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साढ़े 82 किमी लंबे ग्वालियर-झांसी हाईवे की मरम्मत होगी, खर्च होगा 1.72 करोड़

ग्वालियर ग्वालियर से झांसी के बीच 101 किमी. लंबे फोरलेन हाइवे की मरम्मत का काम नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) द्वारा कराया जाएगा है। एनएचएआइ इस हाइवे पर टोल की वसूली तो कर ही रही है, लेकिन अब हाइवे पर जगह-जगह गड्ढों की समस्या पैदा हो गई है। ऐसे में अब 1.72 करोड़ रुपये की लागत से साढ़े 82 किमी की लंबाई में गड्ढों को भरने और जहां-जहां जरूरत है, वहां पेवर्स लगाने का काम भी किया जाएगा। इससे पूर्व में लगभग 1.75 करोड़ रुपये की लागत से वर्षा के दौरान ग्वालियर-आगरा हाइवे की मरम्मत का काम कराया गया था, लेकिन अब ग्वालियर-झांसी हाइवे पर भी मरम्मत की जरूरत पड़ रही है।   बारिश में भारी वाहन से सड़क हो जाती है खराब दरअसल, वर्षा के सीजन में हाइवे पर निकलने वाले भारी वाहनों के कारण सड़कों की हालत खराब होती है। गड्ढों के कारण ब्लैक स्पॉट के साथ ही एक्सीडेंट स्पॉट भी तैयार हो जाते हैं। इनके कारण हाइवे पर एक्सीडेंट होने की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा इंटरचेंज के आसपास भी ब्रेक लगने के कारण सड़क खराब होती है। इसके चलते इन स्थानों पर काम कराया जाएगा। ग्वालियर-झांसी हाइवे पर हर दिन 30 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। इसके कारण सड़क की स्थिति जल्द खराब हो जाती है। तीन माह में होगी मरम्मत, तीन साल का रखरखाव भी शामिल एनएचएआइ ने हाइवे के गड्ढों को भरने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है, जिसकी शर्तों के अनुसार चयनित कंपनी को तीन माह में साढ़े 82 किमी. लंबाई में जगह-जगह खराब हुई सड़क को ठीक करना होगा। इसके अलावा तीन वर्षों तक इस कार्य का रखरखाव भी करना होगा। यदि किया गया कार्य खराब होता है, तो अगले तीन साल तक उसे दोबारा करना होगा। सांसद ने भी की थी मांग सांसद भारत सिंह कुशवाह ने गत जुलाई माह में भोपाल में एनएचएआइ के क्षेत्रीय अधिकारियों से मुलाकात कर नेशनल हाइवे 44 के ही ग्वालियर-झांसी खंड के अंतर्गत डबरा से ग्वालियर के बीच बिलौआ तिराहा और अरु तिराहा पर बने हुए ब्लैक स्पॉट खत्म करने के साथ ही हाइवे की मरम्मत की भी मांग की थी। सांसद ने मांग की थी कि इन दोनों स्थानों पर फ्लाइओवर का निर्माण कर दिया जाए, ताकि यहां हो रहे हादसों की संभावना काफी कम हो जाए। एनएचएआइ के अधिकारियों ने भी इस दिशा में काम करने का आश्वासन दिया था।

