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मध्यप्रदेश में बारिश का कहर, 23 जिलों में अलर्ट; भोपाल में झमाझम, नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट खुले

भोपाल  मध्यप्रदेश के जबलपुर, रतलाम समेत 23 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में हल्की बारिश होने के आसार हैं। भोपाल में सुबह से रुक-रुककर पानी गिर रहा है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 में से 5 गेट 5-5 फीट तक खोले गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून टर्फ, डिप्रेशन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की एक्टिविटी होने से मध्यप्रदेश में अगले चार दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होगी। आज नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। तवा डैम ओवरफ्लो, 5 गेट से छोड़ा जा रहा पानी मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर 1164.10 फीट तक पहुंच गया है। डैम के बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने आज बुधवार 20 को सुबह 6:30 बजे से 13 में से 5 गेट को 5-5 फीट तक खोल दिया है। तवा परियोजना संभाग इटारसी के कार्यपालन यंत्री के अनुसार, इन गेटों से लगभग 43,010 क्यूसेक पानी तवा नदी में छोड़ा जा रहा है। यह इस सीजन में दूसरी बार है जब डैम के गेट खोलने पड़े हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है। तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में निरंतर वर्षा जारी है। प्रशासन ने तवा और नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें नदी के किनारे न जाने की चेतावनी भी दी गई है।तवा डैम के एसडीओ एन के सूर्यवंशी ने स्थिति की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नर्मदापुरम जिले में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम सक्रिय हो गया है। मंगलवार शाम को अच्छी बारिश हुई और बुधवार सुबह से भी लगातार बारिश जारी है। पचमढ़ी और सारणी क्षेत्र में बारिश के कारण तवा डैम का जलस्तर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह 6 बजे जलस्तर 1164.10 फीट पहुंचा  मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस साल 18 जून को मानसून ने जिले में दस्तक दी थी। जिले का कुल कोटे का 55 प्रतिशत यानी 29 इंच बारिश जुलाई में ही हो चुकी थी। अगस्त माह में अब तक कम बारिश हुई थी। अब तक जिले में औसतन 39 इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग ने बाकी अगस्त में अच्छी बारिश का अनुमान जताया है, जिससे औसतन बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है। 20 दिन बाद खोले तवा डैम के 5 गेट तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र में निरंतर बारिश और जल आवक को देखते हुए बुधवार सुबह 6:30 बजे डैम के 5 गेट 5 फीट तक खोले गए। 31 जुलाई को गेट बंद कर दिए गए थे। 20 दिन बाद गेट दोबारा खोले गए हैं। प्रशासन ने लोगों को दी सलाह प्रशासन ने तवा डैम और नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की सलाह दी है। जिले में 38.40 इंच औसत बारिश जिले में 18 जून को मानसून ने दस्तक थी। जून से 19 अगस्त तक जिले में 38.40 इंच औसत बारिश हो चुकी है। जुलाई माह में ही औसतन 29 इंच से ज्यादा बारिश हुई। अगस्त में उम्मीद के मुताबिक अबतक कम बारिश हुई है। मंगलवार को करीब 1 घंटे तक तेज बारिश हुई। शहर में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। जिससे शहर के जय स्तंभ चौक, गांधी प्रतिमा तिराहे के सामने सड़क पर पानी भरा गया।    

लापरवाही की इंतहा! वैन में भेड़-बकरियों की तरह भरे बच्चे, हादसे में मची चीख-पुकार

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में आज सुबह स्कूली बच्चों के साथ बड़ा हादसा हो गया. यहां एक स्कूली वैन में भेड़-बकरियों की तरह बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था. इसी दौरान वैन अंनियंत्रित होकर खेत में पलट गई. जानकारी के मुताबिक हादसा चेरा गांव पारा में हुआ और वैन में करीब 30 बच्चे सवार बताए जा रहे है. हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बच्चों को वैन से बाहर निकाला. हादसे में कुछ बच्चे घायल हुए है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. यह वैन महादेवपुर स्थित मॉडल पब्लिक स्कूल की बताई जा रही है . बच्चों ने बताया कि वे स्कूल की छुट्टी के बाद घर जा रहे थे तभी ये हादसा हो गया. अब इस मामले में डिंडो चौकी पुलिस जांच कर रही है कि, ये वैन स्कूल की है या निजी ट्रेवल एजेंट की. हालांकि इस हादसे ने ट्रैफिक पुलिस पर भी सवाल खड़े कर दिए है, क्योंकि यदि एक मारूति वैन जिसमें 5-7 लोग ही बैठ सकते है ऐसे में कैसे इसमें 30-30 बच्चों को ले जाया जा रहा था ?

