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700 करोड़ की डील के बाद मुंबई इंडियंस की टीम का नाम बदलने की तैयारी, रिपोर्ट में दावा

मुंबई  मुंबई इंडियंस फ्रैंचाइजी विदेशों में भी खूब सारा पैसा इन्वेस्ट कर रही है. कुछ सप्ताह पहले ही MI फ्रैंचाइजी ने द हंड्रेड लीग की ओवल इन्विंसिबल्स टीम में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है. अब एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ओवल इन्विंसिबल्स को 'MI London' नाम से जाना जाएगा. यह नया नाम अगले सीजन से लागू होगा. बता दें कि ओवल इन्विंसिबल्स ऐसी छठी टीम बनी थी, जिसका मालिकाना हक मुंबई इंडियंस के पास है. द टेलीग्राफ के मुताबिक द हंड्रेड सीजन 2026 से पहले ओवल इन्विंसिबल्स का नाम बदल कर 'MI London' कर दिया जाएगा. 2025 सीजन शुरू होने से पहले द हंड्रेड टीमों की कम से कम 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए बोली लगनी शुरू हुई थी. इनमें से MI फ्रैंचाइजी ने ओवल इन्विंसिबल्स टीम के लिए बोली लगाई थी, जिसकी वैल्युएशन 123 मिलियन पाउंड्स बताई गई थी. चूंकि मुंबई इंडियंस ने 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है, जिसके लिए उसे करीब 60 मिलियन पाउंड्स से ज्यादा रकम चुकानी होगी. जो भारतीय मुद्रा में करीब 700 करोड़ रुपये से ज्यादा होगी. ओवल इन्विंसिबल्स की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी अब मुंबई इंडियंस के पास है, बाकी 51 प्रतिशत का मालिक अब भी सरे काउंटी क्लब है. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक सरे चाहता था कि ओवल इन्विंसिबल्स को उसी का नाम मिले, इसके बावजूद अगले सीजन से टीम का नाम MI लंदन कर दिया जाएगा. मुंबई इंडियंस की कुल 6 टीम मुंबई इंडियंस फ्रैंचाइजी की अब दुनियाभर में कुल 6 टीम हो गई हैं. BCCI द्वारा संचालित इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में मुंबई इंडियंस टीम खेलती हैं. अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में MI न्यू यॉर्क का मालिकाना हक मुंबई इंडियंस के पास है. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका की SA20 में MI केपटाउन, इंटरनेशनल लीग टी20 (ILT20) में MI एमिरेट्स और इंग्लैंड की द हंड्रेड लीग में ओवल इन्विंसिबल्स, इन सभी की मालिक MI फ्रैंचाइजी है.

वनडे कप्तानी को लेकर उठे सवाल, श्रेयस का नाम चर्चा में, BCCI सचिव ने तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली  पिछले कुछ दिनों से भारतीय क्रिकेट में हंगामा मचा हुआ है. रोहित शर्मा के टेस्ट और टी20 से संन्यास के बाद उनके वनडे खेलने पर भी सवाल उठाया जा रहा है. खबरें यहां तक आई कि एशिया कप से बाहर रखे गए श्रेयस अय्यर को उनकी जगह पर वनडे टीम का कप्तान बनाया जा सकता है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने श्रेयस अय्यर के अगले वनडे कप्तान बनने की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी है.  कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि श्रेयस अय्यर जिन्हें एशिया कप 2025 की टीम से बाहर रखा गया था. रोहित शर्मा के बाद भारत के अगले वनडे कप्तान बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं.  सूत्रों ने बताया कि रोहित जो अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, उनको BCCI कप्तानी के बोझ से मुक्त करने के इच्छुक है. श्रेयस अय्यर को एशिया कप के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया है.  बात करते हुए सैकिया ने सभी अफवाहों को खारिज कर दिया और कहा कि BCCI मैनेजमेंट ने इस मामले पर कोई चर्चा नहीं की है. उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए नई खबर है. ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है.” अय्यर तब से चर्चा में हैं जब से उन्हें अगले महीने एशिया कप के लिए चयनकर्ताओं द्वारा नजरअंदाज किया गया था. भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने टीम की घोषणा के दौरान श्रेयस की अनुपस्थिति के बारे में बताया. पत्रकारों से कहा, “श्रेयस के मामले में अगर हम बात करें तो यह न तो उनकी गलती है और न ही हमारी. आप 15 खिलाड़ियों को चुन सकते हैं और फिलहाल आपको उनके मौके का इंतजार करना होगा.” श्रेयस अय्यर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे. कुल मिलाकर दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे. उन्होंने पांच मैचों में 48.60 की औसत से 243 रन बनाए इसमें दो अर्धशतक और 79 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर शामिल है.