मुख्यमंत्री साय ने दी भिलाईवासियों को मिली 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर : स्टेट कैपिटल रीजन से तेजी से होगा विकास, नागरिक सुविधाओं में आएगा नया आयाम : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने दी भिलाईवासियों को मिली 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री साय ने भिलाई नगर निगम कार्यालय भवन के लिए 20 करोड़ की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन से रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव सहित पूरे अंचल को   लाभ मिलेगा। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और नगरीय सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव में जारी अटल विश्वास पत्र के सभी वादों को एक-एक कर पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय आज भिलाई में नगर पालिक निगम क्षेत्र के लिए 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भिलाई नगर पालिक निगम के नए कार्यालय भवन के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार भरपूर सहयोग दे रही है। नगरीय सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य में सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पूरे राज्य में प्रशासन को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ नागरिकों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं। अगले छह महीनों में 5 हजार और पंचायतों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। 24 अप्रैल 2026, पंचायती राज दिवस पर छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने बीते 20 महीनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है। किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया गया है। महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है, जिससे 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अंतर्गत भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या यात्रा कर चुके हैं। उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि प्रदेश में सरकार गठन के बाद पिछले एक वर्ष में सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सात हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। नगरोत्थान योजना के तहत नगरीय निकायों में योजनाबद्ध और सुनियोजित विकास के लिए राशि दी जा रही है। विगत 18 माह में अकेले नगर पालिक निगम भिलाई को विकास कार्यों के लिए 470 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश के सात नगरीय निकायों को पहली बार राष्ट्रीय स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वहीं 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में छत्तीसगढ़ के 58 शहर पुरस्कृत हुए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पार्षद श्रीमती स्मृति दोड़के को स्वच्छता वार्ड के लिए शील्ड प्रदान की। प्रधानमंत्री आवास योजना के 9 हितग्राहियों को गृह प्रवेश प्रमाणपत्र, पीएम सूर्य घर योजना के तीन हितग्राहियों को प्रमाणपत्र, दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर प्रदान की गईं। महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के लिए राशि के चेक तथा वूमेन फॉर ट्री योजना के तहत राधारानी महिला स्व-सहायता समूह को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम को वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन और नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक ललित चन्द्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू और पूर्व विधायक लाभचंद बाफना सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

राष्ट्रपति सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने की सौजन्य मुलाकात राष्ट्रपति सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री ने दी बधाई एवं शुभकामनाएँ, उज्ज्वल भविष्य की कामना की रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राष्ट्रपति रोवर रेंजर अवार्ड से सम्मानित रोवर देवाशीष मखीजा और रेंजर मनतृप्त कौर संधू ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने दोनों प्रतिभाओं को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।  उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित विशिष्ट समारोह में छत्तीसगढ़ के रोवर देवाशीष माखीजा, रेंजर मनतृप्त कौर संधू और गाईड कुसुम सिन्हा को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया।  श्री देवाशीष ने बताया कि यह गौरवपूर्ण पुरस्कार चार वर्षों के अंतराल में देश भर से चयनित 16 प्रतिभागियों को प्रदान किया गया । गर्व की बात है कि इस बार छत्तीसगढ़ से तीन प्रतिभागियों ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में उन्हें तत्कालीन राज्यपाल श्रीमती अनुसुइया उइके द्वारा राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा के साथ रेंजर मनतृप्त कौर के पिता श्री गुरजीत सिंह संधू भी उपस्थित थे।

श्रीमद्भागवत गीता को मिलेगा विश्वविद्यालयों में स्थान, छात्रों को तीन क्रेडिट अंक