BCCI ने घोषित की Women’s World Cup 2025 टीम, 15 खिलाड़ियों की किस्मत चमकी

मुंबई  बीसीसीआई ने  आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया। हरमनप्रीत कौर को 15 सदस्यीय टीम की कमान सौंपी गई है। उन्हें गोल्डन चांस मिला है। वह पहली बार 50 ओवर फॉर्मेट के वनडे वर्ल्ड में भारत की कप्तानी करेंगी। ओपनर स्मृति मंधाना को उपकप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टूर्नामेंट 30 सितंबर से भारतीय सरजमीं पर शुरू होगा। भारत ने अब तक महिला वनडे वर्ल्ड कप नहीं जीता है। नीतू डेविड की अगुवाई वाली चयन समिति ने स्टार प्लेयर शेफाली वर्मा को वर्ल्ड कप स्क्वॉड में जगह नहीं दी। नीतू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि टीम अच्छा खेल रही है। हमें लगा कि इसमें ज्यादा बदलाव करने का कोई फायदा नहीं है। इसीलिए शेफाली टीम में नहीं है। लेकिन वो हमारी रणनीति का हिस्सा बनी हुई है। शीर्षक्रम की बल्लेबाज प्रतीका रावल को टीम में चुना गया है। उन्होंने पिछले 14 वनडे में शानदार प्रदर्शन किया है। हरलीन देओल को भी अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है। चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड में हालिया सीरीज में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाली क्रांति गौड़ और श्रीचरणी को भी चुना है। बॉलिंग अटैक की कमान रेणुका सिंह ठाकुर संभालेंगी। रेणुका महिला प्रीमियर लीग के बाद पैर की चोट के कारण बाहर हो गई थीं। वह श्रीलंका में टॉई सीरीज में भी नहीं खेल पाईं। बता दें कि वर्ल्ड कप के अलावा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की महिला वनडे सीरीज के लिए भी भारतीय स्क्वॉड की घोषणा की गई है। वर्ल्ड कप और ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए स्क्वॉड में सिर्फ एक बदलाव है। तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर अमनजोत कौर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आराम दिया गया है लेकिन वह वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 14 सितंबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज आयोजित होगी। सीरीज के शुरुआती दो मैच मुल्लांपुर के स्टेडियम में होंगे जबकि अंतिम मुकाबले दिल्ली में खेला जाना है। महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के लिए भारतीय स्कॉड: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (वीसी), प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी, ऋचा घोष (विकेटकीपर), क्रांति गौड़, अमनजोत कौर, राधा यादव, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर) और स्नेह राणा। ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए भारतीय स्कॉड: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी, ऋचा घोष (विकेटकीपर), क्रांति गौड़, सयाली सतघरे, राधा यादव, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), स्नेह राणा।

सड़क हादसे में दर्दनाक मौत: टक्कर के बाद धधके वाहन, चालक और क्लीनर नहीं बच सके

उन्नाव उन्नाव-हरदोई मार्ग पर बुधवार सुबह तीन बजे मौरंग लदे डंपर और केमिकल ड्रम लड़े डीसीएम में आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के तुरंत बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। संभल जिला निवासी डीसीएम चालक और कानपुर देहात निवासी डंपर चालक व क्लीनर जिंदा जल गए। डीसीएम के क्लीनर ने कूदकर जान बचाई। पुलिस दमकल की मदद से आग बुझाई। हादसे के कारण मार्ग तीन घंटे जाम रहा। पुलिस के मुताबिक हादसा चालक को झपकी आने से हुआ है। संभल जिला के थाना असमौली के गांव गहरे की माड़िया निवासी डीसीएम चालक महिपाल (30) अपने भांजे/क्लीनर, संभल जिले के ही फतेहपुर उनमा निवासी सोनू के साथ कानपुर जा रहा था। उन्नाव-हरदोई मार्ग पर बुधवार सुबह बांगरमऊ कोतवाली के कस्बा गंजमुरादाबाद पहुचा था तभी मुरे कंपनी मोड़ पर मौरंग लदे डंपर से आमने-सामने टक्कर हो गई। तेज टक्कर होने से दोनों वाहनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और आग लग गई। डीसीएम क्लीनर सोनू ने कूदकर खुद की जान बचाई, वहीं डीसीएम चालक महिपाल और कानपुर देहात जिले के थाना भोगनीपुर के गांव चोरा निवासी चालक पवन (30) और जालौन जिला निवासी क्लीनर सुमित वाहनों में ही फंस गए और तीनों की जिंदा जल गए। पीआरवी की सूचना पर अग्निशमन विभाग की टीम पहुंची और दमकल की मदद से  आग पर बुझाई। बांगरमऊ कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि दोनों में किसी चालक को झपकी आने यह हादसा होने का अनुमान है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कर दिया गया है।

