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HKRN कर्मचारियों को हरियाणा में फिर नौकरी का खतरा, नोटिफिकेशन हुआ जारी

हरियाणा  हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत 5 साल से कम अनुभव वाले कर्मचारियों की नौकरी पर फिर संकट मंडरा रहा है। बता दें कि रोहतक में सिंचाई विभाग में HKRN के तहत क्लास-सी के 8 और ग्रुप-डी के 2 कर्मचारियों को हटाने के निर्देश जारी कर दिए गए है। दरअसल हरियाणा सरकार ने HKRN कर्मियों की नौकरी को सेवा सुरक्षा गारंटी के तहत सुरक्षा देने का ऐलान किया है। हालांकि इसमें शर्त यह है कि HKRN कर्मियों को अपनी 5 साल की नौकरी करना अनिवार्य है। इसकी नोटिफिकेशन भी जारी हो चुकी है। वहीं बता दें कि हरियाणा में करीब 1.20 लाख कर्मी हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे हुए है। हालांकि यह आंकड़ा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है कि इनमें से 5 साल से कम अनुभव वाले कितने कर्मचारी हैं। इसी बीच रोहतक में 5 साल से कम नौकरी करने वाले कर्मियों को हटाने का निर्देश जारी कर दिया है। जिसके बाद कर्मचारियों को नौकरी की टेंशन हो गई है। 

सूर्या हांसदा की हत्या पर बोले अर्जुन मुंडा – भ्रष्टाचार और लूट के खिलाफ उठाई आवाज बनी जानलेवा

रांची  झारखंड में भाजपा प्रदेश कार्यालय में सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की जांच के लिए गठित सात सदस्यीय टीम की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, प्रदेश प्रवक्ता अमित मंडल एवं अनीता सोरेन उपस्थित थे। बैठक में जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जो प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को सौंपा जाएगा। बाद में मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि ललमटिया दौरे पर जाने के बाद टीम ने स्व सूर्या हांसदा के परिजनों एवं वहां के प्रबुद्ध जन, स्थानीय जनता से घटना के संदर्भ में जानकारी ली। मुंडा ने कहा कि सभी ने स्पष्ट तौर पर आशंका जाहिर की कि स्व सूर्या हांसदा का इनकाउंटर फर्जी है तथा यह साजिशन हत्या है। उन्होंने कहा कि स्व हंसदा अवैध उत्खनन तथा भ्रष्टाचार का सदैव विरोध करते थे। उनका परिवार रूढ़िवादी पारम्परिक आदिवासी व्यवस्था का अगुआ है। उनका परिवार मांझी परिवार है। मुंडा ने कहा, स्व सूर्या हांसदा अपने आंदोलनों के कारण खनन माफियाओं के आंखों की किरकिरी बने हुए थे। उनके रास्ते में रोड़ा बनकर खड़े थे इसलिए उन्हें रस्ते से हटाने की साजिश रची गई। मुंडा ने कहा कि जिस मुकदमे में उनका एनकाउंटर दिखाया जा रहा उसमें वे नामजद भी नहीं थे।कहा कि स्व सूर्या हांसदा गरीब बच्चों के मसीहा थे। सैकड़ों बच्चों के शिक्षा की चिंता करते थे। आज वे बच्चे अनाथ महसूस कर रहे थे। मुंडा ने कहा कि भाजपा स्व सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की लड़ाई को अंतिम दम तक लड़ेगी। पार्टी परिवार के साथ खड़ी है। कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी ठोस आंदोलन कार्यक्रम की घोषणा करेगी।  