भोपाल युवाओं के मन में नैतिकता और सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना के लिए मध्य प्रदेश सरकार श्रीमदभागवत गीता की ओर मुड़ी है। तय हुआ है कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्नातक स्तर की कक्षाओं में नियमित तौर पर श्रीमदभागवत गीता पढ़ाई जाएगी। इसकी कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी और इसके लिए विद्यार्थियों को तीन क्रेडिट अंक दिए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा में ही इस पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। 18 अध्यायों को पांच भागों में विभाजित किया इसके तहत गीता के 18 अध्यायों को पांच भागों में विभाजित कर पाठ्यक्रम तय किया गया है। इन्हें 45 घंटों में पूरा किया जाना है। इन कक्षाओं को सप्ताह में पांच दिन चलाया जाएगा। कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी और विद्यार्थियों को यह सुविधा होगी कि अपने सुविधा के अनुसार कक्षा का समय और भाषा चुन लें। यह पाठ्यक्रम हिंदी, अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में उपलब्ध होगा। पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थी को क्रेडिट अंक दिए जाएंगे।   पाठ्यक्रम के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं और महाविद्यालयों के प्राचार्यों को इस पाठ्यक्रम के लिए विद्यार्थियों के पंजीयन का आदेश जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय के स्वयं पोर्टल पर यह पंजीयन 31 अगस्त तक होना है। सभी विश्वविद्यालयों औैर महाविद्यालयों से इस पाठ्यक्रम के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है ताकि इसकी निगरानी भी उच्च स्तर से की जा सके। मुख्यमंत्री ने दिया था विचार श्रीकृष्ण पाथेय योजना के क्रियान्वयन को लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बैठक की थी। इसमें मुख्यमंत्री का ही विचार था कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान होने वाली प्रतियोगिताओं को विस्तार दिया जाए। अब केवल प्रतियोगिता की जगह विद्यार्थियों को आनलाइन ही गीता पढ़ाई भी जाए ताकि नई पीढ़ी में उस ज्ञान का विस्तार हो। स्वयं पोर्टल पर ऐसे पाठ्यक्रम भी – किशोर स्वास्थ्य – अपना आहार – प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और सुरक्षा प्रबंधन – परिचयात्मक नीतिशास्त्र – योग शिक्षक प्रशिक्षण (इन ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए भी क्रेडिट अंक निर्धारित हैं) अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा ने कहा नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा और मूल्य आधारित शिक्षा पर जोर है। इसी में श्रीमदभागवत गीता का अध्ययन शामिल किया गया है। इससे विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों और भारतीय चिंतन परंपरा के प्रति समझ बढ़ेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से जीआईएस में हुए एमओयू को मिला ठोस स्वरूप

जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश में एआई, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास के अवसर तलाशे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से जीआईएस में हुए एमओयू को मिला ठोस स्वरूप जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश में एआई और नवाचार के नए अवसर तलाशे मध्यप्रदेश में अनुसंधान और विकास के अवसरों पर जर्मनी की खास नजर एआई, नवाचार और R&D में साझेदारी की संभावनाओं को लेकर जर्मन टीम का दौरा मैं चाहूँ तो इसे शॉर्ट और सोशल मीडिया फ्रेंडली हेडलाइन में भी बदल सकता हूँ भोपाल  इंदौर स्थित इन्फोबीन्स कैंपस में सोमवार को “एमपी-ग्लोबल इनोवेशन एवं अनुसंधान और विकास एक्सचेंज प्रोग्राम-2025” की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। पाँच दिवसीय इस आयोजन के प्रथम दिवस पर जर्मन व्यवसायिक प्रतिनिधिमंडल ने कॉर्पोरेट इंटरैक्शन की श्रृंखला में भाग लिया और मध्यप्रदेश में नवाचार तथा अनुसंधान और विकास की संभावनाओं का गहन अवलोकन किया। यह कार्यक्रम एमपीआईडीसी और जर्मन-इंडिया इनोवेशन कोर (जीआईआईसी) के बीच हुए समझौते का ठोस स्वरूप है, जिसे इन्क्यूबेशन मार्क्स के सहयोग से आयोजित किया गया। नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री की जर्मनी यात्रा तथा भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान हुए इस एमओयू ने द्विपक्षीय सहयोग को नए आयाम दिए हैं। इसके तहत जर्मन निवेशकों को मध्यप्रदेश में प्रमुख निवेश स्थान के रूप में आकर्षित करने, नवाचार और अनुसंधान को सशक्त बनाने तथा तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में “भारत से वैश्विक स्तर के डिजिटल उत्पाद बनाना”, "भारतीय नवाचार परिदृश्य" और “एजिलिटी के साथ स्केलिंग- भारतीय और जर्मन दृष्टिकोण” विषयों पर फायरसाइड चैट आयोजित की गई। इस दौरान दोनों पक्षों के विशेषज्ञों ने नवाचार, अनुसंधान और विकास तथा सीमा-पार कारोबारी सहयोग पर अपने विचार साझा किए। प्रतिनिधियों ने टैलेंट एक्विज़िशन प्रैक्टिस, कल्चर-फोकस्ड एचआर मॉडल और शक्ति महिला सशक्तिकरण पहल का भी अवलोकन किया। भारतीय यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स जैसे जोहो, फ्रेशवर्क्स और ब्राउज़रस्टैक की सफलता का उल्लेख करते हुए जर्मन प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश में एआई विकास, तकनीकी साझेदारी, संभावित अनुसंधान एवं विकास केंद्र और युवाओं के लिए रोजगार अवसर तलाशने में गहरी रुचि दिखाई।  