JOB ALART :12,543 पद पर जल्‍द आने है बहाली! बिहार एसएससी की परीक्षाओं से सरकारी नौकरी का मौका

JOB ALART : बिहार एसएससी से बड़ी खुशखबरी! इस साल 12,543 पदों पर होगी बहाली, युवाओं को मिलेगा रोजगार  JOB ALART :12,543 पद पर जल्‍द आने है बहाली! बिहार एसएससी की परीक्षाओं से सरकारी नौकरी का मौका  JOB Vacancy :1 करोड़ रोजगार के मिशन की ओर सरकार ने बढ़ाया कदम, एसएससी से इस साल होगी 12,543 पदों पर बहाली  JOB Vacancy : अब इंतजार खत्म! बिहार एसएससी की तेज रफ्तार भर्ती प्रक्रिया, 12,543 पदों पर बहाली शुरू पटना  बिहार सरकार बहाली का जल्‍द मौका आने वाला है। युवाओं के लिए अब सरकारी नौकरी का दरवाज़ा पहले से कहीं ज्यादा तेज़ी से खुल रहा है। राज्य सरकार ने 50 लाख युवाओं को रोजगार और नौकरी देने का लक्ष्य पूरा करने के बाद अब 1 करोड़ का नया लक्ष्य तय किया है। इस अभियान में सबसे अहम भूमिका निभा रहा है बिहार कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी)। इस साल आयोग की ओर से 12,543 पदों पर बहाली की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अगस्त में क्षेत्र सहायक के 201 पदों के लिए लिखित परीक्षा हो चुकी है। इसके साथ ही द्वितीय इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के तहत 12,199 पदों पर और प्रयोगशाला सहायक के 143 पदों पर नियुक्ति की तैयारी है। कई जिलों का रिजल्ट जारी, बाकी जल्द कार्यालय परिचारी (विशिष्ट) पदों के लिए गया और सीवान को छोड़कर 25 जिलों का रिजल्ट प्रकाशित कर दिया गया है। इन दोनों जिलों का परिणाम भी जल्द आने वाला है। वहीं, कार्यालय परिचारी के 238 पदों के लिए इस साल 11 मई को और कल्याण व्यवस्थापक या निम्नवर्गीय लिपिक के 56 पदों के लिए 29 जून को परीक्षा आयोजित की गई थी। आने वाले महीनों में बड़ी भर्ती इसके अलावा चतुर्थ स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की 1481 पदों की बहाली जल्‍द आने वाली है। कार्यालय परिचारी या परिचारी (विशिष्ट) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर 3727 पदों के लिए भी बहाली प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इन परीक्षाओं की तैयारी आयोग की ओर से लगभग पूरी कर ली गई है। पहले की तुलना में बड़ा बदलाव कुछ साल पहले तक एसएससी सिर्फ 1-2 परीक्षाएं ही आयोजित करता था। उनका भी रिजल्ट आने में महीनों और कभी कभी तो सालों लग जाते थे। लेकिन अब बिहार में बहाली के हालात बदल चुके हैं। एसएससी हर साल 3 से 5 प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कर रहा है और तय समय पर रिजल्ट भी दे रहा है। बहाली का इंतजार करने वालों का इंतजार खत्‍म ऐसे में राज्‍य सरकार में बहाली का इंतजार करने वालों का सपना जल्‍द साकार होने वाला है। राज्य एसएससी के अध्यक्ष आलोक राज का कहना है कि अब निर्धारित समय में परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं और रिजल्ट भी समय पर घोषित किए जा रहे हैं। इससे विभागों में खाली पड़े पदों को जल्दी भरा जा रहा है। सरकार के 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के संकल्प को पूरा करने में आयोग अहम भूमिका निभा रहा है।

