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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर गोष्ठी, विकास कार्यों को किया गया याद

अलवर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर आज अलवर के मोती डूंगरी स्थित उनकी प्रतिमा पर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में एक विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एस.आर. यादव और हरिशंकर रावत ने राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे देश में कंप्यूटर क्रांति के जनक थे और उन्होंने पंचायती राज को सशक्त कर देश को नई दिशा दी। कांग्रेसियों ने राजीव गांधी को किया याद उनके नेतृत्व में भारत ने विकास की रफ्तार पकड़ी और उन्होंने युवाओं को तकनीकी युग की ओर अग्रसर किया। गोष्ठी में उपस्थित नेताओं ने उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमलेश सैनी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में राजीव गांधी के विचारों और दृष्टिकोण को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर कांग्रेसियों ने राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उनके समय में देश ने उत्तरोत्तर प्रगति की ओर उनका कार्यकाल हमेशा विकास की दृष्टि से याद रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने ही देश में कंप्यूटर युग की शुरुआत की गई और इसके लिए राजीव गांधी को हमेशा याद रखा जाएगा।

त्यौहारी सीजन से पहले सरकार ने दी आम जनता को राहत, 12% और 28% वाले GST स्लैब खत्म

नई दिल्ली  महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को बड़ी राहत देने की तैयारी है। जीएसटी स्लैब की संख्या घटाकर दो यानी 5% और 18% कर दी जाएगी।12% और 28% वाले स्लैब को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। बता दें कि आज 21 अगस्त 2025 को हुई बैठक में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) ने केंद्र सरकार का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, जिसमें मौजूदा चार GST स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को केवल दो—5% और 18% में बदलने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव में 12% और 28% स्लैब को पूरी तरह से समाप्त करने की सिफारिश की गई है। बता दें कि इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 12% स्लैब में आने वाले अधिकतर सामान और सेवाएं 5% में आ जाएंगी, जबकि 28% स्लैब की लगभग 90% वस्तुएं और सेवाएं 18% में आ जाएंगी। केवल तंबाकू, पान मसाला जैसे सिन गुड्स पर ऊंची दरें जारी रहेंगी। जीएसटी मीटिंग में ऐलान संभव केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मंत्रिसमूह की बैठक में बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "हमने भारत सरकार के 12% और 28% के जीएसटी स्लैब को खत्म करने के दो प्रस्तावों का समर्थन किया है।" सम्राट चौधरी ने कहा कि सभी ने केंद्र द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सुझाव दिए। कुछ राज्यों की टिप्पणियां भी थीं। इसे जीएसटी काउंसिल को भेज दिया गया है। अब आगे का फैसला काउंसिल करेगी। केंद्र सरकार द्वारा 2 स्लैब समाप्त करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया और उसका समर्थन किया गया। हमने केंद्र सरकार द्वारा 12% और 28% के जीएसटी स्लैब को समाप्त करने के दो प्रस्तावों का समर्थन किया है।" क्या होगा सस्ता – जानिए 12% स्लैब से 5% स्लैब में आने वाले सामान 12% वाले टैक्स स्लैब को खत्म करके उन्हें 5% में लाने का मतलब है कि इन पर लगने वाला टैक्स लगभग 7% कम हो जाएगा। इससे ये चीजें सस्ती हो जाएंगी- • कपड़े और रेडीमेड गारमेंट्स (₹1,000 से ऊपर के कपड़े भी अब सस्ते हो सकते हैं) • जूते-चप्पल • प्रिंटिंग और स्टेशनरी आइटम्स • काफी सारे प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स • होम अप्लायंसेज की कुछ कैटेगरी (जिन पर 12% लगता था) इस बदलाव का सीधा असर मध्यम वर्ग और आम उपभोक्ता पर पड़ेगा क्योंकि रोजाना इस्तेमाल वाली कई चीजें इस श्रेणी में आती हैं। 2. 28% स्लैब से 18% स्लैब में आने वाले सामान 28% स्लैब की लगभग 90% चीज़ों को 18% में लाने का मतलब है कि इनकी कीमत पर टैक्स का बोझ 10% कम हो जाएगा। इससे निम्न चीज़ें सस्ती हो सकती हैं- • टू-व्हीलर और कारें (खासकर छोटे वाहन और एंट्री-लेवल मॉडल) • सीमेंट और बिल्डिंग मटेरियल (हाउसिंग और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा फायदा) • कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, टीवी आदि • कुछ पैकेज्ड फूड और बेवरेजेस • पेंट्स और वार्निश इससे न केवल उपभोक्ता को राहत मिलेगी बल्कि रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री में भी तेजी आ सकती है।  