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कांग्रेस MLA आरिफ मसूद पर फर्जीवाड़े की FIR 3 दिन में दर्ज करने का निर्देश दिया

भोपाल  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं. यह मामला इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज की मान्यता के लिए फर्जी सेल डीड जमा करने से जुड़ा है. अदालत ने शुरुआती रूप से इसे धोखाधड़ी (IPC की धारा 420, 467, 468) का मामला माना है. जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान भोपाल पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ तीन दिन के अंदर एफआईआर दर्ज की जाए. विधायक आरिफ मसूद का भोपाल में इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज संचालित हो रहा है जिसमें कई गड़बड़ी मिली थी। इस पर उच्च शिक्षा विभाग ने इसकी मान्यता रद्द कर दी थी। छात्रहित को देखते हुए कॉलेज को कंटिन्यू कर दिया गया पर यहां नए प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई। 3 दिन में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने सख्त रूप दिखाया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इतने सालों तक कोई भी कॉलेज ऐसे हाल में बिना राजनीतिक संरक्षण के नहीं चल सकता है। मामले में हाईकोर्ट ने विधायक आरिफ मसूद पर केस दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने भोपाल कमिश्नर को 3 दिन में एफआईआर दर्ज कर इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जांच की निगरानी के लिए पुलिस महानिदेशक को SIT (विशेष जांच दल) गठित करने का आदेश भी दिया गया है. यह टीम 90 दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी. इस मामले में लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों पर भी आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा. यह मामला शिक्षा विभाग द्वारा कॉलेज की मान्यता रद्द किए जाने के बाद सामने आया. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फर्जी सेल डीड के आधार पर पिछले 20 साल से चल रहे कॉलेज मामले में कड़ा रुख दिखाया है. कोर्ट ने कॉलेज में नए एडमिशन पर भी रोक लगा दी है. नए सत्र के एडमिशन पर रोक वहीं, इस पूरे मामले में हाई कोर्ट ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए कहा कि फिलहाल आरिफ मसूद का कॉलेज जारी रखा जाएगा। हालांकि, हाई कोर्ट ने नए सत्र के लिए एडमिशन देने पर रोक लगा दी है। वहीं, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद हाई कोर्ट के स्पेशल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कह रहे हैं। हो सकता है 20 साल से चल रहा हो ये फर्जीवाड़ा- कोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधर की डबल बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। जज ने हैरानी जताते हुए कहा कि संभव नहीं है कि बिना राजनीतिक संरक्षण के चलते इस तरह से 20 सालों से फर्जीवाड़ा चल रहा हो। कांग्रेस विधायक ने फर्जी सेल डीड दी हाई कोर्ट ने कहा कि आरिफ मसूद के राजनीतिक कनेक्शन ऐसे हैं कि साल 2004 में आरिफ मसूद ने फर्जी सेल डीड दी। उसके बाद भी सरकार ने आरिफ मसूद को दोबारा सेल डीड जमा करने के निर्देश दिए लेकिन दोबारा जमा की गई सेल डीड को 20 साल तक किसी ने भी जांचने की हिम्मत नहीं जुटाई। हाई कोर्ट ने कहा है कि मामले में न केवल आरिफ के खिलाफ कार्रवाई हो बल्कि उन अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होना चाहिए, जिनकी इस पूरे मामले में भूमिका है। रद्द कर दी गई थी मान्यता दरअसल, भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की अमन एजुकेशन द्वारा संचालित कॉलेज की पिछले दिनों मान्यता रद्द कर दी गई थी। उच्च शिक्षा विभाग ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके पहले कॉलेज को अंतरिम मान्यता मिली थी, लेकिन कॉलेज की ओर से जरूरी कागजात और शर्तें पूरी नहीं करने पर विभाग ने मान्यता रद्द कर दी थी। कांग्रेस विधायक मसूद पर आरोप है कि उन्होंने संस्था के फर्जी दस्तावेज लगाकर कॉलेज की मान्यता ली थी जिसमें संबंधित अधिकारियों की भी नीली भगत के आरोप लगे थे। क्या था पूरा मामला? 9 जून को राज्य सरकार ने भोपाल के इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया था. इस फैसले के खिलाफ विधायक आरिफ मसूद ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की. सुनवाई के दौरान अदालत ने कॉलेज की जमीन और मान्यता से जुड़े सभी दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए थे. हाईकोर्ट में जो डाक्यूमेंट पेश किए गए उनकी जांच में खुलासा हुआ कि 2 अगस्त 1999 को अमन एजुकेशन सोसायटी की तरफ से समिट की गई पहली सेल डीड फर्जी थी. इसके बाद में पेश की गई दूसरी सेल डीड भी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं पाई गई. कोर्ट ने कहा कि इतने सालों तक जाली दस्तावेजों के सहारे कॉलेज का संचालन प्रशासनिक और राजनीतिक समर्थन के बिना संभव नहीं था.  