उफान पर यमुना: खतरे का निशान पार, दिल्ली में चारों ओर पानी ही पानी

नई दिल्ली दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। लोहा पुल से लिए गए ड्रोन वीडियो में नदी का सैलाब साफ नजर आ रहा है, मानो पूरा शहर समुद्र में डूबने को तैयार हो। बारिश और हरियाणा के वजीराबाद और हथनीकुंड बांधों से पानी छोड़े जाने की वजह से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों ने निचले इलाकों को खाली करा लिया है, जहां जलभराव की स्थिति बन गई है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, लेकिन अगर जलस्तर और बढ़ा तो बाढ़ का खतरा और गहरा सकता है। नोएडा-गाजियाबाद में भी यमुना का कहर नोएडा और गाजियाबाद के कई गांवों में भी यमुना का पानी पहुंच गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। यमुना के किनारे स्थित गाजियाबाद के कुछ गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि नोएडा के डूब क्षेत्र में बने कई फार्म हाउस तक यमुना का पानी पहुंच चुका है। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। बचाव टीमें अलर्ट पर हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान (205.33 मीटर) को पार कर 205.50 मीटर तक पहुंच गया है। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि वो हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। 2023 की बाढ़ की याद यमुना नदी का यह उफान दिल्ली के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। 2023 में नदी का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गया था, जो अब तक का अधिकतम स्तर था। इस बार भी अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

संसद में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, आरोपी शख्स हिरासत में

नरे दिल्ली देश की संसद की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। एक शख्स पेड़ के सहारे संसद की दीवार फांदकर अंदर घुस गया। वह गुरुड़ द्वार तक पहुंच गया था तभी सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। यह घटना संसद के मानसून सत्र खत्म होने के एक दिन बाद हुई है। नेशनल डेस्क। देश की संसद की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। एक शख्स पेड़ के सहारे संसद की दीवार फांदकर अंदर घुस गया। वह गुरुड़ द्वार तक पहुंच गया था तभी सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। यह घटना संसद के मानसून सत्र खत्म होने के एक दिन बाद हुई है। आरोपी से पूछताछ जारी हिरासत में लिए गए शख्स की पहचान की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या उसके पास कोई हथियार था और उसका मकसद क्या था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब संसद का मानसून सत्र गुरुवार को ही खत्म हुआ है। मानसून सत्र में क्या हुआ? संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक चला। इस 32 दिन के सत्र में कुल 21 बैठकें हुईं। हालांकि इस दौरान विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। सत्र के दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए। वहीं विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ी (SIR) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान युद्धविराम दावों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। यह घटना संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।  

नौकरानी ने 10 साल तक घर में किया यह कुकर्म, रोज बर्तनों पर छिड़कती थी संदिग्ध पदार्थ