टीम सिलेक्शन पर विवाद, चोपड़ा ने हर्षित राणा की जगह पर उठाए सवाल

नई दिल्ली एशिया कप के लिए टीम इंडिया का स्क्वाड घोषित होते ही चयन को लेकर बहस तेज हो गई है। श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल, मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों को 15 सदस्यों वाले स्क्वाड में नहीं चुनने पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल कुछ खिलाड़ियों का चयन होने पर भी उठ रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कोलकाता नाइट राइडर्स के तेज गेंदबाज हर्षित राणा को एशिया कप के लिए चुने जाने पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है। चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर पूछा, 'हर्षित राणा का केस बहुत ही दिलचस्प है। उनके मामले में चर्चा की जरूरत है क्योंकि वह बार शिवम दुबे के रिप्लेसमेंट के तौर पर आए थे और तीन विकेट भी चटकाए। प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। लेकिन उससे पहले और उसके बाद क्या हुआ?' चोपड़ा ने आगे कहा, 'उनका पिछला आईपीएल सीजन बहुत ही साधारण रहा। उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। उनके आंकड़े ठीक नहीं हैं। ऐसा नहीं लगता कि उनके आंकड़े इतने दमदार हैं कि उन्हें स्क्वाड में जगह मिलनी चाहिए।' पूर्व क्रिकेटर ने कहा, 'यह भी सच है कि उन्हें सभी मैच खेलने का मौका मिलने से रहा। हो सकता है कि उन्हें एक मैच का मौका मिल जाए अगर बुमराह उपलब्ध नहीं रहेंगे तब। अगर उन्हें खेलने का मौका नहीं मिलने जा रहा तो आप कहेंगे कि बाहर ही तो बैठना है, क्या ही फर्क पड़ रहा है।।' आकाश चोपड़ा ने प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज के ऊपर हर्षित राणा को तरजीह दिए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'अगर आप उनके हालिया प्रदर्शन को देखें तो पाएंगे कि यार ये तो प्रसिद्ध कृष्णा को मौका मिलना चाहिए था या फिर मोहम्मद सिराज को इनाम मिलता। लेकिन वे एक बार फिर हर्षित राणा की तरफ गए हैं।'  

मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे अहम, 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से मानसून सक्रिय हो गया है। मानसून की सक्रियता की वजह से कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। राजधानी भोपाल में भी सुबह से बादल छाए हुए हैं। साथ ही रात में बारिश भी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में एक मजबूत सिस्टम सक्रिय है। गुरुवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 2 से 4 इंच तक बारिश यहां हो सकती है।मप्र में अब तक औसत 32.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो मानसूनी कोटे की 87 प्रतिशत है। प्रदेश से एक मानसून ट्रफ के गुजरने के चलते बुधवार को भी बारिश का दौर रहा। कई जिलों में पानी गिरा। वहीं, गुरुवार को कुल 12 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। इन 12 जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग ने गुरुवार को 12 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 गेटों में से 7 गेट आज भी खुले हुए हैं। कल बुधवार सुबह 6:30 बजे से डैम के 5 गेट खोले गए थे। उसके बाद 2 और गेट खोल दिए गए। रतलाम में केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना सीजन में तीसरी बार बह निकला। मंदिर परिसर में पानी ही पानी हो गया। डिंडौरी और शिवपुरी में भी सुबह से बारिश हो रही है। इससे पहले बुधवार को रतलाम, दमोह में भारी बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 30 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। जिन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश होने की संभावना है, उनमें नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर जिले शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच पानी गिर सकता है। 21 अगस्त को भारी बारिश का यलो अलर्ट मौसम विभाग की मानें तो, 21 अगस्त को एमपी के नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में भारी बारिश(Heavy Rain) का यलो अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट है। 22 और 23 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, 22 अगस्त को एमपी के नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुनी, शिवपुरी, श्योपुर, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिशHeavy Rain) का यलो अलर्ट है। वहीं 23 अगस्त को ग्वालियर मुरैना, श्योपुर, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश(Heavy Rain) का यलो अलर्ट जारी किया गया है। क्यों हो रही तेज बारिश? मौसम विभाग ने बताया कि इस समय मानसून ट्रफ बैतूल और मंडला से गुजर रही है. इसके अलावा, दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम का असर भी प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है. यही वजह है कि लगातार तेज बारिश का दौर जारी है. यहां हल्की बारिश की संभावना इसके अलावा, मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में अब तक औसत 32.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 87 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग ने 22 और 23 अगस्त को भी कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। रतलाम में सबसे अधिक बारिश वहीं, बुधवार को रतलाम में 3 इंच बारिश हुई। प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहा। रतलाम में 9 घंटे में लगभग 3 इंच बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। दमोह में ढाई इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह इंदौर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भोपाल, नरसिंहपुर, उज्जैन, बैतूल, टीकमगढ़, छतरपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, शाजापुर, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रीवा, सागर, सतना, सीधी, नरसिंहपुर, उमरिया, बालाघाट, राजगढ़, विदिशा, देवास में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, बैतूल और मंडला से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही, दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बने हुए हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। एमपी में झमाझम बारिश से हाल बेहाल, प्रदेश में अब तक 32.4 इंच बारिश दर्ज मौसम विभाग ने 22 और 23 अगस्त को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. राजधानी भोपाल में भी बुधवार को झमाझम बारिश देखने को मिली थी, जिससे निचली बस्तियों में पानी भर गया और जगह-जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई. प्रदेश में अब तक 32.4 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है. यह सामान्य औसत से करीब 87% है. अगर आने वाले दिनों में इसी तरह बारिश होती रही तो जल्दी ही प्रदेश का बारिश का पूरा कोटा पूरा हो जाएगा.