Stock Market Update: दुनिया लाल-लाल, भारत की इंडेक्स में हरी चमक, Reliance की उछाल

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में लगातार दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को जोरदार तेजी के साथ कारोबार हो रहा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) जहां खुलने के साथ ही 200 अंक से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) ने भी अपने पिछले बंद के मुकाबले बढ़त लेकर कारोबार शुरू किया. खास बात ये है कि बाजार में तेजी ऐसे समय में देखने को मिली है, जबकि अमेरिकी स्टॉक मार्केट (US Stock Market) से लेकर ज्यादातर एशियाई बाजार तक रेड जोन में कारोबार करते नजर आ रहे हैं.  सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत बीते कारोबारी दिन रॉकेट की रफ्तार से भागने के बाद मंगलवार को भी सेंसेक्स-निफ्टी ग्रीन जोन में ओपन हुए. हालांकि, ग्लोबल मार्केट से भारतीय शेयर बाजार के लिए खराब संकेत मिल रहे थे, क्योंकि अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे और एशियाई बाजारों में हांगकांग के हैंगसेंग को छोड़कर ज्यादातर इंडेक्स लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. Gift Nifty भी 50 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार कर रहा था.  हालांकि, अनुमानों के विपरीस India Stock Market की शुरुआत तेजी के साथ हुई और सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 81,273.75 के मुकाबले चढ़कर 81,319.11 पर ओपनिंग की, फिर मिनटों में ये 81,512.36 तक उछल गया. निफ्टी ने भी पिछले कारोबारी बंद 24,876.95 पर खुलने के बाद 24,936.45 का स्तर छुआ. हालांकि, कुछ देर के कारोबार के बाद शुरुआती तेजी धीमी पड़ती नजर आई, लेकिन दोनों इंडेक्स ग्रीन जोन में बने हुए थे. 1259 शेयरों ने तेजी के साथ की शुरुआत  मार्केट में कारोबार शुरू होने पर करीब 1259 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ शुरुआत की, तो वहीं 951 कंपनियों के शेयर ऐसे रहे जो गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. इसके अलावा शुरुआती कारोबार में 147 कंपनियों के स्टॉक्स की वैल्यू में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला यानी इनकी ओपनिंग फ्लैट रही. Reliance, NTPC, Bharti Airtel से लेकर Trent, Hero Moto तक के शेयर तेजी से साथ कारोबार करते दिखे. वहीं HCL, Axis Bank, Maruti Suzuki, Bajaj Finance और Tata Motors के शेयर टूटे. मुकेश अंबानी की Reliance ने दिखाया दम बीएसई की लार्जकैप कंपनियों में सबसे तेज भागने वाले शेयरों में देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज आगे रही. RIL Stock शुरुआती कारोबार में ही 2%  से ज्यादा उछलकर 1413.60 रुपये के लेवल पर पहुंच गया. इसके अलावा Bharti Airtel Share भी करीब 2% के आस-पास चढ़कर 1931.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.  मिडकैप कैटेगरी में जिन कंपनियों के शेयरों ने अपना दम दिखाया, उनमें Ola Electric Share (6.43%), Petronet Share (1.85%) और MRF Stock (1.46%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में HLEGLAS Share 14.10%, VTL Share 8.47%, MCloud Share 8.15%, KIOCL Share 6.42% और Eveready Share 5.78% की उछाल लेकर कारोबार कर रहे थे. 