लड़की की तलाश में ढिलाई से नाराज़ ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी

झुंझनू जिले के जसरापुर गांव में अचानक एक लड़की के लापता होने से पूरे इलाके में चिंता और गुस्से का माहौल बन गया। वार्ड नंबर 13 की यह लड़की सुबह अचानक घर से गायब हो गई। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। अंततः उन्होंने खेतड़ी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने से ग्रामीण और परिजन नाराज हो गए। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जसरापुर-खेतड़ी मार्ग पर जाम लगाकर धरना दे दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आमजन और स्कूल जाने वाले बच्चे घंटों फंसे रहे। ग्रामीणों का आरोप था कि जसरापुर के पास एक अज्ञात युवती का शव देखा गया था लेकिन मौके पर पहुंचने पर वह गायब था। इससे संदेह और बढ़ गया कि कहीं प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं कर रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की घटनाओं से बेटियां असुरक्षित हो गई हैं और पुलिस का रवैया बेहद गैर जिम्मेदाराना है। धरने की अगुवाई राजकुमार सिंह निर्वाण कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी है कि यदि पुलिस 72 घंटे में लड़की को सुरक्षित बरामद नहीं करती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरना और जाम की सूचना पर खेतड़ी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक तनावपूर्ण माहौल रहा। आखिरकार पुलिस और प्रशासन के आश्वासन पर जाम खोला गया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब केवल नतीजे चाहिए, महज आश्वासन से वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही अपराधियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक बेटियां घर से सुरक्षित लौटने की गारंटी से वंचित रहेंगी। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि पुलिस हर घटना के बाद खानापूर्ति करके आश्वासन देकर शांत कराने की कोशिश करती है लेकिन हकीकत में न तो अपराध कम हो रहे हैं और न ही बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। करीब तीन घंटे तक चला यह विरोध झुंझुनू जिले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर गया। अब देखना होगा कि पुलिस 72 घंटे की इस समय सीमा में लड़की को खोज पाती है या फिर और बड़ा आंदोलन उभरकर सामने आता है।  

बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट पर भड़के रामभद्राचार्य, उठाया धार्मिक समानता का सवाल

वृंदावन  प्रख्यात रामकथा वाचक और पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर को अपने नियंत्रण में लेने के कदम पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि अगर मस्जिदों और चर्चों के खिलाफ ऐसा कदम नहीं उठाया जा सकता, तो मंदिरों को इससे बचना चाहिए.  मंदिर के लिए एक ट्रस्ट बनाने और बांके बिहारी कॉरिडोर विकसित करने की राज्य सरकार की योजना पर पूछे गए सवालों के जवाब में, उन्होंने कड़ी असहमति जताई. रामभद्राचार्य ने कहा- "मैं मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाने के सरकार के फैसले से सहमत नहीं हूं." आपको बता दें कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य  वृंदावन स्थित तुलसी पीठ छत्तीसगढ़ कुंज में एक सप्ताह तक श्रीमद्भागवत कथा का पाठ करने पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुए बांके बिहारी मंदिर को लेकर यूपी सरकार के कदम से अपनी असहमति जाहिर की.  उन्होंने आगे कहा, "मुझे समझ नहीं आ रहा कि सरकार मंदिरों को अपने नियंत्रण में क्यों लेना चाहती है और उनका धन क्यों जब्त करना चाहती है, जबकि वह किसी मस्जिद या चर्च का अधिग्रहण नहीं कर सकती." मालूम हो कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता को अध्यादेश के माध्यम से ट्रस्ट की स्थापना और गलियारे के निर्माण का कारण बताया है.  रामभद्राचार्य का बयान मथुरा पहुंचे तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा- जो लोग सनातन धर्म का विरोध करेंगे, उनको लेकर हमने वचन दिया है कि उन्हें उचित और कठोरतम प्रसाद देंगे.  वहीं, धर्मांतरण के मसले पर उन्होंने कहा कि ये मामला बहुत संवेदनशील है और हमें संयम से काम लेना पड़ेगा. आज आवश्यकता है कि अपनी  कन्याओं को समझाया जाए. वह वीरांगना लक्ष्मीबाई बने. जबकि, मंदिरों के अधिग्रहण के बारे में रामभद्राचार्य ने कहा- जब मस्जिद और चर्च का अधिग्रहण नहीं हो सकता है तो मंदिर का भी अधिग्रहण नहीं होना चाहिए. हम इसका विरोध करते हैं. भगवान श्री कृष्ण जन्म स्थान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह श्री कृष्ण जन्मस्थान के मामले में भी गवाही देने आएंगे और सबको अपने उत्तर से चुप करेंगे. रामभद्राचार्य ने राम जन्म भूमि मंदिर के लिए गवाही दी थी. 

