावी गतिविधियां की जाएं। इसे ऑपरेशन सिंदूर के सैन्य पराक्रम से जोड़कर युवाओं की सहभागिता बढ़ाएं। अधिक से अधिक तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, मानव श्रृंखलाएं, साइकल रैली, बाइक रैली, रंगोली प्रतियोगिता और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर अभियान में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। आमजन को आसानी से राष्ट्रध्वज उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तिरंगा यात्रा के संदर्भ में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परामर्श लेकर जिले के प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, सांस्कृतिक मंडलों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, पेंशनर्स, सेवानिवृत्त सैनिकों और समाजसेवियों को भी आवश्यक रूप से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को निवास स्थित समत्व भवन में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में वर्चुअली जुड़े प्रदेश के सभी कमिश्नर्स, कलेक्टर्स, आईजी और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि हर घर तिरंगा अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समुचित समन्वय कर इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय होकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति, स्वच्छता और स्वदेशी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प है। हर घर तिरंगा अभियान में झण्डे के निर्माण और झण्डे के इतिहास से संबंधित कहानियों एवं प्रसंगों का प्रचार-प्रसार किया जाए। इस विषय पर बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं, इससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत होगी। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्राओं और तिरंगा रैलियों में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में सबकी सहभागिता और सबका योगदान जरूरी है। प्रदेश के हर नागरिक को हर घर तिरंगा अभियान से जोड़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का संचालन सुचारू और नियोजित तरीके से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें। तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर आमजन हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि अभियान के शेष दिनों में सभी कलेक्टर्स प्रिंट, सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया आदि जनसंचार माध्यमों में अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। रोजाना की गतिविधियों को मीडिया को दें, जिससे जनसामान्य इस अभियान से जुड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के लिए झण्डों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली जाए। इसमें स्वसहायता समूहों की मदद भी लें। जिला पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से तिरंगा यात्रा एवं अन्य आकर्षक आयोजनों के जरिए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश की सांस्कृतिक विरासतों के बारे में जनसामान्य को बताएं। जिलों में मौजूद धार्मिक और लोकमान्यता वाले स्थलों पर भी हर घर तिरंगा से जुड़ी गतिविधियां की जाएं। साथ ही जिले के स्थानीय रणबांकुरों, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रा सेनानियों तथा स्वतंत्रता के बाद देश की एकता और अखण्डता के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का पुण्य स्मरण भी तिरंगा अभियान के दौरान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों और विभिन्न अभियानों में शहीद हुए जवानों के परिजन को 13 से 15 अगस्त तक होने वाले हर घर तिरंगा अभियान एवं स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। इसमें व्यापारिक और व्यावसयिक संगठनों का सहयोग लें। हर घर तिरंगा अभियान के अनुभवों का दस्तावेजीकरण भी कर लें। बैठक में अभियान के नोडल संस्कृति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अभियान के अंतर्गत अब तक हुईं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान का प्रथम चरण बखूबी पूरा कर लिया गया है। प्रदेश के 406 निकायों में 1331 जनजागरूकता अभियान चलाए गए। करीब 1700 विद्यालयों में तिरंगा से प्रेरित सार्वजनिक कला एवं रंगोली का निर्माण किया गया। झण्डे के निर्माण के लिए 235 स्व-सहायता समूहों का सहयोग लिया गया। 980 सामुदायिक स्वच्छता अभियान चलाए गए। 1451 सीटी/पीटी जैसी सार्वजनिक सम्पत्ति के रखरखाव के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में अब तक 2 लाख 87 हजार 345 नागरिकों ने सहभागिता की। अभियान में एक लाख 72 हजार से अधिक विद्यार्थियों की भी सहभागिता दर्ज की गई है। अभियान का दूसरा चरण जारी है। इसमें वृहद स्तर पर गतिविधियां की जा रही हैं। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से स्थानीय उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों, तिरंगे के रंग की थीम वाली वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन, श्रृंगार सामग्री आदि की बिक्री पर केन्दित तिरंगा मेला आयोजित किए जा रहे हैं। नगारिकों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेने और उसे हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान के तीसरे चरण में सभी शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थनों, होटलों, कार्यालयों, बांधों, पुलों आदि पर ध्वजारोहण समारोह और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। बताया गया कि यह अभियान सामूहिक उत्सव और नागरिक एकता की भावना पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता के सार को स्वच्छता और सुजलता के संकल्प से जोड़ा गया है। स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन के तहत गांवों/ग्राम पंचायतों में गतिविधियों की श्रृंखला, जिसमें स्वच्छ सुजल … Read more

भविष्य का लैपटॉप: AI टेक्नोलॉजी के आगे माउस-कीबोर्ड होंगे इतिहास

दुनिया हाईटेक होती जा रही है, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के आने के बाद तो गति और बढ़ गई है। क्या आपने कभी कल्पना की है कि बिना कीबोर्ड और माउस के लैपटॉप चला रहे हैं? सुनने में ये थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन 5 साल के भीतर ही आपको ये बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 2030 तक आपको ऐसे लैपटॉप देखने को मिल जाएंगे जिनमें कीबोर्ड या माउस की जरूरत नहीं होगी। ये लैपटॉप आपकी आवाज या इशारों पर ही काम करने लगेंगे। यह फिलहाल भले कल्पना से परे लगता हो, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट डेविड वेस्टन का कहना है आने वाले टाइम में माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल पुराना हो जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट का सपना दरअसल, माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में यूट्यूब पर एक नया वीडियो जारी किया है। इसमें बताया गया है कि अगले पांच सालों में हम विंडोज का इस्तेमाल किस तरह करेंगे। वीडियो का नाम है 'माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 2030 विजन'। इसमें दिखाया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे कंप्यूटर और लैपटॉप के साथ बातचीत को और आसान बनाएगा। माउस और कीबोर्ड की जरूरत नहीं होगी माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े डेविड वेस्टन का दावा है कि माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल फ्यूचर में पुराना लगने लगेगा। जैसे आज की Gen Z को पुराने DOS सिस्टम का इस्तेमाल करने में अजीब महसूस होता है, कुछ साल बाद हमें भी माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल करते हुए ऐसा ही लगेगा। 2030 तक लोग अपने कंप्यूटर में आवाज या इशारों से ही काम करवाना शुरू कर देंगे। यह बातचीत का एक आसान तरीका होगा। कोपायलट AI चैटबॉट शुरू हुआ माइक्रोसॉफ्ट चाहता है कि लोग अपने डेस्कटॉप और लैपटॉप से दोस्त की तरह बात करें। ऐसा करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट इस तकनीक पर अरबों रुपये खर्च कर रहा है। कंपनी ने हाल ही में अपने प्रोडक्ट्स, जैसे- विंडोज और ऑफिस में कोपायलट AI चैटबॉट जोड़ा है। इसका इस्तेमाल करते हुए यूजर्स 'Hey Copilot' कहकर अपने कंप्यूटर से काम कर सकते हैं। इससे सिस्टम सेटिंग्स बदलना या इंटरनेट पर जानकारी ढूंढना बेहद आसान हो जाएगा। AI सिक्योरिटी एक्सपर्ट मिलेगा वेस्टन का कहना है कि आगामी पांच सालों में AI की मदद से एक ऐसा सिक्योरिटी एक्सपर्ट मिलेगा, जो इंसानों की तरह बात करेगा। फिलहाल ऐसी सुरक्षा केवल बड़ी कंपनियों के लिए है, छोटे कारोबारियों के लिए भी ये सुविधा लाई जाएगी।