मुख्यमंत्री के निर्णय से युवाओं में खासा उत्साह, आगामी वर्ष से पुलिस में भर्तियां करेगा पुलिस भर्ती बोर्ड

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत आगामी 3 वर्षों में पुलिस विभाग में 22500 पदों पर भर्ती की जाएगी। अभी तक पुलिस विभाग में भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल द्वारा होती हैं। पुलिस को जल्द से जल्द मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए अब मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड' का गठन किया जाएगा और यही बोर्ड पुलिस की भर्तियां करेगा। इससे पुलिस भर्ती में तेजी, पारदर्शिता और परफेक्शन आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा से युवाओं में खासा उत्साह है और वे इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि वर्ष 2025 के लिए पुलिस में स्वीकृत पदों की भर्ती 'मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड' की ओर से 'कर्मचारी चयन मंडल' करेगा। वर्ष 2026 से ये भर्तियां 'पुलिस भर्ती बोर्ड' द्वारा ही की जाएंगी। प्रतिवर्ष पुलिस के रिक्त 7500 पदों पर भर्ती की जाएगी और इस प्रकार आगामी 3 वर्ष में पुलिस विभाग के सभी रिक्त 22,500 पद भर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गृह विभाग से जुड़ी सभी सेवाओं के आधुनिकीकरण एवं भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शीघ्र ही गृह एवं वित्त विभाग की संयुक्त बैठक कर सभी लंबित मामलों का समुचित समाधान कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस, जेल और नगर सेवा एवं सुरक्षा तीनों विभागों के शहीदों की विधवाओं और बच्चों के लिए स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों में विभिन्न प्राथमिकता श्रेणियां में एक अतिरिक्त सीट पर आरक्षण दिये जाने की घोषणा भी की है। वीवीआइपी ड्यूटी में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों सहित उप पुलिस अधीक्षक और इससे उच्च अधिकारियों को भी पात्रता अनुसार निर्धारित विशेष भत्ता एवं जोखिम भत्ता दिये जाने का निर्णण भी लिया गया है। पुलिस विभाग को दी जा रही इन सहुलियतों से विभाग की कार्यप्रणाली में सक्रियता आयेगी और अधिकारी एवं कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और आमजन को सुरक्षा कवच मिलेगा।

मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद के करकमलों से एसईसीएल में तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान का शुभारंभ