बिजनौर  यूपी के बिजनौर में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसके बाद घर में काम करने वालीं घरेलू सहायकों के ऊपर से आपका विश्‍वास उठ सकता है। व्‍यापारी के घर में पिछले 10 सालों से काम कर रही नौकरानी ने ऐसा कारनामा किया जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। महिला ने गिलास में पेशाब किया और उसे किचन में धुले हुए बर्तनों पर छिड़क दिया। ऐसा वह कब से कर रही थी, इसका पता नहीं चल पाया। नौकरानी की सारी करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर यूजर्स तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। बिजनौर जिले के नगीना में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. यहां एक बड़े व्यापारी परिवार के घर में काम करने वाली महिला की हरकत ने घरवालों को परेशानी में डाल दिया. यह घटना किसी आम चोरी या अनबन की नहीं है, बल्कि रसोई में रखे बर्तनों पर पेशाब छिड़कने जैसी अमानवीय हरकत की है. यह पूरी करतूत घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होकर चर्चा का विषय बनी हुई है. दस वर्षों से काम कर रही थी महिला नगर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार के घर पर यह महिला पिछले करीब दस वर्षों से घरेलू काम कर रही थी. इतने लंबे समय तक परिवार के साथ काम करने के कारण घर वालों का उस पर भरोसा बना हुआ था. घर की महिला सदस्यों को इधर कुछ महीनों से उसके व्यवहार में परिवर्तन दिखाई दिया. लेकिन कभी ठोस सबूत न होने के कारण कोई कुछ कह नहीं सका. पिछले दिनों संदेह बढ़ने पर घर की महिला ने चुपचाप रसोई और आस-पास के हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए. इसका मकसद केवल यह पता लगाना था कि आखिर काम करने वाली महिला कुछ गड़बड़ तो नहीं कर रही. कैमरे में कैद हुई घिनौनी हरकत दोपहर में जब महिला घर पर काम करने पहुंची तो पहले वह हमेशा की तरह रसोई में बर्तन धोने लगी. इस दौरान कैमरे में जो दृश्य सामने आए, उन्हें देखकर परिवार के लोग सन्न रह गए. वीडियो में साफ दिखाई दिया कि महिला ने पहले एक गिलास में पेशाब किया और फिर उसी पेशाब को रसोई में रखे अन्य बर्तनों पर छिड़क दिया. यह घटना देखकर घरवालों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को देने का मन बना लिया. घरवालों को लंबे समय से नौकरानी पर था संदेह घरवालों का कहना है कि बहुत समय से उन्‍हें नौकरानी की हरकतों पर संदेह था पर उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं था। इसलिए उन्‍होंने नौकरानी को बगैर बताए किचन और आसपास के कमरों में सीसीटीवी लगवा दिया। नौकरानी 10 सालों से उनके यहां काम कर रही थी इसलिए उसके ऊपर पूरा विश्‍वास था पर वह ऐसा करेगी कभी सोचा नहीं था। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले गाजियाबाद से भी एक नौकरानी की ऐसी ही घिनौनी हरकत सामने आई थी। उस मामले ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो घर के ही एक सदस्य द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया. देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया. लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कोई इसे अमानवीय हरकत बता रहा है तो कोई इसे मानसिक विकृति से जोड़कर देख रहा है. पुलिस ने किया गिरफ्तार शाम के समय जब महिला फिर से घर पर काम करने आई तो परिवार के सदस्यों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने महिला को थाने लाकर पूछताछ की. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला ने अपनी गलती स्वीकार की है, लेकिन उसने यह क्यों किया, इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया. पुलिस ने किया शांतिभंग में चालान इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से अब तक कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है. ऐसे में पुलिस ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए महिला का शांतिभंग में चालान किया. पुलिस का कहना है कि अगर परिवार लिखित शिकायत देता है तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया घटना के बाद नगीना कस्बे में इस घटना की चर्चा जोरों पर है। लोग अपने घरों में काम करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखने की बात कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सबके लिए चेतावनी है कि घरेलू कर्मचारियों के व्यवहार और गतिविधियों की समय-समय पर निगरानी जरूरी है। विश्वास पर चोट और सबक इस घटना ने घरेलू कर्मचारियों और मालिकों के बीच विश्वास के संबंध पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी परिवार का कहना है कि वे सुमित्रा को परिवार के सदस्य की तरह मानते थे, लेकिन उसकी इस हरकत ने सभी को हिलाकर रख दिया। पुलिस की अपील और सतर्कता के सुझाव पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में काम करने वालों की गतिविधियों पर ध्यान दें और किसी भी संदिग्ध व्यवहार को नजरअंदाज न करें। पुलिस का कहना है कि तकनीक की मदद से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है, जैसे सीसीटीवी कैमरे का प्रयोग। घटना की खास बातें      नौकरानी की पहचान: सुमित्रा, 52 वर्षीय महिला, जो 10 साल से व्यापारी के घर में काम कर रही थी।     घटना का विवरण: गिलास में पेशाब करके धुले हुए बर्तनों पर डालना, सीसीटीवी में कैद।     परिवार की प्रतिक्रिया: सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज।     पुलिस की कार्रवाई: आरोपी की गिरफ्तारी, शांतिभंग की धाराओं में मामला दर्ज। वरिष्ठों की राय  यह घटना न केवल व्यापारी परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए एक बड़ा सबक है। यह स्पष्ट करता है कि घरेलू कामकाज के दौरान भी सतर्कता बरतना कितना जरूरी है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

10 हजार करोड़ की लागत से इंदौर-उज्जैन मेट्रो, डीएमआरसी का प्रेजेंटेशन, कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव

इंदौर/उज्जैन  इंदौर और उज्जैन के लोगों के लिए खुशखबरी है, क्योंकि दोनों शहरों के बीच मेट्रो चलाने का जो सपना देखा गया था, वह अब हकीकत में बदलने को तैयार है. इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की टीम ने डीपीआर ने प्रस्ताव पेश कर दिया है, जिसमें बताया गया है कि दोनों शहरों के बीच 10 हजार करोड़ की लागत से मेट्रो का काम पूरा किया जाएगा, जिसमें 45 किलोमीटर का ट्रैक बिछाया जाएगा और दोनों शहरों के बीच करीब 11 मेट्रो स्टेशन बनेंगे, जिसमें 4.5 किलोमीटर का ट्रैक उज्जैन शहर में रहेगा जिसे अंडरग्राउंड रखने की बात डीपीआर में कही गई है. वहीं यह भी बताया गया है कि मेट्रो इंदौर के लवकुश चौराहे से शुरू होगी और उज्जैन के रेलवे स्टेशन तक चलाई जाएगी. इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो चलने से दोनों शहरों को बड़ा फायदा होगा.  सिंहस्थ से पहले चलाने की तैयारी  दरअसल, इंदौर-उज्जैन मेट्रो साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ से पहले चलाने की कोशिश की जाएगी, क्योंकि सीएम मोहन यादव ने पिछले दिनों सिंहस्थ तक दोनों शहरों के बीच मेट्रो चलाने की मंशा जाहिर की थी. बताया जा रहा है कि इसी प्लान पर काम करते हुए मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की तरफ से डीपीआर बनाया गया है. क्योंकि करीब 1 साल पहले दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की टीम ने इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो चलाने के लिए सर्वे किया था, जिसमें सिंहस्थ महाकुंभ से पहले ही मेट्रो चलाने का डीपीआर पेश किया गया है. बताया जा रहा है कि इस दौरान टीम ने इंदौर और उज्जैन जिला प्रशासन के अधिकारियों से भी विस्तार से बातचीत की है और उसी के बाद दो सप्ताह तक लगातार काम के बाद मेट्रो का डीपीआर पेश किया गया है.  बताया जा रहा है कि अब डीपीआर का प्रस्तुतिकरण जनप्रतिनिधियों और सरकार के पास भी किया जा रहा है. सरकार 2028 सिंहस्थ से पहले ही इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो ट्रैक तैयार करवाने की प्लानिंग पर काम कर रही है. इसके लिए अब जल्द ही एक टीम मोहन सरकार को भी इंदौर-उज्जैन मेट्रो का प्रजेटेंशन देगी और उसी के आधार पर आगे का काम किया जाएगा.  दिल्ली मेट्रो ने दोनों शहरों की फिजिबिलिटी स्टडी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें इसे मेट्रो के लिए अच्छा बताया था। इसके बाद डीपीआर तैयार की गई। इस प्रोजेक्ट में करीब 10 हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। वहीं, लगभग 45 किमी के ट्रैक में 11 स्टेशन बनेंगे। 4.5 किमी का ट्रैक उज्जैन शहर में अंडर ग्राउंड रखने का प्रस्ताव है। मेट्रो लवकुश नगर से शुरू होकर उज्जैन रेलवे स्टेशन तक जाएगी। सिंहस्थ तक ट्रैक पूरा होने की संभावना नहीं नई प्लानिंग में इंदौर-उज्जैन के बीच करीब 50-51 किमी का कॉरिडोर बनेगा। अफसरों का कहना है कि जल्द डीपीआर तैयार होती है तो भी एक साल में काम शुरू नहीं हो पाएगा। सिंहस्थ तक ट्रैक पूरा होने की संभावना नहीं है। प्लानिंग का प्रेजेंटेशन सीएम के सामने होने के बाद डीपीआर फाइनल होगी। सीएम से प्रेजेंटेशन के लिए समय मांगा है। 