भारी बारिश से मुंबई बेहाल: जनजीवन अस्त-व्यस्त, लोकल सेवाएं देर रात दोबारा शुरू

मुंबई महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में पिछले 24 घंटों में बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई है। नांदेड़ जिले में बाढ़ जैसी स्थिति के कारण पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं एनडीआरएफ की कुल 18 टीमें राज्य के कई हिस्सों में तैनात हैं, साथ ही एसडीआरएफ की छह टीमें भी तैनात हैं। हार्बर लाइन लोकल ट्रेन 15 घंटे बाद बहाल मुंबई में हुई भारी बारिश से रेल पटरियों पर पानी भर जाने के कारण मंगलवार सुबह रुकी हार्बर लाइन की लोकल ट्रेन सेवाएं करीब 15 घंटे बाद बुधवार तड़के 3 बजे दोबारा शुरू हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि पानी उतरने के बाद सेवाएं बहाल की गईं। सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वानिल निला ने बताया कि मंगलवार सुबह 11:15 बजे ट्रैक डूबने के कारण पहले हार्बर लाइन और फिर मेन लाइन की सेवाएं बंद करनी पड़ीं। मंगलवार शाम 7:30 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से ठाणे के बीच मेन लाइन की सेवाएं शुरू कर दी गई थीं, लेकिन हार्बर लाइन, जो नवी मुंबई को दक्षिण मुंबई से जोड़ती है, रातभर बंद रही। कई हिस्सों में पटरियां 15 इंच तक पानी में डूबी रहीं। बुधवार सुबह सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं- बसें, लोकल ट्रेनें और मेट्रो- सामान्य रूप से चलने लगीं। रेलवे ने यात्रियों से की अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट दिया है, इसलिए केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करें और सावधानी बरतें। वेस्टर्न रेलवे ने बताया कि मंगलवार की बारिश और जलभराव की वजह से उनकी कुछ लोकल ट्रेनें बुधवार को भी रद्द रहेंगी। मुंबई में कई लोकल ट्रेन सेवाएं रद्द डीआरएम – मुंबई सेंट्रल, पश्चिम रेलवे ने बताया कि मुंबई में भारी जलभराव के कारण आज कई लोकल ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। इंडिगो ने मुंबई में भारी बारिश के मद्देनजर जारी की एडवाइजरी इंडिगो ने अपने एडवाइजरी में कहा- हम चाहते हैं कि आपकी यात्रा यथासंभव परेशानी मुक्त रहे, लेकिन प्रकृति की भी अपनी योजनाएं हैं। मुंबई में फिर से भारी बारिश की आशंका है, जिससे हवाई यातायात में रुकावट आ सकती है और उड़ानों का संचालन प्रभावित हो सकता है। हालांकि हम परिचालन को सुचारू रखने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, फिर भी हम पहले से योजना बनाने की सलाह देते हैं। आपकी उड़ान अनुसूची में कोई भी बदलाव आपके पंजीकृत संपर्क विवरण के माध्यम से साझा किया जाएगा। बारिश में फंसे लोगों की मदद जारी वहीं बारिश के कारण कई जगहों पर फंसे लोगों की मदद के लिए तमाम लोग और संगठन सामने आए हैं। इस कड़ी में विहिप सदस्यों ने कल रात शहर में भारी बारिश के बाद लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर फंसे यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया है। कई इलाकों में जलजमाव से हालात बदतर मुंबई में लगातार भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।   बाढ़ के पानी में डूबा मोरया गोसावी मंदिर महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवाड़ स्थित मोरया गोसावी मंदिर बाढ़ के पानी में डूब गया। वहीं मंगलवार को पुणे के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण खड़कवासला बांध से पानी छोड़ा गया, जिसके बाद अधिकारियों ने मुथा नदी के आसपास के इलाकों को सतर्क कर दिया।   सांताक्रूज में 24 घंटों में 200 मिमी से ज्यादा बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई के पश्चिमी उपनगरों का प्रतिनिधित्व करने वाली सांताक्रूज वेधशाला ने बुधवार सुबह 8.30 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में 200 मिमी बारिश दर्ज की। शहर में भारी बारिश के एक दिन बाद, यह जानकारी दी गई है। मंगलवार को जिन पड़ोसी जिलों में भी भारी बारिश हुई, उनमें रायगढ़ के लोकप्रिय माथेरान हिल स्टेशन में सबसे ज्यादा 382.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में भी भारी बारिश भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने बताया, 'दक्षिण मुंबई स्थित कोलाबा वेधशाला में 107.4 मिमी बारिश हुई, जबकि पश्चिमी उपनगरों स्थित सांताक्रूज वेधशाला ने 24 घंटों के दौरान 209 मिमी बारिश दर्ज की।' महानगर के अन्य इलाकों में भी तेज बारिश हुई। मंगलवार और बुधवार सुबह के बीच विक्रोली में 229.5 मिमी, मुंबई हवाई अड्डे पर 208 मिमी, बायकुला में 193.5 मिमी, जुहू में 150 मिमी और बांद्रा में 137.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट पड़ोसी जिलों में, रायगढ़ के माथेरान में सबसे अधिक 382.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद सतारा के महाबलेश्वर हिल स्टेशन में 278 मिमी, रायगढ़ के न्यू पनवेल में 217.5 मिमी, रायगढ़ के कर्जत में 211.5 मिमी, रत्नागिरी के चिपलून में 123.5 मिमी और ठाणे के भायंदर में 100.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने लोगों और स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है क्योंकि मुंबई और आसपास के जिलों के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।  