आरिफ मसूद कॉलेज विवाद: जांच के लिए एसआईटी बनाई गई, संजीव शमी होंगे प्रमुख

भोपाल  भोपाल की मध्य विधानसभा से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की मान्यता के मामले में डीजीपी कैलाश मकवाना ने तीन सदस्यीय जांच दल (SIT)  गठित किया है। यह जांच दल फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मान्यता के मामले में जांच करेगा। हाई कोर्ट की डबल बेंच के निर्देश के बाद डीजपी कैलाश मकवाना ने SIT का गठन संजीव शमी एडीजी (टेलीकॉम) के नेतृत्व मे किया गया है जिसमें डी. कल्याण चक्रवर्ती डीआईजी छिंदवाड़ा रेंज और  निमिशा पांडे एआईजी (प्रशिक्षण) पीएचक्यू भोपाल को शामिल किया गया है। एडीजी संजीव शमी के नेतृत्व मे बनाई गई SIT जाली दस्तावेजों के माध्यम से विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता के मामले की जांच करेगी। बता दें हाईकोर्ट ने प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता से जुड़े फर्जी दस्तावेजों के मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने और  डीजीपी कैलाश मकवाना को विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद पुलिस ने विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। साथ ही अब डीजीपी ने हाईकोर्ट के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय SIT का नेतृत्व एडीजी कम्युनिकेशन संजीव शमी करेंगे।   दो बार फर्जी सेल डीड का इस्तेमाल आरोप है कि अमन एजुकेशन सोसाइटी के सचिव रहते हुए आरिफ मसूद ने कॉलेज की मान्यता के लिए दो बार फर्जी सेल डीड जमा की थी। यह दस्तावेज़ साल 2004 और 2005 के बीच पेश किए गए थे। करीब 20 साल तक इस फर्जीवाड़े की जांच नहीं हुई और आखिरकार सब-रजिस्टार परी बाजार, भोपाल की रिपोर्ट के बाद मामला उजागर हुआ। 

सरकार के वकील से CJI ने पूछा- क्या न्यायपालिका सिर्फ कमजोर दर्शक बनी रहे?

नई दिल्ली राज्यपाल और राष्ट्रपति को विधानसभा से पारित बिलों को मंजूरी देने या फिर लौटाने के लिए 90 दिनों की टाइमलाइन तय करने पर सुप्रीम कोर्ट में दिलचस्प बहस जारी है। राष्ट्रपति की ओर से इस केस में रेफरेंस दाखिल किया गया है और अब अदालत में इस पर बहस चल रही है। गुरुवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए आर्टिकल 200 का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संविधान के इस प्रावधान के अनुसार राज्यपाल की शक्ति व्यापक है और उसके दायरे में यह आता है कि वह अपने विवेक से किसी बिल पर फैसला लें। संवैधानिक और राजनीतिक शिष्टता का पालन करते हुए राज्यपाल फैसला लेते हैं और उसके लिए कोई समयसीमा तय करना गलत है। सरकार का पक्ष रखते हुए तुषार मेहता ने कहा कि राज्यपाल और राष्ट्रपति एक संवैधानिक संस्था हैं। इसी तरह अदालत भी संवैधानिक संस्था है। सवाल है कि आखिर एक संवैधानिक संस्था अपने बराबर की दूसरी संस्था के लिए टाइमलाइन कैसे तय कर सकती है। इस पर जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि ऐसी स्थिति हो गई है कि दोनों अपनी-अपनी तरफ से अतिवादी रुख अपना रहे हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि एक ने अपना निर्णय ले लिया है। लेकिन ऐसा नहीं कहा जा सकता कि किसी का ही पक्ष सही है। इस दौरान चीफ जस्टिस बीआर गवई ने भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यदि कोई संवैधानिक संस्था गलती करती है तो समाधान की जरूरत है। यह अदालत संविधान का ही एक अंग है। यदि एक संवैधानिक संस्था बिना किसी वैध कारण के अपना काम नहीं कर रही है तो फिर क्या अदालत को यह कहना चाहिए कि हम शक्तिहीन हैं और हमारे हाथ बंधे हैं। हमें कुछ तो निर्णय करना होगा। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत के अधिकार क्षेत्र पर ही सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले को कोर्ट में ले जाना और उसका फैसला करना ठीक नहीं है। तुषार मेहता ने कहा कि मान लीजिए कि गवर्नर किसी बिल पर फैसला नहीं ले रहे हैं तो उसके राजनीतिक समाधान हैं। एक प्रतिनिधिमंडल ऐसे मामलों में पीएम या राष्ट्रपति के पास जा सकता है। इस तरह मसला हल हो सकता है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि अदालत की ओर से टाइमलाइन तय की जाए। ऐसे मामले कई राज्यों में सामने आए हैं। राजनीतिक परिपक्वता से ही ऐसे मसले हल हुए हैं। इस पर जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि ठीक है, हम टाइमलाइन तय नहीं करेंगे। लेकिन एक प्रॉसेस तो होना चाहिए।  