10 हजार करोड़ खर्च का अनुमान अफसरों के मुताबिक, स्टेशन पहले लवकुश चौराहा, अरबिंदो हॉस्पिटल, बारोली, धरमपुरी, तराना, सांवेर, पंथ पीपलई, निनौरा, इंजीनियरिंग कॉलेज उज्जैन, नानाखेड़ा व महाकाल पर प्रस्तावित थे। 47-48 किमी में 10 हजार करोड़ खर्च अनुमानित है। इस बीच सीएम ने उज्जैन में आगर रोड पर भी एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की बात कही। पौन घंटे में सफर पूरा होगा मेट्रो चलने से इंदौर-उज्जैन के बीच सफर में समय कम लगेगा और महाकाल मंदिर तक पहुंचने में दर्शनार्थियों को आसानी होगी। उज्जैन पहुंचने का समय लगभग आधा रह जाएगा। अभी बस से करीब 2 घंटे तो कार से करीब डेढ़ घंटा लगता है। दोपहिया से लगभग दो घंटे लगते हैं। मेट्रो 45 से 50 मिनट में लवकुश चौराहा से उज्जैन पहुंचेगी। यह 11 स्टेशन बनेंगे डीपीआर में भौंरासला, बारोली, धरमपुरी, तराना, सांवेर, पंथ पिपलई, निनोरा, त्रिवेणी घाट, नानाखेड़ा, उज्जैन आईएसबीटी, उज्जैन रेलवे स्टेशन पर मेट्रो स्टेशन बनेंगे। उज्जैन में मेट्रो को कहां से अंडरग्राउंड किया जाना है, इस पर निर्णय होना है। इंदौर में मेट्रो पहले से है, दूसरे डिपो की जरूरत नहीं इंदौर-उज्जैन के बीच प्रस्तावित मेट्रो के लिए दिल्ली मेट्रो ने फिजिबिलिटी स्टडी की। इसके बाद डीपीआर का ड्रॉफ्ट बनाया गया। इसमें लागत, स्टेशनों की संख्या तय की गई है। इस प्रोजेक्ट में स्टेशनों की संख्या कम रहेगी। इंदौर-उज्जैन के बीच सड़क मार्ग की दूरी करीब 55Km है। इसके आसपास से ही मेट्रो गुजर सकती है। यह रोड पहले से ही सिक्स लेन किया जा रहा है। वहीं, यहां पर ज्यादा भू-अर्जन भी नहीं करना पड़ेगा। इंदौर-उज्जैन के बीच 11 स्टेशन  डीपीआर के मुताबिक दोनों शहरों के बीच चलने वाली मेट्रो में इंदौर शहर के लिए भौंरासला, बारोली, धरमपुरी, तराना, सांवेर तक स्टेशन बनेंगे, इसके बाद उज्जैन के लिए पंथ पिपलई, निनोरा, त्रिवेणी घाट, नानाखेड़ा, उज्जैन आईएसबीटी, उज्जैन रेलवे स्टेशन तक मेट्रो के स्टेशन बनाए जाएंगे. हालांकि उज्जैन में कुछ स्टेशन अंडरग्राउंड बनाने का प्रस्ताव पेश किया गया है, लेकिन यह स्टेशन कहां बनेंगे यह तय नहीं हुआ है. इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो का सफर पौन घंटे में पूरा हो जाएगा. दोनों शहरों के बीच मेट्रो चलाने से सबसे ज्यादा आसान बाबा महाकाल के दर्शन होंगे, क्योंकि इससे इंदौर से उज्जैन का सफर आज के हिसाब से आधा रह जाएगा. अभी कार से 2 से ढाई घंटे का समय लग जाता है. लेकिन मेट्रो से आप 45 मिनट में ही उज्जैन पहुंच जाएंगे.   सांवेर के पास रेवती में मांगी जमीन इंदौर में पहले से मेट्रो का संचालन हो रहा है, इसलिए दूसरे डिपो की जरूरत नहीं होगी। इंदौर के लवकुश चौराहे से उज्जैन तक मेट्रो पहुंचेगी। उज्जैन में डिपो के लिए जमीन तलाश की गई। कुल 49.7 एकड़ सरकारी जमीन उज्जैन के आसपास नहीं मिली। इस वजह से सांवेर के पास रेवती में जमीन मांगी गई। देश में कई शहरों में मेट्रो और रैपिड रेल चल रही हैं। दिल्ली मेट्रो सबसे बड़ी प्रणाली है और इसके अलावा रैपिड रेल दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर भी चल रही है। रैपिड रेल गुरुग्राम में भी उपलब्ध है। इसमें सीटिंग व्यवस्था ज्यादा रहेगी, क्योंकि यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा करना … Read more