रायपुर : सतर्कता की शुरुआत स्वयं से होती है – पी. दयानन्द मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद के करकमलों से एसईसीएल में तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान का शुभारंभ सीएमडी एसईसीएल हरीश दुहन ने केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशानिर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करने का किया आह्वान रायपुर एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार तीन माह के निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानन्द उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन ने की। इस अवसर पर सुनील जैन, आयुक्त, बिलासपुर संभाग; एसईसीएल निदेशक (तकनीकी – संचालन सह योजना/परियोजना) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार; निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन की विशिष्ट उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात् अतिथियों द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। तत्पश्चात् कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत सीएमडी एसईसीएल हरीश दुहन ने सभी उपस्थितों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। मुख्य अतिथि पी. दयानन्द ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में चाहे पीएसयू हों या राज्य शासन, पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन निश्चित रूप से सतर्कता एवं पारदर्शी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और राज्य शासन दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं तथा क्षेत्र के विकास के लिए दोनों के बीच परस्पर सहयोग एवं समन्वय अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि मैं टीम एसईसीएल के प्रत्येक सदस्य से यह आह्वान करना चाहता हूँ कि हम जो भी कार्य करें, नियम एवं नीति के दायरे में रहकर पूरी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के साथ करें। राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि एसईसीएल को अपने कार्यसंचालन को बेहतर बनाने के लिए राज्य शासन से निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होता रहता है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष हम मेगा प्रोजेक्ट्स में भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति ला पाए हैं। इस दौरान उन्होंने भू-अधिग्रहण एवं अन्य क्षेत्रों में राज्य शासन से वांछित सहयोग से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की। मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने बताया कि केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा इस वर्ष के अभियान की थीम “सतर्कता : हमारी साझा ज़िम्मेदारी” निर्धारित की गई है। इस अभियान के पाँच प्रमुख बिंदु हैं – लंबित शिकायतों का निपटान, लंबित मामलों का निपटान, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का संचालन, संपत्तियों का प्रभावी प्रबंधन तथा डिजिटल पहलों को बढ़ावा देकर कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक एवं पारदर्शी बनाना। सतर्कता विभाग द्वारा एसईसीएल में कार्यसंचालन को बेहतर बनाने हेतु कई प्रयास किए गए हैं। जैसे – कोयले की गुणवत्ता में सुधार के लिए थर्ड पार्टी टेस्टिंग, CCTV निगरानी और रियल टाइम सुपरविजन से पारदर्शी प्रणाली का विकास। खरीद प्रक्रियाओं में SOP आधारित बिल प्रोसेसिंग, FIFO क्लियरेंस और SAP आधारित ट्रैकिंग लागू की गई है। संपत्ति प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए मशीनों का सत्यापन और डिजिटल टैगिंग की गई है। जटायु डैशबोर्ड, डिजीकोल और इंटेग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से संचालन एवं निगरानी को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया गया है। कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सतर्कता) नागेश्वर राव सहित मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्षगण, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

दो-पहिया वाहन खरीदने वालों के लिए खुशखबरी: सरकार देगी बड़ा गिफ्ट, कीमतों में आएगी भारी गिरावट