विपक्ष का हंगामा तय! सरकार को घेरने की तैयारी में BJP-कांग्रेस

रांची झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र पुन: 22 अगस्त से शुरू होगा और 28 अगस्त तक चलेगा। इस बार सत्र के दौरान कुल चार बैठकें होगी। 23 अगस्त को शनिवार और 24 अगस्त को रविवार होने के कारण इन दोनों दिनों में बैठक नहीं होगी। इसके अलावा 27 अगस्त को भी अवकाश होगा। उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र पहले 1 अगस्त से 7 अगस्त तक निर्धारित था और इसका शुभारंभ एक अगस्त को हुआ भी था, लेकिन 4 अगस्त को दिशोम गुरु और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के कारण सत्र को तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। सदन के अनिश्चितकाल के लिए स्थगन के बाद विधानसभा सचिवालय द्वारा पुन: बैठक का औपबंधिक कार्यक्रम जारी किया गया है। इसके अनुसार अब मानसून सत्र पुन: 22 अगस्त से शुरू होगा। सदन में 22 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पेश की जाएगी। उसके बाद शोक प्रकाश होगा। 25 अगस्त को प्रश्नकाल होगा तथा प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा की जाएगी। 26 अगस्त को प्रश्नकाल होगा एवं राजकीय विधेयक पेश किया जाएगा जाएंगे। 28 अगस्त को प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक अन्य राजकीय कार्य होगा और गैर सरकारी संकल्प भी लिए जाएंगे।  

रेखा गुप्ता हमले का आरोपी बोला – बंदरों के लिए अयोध्या में किया था अनशन

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को उनके सिविल लाइंस स्थित आवास में जनसुनवाई के दौरान एक सनसनीखेज हमला हुआ। हमलावर की पहचान गुजरात के राजकोट निवासी 41 वर्षीय राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया के रूप में हुई। राजेश फरियादी बनकर सीएम हाउस पहुंचा और उसने न केवल मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारने की कोशिश की, बल्कि उनके बाल खींचकर उन्हें धक्का भी दिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि यह शख्स पहले अयोध्या में बंदरों की सुरक्षा के लिए अनशन कर चुका है। हमलावर का अजीबोगरीब इतिहास आरोपी राजेश ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। राजेश की मां और पड़ोसी ने बताया कि वह जानवरों से प्रेम करता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजेश ने साल अयोध्या में बंदरों के लिए अनशन किया था। पिछले साल अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद वहां प्रशासन ने मंदिर परिसर से बंदरों को हटाने का अभियान शुरू किया था। यह सुनकर राजेश राजकोट से अयोध्या पहुंच गया। इसके अलावा आरोपी राजकोट में भी जानवरों के हितों के लिए प्रदर्शन कर चुका है। उसके पड़ोसी ने बताया कि वह गाय को रोटी खिलाता है और आवारा कुत्तों की देखभाल करता है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आवारा कुत्तों को पकड़ने के आदेश से वह खासा नाराज था और इसलिए उसने सीएम पर हमला करने की योजना बनाई। जनसुनवाई में अचानक हंगामा हर बुधवार की तरह, सुबह करीब 8:15 बजे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने सिविल लाइंस कार्यालय में जनता की समस्याएं सुन रही थीं। लोग अपनी शिकायतों के साथ कतार में थे। तभी राजेश अपनी बारी आने पर आगे बढ़ा। उसने पहले कुछ कागजात हवा में लहराए, चिल्लाया और फिर अचानक मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया। उसने रेखा गुप्ता को थप्पड़ मारा, उनके बाल खींचे और उन्हें धक्का देकर गिराने की कोशिश की। सुनियोजित साजिश या पशु प्रेम की सनक? मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हमले को हत्या की सुनियोजित साजिश करार दिया है। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि राजेश ने हमले से पहले कम से कम 24 घंटे तक रेखा गुप्ता के शालीमार बाग स्थित निजी आवास और सिविल लाइंस कार्यालय की रेकी की थी।  