ट्रैक एंड फील्ड स्टार मरिना बेक-रोमांचुक का डोप टेस्ट पॉजिटिव, 4 साल का प्रतिबंध

लंदन  एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट ( एआईयू) ने  घोषणा की कि लंबी कूद और ट्रिपल जंप में विश्व रजत पदक विजेता यूक्रेन की मैरीना बेख-रोमनचुक पर डोपिंग के कारण चार साल का प्रतिबंध लगाया गया है।डोपिंग रोधी संस्था ने एक्स पर कहा, "एआईयू ने मैरीना बेख-रोमनचुक पर प्रतिबंधित पदार्थ (टेस्टोस्टेरोन) की मौजूदगी/उपयोग के लिए 13 मई 2025 से 4 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।" एआईयू के अनुसार, 30 वर्षीय बेख-रोमनचुक का पिछले साल 7 दिसंबर को टेस्टोस्टेरोन परीक्षण पॉजिटिव आया था। मई में उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।बेख-रोमनचुक ने 2019 विश्व चैंपियनशिप में लंबी कूद में रजत पदक जीता और 2023 में ट्रिपल जंप में रजत पदक जीता, जब वह अंतिम दौर में वेनेजुएला की युलिमार रोजास से हार गईं।पिछले वर्ष पेरिस ओलंपिक में ट्रिपल जंप फाइनल में वह 11वें स्थान पर रहीं। तीन ओलंपिक खेलों की स्टार मरिना के जंप्स सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक दृश्य आनंद जैसे थे-  हवा में लहराता तन, कसाव से भरा बदन और फिनिश लाइन पर उतरते ही चेहरे पर खिली मुस्कान… आज वही एथलीट खेल के मैदान से दूर अपनी बेगुनाही साबित करने की लड़ाई लड़ रही है. … करियर और सपनों पर ताले एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (AIU) ने उन्हें 10 अगस्त तक दोष स्वीकार करने का मौका दिया था, लेकिन मरिना ने 'गिल्टी' शब्द से समझौता करने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि यह सब एक चिकित्सीय कारण और इलाज की वजह से हुआ. वह इस बैन के खिलाफ स्पोर्ट्स आर्बिट्रेशन कोर्ट (CAS) में अपील कर सकती हैं. .. लेकिन जब तक उनकी अपील स्पोर्ट्स आर्बिट्रेशन कोर्ट में नहीं सुनी जाती, उनके करियर पर ताला लग चुका है. पेरिस 2024 में वे ट्रिपल जंप फाइनल में 11वें स्थान पर रहीं, पर अब लॉस एंजेलिस 2028 का सपना भी अधूरा ही रह जाएगा. खूबसूरती और ग्लैमर वाली दूसरी पहचान मरिना सिर्फ एथलीट ही नहीं, बल्कि एक ग्लैमरस मॉडल और इन्फ्लुएंसर भी हैं. उनके इंस्टाग्राम पर 4.91 लाख फॉलोअर्स हैं. यूक्रेनी ब्रांड्स Domino Group, Trihard और Fabric 17 के लिए किए गए उनके फोटोशूट्स उनकी दिलकश अदाओं और आत्मविश्वासी अंदाज को बखूबी बयान करते हैं. एथलेटिक्स ट्रैक पर पसीना बहाने वाली यह खिलाड़ी कैमरों के सामने एकदम अलग रूप में दिखती हैं- ग्लैमरस और आत्मविश्वास से भरी हुई. निजी जीवन में सुकून मरिना की जिंदगी में एक और बड़ा सहारा है- उनके पति और ओलंपिक मेडलिस्ट मिखाइलो रोमांचुक. यह कपल यूक्रेन का स्पोर्ट्स पावर कपल कहलाता है. यह स्पोर्ट्स पावर कपल सोशल मीडिया पर अक्सर अपने रोमांटिक पलों और साथ बिताए लम्हों को शेयर करता है. मिखाइलो ने टोक्यो 2020 (आयोजित 2021 में) में 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में रजत और 800 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य जीता था. वहीं, मरिना ने लॉन्ग जंप में पांचवां स्थान हासिल किया. खेल, प्यार और ग्लैमर- तीनों को साथ लेकर यह कपल यूक्रेन की पहचान बन चुका है. इस जोड़े को यूक्रेन का 'स्पोर्ट्स पावर कपल' कहा जाता है. मरिना की भावनाएं AIU के फैसले से पहले मरिना ने अपनी पीड़ा साझा की थी- 'मैं अब दो मोर्चों पर नहीं लड़ सकती,अपना ईमानदार नाम बचाने की जंग और अपने निजी जीवन की जद्दोजहद. यह थका देने वाला है, दिल और शरीर दोनों को तोड़ देता है. कभी-कभी परिवार और खुद की सेहत को पहले रखना जरूरी होता है.' उन्होंने साफ कहा, 'मैं गुनाह स्वीकार नहीं करूंगी. मेरी इंसानियत और मेरी इज्जत मेरे लिए किसी भी सजा से बड़ी है.' अब आगे की छलांग अब सबकी नजरें उनके उस बड़े इंटरव्यू पर हैं, जिसमें वह अपनी कहानी खुलकर सुनाने वाली हैं. खेल के ट्रैक पर जो एथलीट छलांगों से तालियां बटोरती थी, अब उसे अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए जिंदगी की सबसे बड़ी छलांग लगानी होगी.  