कब है भाद्रपद अमावस्या? पूजा, स्नान और दान का महत्व व सही मुहूर्त

हिंदू धर्म में अमावस्या को महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दिन पितरों की पूजा की जाती है. भाद्रपद माह की अमावस्या को कुशग्रहणी अमावस्या या पिठोरी अमावस्या भी कहा जाता है. इस दिन पितरों का तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य किया जाता है. इस बार भाद्रपद अमावस्या 23 अगस्त को है क्योंकि यह अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है इसलिए इसको शनि अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है.  भाद्रपद अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त पंचांग के अनुसार, भाद्रपद अमावस्या की तिथि 22 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 23 अगस्त, शनिवार के दिन सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर होगा. उदयातिथि के अनुसार, भाद्रपद अमावस्या 23 अगस्त को ही मनाई जाएगी.  स्नान-दान मुहूर्त- इस दिन स्नान दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर 5 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगा.  भाद्रपद अमावस्या 2025 पूजन विधि  इस दिन किसी पवित्र नदी, तालाब या कुंड में स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें. गायत्री मंत्र का पाठ करें. इसके बाद भगवान शिव की पूजा करें. पितरों का तर्पण करें और उनके मोक्ष की कामना करें. पूजा-पाठ के बाद किसी जरूरतमंद को भोजन और वस्त्र का दान करें. इस दिन देवी लक्ष्मी का पूजन करना भी शुभ माना जाता है. भाद्रपद अमावस्या के दिन सुहागिन स्त्रियां पीपल की पूजा करती हैं. भाद्रपद अमावस्या के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना करके कमजोर चंद्रमा को बलवान किया जा सकता है.  भाद्रपद अमावस्या के उपाय  1. भाद्रपद अमावस्या पर खीर बनाकर शिवजी को अर्पित करें. कुछ अंश पितरों के नाम से भी निकालें. शिवजी को अर्पित की हुई खीर निर्धनों में बांटें. पितरों की खीर किसी पशु को खिला दें. सफेद चंदन की लकड़ी नीले धागे में बांधकर पहन लें.  2. पारिवारिक समस्या के लिए स्नान करके नारंगी वस्त्र धारण करें. भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करें. उनके समक्ष "ऊं गौरीशंकराय नमः" का जप करें. सात्विक भोजन बनाकर दान करें.