हाईकोर्ट के आदेश पर भोपाल विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ केस, फर्जी दस्तावेज से कॉलेज मान्यता का मामला

भोपाल राजधानी भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। शहर की मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कोहेफिजा थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर ये कार्रवाई की गई है। आरोप है कि, विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने कॉलेज को मान्यता दिलाई है। इसी को मद्देनजर रखते हुए पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने उनके कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के शेक्षणिक हित को मद्दनेजर रखते हुए हाईकोर्ट ने कॉलेज में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी है। लेकिन, अगले सत्र के लिए नए एडमिशन पूरी तरह से प्रतिबंधित किए गए हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। मामले की गंभीरता देखते हुए अब सभी की नजरें इसपर टिकी हैं कि, आगामी दिनों में इस केस को लेकर क्या दिशा बनती है। यह कार्रवाई जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित ने एफआईआर की पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के हित को देखते हुए कोर्ट ने कॉलेज को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन नए एडमिशन पर पूरी तरह रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। कोर्ट ने कहा था- 3 दिन के अंदर एफआईआर दर्ज करें हाईकोर्ट ने सोमवार को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मान्यता प्राप्त करने के मामले में सुनवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने भोपाल कमिश्नर को आदेश दिया कि वे तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर इसकी जानकारी कोर्ट को दें। जस्टिस अतुल श्रीधरन की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कॉलेज की मान्यता ली थी। कोर्ट ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज में नए दाखिलों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। एसआईटी करेगी मामले की जांच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि इस पूरे मामले की अब एसआईटी जांच करेगी। ADG संजीव शमी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि 90 दिन में एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट पेश करें। बता दें कि पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया था, लेकिन छात्र हित को देखते हुए कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई को कंटिन्यू रखा गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना राजनीतिक संरक्षण इतने सालों तक कॉलेज नहीं चल सकता था। कॉलेज की संचालन समिति में सचिव हैं आरिफ मसूद इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज का संचालन अमन एजुकेशन सोसाइटी करती है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद इस सोसाइटी के सचिव हैं। इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज भोपाल के खानूगांव में स्थित है। पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने की थी शिकायत पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। जांच के बाद आयुक्त उच्च शिक्षा ने माना कि अमन एजुकेशन सोसाइटी ने इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन के लिए फर्जी दस्तावेजों पर एनओसी और मान्यता ली। इसके बाद कॉलेज की मान्यता रद्द की गई। जांच में पता चला कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सेल डीड तैयार करवाई और इसे पंजीयन कार्यालय में फर्जी तरीके से दर्ज भी बताया गया। ये है मामला भोपाल से विधायक आरिफ मसूद की अमन एजुकेशन द्वारा संचालित कॉलेज की पिछले दिनों मान्यता रद्द कर दी गई थी। उच्च शिक्षा विभाग ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके पहले कॉलेज को अंतरिम मान्यता मिली थी, लेकिन कॉलेज की ओर से जरूरी कागजात और शर्तें पूरी नहीं करने पर विभाग ने मान्यता रद्द करने की बात कही थी। विधायक पर आरोप है कि, उन्होंने संस्था के फर्जी दस्तावेज लगाकर कॉलेज की मान्यता ली थी, जिसमें संबंधित अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप है।