कॉमेडी जगत को लगा बड़ा झटका, जसविंदर भल्ला नहीं रहे, 65 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

चंडीगढ़ पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है. मशहूर कॉमेडियन जसविंदर भल्ला का निधन हो गया है. 65 साल की उम्र में उन्होंने आज सुबह अंतिम सांस ली. 23 अगस्त की दोपहर को मोहाली के बलौंगी स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. कॉमेडियन के निधन की खबर से इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है.  नहीं रहे कॉमेडियन जसविंदर भल्ला  जसविंदर भल्ला पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा नाम थे. उन्होंने करियर की शुरुआत 1988 में "छंकार्टा 88" नाम के कॉमेडी शो से की थी. वहीं उनका फिल्मी सफर "दुल्ला भट्टी" फिल्म से शुरू हुआ था. वो अपनी कॉमेडी सीरीज "छंकार्टा" और पंजाबी फिल्मों में किए गए मजेदार किरदारों के लिए जाने जाते थे. वो हर फिल्म में अलग‑अलग टैगलाइन्स का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनकी फिल्मों में कॉमेडी और भी मजेदार हो जाती थी.   इसके अलावा वो स्टेज शो भी करते हैं और "Naughty Baba in Town" नाम का शो लेकर कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में परफॉर्म भी कर चुके थे.  क्या था फैमिली बैकग्राउंड? भल्ला का जन्म 4 मई 1960 को लुधियाना शहर में हुआ था. उनके पिता, मास्टर बहादुर सिंह भल्ला, गांव बरमालीपुर में प्राइमरी स्कूल के टीचर थे. भल्ला ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दोराहा से की थी. उन्होंने अपनी बी.एससी. और एम.एससी. की पढ़ाई पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी से की. इसके बाद उन्होंने पीएच.डी. की डिग्री चौधरी चरण सिंह पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ से हासिल की. उनकी शादी परमदीप भल्ला से हुई थी, जो एक फाइन आर्ट्स की टीचर हैं. उनके बेटे का नाम पुखराज भल्ला है, जो पंजाब यूनिवर्सिटी, पटियाला से ऑडियो विजुअल्स में बी.टेक की पढ़ाई कर रहा है. पुखराज 2002 से ही कुछ छंकार्टा कैसेट्स में नजर आ चुका है और कई पंजाबी फिल्मों में भी बेहतरीन किरदार निभा चुका है. वहीं उनकी बेटी का नाम अशप्रीत कौर है, जिनकी शादी नॉर्वे में हुई है.  इन फिल्मों में किया काम  जसविंदर भल्ला ने माहौल ठीक है, जीजा जी, जिन्हे मेरा दिल लुटेया, पावर कट, कबड्डी वन्स अगेन, अपन फिर मिलांगे, मेल करा दे रब्बा, कैरी ऑन जट्टा, जट्ट एंड जूलियट और जट्ट एयरवेज जैसी पंजाबी फिल्मों में काम किया है. वो जब भी स्क्रीन पर आते थे. अपनी कॉमेडी से दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान छोड़ जाते थे. 

पुरूर उपस्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का किया मूल्यांकन

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने पुरूर उपस्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर सुविधाओं का लिया जायजा अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु 40 लाख, पुरूर तथा 02 अन्य उपस्वास्थ्य केन्द्रों में बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 28 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा रायपुर प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज अपने बालोद जिले के प्रवास के दौरान गुरूर विकासखण्ड के उपस्वास्थ्य केन्द्र पुरूर का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उपस्वास्थ्य केन्द्र पुरूर में भर्ती मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उपस्वास्थ्य केन्द्र पुरूर में 05 अतिरिक्त कक्ष के निर्माण हेतु 40 लाख रुपये एवं बांउड्रीवाल निर्माण हेतु 18 लाख रुपये की राशि के अलावा गुरूर विकासखण्ड के दो अन्य उपस्वास्थ्य केन्द्रों में बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।  इस दौरान मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर अस्पताल के कार्य प्रणाली के संबंध में जानकारी ली। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के पंजीयन कक्ष, ओपीडी एवं अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण कर वहां के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पंजीयन कक्ष में पहुँचकर उपस्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिदिन इलाज हेतु आने वाले एवं अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के वार्ड में पहुँचकर भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।  मंत्री जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके समुचित इलाज तथा अस्पताल में उन्हें प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, पेयजल, दवाइयां आदि की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के शौचालय, स्नानागार आदि के व्यवस्थाओं के संबंध में भी मरीजों से जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मौके पर उपस्थित चिकित्सकों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा मरीजों के बेहतर इलाज, दवाइयां आदि सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा।  उन्होंने कहा कि चिकित्सीय कार्य मानव सेवा एवं जन कल्याण के पुनीत उद्देश्यों से जुड़ा हुआ है। इसलिए आप सभी मनोयोग एवं प्रतिबद्धता के साथ मरीजों की इलाज एवं सेवा कर चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करें।