पहले ही मैच में झटका! एक्शन विवाद के चलते अफ्रीकी स्पिनर पर बैन

नई दिल्ली  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बुधवार को बताया कि दक्षिण अफ्रीकी ऑफ स्पिनर प्रेनेलन सुब्रायन की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के लिए रिपोर्ट की गई। आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘मैच अधिकारियों की रिपोर्ट में सुब्रायन के गेंदबाजी एक्शन की वैधता को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। ’’  सुब्रायन ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले एकदिवसीय मैच में 46 रन देकर एक विकेट लिया जिससे दक्षिण अफ्रीका ने 98 रन से जीत हासिल कर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली। इकतीस वर्षीय सुब्रायन के पास आईसीसी से मान्यता प्राप्त परीक्षण प्रयोगशाला में अपने गेंदबाजी एक्शन का स्वतंत्र मूल्यांकन कराने के लिए 14 दिन का समय है। जांच के परिणाम आने तक उन्हें गेंदबाजी करने की अनुमति है। नियम के अनुसार गेंदबाज को क्रिकेट गेंद फेंकते समय अपनी कोहनी को 15 डिग्री तक मोड़ने की अनुमति है। यह पहली बार नहीं है जब यह ऑफ स्पिनर जांच के दायरे में आया है। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने 2012 में दो अलग जांच करने के बाद उनके गेंदबाजी एक्शन को अवैध घोषित किया था। इसके बाद 2013 में सुधारात्मक कार्रवाई के बाद उन्हें गेंदबाजी करने की अनुमति दी गई और उनके गेंदबाजी एक्शन का दोबारा परीक्षण किया गया। बाद में 2014 में भारत में चैंपियंस लीग टी20 टूर्नामेंट के दौरान और फिर 2015 में एक घरेलू टी20 टूर्नामेंट के दौरान उनकी गेंदबाजी एक्शन की रिपोर्ट की गई। वह 2016 की शुरुआत में उनके गेंदबाजी एक्शन के पुनर्मूल्यांकन में विफल रहे लेकिन क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के हाई परफॉरमेंस सेंटर से मंजूरी मिलने के बाद उन्हें मंजूरी दे दी गई और मार्च 2016 में उन्होंने गेंदबाजी फिर से शुरू कर दी। सुब्रायन ने इस साल बुलावायो में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना टेस्ट पदार्पण किया था और पहली पारी में चार विकेट झटके थे।  

विष्णुदेव साय का बड़ा कदम : विदेशी उद्यमियों को देंगे छत्तीसगढ़ में निवेश का न्योता

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दिल्ली से देर शाम विदेश दौरे पर जाएंगे। दौरे को लेकर CM साय ने कहा, जापान और साउथ कोरिया का प्रवास रहेगा। बतौर मुख्यमंत्री यह पहला विदेश दौरा होगा। जापान वर्ल्ड एक्सपो का आयोजन है, जिसमें शामिल होंगे। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल्स तीनों क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है। प्रदेश में भी इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं है। प्रदेश की नई उद्योग नीति को लेकर जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए उद्यमियों को आमंत्रित करेंगे। दिल्ली में सीएम साय वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ उनकी पत्नी कौशल्या देवी साय और अधिकारी भी विदेश दौरे पर जा रहे हैं। मंत्री रामविचार नेताम, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल भी सीएम के साथ दिल्ली रवाना हुए। मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सीएम को सीऑफ किया। उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे सीएम साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान की ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो में उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। सीएम का पहला विदेश दौरा काफी मायनों में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल छत्तसीगढ़ में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ की सरकार इस पर प्रयास कर रही है।