झारखंड में वन्यजीव सुरक्षा को बड़ा झटका, पलामू अभयारण्य से 9 शिकारी दबोचे गए

लातेहार झारखंड के पलामू बाघ अभयारण्य (पीटीआर) में 9 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि उनके पास से जब्त की गई वस्तुओं में आठ देसी बंदूकें, 400 ग्राम बारूद, 14 ग्राम गंधक, बाघ को पकड़ने का पिंजरा, एक फंदा, एक कुल्हाड़ी और जानवरों के अंग शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि अभयारण्य से रविवार को 2 संदिग्ध शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। उनके (शिकारियों) द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सोमवार को दो और शिकारियों को गिरफ्तार किया गया और मंगलवार को विस्फोटक और बारूद की आपूर्ति करने वाले सरफराज मियां को गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने बताया कि सरफराज मियां से पूछताछ के बाद अभयारण्य के विभिन्न हिस्सों से ये गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने बताया कि 13 अन्य शिकारियों की तलाश जारी है। सरफराज मियां वर्षों से उन्हें बारूद और विस्फोटक मुहैया करा रहा था। पीटीआर के उप निदेशक प्रजेश कांत जेना ने कहा, ‘‘अभयारण्य की सुरक्षा मजबूत कर दी गई है।'' उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 10 साल पहले अभयारण्य के गारू वन क्षेत्र के चंदवा चट्टान में एक बाघ को मार डाला था। जेना ने बताया, ‘‘उन्होंने (शिकारियों) अभयारण्य में जंगली सूअर, हिरण और अन्य जानवरों का भी शिकार किया। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उनका कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध है।'' जेना ने बताया कि पूछताछ के दौरान सरफराज मियां ने तपेश्वर सिंह नाम के एक व्यक्ति का नाम बताया। सिंह ने ही मियां को बारूद उपलब्ध कराया था। उन्होंने बताया, ‘‘इस सूचना के आधार पर वन विभाग की एक टीम ने तड़के करीब तीन बजे सिंह के आवास पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान सिंह ने 10 शिकारियों के नाम बताए।

महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज, राज ठाकरे और फडणवीस की मीटिंग पर अजित पवार का बयान चर्चा में

मुंबई  महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच गुरुवार हुई मुलाकात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में संवाद बनाए रखना एक परंपरा रही है। इससे एक दिन पहले ही मनसे और शिवसेना (UBT) को BEST चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। वर्धा में पत्रकारों से बातचीत में पवार ने कहा, 'कई नेता एक-दूसरे से और मुख्यमंत्री से मिलते हैं, चाहे वे नेता सत्ता में हों या नहीं। एक-दूसरे के साथ संवाद बनाए रखना राज्य की परंपरा है। इस मुलाकात को राजनीतिक रंग देने की कोई जरूरत नहीं है।' इससे पहले राज ठाकरे ने फडणवीस से दक्षिण मुंबई में स्थित उनके आधिकारिक बंगले 'वर्षा' में मुलाकात की थी, जिससे राज्य के राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई थीं। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब बेस्ट कर्मचारी सहकारी ऋण समिति का चुनाव मिलकर लड़ने वाली उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राज ठाकरे की मनसे को बुधवार को अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा है। दोनों पार्टियों ने पहली बार मिलकर कोई चुनाव लड़ा था, हालांकि उनका संयुक्त पैनल 21 में से एक भी पद नहीं जीत पाया। फडणवीस ने दोनों पार्टियों पर ‘‘ठाकरे ब्रांड’’ के नाम पर क्रेडिट सोसायटी चुनाव का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया था। राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए शिवसेना (UBT) और मनसे के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं हो रही हैं। राज ठाकरे क्या बोले मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ठाकरे ने कहा, 'महाराष्ट्र के शहरों में पुनर्विकास हो रहा है। जनसंख्या बढ़ रही है…, यातायात बढ़ रहा है… और यहां बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। मुंबई में ट्रैफिक बड़ी समस्या है। लोगों को ट्रैफिक के नियम नहीं पता। वो कहीं भी गाड़ियां पार्क कर देते हैं और चले जाते हैं।' उन्होंने कहा, 'आज मैंने मुख्यमंत्री के साथ-साथ मुंबई पुलिस से चर्चा की।'  