रायपुर: सोनारपाल में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना, मंत्री केदार कश्यप ने दी जानकारी

रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि क्षेत्र में उद्यानिकी फसल की ओर किसानों के रुझान को देखते हुए शीघ्र ही सोनारपाल में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। वनमंत्री केदार कश्यप ने आज बोड़नपाल और सोनारपाल में आयोजित कार्यक्रमों में 80 लाख 57 हजार रुपए लागत वाले 10 विकास कार्योंं के भूमिपूजन अवसर पर कहा कि हमारी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्योंं को गति दी है। 18 लाख आवासों के निर्माण की स्वीकृति इस बात का साक्ष्य है। हमारी सरकार ने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का कार्य करने के साथ ही विकास कार्यों को एक नई दिशा दी है। उन्होंने इस दौरान क्षेत्रीय ग्रामीणों की मांग पर सोनारपाल में मंदिर के निकट हैंडपंप खनन, बड़ेपारा तारागांव और सोनारपाल ठाकुरपारा में पुलिया, माता मंदिर तारागांव में भवन, स्कूल में शेड निर्माण, बाकेल में धान खरीदी केंद्र, डेढ़ करोड़ रूपए की लागत से एनीकट निर्माण, जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का निर्माण, खालेपारा बाकेल में हैंडपंप स्थापना एवं सिलाई सेंटर स्थापना की भी घोषणा की। मंत्री केदार कश्यप ने सोनारपाल में आयोजित कार्यक्रम में 34 लाख 32 हजार रुपए और बोड़नपाल-2 में आयोजित कार्यक्रम में 46 लाख 25 हजार रुपए के कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने सोनारपाल में 46 लाख 25 हजार रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसके तहत चपका ग्राम पंचायत के मारीपारा स्थित माध्यमिक विद्यालय के पास 5 लाख रुपए की लागत से पुलिया निर्माण, मारीपारा से बंगा घर तक 9 लाख 60 हजार रुपए की लागत से सीसी सड़क का निर्माण, सोनारपाल ग्राम पंचायत में मेन रोड हनुमान मंदिर से संतोषी किराना दुकान तक चार लाख रुपए की लागत से नाली निर्माण और क्षमता विकास योजना के तहत 5 लाख रुपए की लागत से सीएससी भवन निर्माण कार्य, तारागांव ग्राम पंचायत में बस्तर विकास प्राधिकरण के तहत 6 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जोगी घर से मोसू घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य और छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा ग्राम तारागांव माता मंदिर में 4 लाख 22 हजार रुपये की लागत से बाजार शेड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। मंत्री कश्यप ने इसके साथ ही बोड़नपाल-02 में आयोजित कार्यक्रम में कुल 46 लाख 25 हजार रुपए के कार्यांें का भूमिपूजन किया। इसमें छात्रावास बेसोली के क्रीड़ा परिसर में बस्तर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 16 लाख 14 हजार रुपये की लागत से हाई मास्ट लाइट की स्थापना का भूमिपूजन किया। उन्होंने बेसोली स्कूलपारा श्यामलाल घर के पास डीएमएफ के तहत 3 लाख 30 हजार रुपए की लागत से डेढ़ मीटर पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत बाकेल में छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा माता मंदिर के पास साप्ताहिक बाजार में 23 लाख 51 हजार रुपए की लागत से बाजार शेड निर्माण और अमडीगुड़ा पारा के पिकड़वाही नाला में डीएमएफ के अंतर्गत 3 लाख 30 हजार रुपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया।  वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इससे क्षेत्र में अधोसंरचना के विकास और जनसुविधाओं में वृद्धि होगी। इन सभी विकास कार्यांें से बस्तर क्षेत्र में ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। कश्यप ने इस अवसर पर ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे ही जनहितैषी कार्य जारी रहेंगे। इस अवसर पर बस्तर जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान एवं श्रीमती शकुंतला कश्यप सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।