रिश्तेदारी में खून का खेल! 60 हजार में कराई चचेरे भाई की हत्या, साजिश का खुलासा

कोंडागांव जमीन विवाद में चचेरे भाई की हत्या की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. चचेरे भाई ने षड्यंत्र रचकर 60 हजार रुपए में हत्या की सुपारी दी थी. पूरा मामला कोंडागांव का है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी मो. मजहर अली खान पूर्व में भी जिला दुर्ग एवं थाना कोतवाली कोण्डागांव से कई मामलों में जेल जा चुका है. एसपी वाय. अक्षय कुमार के निर्देशन में व अति. पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस की टीम ने हत्या की साजिश रचने वाले 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दरअसल 20 अगस्त 2025 को चोरी संबंधी मामलों में संदेही मो. मजहर अली खान को अभिरक्षा में लेकर थाना कोण्डागांव एवं सायबर की संयुक्त टीम पूछताछ कर रही थी. संदेही का मोबाइल चेक किया गया. संदेही मो. मजहर अली खान के मोबाइल में दहिकोंगा निवासी राजकुमार बघेल के साथ मोबाइल चैट में इनके चचेरा भाई कंवल सिंह बघेल पेसे से वकील की षड़यंत्र पूर्वक हत्या की साजिश रचने की जानकारी प्राप्त हुई. राज कुमार बघेल एवं मो. मजहर अली खान को तलब कर बारिकी से पूछताछ की गई. इस पर राज कुमार बघेल ने बताया कि इसके चचेरा भाई कंवल सिंह बघेल के साथ सन 2021 से जमीन संबंधी विवाद चल रहा है एवं प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है. आरोपी राजकुमार बघेल जमीन संबंधी मामले को लेकर अपने चचेरा भाई कंवल सिंह बघेल का हत्या कराना चाहता था. इसके लिए आरोपी मो. अजहर अली खान को 60 हजार रुपए दिए थे. षड़यंत्र पूर्वक हत्या करने के लिए दोनों मिलकर साजिश रच रहे थे. प्रार्थी कंवल सिंह बघेल पिता स्व. सुकदास बघेल निवासी मिची पारा दहिकोंगा की रिपोर्ट पर थाना कोण्डागांव में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया. दोनों आरोपियों के विरूद्व पर्याप्त साक्ष्य सबूत पाए जाने एवं अपराध करना स्वीकारने पर आज दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया. पकड़े गए आरोपी 1. मो. मजहर अली खान पिता मो. खलील उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम दहिकोंगा, स्थाई पता केलाबाड़ी दुर्ग 2. राज कुमार बघेल पिता दासु राम बघेल उम्र 41 वर्ष निवासी ग्राम दहिकोंगा

इंदौर में फिर उतरी मेघालय पुलिस, राजा रघुवंशी हत्याकांड पर DCP से की बातचीत

इंदौर इंदौर के ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाह ने मौत का ब्लूप्रिंट बनाने के लिए हत्याकांड से पहले नए मोबाइल खरीदे थे। हत्याकांड के बाद सोनम की कॉल डिटेल से खुलासा हुआ था कि राजा को ठिकाने लगाने के लिए सोनम की राज और उसके साथियों से मोबाइल पर लगातार बातचीत और चैटिंग हो रही थी। हत्या के बाद ये मोबाइल बंद हो गए थे। बस इसी मामले में शिलॉन्ग पुलिस की तीन सदस्यीय टीम इंदौर आई है। मिली जानकारी के अनुसार, मोबाइल खरीद को लेकर शिलॉन्ग पुलिस कुछ और जानकारियां इकट्ठा करना चाहती है। इस मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी क्राइम राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शिलॉन्ग पुलिस का एक दल इंदौर आया है। अपराध शाखा की टीम भी जांच में साथ है। आज शिलॉन्ग पुलिस की टीम कुछ जगह जाएगी। उल्लेखनीय है कि सहकार नगर, केट रोड निवासी राजा रघुवंशी (30) की उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ साजिश कर आनंद, विशाल और आकाश से शिलांग में हत्या करवा दी थी। शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि सोनम और राज ने राजा को ठिकाने लगाने के लिए नए मोबाइल फोन खरीदे थे। इनके जरिए आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में थे। मिली जानकारी के अनुसार राज, साथी हत्यारों से पल-पल की जानकारी ले रहा था। शिलॉन्ग पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है। हालांकि शिलॉन्ग पुलिस की विवेचना पूरी हो गई है। चालान डायरी कोर्ट में पेश करने की तैयारी है। इस बीच मोबाइल खरीदी का पेंच फंसने पर चालान पेश करने से पहले कुछ जरुरी तहकीकात करने शिलॉन्ग पुलिस ने कल इंदौर में डेरा डाला है।

चार प्‍वाइंट में समझिए सीएम नीतीश ने जेपी आंदोलनकारियों की पेंशन दोगुनी कर कैसे बनाई मजबूत छवि