नई दिल्ली  दोपहिया वाहन अब होंगे सस्ते! सरकार दिवाली तक बाइकों और स्कूटर्स पर GST दर घटाकर सिर्फ 18% करने जा रही है। इससे ग्राहकों को सस्ती गाड़ियां मिलेंगी और कंपनियों की बिक्री भी बढ़ेगी। यह फैसला ऑटो सेक्टर और आम जनता दोनों के लिए फायदेमंद होगा। बाइक और स्कूटर खरीदना अब और आसान हो सकता है। सरकार दिवाली तक टू-व्हीलर पर लगने वाला GST घटाकर 28-31% से केवल 18% करने की तैयारी कर रही है। इससे कीमतों में भारी गिरावट आएगी और आम जनता को जेब पर राहत का बड़ा तोहफा मिलेगा। दिवाली से पहले सरकार का बड़ा तोहफा भारत में दोपहिया वाहन आम आदमी के जीवन का अहम हिस्सा हैं। रोजाना ऑफिस, कॉलेज, स्कूल या छोटे-मोटे कामों के लिए लोग बाइकों और स्कूटर्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बढ़ती कीमतें लोगों की जेब पर भारी पड़ रही थीं। अब सरकार दिवाली तक जनता को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टू-व्हीलर पर लगने वाला GST घटाकर 28-31% से सीधे 18% किया जा सकता है। वर्तमान स्थिति फिलहाल पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर पर 28% GST लगता है। वहीं 350cc से ज्यादा इंजन वाली बाइकों पर 3% अतिरिक्त सेस लगता है, जिससे कुल टैक्स 31% हो जाता है। इस वजह से बाइक और स्कूटर की कीमतें काफी बढ़ जाती हैं और आम लोगों को इसे खरीदना महंगा पड़ता है। नया बदलाव क्या होगा? सरकार GST 2.0 के तहत पूरे टैक्स ढांचे को सरल बनाने की तैयारी कर रही है। मौजूदा 12% और 28% वाली दरें खत्म कर दी जाएंगी और सिर्फ दो टैक्स स्लैब रह जाएंगे। इनमें पहला होगा 5% (जरूरी सामान के लिए) और दूसरा होगा 18% (स्टैंडर्ड गुड्स के लिए)। यानी टू-व्हीलर पर सीधा 18% GST लागू होगा। क्यों जरूरी है यह कदम? दोपहिया वाहन भारत में सिर्फ सुविधा का साधन नहीं, बल्कि जरूरत हैं। गांवों और छोटे शहरों में यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। लंबे समय से ऑटोमोबाइल सेक्टर सरकार से मांग कर रहा था कि टू-व्हीलर को "लक्जरी आइटम" की बजाय "जरूरी साधन" माना जाए। SIAM (Society of Indian Automobile Manufacturers) ने कई बार सुझाव दिया था कि टू-व्हीलर पर GST दर को घटाकर 18% किया जाए। हीरो मोटोकॉर्प और होंडा जैसी बड़ी कंपनियों ने भी यह मांग उठाई थी। ग्राहकों को फायदा अगर यह फैसला लागू होता है, तो आम ग्राहकों को सबसे बड़ा फायदा होगा। बाइक और स्कूटर की कीमतें घट जाएंगी, जिससे मिडिल क्लास और ग्रामीण ग्राहकों के लिए गाड़ियां खरीदना आसान हो जाएगा। साथ ही, किश्तों पर भी कम बोझ पड़ेगा, जिससे ज्यादा लोग नई बाइक लेने के लिए प्रेरित होंगे। कंपनियों को लाभ कंपनियों के लिए भी यह कदम बेहद सकारात्मक साबित होगा। कम कीमतों के चलते बिक्री में बंपर उछाल आएगा। खासकर ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में, जहां अब तक महंगाई की वजह से लोग बाइक लेने से कतराते थे, वहां खरीदारी बढ़ जाएगी। इससे ऑटो सेक्टर में नई जान आएगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अर्थव्यवस्था पर असर बिक्री बढ़ने से बाजार में कैश फ्लो बढ़ेगा। इससे सरकार को भी अप्रत्यक्ष करों के जरिए राजस्व मिलेगा। जब कंपनियों की बिक्री बढ़ेगी तो उत्पादन भी बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह अर्थव्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संकेत होगा। ग्रामीण भारत को सबसे बड़ा लाभ भारत की आधी से ज्यादा आबादी गांवों में रहती है और वहां दोपहिया वाहन सबसे भरोसेमंद साधन हैं। स्कूल, कॉलेज, खेत और बाजार जाने के लिए लोग स्कूटर और बाइक पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर कीमतें कम होंगी तो ग्रामीण बाजार में बिक्री तेजी से बढ़ेगी। दिवाली पर डबल गिफ्ट अगर यह बदलाव दिवाली तक लागू हो गया, तो यह ग्राहकों के लिए डबल गिफ्ट साबित होगा। एक तरफ त्योहार पर नई बाइक खरीदने का मौका मिलेगा और दूसरी ओर जेब पर बोझ भी कम होगा। ऑटो कंपनियां भी दिवाली सेल्स के दौरान स्पेशल ऑफर और डिस्काउंट देती हैं। ऐसे में ग्राहकों को अतिरिक्त फायदा मिलेगा। चुनौतियां भी मौजूद हालांकि, सरकार को टैक्स दर घटाने से राजस्व में कमी का डर भी है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बिक्री बढ़ने से यह घाटा पूरा हो जाएगा। साथ ही, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सरकार को पेट्रोल वाहनों पर टैक्स घटाकर बैलेंस बनाने की जरूरत है।