ईस्टर्न बॉर्डर पर जनरल लेवल वार्ता, भारत-चीन ने 10 मुद्दों पर पाया समझौता

नई दिल्ली चीन के विदेश मंत्री वांग यी का भारत दौरा काफी चर्चा में रहा. वह 18 और 19 अगस्त को भारत में थे. उन्होंने यहां भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधिमंडल स्तर की 24वें दौर की वार्ता में हिस्सा लिया. इस दौरान सीमा पर तनाव कम करने, शांति बढ़ाने और विवाद को सुलझाने पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई और 10 बिंदुओं पर सहमति बनी. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के विदेश मंत्री जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की. इस दौरान वांग यी ने कजान में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की मुलाकात के बाद हुई प्रगति की तारीफ की और कहा कि 23वें दौर की वार्ता के बाद से सीमा क्षेत्र स्थिर रहे हैं.  दोनों पक्षों ने कजान में दोनों देशों के नेताओं की बैठक के बाद बनी सहमति के क्रियान्वयन में हुई प्रगति का मूल्यांकन किया और भी उल्लेख किया कि 23वें दौर की वार्ता के बाद से चीन और भारत के बीच सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनी हुई है. – दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर प्रतिबद्धता जताई. साथ ही चीन-भारत संबंधों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रासंगिक मुद्दों को मैत्रीपूर्ण परामर्श के जरिए हल करने की जरूरत पर जोर दिया.  – भारत और चीन के बीचहुई विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं दौर की वार्ता में तीन पारंपरिक सीमा व्यापार बाजारों (Traditional Boundary Trade Markets) को फिर से खोलने पर सहमति बनी है. – दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा स्थिति को द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए और 2005 में दोनों देशों के बीच बनी सहमति के अनुरूप सीमा विवाद को हल करने के लिए एक न्यायसंगत, तार्किक और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य फ्रेमवर्क तलाशा जाए. – दोनों पक्षों ने चीन-भारत सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के कार्य तंत्र (WMCC) के ढांचे के तहत एक विशेषज्ञ समूह बनाने का फैसला किया है, जो उन क्षेत्रों में सीमांकन (Demarcation) की संभावनाओं को तलाशेगा, जहां परिस्थितियां अनुकूल हैं. – दोनों देशों के बीच सहमति बनी कि WMCC के तहत एक कार्यसमूह बनाया जाएगा, जो सीमा पर प्रभावी प्रबंधन और नियंत्रण को बढ़ावा देगा, ताकि शांति बनी रहे. – पश्चिमी सीमा पर पहले से चल रही सामान्य स्तर की वार्ता के अलावा, पूर्वी और मध्य सीमा क्षेत्रों में भी ऐसी वार्ता शुरू होगी.प श्चिमी क्षेत्र में जल्द ही नए दौर की वार्ता होगी.  – दोनों पक्षों ने राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से सीमा प्रबंधन और नियंत्रण तंत्र का उपयोग करने पर सहमति जताई.  – दोनों पक्षों ने सीमा-पार नदियों पर सहयोग को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया और सीमा-पार नदियों के लिए विशेषज्ञ स्तरीय तंत्र का उपयोग करके बाढ़ की जानकारी साझा करने के समझौता ज्ञापन को नवीनीकरण करने पर संचार बनाए रखने पर सहमति जताई. चीनी पक्ष ने मानवीय सिद्धांतों के आधार पर संबंधित नदियों की आपातकालीन जल संबंधी जानकारी भारतीय पक्ष के साथ साझा करने पर सहमति दी. – दोनों पक्षों ने तीन पारंपरिक सीमा व्यापार बाजारों को फिर से खोलने पर सहमति जताई. – दोनों पक्षों ने 2026 में चीन में 25वें दौर की वार्ता आयोजित करने पर सहमति जताई.