लोकतंत्र रक्षक’ की छवि मजबूत करने में जुटे नीतीश, जानिए क्या है पूरी स्ट्रैटजी चार प्‍वाइंट में समझिए सीएम नीतीश ने जेपी आंदोलनकारियों की पेंशन दोगुनी कर कैसे बनाई मजबूत छवि चुनाव से पहले नीतीश का बड़ा दांव! जेपी सेनानियों की पेंशन दोगुनी, विपक्ष पर दबाव पटना आपातकाल को 50 साल पूरे होने के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा राजनीतिक दांव चला है। उन्होंने जयप्रकाश नारायण आंदोलन से जुड़े सेनानियों की पेंशन राशि को दोगुना कर दी है। अब एक माह से छह माह तक जेल में रहे आंदोलनकारियों को 15 हजार और छह माह से अधिक समय तक जेल में रहे सेनानियों को 30 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी।  सामाजिक असर भी डालेगा ये फैसला  इस फैसले पर कैबिनेट की ओर से मंजूर कर लिया गया है। साथ ही इसे 1 अगस्त से लागू कर भी दिया गया। इतना ही नहीं, यदि किसी सेनानी का निधन हो जाता है तो उनकी पत्नी/पति या आश्रित को भी यह पेंशन मिलती रहेगी। यानी यह योजना केवल आंदोलनकारियों तक सीमित नहीं बल्कि उनके परिवार तक असर डालेगी। समझिए राजनीतिक मायने गौर करने वाली बात ये है कि बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। दो महीने के भीतर आचार संहिता भी लग जाएगी। ऐसे में सीएम नीतीश कुमार लगातार ऐसे फैसले ले रहे हैं, जो उन्‍हें सीधे राजनीतिक लाभ पहुंचाने वाला हो। जो ऐसे में यह फैसला भी सीधे-सीधे राजनीतिक लाभ पहुंचाने वाला माना जा रहा है। 1 जेपी सेनानियों का सीधा वोट बैंक  बिहार में करीब साढ़े तीन हजार की संख्या में जेपी आंदोलनकारी हैं। इसके अलावा उनके परिवार वाले आज भी मौजूद हैं। उनके सम्मान और पेंशन राशि को दोगुना करना नीतीश को इस वर्ग का अटूट समर्थन दिला सकता है। 2 ‘लोकतंत्र रक्षक’ छवि का मजबूत होना  नीतीश कुमार खुद जेपी आंदोलन की उपज हैं। ऐसे में यह कदम उन्हें लोकतंत्र के सच्चे रक्षक और जेपी की विरासत को आगे बढ़ाने वाले नेता के रूप में प्रोजेक्ट करता है। यह उनकी साख को पुराने वोटरों और नए युवाओं दोनों में मजबूत करता है। 3 भाजपा और कांग्रेस पर दबाव आपातकाल की याद दिलाकर नीतीश कुमार अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस को घेरने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वहीं, भले ही प्रदेश में बीजेपी ओर जेडीयू के गठबंधन वाली सरकार है। मगर, भाजपा के सामने यह चुनौती होगी कि वह नीतीश की इस ‘जेपी कार्ड’ को कैसे काटे! ये अलग बात है कि भाजपा भी जेपी आंदोलन को अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि मानती रही है। लेकिन महत्‍वपूर्ण बात ये है कि जेपी आंदोलन से जुड़े क्रांतिकारियों का पेंशन दोगुना कर नीतीश कुमार ने आंदोलन का क्रेडिट और अपनी जन नायक नेता के रूप में तो जरूर मजबूत की है। 4 वरिष्ठ नागरिकों और पारिवारिक वोटरों पर असर  चूंकि इस पेंशन योजना का लाभ आश्रितों को भी मिलेगा, इसका असर हजारों परिवारों तक होगा। जो सिर्फ एक वर्ग नहीं, बल्कि उनके पूरे सामाजिक-परिवारिक दायरे में नीतीश के लिए सकारात्मक माहौल भी बनाएगा। चुनावी मास्टरस्ट्रोक! नई ऊंचाई पर काबिज हुए नीतीश विशेषज्ञ मानते हैं कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ऐसा फैसला लेना महज एक ‘वेलफेयर स्टेप’ नहीं है, बल्कि यह एक सोचा-समझा राजनीतिक कदम है। यह न सिर्फ जेपी सेनानियों बल्कि पूरे राज्य में "लोकतंत्र के रक्षक" की भावना को जगाने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे नीतीश कुमार विपक्ष के मुकाबले एक नैतिक ऊंचाई पर खड़े दिखेंगे। जेपी सेनानियों की पेंशन दोगुनी कर नीतीश कुमार ने जहां लोकतंत्र के सिपाहियों का मान बढ़ाया है, वहीं इस कदम से चुनावी समीकरण भी उनके पक्ष में जाते नजर आ रहे हैं।