केंद्र की नई योजना में शामिल होंगे पंजाब के 100+ गांव, ग्रामीणों को होगा लाभ

चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में विकास को गति देने के लिए 6 जिलों के 107 गांवों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का हिस्सा बनाया है। यह योजना अप्रैल 2025 से शुरू होकर वित्तीय वर्ष 2028-29 तक जारी रहेगी। इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर, बेहतर सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं, वित्तीय सुधार, युवाओं के लिए कौशल विकास और सहकारी समितियों को मज़बूत बनाने जैसे काम किए जाएंगे। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबि अमृतसर के 25 गांव, तरनतारन के 24 गांव, फाजिल्का के 15 गांव, फिरोजपुर के 17 गांव, गुरदासपुर के 19 गांव, पठानकोट के 7 गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है। केंद्र ने इस कार्यक्रम के लिए करीब 6,839 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। यह राशि 2028-29 तक चरणबद्ध तरीके से खर्च की जाएगी। योजना का मकसद अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े गांवों का समग्र विकास करना है। 

दोस्ती में छिपा खौफनाक राज! आर्टिस्ट पीयूष हत्याकांड में पांच आरोपी गिरफ्तार

सीवान बिहार के सीवान में टैटू आर्टिस्ट पीयूष हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल पांच आरोपी दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त चाकू,खून लगा कपड़ा और 3 मोबाइल भी बरामद हुए हैं। वहीं, अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। आपसी विवाद में दोस्तों ने हत्या की घटना को अंजाम दिया है। मंगलवार को बसंतपुर के खोड़ीपाकड़ नहर के किनारे से पीयूष का अधजला शव बरामद किया गया था। इसकी जानकारी महाराजगंज एसडीपीओ अमन ने प्रेसवार्ता कर दी है। निर्मम तरीके से की गई हत्या एसडीपीओ अमन ने बताया कि मंगलवार को बसंतपुर के खोड़ीपाकर नहर के किनारे भगवानपुर हाट के मलमलिया गांव निवासी स्वः रवीन्द्र सिंह के पुत्र पीयूष कुमार का अधजला शव बरामद किया गया था। पीयूष की निर्मम तरीके से गला रेतकर हत्या करने के बाद पेट्रोल छिड़ककर जला दिया गया था। इस घटना के बाद मृतक की मां रीमा देवी ने थाने में आवेदन देकर पीयूष के दोस्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एसआईटी टीम का गठित सीवान एसपी मनोज तिवारी के निर्देश पर महाराजगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में तुरंत एसआईटी टीम का गठन किया गया। गठित टीम के सभी पुलिस अधिकारी विशेष टीम के प्रयास से एसडीपीओ के नेतृत्व छापेमारी की। टीम ने महज तीन घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा किया। पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया। घटना में प्रयुक्त चाकू और घटना को अंजाम देने के समय का आरोपी का खून लगा हुआ कपड़ा बरामद कर लिया गया है। मामले पर छापामार कार्रवाई जारी घटना में संलिप्त अन्य आरोपी के विरुद्ध लगातार छापामारी की जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपी दोस्तों ने आपसी विवाद में हत्या की घटना को अंजाम दिया। साक्ष्य छुपाने के लिए शव को जलाने का प्रयास किया था, लेकिन शव अधजला होने की वजह से पहचान हो गई। गिरफ्तार युवकों की पहचान सीवान जिले के लकडीनवीगंज के खवासपुर निवासी विनोद कुमार सिंह के पुत्र अमन कुमार, भगवानपुर हाट के मलमलिया निवासी पंकज सिंह उर्फ पप्पू सिंह के पुत्र हिमांशु सिंह,रविन्द्र सिंह के पुत्र मोहित सिंह,बसंतपुर के हरायपुर निवासी सत्येंद्र सिंह के पुत्र अनीश कुमार और रतौली निवासी अवध पाण्डेय के पुत्र सूरज कुमार पाण्डेय के रूप में हुई है। वहीं, भगवानपुर के चरौली निवासी मुकेश सिंह का पुत्र मोहित सिंह फरार चल रहा है,जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।